Category: uttar-pradesh

  • कोरोना काल में इन प्राइवेट लैब्स का फर्जीवाड़ा, निगेटिव रिपोर्ट को बता रहे थे पॉजिटिव

    [object Promise]

    नई दिल्ली । कोरोना काल में जब पूरा देश इस महामारी से जंग लड़ रहा है, तो ऐसे में कुछ प्राइवेट लैब ने उसे कमाई का धंधा बना लिया है । ये प्राइवेट लैब मरीजों के ICMR के तमाम गाइडलाइंस को दरकिनार करते हुए गलत तरीके से सैंपल इकट्ठा कर उनकी जान खतरे में डाल रही है । जो लोग कोरोना नेगेटिव हैं उन्हें ये लैब्स पॉजिटिव बता रही हैं। चंद रुपयों की खातिर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ।

    तफ्तीश के दौरान पता चला है कि दिल्ली से सटे नोएडा में ऐसे 20 से ज्यादा लोग हैं जिन्हें हल्के बुखार, खांसी और ज़ुखाम की शिकायत थी। ये सभी इलाज के लिए अपने-अपने घरों के नजदीक प्राइवेट डॉक्टर्स के पास गए जहां इन्हें कोरोना का शक बताकर टेस्ट की सलाह दी गई । इन लोगों ने प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्ट करवाया। कुछ लोगों के घर जाकर ही सैंपल इकट्ठा किए गए।

    पता चला कि सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव है । इसके बाद इन लोगों को सरकारी द्वारा तैयार किए गए ग्रेटर नोएडा शारदा अस्पताल के कोविड आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया, जहां इनकी दोबारा से जांच की गई। हैरानी की बात ये है कि करीब 20 से ज्यादा लोगों की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आई, जिससे नोएडा प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    तफ्तीश में पता चला कि कुछ प्राइवेट लैब के कर्मचारी लोगों के घर जाकर गलत तरीके से सैंपल इकट्ठा कर रहे थे। उन्होंने सैंपल का टेम्परेचर मेंटेन नहीं किया, जिससे गलत रिपोर्ट आई। यानी जो लोग कोरोना नेगेटिव थे उन्हें पॉजिटिव बता दिया गया। चंद पैसों के लालच में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाली इन लैब्स के नाम हैं-

    1- लाइफलाइन लैब

    2- मॉडर्न लैब

    3- स्टार इमेजिंग लैब

    4- oncquest Lab

    5- Accuris Lab

    ऐसी 6 लैब्स की जानकारी नोएडा प्रशासन को मिल चुकी है, जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। इनमें से एक लैब के खिलाफ तो मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है।

    दरअसल, ये सभी पैथ लैब दिल्ली और गुरुग्राम के अलग-अलग इलाकों में स्थित हैं । इनके कर्मचारी मोटरसाइकिल पर लोगों के घर जाकर सैंपल इकट्ठा करते हैं। एक टेस्ट की कीमत 4,000 रुपये से 5,000 हजार रुपये तक वसूली जाती है । इतनी मोटी रकम लेने के बावजूद लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था।

    दरअसल, जांच में ये भी पाया कि इन प्राइवेट लैब्स ने ICMR की गाइडलाइंस का उलंघन भी किया है। इनमें से कुछ लैब ऐसी हैं जिनके पास कोविड-19 टेस्ट की परमीशन नहीं थी। बावजूद कमाई के लिए लोगों के सैंपल इकट्ठा कर उन्हें गलत रिपोर्ट देकर उनकी जान जोखिम में डाल जा रही थी।

  • कार अनियंत्रित होने से मथुरा में तीन की मौत

    [object Promise]

    मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में शनिवार को यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से नोएडा जा रही कार अनियंत्रित होने पर आगे चल रहे वाहन में टकरा गई। इस हादसे में कार सवार दंपती समेत तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई।

    मथुरा पुलिस अधीक्षक के जनंसपर्क अधिकारी प्रवीण मिश्रा ने बताया, थाना जमुना पार क्षेत्र में शनिवार को माइलस्टोन 107 के पास एक कार अचानक अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन में टकरा गई। जिससे कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और क्षतिग्रस्त कार को क्रेन की मदद से हटाया गया।

