Category: uttar-pradesh

  • दहशत फैलाने के लिए पिता-पुत्र ने की फायरिंग, गिरफ्तार किये गए

    [object Promise]

    लखनऊ। चौक के अशरफाबाद इलाके में रविवार सुबह लाइसेंसी रायफल से फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने फायरिंग करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर रायफल बरामद कर ली है। डीसीपी पश्चिम सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के मुताबिक अशरफाबाद चौक निवासी संजय की भूसा की दुकान है। उन्होंने अपने नौकर सुशील को शनिवार शाम 400 रुपये दिये थे। रविवार सुबह सुशील नशे में धुत होकर उनके घर पर पहुंचा और सजंय के बेटे कार्तिक से विवाद करने लगा। इस पर कार्तिक ने सुशील की पिटाई शुरू कर दी। युवक को पिटता देख हसीब, सूफियान और नगर निगम के कर्मचारी मोबिन उर्फ बल्लू बीचबचाव करने पहुंचे तो वह इन तीनों से उलझ गया। इसी बीच संजय भी पहुंच गया और हसीब, सूफियान व मोबिन से हाथापाई शुरू हो गई।

    इस बीच भीड़ जुटने लगी और लोग हसीब व मोबिन की तरफ से बोलने लगे तो कार्तिक ने घर से पिता की लाइसेंसी रायफल लाकर फायर कर दिया, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने रायफल की नाल ऊपर कर दी, जिससे वहां मौजूद लोग बाल-बाल बच गए। एसीपी चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी के मुताबिक फायरिंग से वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह ने दोनों को पक्षों को थाने लेकर वहां एक की तहरीर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का मुकदमा दर्ज कर लिया। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक आरोपी संजय के घर से लाइसेंसी रायफल व खोखा बरामद कर लिया है। दोनों को जांच के लिए भेजा जाएगा। डीसीपी पश्चिम सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के मुताबिक रायफल का लाइसेंस संजय के नाम से है, फायरिंग बेटे कार्तिक ने की थी। जांच के बाद लाइसेंस निरस्त करने की एक रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।

  • VIDEO : गर्भवती सौतन मानसी शर्मा को बेगम शबाना ने बीच सड़क पर मारी गोली, शौहर जफर ने लाकर दी थी पिस्टल

    [object Promise]

    मुरादाबाद। मानसी उर्फ़ आलिया अपनी भतीजी मुस्कान के साथ दवा लेकर लौट रही थी, तभी शबाना ने उसका रास्ता रोक लिया। शबाना ने सबसे पहले गोली से फायर मुस्कान पर किया, लेकिन उस समय वह चूक गई। बाद में जब आलिया अपनी भतीजी को बचाने आगे बढ़ी तो शबाना ने उसपर 4 गोलियाँ दाग दी। उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद में एक शबाना नाम की महिला ने सोमवार को अपनी गर्भवती सौतन की बीच सड़क गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में पिस्टल लहराते हुए शव के चारों ओर घूमती रही। मृतिका की पहचान आलिया उर्फ मानसी शर्मा के रूप में हुई।

    दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, घटना सिविल लाइन इलाके की विद्या नगर कालोनी की है। जहाँ ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले जफर की पहली पत्नी शबाना अपने शौहर के साथ रहती थी। उसी के घर के बगल में उसकी सौतन आलिया भी किराए के घर में ही रहती थी।

    खबर की मानें तो, जफर ने डेढ़ साल पहले ही दूसरा निकाह किया था। इसके बाद मानसी ने अपना नाम बदलकर आलिया कर लिया और जफर के साथ शबाना के घर के पड़ोस में रहने लगी। घटना के समय मृतिका 7 माह की गर्भवती थी।कहा जा रहा है कि जफर ने जब मानसी से दूसरा निकाह किया था, तभी से उसकी पहली पत्नी शबाना अपनी सौतन से बदला लेने का मौका तलाश रही थी।

     

