Category: uttar-pradesh

  • अमेठी में हुआ पोस्टरवार,अमेठी सांसद से सवाल ?

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    पोस्टर में सांसद को लापता लिखा गया, हालांकि इसे किसने लगवाया, इसका कोई उल्लेख नहीं

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। कोरोनावायरस महामारी का प्रसार अमेठी में तेजी से हो रहा है। यहां अब तक 146 केस मिल चुके हैं। इस बीच अमेठी में सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ लोगों का आक्रोश भी फूटने लगा है। सोमवार को यहां कई क्षेत्रों में स्मृति ईरानी से सवाल करते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर में केंद्रीय मंत्री को लापता सांसद भी लिखा गया है। हालांकि पोस्टर किसने लगवाया है अभी इसका खुलासा नही हो सका है। इससे पहले भोपाल में सांसद प्रज्ञा ठाकुर के भी पोस्टर लगे थे।
    सोमवार दोपहर जिले के जामो के अतरौली, शाहगढ़ ब्लॉक के बहोरखा प्राथमिक पाठशाला व आसपास के खंभों पर केंद्रीय मंत्री और अमेठी सांसद स्मृति ईरानी की फोटो वाले पोस्टर चस्पा दिखाई दिए। पोस्टर में लिखा गया कि, लापता सांसद से सवाल। अमेठी से सांसद बनने के बाद (साल भर में 2 दिन) महज कुछ घंटो में अपनी उपास्थिति दर्ज कराने वाली सांसद अमेठी स्मृति ईरानी आज कोरोना महामारी के दर्द से अमेठी की समस्त जनता भयभीत और त्रस्त है। हम नहीं कहते कि आप गायब हैं।
    आगे लिखा कि, मैंने आपको ट्वीट के माध्यम से अन्ताक्षरी खेलते हुए देखा है। हमने आपके माध्यम से एकआध व्यक्ति को लंच देते हुए देखा है। लेकिन, अमेठी सांसद होने के नाते से आज इस विपरीत समय में अमेठी की मासूस जनता अपनी आवश्कताओं और परेशानियों के लिए आपको ढूंढ रही है। विगत कई महीनों की परेशानियों के बीच में यूं ही अमेठी की जनता को निराश्रित छोड़ देना यह दर्शाता है कि शायद अमेठी आपके लिए महज टूर हब है। क्या अब आप अमेठी में सिर्फ कंधा ही देने आएगी?

    मई 2019 में भाजपा नेता की अर्थी को स्मृति ने दिया था कंधा

    साल 2019 में मई माह में बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान व भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के वक्त सांसद स्मृति ईरानी दिल्ली में थी। हत्या की खबर पाकर वे अमेठी पहुंची थीं और अर्थी को कंधा भी दिया था। तब लोगों ने स्मृति ईरानी के इस कदम को अमेठी की राजनीति में नई परंपरा करार दिया था।

    72 घंटे में 57 पॉजिटिव केस सामने आए

    अमेठी में लॉकडाउन फेज तीन के बाद से कोरोना के केस मिलने का सिलसिला शुरू हुआ तो उसने थमने का नाम नहीं लिया है। रविवार को प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जिले में कोरोना के कुल केस 146 हैं। इसमे 113 एक्टिव केस हैं तो 29 ने इस महामारी से जंग जीती है। इन एक्टिव केसों में शनिवार रात एसजीपीजीआई से आई रिपोर्ट में वो तीन महिलाए भी शामिल हैं, जिन्होंने चार दिन पूर्व बच्चों को जन्म दिया है। बीते 72 घंटो में केवल 57 पाजिटिव मामले आ चुके हैं। इनमे से अधिकतर प्रवासी मजदूर हैं।

  • Covid-19: UP में अब तक के मामलो में सर्वाधिक 378 दैनिक मामले आये सामने, कुल आकड़ा पंहुचा 8 हजार के पार

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक दिन में आए 378 सर्वाधिक दैनिक मामलों के बाद राज्य में कोरोनावायरस महामारी की चपेट में आए लोगों का आकंड़ा बढ़कर आठ हजार के पार पहुंच गया। रविवार को ही यहां चार नई मौतें देखने को मिली हैं। संयुक्त निदेशक / एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के निगरानी अधिकारी (आईडीएसपी) डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने कहा, “चार मौतें आगरा, मेरठ, देवरिया और गोरखपुर में हुई हैं, रविवार को ही 378 नए मामले सामने आने के बाद महामारी से संक्रमित हुए लोगों का कुल आंकड़ा बढ़कर 8 हजार 075 हो गया है।”

