Category: uttar-pradesh

  • कुशीनगर में चीन के राष्ट्रपति का पुतल दहन कर बोले नहीं चाहिए चाइनीज सामान

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    कुशीनगर: जिले में बार्डर पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प और इसमें भारतीय सैनिकों के शहीद होने की घटना से लोग गुस्से और गम में हैं। लोगों का कहना है कि अब चीन भी पाकिस्तान जैसा दुश्मन बनता जा रहा है। लिहाजा चीन के साथ कोई व्यापारिक संबंध नहीं रखना चाहिए। लोग चीन के सामानों को नहीं खरीदने की बात कह रहे हैं। आज भारत के साथ चाइना ने विश्वासघात किया है और हमारे जवानों को शहीद किया है ।

     

    चाइना के इस दुस्साहस पर चीन के राष्ट्रपति का पुतला दहन करते हुए युथ कांग्रेस कुशीनगर के कार्यकर्ताओं के द्वारा तख्तियां लेकर चाइना बहिष्कार के नारों के साथ मुर्दाबाद का नारा लगाया गया । पडरौना नगर में विधानसभा सहसंयोजक सुनील यादव के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष मोहम्मद जहीरुद्दीन,जिला महासचिव आर्यन बाबू,वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री ऋषिकेश मिश्रा,अल्ताफ हुसैन,चंदन कुमार,मनोज बजाज दिवाकर आदि विरोध दर्ज किया।

  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2020: ‘योग एट होम’ का होगा UP में आयोजन

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों को शीघ्रता से अंतिम रूप देकर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार कराए जाने के निर्देश दिए हैं। इस बार ‘योग एट होम’ (घर पर योग), परिवार के साथ योग की संकल्पना के साथ संपन्न किया जाए। मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को अपने आधिकारिक आवास पर 6वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रस्तावित प्रतियोगिता ‘योग दिवस चैलेंज, उत्तर प्रदेश’ का आयोजन तथा विजेताओं का चयन पूरी तरह पारदर्शी मानदंडों के आधार पर किया जाना चाहिए।

    आयुष विभाग द्वारा एक प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें अवगत कराया गया कि भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सुबह 6:30 बजे से दूरदर्शन पर योग दिवस कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अपने विचार रखेंगे। भारत सरकार द्वारा 6वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर वीडियो ब्लॉगिंग प्रतियोगिता ‘मेरा जीवन मेरा योग’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी तर्ज पर राज्य में ‘योग दिवस चैलेंज, उत्तर प्रदेश’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन राज्य व जनपद स्तर पर किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

    प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए राज्य के किसी भी जनपद के प्रतिभागी को दूरदर्शन तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार योग करते हुए अपने 3 से 5 मिनट के योगाभ्यास का वीडियो सोशल मीडिया, जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर अपलोड करनी होगी। साथ ही, आयुष सोसाइटी के सोशल मीडिया पेज हैंडल्स को टैग करना होगा।

    वीडियो अपलोड करने के बाद प्रतियोगिता खातिर पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए दो विकल्प उपलब्ध हैं। प्रथम, आयुष कवच एप का प्रयोग कर रहे प्रतिभागी इस एप के माध्यम से लॉगिन कर पंजीकरण करा सकते हैं। द्वितीय, आयुष कवच एप का प्रयोग नहीं कर रहे प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश राज्य आयुष सोसाइटी, लखनऊ की वेबसाइट पर लॉगइन कर पंजीकरण करा सकते हैं।

    प्रतियोगिता के लिए तीन श्रेणियां महिला, पुरुष एवं योग पेशेवर निर्धारित की गई हैं। महिला व पुरुष श्रेणी के अंतर्गत तीन वर्ग वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक), वयस्क (18 से 60 वर्ष) तथा बालक (05 से 17 वर्ष) निर्धारित किए गए हैं।

