Category: uttar-pradesh

  • भाजपा के 6 साल पिछड़ों,दलितों के लिये काला अध्याय…धर्मेंद्र यादव

    समय रहते दलित पिछड़े नहीं चेते तो शिक्षा से भी वंचित कर देगी भाजपा-धर्मेंद्र यादव

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    अमेठी।देश के चर्चित नेताओं में शुमार समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने गत 27 मई को भाजपा सरकार के 06 वर्ष के कार्यकाल पूरा होने पर सरकार की नीतियों को दलित पिछड़ा विरोधी बताते हुए जोरदार हमला बोला ।पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने भाजपा सरकार के छह वर्ष के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार का कार्यकाल देश के शोषित समाज के लिए काला अध्याय से कम नही है ।पूर्व सांसद ने गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि दलित ओबीसी मजदूर गरीब के हक की लूट जितनी भी कर सकती है ,जहाँ भी कर सकती है ,जैसे भी कर सकती है उसे करने में बिल्कुल चूकती नही है ।उन्होंने कहा कि बिना आईएएस की परीक्षा पास किए बगैर सीधे संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्तियों का मामला हो या यूपी में शिक्षक भर्ती करनी हो या मेडिकल कालेजों में दाखिला के मामला हो हर जगह पिछड़ों दलितों का हक मारा जा रहा है ।वंचित समाज को यह सोचना पड़ेगा कि वे कब तक अपने अधिकारों के हनन को सहन करेंगे ।उन्होंने कहा कि अगर यह समाज समय रहते नही चेता तो वह दिन दूर नही जब हमें नौकरियां तो दूर शिक्षा से भी वंचित कर दिया जाएगा ।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई बदायूं लोक सभा का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके धर्मेंद्र यादव सामाजिक सरोकार व जोश से सरोबोर नेताओ में शुमार है ।पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव का भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार पर यह गम्भीर आरोप कई मामलों में महत्वपूर्ण है ।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूर्व सांसद एक तरफ जहां देश भर के दलितों व पिछड़ों को एकजुट कर एक मंच पर लाने की कोशिश मानी जा रही हैं वही उनके इस बयान के सपा के दृष्टिकोण को भविष्य की राजनीतिक रूपरेखा के तौर पर एक बड़ी पहल मानी जा रही है ।दरअसल धर्मेंद्र यादव की जमीनी पकड़ व उनके सामाजिक न्याय की अवधारणा के प्रति संकल्प को दरसाता है ।सदन में रहते हुये धर्मेन्द्र यादव पिछड़ों दलितों की लड़ाई लड़ते हुये सरकार को घेरा है जिससे सरकारों को बैकफुट पर आना ।
    सामाजिक न्याय के मुददों पर कई बार धर्मेन्द्र यादव के सामने सरकार को घुटने टेकने पड़े हैं !
    ।पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव के कड़े विरोध के चलते सरकार को 13 पॉइंट रोस्टर वापस लेकर 200 पॉइंट रोस्टर लागू करना पड़ा ।उन्होंने उच्चतर शिक्षा के मामले में दलितों व पिछडो के मुद्दों को मजबूती से उठाने के काम किया।भाजपा सरकार के कार्यकाल में संघ लोक सेवा आयोग व विभिन्न आयोगों द्वारा की गई शायद ही कोई भर्ती हो जिसमें अनियमितता के आरोप न लगे हो हो ।इसके अलावा तमाम समाजिक मुद्दों पर सामाजिक न्याय के आंदोलनों को गति प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई है।वर्तमान की भाजपा सरकार पूर्ण रूप से फेल साबित हुआ है ,दलितों पिछड़ों के आरछण पर कुठाराघात कर आरछण का गला घोट रही है भाजपा सरकार !आने वाले 2022 में हम सभी को साथ लेकर सबके बीच जाकर सरकार बनाने का काम करेगे।जिससे हर वर्ग को उसका सम्मान और अधिकार मिल सके !

  • रोंगटे खड़े करने वाली पुलिस की बर्बरता, दो भाइयों को निर्वस्त्र कर पूरी रात थाने में पीटा

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    हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई (Hardoi) में शनिवार को पुलिस की बर्बरता की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां मल्लावां कोतवाली में तैनात दो पुलिसकर्मियों ने पति-पत्नी के बीच विवाद के मामले में दो भाइयों को पकड़कर हवालात में बंद कर जमकर पीटा। पीड़ित भाइयों का आरोप है कि पुलिस ने बर्बरता की हदें पार कर दी।