    अग्रवाल ने कहा, “राज्य में सामने आए मामलों की यह संख्या दैनिक आंकड़ों में सर्वाधिक है।”

    एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, “लॉकडाउन में ढील दी जा रही है, लेकिन लोगों को स्थिति की गंभीरता को महसूस करने की आवश्यकता है। यहां तक कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के थोड़े से उल्लंघन से कोरोना के मामलों में तेजी आ सकती है।

  • हॉटस्पॉट इलाके में सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का उल्लंघन करते हुए बैठक आयोजित करने के आरोप में सपा विधायक गिरफ्तार

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    कानपुर। समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई और एक पूर्व नगर सेवक कानपुर के प्रेम नगर हॉटस्पॉट क्षेत्र में एक बैठक आयोजित करने और सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का उल्लंघन करने के चलते हिरासत में लिए गए हैं। प्रेम नगर इलाके में प्रतिबंधों को हटाए जाने की मांग को लेकर गुरुवार को सैकड़ों लोग प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

    इस घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनंत देव ने कहा, “हमने शहर में लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन के लिए विधायक, उनके भाई और पूर्व नगर सेवक फरहान लारी को हिरासत में लिया है।”

    उन्होंने आगे कहा कि वीडियो से पता चलता है कि केवल कुछ पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने अपने चेहरे को मास्क से ढके हुए थे, जबकि अधिकांश लोगों ने कथित रूप से सुरक्षा नियमों और अनिवार्य सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन किया।

  • UP में अब 8075 कोरोना संक्रमित, अब तक 217 मौतें

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। रविवार को 378 नए मरीज सामने आने के साथ संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8075 हो गई है। वायरस से संक्रमित 217 लोग दम तोड़ चुके हैं, जबकि 4843 लोग ठीक भी हो चुके हैं। संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ़ विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि आगरा में 882, मेरठ में 437, नोएडा में 457, लखनऊ में 386, कानपुर शहर में 369, गजियाबाद में 328, सहारनपुर में 258, फिरोजाबाद में 273, मुरादाबाद में 227, वाराणसी में 189, रामपुर में 178, जौनपुर में 182, बस्ती में 174, बाराबंकी में 156, अलीगढ़ में 154, हापुड़ में 148, अमेठी में 146, बुलंदशहर में 121, अयोध्या में 113, सिद्धार्थ नगर में 114, गाजीपुर में 123, बिजनौर में 100, प्रयागराज में 92, आजमगढ़ में 95, संभल में 101, बहराइच में 85, सुल्तानपुर में 88, संत कबीर नगर में 82, प्रतापगढ़ में 78, गोरखपुर में 80, मथुरा में 77, मुजफ्फरनगर में 75, देवरिया में 92, रायबरेली में 72, लखीमपुर खीरी में 68, गोंडा में 63, अंबेडकर नगर में 62, अमरोहा में 61, कन्नौज में 59, बरेली में 56, महराजगंज में 51, इटावा में 50, हरदोई में 50, फतेहपुर में 51, कौशांबी में 48, पीलीभीत में 46, शामली में 46 और बलिया में 50 लोग संक्रमित हैं।

    इसी तरह जलौन में 43, सीतापुर में 41, बागपत में 42, बलरामपुर में 40, भदोही में 43, मैनपुरी में 42, बदायूं में 40, चित्रकूट में 38, झांसी में 37, फरु खाबाद में 36, मिर्जापुर में 34, उन्नाव में 35, औरया में 29, एटा में 32, श्रावस्ती में 29, हाथरस में 28, बांदा में 24, मऊ में 28, चंदौली में 22, कानपुर देहात में 20, शाहजहांपुर में 23, कासगंज में 18, महोबा में 12, कुशीनगर में 17, सोनभद्र में 9, हमीरपुर में 6 और ललितपुर में 3 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

  • Unlock-1.0 के पहले ही दिन गड़बड़ हुआ ट्रेन संचालन…

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    अलीगढ़। कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच में लॉकडाउन 5.0 यानी अनलॉक 1.0 के पहले दिन एक जून से रेल सेवा बहाल होने पर भी संचालन पटरी पर नहीं है। दिल्ली से हावड़ा रूट की एक प्रमुख ट्रेन महानंदा महानंदा एक्सप्रेस को आज रद कर दिया गया। जिससे इसमें यात्रा करने का आरक्षण कराने वाले हजारों यात्री निराश हैं। उनको घंटों पहले रेलवे स्टेशन पहुंचा काफी खल रहा है।

