Category: uttar-pradesh

  • युवक की प्रेम-प्रसंग के चलते पीट-पीटकर हत्या,पुलिस जुटी हत्यारों की तलाश में

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    मुरादाबाद। प्रेम प्रसंग में मंगलवार को युवक की पीट- पीटकर हत्या कर दी गई । बिलारी कोतवाली के सरथल खेड़ा गांव में सोमवार रात प्रेम-प्रसंग में एक हलवाई की हत्या कर दी गई। मंगलवार को सुबह घटना आम होने के बाद पुलिस मामले की छानबीन व कातिलों की तलाश में जुटी है। मृतक अभिनीत का शव पुलिस के कब्जे में है। बीती रात तीन भाइयों में दूसरे नंबर का अभिनीत कुमार हलवाई गिरी के काम से रिश्तेदार के घर रुपए लेने गया था। वहां से जब लौट रहा था तो उसके दोस्तों ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी।

    सबसे बड़े का नाम नवनीत दूसरे नंबर का अवनीश तीसरे नंबर का अंकुर के पिता का नाम मक्खन सिंह है। हत्या की खबर जैसे ही परिजनों को मिली घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जांच के बाद ही कुछ कह पाना संभव होगा। जो भी आरोपी होगा उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोगों का कहना है कि हत्या प्रेम-प्रपंच में हुई है।

  • ढाई साल बाद बीहड़ से बरामद हुआ वरिष्‍ठ भाजपा नेता का अगवा पुत्र

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    आगरा। वरिष्ठ भाजपा नेता रामपाल सिंह यादव का ढाई साल पहले अगवा पुत्र बटेश्वर के बीहड़ से लौटकर आया है। यह बरामदगी बड़ी मुश्किल से हो पाई है। दो दिन पहले कोई अज्ञात व्‍यक्ति आकर उनकी कार में बटेश्‍वर के बीहड़ इलाके में आने का संदेश लिखी पर्ची छोड़ गया था और पुत्र के सुराग देने पर घोषित इनाम को मांगे जाने की बात भी इसमें लिखी थी। ढाई साल से बेटे की बरामदगी के लिए भाजपा नेता लखनऊ से लेकर दिल्ली और अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे। इसके बाद चले रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन में बेटे की सकुशल घर वापसी के बाद घर में सभी के चेहरों पर खुशियां लौट आई हैं।

    न्यू आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड स्थित शील विहार कॉलोनी निवासी रामपाल सिंह यादव वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। उनका पुत्र अभिषेक (17 वर्ष) आठ दिसंबर 2017 को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। मामले में पूर्व एमएलसी ने न्यू आगरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रामपाल यादव इसी के बाद से बेटे की बरामदगी के लिए अधिकारियों से लेकर लखनऊ और दिल्ली के चक्कर काट रहे थे। भाजपा नेता ने बताया कि उनका एक निर्माणाधीन मकान शाहदरा क्षेत्र में हैं। वह चोरी की सूचना पर 31 मई को वहां गए थे। इसी दौरान कोई चुपचाप उनकी गाड़ी में पर्ची लगा गया। उसे खोलकर देखा तो बटेश्वर का पता लिखा हुआ था। इसमें वहां पर बेटा मिलने और घोषित इनाम देने की बात लिखी थी।

    भाजपा नेता ने बताया कि वह रिश्तेदारों और सुरक्षाकर्मी के साथ पर्ची पर लिखे पते बटेश्वर के बीहड़ में गए। वहां करीब एक घंटे की तलाश के बाद उनका बेटा बीहड़ में अर्ध बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। उसे घर लेकर आने के अगले दिन उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी।

