Category: uttar-pradesh

  • अयोध्‍या विवादित ढांचा ध्वंस केस में आडवाणी सहित सभी आरोपितों से पूछे जायेंगे सवाल

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    लखनऊ। अयोध्या में विवादित ढांचा ध्वंस मामले में 32 आरोपित विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव के समक्ष गुरुवार यानी चार जून को अपना बयान दर्ज कराने के लिए हाजिर होंगे। मुकदमे की सुनवाई सुबह साढ़े दस बजे प्रारंभ होगी। कोर्ट में कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित सभी आरोपितों से एक हजार से ज्यादा प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका उत्तर सभी को देना होगा।

    सीबीआइ की ओर से पेश 354 गवाहों का बयान दर्ज कराने के बाद अगली कार्रवाई के लिए अदालत ने आरोपितों का बयान दर्ज करने के लिए एक हजार से अधिक सवाल तैयार किए हैं। यह सभी सवाल मुकदमे की कार्यवाही एवं विचरण के दौरान गवाह एवं पेश किए गए दस्तावेजों पर आधारित हैं। न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार अदालत के पीठासीन अधिकारी द्वारा (धारा313द.प्र.स. के अंतर्गत) बयान दर्ज करने के लिए आरोपितों से प्रश्न पूछे जाते हैं और उन्हेंं प्रश्नों का जवाब देना होता है। मौजूदा समय में सीबीआइ द्वारा आरोपित पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, पवन पांडे, बृजभूषण शरण सिंह, सतीश प्रधान, विनय कटियार, डॉ.रामविलास वेदांती, चंपत राय, महंत नृत्य गोपाल दास, महंत धर्मदास, स्वामी साक्षी महाराज एवं तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट आरएन श्रीवास्तव सहित 32 लोगों के विरुद्ध मुकदमा चल रहा है।

    इनकी हो चुकी है मौत

    वहीं अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, मोरेश्वर सावें, महंत अवैद्यनाथ, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि महाराज, वैकुंठ लाल शर्मा, परमहंस रामचंद्र दास, डॉ. सतीश नागर, बालासाहेब ठाकरे, तत्कालीन एसएसपी डीबी राय, रमेश प्रताप सिंह, महत्यागी हरगोविंद सिंह, लक्ष्मी नारायण दास, राम नारायण दास एवं विनोद कुमार बंसल की मृत्यु हो चुकी है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर विशेष अदालत में प्रतिदिन सुनवाई की जा रही है। आगामी 31 अगस्त को निर्णय सुनाया जाना है। न्यायालय पत्रावली के अनुसार इस मामले में छह दिसंबर 1992 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीबीआइ में विवेचना के उपरांत 48 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था।

