Category: uttar-pradesh

  • राज्यसभा चुनाव में पल-पल बदल रहे है समीकरण, जानिये किस पार्टी का पलड़ा है भारी !

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    लखनऊ/दिल्ली। यूपी में राज्यसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू है। यूपी में एक सीट का पेंच ऐसा फॅसा है कि इसमें सत्तारूढ़ भाजपा तो उलझा हुआ है। बसपा इसे अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए खोना नही चाहती। उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए सरगर्मी तेज हो गई है। यहां इस बार कुल 10 उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचने वाले हैं। इसमें से 8 सीटों पर भाजपा की जबकि एक पर समाजवादी पार्टी की जीत पक्की है। यूपी की 10वीं सीट पर सबसे बड़ा पेंच फंसा हुआ है। इस सीट पर सपा और कांग्रेस जहां बसपा को जिताने में जुटी हैं, वहीं भाजपा ने भी 9वें उम्मीदवार को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

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    rajayasabha

    मगर भाजपा सभी का खेल बिगाड़ने की कोशिश करते हुए 9वें उम्मीदवार के तौर पर बिजनेसमैन अनिल कुमार अग्रवाल को राज्यसभा भेजने की जुगत में है। समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता नरेश अग्रवाल के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने से इस बात की चर्चा है कि उनका बेटा और सपा विधायक नितिन भाजपा के पक्ष में वोट कर सकता है। हरदोई सदर से विधायक नितिन ने हाल ही में योगी आदित्यनाथ द्वारा बुलाई गई भाजपा और उसके सहयोगियों की बैठक में शिरकत की थी।

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    भारतीय जनता पार्टी
    लोकसभा उपचुनाव में अतिआत्मविश्वास का शिकार होकर ठोकर खा चुकी भाजपा अब खूब फूंक फूंक कर कदम रख रही है। पार्टी के लिए सामने अपना नौवां प्रत्याशी जिताने की चुनौती है। यह चुनौती विपक्ष की ओर से है। 10वीं सीट के लिए यह चुनाव इतना फंसा हुआ नहीं होता अगर नरेश अग्रवाल ने पाला नहीं बदला होता। दरअसल यूपी में राज्यसभा चुनावों की गणित के मुताबिक एक कैंडिडेट को जीत के लिए 37 विधायकों के मतों की जरूरत है। भाजपा के पास 311 और सहयोगियों अपना दल एस (9) व सुभासभा (4) को मिलाकर एनडीए के कुल 324 विधायक हो रहे हैं। वहीं सपा के पास 47, बसपा के 19, कांग्रेस के 7, आरएलडी के 1, निषाद के 3 और निर्दलीय तीन विधायक हैं।

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    UP-assembly

    कांग्रेस पार्टी
    राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी को पर्यवेक्षक बनाया है। तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर बुधवार को लखनऊ पहुंच गए हैं। राजबब्बर ने कहा कि वह राज्यसभा चुनाव के लिए लखनऊ आए हैं और यहीं रूकेंगे। वहीं, प्रमोद तिवारी ने बताया कि राज्यसभा सदस्य डा. संजय सिंह और पी.एल. पुनिया भी कल लखनऊ आ जायेंगे। तिवारी और कांग्रेस विधानमण्डल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने भी अपने विधायकों के साथ बैठक की। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर के पक्ष में वोट करेंगे।

    बहुजन समाजवादी पार्टी
    बसपा ने भीमराव अंबेडकर को अपना राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। बसपा के पास राज्य में 19 विधायक हैं। उसे उम्मीदवार को जिताने के लिए 19 और विधायकों की जरूरत है। कांग्रेस के सात और राष्ट्रीय लोक दल के एक विधायक का समर्थन मिलने से मायावती की पार्टी एक उम्मीदवार को जिता सकती है।

