Category: uttar-pradesh

  • लॉकडाउन का उल्लंघन मामले में पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर दर्ज हुआ Case

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    प्रयागराज । उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर और 65 अन्य लोगों के खिलाफ यहां प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। अन्य नेताओं में जनअधिकार पार्टी के प्रमुख बाबू सिंह कुशवाहा, अपना दल प्रमुख कृष्णा पटेल, भारतीय उपकार पार्टी प्रमुख प्रेम चंद्र प्रजापति, भारतीय मानव समाज पार्टी के प्रमुख रामधनी बिंद और 60 अन्य शामिल थे।

    गुरुवार को पट्टी पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर दर्ज की गई।

    प्रयागराज रेंज के आईजी के अनुसार, के.पी. सिंह, राजभर और अन्य के खिलाफ धारा 188 और 269 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

    एसएचओ पट्टी नरेंद्र सिंह ने अपनी प्राथमिकी में कहा कि जब पुलिस रमीपुर नयादा गांव के पास लॉकडाउन के आदेशों को बनाए रखने में व्यस्त थी, तो उन्होंने देखा कि राजभर, कुशवाहा और अन्य नेताओं ने अपने समर्थकों को पुलिस की पूर्व अनुमति के बिना इकट्ठा किया। वे धुई और गोविंदपुर गांवों में बैठकें कर रहे थे।

    बाद में, पुलिस अधिकारियों ने नेताओं और उनके समर्थकों को वापस भेज दिया और बैठकों को नहीं होने दिया गया।

  • योग्य छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय कर रही हैं सरकार… जयसिंह प्रताप यादव

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    अमेठी। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों की भर्ती संबंधी प्रक्रिया कोर्ट के आदेश के अधीन गतिमान है जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता पाई गई ।इस प्रक्रिया में कई अयोग्य शिक्षकों ने धनबल व भ्रष्टाचार के बल पर मेरिट में स्थान बना लिया है ।जिसमें भर्ती को प्रभावित करने वाले संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।69000 शिक्षक भर्ती हुई व्यापक पैमाने पर हुए घोटाले को लेकर अमेठी के सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव को सौंपा। सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि सरकार में बैठे लोग के मिलीभगत से 69000 शिछक भर्ती में बड़े पैमाने पर घोटाले को अंजाम देकर योग्य अभ्यर्थियों का गला घोंटने का काम कर रही है सरकार। अभ्यर्थियों का जीवन अन्धकार में हो गया है ,योग्यता के आधार पर मेरिट में आए शिक्षकों की जांच करें और दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई के लिए भर्ती प्रक्रिया की जांच सीबीआई से कराने की मांग की ।जिससे अयोग्य शिक्षक बाहर हो जाएं और योग्यता का गला ना घोटा जाए ।इस भर्ती प्रक्रिया मेंओबीसी आरक्षण नियमों का पालन किया जाए। जिससे योग्य व संघर्षशील शिक्षको का भर्ती प्रक्रिया में चयन हो सके क्योंकि शिक्षक ही देश व समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • स्मृति जुबिन ईरानी से डी एम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की बात

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुलतानपुर 12 जून/मा0 मंत्री महिला एवं बाल विकास तथा कपड़ा मंत्रालय भारत सरकार स्मृति जुबिन ईरानी ने आज वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनान्तर्गत ओ0डी0एफ0 प्लस विषय पर समस्त जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती, मुख्य विकास अधिकारी रमेश प्रसाद, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल, जिला पंचायतराज अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

  • CM योगी आदित्यनाथ बड़ी भूमिका में रहेंगे भारत-नेपाल सीमा विवाद सुलझाने में

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    लखनऊ। चीन के जानलेवा कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए दिन-रात एक करने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अब एक और बड़ा मोर्चा संभालना है। भारत तथा नेपाल के बीच चल रहे सीमा विवाद को समाप्त करने में योगी आदित्यनाथ बड़ी भूमिका में रहेंगे। माना जा रहा है कि नेपाल के नेता चीन के बहकावे में हैं, इसको लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ एक बार नेपाल को चेतावनी भी दे चुके हैं।