    रात में उनकी आंख लगते ही पुलिसकर्मी उन्‍हें जगा देते और पिटाई करना शुरू कर देते। पुलिस पिटाई से दोनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों पुलिसकर्मियों के चंगुल से निकलने के बाद पीड़ितों ने इसकी लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच सीओ बिलग्राम को सौंप दी है। एसपी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के मुताबिक, अनुज कुमार अग्निहोत्री और राघवेंद्र अग्निहोत्री सगे भाई हैं। दोनों मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के शाहपुर गंगा में रहते हैं। दोनों भाइयों का आरोप है कि 3 जून को अनुज पाल और अशोक कुमार यादव नाम के दो सिपाही उनको यूपी 112 की गाड़ी से पकड़ कर थाने ले गए, जहां उन्‍हें हवालात में बंद करा दिया गया। आरोप है कि रात में थाने के दीवान मुकुल चौधरी ने दोनों को बाहर निकाल कर निर्वस्त्र किया और उसके बाद दोनों को जमकर पीटा और बंद कर दिया।

    आरोप है कि रात में जब वह लोग सोने लगे तो आदित्य प्रताप सिंह नाम के एक दरोगा, जो सादी वर्दी में थे, उन्‍होंने भी दोनों को जमकर पीटा। अनुज ने बताया कि उसका उसकी पत्नी का विवाद चल रहा है। पत्नी ने कई बार पुलिस से शिकायत करके बहुत परेशान कर रखा है। इसी के चलते, पुलिस ने दोनों को पकड़कर पीटा है। घटना के बाद दोनों एसपी आफिस पहुंचे और शिकायती पत्र दिया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि प्रकरण की जांच सीओ बिलग्राम को दी गयी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।

  • सीएम योगी ने दिए धर्मस्थल खोलने से पहले सभी सावधानी सुनिश्चित करने के निर्देश

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    लखनऊ। कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढऩे के बीच लॉकडाउन-5.0 में मिल रही छूट के साथ प्रदेश सरकार सावधानी भी बरत रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक में आगे की योजना तैयार करने के साथ सावधानी व सतर्कता बरतने का निर्देश भी दिया।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर बैठक में कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए प्रत्येक स्तर पर पूरी सावधानी व सतर्कता बरतना आवश्यक है। प्रदेश में सभी जगह पर धर्म स्थलों को खोले जाने से पहले प्रशासन व पुलिस धर्म स्थलों के प्रबंधन से जुड़े लोगों को सभी सावधानियां सुनिश्चित करने की जानकारी दे। इस दौरान सभी धर्म स्थल पर सेनिटाइजर, इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में धर्म स्थलों को खोले जाने से पूर्व प्रशासन व पुलिस के अधिकारीगण धर्म स्थलों के प्रबन्धन से जुड़े लोगों से संवाद बनाते हुए उन्हेंं सभी सावधानियां सुनिश्चित करने की जानकारी दें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक धर्म स्थल पर सेनिटाइजर, इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था रहनी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि धर्म स्थल के अन्दर एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु न हों। धर्म स्थल में प्रतिमा अथवा धार्मिक ग्रन्थों को कोई भी स्पर्श न करे। धर्म स्थलों के परिसर में श्रद्धालु जूता-चप्पल पहनकर न जाएं। जूता-चप्पल रखने के लिए धर्म स्थल की व्यवस्था से जुड़े लोग इस सम्बन्ध में समुचित इन्तजाम करें। उन्होंने कहा कि यह उचित होगा कि लोग यथा-सम्भव अपने वाहन आदि में जूता-चप्पल उतारने के बाद ही धर्म स्थल की ओर प्रस्थान करें। उन्होंने सभी स्थानों पर फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान प्रभावी पेट्रोलिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए।

    समुचित उपचार उपलब्ध कराना अत्यन्त आवश्यक 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमित को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि समस्त मण्डलायुक्त व जिलाधिकारियों से प्रतिदिन सीधे संवाद कर कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में रोगियों को पीने के लिए गुनगुना पानी उपलब्ध कराया जाए। एल-1 कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन तथा एल-2 श्रेणी के कोविड चिकित्सालयों में ऑक्सीजन तथा वेंटीलेटर की व्यवस्था अवश्य हो। चिकित्सालयों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेड शीट आदि नियमित रूप से बदली जाए। डॉक्टरों तथा नर्सिंग स्टाफ हर जगह नियमित राउण्ड लें। रोगियों को शुद्ध एवं सुपाच्य भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संक्रमित मरीजों की रिकवरी की गति तथा दर को बढ़ाने के लिए सभी सम्भव उपाय किए जाने के निर्देश दिए।