    समाजवादी पार्टी
    समाजवादी पार्टी के पास प्रदेश में 47 विधायक हैं। वह जया बच्चन को संसद के ऊपरी सदन में भेज रही है। उसके पास 10 एक्स्ट्रा वोट हैं। जिसे वह बसपा के उम्मीदवार को दे सकती है। सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक पारसनाथ यादव ने कहा कि हम जानते हैं चुनाव कैसे लड़ा जाता है। हमारा उम्मीदवार जीतेगा और हम इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि बसपा के उम्मीदवार की भी जीत हो।

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  • हमारा शासन, कानून का शासन होगा : के के शर्मा

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    आजाद भारत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने पूर्व न्यायाधीश

    लखनऊ। आजाद भारत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद लखनऊ के पूर्व डिस्ट्रिक्ट जज रहे कमल किशोर शर्मा बुधवार को पहली बार राजधानी पहुंचे। यूपी प्रेस क्लब में कार्यकर्ताओं द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पार्टी की प्रमुखताएं सामने रखी।

    हमारा शासन कानून का शासन की बात करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि योगी सरकार जो सीधे एनकाउंटर कर रही है वो सरासर ग़लत है और उनकी पार्टी पीड़ितों के साथ मिल कर उन्हे इंसाफ दिलाने का काम करेगी।

    बसपा शासनकाल में अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के लिए मशहूर रहे के के शर्मा ने कहा कि वर्तमान में योजनाओं और न्यायपालिका को लेकर काफी बातें चल रही है परंतु ना तो योजनाओं का सही कार्यान्वयन हो रहा है और ना ही जनता को त्वरित न्याय मिल पा रहा है।

    कोर्टो की संख्या कम करने की बात करते हुए कहा कि लोग कह रहे हैं कि न्यायालयों की संख्या बढ़ाई जाए पर ये गलत है, मैं कहता हूं कि कोर्टो की संख्या कम की जाए और न्यायधीश होमवर्क करने के बाद कोर्ट में आएं जिससे कि जनता को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके।

    सहारनपुर से पूरे प्रदेश में पदयात्रा शुरू करने की बात करते हुए सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के के शर्मा ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव पार्टी अपने दमखम पर लडेगी और पार्टी को पूरा विश्वास है कि न्याय चाहने वाली जनता जरूर उनका साथ देगी।

    न्यायपालिका को सुधारने की बात का जवाब देते हुए कहा कि प्रत्येक पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर दी जानी चाहिए कि उसे महीने में तय संख्या के मुकदमों का निस्तारण करना ही होगा। प्रदेश अध्यक्ष बसंत यादव के साथ पत्रकार वार्ता करते हुए श्री शर्मा ने पार्टी के एजेंडे प्रस्तुत किए।

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  • ये छात्र पल भर में बन गया करोड़पति, घरवालों के उड़ गये होश

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    बाराबंकीः यूपी के बाराबंकी से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। दरअसल यहां इंटर का एक छात्र पल भर में करोड़पति बन गया। उसके अकाउंट में 5 करोड़, 5 लाख, 55 हजार, 555 रूपए आ गए। वहीं जब इस बात का परिजनों को पता चला तो सभी के होश उड़ गए।

    जानिए, क्या है पूरा मामला?
    जानकारी के मुताबिक मामला बाराबंकी के आवास विकास कॉलोनी का है। जहां के सेंट्रल एकेडमी में पढ़ने वाले इंटर के एक छात्र केशव शर्मा का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सट्टी बाजार शाखा में अकाउंट है। केशव के पिता के फोन पर 16 मार्च को अचानक बैंक की तरफ से एक मैसेज आया।

    मैसेज के बाद केशव के पिता को पता चला कि उनके बेटे के बैंक अकाउंट में अचानक 5 करोड़, 55 लाख, 55 हजार 555 रुपए आ गए हैं। हालांकि, पैसे आने के कुछ घंटों बाद ही खाते से सारी रकम वापस हो गई। इसमें छात्र के अकाउंट से वह रकम भी चली गई जो उसे अकाउंट में पहले से पड़ी थी।