  • एबीवीपी के कार्यकर्ताओं द्वारा कुशीनगर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला दहन का वीडियो वायरल,बना चर्चा

    [object Promise]

    रिपोर्ट उपेन्द्र कुशवाहा

    कुशीनगर : शुक्रवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं द्वारा पडरौना नगर के सुबाष चौक पर भारतीय सैनिकों के साथ कायराना हरकत करने वाला चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विरोध में पुतला का दहन किया। उधर पुतला दहन की खबर मिलते ही पडरौना कोतवाली के सुभाष चौक इंचार्ज रामाशंकर यादव ने ऐसे युवाओं को तत्काल प्रभाव से रोकने का प्रयास किया। हालांकि चौकी इंचार्ज ने युवाओं से इस तरह का कार्यक्रम के आयोजन करने को लेकर परमिशन की कॉपी मांग कर रहे थे।

    जबकि आनन-फानन में किए गए इस कार्यक्रम को युवाओं ने परमिशन ना होने के कारण तत्काल प्रभाव से पुतला दहन के बाद ही समाप्त कर दिया । पुलिस व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े कार्यकर्ताओं को पुतला दहन के दौरान पुलिस द्वारा सुभाष चौक से बिना परमिशन के कार्यक्रम करने से मना करने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने पर लोगों में पुलिस व अखिल भारतीय कार्यकर्ताओं के द्वारा किए जाने वाले कार्यक्रम से लोगों में तरह-तरह की अटकलें लगना शुरू हो गया है।

    इस मौके पर सोनू राज कुशवाहा,कर्तिक्या सिंह,किशन कुशवाहा,उज्जवल साहा व नगर मंत्री प्रियांजल सिंह मौजुद रहे।

  • गन्ना किसानों को बकाया एक लाख करोड़ रुपया का सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया भुगतान

    [object Promise]

    लखनऊ। कोरोना वायरस के संक्रमण काल में हर वर्ग की चिंता करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गन्ना किसानों का लम्बे समय से बकाया का शुक्रवार को भुगतान किया है। अब तक प्रदेश सरकार किसानों का एक लाख करोड़ रुपया भुगतान कर चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी आवास पर गन्ना किसानों का बकाया रुपया ऑनलाइन से भुगतान किया है। किसानों की यह बकाया धनराशि उनके खाते में सीधा ट्रांसफर की गई है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर गन्ना किसानों के खाते में पैसा भेजा एवं उसके साथ ही उत्तर प्रदेश में गन्ना भुगतान में किसी सरकार का एक लाख करोड़ से ज़्यादा के भुगतान का रिकॉर्ड बनाया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश के गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य का बकाया ऑनलाइन भुगतान किया। इसके साथ ही अब तक प्रदेश योगी आदित्यनाथ सरकार ने लम्बे समय से बकाया गन्ना धनराशि का ऐतिहासिक रूप से एक लाख करोड़ रुपया भुगतान किया गया है।

    सरकार ने तीन वर्ष में रिकॉर्ड भुगतान किया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इससे पहले की सरकार के सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। पिछली सभी सरकारों के सारे रिकार्ड टूट गए है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस सरकार ने तीन वर्ष में अब तक एक लाख करोड़ से अधिक की धनराशि का किसानों को भुगतान किया है। भुगतान के मामले में पिछली सरकारों के पांच वर्ष साल का रिकार्ड टूट गया है।

    भुगतान के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कुशीनगर, गोरखपुर, बागपत तथा अन्य जिलों से किसानों से उनका हालचाल जाना। इस अवसर पर गन्ना मंत्री सुरेश राणा, राज्य मंत्री सुरेश पासी तथा अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी भी मौजूद थे।

    मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने जब प्रदेश के सीएम की गद्दी संभाली तो सबसे पहले किसानों को राहत दी। कृषि ऋण माफ करने के साथ ही गन्ना किसानों का लंबित भुगतान कराने की ठान ली। अब तक सरकार तीन वर्ष के समय में गन्ना किसानों को एक लाख करोड़ से अधिक की धनराशि का भुगतान करा चुकी है। सरकार ने तीन वर्ष में ही अपने कार्यकाल से पहले के पांच वर्ष के भुगतान को निपटाने के बाद हाल के भी गन्ना मूल्य का भुगतान कराया है।

