Category: uttar-pradesh

  • भड़के सपाई पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर अभद्र टिप्पणी करने पर, कराया दर्ज मुकदमा

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    गोरखपुर। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अभद्र टिप्पणी किए जाने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। सपा कार्यकर्ताओं की तहरीर पर गोरखपुर की कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी के साथ थाने पहुंचकर इस संबंध में तहरीर दी थी।

    यह है मामला

    पूर्व मुख्यमंत्री 29 मई को एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उस कार्यक्रम की वीडियो पार्टी के आधिकारिक वेबसाइट पर पोस्ट की गई थी। आरोप है कि उसी पोस्ट पर पंकज गिरी नाम के व्यक्ति ने पूर्व मुख्यमंत्री को लेकर अभद्र टिप्पणी की है। इस मामले में गबीश दुबे की तरफ से दी गई तहरीर में इसे घोर आपराधिक कृत्य बताते करार देते हुए अविलंब मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई थी। कैंट के प्रभारी थानेदार विवेक मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर आइटी एक्ट और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

    इस दौरान प्रमुख रुप से जिला अध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी, पूर्व महानगर अध्‍यक्ष जियाउल इस्लाम, जगदीश यादव, डॉ मोहसिन खान, अवधेश यादव, प्रहलाद यादव, मनोज यादव, कालीशंकर, शहाब अंसारी, राघवेंद्र तिवारी राजू, मैना भाई, कपिल मुनि यादव, राहुल गुप्ता , गवीश दुबे, नौशाद अहमद, राजेश सिंह सैथवार, सुरेश यादव, अभिषेक यादव, सुधीर यादव, अर्जुन यादव, भृगुनाथ निषाद, संजय सिंह, कमल किशोर यादव आदि मौजूद रहे।

    सपा जिलाध्‍यक्ष ने कहा, अक्षम्‍य अपराध

    समाजवादी पार्टी के जिलाध्‍यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा कि सपा अध्‍यक्ष पर इस तरह की टिप्‍पणी अक्षम्‍य अपराध है। इसे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता किसी भी दशा में स्‍वीकार नहीं करेंगे। उन्‍होंने कहा कि यदि पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर टिप्‍पणी करने वाले व्‍यक्ति के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई नहीं की तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। उन्‍होंने कहा कि हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर अभद्र टिप्पणी करने से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।

  • डीएम ने किया गेहूं क्रय केन्द्र का औचक निरीक्षण

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    किसानों को परेशानी होने पर होगी कार्यवाही……डीएम।

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    केंद्र पर लक्ष्य के सापेक्ष कम खरीद करने व अन्य अनिमियता पाये जाने पर केंद्र प्रभारी को निलंबित करने के निर्देश।

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    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने आज साधन सहकारी समिति लिमिटेड निहालगढ़, जगदीशपुर के गेहूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि इस वर्ष का लक्ष्य 08 हजार कुंटल निर्धारित है परंतु अब तक कुल 16 किसानों से मात्र एक हजार कुंतल गेहूं की खरीद की गई है। जिसमें से 08 किसानों को 09 लाख 48 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है लक्ष्य के सापेक्ष कम खरीद करने, निरीक्षण के दौरान केंद्र बंद पाए जाने, केंद्र से एफसीआई गोदाम तक डिलीवरी ना करने, स्टॉक रजिस्टर बाइक में रखने, केंद्र से दूर बैठकर काम करने तथा पूछने पर संतोषजनक उत्तर न दे पाने पर जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव को निलंबित कर उनके स्थान पर अन्य नियुक्ति करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र पर मौजूद तीन संदिग्ध व्यक्तियों को मौके पर पकड़ते हुए उनसे पूछताछ करने के निर्देश एसओ जगदीशपुर को दिए। जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारी को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि गेहूं की खरीद सीधे किसानों से की जाए किसी भी दलाल/बिचौलिए के माध्यम से खरीद करते पाए जाने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त किसानों से अपील किया कि वे अपना गेहूं क्रय केंद्र पर ही बेचें। उन्होंने बताया कि इस बार गेहूं का मूल्य प्रति कुंतल 1925 रुपए निर्धारित किया गया है। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र पर किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए तथा जिन किसानों का गेहूं क्रय किया जाए उनके खाते में आरटीजीएस के माध्यम से धनराशि भेज दी जाए। जिलाधिकारी ने केंद्र पर मौजूद काटा, छन्ना तथा नमी मापक यंत्र के साथ ही किसानों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या/समाधान/सुझाव हेतु जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के मोबाइल नंबर 7233870888 पर संपर्क किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।

