Category: uttar-pradesh

  • BSP मुखिया मायावती बोलीं- UP में देर से लेकिन दुरुस्त कार्रवाई दलित उत्पीड़न के मामले में

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    लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्रवाई को सराहा है। मायावती ने कहा कि भले ही यह देर से हुई, लेकिन कार्रवाई दुरुस्त है। मायावती ने इसको लेकर शनिवार को तीन ट्वीट किया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार को भी सलाह भी दी है।

    सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने शनिवार को कहा कि अभी हाल ही में आजमगढ़ में दलित बेटी के साथ हुये उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही देर से कार्रवाई की, लेकिन दुरुस्त की। वह देर से आये पर दुरस्त आये, यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों के मामले में कार्रवाई आगे भी तुरन्त व समय से होनी चाहिये तो यह काफी बेहतर होगा।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चाहे चाहे आजमगढ़, कानपुर या अन्य किसी भी जिले में खासकर दलित बहन-बेटी के साथ हुये उत्पीड़न का मामला हो या फिर अन्य किसी भी जाति व धर्म की बहन-बेटी के साथ हुए उत्पीडऩ का मामला हो, उसकी जितनी भी निन्दा की जाये, वह कम है। इसके साथ ही, चाहे इसके दोषी किसी भी धर्म, जाति व पार्टी के बड़े से बड़े नेता व कितने भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों ना हो, उनके विरूद्व तुरन्त व सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चहिये।

  • पंचायत में चली गोली प्रधान प्रतिनिधि की मौत भाई घायल,गुस्साये लोगो ने कार व ट्रैक्टर में लगाई आग

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुल्तानपुर। कुड़वार थाना क्षेत्र के अंतर्गत शादीपुर महाराज गंज ग्राम सभा पंचायत में कहा सुनी होने पर चली गोली, प्रधान प्रतिनिधि की मौत व भाई गंभीर रूप से घायल गुस्साये लोगो ने ब्रेज़ा कार व ट्रैक्टर में लगाई आग।
    जानकारी के मुताबिक शादीपुर महराजगंज में हो रही पंचायत में प्रधान प्रतिनिधि मुइनुद्दीन के भाई नूरुद्दीन से बगल के गांव मनियारपुर निवासी आलम से कहा सुनी होने पर पंचायत में अपने को घिरता देख पिस्टल से चलाई गोली जिससे प्रधान प्रतिनिधि मोइनुद्दीन की घटना स्थल पर मौत हो गई।गोली लगने से प्रधान प्रतिनिधि के भाई नूरुद्दीन गम्भीर रूप से घायल होने पर जिला अस्पताल ले जाया गया। जहाँ पर डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया।इस घटना से गुस्साए लोगों ने गोली चलाने वाले आलम के भाई इकबाल खान पुत्र जाकिर हुसैन की सीमेन्ट की दुकान पर खड़ी ब्रेजा कार और ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया। इस घटना की सूचना पुलिस को मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दी गई है।

  • उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल, Kanpur SSP समेत 14 IPS अधिकारियों की तबादला सूची जारी, देखें पूरी लिस्ट

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में तबादले का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को देर रात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 14 अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। नौ जिलों की कमान भी बदली गई है। इनमें डीआइजी के पद पर पदोन्नति पा चुके एसएसपी कानपुर नगर और एसपी सीतापुर भी शामिल हैं।

    इसी प्रकार से कानपुर के एसएसपी अनंत देव का पदोन्नति के बाद डीआइजी एसटीएफ के पद पर तैनाती दी गई है। लंबे समय के बाद एसटीएफ में डीआइजी की तैनाती की गई है। ऐसे ही एसपी सीतापुर रहे एलआर कुमार को डीआइजी के पद पर पदोन्नति के बाद सतर्कता अधिष्ठान भेजा गया है। इससे पूर्व शासन ने रविवार रात सात आइपीएस अधिकारियों का तबादला किया था।