    योग पेशेवर श्रेणी के अंतर्गत महिला व पुरुष वर्ग तय किए गए हैं। तीनों श्रेणियों के सभी 8 वर्गों के लिए प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। पुरस्कार निर्धारित करने के लिए राज्य स्तर पर हर श्रेणी के प्रत्येक वर्ग में कम से कम 01 हजार तथा जनपद स्तर पर कम से कम 100 प्रतिभागियों द्वारा पंजीकरण कराया जाना आवश्यक है।

    योग दिवस के अवसर पर राज्य में आयुष कवच एप तथा उत्तर प्रदेश राज्य आयुष सोसाइटी के फेसबुक पेज पर लाइव योग सेशन, लेक्च र सीरीज, इम्युनिटी एवं योग वेबिनार तथा योग-डे लाइव सेशन आदि गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।

  • सूबे का पहला वेटलैंड बना मुख्यमंत्री योगी के शहर का रामगढ़ ताल

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    लखनऊ| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर को एक और सौगात मिली है। शहर के पूर्वी छोर पर स्थित 737 हेक्टेयर रकबे में फैली यहां की प्राकृतिक और खूबसूरत झील (रामगढ़) प्रदेश का पहला वेटलैंड बनी है। इसके लिए प्रारंभिक नोटिफिकेशन जारी हो गया। तकनीकी परीक्षण और लोगों की आपत्तियां सुनने के बाद इस बाबत अंतिम नोटिफिकेशन जारी होगा। नोटीफिकेशन के बाद झील के 50 मीटर के दायरे में कोई नया उद्योग नहीं लग सकता। पुरानी इकाइयों के विस्तार पर रोक होगी। इस दायरे में खतरनाक किस्म के कचरे, पॉलीथिन, नान बायोग्रेडिबल वस्तुओं ठोस कचरे, गंदा पानी, अशोधित सीवेज के निस्तारण पर भी रोक होगी। नौकायन के लिए जेटी को छोड़कर कर हर तरह के निर्माण कार्य पर रोक होगी। बंधे का निर्माण, मछली पालन, सिंघाड़े की खेती, सड़क निर्माण और पशुओं को चराने आदि की गतिविधियों को जिला स्तर डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति रेगुलेट करेगी।

    ज्ञात हो कि ऐतिहासिक अहमियत वाले शहर गोरखपुर के पूरबी छोर पर रामगढ़ झील है। इस झील को लेकर बतौर सांसद योगी आदित्यनाथ ने वर्षो पहले एक सपना देखा था। वह सपना था, अपने शहर की यह झील भी भोपाल और उदयपुर की तरह ही सिर्फ यहां के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि बौद्ध सर्किट के प्रमुख स्थान कुशीनगर, कपिलवस्तु और नेपाल जाने वाले सैलानियों के लिए भी पर्यटक स्थल बने।

    इस सपने का पूरा होना आसान नहीं था। वजह जिस समय यह सपना देखा गया था उस समय यह झील महानगर के गटर के रूप में तब्दील हो चुकी है। महानगर के करीब आधे दर्जन नालों का मल-जल सीधे इसमें गिरता था। किनारों से गुजरने पर पानी से दरुगध आती थी। झील का बड़ा हिस्सा जलकुंभी से पटा था। सिल्ट पटने से झील की औसत गहराई लगातार घट रही थी। पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से जैव विविधता लगातार घट रही थी, पर बतौर सांसद योगी इसके लिए संसद से लेकर सड़क तक लगातार आवाज उठाते रहे।

    इसमें गति तब आई जब केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सूबे की कुछ अन्य झीलों के साथ रामगढ़ को भी राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना में शामिल कर लिया। तबकी सरकारों द्वारा इसके बाद भी इसमें तमाम गतिरोध डाले गए पर अंतत: उनके लगातार प्रयास के कारण उनका ही नहीं महानगर के लाखों लोगों का सपना साकार हुआ।

    योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद तो इसकी खूबसूरती में और चार चांद लग गए। अब तो इसके पास ही चिड़ियाघर भी बन रहा है। यह कानपुर और लखनऊ के बाद प्रदेश का तीसरा चीड़ियाघर होगा। इसके अलावा वॉटर स्पोर्ट्स पार्क भी बन रहा है।

  • अब पुलिस के लिए संध्या बनी सिरदर्द, मैनपुरी के पते भी फर्जी

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    अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के बिजौली स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी तरीके से शिक्षिका के पद पर नियुक्ति पाने वाली कानपुर की बबली यादव का मामला अभी सुलझा नहीं था कि अब संध्या द्विवेदी पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है। आवेदन व नियुक्ति पत्र में दिए गए उसके मैनपुरी के दोनों पते फर्जी पाए गए हैं। फोन नंबर बंद है, जिसे सर्विलांस पर लगाया गया है। गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।

    मुकदमा दर्ज कराया

    कस्तूरबा विद्यालयों के सभी स्टाफ के दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान  विजयगढ़ के विद्यालय में तैनात मैनपुरी की संध्या द्विवेदी का कागजात भी फर्जी पाए गए। दस्तावेजों में पते अलग-अलग थे। इसके खिलाफ विजयगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने शनिवार को शिक्षा विभाग से संध्या का पूरा ब्योरा मांगा है। सोमवार को स्कूल में पूछताछ की जा सकती है। इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि संध्या के दस्तावेज में दिया गया मैनपुरी का पता फर्जी हैं।

    बल्लू व राजबेटी की तलाश

    कानपुर की बबली यादव को बिजौली में मैनपुरी के पुष्पेंद्र ने तीन लाख रुपये लेकर नौकरी दिलाई थी। पुष्पेंद्र गिरफ्तार हो चुका है। पुष्पेंद्र व उसकी महिला मित्र राजबेटी से बबली को उसके बहनोई मैनपुरी के बल्लू यादव ने मिलवाया था। राजबेटी व बल्लू अभी फरार हैं। आवेदन व नियुक्ति पत्र में दिए गए उसके मैनपुरी के दोनों पते फर्जी पाए गए हैं। फोन नंबर बंद है, जिसे सर्विलांस पर लगाया गया है। गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।

    मैनपुरी के पास मिली लोकेशन

    अतरौली के सीओ प्रशांत ङ्क्षसह ने बताया कि दोनों की लोकेशन मैनपुरी के आसपास मिली हैं। एक-दो दिन में दोनों पकड़ लिए जाएंगे। कोर्ट खुलते ही पुष्पेंद्र का बी वारंट बनवाया जाएगा। पुष्पेंद्र से पूछताछ में पूरी कहानी स्पष्ट होगी। पुलिस को आशंका है कि संध्या का भी संपर्क बल्लू व राजबेटी से रहा है, जो अभी फरार हैं। फोन नंबर बंद है, जिसे सर्विलांस पर लगाया गया है। गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।

  • कुशीनगर में पडरौना शहर से होकर गुजरने वाली बेलवा- कटनवार रोड के बीच गड्ढों में‘यमराज’का बसेरा

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और नगर व देहात से जोड़ने वाले पडरौना शहर से सटे बेलवा कटनवार सड़क की हालत खस्ती है। निर्माण कार्य कराए कई वर्ष बीत चुके है और इस मार्ग पर जगह -जगह गड्ढे बन गए हैं। बरसात के दिनों इस रास्ते सफर तय करना एक दुरूह कार्य हो गया है।
    बताते चलें कि कुशीनगर जनपद के पडरौना से बेलवा कटनवार जाने वाली मार्ग पडरौना शहर से होकर गुजरती है। नगर से सटे यह सड़क दर्जनों गांवों से जुडी है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस सड़क के अस्तीत्व में आने के बाद निर्माण कराया गया,लेकिन गुणवत्ता के अभाव में यह सड़क एक वर्ष भी दुरुस्त नहीं रह पाती है। हालांकि यह सड़क भाजपा के कैबिनेट मंत्री व यहां के सदर विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य के क्षेत्र में आता है।
    इस बार भी अपने पुराने इतिहास को दोहराते हुए बरसात के सीजन में बेलवा कटवार रोड जाने वाले मार्ग के बीच जगह जगह टूट गई है। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए है। थोड़ी सी भी वर्षा होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है जिन्हें पार करना जोखिम भरा काम होता है।