    ऐसे में उसका आलिया से आए दिन झगड़ा होता रहता था। लेकिन, सोमवार को जब आलिया अपनी भतीजी मुस्कान के साथ दवा लेकर लौट रही थी, तभी शबाना ने उसका रास्ता रोक लिया।

    शबाना ने सबसे पहले गोली से फायर मुस्कान पर किया, लेकिन उस समय वह चूक गई। बाद में जब आलिया अपनी भतीजी को बचाने आगे बढ़ी तो शबाना ने उसपर 4 गोलियाँ दाग दीं। चारों की चारों आलिया को ही लगी।

    इस दौरान सड़क पर कई लोग मौजूद थे। मगर, कोई भी शबाना को रोकने या आलिया को बचाने आगे नहीं बढ़ा। देखते-ही -देखते आलिया ने दम तोड़ दिया और शबाना बस 9mm पिस्टल लहराते शव के आगे घूमती रही और खुद ही उससे बात करती रही।

    रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का कहना है कि शबाना को यह पिस्टल जफर ने ही लाकर दी थी। इसके बाद शबाना ने इसे खुद यूट्यूब पर चलाना सीखा। वर्तमान में जफर फरार है।

  • डी एम व एस पी ने व्यापारियों के साथ बैठक कर लाकडाउन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने सम्बन्धी दिये आवश्यक निर्देश

    [object Promise]

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    [object Promise]

    सुलतानपुर 11 जून/ जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती एवं पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना ने पं0 राम नरेश त्रिपाठी सभागार में व्यापारियों के साथ बैठक कर लाकडाउन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने सम्बन्धी आवश्यक निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त सम्मानित व्यापारियों को अवगत कराया कि यदि आपके प्रतिष्ठान पर ग्राहकों द्वारा लाकडाउन नियम अनुपालन नही होता है, तो प्रथम जिम्मेदारी उस व्यापारी की होगी। यदि कोई ग्राहक अनुपालन नहीं करता है, तो उसे सामान न दिया जाय। उन्होंने कहा कि यदि हमने अगले 15 दिन सुरक्षा उपायों का पूर्णतः पालन कर लिया तो सुरक्षित हो जायेंगे। अन्यथा की दशा में प्रशासन कार्यवाही हेतु बाध्य होगा। पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना ने कहा कि लाकडाउन 30 जून, 2020 लागू है आपने पूर्व में भी सहयोग किया है और सुरक्षा उपायों का अनुपालन कराना आपकी सामाजिक जिम्मेदारी है। मास्क का प्रयोग, सामाजिक दूरी, सेनेटाइजेशन, हमें कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षित रखने में सहायक हैं, किन्तु यदि किसी दुकान पर 05 या 05 से अधिक व्यक्ति पाये जाते हैं अथवा लाकडाउन नियमों का उल्लंघन होता है, तो प्रशासन कड़ी कार्यवाही करने से नहीं चूकेगा।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) हर्ष देव पाण्डेय, उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल, सीओ सिटी सतीश चन्द्र शुक्ल, उपायुक्त राज्य कर मो0 नाजिम, सहायक आयुक्त राज्य कर अखिलेश कुमार सहित सम्मानित व्यापारीगण आदि उपस्थित रहे।

  • राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष नियुक्त हुए अशोक सिंह चंदेल