    लॉकडाउन में लौटी खुशियां

    रामपाल सिंह यादव के परिवार की खुशियां लॉकडाउन में लौटीं। भाजपा नेता और उनकी पत्नी अंजना यादव व नानी विमला यादव ने ऐसा कोई मंदिर और दरगाह नहीं छोड़ी, जहां उन्होंने बेटे के सकुशल घर लौटने के लिए माथा न टेका हो। पूर्व एमएलसी ने बेटे का ठोस सुराग देने वाले या उसे बरामद कराने वाले को ढाई लाख रुपये इनाम रखा था।

    अधिकारियों से मिले, कहा बेटे को न करें परेशान

    भाजपा नेता ने बताया कि वह विधायक योगेंद्र उपाध्याय के साथ एडीजी से मिले। उनसे निवेदन किया है कि पुलिस अब उनके बेटे से पूछताछ के नाम पर परेशान नहीं करे। बेटे की मानसिक स्थिति अभी ठीक नहीं है।वह बुरी तरह से डरा हुआ है। नींद में भी डर जाता है, उसे सामान्य होने में काफी समय लगेगा। अभिषेक से बात करने की कोशिश भी की गई। मगर उनके पिता ने कहा कि उसकी मानसिक स्थिति अभी ठीक नही है, इसलिए उन्होंने खुद भी उससे कुछ नही पूछा है। उन्होंने एडीजी से मिलकर उनसे भी कहा है कि बेटे से फिलहाल पुलिस कोई पूछताछ नही करे। जब तक कि वह सामान्य न हो जाये।

  • ग्रेटर नोएडा एटीएस सोसाइटी में आया नया मोड़ कुत्ते की मृत्यु पर…

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    गौतमबुद्धनगर । ग्रेटर नोएडा की एटीएस पैराडीसो सोसाइटी में कुत्ते को लेकर विवाद हुआ था। अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। जिस कुत्ते को लेकर चीनी युवती से मारपीट की गई थी। उस कुत्ते की मृत्यु हो चुकी है। कुत्ते की मृत्यु पर अब असमंजस बना हुआ है, जहां एक तरफ पीपल फॉर एनिमल्स संस्था ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कुत्ते की मृत्यु एक्सीडेंट की वजह से हुई है। फिलहाल पुलिस इस मामले को लेकर जांच कर रही है। एक पुलिस ऑफसर ने आईएएनएस को बताया कि कुत्ते की हत्या नहीं हुई है। हमारे पास फुटेज भी हैं। हमने मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिसको लेकर जांच चल रही है। मेरे पास जो सबूत आये हैं, उसमें कुत्ते की हत्या को लेकर कुछ नही है। उसकी मृत्यु कार एक्सीडेंट से हुई है और जिस शख्स के सामने कर एक्सीडेंट हुआ था, मेरे पास उसका वीडियो भी है। सोसाइटी के बाहर कुत्ता सड़क पर सो रहा था और एक सेंट्रो गाड़ी आई जिसकी रफ्तार तेज थी और वो कुत्ते को मार कर चली गई।

    ग्रेटर नोएडा पीपल फॉर एनिमल्स संस्था की अध्यक्ष कावेरी राणा ने आईएएनएस को बताया कि उस कुत्ते की मृत्यु एक्सीडेंट से नहीं हुई है। हमारे पास ऑटोप्सी रिपोर्ट है। उसमें कुत्तों को बुरी तरह इंटर्नल बॉडी डैमेज हुआ है। एक्सीडेंट से मृत्यु होने के लिए शरीर पर बाहरी इंजरी होनी चाहिए, जो कि नहीं थी। शनिवार को उस कुत्ते को रात भर बिल्डिंग में लॉक करके रखा गया था। वो पूरी रात रोया।