    नाम : वर्तमान तैनाती : नवीन तैनाती

    1. अनंत देव : डीआइजी/एसएसपी कानपुर नगर : डीआइजी एसटीएफ, लखनऊ।
    2. दिनेश कुमार पी : एसएसपी सहारनपुर : एसएसपी कानपुर नगर।
    3. एस चनप्पा : एसपी शाहजांहपुर : एसएसपी सहारनपुर।
    4. एस आनन्द : एसपी अपराध, डीजीपी मुख्यालय लखनऊ : एसपी शाहजहांपुर।
    5. आरपी सिंह : एसपी एसटीएफ लखनऊ : एसपी सीतापुर।
    6. एलआर कुमार : डीआइजी/एसपी सीतापुर : डीआइजी सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ।
    7. विक्रांत वीर : एसपी उन्नाव : एसपी हाथरस।
    8. गौरव बंसवाल : एसपी हाथरस : एसपी अपराध, डीजीपी मुख्यालय लखनऊ।
    9. सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज : एसएसपी प्रयागराज : प्रतीक्षारत।
    10. अभिषेक दीक्षित : एसएसपी पीलीभीत : एसएसपी प्रयागराज।
    11. रोहन पी कनय : एसपी साइबर क्राइम, लखनऊ : एसपी उन्नाव।
    12. जय प्रकाश : एसपी सीबीसीआइडी, लखनऊ : एसपी पालीभीत।
    13. अजय कुमार सिंह : एसपी, डीजीपी मुख्यालय लखनऊ : एसपी बागपत।
    14. प्रताप गोपेंद्र यादव : एसपी बागपत : एसपी डीजीपी मुख्यालय लखनऊ।

  • बिखराव का डर, सिमटता जनाधार व सिकुड़ते संगठन से बसपा में बढ़ी बेचैनी

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    लखनऊ। मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद हरियाणा में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को लगे तगड़े झटके से संगठन में बिखराव का खौफ कम नहीं हो पा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों में बहुजन समाज पार्टी के सिमटते जनाधार और सिकुड़ते संगठन से उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं में भी बेचैनी बढ़ी है। ऐसे में पार्टी के राष्ट्रीय स्वरूप को बनाए रखने की मुश्किलें और ज्यादा होंगी।

    लोकसभा चुनाव के बाद से बहुजन समाज पार्टी को संभलकर खड़े हो पाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी का सिरदर्द समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अलावा स्थानीय स्तर पर भीम आर्मी जैसे संगठन भी बने हैं। गठबंधन टूटने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव बहुजन समाज पार्टी के एक-एक करके प्रमुख नेताओं को साइकिल की सवारी कराने में लगे हैं। खासतौर से पूर्वांचल व बुंदेलखंड के कई बड़े नेता मायावती को कोसते हुए अखिलेश यादव के साथ हो लिए है।

    बसपा के एक कोआर्डिनेटर का कहना है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की उत्तर प्रदेश में सक्रियता भी बसपाइयों की नींद उडाए है। बहुजन समाज पार्टी का ठोस वोट बैंक माने जाने वाले अनुसूचित वर्ग में भारतीय जनता पार्टी की पैठ बढ़ने के साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भी उनमें जगह बनाने लगी है। बहुजन समाज पार्टी को सबसे अधिक खतरा भीम आर्मी की राजनीतिक विंग आजाद समाज पार्टी से है।

    बहुजन समाज पार्टी में कभी मायावती के खास माने जाने वाले सुनील चितौड़ जैसे नेताओं का भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर से नजदीकी बनाए रखने को खतरे की घंटी बता रहे विधायक रणवीर राणा का कहना है कि अनुसूचित वर्ग के युवाओं की सोच बदल रही है। उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली भी लुभाती है।

    संगठनात्मक गतिविधियां ठंडी : कोरोना संक्रमण काल में भी भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस व समाजवादी पार्टी भी अपने कार्यकर्ताओं से डिजिटल माध्यमों के जरिए संपर्क व संवाद बनाए रखे हैं। राष्ट्रीय लोक दल, भारतीय समाज पार्टी सुहेलदेव और अपना दल जैसी स्थानीय पार्टी भी वर्चुअल संवाद के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियां जारी रखे हैं, लेकिन बहुजन समाज पार्टी में इस प्रकार की कोशिशें नहीं के बराबर दिखाई दे रही हैं। एक पूर्व कोआर्डिनेटर सूरजपाल का कहना है कि केवल ट्वीट करने से पार्टी नहीं चलेगी। आने वाले विधानसभा चुनाव तक बहुजन समाज पार्टी को बचाए रखना है तो पार्टी को पुराना ढर्रा बदलना ही होगा।