    [object Promise]
    उन्नाव। राजपूत करणी सेना में संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी साहब की संसूती में प्रदेश संरक्षक वकील सिंह प्रदेश महासचिव संजय सिंह फौजी की अनुशंसा पर प्रदेश अध्यक्ष संदीप सिंह  ने अशोक चंदेल को मनोनयन पत्र देकर संगठन में पूर्ण निष्ठा से काम करने की हामी भराई। जिलाध्यक्ष ने बताया कि राजपूत करणी सेना एकीकृत राजपूतों का युवा संगठन है जो समाज में फैल रही बुराइयों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण क्षत्रिय समाज के हितों की लड़ाई लड़ रहा है श्री चंदेल ने क्षत्रिय समाज से अपील करते हुए कहा हम समाज में किसी नकारात्मकता को ना ध्यान देते हुए सकारात्मकता के साथ समाज के हर पहलू को सोचते हुए मदद में हाथ बढ़ाते हुए आगे बढ़े उन्होंने कहा कि इसके लिए क्षेत्र के कर्मठ ईमानदार युवाओं को आगे आने की विशेष आवश्यकता है क्योंकि राजपूत करणी सेना का कार्य समाज सेवा करना है ।
    श्री अशोक चंदेल के मनोनयन पर शुभचिंतकों वह क्षत्रिय समाज ने हर्ष व्यक्त किया । जिसमें से प्रमुख रुप से प्रदेश महासचिव संजय सिंह फौजी उपस्थित में वीरेंद्र सिंह प्रधान अमोल सिंह माखी अवधेश सिंह सुधीर सिंह मनोज सिंह फौजी एडवोकेट जितेंद्र कुमार सिंह एडवोकेट करण बहादुर सिंह  ,राम सिंह सेंगर, अवध राज सिंह, सतपाल सिंह, प्रशांत सिंह,  राजेश सेंगर, सूरज सिंह, धर्मेंद्र सिंह मौजूद रहे।

  • दबंगों ने रास्ते मे खाई बँधाकर कर रास्ते को किया बंद,ग्रामीणों ने की उपजिलाधिकारी से शिकायत

    [object Promise]

    रीपोर्ट:हर्ष यादव

    [object Promise]

    अमेठी।क्षेत्र के बेहलपटी वीरीपुर जामो गांव में कुछ दबंग आम रास्ते पर कब्जा कर लिये है।गांव के लोग दबंगो के खिलाफ गौरीगंज तहसील में उपजिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर कार्यवाही की मांग की है।जानकारी के अनुसार ग्राम बेहलपटी में आम रास्ते पर जे.सी.बी. मशीन से रास्ते को खुदाकर उस पर मोटी खाई बांध कर रास्ते को बंद कर दिया है।ग्रामीणो का कहना है कि यह पुस्तैनी आम रास्ता है इस रास्ते से हमेशा हम लोगो का आना जाना होता है। इसके अलावा कोई अन्य रास्ता भी नही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने लामबंद होकर गौरीगंज तहसील में दबंगो के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही की जाने की मांग की है। वही वरिष्ठ सपा नेता राम उदित मौके पर पहुँचे और पीड़ितों से मिले,पीड़ितों ने बताया कि 25 से 30 घर यादव परिवार के आवागमन को बन्द कर दिया। जिस पर श्री यादव ने कहा कि हम पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी आवाज उठाऍगे। फिलहाल उपजिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए, जाँच के आदेश दिए हैं।

  • डी एम ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने हेतु रू0 75,000/- का चेक किया भेट

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    [object Promise]

    सुलतानपुर 11 जून/ जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती को आज कैम्प कार्यालय पर डॉ0 एम0जे0 शर्मा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने हेतु रू0 75,000/- का चेक भेंट किया।इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सीबीएन त्रिपाठी तथा आईएमए के अध्यक्ष अखण्ड सिंह मौजूद रहे।

  • एएमयू प्रोफेसर को मिली चेतावनी ऑनलाइन परीक्षा का विरोध करने पर

    [object Promise]

    अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के एक प्रोफेसर आफताब आलम को चेतावनी दी गई है। आलम ने विश्वविद्यालय में ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षाओं पर अपना विरोध जताया है। राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर को लिखे गए पत्र में, एएमयू के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद ने कहा है कि आलम के ईमेल में छात्रों को अंतिम वर्ष की परीक्षा का बहिष्कार करने की क्षमता थी। जबकि कोविड -19 महामारी के कारण राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू है और ऐसे में यह विश्वविद्यालय की परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में समस्याओं का कारण बन सकता है।

    रजिस्ट्रार ने यह भी कहा कि प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय प्रशासन को परोक्ष रूप से धमकी दी है कि अगर वे ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा में आगे बढ़ते हैं, तो कुछ छात्र आत्महत्या कर सकते हैं। उन्होंने एक युवा महिला छात्र के उदाहरण का हवाला दिया है जिसने इंटरनेट कनेक्टिविटी की कथित समस्याओं के कारण केरल में आत्महत्या कर ली।