    कावेरी राणा ने बताया कि जब उसकी बॉडी हमको मिली तो उसकी बॉडी पूरी तरीके से खून से लथपथ थी। उसके नाक और मुंह से खून बह रहा था। उसके फेफड़ों में खून भरा हुआ था। कुत्ते की मृत्यु संडे को हुई है। हमारे पास सोसाइटी के सेक्रेटरी का भी एक फॉरवर्ड मैसेज मिला है , जिसमें उन्होंने कहा है कि 5 से 6 कुत्तों को अब तक निकाला जा चुका है सोसाइटी से जबकि एक की मृत्यु हो गई है और बाकी के कुत्तों को भी बाहर निकलवा देंगे। हमने पुलिस से भी यही सवाल पूछा है कि कुत्तों को निकालना इतना आसान नहीं होता कि आप अगर फूल मारेंगे तो वह निकल जाएंगेएआपको उसके लिए बल का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

    एटीएस सोसाइटी में 25 मई को चीनी युवती कुत्ते को खाना खिला रही थी। तभी सोसाइटी में रहने वाले एक व्यक्ति भी अपने पालतू कुत्ते को घुमा रहे थे। एक वीडियो में देखा गया कि इस बीच दोनों कुत्तों में झगड़ा हो गया। उसको लेकर व्यक्ति ने चीनी युवती के साथ मारपीट भी की थी। युवती ने आरोपी के खिलाफ बीटा 2 कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था।

  • एबीवीपी द्वारा चला कोरोना सुरक्षा प्रहारी अभियान

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    अमेठी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मुसाफिरखाना नगर इकाई की ओर से कोरोना सुरक्षा प्रहारी अभियान की शुरुआत की गई इसके पहले एबीवीपी के कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों में सेनीटाइजर या साबुन से हाथ धुलना , मास्क राशन वितरित किया गया तथा पेंटिंग के द्वारा को रोना योद्धाओं का आभार व्यक्त किया जा चुका है अमेठी मुसाफिरखाना नगर के कार्यकर्ताओं द्वारा और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं एसएफडी जिला संयोजक राहुल कौशल विद्यार्थी के नेतृत्व में नगर एवं पलिया ,दयालबाग ग्रामीण क्षेत्रों मे जाकर कोरोना सुरक्षा प्रहरी के तहत लोगों को जागरूक किया और लोगों को बताया कि रोजी-रोटी की तलाश में अपना घर छोड़कर दूसरे शहर में गए ग्रामीण फिर अपने गांव की ओर लौट रहे हैं जिनसे हमें 14 दिन तक बचना होगा और जो लोग आ रहे हैं एवं उनको कम से कम 14 दिन तक होम क्वॉरेंटाइन मे रहने एवं मेडिकल चेकअप तथा सैनिटाइजर के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जा रहा है इस दौरान तहसील संयोजक प्रवीण पांडे, एसएफडी तहसील संयोजक विनय तिवारी, नगर सह मंत्री रितेश तिवारी ,करुणेश,शैलेंद्र यादव, दिव्यांशु कसौधन आदि कार्यकर्ता अलग-अलग गांव में जाकर लोगों को जागरूकता अभियान शुरू किया

  • CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला,86 लाख खातों में डाले 1301 करोड़

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    लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास 5, कालीदास मार्ग पर कोविड महामारी के दृष्टिगत वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांग पेंशन, कुष्ठावस्था पेंशन की एक किश्त और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना पैकेज के तहत अतिरिक्त राहत के रूप में 86,71,181 लाभार्थियों के बैंक एकाउंट्स में 1301.84 करोड़ रुपए आनलाइन ट्रांसफर किए हैं। सीएम योगी ने इस दौरान कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से पूरी दुनिया जूझ रही है। पीएम मोदी को सभी लोगों की चिंता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले अप्रैल में सभी लाभार्थियों के खाते में दो माह की एकमुश्त पेंशन ट्रांसफर की गई थी। अब इन्हीं लाभार्थियों को वापस एक मुश्त धनराशि जारी की गई है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज टेक्नोलाजी के जरिए एक क्लिक से लाभार्थियों के अकाउंट में सीधे धनराशि पहुंच रही है। ऐसा पहले नहीं था। पहले शोषण था, किन्तु पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐसी व्यवस्था की है कि दिल्ली व लखनऊ से जारी होने वाली धनराशि 100 फीसदी लाभार्थियों के खाते में वक़्त से पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को बैंक में जाने की आवश्यकता नहीं है। कोरोना संकट में बैंक में भीड़ न हो, इसके लिए पेंशनधारक बैंक की जगह बैंकिंग करस्पांडेंट से अपने गांव में ही राशि प्राप्त कर सकते हैं।