    क्या कहना है छात्र के पिता का?
    छात्र के पिता नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके बेटे केशव शर्मा के अकाउंट में खाते में पहले से करीब डेढ़ लाख रुपए जमा थे। अब वह रकम भी अकाउंट में नहीं दिख रही है। जिससे वह काफी परेशान हैं। परिजन इसे बैंक की बहुत बड़ी लापरवाही बताते हुए अपने पैसों की मांग कर रहे हैं।

  • यूपी के सभी कार्यालयों में 1 अप्रैल से बाबा साहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर के चित्र

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    उत्तर प्रदेश सरकार ने बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर के नाम में सुधार करते हुए रामजी जोड़ने का शासनादेश जारी कर दिया है. साथ प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में आंबेडकर के चित्र लगाए जाने का आदेश दिया गया है. उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के सभी ऑफिसों में 1 अप्रैल से बाबा साहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर के चित्र लगाए जाएंगे.

    फिल्मी स्टाइल में बस रुकवाकर लखनऊ के सर्राफ को गोलियों से भूना

    वहीं नाम सही किये जाने पर सिद्धार्थनाथ सिंह ने ​विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके सही नाम लिए जाने पर इतनी परेशानी क्यों है? राज्यपाल राम नाईक ने इस विषय पर जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सही नाम लिखे जाने की राय दी थी लेकिन उन्होंने उस राय को नही माना. भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सही नाम लिखे जाने का फैसला लिया है. इस पर विपक्ष को राजनीति नही करनी चाहिए.

    UP के राज्यपाल की सिफारिश पर अंबेडकर के नाम में जोड़ा जाएगा ‘रामजी’

    बता दें संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का नाम अब यूपी के सभी राजकीय अभिलेखों में डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर लिखा जाएगा. सरकार ने बुधवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया.

    उत्तर प्रदेश सरकार ने बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर के नाम में सुधार करते हुए रामजी जोड़ने का शासनादेश जारी कर दिया है. साथ प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में आंबेडकर के चित्र लगाए जाने का आदेश दिया गया है. उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के सभी ऑफिसों में 1 अप्रैल से बाबा साहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर के चित्र लगाए जाएंगे.

    वहीं नाम सही किये जाने पर सिद्धार्थनाथ सिंह ने ​विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके सही नाम लिए जाने पर इतनी परेशानी क्यों है? राज्यपाल राम नाईक ने इस विषय पर जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सही नाम लिखे जाने की राय दी थी लेकिन उन्होंने उस राय को नही माना. भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सही नाम लिखे जाने का फैसला लिया है. इस पर विपक्ष को राजनीति नही करनी चाहिए.

    बता दें संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का नाम अब यूपी के सभी राजकीय अभिलेखों में डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर लिखा जाएगा. सरकार ने बुधवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया.

    दरअसल पिछले साल दिसम्बर में राज्यपाल ने बाबा साहेब का नाम गलत लिखे जाने पर नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि किसी भी व्यक्ति का नाम उसी तरह लिखा जाना चाहिए, जिस प्रकार से वह स्वयं लिखता हो. इस दृष्टि से भारत का संविधान की मूल हिन्दी प्रति के पृष्ठ 254 पर किए गए हस्ताक्षर (भीमराव रामजी आंबेडकर) के अनुसार, बाबा साहब का नाम डॉक्टर ‘भीमराव आंबेडकर’ लिखा जाना उचित होगा न कि डॉ ‘भीम राव आंबेडकर’. भीमराव एक शब्द है न कि अलग-अलग. गौरतलब है कि आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम में अंबेडकर की जगह आंबेडकर लिखने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं.