    भारत और नेपाल के बीच चल रही तनातनी को कम करने में गोरखनाथ मंदिर बड़ी भूमिका निभा सकता है। गोरक्षपीठ की नेपाल में जड़ें काफी गहरी हैं। वहां पीठ की वहां आमजन तक पहुंच है। विदेशी मामलों के कुछ विशेषज्ञ बताते हैं कि नेपाल से संबंध ठीक रखने हैं तो इसका एक सरल मार्ग गुरु गोरखनाथ का नाथ पंथ भी हो सकता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्ष पीठाधीश्वर इसमें सहायक सिद्ध हो सकते हैं। यह वह मजबूत सूत्र है जिससे बंधकर नेपाल की जनता और वहां का शासक वर्ग हमसे अलग होने के बारे में सोच भी नहीं सकता। नेपाल शाही परिवार गुरु गोरखनाथ को अपना राजगुरु मानता रहा है। नेपाल और नाथ पंथ एक-दूसरे में ऐसे रचे-बसे हैं कि शासक वर्ग भले कुटिल चाल करने वाले चीन की भाषा बोलने लगें, लेकिन नेपाल की जनता हमेशा भारत के स्वर में ही स्वर मिलाकर बोलेगी।

    गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ भी नाथ पंथ के प्रमुख होने की हैसियत से अक्सर नेपाल जाया करते थे और वहां की जनता उन्हे भगवान गोरक्षनाथ के प्रतिनिधि के रूप में लेते हुए उनकी पूजा करती है। नेपाल की आम जनता में इनकी महत्ता है। जिस तरह से नेपाल में जमीन को राजनीतिक विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है, उस विवाद को हल करने में गोरक्षपीठ बड़ी भूमिका निभा सकती है क्योंकि वहां के आम लोग इस पीठ से जुड़े हैं। गोरक्षपीठ के मौजूदा गोरक्षपीठाधिश्वर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, जिनकी बातों को नेपाल की जनता बहुत सम्मान देती है। इतना ही नहीं वहां के राजनीतिक दलों के लोगों का भी मंदिर के प्रति आकर्षण रहा है। महंत दिग्विजयनाथ, महंत अवैद्यनाथ अक्सर नेपाल आया जाया करते थे।

    नेपाल राजवंश से गोरखनाथ मंदिर का पुराना संबंध

    गोरखपुर के गोरक्षपीठ के गोरखनाथ मंदिर और नेपाल का संबंध सदियों से हैं। यह मान्यता है कि नेपाल राजवंश का उद्भव भगवान गोरखनाथ के आशीर्वाद से हुआ था। जिसके बाद शाह परिवार पर भगवान गोरखनाथ का हमेशा आशीर्वाद रहा है। इसी कारण नेपाल राजवंश ने गुरु गोरखनाथ की चरण पादुका को अपने मुकुट पर बना रखा था, इतना ही नहीं नेपाल के सिक्कों पर गुरु गोरखनाथ का नाम लिखा है। गुरु गोरक्षनाथ के गुरु मक्षयेन्द्रनाथ के नाम पर आज भी नेपाल में उत्सव मनाया जाता है। राजपरिवार अब भी गुरु गोरखनाथ को अपना राजगुरु मानता है। मकर संक्राति के दिन भगवान गोरखनाथ को पहली खिचड़ी गोरक्षपीठाधीश्वर चढ़ाते हैं तो दूसरी खिचड़ी आज भी नेपाल नरेश की तरफ से चढ़ाई जाती है। गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि कई बार नेपाल नरेश खुद खिचड़ी चढ़ाने यहां आए, नहीं तो उनका कोई न कोई प्रतिनिधि यहां पर खिचड़ी चढ़ाने आता है। उसको यहां से नेपाल की सुख शांति के लिए महारोट का प्रसाद दिया जाता है। महारोट एक स्पेशल प्रसाद होता है जिसे गोरक्षनाथ मंदिर में मौजूद योगी ही बनाते हैं। मकर संक्राति में बड़ी संख्या में नेपाली श्रद्धालु गोरखपुर आकर गोरखनाथ भगवान को खिचड़ी अॢपत करते हैं, नेपाल में बड़ी संख्या में लोग गोरखनाथ भगवान की पूजा करते हैं। उनकी गोरखनाथ में विशेष आस्था है। नेपाल में कई जगह भगवान गोरखनाथ के मंदिर हैं। इतना ही नहीं पशुपतिनाथ मंदिर में भी गोरखनाथ भगवान का मंदिर है, वहां मुक्तिनाथ धाम नाथ संप्रदाय का ही है। नेपाल में बड़ी संख्या में लोग नाथपंथ से जुड़े हुए हैं।