    सीएम योगी ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि कोरोना संकट का समय चल रहा है, ऐसे में लोग भीड़ न लगाएं और सावधान रहें। संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतें। गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग घर से बिल्कुल बाहर न जाएं। इसके बाद भी यदि किसी को घर से बाहर भी निकलना पड़ रहा है तो मुंह और नाक को गमछे व मास्कर से कवर अवश्य किया जाना चाहिए। सरकार प्रत्येक व्यक्ति को 10 रुपए में दो मास्क उपलब्ध करवा रही है।

  • मायावती ने एटलस साइकिल फैक्ट्री बंद होने पर सरकार से कहा…

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    लखनऊ| बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एटलस साइकिल की फैक्ट्री बंद होने पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने सरकार से इस पर तुरंत ध्यान देने की मांग भी उठाई है। मायावती ने ट्विटर पोस्ट में लिखा, “ऐसे समय जबकि लॉकडाउन के कारण बंद पड़े उद्योगों को खोलने के लिए आर्थिक पैकेज आदि सरकारी मदद देने की बात की जा रही है, जबकि यूपी के गाजियाबाद स्थित एटलस जैसी प्रमुख साइकिल फैक्ट्री के धन अभाव में बन्द होने की खबर चिंताओं को बढ़ाने वाली है। सरकार तुरन्त ध्यान दे तो बेहतर है।”

    उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “यूपी में घर वापसी करने वाले लाखों प्रवासी श्रमिकों में से मात्र 3 प्रतिशत को ही कोरोना पीड़ित पाए जाने की खबर बड़ी राहत देने वाली है खासकर तब जब कोरोना के बढ़ते रोग के लिए इन्हें ही दोषी ठहराने का प्रयास है व इसी आशंका के तहत इन मजलूमों के घर वापसी में देरी की जा रही थी।”

    ज्ञात हो कि मशहूर साइकिल कंपनी एटलस ने अपना सबसे बड़ा कारखाना बंद कर दिया है। कंपनी ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कारखाने को बंद करने की बात कही है। कंपनी का कहना है कि उनके पास अब पैसा नहीं बचा है और कारखाना चलाने में वो असमर्थ हैं।

    एटलस साइकिल्स (हरियाणा) लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के साहिबाबाद में स्थित अपने सबसे बड़े कारखाना पर एक नोटिस चस्पा किया है। कंपनी ने कहा है कि हम कई वषों से भारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। हमारे सभी फंड खर्च हो गए हैं। अब हमारे पास कोई अन्य आय के स्रोत नहीं बचे हैं। यहां तक दैनिक खचोर्ं के लिए धन नहीं है। जब तक धन का प्रबंध नहीं हो जाता तब तक कच्चा माल भी नहीं खरीदा जा सकता है। कंपनी ने कहा है कि ऐसी स्थिति में हम कंपनी चलाने में असमर्थ हैं।

  • यूपी : एसयूवी और ट्रक की टक्कर में 9 लोगों की मौत

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    प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में शुक्रवार सुबह एक एसयूवी और ट्रक की टक्कर में 9 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 1 शख्स गंभीर रूप से घायल भी हुआ, जिसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे का शिकार हुए लोग बिहार के लिए राजस्थान से निकले थे और एक स्कॉर्पियो कार से जा रहे थे।

    घटना प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के वाजिदपुर में हुई है। वाजिदपुर में हुए इस हादसे में नौ लोगों की मौत के साथ एक गंभीर घायल को इलाज के लिए पुलिस ने लखनऊ भेजा है। इस हादसे में मरने वाले सभी एक ही परिवार के हैं, जिसमें 3 महिलाएं और 1 बच्च्चा भी शामिल है।