  • UP Cabinet Decision : अब दोपहिया व चौपहिया वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश में अब दोपहिया व चौपहिया वाहन चलाते समय यदि मोबाइल पर बात करते हुए पहली बार पकड़े गए तो एक हजार रुपये व दूसरी बार पकड़े जाने पर सीधे 10 हजार रुपये का चालान भरना होगा। योगी सरकार ने यातायात नियमों का पालन न करने वालों पर अब और ज्यादा जुर्माना लगाने का निर्णय किया है। योगी कैबिनेट ने मंगलवार को मोटर यान अधिनियम में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर दोगुना जुर्माना भरना होगा। यानी अब 500 रुपये की जगह एक हजार रुपये देने पड़ेंगे। फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस को रास्ता न देने पर अब 10 हजार रुपये का चालान होगा। वाहन को गलत ढंग से मॉडिफाइ कराकर बेचने पर एक लाख रुपये जुर्माना लगेगा। यदि वाहन स्वामी ने अपने वाहन को मॉडिफाई कराया तो उसे पांच हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।

    उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि गलत पार्किंग पर पहली बार 500 रुपये व दूसरी बार में 1500 रुपये जुर्माना देना होगा। अभी तक पार्किंग नियमों का पालन न करने पर पहली बार में 500 रुपये व दूसरी बार एक हजार रुपये जुर्माना लगता था। फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस को रास्ता न देने पर अब 10 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना पहली बार अधिनियम में जोड़ा गया है। अधिकारी की बात न मानने व उसके काम में बाधा डालने पर पहले एक हजार रुपये जुर्माना देना पड़ता था अब इसे बढ़ाकर दो हजार रुपये कर दिया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस में गलत तथ्य पर पहले 2500 जुर्माना लगता था इसे बढ़ाकर अब 10 हजार रुपये कर दिया गया है। वाहनों के फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने वालों पर भी जुर्माने का प्रावधान किया है। यानी कोई फेक दस्तावेज के आधार पर वाहन बेचता है तो उसे प्रत्येक वाहन के हिसाब से एक लाख रुपये जुर्माना देना होगा।

    बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाने पर पांच हजार जुर्माना : बिना सुरक्षा बेल्ट के कार चलाने पर एक हजार रुपये और बिना लाइसेंस या 14 साल से कम उम्र के बच्चे बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाते पकड़े गए तो उन्हेंं पांच हजार रुपये जुर्माना देना होगा। तय गति सीमा से अधिक तेज कार चलाने पर दो हजार रुपये और यात्री व माल वाहन के लिए यही जुर्माना चार हजार रुपये होगा। निशक्त व्यक्ति के वाहन चलाने पर पहली बार में एक हजार और दूसरी बार में दो हजार रुपये जुर्माना देना होगा। दोपहिया वाहन पर तीन सवारी या इससे ज्यादा बैठाने पर एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा।

    बिना अनुमति रेस में भाग लिया तो 10 हजार जुर्माना : प्रदेश सरकार की लिखित अनुमति के बिना रेस में भाग लेने पर पहली बार में पांच हजार रुपये तो दूसरी बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। किसी व्यक्ति द्वारा यातायात के नियमों के उल्लंघन कर वाहन चलवाने पर 10 हजार रुपये का दंड भरना होगा। बिना पंजीकरण व निलंबित पंजीकरण वाले वाहन चलाने पर पहली बार में पांच हजार रुपये तो दूसरी बार पकड़े जाने 10 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। इसी प्रकार शांत क्षेत्र में हार्न प्रयोग करने पर पहली बार में एक हजार रुपये व दूसरी बार पकड़े जाने पर दो हजार जुर्माना देना होगा। बिना बीमा कराए वाहन चलाने पर पहली बार में पकड़े जाने पर दो हजार तो दूसरी बार में चार हजार रुपये जुर्माना देना होगा।