  • 150 कौवों की निर्मम हत्या, वन विभाग बेखबर

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    लखनऊ/सीतापुर। पूरी दुनिया इस समय कोरोनावायरस संक्रमण की चपेट में है क्योंकि इंसान ने प्रकृति का सिर्फ और सिर्फ दोहन ही किया है। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की ऐसी ही घटना सीतापुर के तंबौर थाना के ग्राम दरियाना में घटित हुई है। जिसमें150 कौवों को जहर मिला आटा खिलाकर मार डाला गया। सीतापुर की इस घटना में इतनी तादाद में कौवें मर गए लेकिन वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना तक नहीं। और जब डीएफओ सीतापुर  को फोन किया गया तो उन्होंने अपना फोन उठाया तक नहीं।
    जब इतनी बड़ी घटना की पड़ताल हमने शुरू करी तो कई छुपे तथ्य सामने आए। रमेश चंद्र मिश्रा ने पुलिस को तहरीर देकर गांव में एक आम की बाग की रखवाली कर रहे सिराज अली, रबी व हनीफ के खिलाफ शिकायत की है। पुलिस ने आरोपियों पर जीव हत्या के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
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    डॉक्टर जितेन्द्र शुक्ला, पर्यावरणविद् एवं जंतु वैज्ञानिक

    जिन किसानों ने आटे में जहर कौवों को खिलाया था उनका सिर्फ इतना कहना है कि कौवे हमारे खेतों को नुकसान पहुंचाते थे इसलिए हमने इनको आटे में जहर मिला कर दे दिया। वही पर्यावरण विद डॉ जितेंद्र शुक्ला का कहना है कि यह छोटी नहीं बहुत बड़ी घटना है। 150 कौवों को इस तरह से जहर देकर मार डालना बहुत ही दयनीय है। हत्यारों पर पशु हत्या का मुकदमा भी चलाना चाहिए। पर्यावरण वैज्ञानिक डॉक्टर जीतेंद्र शुक्ला बताते हैं कि कौवा एक ऐसा पंछी है जो खाद्य श्रंखला में बहुत ही महत्वपूर्ण है। खाद्य श्रृंखला में बचे अवशेषों को खाकर प्रकृति को साफ सुथरा बनाता है। जिससे खाद्य श्रंखला के चक्र में इसकी महत्वता बहुत बढ़ जाती है।
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    समर बहादुर, क्षेत्राधिकारी बिसवा सीतापुर।

    वही क्षेत्राधिकारी बिसवां  समर बहादुर ने घटना का संज्ञान लेते हुए बताया कि इस घटना में 3 लोगों को हिरासत में लेकर 429 आईपीसी की धारा लगा कर जेल भेज दिया गया है। इस धारा में 3 महीने तक कोई जमानत नहीं होती है और 5 साल तक की सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है।

  • तीन दिन से फतेहपुर व बहराइच से आगे नहीं बढ़ सका मानसून…

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    लखनऊ। मानसून का इंतजार कुछ लंबा हो गया है। राजधानी में अगले तीन-चार दिन से पहले मानसून के पहुंचने की संभावना कम है। वजह यह है कि फतेहपुर और बहराइच तक पहुंचे मानसून को आगे बढऩे के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिल रही है। वही मानसून ने मध्यप्रदेश की ओर रुख कर लिया है।