  • कुशीनगर में खेती-बाड़ी करने जा रहे 19 वर्षीय युवक की नारायणी नदी के नाले में डूबने से मौत,4 घंटे तक शव को रोका

    [object Promise]
    उपेन्द्र कुशवाहा
    कुशीनगर : जिले के कटाई भरपुरवा गांव में शुक्रवार को सुबह खेती-बाड़ी करने जा रहे 19 वर्षीय युवक की नारायणी नदी के एक नाले में डूबने से मौत हो गई। युवक की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने 4 घंटे तक शव को रोक कर आर्थिक मदद दिलाने और खेती किसानी हेतु नाव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
    सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष जटहां बाजार ने ग्रामीणों और परिजनों को मनाने की कोशिश की मगर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने आकर जब तक मांगें पूरी करने का वादा किया तब जाकर शव को उठने दिया। कटाई भरपुरवा के टोला हनुमानगंज निवासी किसान राम अवध कुशवाहा का 19 वर्षीय पुत्र जगदीश्वर उर्फ नागेंद्र सुबह अपने भाई के साथ नारायणी नदी के पाटे में स्थित अपनी खेती-बाड़ी करने के लिए जा रहा था। कटाई भरपुरवा बांध खैरवा टोला गांव के समीप नदी में बह रहे गहरे नाले को पार करते समय अचानक उसका पैर फिसल गया। गहरे नाले में डूबने से उसकी मौत हो गई। संयोग ठीक रहा कि साथ में जा रहा उसका भाई भी फिसला था मगर बचकर बाहर निकल आया।
    घटना की सूचना पाकर जटहां बाजार थानाध्यक्ष फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और शव को कब्जे में लेने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया। तत्काल राजस्व विभाग के अधिकारियों को बुलाकर आर्थिक मदद व खेती बाड़ी के लिए नाव की मांग रखी और प्रदर्शन करने लगे। एसओ ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया मगर नतीजा नहीं निकला। तीन घंटे बाद हल्का लेखपाल अजीत कुमार पहुंचे। इसके बाद तहसीलदार डॉक्टर संजीव कुमार राय व नायब तहसीलदार रवि यादव भी पहुंच गए। राजस्व विभाग के अधिकारियों आर्थिक मदद दिलाने के साथ नाव की तत्कालिक व्यवस्था करवाए जाने का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
    नारायणी नदी के पाटे में करते हैं खेती
    कटाई भरपुरवा व आस पास के गांवों की खेती नारायणी नदी व बंधे के बीच में उस स्थान पर स्थित है, जिसे नदी छोड़ चुकी है। नदी अपनी धारा बदलने के साथ इस जमीन को छोड़कर बंधे से काफी दूर हो चुकी है। यहीं कई किसानों की खेती है। बंधे व खेत के बीच गहरा नाला बन गया है। खेती के किसानों को इसे पैदल पार करना पड़ता है। यह रिस्की है मगर किसान अंदाज से कम पानी का अंदाजा लगाते हुए इसे पार करते हैं। युवक इसी को पार करते फिसल कर गहरे पानी में चला गया था।
    कटाई भरपुरवा के किसान नंदकिशोर कुशवाहा का कहना है कि सैकडों किसान प्रति दिन रिस्क लेकर नदी का गहरा नाला पार करते हैं। नारायणी नदी में कहां गहरा पानी है और कहां कम, यह अंदाज लगाना बेहद मुश्किल काम है। जहां युवक डूबा वहां गहरा पानी था, पास ही जहां से अन्य लोग जाते हैं, वहां पानी कम है। इसीलिए ग्रामीणों ने नाव की मांग रखी ताकि नाला पार करने में रिस्क न रहे।

  • पुलिस पर अरशद मदनी ने लगाए आरोप, कहा-दिल्ली दंगों में….

