Category: uttar-pradesh

  • UP : प्रतापगढ़ में 9 लोगों की दर्दनाक मौत ट्रक और स्कॉर्पियो की टक्कर में

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    प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के थाना क्षेत्र नवाबगंज के वाजिदपुर में शुक्रवार को ट्रक और स्कार्पियो की सीधी भिड़ंत में नौ लोगों की मौत हो गई। एक व्यक्ति घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ के पीआओ त्रिलोकी पांडेय ने बताया कि प्रतापगढ़ जनपद नवाबगंज थाना क्षेत्र के वाजिदपुर में ट्रक और स्कार्पियो की आमने-सामने की टक्कर हो गयी है, जिसमें 9 लोग मर गये हैं।

    इनके साथ के एक व्यक्ति को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। ये सभी स्कार्पियो में सवार होकर राजस्थान से बिहार जा रहे थे। पुलिस के अनुसार यह लोग बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं।

    शवों को स्कार्पियो को काटकर बाहर निकाला गया। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।

    उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में घायल हुए लोगों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।

  • उत्तर प्रदेश में सिर्फ ई-चालान काटेंगे 15 जून से

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 15 जून से गाड़ियों के केवल ई-चलान किए जाएंगे। अब चालान की मैन्युअल व्यवस्था बंद हो जाएगी। प्रदेश के 10 जिलों में योजना का सफल संचालन किए जाने के बाद यातायात निदेशालय ने यह फैसला किया।

    आईजी (यातायात) दीपक रतन ने बताया कि पहले चरण में 10 जिलों में ई-चालान की व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गई थी। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद इसे अन्य जिलों में भी लागू किया गया था। जिस गाड़ी का ई-चालान किया जाता है उसका ई-चालान वाहन मालिक के मोबाइल पर एसएमएस से पहुंच जाता है। साथ ही डाक से ई-चालान की कापी भी भेजी जाती है।

    इन सभी 10 जिलों में योजना के सफल संचालन के बाद प्रदेश के सभी जिलों में नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस एवं राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा ई-चालान की कार्रवाई शुरू की गई। वाहन स्वामी को नए चालान की सूचना दिए जाने के लिए डाकखर्च की धनराशि उपलब्ध न होने के कारण कुछ जिलों में 20 प्रतिशत मैनुअल-पेपर चालान किया जा रहा था। इसके बाद अब फैसला किया गया है कि 15 जून से पेपर चालान या मैन्युअल चालान पूरी तरह से बंद कर दिया जाए और नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस व रेलवे पुलिस द्वारा केवल ई-चालान की कार्रवाई ही की जाए।

  • उत्तर प्रदेश के यशस्वी सीएम योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिन की बहुत -बहुत बधाईयां

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    सीएम योगी आदित्यनाथ, हिंदुत्व की राजनीति के इस समय फायर ब्रांड नेता हैं। वो पीएम मोदी के इस समय ताकतवर सिपहसालारों में से एक हैं। जिनके ऊपर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी है। गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर के महन्त तथा राजनेता हैं एवं वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सीएम हैं। इन्होंने 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यहाँ के 21वें मुख्यमन्त्री पद की शपथ ली।

    वे 1998 से 2017 तक भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 2014 लोकसभा चुनाव में भी यहीं से सांसद चुने गए थे। आदित्यनाथ गोरखनाथ मन्दिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी भी हैं।

    ये हिन्दू युवाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, तथा इनकी छवि एक प्रखर राष्ट्ररवादी नेता की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार यानी आज को 48 वर्ष के हो गए। आज उनका जन्मदिन है। हालांकि यह बात शायद आप भी जानते ही होंगे की योगी आदित्यनाथ कभी अपना जन्मदिन नहीं मनाते हैं, लेकिन उनके समर्थक विभिन्न आयोजन करके उनके दीर्घायु होने की कामना करते हैं।

    पीएम समेत भाजपा नेताओं ने दी बधाई
    आज सुबह से ही सीएम योगी आदित्‍यनाथ को जन्‍मदिन की बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके सीएम योगी को बधाई दी। इसके अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह, उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री रमन सिंह, झारखंड के मुख्‍यमंत्री आदि ने ट्वीट करके सीएम योगी आदित्‍यनाथ को जन्‍मदिन की बधाई दी।