    रिकवरी की गति तथा दर को बढ़ाने सभी सम्भव उपाय हों

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संक्रमित मरीजों की रिकवरी की गति तथा दर को बढ़ाने सभी सम्भव उपाय हों। संक्रमण के दौरान सभी अस्पतालों में रोगियों को पीने के लिए गुनगुना पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों को सक्रिय रखते हुए सर्विलांस सिस्टम को प्रभावी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के साथ-साथ जागरूकता तथा सर्विलांस को प्रभावी बनाकर प्रदेश सरकार को संचारी रोग से होने वाली मृत्यु की दर में उल्लेखनीय गिरावट लाने में सफलता मिली है।

    मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के साथ-साथ जागरूकता तथा सर्विलांस को प्रभावी बनाते हुए प्रदेश सरकार को संचारी रोग से होने वाली मृत्यु की दर में उल्लेखनीय गिरावट लाने में सफलता मिली है। प्रदेश सरकार ने कोविड अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था को काफी सुदृढ़ किया है। कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए यह भी आवश्यक है कि लोग इसके बचाव के सम्बन्ध में जागरूक तथा सजग रहें। उन्होंने निगरानी समितियों को सक्रिय रखते हुए सर्विलांस सिस्टम को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा आशा वर्कर से निरन्तर संवाद बनाए रखकर इन्हेंं प्रोत्साहित किया जाए।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन जनपदों में विभिन्न राज्यों से वापस लौटे कामगारों/श्रमिकों की संख्या 25 हजार या उससे अधिक है, वहां स्किल मैपिंग कार्य तेजी से पूरा किया जाए। प्रदेश वापस लौटे कामगारों, श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों तथा एमएसएमई श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रभावी योजना बनाएं। रेहड़ी, खोमचे वालों आदि को डिजिटल बैंकिंग से जोडऩे का कार्य किया जाए। इस दौरान आशा वर्कर से निरन्तर संवाद बनाए रखकर इन्हेंं प्रोत्साहित किया जाए। गोवंश के लिए हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि के लिए तेजी से प्रयास करने का निर्देश 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि के लिए तेजी से प्रयास करने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाकर रोजगार के अधिकाधिक अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए एमएसएमई सेक्टर के ऑनलाइन स्वरोजगार संगम जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाए। उन्होंने उद्योग बन्धु, पिकप आदि संस्थाओं को उद्योगों के संचालन की अनुकूल परिस्थितियां सृजित करने के सम्बन्ध में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उद्योग बन्धु, पिकप आदि संस्थाएं उद्योगों के संचालन की अनुकूल परिस्थितियां सृजित करने के लिए प्रभावी प्रयास करें।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश वापस लौटे कामगार व श्रमिकों को प्रधानमंत्री के विशेष आॢथक पैकेज के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए कार्यवाही की जाए। इस पैकेज के माध्यम से रेहड़ी तथा खोमचे वालों एवं एमएसएमई सेक्टर को उपलब्ध कराए जा सकने वाले ऋण एवं अन्य लाभ के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आहूत की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री के विशेष आर्थिक पैकेज के माध्यम से प्रदेश को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए सभी जरूरी प्रयास करने के निर्देश भी दिए।

    स्किल मैपिंग कार्य 

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कामगार व श्रमिकों को ग्रामीण इलाकों में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं में नियोजित करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कामगार व श्रमिकों को उपलब्ध कराए जा सकने वाले रोजगार की मैपिंग करते हुए, इसे लागू करने की कार्य योजना तैयार की जाए। जिन जनपदों में विभिन्न राज्यों से वापस लौटे कामगार व श्रमिकों की संख्या 25 हजार या उससे अधिक है, वहां स्किल मैपिंग कार्य तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने प्रदेश वापस लौटे कामगार व श्रमिकों के साथ-साथ निर्माण श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों तथा एमएसएमई इकाइयों के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए एक प्रभावी योजना बनाने के निर्देश भी दिए।

    कम्युनिटी किचन को संचालन की स्थिति में रखा जाए

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि क्वॉरंटाइन सेंटर के साथ ही प्रदेश में सभी जगह पर कम्युनिटी किचन को संचालन की स्थिति में रखा जाए। क्वॉरंटाइन सेंटर तथा कम्युनिटी किचन को सेनिटाइज करके रखा जाए। जिससे कि समय पर आवश्यकतानुसार इनका उपयोग किया जा सके। सभी प्रवासी कामगारों श्रमिकों को राशन किट तथा एक हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता दिया जाए। उन्होंने इन समस्त व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिलों में नोडल अधिकारी सम्बंधित प्रदेश सरकारों से सम्पर्क कर उन राज्यों से वापसी के इच्छुक लोगों की सूची प्राप्त करें ताकि ट्रेनों की व्यवस्था की जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कामगार व श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक पोर्टल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के अलावा विभिन्न सरकारी विभागों तथा संस्थानों, जहां कामगारों/श्रमिकों की जरूरत हो, वहां इन्हेंं रोजगार देने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने नोडल अधिकारियों को सम्बन्धित प्रदेश सरकारों से सम्पर्क कर उन राज्यों से वापसी के इच्छुक लोगों की सूची प्राप्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि ट्रेनों की व्यवस्था की जा सके।