  • पिछले 15 वर्षो में हुए विकास कार्यो की हो रही जाॅचः केशवप्रसाद मौर्या

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने शनिवार को प्रेस कॉफ्रेंस आयोजित कर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में कितना काम किया गया है, हम उसका आंकड़ा इकट्ठा कर रहे हैं। केंद्र द्वारा एनओसी न देने के आरोप पर डिप्टी सीएम ने कहा कि गोमती रिवर फ्रंट के लिए उन्होंने एनओसी कब ली थी, उसका प्रमाण दिखाएं।

    उन्होंने अखिलेश, मुलायम और मायावती पर निशाना साधते हुऐ कहा कि बुआ, भतीजा और पिता जी ने जितना काम पिछले 15 सालों में नहीं किया, उतना हमने एक साल में किया है। अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए बोले कि वह अब यूपी के मुख्यमंत्री नहीं है, इसलिए दिन में सपने देखना छोड़ दें।

    अपने कार्यकाल में जो काम आपने कराये थे उसका पैसा सैफई से लेकर नहीं आए थे। वह पैसा प्रदेश की जनता का था।उन्होंने कहा कि हर योजना को अपनी सरकार की उपलब्धि बताने पर डिप्टी सीएम ने अखिलेश को आड़े हाथों लिया। एक्सप्रेस-वे को लेकर उन्होंने कहा कि उसका उद्घाटन किया था तो उसे अधूरा क्यों छोड़ा। एलिवेटेड रोड के उद्घाटन पर भी उन्हें दर्द होने लगा।

    हमारी सरकार इस बात का आंकड़ा एकत्रित करा रही है कि आखिर हर काम को अधूरा क्यों छोड़ा गया।आजम खां के मुद्दे पर भी उन्होंने अखिलेश को जमकर घेरा और पूछा कि उनके चचा अगर किसी मामले में दोषी पाए गए हैं तो उन्हें तकलीफ क्यों हो रही है। सपा-बसपा दोनों सरकारों पर प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश की राजनीति में अपराधीकरण का जन्म इन्हीं की कोख से हुआ है।

    शिक्षामित्रों के मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा कि उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। फैसला आते ही एक महीने के अंदर समाधान किया जाएगा। हमारी सहानुभूति उनके साथ है। शिक्षामित्रों के हालात के लिए उन्होंने अखिलेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

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  • बच्चा बेड से गिरा तो गुस्साए पति ने कर दी पत्नी की हत्या

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    लखनऊ। राजधानी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बच्चा अचानक बेड से गिर पड़ा तो नाराज पति ने पति की हत्या कर दी। गुडम्बा थाना क्षेत्र के राज विहार कालोनी मे रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी 25 वर्षीय पत्नी की महज इस लिए गला घोट  कर हत्या कर दी क्योंकि उसका एक साल का बच्चा बेड से नीचे गिर गया था।

    मामूली विवाद को लेकर हुई हत्या की सूचना के बाद गुडम्बा पुलिस मौके पर पहुॅची और हत्या आरोपी पति को हिरासत मे लेकर महिला के शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है। इन्स्पेक्टर गुडम्बा के अनुसार हिरासत मे लिए गए आरोपी से पूछताछ जारी है।

    जानकारी के अनुसार मूल रूप से आजमगढ़ की रहने वाली 25 वर्षीय शिवांगी सिंह की एक वर्ष पूर्व लवकुुश यादव के साथ शादी हुई थी लवकुश अपनी पत्नी और एक साल के बेटे के साथ लखनऊ के गुडम्बा थान क्षेत्र के राज विहार कालोनी मे रह कर क्राकरी का काम करता था। शुक्रवार की सुबह लवकुश यादव का एक साल का बेटा बेड से नीचे गिर गया जिसके बाद पति पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया लवकुश अपनी पत्नी पर बच्चे की ठीक से देखभाल न करने का आरोप लगा कर उससे भिड़ गया।