    महानंदा एक्सप्रेस को सोमवार को प्रात: नौ बजे अलीगढ़ पहुंचना था। इसमें सवार होकर आगे का सफर करने की तैयारी में यात्री सुबह सात बजे ही स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन उनका निराशा हाथ लगी है। अब अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर आज की पहली ट्रेन करीब 12:30 बजे लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म दो पर पहुंचेगी।

    रेलवे ने फिलहाल अलीगढ़ में गोमती एक्सप्रेस के साथ पूर्वा एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, प्रयागराज एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस व महानंदा एक्सप्रेस के अलावा तीन स्पेशल ट्रेनों को ठहराव दिया है। इसके कारण रविवार से ही स्टेशन पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में रेलवे अधिकारी एवं कर्मचारी जुटे हुए थे।

    सोमवार से लॉकडाउन 4.0 के समाप्त होते ही दिल्ली हावड़ा मार्ग पर कई ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। ट्रेनों का संचालन शुरू होने को लेकर अलीगढ़ जंक्शन पर रेलवे अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। सफर करने वाले यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। स्टेशन पर गोले बनाए गए हैं। स्टेशन से जाने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा रही है।

    दिल्ली हावड़ा मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों में लखनऊ-दिल्ली गोमती एक्सप्रेस और अलीपुरद्वार-नई दिल्ली महानंदा एक्सप्रेस का स्टापेज अलीगढ़ जंक्शन स्टेशन पर है। दोनों अपडाउन ट्रेन अपने पूर्व निर्धारित समय पर चलेंगी। पहले ही दिन महानंदा एक्सप्रेस के रद होने से यात्री काफी निराश हैं।

     

  • योगी सरकार स्थापित करेगी ‘यूपी इन्वेस्ट एजेंसी’ घरेलू निवेशकों की मदद को

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    लखनऊ । राज्य में उद्योगों और व्यवसायों की स्थापना में घरेलू निवेशकों की मदद करने के लिए, योगी आदित्यनाथ सरकार ‘उद्योग बंधु’ के तहत एक ‘यूपी इन्वेस्ट एजेंसी’ की स्थापना करेगी। एजेंसी निवेशकों की सहायता करेगी, जब वे इसके लिए सरकार से संपर्क करेंगे। इस एजेंसी का फोकस स्थलों की पहचान करने, मंजूरी दिलाने और अन्य समस्याओं से निपटने में निवेशकों की सहायता करने पर होगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निकाय को एक प्रमुख पद दिया है और इसकी संरचना को अंतिम रूप देने के लिए कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।

    उत्तर प्रदेश के उद्योग मंत्री सतीश महाना ने कहा, “उत्तर प्रदेश विदेशी और घरेलू दोनों तरह के निवेशकों को आमंत्रित करके राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए कमर कस रहा है। इस महीने के शुरू में, हमने तीन देशों के लिए हेल्प डेस्क की स्थापना की थी। यूपी इन्वेस्ट एजेंसी विशेष रूप से घरेलू निवेशकों के लिए समर्पित होगी।”

    एजेंसी उद्योग बंधु के तहत काम करेगी और प्रत्येक निवेशक को एक समर्पित अधिकारी दिया जाएगा, जो निवेशक द्वारा सरकरा से संपर्क करने के दौरान और जब उद्योग की स्थापना होगी, उस दौरान सुचारु रूप से ट्रांजिशन सुनिश्चित करेगा।

    एजेंसी तेजी से निवेश पर भी फोकस करेगी, जिसके लिए सरकार ने 2018 इन्वेस्टर्स समिट के दौरान समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।

    मंत्री ने कहा कि सरकार ने 4.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे और 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं शुरू की थी। इन दो वर्षों में कई अन्य परियोजनाएं भी शुरू की गई हैं। एजेंसी अब निवेशकों के साथ संपर्क करेगी, जिनके साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे और देखेगी कि परियोजनाएं लंबित क्यों हैं। यदि उन्हें किसी भी सहायता की आवश्यकता होती है, तो एजेंसी उनकी मदद करेगी।

    मई की शुरुआत में, सरकार ने दक्षिण कोरिया, जापान और उत्तर प्रदेश के निवेशकों के साथ बातचीत करने और समाधान प्रदान करने के लिए उद्योग बंधु में चार सदस्यीय हेल्प डेस्क की स्थापना की।

  • अयोध्या के संतों ने की राम मंदिर के मौजूदा मॉडल में बदलाव करने की मांग

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    अयोध्या । अयोध्या में संतों के एक समूह ने स्थानीय भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता को एक ज्ञापन देकर राम मंदिर के मौजूदा मॉडल में बदलाव करने की मांग की है।

    दिगंबर अखाड़ा के प्रमुख महंत सुरेश दास के नेतृत्व में संतों ने रविवार शाम को विधायक के साथ इस विषय पर चर्चा की।