    डिजिटल बैंकिंग से भी जुड़ें

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डिजिटल पेमेंट सुविधाजनक होने के साथ-साथ वर्तमान परिस्थितियों में संक्रमण को रोकने में भी उपयोगी है। यह सुविधा ज्यादा से ज्यादा लोग अपनाएं, इसके लिए एक कार्य योजना बनाई जाए। इस कार्य योजना को लागू करते हुए रेहड़ी, खोमचे वालों आदि को डिजिटल बैंकिंग से जोडऩे का कार्य किया जाए। ऐसे प्रयास किए जाएं कि जिन्हेंं रोजगार प्राप्त हो, वे डिजिटल बैंकिंग से भी जुड़ें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी मंडियो में संक्रमण से बचाव के लिए पूरी सतर्कता बरतते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सेनिटाइजर, इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था अवश्य हो। उन्होंने आम के निर्यात के लिए सभी सम्बन्धित विभागों तथा संस्थाओं को बैठक कर प्रभावी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा गोवंश के लिए हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    उनके साथ समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल तथा संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज मनोज कुमार सिंह, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • यूपी में सख्त नियमो के साथ कल से खुलेंगे दफ्तर, होगी थर्मल स्क्रीनिंग

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आठ जून से कार्यालयों को कड़ी पाबंदियों के साथ खोले जाने की तैयारी है। खासकर कंटेनमेंट जोन में पूरी सख्ती बरती जाएगी। शासन ने कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए कार्यालय परिसर में विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।

    मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने कहा है कि चिकित्सा व आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त कंटेनमेंट जोन में सभी कार्यालय बंद रहेंगे। कंटेनमेंट जोन के बाहर ही कार्यालय खोलने की अनुमति होगी। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन में निवास करने वाला कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी तब तक कार्यालय नहीं जाएगा, जब तक कंटेनमेंट जोन को निरस्त न कर दिया जाए। ऐसे कर्मियों को घर से काम करने की अनुमति होगी और इस अवधि को अवकाश के रूप में नहीं गिना जाएगा।

    मुख्य सचिव ने बताया कि कार्यालय के प्रवेश द्वार पर सैनेटाइजर व थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी और जिन लोगों में कोई लक्षण प्रतीत नहीं होगा, केवल उन्हें ही भीतर जानेे की अनुमति होगी। वाहनों के चालकों को भी शारीरिक दूरी के अनुपालन को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। कार्यालय प्रबंधन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाला चालक वाहन न चलाए। इसके साथ ही एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोरोइटघोल अथवा स्प्रे का प्रयोग कर वाहनों के भीतर सैनिटाइज करना होगा।

    वृद्ध व बीमार कर्मी फ्रंट लाइन ड्यूटी से रहेंगे दूर : गाइडलाइन के तहत वृद्ध कर्मचारी, गर्भवती कर्मी, निरंतर चिकित्सकीय पर्यवेक्षण में रहने वाले कर्मी, दमा, मधुमेह, कैंसर अथवा किडनी रोग से पीडि़़त कर्मियों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाए। ऐसे कर्मियों को फ्रंट लाइन के काम से दूर रखने व जहां संभव हो, ऐसे कर्मियों को घर से काम करने की सुविधा प्रदान किए जाने के निर्देश हैं।