  • उत्तर प्रदेश में आंधी तूफान व आकाशीय बिजली ने ली 13 लोगों की जान

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    लखनऊ | उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार रात आई आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने के कारण 13 लोगों की जान चली गई। मारे गए लोगों में आठ उन्नाव से और कन्नौज जिले से पांच लोग शामिल हैं।

    वहीं कई जिलों में संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये और घायल व्यक्तियों के उचित इलाज की घोषणा की है।

    उन्नाव के अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) राकेश सिंह ने कहा, “जिले में बारिश और आंधी में आठ लोगों की मौत हो गई। जापसारा गांव में बिजली गिरने से एक 14 वर्षीय लड़की और एक 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं बिजली गिरने से एक 70 वर्षीय महिला को भी गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें सुमेरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।”

    एडीएम ने कहा कि बिजली गिरने से हरिश्चंद्रपुर निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बस्ती खेड़ा निवासी 26 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो उस पर पेड़ गिरने से हो गई।

    वहीं आंधी के दौरान सेमरिमऊ और परशुराम पुरवा गांवों के दो व्यक्तियों की मौत तब हो गई जब उन पर पेड़ गिर गया।

    कन्नौज जिले के विभिन्न हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने से करीब पांच लोगों की मौत हो गई है।

    अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) गजेंद्र कुमार ने कहा कि छतरपुर गांव में एक गैस सर्विस गोदाम की छत गिरने से पिकअप वाहन के 45 वर्षीय चालक की मौत हो गई।

    सुरसा गांव के दिनेश पाल की दीवार गिरने के कारण उसके नीचे आने से मौत हो गई, जबकि भिकनीपुरवा निवासी 80 वर्षीय व्यक्ति की मौत भी घर की दीवार गिरने से उसके नीचे दबने से हो गई।

    वहीं तिजलापुर गांव में तेज हवाओं के कारण एक ट्रोली के पलटने से उसके नीचे आए आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। यह चौथी मौत थी।

    पांचवीं मौत रमाईपुर में हुई, जहां एक पेड़ के गिरने के दौरान उसकी चपेट में आए एक युवक की मौत हो गई।

    लखनऊ में शनिवार शाम को 57.4 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई। इसने एक दिन में हुई इतनी बारिश का 61 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

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  • मेरठ में दबोचा गया खालिस्तान समर्थक आतंकी

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    मेरठ । उत्तर प्रदेश के आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) और पंजाब पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के संयुक्त ऑपरेशन में शनिवार रात मेरठ के थापर नगर से खालिस्तान समर्थक एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया। संदिग्ध तीरथ सिंह की यहां मौजूदगी की सूचना पंजाब पुलिस को मिली, जिसे उन्होंने उत्तर प्रदेश के एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वाड) के पास भेज दिया। 32 वर्षीय आतंकी तीरथ सिंह पर जनवरी 2020 में मोहाली पुलिस द्वारा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

    उत्तर प्रदेश एटीएस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी.के. ठाकुर ने कहा कि आतंकी के कब्जे से खालिस्तान मूवमेंट से संबंधित साहित्य को जब्त करने के साथ ही जरनैल सिंह भिंडरावाले के पोस्टर भी बरामद किए गए हैं।

    अधिकारी ने कहा कि तीरथ सिंह का सोशल मीडिया अकाउंट और व्हाट्सएप खालिस्तान मूवमेंट के समर्थन वाले संदेशों से भरा हुआ है।

  • CM योगी आदित्यनाथ गहन मंथन के बाद आज खोलेंगे UnLock -1 के पत्ते

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    लखनऊ। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच केंद्र सरकार ने एक और लॉकडाउन यानी लॉकडाउन 5.0 को 30 जून तक बढ़ाया है। इसमें कंटेनमेंट (सील) जोन में अभी भी लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अनलॉक-1.0 के नाम से शुरू की जा रही व्यवस्था में आवागमन से लेकर लगभग सभी गतिविधियों को शर्त के साथ शुरू किया जा रहा है।

    लॉकडाउन 5.0 में यह राहतें जनता को देने के लिए राज्य सरकार भी तैयार तो है लेकिन, उससे पहले उत्तर प्रदेश के लिहाज से समीक्षा की जा रही है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भी आज लॉकडाउन 5.0 को लेकर अपनी गाइडलाइन जारी करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यूपी सरकार संक्रमण के खतरों का ध्यान रखते हुए आवश्यक कदम उठाएगी। लॉकडाउन 5.0 में देश के सभी हिस्सों में रात को 9 बजे से सुबह 5 बजे तक अब नाइट कर्फ्यू रहेगा।