    यूपी में बने इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स में छूट : उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी में बने इलेक्ट्रिक वाहनों को करों में छूट देने का निर्णय किया है। इसके लिए योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने मंगलवार को अधिनियम में जरूरी संशोधन कर दिए। अब इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण तथा इसके प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में निॢमत प्रथम एक लाख इलेक्ट्रिक वाहनों में दुपहिया वाहनों को रोड टैक्स में 100 प्रतिशत तथा अन्य वाहनों को रोड टैक्स में 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वर्तमान में ऑटो मोबाइल उद्योग से उत्पन्न प्रदूषण कम करने की दृष्टि से सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर रही है। सड़कों पर इन वाहनों की बढ़ती संख्या के परिणाम स्वरूप सार्वजनिक एवं निजी चार्जिंग अवस्थापना सुविधाओं का भी निरंतर विस्तार हो रहा है। यूपी में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने एवं प्रदूषण की रोकथाम के उद्देश्य से औद्योगिक विकास विभाग ने ‘उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिकवाहन मैन्युफैक्चरिंग नीति-2019’ जारी की है।

  • कुशीनगर में सीएमओ ऑफिस में एक घंटे बैठा रहा कोरोना संक्रमित,पता चला तो मच गया हड़कंप

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : दिल्ली से लौटे पडरौना के जिस युवक की जांच रिपोर्ट सोमवार को कोरोना पॉजिटिव आई है,वह युवक तीन दिन पहले सीएमओ कार्यालय में करीब एक घंटे तक बैठा रहा। इस दौरान कर्मचारियों से भी उसने काफी देर तक बातचीत की। उसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया है।
    हालांकि, कर्मचारी इस बात का हवाला दे रहे हैं कि जब युवक कार्यालय में पहुंचा तो साफ-सफाई के अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया। सभी कर्मी मॉस्क पहने हुए थे। अब अगर संपर्क में आने वाले किसी कर्मचारी में कोरोना से संदिग्ध लक्षण मिलता है तो स्वास्थ्य विभाग उसकी भी जांच कराएगा।
    दिल्ली के एक न्यूज चैनल में काम करने वाला युवक एक सप्ताह पहले अपनी मां को दिल्ली ले जाने के लिए पडरौना शहर के गांधी नगर में स्थित अपने घर आया था। जिस चैनल में वह काम करता है, वहां का निर्देश है कि महानगर छोड़ते वक्त कोरोना की जांच करानी होगी और ऑफिस आने से पहले भी जांच कराकर रिपोर्ट दिखानी होगी। इसी सिलसिले में वह पडरौना आने के बाद शनिवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचा। न्यूज चैनल में काम करने के नाते युवक के कई परिचित कार्यालय में मिल गए। कर्मचारियों के कक्ष में बैठकर युवक ने करीब एक घंटे तक बातचीत की। इधर, सैंपल देने के बाद युवक अपनी मां के साथ रविवार को निजी गाड़ी से दिल्ली के लिए रवाना हो गया।
    सोमवार की दोपहर बाद युवक की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकली। फिर क्या था, युवक से बातचीत करने वाले सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। पूरे दिन दफ्तर में इसी बात की चर्चा थी कि युवक किस-किस के संपर्क में आया है। दूसरी ओर संक्रमित युवक से मुलाकात करने वाले कर्मचारियों का तर्क है कि जब युवक कार्यालय में पहुंचा था तो उस वक्त साफ-सफाई के अलावा सभी कर्मचारी मॉस्क पहने हुए थे। सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखकर ही बातचीत की गई। युवक के जाने के बाद भी जहां वह बैठा था, उसे सेनिटाइज कराया गया।
    छह दिन बाद लिया जाएगा सैंपल,कार्यालय आने से रोका
    सीएमओ डॉ. नरेन्द्र गुप्ता ने बताया कि जब युवक आया था तो उसके संक्रमित होने की जानकारी किसी को नहीं थी। उसी दिन उसने सैंपल दिया। युवक के अनुसार उसे ड्यूटी पर लौटने से पहले जांच करानी थी। यह रिपोर्ट देने के बाद ही उसकी कंपनी उसे दोबारा काम पर आने देगी। जो भी कर्मचारी संक्रमित युवक के संपर्क में आए हैं, उन्हें कार्यालय आने से रोक दिया गया है। संपर्क में आने वाले कर्मचारी होम क्वारंटीन में रहेंगे। छह दिन बाद इन कर्मचारियों का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।