    [object Promise]

    सहारनपुर। जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने दिल्ली दंगों पर दायर पुलिस की चार्जशीट को एकतरफा और भेदभावपूर्ण बताया है। कहा कि जमीयत पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए सभी संभव कानूनी तरीके अपनाएगी। इसके लिए वकीलों की टीम गठित कर दी गई है।

    कहा- यह दंगा नहीं पुलिस एक्‍शन

    शनिवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि भारत में कहीं भी दंगा हो तो वह दंगा नहीं बल्कि पुलिस ऐक्शन होता है। दिल्ली दंगों में भी पुलिस की यही भूमिका रही है। उन्होंने दिल्ली दंगों में पुलिस की चार्जशीट को एकतरफा बताया। कहा कि आइबी अधिकारी अंकित शर्मा और कांस्टेबल रतन लाल की मृत्यु के मामले में दर्जनों मुसलमानों को नामजद कर चार्जशीट बनाई गई है।

    भड़काऊ भाषणों को जिम्‍मेदार बताया

    दिल्ली दंगों के लिए कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के भड़काऊ भाषण और बयानों को जिम्मेदार बताया। मदनी ने कहा कि कोरोना काल में जब पूरा देश भय के साये में जीने को मजबूर हैं। ऐसे समय में भी नफरत की राजनीति का खेल जारी है। मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपने गुप्त एजेंडे को पूरा करने के लिए राजनेताओं की ओर से पुलिस का प्रयोग किया जा रहा है, जो निंदनीय है।

     

  • बिजनौर में एक युवक की दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष मौत, दो घायल

    [object Promise]

    बिजनौर। नजीबाबाद क्षेत्र के गांव शाहपुर में रविवार को दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी खूनी संघर्ष में बदल गई। एक पक्ष के युवक ने धारदार हथियार से वार करते हुए दूसरे पक्ष के तीन लोगों को घायल कर दिया। पेट में चाकू लगे घायल युवक को परिजन नगर के एक निजी अस्पताल और बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर ले गए। जहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।

    मौके पर पहुंची सीओ प्रवीण कुमार, थाना प्रभारी संजय शर्मा ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। और भेज दिया। खूनी संघर्ष में युवक नवनीत की मौत होने के बाद मृतक की माता गिरजिया और पत्नी राखी का रो रोकर बुरा हाल है। परिजन हत्यारे युवक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पुलिस से कर रहे हैं।

    खूनी संघर्ष में नवनीत का 19 वर्षीय भतीजा मुकुल और 17 वर्षीय भतीजा अतुल घायल हुए हैं। घायल अतुल का सीएचसी में इलाज चल रहा है। खूनी संघर्ष को अंजाम देने वाला युवक मौके से फरार हो गया। परिजनों ने हत्या में प्रयुक्त चाकू युवक से छीनने का दावा किया है।

     

  • वाराणसी में पत्रकार के खिलाफ महिला ने दर्ज कराई प्राथमिकी

    [object Promise]

    वाराणसी | वाराणसी के डोमरी गांव की एक महिला ने एक समाचार पोर्टल के पत्रकार और मुख्य संपादक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है क्योंकि इनकी एक रिपोर्ट में कथित तौर पर महिला की बातों को गलत ढंग से पेश करने के साथ-साथ उनकी जाति व वित्तीय स्थिति का भी मजाक उड़ाया गया है। कोतवाली के सर्कल अधिकारी प्रदीप सिंह चंदेल ने कहा कि डोमरी गांव की एक महिला ने पिछले हफ्ते राम नगर पुलिस के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर एक नए पोर्टल के मुख्य संपादक और रिपोर्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह शिकायत आईपीसी की धारा 269 (उपेक्षापूर्ण कार्य), 501 (मानहानिकारक जानी हुई बात को मुद्रित या उत्कीर्ण करना) और अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है।

    चंदेल ने कहा कि छानबीन के लिए अब उन्हें यह मामला सौंप दिया गया है।

    डोमरी उन गांवों में से एक है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सांसद के रूप में गोद लिया गया है।

    महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह वाराणसी नगर निगम के साथ एक आउटसोर्स सैनिटरी स्टाफ के रूप में काम करती हैं और डोमरी गांव में रहती हैं।

    उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान खुद को पत्रकार बताने वाली एक महिला उनके गांव पहुंची और लॉकडाउन के बारे में बात करना शुरू कर दिया।

    महिला ने प्राथमिकी में बताया, “मैंने उन्हें बताया कि मुझे अपने परिवार को खिलाने में कोई समस्या नहीं हो रही है। हालांकि मुझे बाद में पता चला कि उन्होंने अपनी न्यूज स्टोरी में इस झूठ का उल्लेख किया है कि मैं एक नौकरानी का काम करती हूं और दूसरों के घरों में बर्तन मांजती हूं। उन्होंने अपनी स्टोरी में इस बात का भी उल्लेख किया कि मेरे पास खाने के लिए सिर्फ चाय और रोटी ही है और मेरे बच्चे लॉकडाउन के दौरान भूखे मर रहे हैं।”