    रजिस्ट्रार ने आलम को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “अगर भविष्य में कोई ऐसी समस्या आती है, तो आपको इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा।”

    आलम कार्यकारी परिषद के सदस्य भी हैं। उन्होंने वीसी को अपने पत्र में कहा था कि “ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा प्रक्रिया में छात्रों को इंटरनेट एक्सेस, कंप्यूटर / लैपटॉप या लेटेस्ट स्मार्टफोन, किताबें और अच्छी अध्ययन सामग्री की आवश्यकता होती है वे वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं।”

    उन्होंने आगे कहा, “कई छात्र अपने घर चले गए हैं, हो सकता है उनके पास अध्ययन सामग्री भी न हो। कई ऐसे छात्र भी हैं, जो सिर्फ इसलिए अक्षम हैं क्योंकि उनके पास लेटेस्ट स्मार्टफोन और लैपटॉप नहीं हैं और ना ही फिक्स्ड 4 जी इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। ऐसे में उन्हें परीक्षा की प्रक्रिया पूरी करने में बहुत मुश्किल होगी।”

    प्रोफेसर ने प्रशासन से आग्रह किया कि वे ऑनलाइन ओपन-बुक परीक्षा के अपने निर्णय को रद्द करें और विभिन्न विकल्पों की जांच के लिए विशेषज्ञों के एक कार्यकारी समूह की नियुक्ति करें क्योंकि ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षाएं एक संभव समाधान नहीं है।

  • उत्तर प्रदेश : योगी सरकार का फरमान, वापस मांगा गया वेतन 6 बर्खास्त शिक्षकों से

    [object Promise]

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में छह बर्खास्त शिक्षकों को उनके कार्यकाल के दौरान दिए गए 1.37 करोड़ रुपये की वसूली के लिए नोटिस दिया गया है। बीते साल योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उन्हें नौकरी के लिए फर्जी कागजात का इस्तेमाल करने को लेकर बर्खास्त कर दिया गया था और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

    इनमें से एक जेल में है, एक को जमानत मिल गई है, जबकि बाकी चार फरार हैं।

    इससे पहले भी बहराइच में चार शिक्षकों से 95 लाख रुपये वसूलने के लिए इसी तरह के कदम उठाए गए थे।

    श्रावस्ती जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ओमकार राणा द्वारा उन्हें नोटिस जारी किया गया था।

    उन्होंने छह शिक्षकों को नोटिस जारी किया है, जिसमें एटा के मनोज कुमार (4.8 लाख रुपये), फिरोजाबाद के राम कुमार (13.6 लाख रुपये), संत कबीर नगर के शोभनाथ (33.3 लाख रुपये), गोरखपुर के राजीव उपाध्याय (33.4 लाख रुपये), बलरामपुर के कन्हैया सिंह (32.7 लाख रुपये) और बहराइच के अजीत कुमार शुक्ला (19.1 लाख रुपये) शामिल हैं।

    राणा ने कहा, “इन सभी छह शिक्षकों को पिछले साल फर्जी दस्तावेजों के साथ काम करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।”

    अधिकारियों के अनुसार, छह शिक्षकों में से एक अजीत शुक्ला ने नौकरी पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का एक नकली प्रमाण पत्र तैयार किया था।

    उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था और बाद में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वर्तमान में वह जमानत पर है।

    राणा ने कहा, “राम कुमार 2004-05 बीएड डिग्री घोटाले से जुड़ा है, जिसमें उम्मीदवारों ने आगरा विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया था। अन्य को नकली दस्तावेजों का उपयोग करने के विभिन्न मामलों के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया था। बाकी बचे पांच में से शोभनाथ सलाखों के पीछे है, जबकि चार फरार हैं।”

  • महिला सिपाही ने कांस्टेबल पर लगाया Rape का आरोप, कहा- कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला किया दुराचार, बनाया वीडियो

    [object Promise]