    अयोध्‍या विवादित ढांचा प्रकरण एक नजर में 

    • 1528: अयोध्या में एक ऐसे स्थल पर मस्जिद का निर्माण किया गया था, जो भगवान राम का जन्मस्थान था। मुगल सम्राट बाबर ने यह मस्जिद बनवाई थी। इसलिए, बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता था।
    • 1853: हिंदुओं का आरोप है कि भगवान राम के मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण हुआ। इस मुद्दे पर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच पहली हिंसा हुई।
    • 1885: मामला पहली बार अदालत में पहुंचा। महंत रघुवरदास ने फैजाबाद अदालत में बाबरी मस्जिद से लगे राममंदिर के निर्माण की इजाजत के लिए अपील दायर की।
    • 23 दिसंबर 1949: करीब 50 हिंदुओं ने मस्जिद के केंद्रीय स्थल पर कथित तौर पर भगवान राम की मूर्ति रख दी। इसके बाद उस स्थान पर हिंदू नियमित रूप से पूजा करने लगे। मुसलमानों ने नमाज पढ़ना बंद कर दिया।
    • 17 दिसंबर 1959: निर्मोही अखाड़ा ने विवादित स्थल हस्तांतरित करने के लिए मुकदमा दायर किया।
    • 18 दिसंबर 1961: उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित स्थल के मालिकाना हक के लिए मुकदमा।
    • 1984: विश्र्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने विवादित स्थल का ताला खोलने और एक विशाल मंदिर के निर्माण के लिए अभियान शुरू किया। एक समिति का गठन किया गया।
    • 01 फरवरी 1986: फैजाबाद जिला न्यायाधीश ने विवादित स्थल पर हिंदुओं को पूजा की इजाजत दी। ताला दोबारा खोला गया। नाराज मुस्लिमों ने विरोध में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन किया।
    • 01 जुलाई 1989: भगवान रामलला विराजमान नाम से पांचवां मुकदमा दाखिल किया गया।
    • 09 नवंबर 1989: तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने विवादित स्थल के नजदीक शिलान्यास की इजाजत दी।
    • 06 दिसंबर 1992: हजारों की संख्या में कारसेवकों ने अयोध्या पहुंचकर विवादित ढांचा ढहा दिया, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे हुए। जल्दबाजी में एक अस्थायी राममंदिर बनाया गया। प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने मस्जिद के पुनर्निर्माण का वादा किया।
    • 2002 अप्रैल: अयोध्या के विवादित स्थल पर मालिकाना हक को लेकर उच्च न्यायालय के तीन जजों की पीठ ने सुनवाई शुरू की।
    • 2005 जुलाई: आतंकवादियों ने विस्फोटक से भरी एक जीप का इस्तेमाल करते हुए विवादित स्थल पर हमला किया। सुरक्षा बलों ने पांच आतंकवादियों को मार गिराया।
    • 30 सितंबर 2010: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
    • 30 सितंबर 2010: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांटा जिसमें एक हिस्सा राम मंदिर, दूसरा सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े में जमीन बंटी।
    • 28 सितंबर 2010: सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहबाद उच्च न्यायालय को विवादित मामले में फैसला देने से रोकने वाली याचिका खारिज करते हुए फैसले का मार्ग प्रशस्त किया।
    • 9 मई 2011: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी।
    • जुलाई 2016: बाबरी मामले के सबसे उम्रदराज वादी हाशिम अंसारी का निधन।
    • 21 मार्च 2017: रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता की पेशकश की। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि अगर दोनों पक्ष राजी हों तो वह कोर्ट के बाहर मध्यस्थता करने को तैयार हैं।
    • 19 अप्रैल 2017: सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित बीजेपी और आरएसएस के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक केस चलाने का आदेश दिया।

  • विकास खण्ड कुड़वार की ग्राम पंचायत असरोगा की उचित दर दुकान का किया आकस्मिक निरीक्षण

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुलतानपुर प्रमुख सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान कृषि विपणन, विदेश, व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग उ0प्र0 डॉ0 देवेश चतुर्वेदी ने आज जनपद भ्रमण के दौरान विकास खण्ड कुड़वार की ग्राम पंचायत असरोगा की उचित दर दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दूकान खुली पायी गयी। राशन कार्ड धारक मास्क लगाये हुए एवं सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हुए पाये गये। पर्यवेक्षणीय अधिकारी अमरनाथ त्रिपाठी श्रम विभाग एवं नगर निकाय में पंजीकृत श्रमिकों की सूची सहित मौके पर उपस्थित पाये गये। प्रमुख सचिव द्वारा पात्र गृहस्थी कार्ड संख्या 217930244050 प्रभावती पत्नी विजय (06 यूनिट) तथा शबनूर बानों पत्नी मो0 शाहीन कार्ड संख्या 217940967388 (04 यूनिट) पर वितरित खाद्यान्न का अवलोकन किया गया, जो सही पाया गया। तत्पश्चात प्रमुख सचिव ने ग्राम पंचायत दूबेपुर का निरीक्षण किया। जहां मानक के अनुसार निर्धारित खाद्यान्न का वितरण सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ होता हुआ पाया गया। इसके पश्चात प्रमुख सचिव द्वारा मण्डी समिति अमहट सुलतानपुर का निरीक्षण किया गया। उन्होंने निरीक्षण में गेंहूँ क्रय केन्द्र पर तौल कराने आये किसानों से पूँछ-ताछ की। किसान सोशल डिस्टेन्सिंग व मास्क के साथ क्रय केन्द्र पर गेंहूँ तौल करा रहे थे, जिससे प्रमुख सचिव संतुष्ट हुए। उन्होंने मण्डी सचिव से फल और सब्जी के भी थोक और फुटकर रेट आदि की जानकारी ली। उन्होंने मण्डी सचिव को निर्देशित किया कि मण्डी समिति में नियमित साफ-सफाई एवं सेनेटाजेशन करायें। तत्पश्चात प्रमुख सचिव द्वारा क्रय केन्द्र लौहर पश्चिम विकास खण्ड दूबेपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित केन्द्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह से अद्यतन कुल क्रीत गेंहूँ एवं भारतीय खाद्य निगम को प्राप्त कराये गये गेंहूँ के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी। लक्ष्य के सापेक्ष केन्द्र पर कम गेंहूँ क्रीत होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अविलम्ब क्रय लक्ष्य पूर्ण कराने हेतु जिला खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देशित किया।इस अवसर पर जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती, पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना, मुख्य विकास अधिकारी रमेश प्रसाद मिश्र, अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) हर्ष देव पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, उप कृषि निदेशक एस0के0 शाही, उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल, सीओ सिटी सतीश चन्द्र शुक्ल, डी0एस0ओ0 अभय सिंह, डिप्टी आर0एम0ओ0 विनीता मिश्रा, मण्डी सचिव सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मोदी हुए आगरा के बेटे के मुरीद, बनाई ऐसी स्‍पेशल PPE किट, जो साड़ी पर भी फिट…