    राजधानी वासियों को भले ही मानसून के लिए कुछ और दिन इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर शुक्रवार को भी अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में झमाझम बारिश की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बौछारें पड़ सकती हैं । आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मानसून की गति कुछ धीमी पड़ी है। तीन दिन पहले बहराइच व फतेहपुर में पहुंचा मानसून अभी वहीं रुका है। मानसून ने मध्यप्रदेश की ओर बढ़त ली है। उन्होंने कहा कि इससे मानसून के राजधानी में तीन-चार दिन के बाद ही पहुंचने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को वाराणसी में 46.4, बलिया में 33 और सुल्तानपुर में 28.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। गाजीपुर में भी 22.6 मिलीमीटर बारिश हुई । शनिवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में जोरदार व कुछ जगह हल्की बारिश की उम्मीद है। राजधानी में भी बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। कुछ स्थानों पर बौछारें भी पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री कम 36.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से कुछ कम 26.8 डिग्री दर्ज किया गया। वातावरण में आद्र्रता 99 फीसद बनी हुई है। इसके चलते लोग परेशान हैं। वातावरण में नमी के चलते जबरदस्त उमस महसूस की जा रही है। चूंकि मानसून के लिए अभी इंतजार करना होगा ऐसे में उमस भरी गर्मी से दो-चार होना होगा।

     

  • कोर्ट में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होंगे आडवाणी, जोशी

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    लखनऊ, | पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा नेता डॉ.एम.एम. जोशी और राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास मंगलवार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत में पेश होंगे। सीबीआई की विशेष अदालत 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई कर रही है।

    सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को इन आरोपियों द्वारा दिए गए पतों से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था करने के लिए भारत सरकार की संस्था नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के निदेशक को एक निर्देश भेजा, ताकि सीआरपीसी की धारा 313 के तहत उनके बयान दर्ज किए जा सकें।

    सभी आरोपियों को अभियोजन एजेंसी सीबीआई द्वारा जुटाए गए साक्ष्य के आधार पर कम से कम 1,000 सवालों के जवाब देने होंगे।

    सीबीआई के वकील ललित सिंह ने कहा, “विशेष अदालत ने आरोपियों को सुनवाई के दौरान दिए गए तथ्यों और सबूतों के बारे में सूचित किया और उन्हें अपना बयान देने का निर्देश दिया।”

    सिंह ने कहा कि 13 अभियुक्त ों को अब तक पेश किया जा चुका है।

    आडवाणी 30 जून को, जोशी 1 जुलाई को, सिंह 2 जुलाई को, महंत नृत्य गोपाल दास 23 जून को पेश होंगे। वहीं 22 जून को आर. एन. श्रीवास्तव, 24 जून को जय भगवान दास, 25 जून को अमर नाथ गोयल, 26 जून को सुधीर कक्कड़ और 29 जून को आचार्य धर्मेंद्र देव पेश होंगे।

  • पीएसी जवान, केजीएमयू के चिकित्सक समेत 23 लोग मिले कोरोना पॉजिटिव

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    लखनऊ। राजधानी में शुक्रवार को केजीएमयू के एक चिकित्सक और एक पीएसी जवान समेत 23 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई। ऐसे में राजधानी में कुल मरीजों की संख्या 727 हो गई है। संक्रमित मरीजों में पांच महिलाएं और 18 पुरुष शामिल हैं। संक्रमितों में ठाकुरगंज का एक, मौलवीगंज का एक, रेलवे कॉलोनी का एक, आलमबाग का दो, विराट खंड के दो, विकासखंड का एक, पार्क रोड का एक, कमता चिनहट में तीन, अवध विहार में दो, रहीमाबाद में एक, विवेकखंड में एक, विधायकपुरम में एक, पीएसी जवान एक, इंदिरानगर में एक, मीना मार्केट में एक, तेलीबाग में एक, शाहमीना रोड का एक रोगी पाए गए हैं। उधर, केजीएमयू के कोविड वार्ड में ड्यूटी कर रहे जूनियर डॉक्टर में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। वह क्वारंटाइन पीरियड में चल रहे थे। उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, अब शहर में कुल 32 कंटेनमेंट जोन हो गए हैं।