    देखते ही देखते बात बहोत ज्यादा बढ़ गई और आक्रोषित लवकुश ने अपनी पत्नी शिवांगी सिंह की दुपटटे से गला कस कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि पत्नी की हत्या के बाद लवकुश बहोत रोया भी । सूचना पाकर गुडम्बा पुलिस मौके पर पहुॅची और हत्या आरोपी लवकुश को हिासत मे ले लिया।

    पुलिस ने शिवांगी के परिजनो को सूचना देने के बाद उसके शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है। इन्स्पेक्टर गुडम्बा का कहा है कि शिवागी सिंह की हत्या आरोपी उसके पति को हिरासत मे लेकर पूछताछ की जारी है।

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  • शहरी स्कूलों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया अगले माह से :अनुपमा जायसवाल

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    लखनऊ।बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने कहा है कि अंतर्जनपदीय तबादले होने के बाद सरकार ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों से विकल्प लेकर शहरी क्षेत्र के स्कूलों में रिक्त पद भरेगी।

    जायसवाल ने यह घोषणा कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के सवाल के जवाब में की। अदिति ने शहरी क्षेत्र के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मामला उठाया था।

    मंत्री ने बसपा के सुखदेव राजभर के पूरक सवाल पर बताया कि सरकार ने सत्ता में आते ही शिक्षकों की कमी से स्कूल बंद होने, शहरी क्षेत्र के कई स्कूलों में छात्र न होने के बावजूद शिक्षकों की तैनाती जैसी स्थितियों का संज्ञान लिया था।

    इसी के मद्देनजर छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार शिक्षकों के समायोजन का फैसला किया। इसके बाद अंतरू जनपदीय और फिर अंतर्जनपदीय तबादले होने थे। लेकिन समायोजन पर रोक लगा दी गई।वर्तमान में ऑनलाइन प्रक्रिया से अंतर्जनपदीय तबादले की कार्यवाही चल रही है।

    यह काम एक महीने में पूरा होने की संभावना है। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्र से शिक्षकों का विकल्प लेकर नगर क्षेत्र के स्कूलों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

  • इस कार मैकेनिक ने बनाई  फिल्म “एक खेल राजनीति”, देखें Video

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    समाज में व्याप्त बुराइयों व ज्वलंत मुद्दों पर बनेगी तीन और फिल्म : मनोज कुशवाहा 
    लखनऊ। कभी किसी को आसमान में टिमटिमाते तारे की तरह किस्मत बुलंदियां तक पहुंच कर चमक जाती है तो कभी किसी के पूरे जीवन को ही अँधेरे में ढकेल देती है. इसे ही कहते हैं किस्मत. न जाने कब पलट जाए और क्या रंग दिखाए कहा नहीं जा  सकता। वैसे किस्मत है बड़ी चीज़. बॉलीवुड में ये बहुत काम आती है. अगर आपकी किस्मत अच्छी है तो बेकार होते हुए भी आप टॉप के एक्टर बन सकते हैं, नहीं तो खूबसूरत होने के बाद भी आ फ्लॉप हो सकते हैं.
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    विजय इन्टरटेनमेन्ट

    बुधवार को लखनऊ के यूपी प्रेस कल्ब में विजय इन्टरटेनमेन्ट, लखनऊ के बैनर तले बनने वाली हिन्दी फिल्म ”एक खेल राजनीति के निर्माता  मनोज कुशवाहा  ने प्रेस वार्ता को  सम्बोधित करते हुए बताया कि  हिन्दी फिल्म ”एक खेल राजनीति आगामी 20 अप्रैल से पर्दे पर आने को तैयार है। इस फिल्म की पूरी शूटिंग लखनऊ और आस-पास के क्षेत्रों में की गई है तथा सभी कलाकार भी उत्तर प्रदेश के ही हैं।  इसे पूरी तरह से उत्तर प्रदेश की फिल्म कहा जा सकता है।