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    आगरा। कोरोना वायरस के संक्रमणकाल ने बहुत कुछ बदल दिया। मास्‍क और सैनिटाइजेशर अब सेहत के लिए जरूरी हैं, तो हेल्थ वर्कर्स के लिए पीपीई किट अहम हथियार। पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट) किट जितनी जरूरी है, उतनी ही मुश्किल उसे पहनने की प्रक्रिया। बाजार में जो मिल रही है, उसे साड़ी के ऊपर पहनना संभव नहीं। पुरुष पहनने के बाद लघुशंका तक नहीं जा सकते। इस मुश्किल दौर में तानजगरी के अनुपम गोयल ने तैयार की है स्‍पेशल पीपीई किट, नाम दिया है कोविड नारी कवच। इस स्‍पेशल किट की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीटर पर की है।

    कोविड नारी कवच सूरत में तैयार किया जा रहा है लेकिन इसका बहुत खास रिश्‍ता आगरा से है। सूरत के जिस फैशन डिजायन डेवलपमेंट सेंटर में कोविड नारी कवच तैयार हुआ, वो सेंटर आगरा के मूल निवासी अनुपम गोयल का है। अनुपम का पैतृक आवास केशव कुंज, प्रताप नगर में है। पिता अशोक गोयल श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के पूर्व अध्‍यक्ष रहने के साथ हेल्‍प आगरा और सत्‍यमेव जयते जैसी संस्‍थाओं के संस्‍थापक हैं। अनुपम की स्‍कूली शिक्षा होली पब्लिक स्‍कूल में हुई। सुल्‍तानपुर के कमला नेहरू इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलाॅजी से बीटेक किया। दुबई के आइएमटी इंस्‍टीट्यूट से एमबीए करने के बाद 2009 में सूरत में खुद का इंस्‍टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड टेक्‍नोलाॅजी शुरू किया। बीते वर्ष नई प्रतिभाओं को मौका देने के लिए अनुपम ने स्‍टार्ट अप इंडिया के तहत डिजाइन डेवलपमेंट सेंटर (फैशनोवा) शुरू किया। इसी सेंटर के अंतर्गत ये खास पीपीई किट तैयार की गई।

    कैसे तैयार हुआ कोविड नारी कवच

    जागरण से फोन पर हुई बातचीत में अनुपम ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल ने लोगों की सोच को बदलने के साथ नये आयाम भी दिए हैं। महामारी से निपटने के लिए हेल्‍थ वर्कर्स को पीपीई किट पहननी अति आवश्‍यक है, लेकिन जिस तरह से ये डिजायन की गई है उसमें साड़ी के ऊपर पहनने की और लघुशंका की दिक्‍कताेें का सामना करना पड़ता है। लॉकडान के दौरान जब केरल सरकार ने अपने नर्सिंग स्‍टाफ को साड़ी न पहनने की हिदायत दी, तो लगा कि ये तो हमारी संस्‍कृति के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। सेंटर के डिजाइनर सौरभ मंडल ने स्‍पेशल पीपीई किट का डिजायन तैयार किया। इसका सैंपल 12 मई को केंद्र सरकार को भेजा गया। 25 मई को सितरा (साउथ इंडिया टेक्‍सटाइल रिसर्च एसोसिएशन) द्वारा इसे मान्‍यता दी गई। 30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में इसकी सराहना की।