  • वृक्ष हमारे देश के लिए बहुत ही उपयोगी है इनका रोपण करना तथा इन्हे सुरक्षित रखने की हमारी नैतिक जिम्मेदारी है…प्रभारी न्यायधीश

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुल्तानपुर। शुक्रवार को पर्यावरण दिवस के अवसर पर माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी द्वारा न्यायिक अधिकारी उदयभान सिंह अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रदीप कुमार जयंत व अनुराग कुरील अपर जिला न्यायाधीश तथा सतीश कुमार मगन सचिव जिला विधिक सेवाप्राधिकरण सुल्तानपुर जिला शासकीय अधिवक्ता तारकेश्वर सिंह अपर शासकीय अधिवक्तागण जितेंद्र कुमार सिंह केन्द्रीय नाजिर बद्री नाथ यादव हरीराम सरोज व दीवानी न्यायालय के कर्मचारियो की उपस्थिति मे दीवानी न्यायालय परिसर सुल्तानपुर मे वृक्षारोपण किया गया इस अवसर पर माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा यह बताया गया कि वृक्ष हमारे देश के लिए बहुत ही उपयोगी है इनका रोपण करना तथा इन्हे सुरक्षित रखने की हमारी नैतिक जिम्मेदारी है ।

  • जिलाधिकारी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “मौलश्री” का वृक्ष किया रोपित

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुलतानपुर। जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती द्वारा आज विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर कलेक्ट्रेट कक्ष के परिसर में मौलश्री का वृक्ष रोपित कर जनपद की तमाम जनता को पर्यावरण स्वच्छ बनाये रखने का संदेश दिया। वृक्षारोपण के अवसर पर उन्होंने जनपद सुलतानपुर की समस्त सम्मानित जनता से अपील की कि प्रत्येक जनपदवासी कम से कम 01 पौध रोपित कर पर्यावरण को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने में अपना अमूल्य योगदान प्रदान करें। तत्पश्चात जिला विकास अधिकारी डॉ0 डी0आर0 विश्वकर्मा ने *कचनार* का वृक्ष रोपित कर पर्यावरण को निर्मल बनाने के प्रति अपनी इच्छाशक्ति व्यक्त की।इस अवसर पर डीएफओ आनन्देश्वर प्रसाद, डीसी मनरेगा विनय कुमार, डीसी एनआरएलएम, जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह उपस्थित रहे।

  • धरने पर बैठे पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ नोएडा के BJP कार्यकर्ता, सड़क पर गाड़ी खड़ी कर लगाया जाम

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    नोए़डा सेक्टर-22 स्थित चौड़ा गांव के रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता नरेश शर्मा की गिरफ्तारी से नाराज भाजपाइयों ने बृहस्पतिवार को जमकर हंगामा किया। भाजपा महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कोतवाली सेक्टर-24 का घेराव कर कोतवाली प्रभारी को हटाने की मांग की। करीब तीन घंटे तक थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी के बाद करीब तीन बजे भाजपाई थाने से हटे। डीसीपी नोएडा संकल्प शर्मा का कहना है कि पुलिस के खिलाफ बिना आधार के आपत्तिजनक ट्वीट करने पर जांच के बाद गिरफ्तारी की गई थी। नियमानुसार उन्हें थाने से जमानत दी गई है। थाने के बाहर हुए प्रदर्शन के मामले में साक्ष्य एकत्रित किये गए हैं। जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।

    वहीं भाजपा महानगर अध्यक्ष का कहना है कि पुलिस कार्यकर्ता का बेवजह उत्पीड़न कर रही है।अपनी ही सरकार में सड़क पर भाजपाईभाजपा महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता की अगुवाई में बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे सैकड़ों कार्यकर्ता कोतवाली सेक्टर-24 पहुंचे और गेट के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक वहां धरना व नारेबाजी चलती रही। उनका कहना था कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता को बेवजह गिरफ्तार किया है। कार्यकर्ता को ससम्मान छोड़ा जाए और कोतवाली प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई हो।