    उत्तर प्रदेश में भी कंटेनमेंट (सील) जोन में एक से 30 जून तक लॉकडाउन पूरी सख्ती से लागू रहेगा। सूबे में सिर्फ जरूरी सेवाओं की ही इजाजत होगी। कांटेक्ट ट्रेसिंग, घर-घर सर्विलांस का काम जारी रहेगा। बफर जोन में जिला प्रशासन अपने विवेकानुसार पाबंदियां लगा सकता है या छूट दे सकता है।

    लॉकडाउन 5.0 को अनलॉक-1.0 भी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान योगी आदित्यनाथ सरकार एक से 30 जून तक प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत दे सकती है। इसमें भी योगी आदित्यनाथ सरकार कंटेनमेंट जोन को लेकर बेहद गंभीर है। इस जोन में अब और भी सख्ती बढ़ेगी। जिन जिलों में संक्रमण कम हो रहा है, वहां पर बड़ी राहत देने की तैयारी है।

    प्रदेश सरकार गाइडलाइन के तहत छूट के बड़े ऐलान कर सकती है। केंद्र सरकार की हर गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में धार्मिक स्थलों को सोशल डिस्टेंसिंग के सख्त पालन के साथ खोलने की अनुमति दी जा सकती है। इससे पहले भी कई संगठन पहले ही धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग कर चुके हैं।

    प्रदेश सरकार लखनऊ मेट्रो को चलाने का ऐलान कर सकती है। यह तो शहर की लाइफ लाइन मानी जाती है। इसके साथ ही रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल को खोलने की इजाजत मिल सकती है। प्रदेश सरकार जिलों के साथ ही एक से दूसरे राज्य में आवाजाही के लिए किसी भी तरह के पास की जरूरत को खत्म कर सकती है।

    लॉकडाउन 5.0 में योगी आदित्यनाथ सरकार अभी भी कई सावधानी को बरकरार रखना चाहती है। इनमें चेहरे को फेस मॉस्क या अगोंछा से ढकना तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग का का पालन करना अनिवार्य होगा। भले ही सभी दुकानें खुलें, लेकिन दुकान के अंदर पांच से ज्यादा लोगों को रहने की इजाजत नहीं जाएगी। इस दौरान दुकान में एक दूसरे के बीच 6 फुट की दूरी अनिवार्य होगा। विवाह में अधिकतम 50 और अंतिम संस्कार के लिए पहले की तरह ही अधिकतम 20 लोगों को शामिल होने की इजाजत होगी। प्रदेश में कहीं पर भी सार्वजनिक स्थल पर पान, गुटखा और तंबाकू खाकर थूकने पर पाबंदी बरकरार रहेगी। फिलहाल 65 वर्ष से अधिक के बुजुर्ग, गर्भवती महिला और दस वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर में ही रहने की सलाह दी गई है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया मंथन

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार रात टीम-11 के अधिकारियों के साथ अनलॉक-1.0 पर मंथन किया। केंद्र सरकार ने एक से 30 जून तक लागू किए जा रहे अनलॉक-1 के संदर्भ में गाइडलाइन शनिवार शाम को जारी कर दीं। इनका पालन परिस्थिति अनुसार कराने की काफी कुछ छूट राज्य सरकारों को है, इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विचार-विमर्श के बाद मुख्य सचिव आरके तिवारी सहित शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी गाइडलाइन के अध्ययन और प्रदेश में संक्रमण के हालात की समीक्षा में जुट गए। उसके आधार पर देर रात तक प्रदेश के लिए अनलॉक-1.0 की गाइडलाइन तैयार करने का काम होता रहा।

    अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गाइडलाइन लगभग तय की जा चुकी हैं, जो कि रविवार को जारी कर दी जाएंगी। वहीं, मुख्यमंत्री योगी ने भी इस संबंध में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- कोरोना महामारी के दृष्टिगत लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को चरणबद्ध ढंग से समाप्त करने के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जारी नवीनतम निर्देशिका स्वागतयोग्य है। इस क्रम में संक्रमण के खतरों का ध्यान रखते हुए यूपी सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।

    इससे पहले भी चरणवार लॉकडाउन की जो भी गाइडलाइन केंद्र से जारी हुई हैं, उनके आधार पर प्रदेश की गाइडलाइन बनाने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों से सलाह ली और अधिकारियों के साथ बैठक की। फिर प्रदेश के हालात को देखते हुए ही रियायत और सख्ती पर फैसला किया गया।

    कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए देश में 24 मार्च से ही लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन 4.0 एक दिन बाद आज यानी 31 मई को खत्म हो रहा है। लॉकडाउन के चौथे चरण में काफी ढील दी गई और कई फैसले राज्यों पर छोड़ दिए गए थे। गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (28 मई) को मुख्यमंत्रियों से बात की थी और राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को 31 मई के बाद बढ़ाए जाने पर उनके विचार-विमर्श किया था। लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ति से महज तीन दिन पहले गृह मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से टेलीफोन पर बातचीत की।

    अनलॉक -1.0 के नए नाम के साथ आया लॉकडाउन-5.0

    -सरकार ने अनलॉक 1 के नाम से लॉक डाउन 5 जारी किया।

    -सरकार ने अनलॉक 1 की गाइडलाइन जारी की।

    -1 जून से 30 जून तक अनलॉक का एलान।

    -एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की जरूरत नहीं।

    -8 जून से शर्तों के साथ धार्मिक स्थल खुलेंगे

    -जुलाई में स्कूल खोलने का फैसला लिया।

    -30 जून तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा।

    -रात्रि 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक कर्फ्यू जारी रहेग

    -होटल रेस्टोरेंट 8 जून से खुलेंगे।

    -कंटोमेन्ट जॉन 30 जून तक बंद रहेंगे।

    -जिम स्विमिंग पूल खोलने पर अभी फैसला नहीं लिया।

    -सार्वजनिक जगहों पर मास्क लगाना जरूरी

    -सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना जरूरी।

    -अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोग

    -सार्वजनिक स्थल पर थूकना अपराध

    -सार्वजनिक स्थलों पर पान मसाला खाना वैन।

    -शादियों में अधिकतम 50 मेहमान की इजाजत।

    -8 जून से मॉल शॉपिंग सेंटर खुलेंगे।

     

  • जिलाधिकारी ने विकास खण्ड भदैयॉ का किया आकस्मिक निरीक्षण किया

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुलतानपुर। जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने आज जल गॉव घोषित ग्राम पंचायत मलिकपुर विकास खण्ड भदैयॉ का आकस्मिक निरीक्षण किया, निरीक्षण में मनरेगा के अन्तर्गत तालाब की खुदाई होती हुयी पायी गयी। उन्होंने निरीक्षण के दौरान तालाब खुदाई में लगे कुल 25 महिला श्रमिकों द्वारा कार्य करते हुए पाये जाने पर प्र्रसन्नता व्यक्त की और इसे महिला सशक्तीकरण उदाहरण माना। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि तालाब के चारो तरफ वृक्ष लगाकर ट्री-गार्ड से संरक्षित करायें।
    जिलाधिकारी ने तालाब पर कार्य कर रहे श्रमिकों से उन्हें समय से प्राप्त होने वाले पारिश्रमिक के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। श्रमिकों ने बताया कि हम सबको समय से पारिश्रमिक मिलता है। उन्होंने निगरानी समिति के अध्यक्ष से ग्राम पंचायत मलिकपुर में बाहर से आये हुए व्यक्तियों के विषय में भी जानकारी प्राप्त की। ग्राम प्रधान ने बताया कि इस ग्राम पंचायत में 29 व्यक्ति बाहर से आये हुए हैं। सभी को होम क्वारंटाइन किया गया है तथा उन सब के घरों के सामने फ्लायर्स भी लगाया गया है, जिसकी निगरानी निगरानी समिति के सदस्यों द्वारा नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि जो व्यक्ति बाहर से आयें हैं। उन्हें मनरेगा जॉब कार्ड उपलब्ध कराकर कार्य आवंटित किया जाय।
    तत्पश्चात जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत मलिकपुर में मनरेगा के अन्तर्गत कराये गये बाँध निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डी0सी0 मनरेगा व खण्ड विकास अधिकारी भदैयॉ को निर्देशित किया कि इस गाँव में मिशन थाउजेण्ड के अन्तर्गत मत्स्य पालन हेतु तालाब का पट्टा आवंटित कराकर तालाब खुदवाया जाय। उन्होंने कुओं का भी सौन्दर्यीकरण कराने का निर्देश दिया। उन्होंनें बाँधों के किनारे वृक्ष लगाये जाने तथा ग्राम समूह की महिलाओं द्वारा सीडबाल तैयार कराकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण कराने हेतु निर्देशित किया।
    इस अवसर पर डी0सी0 मनरेगा विनय कुमार, खण्ड विकास अधिकारी भदैयॉ राम मिलन वर्मा, सहायक विकास अधिकारी पंचायत संतोष पाल, ए0पी0ओ0 आशुतोष वर्मा, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान अबुशहवाज आदि उपस्थित रहे।