    नये राजनीतिक नक्शे को लेकर विवाद

    दोनों देशों में विवाद नेपाली कैबिनेट की ओर से पास नये राजनीतिक नक्शे को लेकर है। इसमें भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, कालापानी व लिम्पियाधुरा को नेपाली क्षेत्र में दर्शाया गया है। भारत के उत्तराखंड राज्य के बॉर्डर पर नेपाल-भारत और तिब्बत के ट्राई जंक्शन पर स्थित कालापानी करीब 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। भारत का कहना है कि करीब 35 वर्ग किलोमीटर का यह इलाका उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा है जबकि नेपाल सरकार का कहना है कि यह इलाका उसके दारचुला जिले में आता है। नेपाल के इस फैसले में चीन का दखल माना जा रहा है। दोनों देश मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश में हैं।

    योगी आदित्यनाथ की नेपाल को चेतावनी- तिब्बत का हश्र याद रखे

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल के साथ सीमा विवाद के मुद्दे पर पड़ोसी देश नेपाल को चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाली सरकार को आगाह करते हुए कहा कि उसे अपने देश की राजनीतिक सीमाएं तय करने से पहले परिणामों के बारे में भी सोच लेना चाहिए। उन्हेंं यह भी याद करना चाहिए कि तिब्बत का क्या हश्र हुआ। मुख्यमंत्री ने नेपाल के साथ भारत के सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते का हवाला दिया और कहा कि भारत और नेपाल भले ही दो देश हों लेकिन यह एक ही आत्मा हैं। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते हैं, जो सीमाओं के बंधन से तय नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि नेपाल की सरकार को हमारे रिश्तों के आधार पर ही कोई फैसला करना चाहिए। अगर वह नहीं चेता तो उसे तिब्बत का हश्र याद रखना चाहिए।

    नेपाल सीमा पर तनाव

    नेपाल और भारत के बीच बॉर्डर पर जमीनी विवाद धीरे-धीरे नया रूप लेता दिख रहा है। बिहार में शुक्रवार को सीतामढ़ी के सोनबरसा बॉर्डर नेपाल पुलिस की ओर से अंधाधुंध फायरिंग की गई। इसमें चार भारतीयों को गोली लगी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। फायरिंग की इस घटना के बाद से सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।