    थाने के बाहर भाजपा नेताओं के धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पहले एसीपी रजनीश वर्मा के बाद एडिशनल डीसीपी रणविजय  सिंह व फिर डीसीपी संकल्प शर्मा थाने पहुंचे। इस दौरान भाजपा नेताओं से पुलिस अधिकारियों ने कई दौर में बातचीत की। हालांकि इस बीच कोई हल नहीं निकला। करीब तीन बजे भाजपा महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने फोन पर बात की, इसके बाद भाजपाइयों के तेवर नरम पड़े और वह थाने से चले गए। भाजपाइयों के थाने से जाने के बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली।

    यह है मामला

    डीसीपी संकल्प शर्मा के अनुसार, पिछले माह चौड़ा गांव में रहने वाले नरेश शर्मा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक ट्वीट किया था। एसीपी ने इस प्रकरण की जांच की और सभी लोगों के बयान दर्ज किए। जांच में पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप निराधार मिले थे। 19 मई को ट्वीट मामले में पुलिस की तरफ से एफआइआर दर्ज हुई। इस बीच नरेश शर्मा के मकान में एक संस्था चलाने वाले व्यक्ति से उनकी मारपीट हुई व उस प्रकरण में भी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। डीसीपी का कहना है कि गंभीर आरोप वाले ट्वीट प्रकरण में जांच के बाद ही बृहस्पतिवार को नरेश शर्मा को गिरफ्तार किया गया था।संगठन से करेंगे पुलिस की शिकायत भाजपा महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता का कहना है कि उनके कार्यकर्ता की कोई गलती नहीं थी।

    सेक्टर-24 कोतवाली प्रभारी ने व्यक्तिगत रंजिश के चलते कार्यकर्ता का उत्पीड़न किया। बुधवार को कोतवाली प्रभारी से बात की थी, तब कोतवाली प्रभारी ने कहा था कि किराये के इस मामले को आमने-सामने बैठकर हल करा देंगे। इसके बावजूद नरेश को सुबह पांच बजे अपराधियों की तरह 40 पुलिसकर्मी उठाकर ले गए।

    कार्यकर्ता की पत्नी रोते हुए घर पहुंची तो उन्होंने खुद कोतवाली प्रभारी को दस बार फोन किया। जब उन्होंने फोन नहीं उठाया तो उच्चाधिकारियों से बात की। हम लोग नरेश से मिलने थाने गए थे, वहां नहीं मिले तब उनकी रिपोर्ट लिखवाने के लिए बैठना पड़ा। पुलिस की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ हम सरकार और संगठन से शिकायत करेंगे।

    शारीरिक दूरी की खूब उड़ीं धज्जियां

    थाने के बाहर धरने के दौरान कोरोना संक्रमण को लेकर जिले में लागू की गई धारा 144 व शारीरिक दूरी की खूब धज्जियां उड़ीं। सैकड़ों कार्यकर्ता थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। बीच-बीच में नेताओं के तरफ से शारीरिक दूरी बढ़ाने का प्रयास भी किया जा रहा था, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा था। वहीं थाने के बाहर धरना प्रदर्शन के चलते घंटों वह मार्ग बाधित रहा। डीसीपी ने कहा कि थाने के बाहर हुए धरने की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है। जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।

  • Unlock 1.0 का मतलब स्वतंत्रता नहीं, सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोग एकत्र ना हों: योगी मुख्यमंत्री

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    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस संक्रमण प्रसार की चेन तोड़ने के लिए पूरी सावधानी बरतने पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि अनलॉक1.0 का मतलब स्वतंत्रता नहीं है। उन्होंने दो गज की दूरी के नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक स्थानों पर एक साथ पांच से अधिक लोग एकत्र ना हों। पुलिस लगातार गश्त करते हुए कहीं भी भीड़ जमा ना होने दे। आज हुए एक बैठक में मुख्यमंत्री योगी अनलॉक1.0 की समीक्षा कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर के इलाकों में चरणबद्ध तरीके से छूट देने की व्यवस्था की गई है और इसके तहत आठ जून से विभिन्न गतिविधियों को छूट दी जानी है। मुख्यमंत्री ने 15 जून से 30 जून, 2020 के मध्य से एक करोड़ मानव दिवस प्रतिदिन सृजित करने के लिए एक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी सम्बन्धित विभाग अपनी गतिविधियों और कार्यों को चिन्हित करें।