  • रेलवे द्वारा किया जा रहा है श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों को नजरअंदाज: प्रियंका गाँधी

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    नई दिल्ली,| कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों को रेलवे द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके कारण 40 प्रतिशत ट्रेन देरी से चल रही हैं, कई लोग अपने रास्ते से भटक गए हैं और 80 यात्रियों की मौत हो गई है।

    उन्होंने ट्वीट किया, “रेल मंत्रालय का कहना है कि कमजोर लोगों को यात्रा नहीं करनी चाहिए, जो कि चौंकाने वाली बात है। श्रमिक ट्रेनों को शुरू से ही अनदेखा किया जा रहा है। इस समय रेलवे को लोगों के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए।”

    रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी.के. यादव ने शुक्रवार को कहा था, “रेल यात्रा के दौरान कुछ लोगों की मौत हो गई, रेलवे इसका विवरण जुटा रहा है।”

    उन्होंने आगे कहा, “इस मुश्किल समय में रेलवे अपनी पूरी कोशिश कर रहा था। 12 लाख रेलवे कर्मचारी हर ट्रेन को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहे थे।”

    मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 4,000 से अधिक श्रमिक गाड़ियों ने 54 लाख से अधिक लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया है। इसमें कहा गया है कि राज्यों को भेजने संबंधी सभी अनुरोध पर काम किया।

    उन्होंने कहा, “कई राज्यों ने अपनी आवश्यकताओं को कम कर दिया है, यह दर्शाता है कि काम पूरा होने वाला है।” लगभग 75 फीसदी ट्रेनें उत्तर प्रदेश और बिहार जा रही हैं और बाकी पूर्वी भारत की ओर जा रही थीं।

  • UP की 19 नदियों को मनरेगा मज़दूर करेंगे पुनर्जीवित

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    लखनऊ| लॉकडाउन भले ही कई लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में यह 19 नदियों के लिए वरदान बनकर आया है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने आईएएनएस को बताया कि मनरेगा के तहत इन प्रवासी मजदूरों को नदियों को पुनर्जीवित करने के काम में लगाया जाएगा। उन्होने कहा, “नदियों को नया जीवन देने के लिए मनरेगा मजदूरों को गाद हटाने के काम में लगाया जाएगा।”

    कायाकल्प की जाने वाली नदियों में सई, पांडु, मंदाकिनी, टेढ़ी, मनोरमा, वरुणा, ससुर खदेरी, अरेल, मोराओ, तमसा, नाद, कर्णावती, बाण, सोन, काली, दधी, ईशान, बूढ़ी गंगा और गोमती हैं।

    उन्होंने कहा, “इनमें से अधिकांश छोटी नदियां हैं। उदाहरण के लिए, रूहेलखंड क्षेत्र में अरेल बहती है। सई नदी उन्नाव, हरदोई और लखनऊ से होकर गुजरती है। लापरवाही के कारण इनमें से कुछ नदियां लुप्त हो गई हैं। हम इन्हें पुनर्जीवित करने के लिए मनरेगा कार्यबल का उपयोग करेंगे।”

    ये नदियां बहराइच, गोंडा, बस्ती, औरैया, कन्नौज, कानपुर, कानपुर देहात, प्रतापगढ़, फतेहपुर, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी, कौशांबी, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ, जौनपुर, लखीमपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं, बरेली, चित्रकूट, अयोध्या, अंबेडकरनगर, मिजार्पुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा, कासगंज और अमरोहा जैसे 39 जिलों से होकर गुजरती हैं।

    मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे काम आगे बढ़ेगा, हम देखेंगे कि नदियों को सिंचाई सुविधा बढ़ाने और बाढ़ से होने वाले नुकसान को नियंत्रित करने के लिए जोड़ा जा सकता है या नहीं।

    ग्रामीण विकास विभाग जल शक्ति मंत्रालय के साथ समन्वय में काम करेगा। प्रधान सचिव (ग्रामीण विकास) की अध्यक्षता में एक राज्यस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

    उन्होंने कहा, “हर जिले में प्रवासी मजदूर उपलब्ध हैं और श्रम की आसान उपलब्धता से परियोजना को गति मिलेगी। हम मानसून की शुरुआत से पहले काम का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर लेना चाहते हैं।”

    मार्च 2017 में कार्यभार संभालने के कुछ दिनों बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश की नदियों को पुनर्जीवित करना प्राथमिकता होगी, क्योंकि इसका कृषि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

  • कंटेनमेंट जोन छोड़ बहार निकला बाकी यूपी लॉकडाउन से….