    विधायक ने सोमवार को कहा, “संतों ने एक ज्ञापन दिया है, जिसमें मौजूदा डिजाइन के बजाय नए भव्य डिजाइन के अनुसार राम मंदिर का निर्माण कराने के लिए कहा है।”

    उन्होंने आगे कहा, “संतों ने मुझसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को यह ज्ञापन भेजने का अनुरोध किया है, जो मैं भेज दूंगा।”

    संतों ने यह भी मांग की है कि राम जन्मभूमि स्थल पर चल रहे मंदिर निर्माण कार्य के पहले उनसे सलाह ली जानी चाहिए।

    सूत्रों ने बताया कि रविवार को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मिलने के लिए संतों ने कार्यक्रम निर्धारित किया था, लेकिन विहिप नेता राजेंद्र सिंह ‘पंकज’ ने हस्तक्षेप किया और संतों को इस मुद्दे को दबाने के लिए मना लिया।

    राम मंदिर के मौजूदा मॉडल को बदले जाने का मुद्दा उठाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले रामविलास वेदांती को भी इसके बाद दरकिनार कर दिया गया।

    1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान मंदिर के विहिप मॉडल को मंजूरी दी गई थी। मॉडल को अयोध्या में कारसेवकपुरम में जनता के देखने के लिए रखा गया है।

    संत अब चाहते हैं कि मंदिर को ‘फिर से प्रतिरूपित’ किया जाए, यानी उसका नया मॉडल बनाया जाए, ताकि यह और भव्य और ऊंचा हो। वे चाहते हैं कि मंदिर भव्यता में अद्वितीय हो।

    केंद्र सरकार द्वारा देशभर में निर्माण कार्य की अनुमति दिए जाने के बाद 11 मई को अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। राम जन्मभूमि स्थल पर अभी जमीन के समतलीकरण का काम चल रहा है।

    राम मंदिर का वास्तविक निर्माण ‘भूमिपूजन’ के बाद शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया जाएगा।

    हालांकि, अभी तक आयोजन की कोई तारीख तय नहीं की गई है।

  • यूपी में कोरोना के खौफ ने खत्म की इंसानियत, परिवार ने सड़क पर छोड़ा अपने ही परिजन का शव

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    प्रयागराज । कोरोनावायरस के खौफ के चलते एक परिवार ने 35 वर्षीय एक परिजन के शव को सड़क के किनारे छोड़ दिया, जबकि उसकी मौत अस्थमा और दिल की बीमारियों से हुई थी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। प्रवासी श्रमिक चार दिन पहले मुंबई से प्रतापगढ़ में अपने गांव लौटकर आया था और शनिवार को उसे सांस और हृदय रोगों के चलते स्वरूप रानी अस्पताल लाया गया था।

    रानीगंज के डिप्टी एसपी अतुल अंजन त्रिपाठी ने संवाददाताओं को बताया, “एक डॉक्टर से सलाह लेने के बाद घर लौटते समय उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। परिवार के सदस्यों को संदेह था कि उसकी मौत कोरोनावायरस से हुई है, लिहाजा उसके शव को गांव के बाहर छोड़ दिया और घर चले गए।”

    रविवार तड़के प्रयागराज-प्रतापगढ़ राजमार्ग पर रानीगंज पुलिस स्टेशन के अंडर आने वाले दमदम गांव में सड़क किनारे पड़े शव को लोगों ने देखा।

    पुलिस ने परिवार का पता लगाया लेकिन उन्होंने शव को लेने से इनकार कर दिया।

    उन्होंने आगे बताया, “प्रवासी को थर्मल स्कैनिंग और चिकित्सीय जांच के बाद 21-दिवसीय होम संगरोध की सलाह दी गई थी। उसको अस्थमा और हृदयरोग की समस्या थी।”

    एक स्वास्थ्य टीम ने बाद में मृत व्यक्ति के चिकित्सा इतिहास का विश्लेषण किया और कहा कि अस्थमा और दिल की बीमारी के कारण हुई जटिलताओं से उसकी मृत्यु हो गई।

    वरिष्ठ पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने तब परिवार को आश्वस्त किया कि वह कोरोनावायरस से नहीं मरा और यहां तक कि शरीर से एक नमूना भी लिया और परीक्षण के लिए भेजा।

    अधिकारियों ने परिवार के डर को दूर करने के लिए उन्हें पीपीई किट और सैनिटाइजर दिया। अंतत: रविवार शाम को प्रयागराज में शव का अंतिम संस्कार किया गया।