  • लखनऊ : दिसम्बर में बनकर हो जायेगा तैयार रिंग रोड स्थित निर्माणाधीन टेढ़ीपुलिया फ्लाईओवर

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    लखनऊ। लखनऊ में रिंग रोड स्थित निर्माणाधीन टेढ़ीपुलिया फ्लाईओवर दिसम्बर में बनकर तैयार हो जाएगा। इससे इंजीनियरिंग कॉलेज से मुंशीपुलिया की ओर आने वाले वाहनों चालकों को काफी आसानी होगी। यह जानकारी रक्षामंत्री व सांसद राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने दी। उन्होंने सोमवार को निर्माणाधीन फ्लाईओवर का निरीक्षण किया।
    उन्होंने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माणकार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया, जिस पर लोकनिर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक कन्नौजिया ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन के कारण करीब ढाई महीने निर्माणकार्य बंद रहा। उन्होंने बताया कि जुलाई में पिलर पर गर्डर रखने का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा बिजली विभाग को अंडरग्राउंड केबल, ट्रांसफार्मर व पोल शिफ्ट करना है।
    इस मौके पर सांसद के ओएसडी केपी सिंह ने बताया कि टेढ़ीपुलिया चौराहे पर रोजाना शाम ढलते ही जाम लगने लगता है। रात को तो हालात और बदतर हो जाते हैं। फ्लाईओवर शुरू होने से ट्रांसगोमती क्षेत्र की करीब पांच लाख आबादी को फायदा होगा।

  • योगी सरकार के खिलाफ छिड़ी पोस्टर वॉर, सहायक शिक्षक भर्ती व टेंडर घोटाले को लेकर हमला

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    लखनऊ। प्रदेश सरकार के खिलाफ सहायक शिक्षक भर्ती घोटाला तथा पशुपालन विभाग में टेंडर में घपले को लेकर पोस्टर वॉर शुरू हो गया है। राजधानी लखनऊ के पॉश तथा सबसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में अज्ञात लोगों ने पोस्टर्स लगाए थे। जिनको पुलिस ने हटा दिया है।

    लखनऊ में महात्मा गांधी मार्ग पर वीवीआइपी गेस्ट हाउस की दीवार पर कुछ पोस्टर्स लगाए गए थे। इनको लगाने वालों का कहीं पर भी नाम नहीं लिखा था। जिसके बारे में जानकारी होते ही पुलिस ने हटा दिया।

    लखनऊ में वीवीआइपी गेस्ट हाउस की दीवार पर मंगलवार को विवादित पोस्टर लगाए गए। इनमें 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती और पशुधन विभाग में टेंडर घोटाले को सरकार पर कटाक्ष है। दस विवादित पोस्टरों में पोस्टर लगाने वाले का नाम नहीं लिखा है। विवादित पोस्टर में सीएम योगी आदित्यनाथ और कैबिनेट सिद्धार्थनाथ सिंह के साथ घोटाले के आरोपियों को दिखाया गया है। 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती और पशुधन विभाग में टेंडर मामले में पुलिस ने कई आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है।

    यह मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने तत्काल पोस्टर्स को हटा दिया है। इसके साथ ही पोस्टर लगाने वाले की तलाश शुरू हो गई है। किसी भी पोस्टर में किसी भी पार्टी या नेता का नाम नहीं है। एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्र ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है कि पोस्टर किसने लगाया है। छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • लड़खड़ाई जनरल ओपीडी की व्यवस्था, भटकते रहे मरीज