    कोविड नारी कवच की खासियत

    अनुपम के अनुसार कोविड नारी कवच पॉली प्रॉपलीन मटेरियल से तैयार किया जा रहा है। मान्‍यता मिलने के बाद से एक दिन में करीब पांच हजार किट तैयार की जा रही हैं। सफेद रंग की ये किट विशेषकर साड़ी के ऊपर पहनने के लिए तैयार की गई है। आगे से खुली होने के कारण महिलाएं इसे आसानी से पहन सकती हैं। एक पीपीई किट 450 रुपये में तैयार होती है।

  • सनसनीखेज खुलासा: अमन बनकर शाकिब ने छात्रा को प्रेमजाल में फंसाया, 25 लाख ठगकर काट दिया गला

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    मेरठ। लोइया गांव के खेत से छत-विछित हालत में मिले शव की शिनाख्‍त कर मेरठ पुलिस ने हत्‍या की गुत्‍थी को एक साल की जद्दोजहद के बाद सुलझा लिया है। पुलिस ने बिना सिर और हाथ के मिली लाश का एक साल बाद सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस में मृतका की पहचान लुधियाना (Ludhiana) मूल की युवती के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक पंजाब के लुधियाना की बीकॉम छात्रा को अमन बनकर मेरठ के शाकिब ने प्रेमजाल में फंसाया था। छात्रा उसके झांसे में आकर घर से 25 लाख रुपये की ज्वैलरी लेकर फरार हो गई। मेरठ आकर अमन के शाकिब होने का भांडा फूटा तो आरोपी ने ज्वैलरी हड़पने के लिए छात्रा को जान से मार डाला। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफतार किया है। तीन-चार अन्य युवक भी हिरासत में हैं।

    हिन्दुस्तान की खबर के अनुसार एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि 13 जून 2019 को लोईया गांव में सबी अहमद के खेत में पड़ोसी ईश्वर पंडित ने कुत्ते को इंसान का एक हाथ मुंह में लेकर भागते हुए देखा। जब गन्ने का खेत खुदवाया गया तो वहां से एक युवती की लाश बरामद हुई। उसका सिर और एक हाथ गायब था। युवती की पहचान नहीं हो पाई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    एक साल की मेहनत के बाद ऐसे मिली सफलता

    एसएसपी ने बताया, हमने इस मामले में डिस्ट्रिक क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो और स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में मिसिंग मामले दिखवाए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस की एक टीम को इस काम में लगाया गया कि लोईया गांव के कौन-कौन लड़के बाहर काम करते हैं। वे जहां-जहां काम करते थे, वहां-वहां के थानों में मिसिंग केस दिखवाए गए। आखिरकार पंजाब में जाकर पुलिस को सफलता मिली। एसएसपी ने कहा, एक साल की मेहनत के बाद पुलिस आखिर उस युवती तक पहुंच गई जो लापता थी। 23 वर्षीय युवती की पहचान लुधियाना में मोतीनगर थाना क्षेत्र निवासी के रूप में हुई।

    ईद पर घर आते ही भांडा फूटा

    एसएसपी के अनुसार, युवती बीकॉम की छात्रा थी। मेरठ के लोईया गांव का शाकिब वहां पर नौकरी करता था। उसने वहां अपना नाम अमन बता रखा था। शाकिब उर्फ अमन ने युवती को प्रेमजाल में फंसा लिया। मई में दोनों लुधियाना से फरार हो गए। युवती अपने साथ करीब 25 लाख रुपये की ज्वैलरी ले आई। दोनों करीब एक महीना तक दौराला में किराए के मकान में रहे। पिछले साल ईद वाले दिन शाकिब उसे अपने घर लेकर पहुंचा। यहां छात्रा को पता चला कि वह अमन नहीं शाकिब है।

    ईद वाली रात नशीली कोल्डड्रिंक पिलाकर गला रेता 

    भांडा फूटते ही दोनों में लड़ाई शुरू हो गई। शाकिब उर्फ अमन उसे घुमाने के लिए घर से बाहर ले आया। ईद वाली रात के 9 बजे उसने कोल्डड्रिंक में नशीली दवा मिलाकर छात्रा को पिला दी। वह बेहोश हो गई। इसके बाद खेत पर लेकर पहुंचा और गला काटकर हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए उसने सिर और हाथ को कहीं और फेंक दिया। पुलिस मान रही है कि इस वारदात में कई अन्य युवक भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल मुख्य हत्यारोपी शाकिब गिरफ्तार है। उसके परिवार से जुड़े तीन-चार युवकों से पूछताछ चल रही है।