    यह भी निर्देश

    • कार्यालय में किसी को भी मास्क अथवा फेस कवर के साथ ही प्रवेश की अनुमति होगी। कार्यालय परिसर में हर समय मास्क अथवा फेस कवर का प्रयोग करना होगा।
    • अधिकारी द्वारा जिन्हें मुलाकात की अनुमति दी जाएगी, केवल वही आगन्तुक स्क्रीनिंग के बाद कार्यालय में प्रवेश करेंगे।
    • जहां तक संभव हो बैठकें वीडियो कांफ्रेंसिंग से की जाएंगी।
    • कोविड-19 के रोकथाम के उपायों को पोस्टर व अन्य माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा।
    • कार्यालय परिसर के बाहर और भीतर शारीरिक दूरी के मानदंडों का अनुपालन हर समय पूरी तरह से हो।
    • परिसर के बाहर और पार्किंग में भी शरीरिक दूरी का अनुपालन किया जाए।
    • कार्यालय परिसर में लाइन लगवाने के लिए तथा शरीरिक दूरी का अनुपालन कराने के लिए विशिष्ट मार्किंग भी की जा सकती है।
    • कार्य स्थलों व खासकर अधिक स्पर्श की जाने वाली सतहों की साफ-सफाई व लगातार सैनिटाइज करने के उचित प्रबंध करने होंगे।
    • अधिकारियों, कर्मियों व आगंतुकों के लिए यथासंभव अलग प्रवेश व निकास का प्रबंध किया जाए।
    • वॉशरूम में हैंड सैनिटाइजर, साबुन व पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
    • कार्यालय में बैठने की व्यवस्था में शारीरिक दूरी का अनुपालन पूरी तरह से हो।
    • लिफ्ट में भी लोगों की संख्या को कम किया जाए।
    • एसी व वेंटिलेशन के साधनों के प्रयोग में तापमान 24-30 डिग्री के मध्य तथा आद्र्रता की सीमा 40 से 70 फीसद के बीच ही रखी जाए। क्रास वेंटीलेशन इस प्रकार से हो कि अधिक से अधिक ताजी हवा भीतर आ सके।
    • कार्यालय में बार-बार छू जाने वाली सतहों, दरवाजों के हैंडिल, हाथ की रेलिंग, वॉशरूम को निरंतर सैनिटाइज किया जाए।
    • कैफेटेरिया, कैंटीन व डाइनिंग हॉल में एक-दूसरे के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी बनाते हुए बैठने की व्यवस्था की जाए।

  • कासगंज आई थी 25 जिलों में नौकरी करने वाली शिक्षिका त्यागपत्र देने

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    कासगंज। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग को चमका देकर बड़ा फर्जीवाड़ा करने वाली शिक्षिका अनामिका शुक्ला को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रदेश में 25 जिलों में फर्जी तरीके से नौकरी करने के मामले में सुर्खियों में आई शिक्षिका अनामिका शुक्ला को कासगंज पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। कासगंज में फर्जी अभिलेख पर नौकरी कर रही अनामिका शुक्ला शनिवार को त्यागपत्र देने आई थी।

    कासगंज के बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल के ऑफिस में उसने अपने साथी के हाथ से त्यागपत्र भेजा था, लेकिन उसके साथी को दफ्तर में बैठा लिया गया। इसके बाद बीएसए ने अपने ऑफिस के कर्मचारियों को भेज कर उसे सड़क से पकड़वाया और थाना सोरो पुलिस को सौंपा है। अनामिका शुक्ला कासगंज के कस्तूरबा विद्यालय फरीदपुर में विज्ञान की शिक्षिका के रूप में पूर्णकालिक रूप से सेवाएं कर रही थी। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर जिले में अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका की तलाश की गई तो कस्तूरबा विद्यालय में यह शिक्षिका पाई गई। शुक्रवार को बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) ने शिक्षिका के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया था।

    शुक्रवार की शाम शिक्षिका ने इस नोटिस को देखा तो शनिवार सुबह को इस्तीफा देने बीएसए दफ्तर के बाहर पहुंची। अपने साथ आए एक युवक के माध्यम से उसने इस्तीफा की प्रति बीएसए को भेजी। जब युवक से शिक्षिका के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि अनामिका शुक्ला बाहर सड़क पर खड़ी हैं। इस पर बीएसए अंजली अग्रवाल ने सोरों पुलिस को मामले की जानकारी दी और कार्यालय के स्टाफ के माध्यम से घेराबंदी कर ली। पुलिस ने तुरंत आकर शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस शिक्षिका को सोरों कोतवाली ले आई।

    कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने बताया कि शिक्षिका अनामिका शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। फर्जी अभिलेख पर नौकरी कर रही अनामिका शुक्ला शनिवार को उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग को चमका देकर बड़ा फर्जीवाड़ा करने वाली शिक्षिका अनामिका शुक्ला को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। कासगंज में त्यागपत्र देने आई थी।

    इससे पहले वह कासगंज में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भी गई थी। यहां से उसने अपने कपड़ेे आदि लिये थे। इसके बाद उपरोक्त साथी के साथ ही बैंक से पैसे निकालने भी पहुंची। इससे पहले ही बीएसए ने चार जून को ही बैंक में उसका खाता सीज करवा दिया था। इसकी सूचना बीएसए अधिकारियों को लग गई थी। बस उसके पकड़ में आने का वे इंतजार कर रहे थे। बीएसए को जैसे ही अनामिका के साथी ने त्यागपत्र सौंपा तो उसेे वहीं पकड़कर बैठा लिया गया।