    उन्होंने कहा कि इस अवधि में कृषि, उद्यान, वन विभाग द्वारा पौध रोपण के लिए गड्ढा खोदने, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण की योजना, चेक डैम निर्माण, जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों सहित विभिन्न कार्य करते हुए रोजगार उपलब्ध कराए जाए। योगी ने नगर विकास विभाग तथा ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिया कि स्ट्रीट वेंडरों को रोजगार देने के सम्बन्ध में एक जनपद का चयन करते हुए उसका अध्ययन करें तथा स्ट्रीट वेंडरों को प्रधानमंत्री पैकेज के साथ जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने का एक मॉडल तैयार करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि कोई सड़क पर न सोए, प्रधानमंत्री के पैकेज में श्रमिकों एवं कामगारों के लिए किराए पर मकान उपलब्ध कराने हेतु भवन निर्माण की व्यवस्था है।

    मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रदेश में कार्यरत अन्य राज्यों के श्रमिक यदि अपने गृह प्रदेश जाना चाहते हैं तो उनकी सकुशल वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि ऐसे श्रमिक वापस जाने के इच्छुक न हों, तो उनका यह निर्णय लिखित रूप में प्राप्त कर लिया जाए।’’ उन्होंने निर्देश दिए कि सभी रेलवे स्टेशनों पर प्रशासन, पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।

    उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार की मंशा है कि देश के विभिन्न कोनों से लौटे श्रमिकों/कामगारों से उत्तर प्रदेश के नव निर्माण में योगदान लिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों में इनके लिए रोजगार सुलभ हो।’’ इस पर केन्द्रित एक सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में विभिन्न सेक्टरों में इनके लिए रोजगार की सम्भावनाएं चिन्हित की जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों से जुड़े विभाग कामगारों/श्रमिकों के लिए रोजगार की उपलब्धता का आकलन करने के लिए एक कार्य योजना बनाएं।

  • राहुल पर यूपी के मंत्री सिद्धार्थनाथ का पलटवार, बोले…..

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    कानपुर। एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी और वामपंथियों को घोटालों की इतनी आदत पड़ गई है कि उन्हें हमेशा कैश ही दिखता है। इसलिए वे मोदी सरकार से कैश मदद करने की बात कर रहे हैं। जबकि सरकार ने जो कैश सीधे गरीबों व जरूरतमंदों के खाते में डाला है, वह इन्हें दिखाई नहीं देता। शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से कानपुर के पत्रकारों से वार्ता में आर्थिक पैकेज में कैश न देने संबंधी विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने पलटवार किया।

    महाराष्ट्र और दिल्ली से लोग भगाए गए

    मजदूरों के अव्यवस्थित पलायन पर कहा कि विपक्ष की नीयत में कमी है, महाराष्ट्र और दिल्ली से लोग भगाए गए और उनके खाने-पीने का इंतजाम नहीं हुआ। दिल्ली में तो बिहार और पूर्वांचल वालों की बिजली तक काट दी गई। जब राज्य सरकारें राजनीति से प्रेरित होकर ऐसा करती हैं तो अव्यवस्था होती है। सीएए के विरोध प्रदर्शन में भी यही हुआ, हमने सपा को विरोध करने की अनुमति दी तो वे पत्थर चलाने लगे। सपा इतना गिर जाएगी, यह अंदाजा लगाने में हम चूक गए लेकिन अब सावधान हैं।