    नौ हजार लोगों का जुटाया स्वास्थ्य ब्योरा

    सीएमओ की टीम ने 1929 घरों का भ्रमण किया। इस दौरान 9184 लोगों का स्वास्थ्य ब्योरा जुटाया। वहीं, 466 संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। सैंपल के लिए तीन सदस्यीय 22 टीमें लगाई गई हैं। कोरोना की लड़ाई के लिए तीन सौ डेंटल डॉक्टर तैयार नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन ने डेंटल टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें प्रदेश के करीब 300 डॉक्टरों को जोड़ा गया है। इन डॉक्टरों को कोविड की ट्रेनिंग दी जाएगी। शुक्रवार से केजीएमयू में प्रशिक्षण शुरू हो गया है। कार्यक्रम में कुलपित प्रो. एमएलबी भट्ट, टास्क फोर्स के नोडल ऑफिसर डॉ. कपिल देव शर्मा मौजूद रहे।

    अब तुरंत मिलेगा कोरोना संदिग्ध का शव

    अस्पतालों में संदिग्ध मरीज की मौत पर परिवारजन को शव तुरंत दे दिया जाएगा। स्टाफ शव से कोविड-19 जांच के लिए नमूना ले लेगा। इसके बाद प्रोटोकॉल के तहत परिवारजन को शव सौंप दिया जाएगा। अभी रिपोर्ट आने पर ही शव दिया जाता था। इस दौरान मरीजों को 12 से 24 घंटे तक इंतजार करना पड़ता था।

    चार निजी अस्पतालों की यूनिट 24 घंटे के लिए सील

    कोरोना मरीजों से संक्रमित होने के बाद शहर के चार निजी अस्पतालों की कई यूनिट को अगले 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मरीजों के सीधे संपर्क में आए डॉक्टरों और स्टाॅफ की सूची तैयार करने के साथ ही उन्हें क्वारंटाइन रहने का निर्देश भी दिया गया है। नियमानुसार पांचवें दिन सभी के नमूने लेकर कोरोना जांच कराई जाएगी। एसीएमओ डॉ अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि चार निजी अस्पतालों की यूनिट को बंद किया गया है। इसमें रिदा हाॅस्पिटल, फातिमा व कृष्णा पाॅलीक्लीनिक का नाम शामिल है। सीएमओ के आदेश के बाद अस्पताल के संक्रमित हुए वार्ड को सैनिटाइज कराने के बाद 24 घंटे के लिए सील करा दिया गया है। ताकि उधर किसी भी स्टाफ या मरीज की आवाजाही नहीं हो सके।

    दो कोरोना मरीजों को केजीएमयू से छुट्टी

    कोरोना संक्रमण से मुक्त हो रहे मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को केजीएमयू से दो कोरोना मरीजों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई। घर भेजने से पहले इन सभी को सैनिटाइज कराया गया और अगले 14 दिन तक क्वारंटाइन में रहने के नियम समझाए गए। इस दौरान बरते जाने वाले सभी एहतियात के प्रति जागरूक किया गया। दोनों कोरोना मरीज करीब भर्ती होने के करीब दो हफ्ते बाद डिस्चार्ज हुए हैं।

    मरीजों के साथ उचित व्यवहार का निर्देश

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र अग्रवाल के निर्देश पर एसीएमओ डाॅ मनोज कुमार ने शुक्रवार को कानपुर रोड स्थित लेबल-1 कोविड ईएसआइसी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती कोरोना संदिग्ध मरीजों से बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में उनका संतुष्टीकरण जाना। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के स्टाफ व डॉक्टरों को मरीजों के साथ उचित व्यवहार करने का निर्देश दिया। 45 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में 30 कोरोना संदिग्ध भर्ती पाए गए। निरीक्षण के दौरान शौचालय, आइसोलेशन वार्ड आदि में सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।