    महिला ने आगे कहा, “मैं और मेरे बच्चे खाली पेट सो रहे हैं, इस बात का उल्लेख कर इस पत्रकार ने मेरी गरीबी और जाति का मजाक उड़ाया है। इससे मानसिक रूप से मुझे तकलीफ पहुंची है।”

    महिला ने पोर्टल के मुख्य संपादक और पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

  • प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर्स आत्मनिर्भर योजना को लेकर कलेक्ट्रेट में हुई बैठक

    [object Promise]

    रिपोर्ट:सैय्यद मकदूदुल हसन

    [object Promise]

    सुलतानपुर 19 जून/प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर्स आत्मनिर्भर योजना के समुचित क्रियान्वयन हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी।लाकडाउन के कारण आर्थिक तंगी की मार झेल रहे ठेला, खोमचा आदि पथ विक्रेताओं को पुनः अपना रोजगार प्रारम्भ करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर आत्मनिर्भर योजना के अन्तर्गत 10000 रूपये का रियायती लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना 24 मार्च, 2020 को अथवा उससे पूर्व शहरी क्षेत्रों में वेण्डर्स का कार्य कर रहे सभी पथ विक्रेताओं के लिये उपलब्ध तथा 31 मार्च, 2022 तक के लिये लागू की गयी है। योजना के समुचित क्रियान्वयन हेतु अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) ने बैंकर्स को निर्देशित किया कि ऋण हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों को न तो अनावश्यक रूप से अस्वीकृत किया जाय और विलंबित किया जाय। उन्होंने अधिशासी अधिकारियों नगर पालिका/नगर पंचायतों को निर्देशित किया कि प्रवासियों सहित वेण्डर्स की सूची 30 जून, 2020 तक अपडेट कर लें। उन्होंने दोस्तपुर एवं कादीपुर के अधिशासी अधिकारी को उनके द्वारा किये गये सबसे कम चिन्हांकन पर असंतोष व्यक्त करते हुए 30 जून के पूर्व सूची अपडेट करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अधिशासी अधिकारी सूचीबद्ध लोगों के साथ बैठक कर लोन से सम्बन्धित जानकारी प्रदान करें।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) हर्ष देव पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) उमाकान्त त्रिपाठी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल, जिला आपूर्ति अधिकारी अभय सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा विमल कुमार मिश्र, जिला सूचना अधिकारी के0के0 सिंह, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत तथा बैंकर्स उपस्थित रहे।

  • प्रथम त्रैमासिक सड़क सुरक्षा सप्ताह अंतर्गत जनजागरूकता कार रैली को डीएम ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    [object Promise]

    22 जून से 28 जून 2020 तक मनाया जाएगा सड़क सुरक्षा सप्ताह।

    वाहन चलाते समय सीट बेल्ट व हेलमेट का प्रयोग जरूर करें…….डीएम।

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    [object Promise]

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने आज कलेक्ट्रेट परिसर से प्रथम त्रैमासिक सड़क सुरक्षा सप्ताह अंतर्गत जन जागरूकता कार रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सड़क सुरक्षा सप्ताह 22 जून से 28 जून 2020 तक मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत अभियान चलाकर लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने के संबंध में जागरूक किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट व हेलमेट का प्रयोग जरूर करें, शराब पीकर वाहन ना चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग ना करें, अत्यधिक स्पीड से वाहन ना चलाएं तथा यातायात के सभी नियमों का पूर्णतया पालन करें। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर लोगों में जागरूकता लाने हेतु आज इस अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस दौरान जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में हेलमेट न लगाने पर दो लोगों का चालान करने के निर्देश दिए तथा उप जिलाधिकारी गौरीगंज को कलेक्ट्रेट परिसर में बिना हेलमेट लगाए वाहनों का प्रवेश वर्जित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उप जिलाधिकारी गौरीगंज महात्मा सिंह, एआरटीओ माला बाजपेई सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।