    बीएसए अंजलि अग्रवाल का कहना है मार्च में लॉकडाउन में शिक्षिका अनामिका शुक्ला अपने घर गई थी, दूसरे के अभिलेख प्रयोग करने के मामले में उसे नोटिस भेज कर जांच कमेटी का गठन किया गया है। मंडल स्तर पर इस मामले की जांच एडी बेसिक अलीगढ़ कर रहे हैं।

    अनामिका कासगंज में भी कस्तूरबा गांधी स्कूल में फुल टाइम शिक्षिका के रूप में काम कर रही थी। कासगंज में काम करने वाली अनामिका शुक्ला ने अभिलेखों मे्ं अपना पता फर्रुखाबाद के लखनपुर का दिखाया है। गुरूवार को शासन से पत्र आने के बाद में विभाग ने केजीबी में कार्य करने वाली शिक्षिका अनामिका को नोटिस जारी किया था। माना जा रहा है कि सूबे में एक ही अभिलेख से अलग-अलग शिक्षिकाएं नौकरी कर रही हैं। शैक्षिक अभिलेखों पर चस्पा फोटो भी काफी धुंधला है, जिससे अभ्यर्थी की पहचान मुश्किल है। इसका लाभ ही फर्जीवाड़ा करने वालों ने उठाया है। शिक्षिका के इलाहाबाद बैंक के खाते में हर महीने वेतन का भुगतान भी होता रहा है।

     

  • प्रयागराज में एक तथा मुफ्फरनगर में दो की मौत

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    लखनऊलॉकडाउन 5.0 में बढ़ी छूट के कारण लोग बेपरवाह होकर घूम रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण की गति पर अब कोई नियंत्रण नहीं है। केंद्र व राज्य सरकारों के तमाम प्रयास के बाद भी रिकार्ड बनते जा रहे हैं।

    वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का संक्रमण अब उत्तर प्रदेश में भी बेहद जानलेवा होता जा रहा है। बीते तीन दिन से संक्रमितों की संख्या के साथ मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है।  प्रदेश में कोरोना के कहर से रविवार को तीन लोगों ने दम तोड़ दिया है। इनमें दो मुजफ्फरनगर के तथा एक प्रयागराज का संक्रमित है। मुफ्फरनगर में कोरोना वायरस से संक्रमित दो लोगों ने आज दम तोड़ दिया। मोतीमहल निवासी एक व्यक्ति तथा खतौली निवासी एक अन्य व्यक्ति की मेरठ मेडिकल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इनकी रिपोर्ट  कोरोना पॉजिटिव आई थी।

    प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू मेडिकल कॉलेज के कोविड हॉस्पिटल में कोरोना पाजिटिव की मौत हो गई। यह प्रतापपुर के सिवान गांव का रहने वाला था। तीन जून को उसमें कोरोना की पुष्टि होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके परिवार के सभी सदस्य क्वॉरंटाइन में हैं, इसलिए अभी शव को कोविड-19 पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है। अब अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। जिले में कोरोना से यह चौथी मौत है। यह प्रयागराज में चौथी मौत है।

    मुफ्फरनगर में कोरोना वायरस से संक्रमित दो लोगों ने आज दम तोड़ दिया। मोतीमहल निवासी एक व्यक्ति तथा खतौली निवासी एक अन्य व्यक्ति की मेरठ मेडिकल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इनकी रिपोर्ट  कोरोना पॉजिटिव आई थी।

    उत्तर प्रदेश में बीते 48 घंटों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले बेहद भयावह हैं। लॉकडाउन 5.0 में बढ़ी छूट के कारण लोग बेपरवाह होकर घूम रहे हैं। तमाम हिदायतों के बाद भी लोग उसको अनसुना कर रहे हैं। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की रविवार सुबह की रिपोर्ट में 72 पॉजिटिव मामले समने आए हैं। इनमें 14 राजधानी लखनऊ, 12 मुरादाबाद, दस-दस हरदोई व सम्भल, नौ अयोध्या, तीन कन्नौज,दो शाहजहांपुर व उन्नाव तथा एक-एक पीलीभीत, मिर्जापुर व कौशांबी के हैं। इनके अलावा बिजनौर में सात व हमीरपुर में भी दो पॉजिटिव केस मिले हैं। अब कुल रोगियों की संख्या 10185 हो गई है। अभी तक 5908 यानी 58 फीसद मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि 268 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में अब एक्टिव केस 3999 हैं।

    बिजनौर में सात नए कोरोना मरीज मिले

    बिजनौर जनपद में रविवार को सात और नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इस तरह से अब जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 155 हो गई है। इनमें से 67 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि दो की कोरोना से मौत हो चुकी है। वर्तमान में जिले में 86 केस सक्रिय है।