  • मायावती ने की केंद्र से कोरोना के संक्रमण में राज्यों के आरोप-प्रत्यारोप पर हस्तक्षेप की मांग

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    लखनऊ। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान भी राज्यों के आरोप-प्रत्यारोप से बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती बेहद निराश हैं। मायावती ने राज्यों की सीमा पर बढ़ते विवाद को लेकर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

    मायावती ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को लेकर राज्य सरकारों की ओर से अनदेखी हुई है। बसपा प्रमुख ने कहा कि खासकर अपने भारत का अनुपम संविधान तो हर व्यक्ति की स्वतंत्रता, सुरक्षा और उसके आत्म-सम्मान, स्वाभिमान के साथ जीने की जबर्दस्त मानवीय गारंटी देता है, जिस पर सरकारों को सर्वाधिक ध्यान देना चाहिए। अगर ऐसा होता तो करोड़ों प्रवासी श्रमिकों को आज इतने बुरे दिन नहीं देखने पड़ते। सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हो चुकीं मायावती ने कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर भारत के साथ ही अमेरिका में हो रहे बवाल पर चिंता जताई है। बसपा मुखिया मायावती ने कोराना वायरस के लगातार बढ़ते संक्रमितों तथा मौतों की संख्या के मद्देनजर केन्द्र व देश के विभिन्न राज्यों के बीच तालमेल व सद्भावना रखने की सलाह दी है। मायावती ने कहा कि राज्यों के बीच लगातार बढ़ता आरोप-प्रत्यारोप तथा राज्यों की आपसी सीमाओं को सील करना अनुचित व कोरोना के विरूद्ध संकल्प को कमजोर करने वाला है। इस मामले में तो केंद्र का प्रभावी हस्तक्षेप जरूरी है।

    आम आदमी की जान की कीमत समझे सरकार

    उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती ने अमेरिका में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को चेतावनी दी है। मायावती ने कहा है कि सरकार आम आदमी के जान की कीमत को सस्ती समझने की भूल न करे।  मायावती ने ट्वीट में लिखा- जार्ज फ्लायड की पुलिस के हाथों मौत के बाद ‘अश्वेतों की जिन्दगी की भी कीमत है’ को लेकर अमेरिका में हर जगह और विश्व के बड़े शहरों में भी इसके समर्थन में जो आन्दोलन हो रहा है उसका पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश है कि आदमी के जीवन की कीमत है और इसको सस्ती समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।

    मायावती ने अमेरिका पर भी हमला बोला है। मायावती ने कहा कि जार्ज फ्लायड की पुलिस के हाथों मौत काफी दर्दनाक है। वहां पर अश्वेतों की जिंदगी की भी कीमत है को लेकर काफी बवाल हो रहा है। अमेरिका में हर जगह तथा विश्व के बड़े शहरों में भी इसके समर्थन में जो आन्दोलन हो रहा है उसका पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश है कि आदमी के जीवन की कीमत है व इसको सस्ती समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।

     

  • मथुरा में UP कांग्रेस अध्‍यक्ष की रिहाई को लेकर कांग्रेसियों ने किया बवाल, भेजा गया नौ को जेल

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    आगरा प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार की रिहाई को लेकर बुधवार को कांग्रेसियों ने मथुरा कलक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों को देख कलक्ट्रेट के गेट बंद कर पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। गेट खोलकर कांग्रेसी अंदर घुस गए और डीएम को ज्ञापन देने उनके कक्ष पहुंचे। यहां डीएम से कांग्रेसियों की जमकर बहस हुई। बाद में जिलाध्यक्ष समेत नौ कांग्रेसियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाया गया। देर शाम कांग्रेसियों के खिलाफ धारा 151 की कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया।