  • जिला स्तरीय सी0एम0 युवा क्रियान्वयन व अनुश्रवण समिति की डी एम ने की बैठक

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सी0एम0 युवा क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की प्रथम बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कुशल एवं अकुशल प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्य योजना बनाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मनरेगा योजनांतर्गत अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मनरेगा में लगभग 60 हजार मजदूर कार्य कर रहे हैं हमारा लक्ष्य 1 लाख लोगों को मनरेगा अंतर्गत रोजगार देना है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, ग्राम्य विकास, कृषि, पशुपालन, खादी ग्रामोद्योग विभाग, उद्यान विभाग, नगर विकास, उद्योग विभाग सहित अन्य विभागों में संचालित योजनाओं में प्रवासी कामगारों को (जो जिस ट्रेड से संबंधित हो) प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार/स्वरोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कौशल विकास मिशन अंतर्गत अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आईईसी के अंतर्गत जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानाचार्य आईटीआई व जिला सेवायोजन अधिकारी को निर्देश दिए कि आईटीआई व पॉलिटेक्निक से समन्वय कर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार देने का कार्य करें। श्रम विभाग द्वारा प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग का कार्य किया जा रहा है अब तक लगभग 7 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग का कार्य हो चुका है इसको और अधिक संख्या में करने के निर्देश दिए। जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत 18 से 60 वर्ष के युवाओं को 1 से 25 लाख रुपए तक का ऋण 35% सब्सिडी के साथ दिया जा रहा है साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत रु 10 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है उक्त दोनों योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं अभी तक 20 आवेदन प्राप्त कर 9 आवेदनों को ऋण उपलब्ध कराने हेतु बैंकों को प्रेषित किया जा चुका है, जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त कर ऋण हेतु बैंकों को भेजने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान एलडीएम ने बताया कि पशुपालकों को केसीसी योजना से आच्छादित किया जाना है इस योजना में शासन से 12920 पशुपालकों को अच्छादित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है इस योजना अंतर्गत पशुपालकों को रूपए 3 लाख का ऋण 5% सब्सिडी के साथ दिया जाएगा साथ ही पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत पटरी पर निवास करने वाले, खोमचा, रेहड़ी आदि लाभार्थियों को रुपए 10 हजार का ऋण 2% ब्याज की छूट के साथ दिया जा रहा है अभी तक 1 हजार लोगों की इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त कर स्वीकृत करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ सहित संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

  • यूपी सरकार को 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में राहत…

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार को 69000 शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के नौ जून के आदेश के क्रम में भर्ती प्रक्रिया जारी रख सकती है।

    न्यायमूर्ति पी के जायसवाल और डी के सिंह की खंडपीठ ने शुक्रवार को 69 हजार सहायक बेसिक शिक्षकों के मामले में 3 जून की एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार 21 जून के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए चयन प्रक्रिया जारी रखने के लिए स्वतंत्र है।

    सुप्रीम कोर्ट ने 37000 पद रोक रखे हैं। उतने पद छोड़कर शेष पर सरकार चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने को स्वतंत्र है। कोर्ट ने भर्ती परीक्षा पर गंभीर सवाल उठाए थे, वह किनारे हो गए। सरकार माडिफिकेशन में जा रही है। इसमें राहत मिलते ही भर्ती शुरू हो सकती है। दूसरी राहत अब प्रश्नों का मूल्यांकन नहीं होगा।

    सरकार कह चुकी है कि सुप्रीम कोर्ट में उसका पक्ष नहीं सुना गया, इसलिए वह सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कर शीर्ष अदालत से अपना आदेश संशोधित करने का अनुरोध करेगी।

    गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए छह जनवरी 2019 को लिखित परीक्षा कराई गई थी। इन पदों के लिए करीब चार लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद सरकार ने भर्ती का कटआफ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 60 प्रतिशत की अनिवार्यता के साथ तय की थी। इस आदेश को लेकर अभ्यार्थियों ने हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने 3 जून को अपने फैसले में भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इस फैसले को सरकार ने डबल बेंच में चुनौती दी थी।

  • अटल आवासीय विद्यालयों में बच्चे पाएंगे शिक्षा, मुक्त होगा प्रदेश बाल श्रम से: योगी आदित्यनाथ

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    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर प्रदेश के दो हजार बाल श्रमिकों को बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश का श्रम विभाग अब उनकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाने के साथ बाल श्रम से मुक्त कराएगा।

    अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर बाल श्रमिक विद्या योजना का शुभारम्भ किया। इसके पहले चरण में प्रदेश के दो हजार बाल श्रमिकों को श्रम विभाग न सिर्फ शिक्षा दिलाएगा बल्कि उनको बाल श्रम से भी मुक्त कराएगा। इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ के कहा कि आज बाल श्रमिकों के लिए बेहद महान दिन है। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर हमने भी एक संकल्प लिया है। प्रदेश सरकार बड़ा अभियान चलाकर गरीबों या फिर किसी अन्य कारण से बाल श्रम को मजबूर बच्चों को इससे मुक्ति दिलाएगी।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में पहले चरण में 18 अटल आवासीय विद्यालय खोलने जा रही है। जिसमें बाल श्रम में लगे बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। पहले चरण में 18 अटल आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। यह सभी मंडल मुख्यालय में 12 से 15 एकड़ के क्षेत्रफल में खोले जाएंगे। इसमें प्रवेश के लिए बच्चों को पांच वर्ग में बांटा जाएगा। इनमें बाल श्रम में लगे अनाथ या फिर बेरोजगार दिव्यांग मां-बाप के बच्चों को, असाध्य रोग से पीडि़त अभिभावकों के बच्चों को, भूमिहीन परिवार के बच्चों को या फिर लाचार बच्चों को रखकर उनको शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही उनके हुनर को भी निखारने का काम किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि देश के साथ हमारे प्रदेश में काफी बड़ा समूह है, जिसके बच्चे बेहद मजबूरी में बाल श्रम करते हैं। हमारा प्रयास इनको इस बड़ी कठिन परिस्थिति से बाहर निकालने का है। बाल श्रम मुक्ति अभियान चलाकर बच्चों का हम कौशल विकसित करने के साथ उनको आत्मनिर्भर बनाने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर उनके साथ प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी थे।

  • अमेठी में एक परिवार ने बोर्ड में लिखा ‘मकान बिकाऊ है’, धर्म विशेष के डर से बेच रहा मकान

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    अमेठी। अमेठी में एक परिवार का अपने घर पर ‘मकान बिकाऊ है’ का बोर्ड टांगना चर्चा का विषय बन गया है। चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि इस परिवार ने खुद को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों से जान-माल का खतरा बताया है। मकान मालिक अनिल द्विवेदी ने फेसबुक पोस्ट में डर की बात कहते हुए मकान बेचकर कहीं और चले जाने की बात कही है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई के बजाय मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी है। हालांकि मामला बढ़ा तो डीएम ने एडीएम को जांच सौंपकर रिपोर्ट तलब की है।

    मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र के नुवांवा का है। पीड़ित अनिल द्विवेदी ने बताया कि बीते महीने 27 मई को शाम 6 बजे मेरे बड़े बेटे उत्कर्ष द्विवेदी ने अमजद को बाग में बकरियों को आम की नीची डाली से पत्तियां खिलाने से रोका तो अमजद ने गाली-गलौज करते हुए घर से और लोगों को बुला लिया। शाहरुख, अमजद, अफजल, कटाले, शब्बीर आदि ने बेटे को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। आवाज सुनकर मेरी छोटी बेटी शीतांशु छुड़ाने दौड़ी तो उसे भी मारा-पीटा और पूरे घर को जान से मारने की धमकी देते हुए भद्दी-भद्दी गालियां दीं।

    अनिल के मुताबिक, घटना की शिकायत करने जब वह पत्नी और बेटे के साथ अमेठी कोतवाली गए तो वहां FIR दर्ज की गई, बेटे का मेडिकल हुआ। रात 11 बजे मुझे थाने में बिठा लिया गया और मेरा मोबाइल ले लिया, लेकिन पत्नी और बेटे को घर भेज दिया। अगली सुबह लगभग 8 बजे आधा दर्जन से ज्यादा लोग मेरे घर पहुंचे और जमकर पत्थरबाजी की। इसकी शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई के बजाय गालियां दीं। तब से रोजाना पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हालत यह है कि पूरा परिवार घर में कैद है।

    ‘मकान बेचने का बोर्ड लगाने पर कोतवाल ने दी धमकी’
    अनिल ने बताया कि वे लोग मुझे डराने की बराबर कोशिश करते रहते हैं। इसलिए हम लोग अपना घर बेचकर किसी सुरक्षित जगह जाना चाहते हैं। मकान बेचने का बोर्ड लगाने की बात जब कोतवाल श्याम सुंदर को हुई तो उन्होंने फोन कर मेरे ही खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी।