    श्री कुशवाहा ने बताया कि इस फिल्म में विशेष बात यह भी है कि नायक और नायिका की भूमिका में जहां ऋतुराज सिंह और निकिता सोनी ने बेहतरीन काम किया है वहीं स्वंय मनोज कुशवाहा ने फिल्म लीड रोल ”ठाकुर की भूमिका निभाई है।  श्री कुशवाहा ने बताया कि शीघ् ही 3 और हिन्दी फिल्मों की शूटिंग शुरु करने जा रहे हैं जो समाज में व्याप्त बुराइयों व ज्वलंत मुद्दों पर आधिारित होगी।

    फिल्म के निर्माता हैं कार  मैकेनिक

    बताते चले कि फिल्म के निर्माता एक कार मैकेनिक हैं । एक कार मैकेनिक के जज्बे का परिणाम है कि यह फिल्म मनोज कुशवाहा पेशे से तो एक कार मैकेनिक हैं जिनके अन्दर एक कलाकार और सृजन का बीज पनप रहा था और उन्होने अपने अथक परिश्रम, समर्पण और त्याग के बल पर अनहोनी सी बात को सम्भव दिखाया। मनोज कुशवाहा अपनी  मेहनत का एक-एक पैसा जोड़कर एक ऐसे क्षेत्र में किस्मत आजमाने का मन बना डाला जहां बड़े-बडा़ें की हिम्मत नहीं पड़ती। बिना किसी पर्व अनुभव, बिना किसी सरकारी मदद के उन्होने अकेले दम पर यह सब कर दिखाया। फिल्म की कहानी समाज में नशा खोरी और राजनीति को खूल बनाने व समझने वालों पर करारा प्रहार करती है, फिल्म में ग्रामीण परिवेक्ष को बेहतरीन नियांकन गया किया है।

     फ़िल्म समीक्षा एक नजर में

    फ़िल्म के निर्माता मनोज कुशवाहा बताते है कि फ़िल्म में यह दर्शाया गया है कि कैसे एक इंसान मजबूर होता है कि वह गलत रास्ते को अपनाए। फ़िल्म में बाहुबली ठाकुर का किरदार निभा रहे मनोज कुशवाहा ने बताया कि नशेखोरी में पड़े ठाकुर के बेटे निकिता की हत्या कर देते है। इसके बाद निकिता का भाई आगे चलकर गुंडे का रूप लेता है और ठाकुर और उसके बेटो से बदला लेता है। इसके लिए वो पोलिटिकल सहारा भी लेता हैं। फ़िल्म की कहानी तो मुख्य रूप से यही है लेकिन फिर भी फ़िल्म में मशाला भरपूर है। देशी धुन पर बने गीतों से भी फ़िल्म को सजाया गया है। निर्माता मनोज कुशवाहा ने बताया कि पूरा प्रयास किया गया है कि फ़िल्म के माध्यम से वास्तविकता परोसी जा सके और समाज को आईना दिखाने का काम इस फ़िल्म के जरिये किया जा सके।

  • फिल्मी स्टाइल में बस रुकवाकर लखनऊ के सर्राफ को गोलियों से भूना

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    लखनऊ-सुलतानपुर हाईवे पर हैदरगढ़ के निकट बुधवार को हथियारबंद दो बदमाशों ने रोडवेज की बस रुकवाकर उसमे सवार लखनऊ के सर्राफ अमित रस्तोगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी. इतना ही नहीं बदमाशों ने बस में सवार अन्य यात्रियों के सामान को भी लूटकर फरार हो गए. दोनों बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में पूरी वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए. घटना के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. सूचना पर मौके पर एडीजी जोन राजीव कृष्णा और पुलिस अधीक्षक वीपी श्रीवास्तव भी पहुंचे. फिलहाल पुलिस जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है.
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    मामला बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र का है, जहां दो हथियारबंद बदमाशों ने जिले की पुलिस के तमाम दावों को खोखला साबित करते हुए एक ज्वैलरी व्यापारी अमित रस्तोगी को खुलेआम गोलियों से भून डाला. जानकारी के मुताबिक ज्वैलरी व्यापारी सुलतानपुर से लखनऊ जा रहा था. उसके साथ उसका मुनीम भी था. बदमाशों ने लूट के इरादे से बस को रोककर उनमें बैठे ज्वैलरी व्यापारी को गोली मारी इसके साथ ही और भी तमाम यात्रियों से लूटपाट की.
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    इस पूरी वारदात में पुलिस की नाकामी इसी बात से साबित होती है कि हथियारबंद बदमाशों ने इस पूरी वारदात को बीच रास्ते में बेखौफ होकर अंजाम दिया और पुलिस सोती रही. जानकारी के मुताबिक अमित रस्तोगी हैदरगढ़ में अपनी दुकान बंद करके बस से लखनऊ वापस जा रहे थे. तभी अज्ञात बदमाशों ने त्रिवेदीगंज में बस को रोककर व्यापारी को गोलियों से भून दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