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    लखनऊ। दो महीने से भी अधिक से समय से तमाम बंदिशों में जी रहा उत्तर प्रदेश अब लॉकडाउन से बाहर निकलने वाला है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन पर ही चलते हुए यूपी की योगी सरकार ने दुकान, बाजार, मंडी, शॉपिंग मॉल, धर्मस्थल और परिवहन सहित सभी आर्थिक गतिविधियों को अनलॉक यानी बंदिशों से मुक्त कर दिया है। हां, कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए फिलहाल मास्क, सैनिटाइजर और शारीरिक दूरी के पालन जैसी शर्तों के साथ जिंदगी फिर पहले जैसे ढर्रे पर होगी।

    कुछ राहतें एक जून से तो कुछ आठ जून से मिलेंगी। पहले और दूसरे चरण की कुछ रियायतों पर अभी सरकार का मंथन चल रहा है। कंटेनमेंट जोन में पाबंदियां पहले की तरह ही रहेंगी। उत्तर प्रदेश के लिए एक से तीस जून तक की गाइडलाइन रविवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी ने जारी कर दी।

    राज्य सरकार का फैसला : कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से निम्नानुसार छूट दी जाएगी।

    पहला चरण और दूसरा चरण : इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।

    शैक्षिक संस्थानों पर जुलाई में निर्णय : सभी स्कूल-कॉलेज, शैक्षिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान आदि को जुलाई में भारत सरकार के संभावित दिशा-निर्देशों के अनुरूप खोला जाना प्रस्तावित है।

    तीसरा चरण : ये गतिविधियां अगले आदेशों तक स्थगित रहेंगी

    • अंतरराष्ट्रीय विमान यात्राएं (गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति प्राप्त यात्राओं को छोड़कर)
    • मेट्रो-रेल सेवाएं

    ये भी अगले आदेशों तक रहेंगे बंद : सिनेमा हॉल, जिम्नेजियम, तरणताल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार एवं सभागार, एसेंबली हॉल और इस प्रकार के अन्य स्थान।

    बदला नाइट कर्फ्यू का समय : रात्रि नौ से सुबह पांच बजे तक किसी भी व्यक्ति, वाहन आदि का आवागमन निषिद्ध रहेगा। सिर्फ आवश्यक गतिविधियों की इजाजत मिलेगी।

    आठ जून से ये होगा शुरू

    • धर्मस्थल, पूजा स्थल
    • होटल-रेस्टोरेंट और अन्य अतिथि सेवाएं
    • शॉपिंग मॉल्स

    नोएडा-गाजियाबाद के कंटेनमेंट जोन के लिए विशेष नीति : गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली से आने वाले हॉटस्पॉट एरिया, कंटेनमेंट जोन के अंदर के व्यक्तियों पर प्रतिबंध रहेगा। लोक स्वास्थ्य हित को सुनिश्चित करने के लिए गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद के जिला प्रशासन द्वारा पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग से विचार-विमर्श कर भारत सरकार के गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार निर्णय लेकर अपने स्तर से अलग आदेश जारी करेंगे।

    यूपी में इन गतिविधियों को मिली सशर्त अनुमति

    तीन पालियों में चलेंगे सरकारी कार्यालय : सभी सरकारी कार्यालय सौ फीसद उपस्थिति के साथ खुलेंगे लेकिन, स्टाफ को तीन पालियों में बांटकर बुलाया जाएगा। पहली पाली सुबह नौ से शाम पांच बजे तक, दूसरी पाली सुबह दस से शाम छह बजे तक और तीसरी पाली सुबह 11 से शाम सात बजे तक होगी।

    उद्योगों को नाइट शिफ्ट में रखना होगा यह ख्याल : सभी प्रकार की औद्योगिक गतिविधियों को कंटेनमेंट जोन के बाहर अनुमति होगी लेकिन, बसों का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक किया जाएगा। उद्योगों में नाइट शिफ्ट की अनुमति भी होगी लेकिन, उन्हें सुरक्षित परिवहन का साधन संबंधित औद्योगिक इकाई द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।