  • 2 सपा कार्यकर्ता राजनाथ की गुमशुदी का पोस्टर लगाने के आरोप में गिरफ्तार

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    लखनऊ, । केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लखनऊ के विधायक सुरेश श्रीवास्तव के ‘गुमशुदा’ पोस्टरों को कथित रूप से चिपकाने को लेकर समाजवादी पार्टी के दो कार्यकतार्ओं पर मामला दर्ज किया गया है। सिंह लखनऊ से सांसद भी हैं। यह पोस्टर शनिवार दोपहर को सआदतगंज, पारा, ठाकुरगंज और तालकटोरा क्षेत्रों में चिपकाए गए थे।

    पोस्टर लगने की खबर फैलते ही भाजपा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में क्षेत्रों में पहुंच गए और लखनऊ के विधायक सुरेश श्रीवास्तव के निजी सचिव विजय शुक्ला ने पारा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

    शुक्ला ने पुलिस में की अपनी शिकायत में कहा कि समीर खान उर्फ सुल्तान और जय सिंह यादव ने भाजपा सांसद और विधायक की छवि धुमिल करने के लिए पोस्टर चस्पा किया।

    पोस्टरों में दो सपा कार्यकतार्ओं के नाम शामिल थे।

    पारा के एसएचओ त्रिलोकी नाथ ने कहा कि खान और यादव पर मानहानि और शरारत भरे के बयान के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। सिंह ने रविवार सुबह को कहा कि ‘दोनों पुलिस हिरासत में हैं।’

    वहीं सपा कार्यकर्ताओ के खिलाफ तालकटोरा पुलिस स्टेशन में भी एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह प्राथमिकी एक धर्मेंद्र शर्मा की शिकायत पर दर्ज की गई थी।

  • फिर बोला BJP विधायक श्याम प्रकाश हमला, कहा ….

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    हरदोईकोरोना वायरस के संक्रमण काल में भी चर्चा का विषय बने भारतीय जनता पार्टी के विधायक श्याम प्रकाश ने एक बार फिर सरकारी काम में कमीशन तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। श्याम प्रकाश ने इससे पहले भी अपनी विधायक निधि का दुरुपयोग होने का आरोप लगाकर कोविड-19 सीएम फंड में दी गई धनराशि वापस मांगी थी।

    हरदोई जिले के गोपामऊ से भारतीय जनता पार्टी के विधायक श्याम प्रकाश ने सोशल मीडिया पर मनरेगा में चल रहे काम में कमीशन और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में सवाल उठाए हैं। विधायक श्याम प्रकाश ने मनरेगा पर कहा कि बिना कमीशन कोई भी स्टीमेट पास नहीं होता है। उन्होंने कहा कि अफसर घूस लेना छोड़ दे, तो प्रधान भी सुधर जाएंगे। यहां पर तो बिना घूस के कलम नहीं चलती, वर्षों तक मजदूरों का रुपया नहीं आता है। उनके निशाने पर अधिकारी हैं।

    हरदोई की गोपामऊ विधान सभा क्षेत्र से विधायक श्याम प्रकाश ने अपनी फेसबुक आइडी पर की गई पोस्ट में मनरेगा में कमीशन और भष्टाचार की बात कही है। उन्होंने लिखा कि मनरेगा गरीब मजदूरों के  पसीने की कीमत है। यहां पर प्रधान फर्जी भुगतान को मजबूर हैं, क्योंकि मस्टर रोल और स्टीमेट से ही प्रधान को कमीशन देने की शुरुआत करनी पड़ती है।

    यदि अधिकारी केवल गरीबों के हित का ध्यान में रखकर इस योजना में कमीशन लेना छोड़ दें और फिर सख्त कार्रवाई करें तो भ्रष्टाचार रुक सकता है। यह भी याद रखना चाहिए कि इसमें सड़कें बनवाने के विवाद में प्रधानों को अपनी जान तक देनी पड़ती है। हम जानते है कि फेसबुक पर कमेंट करना तो बहुत आसान है, किंतु प्रधानों की समस्याएं समझना मुश्किल है।

    जिसने रिश्वत नहीं दी उसका डोंगल नहीं लगता। एक वर्ष होने पर भी हजारों मनरेगा मजदूरों का भुगतान आज तक नहीं नहीं। विधायक श्याम प्रकाश के पुत्र रवि प्रकाश टडिय़ावां विकास खंड की ग्राम पंचायत भड़ायल से प्रधान भी हैं। विधायक के मनरेगा पर की गई पोस्ट पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसमें अभी सत्तपक्ष के सदस्य कुछ बोल नहीं रहे हैं तो विपक्षी दलों ने कमेंट शुरू कर दिए हैं।