    राजीव गांधी ने सच कहा था

    एमएसएमई मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सच कहा था कि एक रुपये में दस पैसा ही नीचे पहुंचता है, मोदी सरकार ने जनधन खाते, आधार और मोबाइल आदि से लिंक करके यह व्यवस्था बदली। अब एक रुपया दिल्ली से चलता है तो नीचे पूरा पहुंचता है। मोदी सरकार-2 में अनुच्छेद 370 की समाप्ति, सीएए, तीन तलाक और अयोध्या में राममंदिर जैसे मसले हल हुए। दस बैंकों का विलय और चीफ ऑफ डिफेंस की तैनाती हुई। अब लोकल, वोकल और ग्लोबल के नारे के साथ देश को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

    शास्त्रीजी से मोदी की तुलना

    मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद लालबहादुर शास्त्री ऐसे प्रधानमंत्री रहे जिनकी आवाज पर लोगाें ने घरों में गेहूं बोना और सोमवार को अन्न का त्याग किया था। अब प्रधानमंत्री मोदी की एक आवाज पर पूरे देश ने लॉकडाउन का पालन किया। कहीं कोई सेना या सशस्त्र बल नहीं लगाना पड़ा।

  • मेरठ दंगों का मुख्य आरोपी PFI सदस्य मुफ्ती शहजाद गिरफ्तार, 35 पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने की थी कोशिश

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    मेरठ। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में 20 दिसंबर 2019 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुई हिंसा के मुख्य आरोपित मुफ्ती शहजाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुफ्ती शहजाद चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का सदस्य है। शहजाद को शनिवार (जून 6, 2020) को मुरादनगर में उसके घर से आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने गिरफ्तार किया।

    जानकारी के मुताबिक शहजाद और उसके साथी परवेज के खिलाफ मेरठ के नौचंदी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही वह फरार था। अब ATS ने उसे पकड़कर आगे की पूछताछ के लिए नौचंदी पुलिस को सौंप दिया है।

    पुलिस ने बताया कि शहजाद और उसके साथी ने मेरठ के शास्त्री नगर में किराए के घर में पीएफआई का ऑफिस भी खोल रखा था। सीएए विरोधी दंगों की जाँच के दौरान जब मुख्य साजिशकर्ता के रूप में उनके नाम सामने आए तो पुलिस ने इस ऑफिस पर भी छापा मारा, जहाँ से कई भड़काऊ संदेश देने वाले पोस्टर और बैनर बरामद हुए थे। इनमें से से कुछ पोस्टरों पर ‘बेखौफ जिओ’, ‘बाइज्जत जिओ’ जैसे स्लोगन लिखे थे, तो वहीं कई पोस्टर झारखंड में हुई तबरेज अंसारी की हत्या और बाबरी मस्जिद से संबंधित थे।

    मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय साहनी ने कहा, “आरोपितों ने 20 दिसंबर को हिंसक विरोध प्रदर्शनों से पहले और उसके दौरान एक उत्तेजक की भूमिका निभाई थी। सीएए के खिलाफ अपनी भड़ास निकालने के लिए शहजाद और परवेज एक विशेष वर्ग को हिंसा करने के लिए उकसा रहे थे। हमने अब परवेज को ट्रेस करने के लिए एक मैनहंट लॉन्च किया है।”

    पुलिस ने बताया कि हिंसा में 6 लोगों की मौत हो गई थी और पाँच दर्जन से अधिक घायल हुए थे। बता दें कि सीएए विरोध के नाम पर प्रदर्शनकारियों ने दंगे भड़काए थे। मेरठ पुलिस ने इसका वीडियो जारी किया था, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से दंगे के दौरान 30 पुलिसकर्मियों को ज़िंदा जलाने की कोशिश में थे वहाँ के दंगाई। हालाँकि वक़्त रहते उन्हें अपने इरादों में क़ामयाब होने से रोक लिया गया था और सभी पुलिसकर्मियों को सुरक्षित बचा लिया गया।

    20 दिसंबर को हुए दंगे के दौरान दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों पर बंदूकें भी तानी गई थीं। इसमें SDPI और PFI की अहम भूमिका सामने आई थी। बताया गया था कि मेरठ में PFI ने 12 खातों में रकम भेजी थी। यह रकम रिहैबिलिटेशन इंडिया एनजीओ के माध्यम से फंडिंग की गई थी। ये बात भी सामने आई थी कि PFI ने चार खातों में तीन करोड़ रुपए की रकम भेजी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा है था कि दंगाइयों और गुंडों के ख़िलाफ़ ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि उनकी सात पुश्तें याद रखेंगी।