    राजस्थान से उत्तर प्रदेश सीमा में कांग्रेस ने बीते दिनों बसें भेजी थीं। इन बसों को उत्तर प्रदेश सीमा में प्रवेश नहीं दिया गया तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने समर्थकों संग आगरा के फतेहपुरी सीकरी में प्रदर्शन किया था। तब उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जेल में बंद प्रदेश अध्यक्ष की रिहाई को लेकर कांग्रेसियों ने जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी की अगुवाई में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों को आता देख कलक्ट्रेट का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। यहां पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। बाद में कुछ कांग्रेसियों को अंदर जाने की अनुमति दी गई, लेकिन ज्यादा कांग्रेसी कलक्ट्रेट परिसर में घुस गए। इसे लेकर डीएम सर्वज्ञराम मिश्रा से कांग्रेसियों की बहस भी हुई। बाद में जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी, महानगर अध्यक्ष उमेश शर्मा, प्रदेश सचिव मुकेश धनगर, विक्रम वाल्मीकि, महिला जिलाध्यक्ष नीलम कुलश्रेष्ठ, महिला महानगर अध्यक्ष शालू अग्रवाल, प्रवीण ठाकुर, प्रवीण भाष्कर और यतेंद्र मुकद्दम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन्हें पुलिस पुलिस लाइन ले गई। कांग्रेसियों के खिलाफ पुलिस ने सदर थाना में धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया और जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। यहां से उनके कागजात सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह के समक्ष पेश किए गए। मजिस्ट्रेट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में उन्हें जेल भेज दिया। शाम साढ़े पांच बजे कांग्रेसियों को रतनलाल फूल कटोरी स्थित अस्थाई जेल ले जाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि नौ कांग्रेसियों को जेल भेजा गया है।

     

  • बहराइच : तेंदुए का आतंक महिला को घायल कर घुसा घर में….पकड़ा वन विभाग की टीम ने

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    बहराइच। सुजौली थाना क्षेत्र के अयोध्यापुरवा में खेत में काम कर रही महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने हांका लगाया तो तेंदुआ गांव निवासी शमसुल के घर में घुस गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर तेंदुए को पिंजड़े में कैद किया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों को वनाधिकारियों व एसओ ने समझा-बुझाकर शांत कराया।

    कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत सुजौली रेंज में ग्राम अयोध्यापुरवा में बुधवार सुबह 10 बजे सताना पत्नी आबिद खान घर के पास अपने धान खेत मे कार्य कर रही थी तभी नंदकिशोर के गन्ने से निकल कर आये तेंदुए ने सताना पर हमला कर दिया और गंभीर रूप से घायल कर दिया। सताना की चीख सुनकर पहुंचे परिजनों ने शोर मचाया। ग्रामीणों ने हांका लगाया तो तेंदुआ झपट्टा मारते हुए ग्रामीण आरिफ को चोटिल करते हुए शमशुल के घर में घुस गया। इस पर परिजनों ने बाहर से दरवाजों को बंद कर दिया। वहीं घायल सताना को परिवारीजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली में भर्ती कराया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    परिजनों के अनुसार तेंदुए ने सताना की आंख, गर्दन और गाल पर हमला किया है। ग्रामीणों का आरोप है सूचना के लगभग दो घंटे बाद पुलिस व वन विभाग के टीम मौके पर पहुंची है। फिलहाल सैकड़ो की भीड़ घटनास्थल पर मौजूद है। मौके वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी दबीर हसन घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को 10000 रुपए की आर्थिक सहायता दी।

     

  • क्वारंटाइन अवधि पूरी कर चुके जमातियों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दिया छोड़ने का आदेश

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    लखनऊ । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने योगी आदित्यनाथ सरकार को तबलीगी जमात के सदस्यों और ऐसे अन्य लोगों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है जिन्होंने अपनी क्वारंटाइन अवधि को पूरा कर लिया है। जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की खंडपीठ ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के वकील शाद अनवर की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया।

    याचिका में उच्च न्यायालय से उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया था। इसमें कहा गया था कि सरकार द्वारा व्यक्तियों के एक समूह के मौलिक

    अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है।

    अपने आदेश में, उच्च न्यायालय ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन माना जो यह प्रावधान करता है कि कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित नहीं होगा। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में उसे हस्तक्षेप करने का पूरा अधिकार था।

    अदालत ने राज्य सरकार को उन तबलीगी जमात सदस्यों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया जिन्होंने क्वारंटाइन की अपनी अवधि पूरी कर ली है और जिनका परीक्षण निगेटिव आया था।

    अदालत ने जिलों में क्वारंटाइन किए गए व्यक्तियों के मामलों की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करने का भी आदेश दिया है।

    समिति से अपेक्षा की जाती है कि वे तय शर्तों के पूरा होने के बाद क्वारंटाइन सेंटर से व्यक्तियों की वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि वे अपने घर लौटें। यह समिति राज्य द्वारा संचालित क्वारंटाइन सेंटर्स में रहने वालों की शिकायतों को भी सुनेगी और उनका निवारण करेगी।