    सुबह नौ से रात नौ बजे तक खुलेंगे सभी बाजार : सभी बाजार सुबह नौ से रात्रि नौ बजे तक खोले जाएंगे। बाजारों को इस प्रकार से खोला जाएगा कि प्रत्येक दिन अलग-अलग बाजार खुलें और शारीरिक दूरी व अन्य सभी निर्देशों का पालन हो। इस संबंध में जिला प्रशासन स्थानीय व्यापार मंडल व जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर व्यवस्था बनाएंगे। इसके आदेश जिला स्तर पर ही जारी होंगे।

    कोरोना बचाव के उपाय जरूरी : पूरे प्रदेश में जो भी दुकानें खुलेंगी, उनके सभी दुकानदारों को फेस कवर, फेस मास्क, ग्लव्स का इस्तेमाल करना होगा। दुकान में सैनिटाइजर की व्यवस्था करनी होगी, जिससे कि आने वाले सभी व्यक्तियों को संक्रमण से बचाया जा सके। किसी भी खरीदार को यदि उसने मास्क नहीं पहना है तो बिक्री नहीं की जाएगी। सुपर मार्केट आदि खोलने की अनुमति होगी लेकिन, अन्य दुकानों की तरह उन पर भी शारीरिक दूरी, मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजेशन की शर्तें लागू रहेंगी।

    शहरों में नहीं लगेंगी साप्ताहिक मंडियां : मुख्य सब्जी मंडी सुबह चार से सात बजे तक, रिटेल वितरण सुबह छह से नौ बजे तक होगा। सब्जी व फल मंडियों को खुले व बड़े स्थानों पर स्थापित कर प्रात: आठ से शाम आठ बजे तक सामान्य लोगों के लिए खोला जा सकेगा। शहरी क्षेत्रों में कोई भी साप्ताहिक मंडी नहीं लगेगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए लगानी होगी।

    मिठाई की दुकानें खुलीं : मिठाई की दुकानें इस शर्त के साथ खोलने की अनुमति होगी कि कोई बैठकर नहीं खाएगा और बिक्री के समय प्रवेश द्वार शारीरिक दूरी के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

    शादी में शामिल हो सकेंगे सिर्फ तीस लोग : बारात घर खोले जाएंगे लेकिन, शादी के लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसमें तीस लोगों से ज्यादा को अनुमति नहीं होगी। शादी-बारात घर में किसी भी रूप में शस्त्र ले जाना वॢजत होगा।

    सैलून और ब्यूटी पार्लर भी खुलेंगे : सैलून-ब्यूटी पार्लर की दुकानों को शारीरिक दूरी और प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करने के साथ खोलने की अनुमति होगी। इसमें बाल काटने आदि कार्य करने वाले स्टाफ को काम करने के दौरान फेस शील्ड व ग्लव्स पहनना अनिवार्य होगा। अन्य स्टाफ द्वारा भी फेस मास्क, फेस कवर, ग्लव्स का प्रयोग किया जाएगा। यदि कपड़े का इस्तेमाल होता है तो एक बार ही प्रयोग हो या डिस्पोजेबल कपड़ा और सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा।

    पटरी दुकाने खुलेंगी : स्ट्रीट वेंडर, पटरी व्यवसायी को अपना कार्य करने की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें केवल खुले स्थानों पर सारे सुरक्षा मानकों के साथ बिक्री करने की अनुमति होगी।

    निजी अस्पतालों को लेनी होगी ऑपरेशन की अनुमति : नर्सिंग होम और प्राइवेट अस्पतालों को इमरजेंसी व आवश्यक ऑपरेशन करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की अनुमति लेनी होगी। सभी सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण के बाद ही अस्पताल खोलने की अनुमति दी जाएगी।

    वाहनों में बैठ सकेंगी पूरी सवारियां

    • टैक्सी, कैब सर्विस, थ्री-व्हीलर, ऑटो, ई-रिक्शा को चलाने की अनुमति इस शर्त के साथ होगी कि निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार ही सवारी-यात्री बिठाए जाएंगे। सभी यात्रियों को फेस मास्क, फेस कवर पहनना आवश्यक होगा। वाहनों में सैनिटाइजर पर्याप्त मात्रा में रखना होगा। यही व्यवस्था निजी कारों के लिए भी होगी।
    • दोपहिया वाहनों को निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार चलाने की अनुमति होगी। सवारों को हेलमेट, मास्क व फेस कवर पहनना अनिवार्य होगा।
    • रोडवेज बसों को प्रदेश के अंदर चलाने की अनुमति इस शर्त के साथ होगी कि निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार ही चलाया जाए। स्टैंडिंग की अनुमति नहीं होगी। चालक-परिचालक को मास्क, ग्लव्स का प्रयोग करना होगा। यात्रियों को भी फेस कवर, मास्क पहनना होगा। बसों का नियमित सैनिटाइजेशन किया जाएगा। बस में बैठने से पहले और परिवहन निगम बस स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। बस स्टैंड या उसके पास 108 एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता जरूरत पर तत्काल प्रयोग के लिए रखनी होगी।
    • स्टेट कैरिज एवं कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट (निर्धारित सीट तक) धारक बसों को संचालन की अनुमति आवश्यक प्रतिबंधों, सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों के अनुपालन के साथ होगी।
    • सिटी बस सेवा का संचालन भी सुरक्षा की शर्तों के साथ ही होगा।
    • सभी प्रकार के वाहनों में यात्रा करने वाले व्यक्तियों को आरोग्य सेतु एप और आयुष कवच कोविड एप डाउनलोड कर उसके उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए।