  • चिनहट पॉटरी की खनक भटि्टयों में हुई गुम, फिर से जगी अब उम्मीद

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    लखनऊ। अवध क्रांति की गवाह रहे चिनहट की पहचान कभी चीनी मिट्टी से बनने वाले बर्तनों के नाम से होती थी। प्रजापति समुदाय के लाेगों की तादात ज्यादा होने और मुख्य कारोबार होने के चलते सरकार की पहल पर यहां 1958 में चिनहट पॉटरी के नाम से यूनिट की स्थापना की गई। एक दर्जन यूनिटों में चीनी मिट़्टी का काम होता था। पकाने के लिए प्रदूषमुक्त चिमनियों वाली बनी भटि्टयाेें से निकलने वाले धुंए से समृद्धि संदेश फैलता था। बर्तनों की खनक से गुंजायमान रहने वाले इस चिनहट पॉटरी की बदहाल भटि्टयों के बीच गुम हो गई है। देश विदेश में अपने बर्तनों से लोगों का ध्यान आकर्षित करने वाले इस उद्योग को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। काम छोड़कर दूसरे काम को कर रहे पुराने लोगों में भी इस पुरानी परंपरा को जीवंत करने का जज्बा अभी भी बरकरार है। किसी जमाने में यहां 100 से 150 करोड़ रुपये का कारोबार होता था लेकिन अब सिमट कर दो से तीन लाख रुपये ही रह गया है।

    कुछ लोग अभी भी करते हैं काम

    कारोबारी क्रॉक्ररी अमिताभ बनर्जी ने बताया कि तीन दशक से अधिक समय से बंद चल रहे पॉटरी उद्याेग के बीच कुछ लाेग अभी भी काम करके इस विरासत को संजोए हुए हैं। सरकारी नीतियों और युवा पीढ़ी में इस उद्योग को लेकर कम होती गई दिलचस्पी इसकी बदहाली का मुख्य कारण है। मेरे बच्चे कुछ काम करते हैं, लेकिन प्रोत्साहन न मिलने से ज्यादा दिन तक नहीं कर पाएंगे। प्रजापति समुदाय को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए वर्षों पहले शुरू की गई पहल अब गुमनामी के अंधेरे में खो गई है। सरकार ने लोकल ब्रांड को बढ़ाने की बात तो कही है, लेकिन ऐसे परंपरागत उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए ठाेस रणनीति भी बनानी होगी।

    विदेश जाता था टेराकोटा

    टेरा कोटा कारोबारी लालता प्रसाद प्रजापति ने बताया कि चीनी मिट्टी के बर्तनों के साथ यहां बने टेराकोटा के बर्तन विदेश तक जाते थे। मेरे चाचा जी की बनी अंचार दानी की मुंबई, कोलकाता, मद्रास तक जाता थी। मांंग के अनुरूप आपूर्ति देने में नंबर लगता था। 1985 से चीनी मिट्टी के साथ ही टेराकोटा का काम कर रहे हैं, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने में दिक्कत हो रही है। मिट्टी मिल नहीं रही है और युवा पीढ़ी परंपरागत काम को छोड़ दूसरे काम में दिलचस्पी ले रही है। सरकार की अोर से कुछ नया किया जाता है तो इस उद्याेग को न केवल सहारा मिलेगा बल्कि इस पुरानी विरासत को बचाया भी जा सकेगा।

    जो काम करना चाहें मिलेगी मदद

    जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त मनोज चौरसिया ने बताया कि चिनहट के पॉटरी उद्योग से संबंधित जो भी काम करना वहां के लोग चाहेंगे, उसमे पूरी मदद की जाएगी। जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से तकनीक के साथ ही इस परंपरागत काम को आगे बढ़ाने में अनुदान की भी व्यवस्था है। जो भी काम करना चाहता है, विभाग से सपर्क कर सकता है। ऐसे कारोबारी की मदद की जाएगी। सरकार की मंशा के अनुरूप हर संभव मदद के लिए विभाग तैयार है।