    सेक्टर 12 बिस्मिल पार्क का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण

    राजाजीपुरम सेक्टर 12 स्थित पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल पार्क के पास एक परिवार के तीन लोग कोरोना पाजीटिव आने के बाद नगर निगम ने गुरुवार की रात इलाके के छह प्वाइंटों पर बैरीकेडिंग लगाकर सील किया। शुक्रवार सुबह नगर आयुक्त डा इन्द्रमणि त्रिपाठी ने इलाके का निरीक्षण किया। साथ ही कर्मचारियों को सैनिटाइजेशन का निर्देश भी दिया। पूर्व में इस इलाके के सील नहीं होने पर एक स्थानीय व्यक्ति ने सीएम योगी को ट्वीट भी किया था।

     

  • गन्‍ना भुगतान के बारे में पहली बार किसी CM ने किसानों से पूछा, गदगद हुए किसान

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    गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गन्ना किसान पूरी तरह निश्चिंत रहें। पाई-पाई तक का भुगतान होगा। प्रत्येक गन्ना किसानों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा। गन्ना किसानों को एक लाख करोड़ रुपये तक गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने के बाद मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रत्येक जिले के गन्ना किसानों से जुड़े हुए थे। गोरखपुर मंडल के किसान मुख्यमंत्री से संवाद व आभार व्यक्त करने के लिए गोरखपुर एनआईसी में आए हुए थे।

    89 करोड़ का हो चुका है भुगतान

    मुख्यमंत्री ने गन्ना किसानों से पूछा कि गन्ने का भुगतान अथवा चीनी मिलों को लेकर किसी किसान को कोई समस्या तो नहीं है। गोरखपुर मंडल से गोरखपुर जिले के सरदारनगर विकास खंड के ग्राम शत्रुघ्नपुर के किसान रामसूरत मौर्य ने कहा कि पिपराइच चीनी मिल स्थापित होने से जिले के तमाम गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है। कहा कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री भुगतान को लेकर किसानों से संवाद कर रहा है। समय पर किसानों को भुगतान भी हो जा रहा है। कुशीनगर के किसान देवेंद्र राय ने भी मुख्यमंत्री से संवाद किया। अन्य मंडलो से भी किसानों ने अपनी अपनी बातें रखीं। बता दें गोरखपुर जिले के पिपराइच गन्ना चीनी मिल पर किसानों का 145.46 करोड़ रुपये का बकाया था। इसमें से 89 करोड़ 35 लाख का भुगतान हो चुका है। 56.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना अभी शेष है।

    वीडियो कांफ्रेंसिंग से गोरखपुर-बस्‍ती मंडल से दर्जन भर किसान जुड़े

    बस्ती के मुंडेरवा चीनी मिल पर किसानों का 139.86 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बाकी था। इसमें से 83.62 लाख रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। मुंडेरवा चीनी मिल पर 56.24 करोड़ रुपये का भुगतान अभी शेष है। गोरखपुर मंडल से विडियो कांफ्रेंसिंग में उप गन्ना आयुक्त उषा पाल, जिला गन्ना अधिकारी शैलेष अस्थाना सहित गोरखपुर के सरदारनगर समिति के ग्राम गोविंदपुर निवासी किसान विरेंद्र प्रताप सिंह, बस्ती जिले बस्ती समिति के ग्राम खोभा निवासी सतीश चंद्र सिंह, ग्राम डिहरा निवासी यादराम चौधरी,  महराजगंज जिले के घुघली समिति के ग्राम बासपार मिश्र निवासी किसान विजय कुमार मिश्र विडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े रहे।

    तीन वर्षों में पांच वर्षों से हुआ अधिक भुगतान

    विडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा 2012 से 2017 की अवधि में गन्ना किसानों को 95215 करोड़ का भुगतान हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्य काल में सिर्फ तीन वर्षों में ही उससे 4785 करोड़ रुपये अधिक का भुगतान किया जा चुका है।