    बीएसएफ जवान समेत दो पॉजिटिव

    उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के गांव मोहगवां के रहने वाले बीएसएफ जवान समेत दो और लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना संक्रमित मिला एक प्रवासी युवक औरास के गांव गागन का निवासी है। दो दिन पहले उसका सैंपल लिया गया था। बीएसएफ जवान मौरावां के गांव मोहगवां का रहने वाला हैं। वह दिल्ली से कानपुर आए जहां ट्रेन से उतरने के बाद स्क्रीनिंग होने पर उसे जांच कराने की सलाह दी गई। जवान ने कानपुर के एलएलआर अस्पताल में सैंपल दिया और अपने घर मौरावां चला गया। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि रविवार को सुबह कानपुर सीएमओ के कंट्रोल से सूचना मिली है। डॉक्टरों की टीम उनके गांव भेजी है। सीएमओ ने बताया कि एक अन्य के संक्रमित होने की सूचना आ रही है लेकिन अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।

    हमीरपुर में पति-पत्नी की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

    हमीरपुर में रविवार को कोरोना के दो मरीज और बढ़ गए।  जिले में सरीला तहसील के वीरा गांव निवासी पति-पत्नी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। दोनों एक सप्ताह पहले ही दिल्ली से घर लौटे थे। हमीरपुर जिले में  कोरोना  संक्रमितों की संख्या 13 हो गई है। एक्टिव केस 10 हैं। तीन मरीज ठीक हो चुके हैं।

    उत्तर प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या दस हजार पार कर गई। शनिवार को 382 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए थे। यह दूसरा मौका है जब एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में रोगी पाए गए हों। बीते 24 घंटे में 10368 नमूनों की जांच हुई और इसमें से 9986 की रिपोर्ट निगेटिव आई। प्रदेश में अब कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का आकंड़ा 11 हजार के करीब है।

    शनिवार को 11 और की मौत हुई है। अब तक प्रदेश में कुल 268 लोग की जान जा चुकी है। उधर 137 प्रवासी श्रमिक और पाजिटिव पाए गए। अब तक 2856 संक्रमित मिल चुके हैं। उधर 260 रोगी और स्वस्थ होने के साथ अब तक कुल 5908 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। यानी अब तक 58.4 फीसद रोगी ठीक हो चुके हैं। यह राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है। अब एक्टिव केस 3927 हैं।

    शनिवार को कोरोना वायरस से जिन 11 लोगों की मौत हुई उसमें दो लोग फिरोजाबाद के हैं जबकि मेरठ, कानपुर, रामपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर, सुल्तानपुर, बदायूं, बांदा व हाथरस का एक-एक व्यक्ति शामिल है। प्रदेश भर में कुल 355085 लोगों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं और इसमें से 342360 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 2622 लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है।

     

  • 4 सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों पर उत्तर प्रदेश में एनएसए के तहत मामला दर्ज

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    अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शन के संबंध में गिरफ्तार किए गए चार लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया गया है।

    फरवरी में गिरफ्तार किया गए इन लोगों पर शनिवार को एनएसए लगाया गया। एनएसए के तहत, एक व्यक्ति को बिना किसी आरोप के 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है।

    अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुनिराज जी. ने कहा कि एनएसए के अनुसार, चारों को जेल में भेज दिया गया।

    वर्तमान में जेल में बंद चारों आरोपियों की पहचान इमरान, अनवर, साबिर और फहीमुद्दीन के रूप में की गई है। उनकी जमानत याचिका सत्र अदालत के समक्ष लंबित है। मामले में गिरफ्तार कुछ अन्य लोगों को हाल ही में जमानत दे दी गई थी।

    एसएसपी ने कहा, “इनपुट हैं कि अगर यह चार व्यक्ति जमानत पर बाहर आते हैं, तो वे शांति के लिए खतरा पैदा करेंगे इसलिए जिला प्रशासन ने एनएसए के तहत चारों को बुक करने का निर्णय लिया है।”

    इन चारों को 23 फरवरी को हुई हिंसा में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि पुराने शहर इलाके में पुलिस और सीएए का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं। इसमें कम से कम पांच लोग घायल हो गए थे।

  • सोनभद्र के मुख्य विकास अधिकारी पर भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का आरोप…

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    लखनऊ। कोरोना वायरस के संक्रमण काल में विधान परिषद में भाजपा सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाया है। मामला सोनभद्र के मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी पर लॉकडाउन के दौरान राशन किट वितरण में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का आरोप का है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