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    लखीमपुर: जिला अस्पताल में सोमवार से जनरल ओपीडी शुरू हो चुकी है। कोरोना के कारण मार्च से बंद जनरल ओपीडी के कारण लोगों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा था। अब चिकित्सकों ने अपने-अपने कक्षों में बैठ कर खांसी, जुकाम, बुखार, पेट दर्द, उल्टी विभिन्न बीमारियों के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी, लेकिन इस दौरान अस्पताल पर दूर-दराज से आए कई मरीजों को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा।
    मंगलवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में चार से पांच की संख्या में मरीज बैठे थे। मास्क लगा था। शारीरिक दूरी भी थी, लेकिन चिकित्सक कुर्सी से गायब थे। काफी देर तक मरीजों को इंतजार करना पड़ा। अर्जुनपुरवा के मधुरेश बताते हैं वे अपनी पत्नी को लेकर आए थे। आठ बजे से पर्चा बनवाने के बाद इंतजार कर रहे थे। दोपहर का 11 बज गया है, अभी तक न उनका नाम पुकारा गया है, न ही किसी चिकित्सक ने देखा है। इमरजेंसी में गए थे, वहां से वापस कर दिए गए। सरनापुरम के 14 वर्षीय आदित्य वर्मा बताते हैं कि बीते एक हफ्ते से बुखार आ रहा है। अस्पताल आए हैं, लेकिन ज्यादा भीड़ होने के कारण अभी नंबर नहीं आया है। मुहल्ला बेगम बाग निवासी रिजवान ने बताया कि उनके पिताजी यहां भर्ती हैं। उनकी दवा करा रहे हैं लेकिन, सुबह से ग्लूकोस की बोतल भी नहीं बदली गई है। सी टी स्कैन की मशीन में खराबी होने के कारण वहां भी मरीज बाहर इंतजार कर रहे थे। एक्स-रे कक्ष के बाहर काफी संख्या में मरीजों की भीड़ थी, अंदर एक-एक व्यक्ति का एक्सरे किया जा रहा था।

    डॉ. आरसी अग्रवाल, मुख्य चिकित्साअधीक्षक, जिला अस्पताल ने कहा अभी दो दिन पहले ही अस्पताल की सभी जनरल ओपीडी शुरू कराई गई हैं। शुरुआती दौर है मरीजों को समस्या हो सकती है, लेकिन यथासंभव मरीजों को स्वास्थ्य परीक्षण कराकर दवा देने का प्रयास किया जा रहा है। इमरजेंसी में चिकित्सकों की ड्यूटी रहती है। यदि किसी मरीज को समस्या है तो वह सीधा मेरे पास आकर समस्या समाधान पा सकता है।

  • राम मंदिर निर्माण के लिए सीएम योगी आएंगे अयोध्‍या, पीएम मोदी दिल्‍ली से करेंगे भूमि पूजन

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    अयोध्या। राम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन में वर्चुअल तरीका अपनाया जाएगा। भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पूजन के वक्त वे दिल्ली में तथा सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या में मौजूद रहेंगे। पीएम की ओर से मुख्यमंत्री ही पूजन के संस्कार को संपादित करेंगे, इसमें प्रधानमंत्री पूरे भाव से सम्मिलित होंगे और वे लोगों को संबोधित भी करेंगे।

    कोरोना महामारी की वजह से प्रधानमंत्री कार्यक्रम में स्थूल रूप से शामिल नहीं हो पा रहे। भूमि पूजन के लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। इसमें दो जुलाई सबसे मुफीद तिथि है। पूजन कार्यक्रम के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने मंदिर निर्माण के पूर्व होने वाले भूमि पूजन की लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह की समयावधि उल्लेख करते हुए प्रस्ताव सूबे की सरकार को भेजा है। 16 जुलाई को सूर्य देव के दक्षिणायन होने के बाद यह कार्यक्रम संभव नही है। इसी वजह से हर हाल में प्रस्तावित उक्त समय अवधि के भीतर भूमि पूजन किया जाना है। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भेजा है। भूमि पूजन का कार्यक्रम तय है।

    कार्यक्रम के पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार अयोध्या आकर पूजन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा भी लेंगे। दूसरी ओर भूमि पूजन के संपूर्ण तैयारी शुरू हो गई है। मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक मानस भवन में हुई, इसमें कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। आगंतुकों की सूची सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा भी हुई। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सदस्य डॉ. अनिल मिश्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।