    एसपी ने कहा, जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी
    वहीं इस मामले पर एसपी डॉ. ख्‍यात‍ि गर्ग ने बताया क‍ि घटना पुरानी है। पुलिस ने कार्रवाई भी की है। सीओ को मौके पर जाकर पूरे मामले की फिर से गहनता से जांच करने का आदेश दिया गया है, जांच में जो भी दोषी मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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    अमेठी में एक परिवार ने बोर्ड में लिखा ‘मकान बिकाऊ है’, धर्म विशेष के डर से बेच रहा मकान

  • यूपी CM Yogi आवास समेत 50 बिल्डिगों को बम विस्फोट से उड़ाने की धमकी, सीएम योगी की सुरक्षा बढ़ी

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    लखनऊ। एक तरफ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना के खिलाफ जंग में प्रदेश की अगुआई कर रहे हैं। दूसरी तरफ अराजक तत्व उनका सरकारी आवास उड़ाने की धमकी दे रहे हैं। यूपी के डायल-112 के वॉट्सऐप पर मेसेज करके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास समेत 50 जगहों पर बस विस्फोट की धमकी दी गई है। इस धमकी के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। लखनऊ के कालिदास मार्ग पर स्थित मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ इलाके की छानबीन शुरू कर दी गई है। मौके पर बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ-साथ भारी मात्रा में पुलिस तैनात कर दी गई है।

    कालिदास मार्ग पर सीएम योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के अलावा कई और मंत्रियों का सरकारी आवास है। पास में ही कई आईएएस अधिकारियों और विधायकों के भी सरकारी बंगले मौजूद हैं। ऐसे में धमकी मिलने के बाद पूरा पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है। इस मामले पर उच्च अधिकारियों की बैठक चल रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी देने वाला कौन है और उसकी मंशा क्या है।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा को अब और अभेद्य बनाने की कवायद की जा रही है। जानकारी की मानें तो अब केंद्र सरकार की एसपीजी यानी (Special Protection Group) की तर्ज पर एसएसजी यानी (Special Security Group) का गठन किया जाएगा। माना जा रहा है कि प्रदेश स्तर पर तैयार हो रहे इस सुरक्षा दस्ते में पीएसी और एटीएस के कमांडो शामिल होंगे। इसके लिए अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा की तरफ से एसएसजी के गठन का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। यही नहीं, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी भी इस प्रस्ताव पर काफी समय से काम कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस तरह से अचानक दौरे पर पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सिक्यॉरिटी का जिम्मा एसपीजी के साथ-साथ स्थानीय पुलिस के पास रहता है। एसएसजी के गठन के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और दुरुस्त हो जाएगी। इससे यूपी पुलिस की चुनौतियां भी कम हो सकती हैं।

    खास होते हैं सीएम की सुरक्षा में तैनात जवान
    यूपी पुलिस सेवा से जुड़े एक सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए एक स्क्रीनिंग कमिटी होती है। यह कमिटी सिक्यॉरिटी में तैनात लोगों का विभिन्न मापदंडों के आधार पर चयन करती है।

    इस ‘सुरक्षा कवच’ में रहते हैं यूपी सीएम
    वर्ष 2017 की एक ख़बर के मुताबिक, CM के पास जेड प्लस के साथ NSG का सुरक्षा घेरा रहता है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा में NSG के 24 कमांडो के अलावा करीब 359 पुलिस कर्मियों का घेरा रहता था। सुरक्षा का यह घेरा 8-8 घंटे की ड्यूटी पर बदलता था। यानी, एक समय में अखिलेश यादव की सुरक्षा में 8 एनएसजी कमांडों, 120 पुलिस कर्मियों के साथ PAC की गारद तैनात रहती थी।

    जानकारी के मुताबिक, डायल-112 के वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज करके धमकी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, मेसेज में लिखा गया है, ‘हम पूरे यूपी में धमाके करेंगे और सरकार देखती रह जाएगी।’ आपको बता दें कि पिछले महीने भी सीएम योगी को जान से मारने की धमकी देने वाले दो लोगों को महाराष्ट्र के गिरफ्तार किया गया था।