    जिले को दहला देने वाली इस आपराधिक वारदात के बाद एडीजी जोन राजीव कृष्णा समेत तमाम आलाधिकारी मौके पर पहुंचे. बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक वी.पी. श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले पर बोलते हुए कहा कि हथियारबंद बदमाशों ने ज्वैलरी व्यापारी को गोली मारी है. जानकारी के मुताबिक व्यापारी लखनऊ का निवासी है और हैदरगढ़ में उसकी दुकान है. व्यापारी रोजाना लखनऊ से हैदरगढ़ आता जाता था. पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा.

    इस घटना के बाद जिले भर के सर्राफा कारोबारियों में रोष व्याप्त है. मृतक अमित रस्तोगी (45) पुत्र ज्ञान प्रकाश लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र के मकबूलगंज मोहल्ला स्थित कतरा मस्जिद वाली गली में परिवार के साथ रहते थे.

    फिलहाल पूरे मामले में पुलिस ने मृतक अमित रस्तोगी के मुनीम बस के ड्राईवर और कंडक्टर समेत पांच लोगों से पूछताछ कर चुकी है. हत्यारों को पकड़ने के लिए चार टीमों को लगाया गया है. आशंका जताई जा रही है कि हत्या आपसी रंजिश में किया गया हो और उसे लूटपाट दिखाने की कोशिश की गई हो.

  • बिजली 1 अप्रैल से ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिये होगी महंगी

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    लखनऊ. उत्तर प्रदेश के 50 लाख अनमीटर्ड ग्रामीण उपभोक्ताओं को 1 अप्रैल से बिजली के लिए और जेब ढीली करनी होगी. प्रदेश का बिजली विभाग 1 अप्रैल से अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों को 300 रूपये प्रति किलोवाट की जगह में 400 रूपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह करने जा रहा है.

    5  महीने के अंतराल में अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के लिये बिजली की बढी दरों का यह दूसरा झटका होगा. इससे पहले पिछली 30 नवम्बर को ग्रामीण अनमीटर्ड बिजली उपभोक्ताओं के लिये बिजली दरें 180 रूपये प्रति किलोवाट से बढाकर 300 रूपये प्रति किलोवाट की गयी थी.

    इस बीच उपभोक्ता परिषद ने यूपी सरकार विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 के तहत नियामक आयोग को अनुरोध पत्र भेजकर बढ़ी दरों में रोक लगाने की मांग की है. परिषद की दलील है कि इस बारे में उसने एक याचिका आयोग के समक्ष प्रस्तुत की है.

    याचिका पर विचार किये बिना बिजली दरों में बढोत्तरी करना असंवैधानिक है. परिषद ने मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी से इस मामले पर हस्तक्षेप करने की मांग की है और यह निवेदन किया है कि जब तक उपभोक्ता परिषद की पुनर्विचार याचिका पर आयोग कोई निर्णय न दे दे तब तक सरकार विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत एक अप्रैल से बढ़ रही बिजली दरों पर रोक लगाने के लिये नियामक आयोग से मांग करे.

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