    स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस
    प्रतापगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ही पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद के साथ कार से तमाम लोगों को बाहर निकाला।

    पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए शव
    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार सवार लोग राजस्थान से बिहार के भोजपुर जाने के लिए निकले थे। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है, जिनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। इसके अलावा इस घटना में एक शख्स गंभीर रूप से घायल भी हुआ है, जिसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

  • आज CM योगी के जन्मदिन पर PM मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज 49वां जन्मदिन है। हर साल की तरह इस बार भी वह बगैर किसी आयोजन के रोजाना की तरह बैठकें कर रहे हैं। जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है, “यूपी के मेहनती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनके नेतृत्व में राज्य हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। राज्य के लोगों के जीवन में बड़ा सुधार आया है। भगवान उन्हें लंबी और स्वस्थ जीवन दे।”

    उधर मुख्यमंत्री ने भी अपने गुरू को याद करते हुए लिखा है, “गगन मंडल मैं ऊंधा कूबा तहां अमृत का बासा। सगुरा होइ सु भरि भरि पीवै निगुरा जाइ पियासा। गोरखबानी शिवावतारी गुरु श्री गोरक्षनाथ जी के चरणों में सादर प्रणाम। महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ जी अपनी कृपा से समस्त संसार को अभिसिंचित करें, सबका कल्याण करें।”

    ज्ञात हो कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गोरखपुर के प्रसिद्घ गोरखनाथ मंदिर के महन्त भी हैं। इन्होंने 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यूपी के 21वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

    करीब ढाई दशकों से योगी आदित्यनाथ को नजदीक से कवर करने वाले पत्रकार गिरीश पांडेय ने बताया, “उनका प्रकृति के प्रति अनुराग अनुपम है। यह शायद उनको विरासत में मिला है। इसकी वजह शायद प्राकृतिक रूप से बेहद संपन्न देवभूमि उत्तराखंड से उनका ताल्लुक होना और उनके स्वर्गीय पिता को वन विभाग में नौकरी (रेंजर) करने है। उनके इस प्रेम का विस्तार बच्चों, जानवरों और गायों तक हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके निर्देश एवं निजी रुचि से हर साल पौधारोपण का रिकॉर्ड बना। गोरखनाथ मंदिर परिसर की हरियाली में और इजाफा हुआ।”

    बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने 1998 से 2017 तक भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 2014 लोकसभा चुनाव में भी यहीं से सांसद चुने गए थे। साथ ही वे गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं।

    योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव में हुआ था। उनके पिता आनन्द सिंह बिष्ट फ रेस्ट रेंजर थे।

  • कुशीनगर : लल्लू की गिरफ्तारी के विरोध में पडरौना के युवा कांग्रेसियों का जल सत्याग्रह

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की गिरफ्तारी के विरोध में पडरौना विधान सभा कांग्रेस के सह संयोजक सुनील यादव के नेतृत्व में जल सत्याग्रह किया। इस दौरान युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुहम्मद जहिरुद्दीन ने कहा की कि पूरे उत्तर प्रदेश में श्रमिकों का बुरा हाल है,और मजदुरो हक कि लडाई कि आवाज उठाने व उनके मदद के लिए आगे आएं कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को प्रदेश सरकार के द्वारा उनको जेल में बंद रखना एक अमानवीय चेहरा नजर आ रही है।
    जबकि जिला महासचिव आर्यन बाबू ने कहा इस महामारी में सरकार को राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर काम करना चाहिए लेकिन जनहित के मुद्दे पर आवाज उठाने वाले अजय कुमार लल्लू को जेल भेज कर अपना जन विरोधी चेहरा उजागर किया है,पूरे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज करना सेवा कार्य के लिए बहुत ही शर्मनाक है,एसे में उत्तर प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द अजय कुमार लल्लू को रिहा करना चाहिए। इस मौके पर दिनेश वर्मा, रंजीत यादव,उमर खान,आशुतोष कुमार आदि शामिल रहे।