    पिछले महीने धमकी देने वाला हुआ था गिरफ्तार
    पिछले ही महीने कामरान नाम के एक शख्स ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया हेल्प डेस्क को फोन किया था और सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उड़ाने की धमकी दी थी। मामला अपराध का था तो मुंबई में रहने वाले इस शख्स को महाराष्ट्र एटीएस ने उठा लिया। 25 वर्षीय आरोपी कामरान अब उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ के कब्जे में है। पूछताछ में कामरान ने बताया कि उसे योगी आदित्यनाथ को धमकी देने के बदले एक करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था। हालांकि, कामरान ने यह नहीं बताया है कि उसे पैसों का ऑफर देने वाला शख्स कौन है।

  • यूपी में लोगों से आज भाजपा का होगा वर्चुअल जनसंवाद आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत

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    लखनऊ। केंद्र तथा उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी आज यानी शुक्रवार से प्रदेश में आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू कर रही है। नौ दिन के इस अभियान में केंद्र की नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास होगा। इसको भाजपा की सभी वर्गा की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने का अभियान माना जा रहा है।

    आत्मनिर्भर भारत अभियान 20 जून तक चलेगा। इस अभियान में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध व विशिष्ट जनों से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का विभिन्न विषयों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद होगा। अभियान के समन्वयक जेपीएस राठौर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वैश्विक महामारी संकट काल में 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकैज से भारत को आत्मनिर्भर बनाने का जो खाका खींचा है। उस पर फोकस करते हुए पार्टी के नेता देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले वर्गो के प्रमुख जनों से वर्चुअल संवाद होगा।

    कृषि मंंत्री सूर्यप्रताप शाही 12 जून को प्रगतिशील किसानों से रूबरू होंगे। भाजपा सांसद तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों से वर्चुअल संवाद करेंगे। 13 जून को राज्य के डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों से वर्चुअल संवाद करेंगे तो राष्ट्रीय महामंत्री भूपेंद्र यादव प्रबुद्ध वर्ग के साथ जनसंवाद करेंगे। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल एनजीओ से जुड़े लोगों से जनसंवाद करेंगे। 14 जून को भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहयोग सेवा से जुड़े लोगों से जनसंवाद करेंगे। स्वतंत्र देव सिंह सहयोग सेवा से जुड़े व्यक्तियों के साथ जनसंवाद करते हुए अभियान को गति देंगे। राष्ट्रीय महामंत्री तथा उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह व्यवसायिक वर्ग के लोगों से वर्चुअल जनसंवाद करेंगे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे 15 जून को प्रदेश में सुशासन से जुड़े लोगों से संवाद करेंगे।

    समन्वयक महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने बताया अभियान का उद्देश्य सभी वर्गा की सक्रिय सहभागिता बढ़ाना है। इसी कड़ी में महामंत्री संगठन सुनील बंसल एनजीओ से जुड़े व्यक्तियों के साथ तथा सांसद डॉ. महेश शर्मा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ से जन संवाद करेंगे।

    पार्टी ने कार्य व्यवसाय के आधार पर प्रगतिशील किसान, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, प्रबुद्धवर्ग, व्यावसायिक, सहयोग सेवा, सुशासान, एनजीओ, समग्र ग्राम विकास, वरिष्ठ नागरिक, विधि परामर्श, लघु सीमांत किसान, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, पशुपालन, प्रवासी मजदूर, व्यापार, आॢथक, पटरी दुकानदार, श्रमिक संगठन सहित 35 सामाजिक श्रेणियों का निर्धारण किया है। इसके कुशल संचालन की जिम्मेदारी प्रदेश पदाधिकारी संभालेगें। इनमें नवाब सिंह नागर एनजीओ वर्ग, लक्ष्मण आचार्य सुशासन, विजय बहादुर पाठक प्रबुद्धवर्ग, अनूप गुप्ता स्वास्थ्य सेवा, प्रकाश पाल प्रगतिशील किसान, अमर पाल मौर्य शिक्षा, संजय राय सहयोग सेवा तथा मनीष कपूर व्यावसायिक वर्ग से संवाद कार्यक्रम का संचालन करेंगे।