    उन्होंने कहा है कि राशन किट की दर निर्धारित करने के लिए सोनभद्र के जिलाधिकारी द्वारा गठित कमेटी ने राशन किट की कीमत 550 रुपये प्रति किट निर्धारित की। जिलाधिकारी ने राशन किट खरीदने और उसका वितरण करने के लिए सीडीओ को नोडल अधिकारी बनाया। सीडीओ ने 27 मार्च को सात औद्योगिक समूहों को कारपोरेट सामाजिक दायित्व के मद से 17500 राशन किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सीडीओ जिले में सीएसआर के नोडल अधिकारी भी हैं। उन्होंने अपने प्रभाव का प्रयोग कर कंपनियों पर दबाव बनाकर उनसे अपनी चहेती फर्मों से अधिक रेट पर राशन खरीद करवाई और फर्मों को भुगतान कराया।

    लैैंको अनपरा पावर ने 2108 राशन किट ग्लोबल इंडियन सोसाइटी से 37.48 लाख रुपये के भुगतान से खरीदा। उसने खरीदे गए राशन किट का भुगतान 765 रुपये प्रति किट की दर से किया । एनटीपीसी शक्तिनगर ने भी इसी फर्म को 2106 राशन किट का भुगतान 705 रुपये प्रतीक किट की दर से किया। एनटीपीसी रिहंद नगर ने कुछ राशन किट के लिए 593 रुपये और कुछ के लिए 605 रुपये प्रति किट की दर से भुगतान किया।

  • गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी आदित्‍यनाथ, जिला अस्पताल का करेंगे निरीक्षण

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    गोरखपुर।मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ बस्ती पहुंच गए हैं। सीएम बस्‍ती में कई कार्यकमों में भाग लेंगे। इसके बाद मुख्‍यमंत्री गोरखपुर भी आएंगे।

    गोरखपुर मेें कई कार्यक्रमोंं मेंं लेंगे भाग

    मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ रविवार को गोरखपुर को आएंगे। बस्‍ती में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मुख्‍यमंत्री गोरखपुर आएंगे। मुख्‍यमंत्री गोरखपुर में कुछ कोरोना मरीजों का हाल लेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं।

    मुख्‍यमंत्री बस्‍ती में दोपहर में एक बजे पहुंचेंगे। मुख्‍यमंत्री हेलीकॉप्टर से लखनऊ से चलकर बस्ती के पुलिस लाइन में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। वह सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे उसके बाद मुख्यमंत्री जिला अस्पताल और मुंडेरवा के एल वन हॉस्पिटल में जाकर कोरोना से संक्रमित मरीजों से मिलेंगे और उनका हाल-चाल पूछेंगे।

    मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सहमे अफसर

    मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर बस्‍ती में अफसरों की नींद उड़ गई है। रात भर तैयारियां चलीं। बस्ती मंडल के तीनों जिलों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे शासन-प्रशासन चिंतित है। मुख्यमंत्री से इस दौरे को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज से जुड़ी व्यवस्था का जायजा लेंगे।

    चमक गए अस्पताल

    मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और को रोना संक्रमित मरीजों के लिये बनाए गए अस्थाई हॉस्पिटल और क्वॉरेंटाइन सेंट्रल को रातों-रात चमका दिया गया है। साफ सफाई से लेकर अन्य व्यवस्था दुरुस्त करा दी गई है।

     

  • प्रियंका गांधी ने किया योगी सरकार पर हमला, कहा- गैर-कोविड रोगियों का किया जाए गंभीरता से इलाज

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    नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार को जमकर लताड़ते हुए कहा कि सरकार को गैर-कोविड और अन्य बीमारियों की ओर गंभरता से ध्यान देने की जरूरत है। प्रियंका गांधी ने नोएडा में एक अस्पताल में भर्ती होने के लिए 13 घंटे तक संघर्ष करने के बाद एक गर्भवती महिला की जान जाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।

    उन्होंने कहा, कोरोना महामारी के दौरान सरकार को गैर-कोविड और अन्य बीमारियों को बहुत गंभीरता से लेना होगा। इस संदर्भ में किसी भी चूक के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

    प्रियंका ने आगे कहा, नोएडा में एक गर्भवती महिला के साथ हुआ जानलेवा हादसा एक चेतावनी है। उत्तर प्रदेश में कई जगहों से इस तरह की खबरें आई हैं। सरकार को इसके लिए पूरी तैयारी करनी चाहिए, ताकि किसी की जान न जाए।

    यह घटना शुक्रवार को नोएडा के खोड़ा इलाके में उस वक्त घटी, जब वीरेंद्र गौतम नामक एक व्यक्ति की पत्नी प्रसव पीड़ा में थी और उसने उसे अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की। गौतम उसे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कम से कम तीन अस्पतालों में ले गया, लेकिन कोरोना महामारी के डर के कारण वह उसे भर्ती नहीं करवा सका। इसके बाद, महिला की मौत हो गई। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

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