  • योगी सरकार श्रमिकों को हुनरमंद भी बनाएगी रोजगार देने के साथ

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    लखनऊ। कोरोना संकट के कारण दूसरे प्रदेशों में रह रहे श्रमिकों और कामगारों की वापसी उप्र सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर अब तक करीब 32 लाख श्रमिकों की सुरक्षित और ससम्मान वापसी हो चुकी है। अब यह सिलसिला थमता सा नजर आ रहा है। अब सरकार के सामने दूसरी सबसे बड़ी चुनौती वापस आने वाले श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। सरकार ने इस समस्या के हल की भी मुकम्मल कार्ययोजना तैयार कर ली है। जो हुनरमंद हैं उनको सरकार रोजगार देगी और जो अकुशल या अद्र्घकुशल हैं, प्रशिक्षण के जरिए उनका हुनर निखारेगी। इसका इन श्रमिकों को दीर्घकालिक लाभ होगा।

    ऐसे श्रमिक जिनको किसी खास प्रशिक्षण की जरूरत होगी, उनको कौशल विकास मिशन के जरिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यदि मिशन में इसकी व्यवस्था नहीं है तो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग(एमएसएमई) विभाग द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों (एक जिला एक उत्पाद, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों) के तहत उनको प्रशिक्षण दिया जाएगा। यदि सरकार द्वारा संचालित किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबंधित के हुनर के अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं है तो उपायुक्त उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन ब्यूरो कौशल मिशन की ओर से जारी अप्रेंटिस कार्यक्रमों के तहत उसी उद्योग में उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था करेगा।

    यदि किसी भी योजना में प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं है तो इसकी व्यवस्था सरकार करेगी। ऐसे प्रशिक्षण के लिए एक प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजना होगा। हर श्रमिक को बीमा की सुरक्षा भी देने की योजना है। अगर श्रमिक किसी और जिले में काम पर जाता है तो उसकी आवसीय व्यवस्था भी सरकार करेगी।

    मालूम हो कि दूसरे प्रदेशों से अब तक करीब 30 लाख से अधिक कामगार एवं श्रमिक अब तक वापस आ चुके हैं। इनमें से करीब 24 लाख के स्किल की मैपिंग हो चुकी है। इसमें अकेले 22 लाख से अधिक संख्या निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों की है। बाकी लौटने वाले श्रमिक दूसरे प्रदेशों में रंग-रोगन, बढ़ई, ड्राइवर, दर्जी, कुक, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, नाई, ब्यूटी पार्लर, धोबी, माली हाउस कीपिंग, आटो रिपेयरिंग और सेल्स एंड मार्केटिर्ंग आदि का काम करते रहे हैं। इनमें से करीब 17 लाख संख्या अकुशल श्रमिकों की है। मुख्यमंत्री बार-बार दूसरे प्रदेशों से आने वाले हर श्रमिक को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण के जरिए उनका हुनर निखारने के प्रति प्रतिबद्घता जता चुके हैं।

    इस पर काम भी शुरू हो चुका है। 29 मई को मुख्यमंत्री की पहल पर उनके आवास पर आयोजित कार्यक्रम में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, लघु भारती, नारडेको (नेशनल रीयल इस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल) और फिक्की (फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री) से 11 लाख श्रमिकों को रोजगार देने का समझौता हुआ था। आगे भी इस तरह के और एमओयू होंगे।

    प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल ने बताया, “सभी कामगारों-श्रमिकों को प्रदेश में ही रोजगार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने की योगी सरकार की तैयारी है। इन सबको कामगार-श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) कल्याण आयोग के जरिए उनकी दक्षता के अनुसार स्थानीय स्तर पर काम दिया जाएगा।”