    लखनऊ । राजधानी में तैनात एक महिला सिपाही ने एक कांस्टेबल के खिलाफ दुष्कर्म की एफआइआर दर्ज कराई है। आरोपित सिपाही गौरव कुमार हजरतगंज कोतवाली में तैनात है। पीडि़ता ने महिला थाने में दर्ज रिपोर्ट में आरोपित सिपाही के अलावा उसकी मां, बहन व अखिलेश नाम के युवक को भी आरोपित बनाया है। सभी पर दुष्कर्म, गर्भपात कराने, जालसाजी व मारपीट आदि के आरोप हैं।

    महिला सिपाही के मुताबिक वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करने वाले गौरव से हुई थी। आरोप है कि दोनों में दोस्ती हो गई थी। इसके बाद एक दिन आरोपित उसे अपने घर लेकर गया था, जहां उसने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया और दुराचार किया था। इस दौरान अखिलेश ने चुपके से वीडियो बना लिया। आरोपित ने इसके बाद शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म किया। इससे वह दो बार गर्भवती हुई। उसे गर्भपात कराना पड़ा।

    शादी का दबाव बनाने पर आरोपित ने महिला सिपाही को धमकी दी और उसका मोबाइल फोन भी चुपके से लेकर चला गया। शोषण से तंग आकर खा लिया था जहर पीडि़ता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपित ने दो लाख रुपये भी लिए थे, जो वापस नहीं किया। परेशान होकर पीडि़ता ने कुछ दिन पहले जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश भी की थी। पुलिस ने उसे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया था। परेशान होकर अब गौरव, उसके दोस्त, मां, बहन के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है।

  • लाकडाउन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने में जिलाधिकारी ने माँगा धर्मगुरूओं का सहयोग।

    [object Promise]

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    [object Promise]

    सुलतानपुर 11 जून/कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती एवं पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समस्त धर्मों के धर्मगुरूओं के साथ बैठक कर कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु अपनाये जाने वाले उपायों को समुदाय एवं समाज में लागू करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म का धार्मिक स्थान सबसे प्रमुख स्थान एवं धर्मगुरू सबसे आदरणीय तथा प्रभावी व्यक्ति होता है, जिसकी बातों को जनता दिल से स्वीकार करती है। जिलाधिकारी ने धर्मगुरूओं से अनुरोध किया कि महामारी के संक्रमण का खतरा अभी विद्यमान है, किन्तु यदि हमने अगले 15 दिनों तक सुरक्षा उपायों का सही अनुपालन कर लिया, तो सुरक्षित हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सुरक्षा स्वयं करनी होगी। साथ ही साथ मेरा अनुरोध है कि आप लोग धर्मग्रन्थों का उल्लेख करते हुए जनता से अपील करें कि सभी लोग अपने घरों में रहें; अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें; बहुत आवश्यक होने पर एक व्यक्ति ही मास्क लगाकर बाहर निकले; बच्चे, बूढ़े, गर्भवती महिला को बाहर न ले जायें; बाहर निकलने पर सामाजिक दूरी का अनुपालन करें; सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें; धर्म स्थलों पर धार्मिक आयोजन न किये जायें; प्रसाद वितरण न करें; तिलक न लगायें, धार्मिक प्रतीक चिन्हों का स्पर्श न करें; 05 या 05 से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर कदापि न एकत्र हों तथा धर्म स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से; सुरक्षा उपायों से सम्बन्धित आडियो प्रतिध्वनित करायें। पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना ने धर्मगुरूओं से अपील की कि समाज को सुरक्षित रखना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसका अनुपालन स्वयं करते हुए जनता को पालन करने हेतु धर्मगुरूओं के माध्यम से की गयी अपील सबसे अधिक प्रभावी होगी। इससे पूर्व में भी धर्मगुरूओं का सहयोग मिलता रहा है और विश्वास है आगे भी सहयोग मिलता रहेगा।इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल, सीओ सिटी सतीश चन्द्र शुक्ला, सभी धर्मों के सम्मानित धर्मगुरू आदि उपस्थित रहे।