    राज्य के मुख्य सचिव को आदेश जारी करते हुए अदालत ने उन्हें इस संबंध में एक परिपत्र जारी करने को कहा है।

    इस बीच, राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल द्वारा अदालत में पेश किए गए हलफनामे के अनुसार राज्य के क्वारंटाइन केंद्रों में 3,001 भारतीय और 325 विदेशी तब्लीगी जमात सदस्य हैं।

    इनमें से 21 भारतीय और 279 विदेशियों को विभिन्न आरोपों के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

    राज्य सरकार ने कहा कि 2,979 भारतीय और 46 विदेशी नागरिकों को उनकी क्वारंटाइन अवधि पूरी करने के बाद केंद्रों से रिहा कर दिया गया था और कोई भी ऐसा व्यक्ति केंद्र में नहीं था।

  • सोशल मीडिया पर पत्नी को बेचने वाला पति हुआ गिरफ्तार…

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    आजमगढ़ । उत्तर प्रदेश में एक विचित्र घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी ससुराल वालों द्वारा मोटरसाइकिल की मांग पूरी नहीं किए जाने पर अपनी पत्नी को ही सोशल मीडिया पर बेचने के लिए डाल दिया। इस शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना मेहनगर पुलिस सर्कल के तहत ठुठिया गांव में हुई, जहां आरोपी पुनीत कथित तौर पर अपनी पत्नी को मोटरसाइकिल के लिए परेशान कर रहा था और अक्सर उसकी पिटाई करता था। लिहाजा वह महिला अपने माता-पिता के घर लौट आई, जो कोतवाली पुलिस के इलाके में आता है।

    इसके बाद नाराज पुनीत पत्?नी के फोन नंबर के साथ अपनी पत्नी की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी और लोगों से उससे बात करने और उसके साथ संबंध बनाने के लिए पैसे देने की बात कही।

    जब महिला को अपने मोबाइल फोन पर अजीबोगरीब कॉल आने लगे, तो उसने अपने पति को आरोपी बताते हुए साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

    एसपी कार्यालय में पीआरओ संजय सिंह ने कहा, “हमने सोमवार को पुनीत को गिरफ्तार किया और उसे जेल भेज दिया गया। यह महिलाओं के खिलाफ अपराध का एक असामान्य मामला है और हम आरोपी के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करेंगे।”

    उन्होंने कहा कि इसी तरह का मामला दो दिन पहले भी जिले में हुआ था और उस मामले के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

  • वासुदेवानंद ने कहा- राममंदिर बनेगा प्रस्तावित और प्रचारित मॉडल पर

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    अयोध्या। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती बुधवार को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो मॉडल प्रस्तावित है और जिसका प्रचार पूरे देश में हो चुका है। मंदिर उसी अधार पर बनेगा।

    बुधवार को वसुदेवानंद ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वह राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की और उन्हें जन्मदिवस की बधाई देने आए थे। उन्होंने कहा कि जिस मॉडल को पूरे भारत की जनता ने स्वीकार किया, पूजन किया है और सवा सवा रुपया मंदिर निर्माण के लिए अपना योगदान दिया है उसी मॉडल के अनुसार मंदिर बनेगा। संगमरमर पत्थर है कहां। मंदिर की उंचाई को लेकर सवाल उठाने वाले कौन हैं, उन्हें मैं जानता ही नहीं।

    मंदिर की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर छिड़ी बहस के सवाल पर उन्होंने कहा कि कितना भी बड़ा मंदिर बने। लेकिन राम मंदिर परिसर को अति भव्यतम रूप प्रदान किया जाएगा। राम मंदिर की ऊंचाई को लेकर प्रश्न खड़ा करने वालों पर उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी महत्वाकांक्षा पर नियंत्रण रखना चाहिए। केवल मंदिर की ऊंचाई से मंदिर की भव्यता नहीं होगी। उसमें राम लला विराजमान होने के बाद भव्यता आएगी।

    ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर को लेकर हलचल तेज हो गई है। मांग की जा रही है कि रामजन्मभूमि क्षेत्र में बनने वाले मंदिर के शिखर की ऊंचाई 1111 फीट ऊंची रखी जाए। इस संबंध में पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई लोगों को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने देश-विदेश के अनेक मठ-मंदिरों की भव्यता और ऊंचाई का हवाला देते हुए गुजारिश की है कि रामलला के भव्य मंदिर के शिखर की ऊंचाई 1111 फीट ऊंची हो।