    सुबह-शाम कीजिए पार्कों में सैर और व्यायाम

    • पार्कों को सुबह की सैर-व्यायाम आदि के लिए शारीरिक दूरी व सैनिटाइजेशन एवं सुरक्षा के उपायों के साथ सुबह पांच से आठ बजे तक और शाम को पांच से आठ बजे तक खोलने की अनुमति होगी। इस दौरान पार्कों में पेट्रोलिंग एवं पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था भी की जाएगी।
    • खेल परिसर और स्टेडियम खोले जाएंगे लेकिन, उनमें दर्शकों की अनुमति नहीं होगी।

    निर्बाध होगा देश में कहीं भी आवागमन

    • अंतरराज्यीय और राज्य के अंदर व्यक्तियों व माल आदि के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इसके लिए अलग से किसी भी प्रकार की अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
    • सभी प्रकार के माल परिवहन (खाली ट्रकों सहित) को अंतरराज्यीय परिवहन और पड़ोसी देशों के साथ की गई संधियों की शर्तों के अनुरूप सीमा-पार परिवहन की अनुमति होगी।

  • स्टेशनों में 69 दिनों बाद फिर सुनाई देगा, यात्रीगण कृपया ध्यान दें…

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    बरेली। रेलवे ने यात्री ट्रेनों का संचालन 22 मार्च से बंद किया था। केवल दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासियों को घरों तक भेजने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही थीं। अब रेलवे एक जून यानी कल से 200 यात्री ट्रेनें चलाने जा रहा है। इनमें बरेली जंक्शन से चलने वाली कोई ट्रेन तो शामिल नहीं। लेकिन जंक्शन पर 16 महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव जरूर दिया गया है। यानी, मुसाफिर जंक्शन से इन ट्रेनों के जरिए सफर कर सकेंगे। ऐसे में ट्रेनों के प्लेटफार्म पर लगते ही एक बार फिर यात्रीगण कृपया ध्यान दें… सुनाई देगा। जंक्शन पर ट्रेनों के ठहराव और मुसाफिरों को लेकर तैयारियां पूरी की जा रहीं। खास ध्यान इस बात पर है कि शारीरिक दूरी का पालन रहे। इसके लिए पांच चेकिंग प्वाइंट से होकर ट्रेन तक पहुंचने का शनिवार को रिहर्सल भी किया गया।

    रेलवे ने गाइडलाइन के मुताबिक यात्रियों को यह रखना होगा ध्यान 

    यात्रियों को कंफर्म टिकट के साथ 90 मिनट पहले ही स्टेशन पर पहुंचना होगा।

    ट्रेन आने से पहले सभी की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा सके।

    मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड होना चाहिए।

    मुंह पर मास्क, जेब में सैनिटाइजर रखना भी अनिवार्य किया गया है।

    खाने के स्टॉल खुलेंगे

    एक जून से जंक्शन पर बंद पड़े खाने के स्टॉल भी खोले जाएंगे। लेकिन सभी स्टॉल में केवल पैक आइटम ही बेचने की अनुमति दी जाएगी। वहीं ट्रेन में आइआरसीटीसी भी पैक पानी के साथ पैक खाद्य सामग्री यात्रियों को देगा।

    इन ट्रेनों का अप-डाउन में होगा स्टॉपेज

    लखनऊ मेल, महामना सुपरफास्ट, सत्याग्रह एक्सप्रेस, दुर्गियाना सुपरफास्ट, श्रमजीवी सुपरफास्ट, शहीद एक्सप्रेस, सरयू यमुना एक्सप्रेस, सुहेलदेव सुपरफास्ट को ठहराव दिया गया है।