Category: uttar-pradesh

  • बंदरों को कराया भोजन,दिया मानवता का संदेश

    [object Promise]
    [object Promise]

    रिपोर्ट:हर्ष यादव

    मुसाफिरखाना। लॉकडाउन में सरकार ने गरीबों के लिए पैकेज देकर राहत दी है। वहीं स्थानीय स्तर पर लंच पैकेट का वितरण किया जा रहा है ,लेकिन कादू नाला मुसाफिरखाना में जंगली बंदरो की भोजन की समस्या का संज्ञान लेते हुए स्थानीय निवासी अमित यादव व अक्षय प्रताप यादव कुलदीप यादव सतीश यादव आशीष यादव मंजीत यादव ने जगंल में विचरण करने वाले बंदरों के झुंड को भोजन खिलाया । भींगे चने, खीरा, व बिस्किट का प्रबंध करके बंदरों को खिलाया। सभी ग्रामीण अपने घरों में लॉक हैं। वे लॉकडाउन नियम का पालन कर रहे हैं। ऐसे में जंगल में विचरण करने वाले बदंर को पेट भरने की कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं।

  • कुशीनगर में सड़क पर मारकर फेंके गए अजहर सांप को देख स्कूटी को साइड करने के दौरान ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत

    [object Promise]
    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : पडरौना कोतवाली के बड़हरागंज निवासी अजहर (21) शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे स्कूटी से हरका चौराहे की तरफ जा रहा था। पडरौना-कुबेरस्थान मार्ग पर हरका चौराहे की रसाई गैस एजेंसी के पास सड़क पर मारकर फेंके गए सांप को देखकर अजहर ने स्कूटी को किनारे से निकालने का प्रयास किया लेकिन अनियंत्रित होकर स्कूटी समेत सड़क पर ही गिर गया।

    इसी दौरान आ रही ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल पवन कुमार सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्राली पुलिस के कब्जे में है।

  • चंद दिनो की मेहमान……….

    [object Promise]
    कुशीनगर : कहते है की अपने घर से दोस्त या रिस्तेदार के घर जाने पर जो चार दिन तक  मेहमान के रुप मे जो सम्मान मिलता उसका मजा ही कुछ और होता है । ठीक उसी प्रकार यह लीची का फल भी एक मेहमान के रुप मे अपने समय पर नजर आता है। अब इस चार दिन के मेहमान को स्वाद लेने के लिए सबसे ज्यादा बच्चे उत्साहित रहते है ।
    एेसे मे यह मेहमान कब गायब हो जाए दुबरा अगले वर्ष ही मिलते है । इन सारी बातो को लेकर बखुबी से समझने वाले इस मेहमान का स्वाद लेने मे कुशीनगर जिले के पडरौना शहर के सुबाष चौक पर चंद दिनो की मेहमान बनकर आए इस लीची को खरीदने को लेकर एक परिवार कुछ जल्दी मे दिख रहे थे ।

  • बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत

    [object Promise]

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    मुसाफिरखाना/अमेठी। बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई जानकारी के मुताबिक मजगामा गांव के समीप फोर लाइन पर तेज गति से आ रही बोलेरो की टक्कर से युवक पवन सिंह पुत्र शत्रुघ्न सिंह निवासी पूरे बुनियाद सिंह का पुरवा ग्राम ऊंचगांव बोलेरो की टक्कर से दर्दनाक मौत हो गई मृतक पवन सिंह की उम्र लगभग 28 वर्ष थी पहुंचकर घटना स्थल पर पुलिस ने पहुंचकर लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया

  • बाराबंकी में बीज की दुकानें खुलेंगी रोजाना, मिलेगा पुनर्जीवन प्राकृतिक जलस्रोतों को : जिलाधिकारी

    [object Promise]

    बाराबंकी। कृषि कार्याें को दृष्टिगत जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने बीज की दुकानें सहित कई अन्य दुकानें रोजाना खोलने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही प्राकृतिक जलस्रोताें का पुनर्जीवित कराए जाने की बात कही है। जिलाधिकारी ने यह निर्देश शुक्रवार की शाम चार से पांच बजे तक जारी किए हैं। इस दौरान उन्होंने लॉकडाउन सहित विभिन्न बिंदुओं पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

    जिले के प्रशासनिक मुखिया को सोशल साइट के माध्यम से अपने बीच पाकर उत्साह भी दिखा। इस दौरान हजारों लोग जुड़े और सैकड़ों लोगों ने टिप्पणियों के जरिये समस्या और जिज्ञासा रखी। डीएम ने भी जनसामान्य से जुड़े सवालों का स्वागत करते हुए उनका जवाब भी दिया। लॉकडाउन का उल्लंघन करने की शिकायतें आईं तो स्कूल, कोचिंग, जिम खुलने, दुकानों के खुलने के रोस्टर, हॉटस्पॉट, बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या, प्रवासियों के रोजगार, क्वारंटाइन, जलस्रोतों के संरक्षण और बीज भंडार केंद्रों के खुलने सहित विभिन्न विषयों से संबंधित सवाल टिप्पणियों के माध्यम से रखे गए।

    चेहरा ढककर ही निकलें : व्यापारी नेता दीपक जैन ने जेल में कैदियों की ओर से बनाए जा रहे मास्क और उनके वितरण पर ध्यान आकृष्ट किया और शिवांग सिंह ने बिना मास्क लगाए लोगों के घूमने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट को ज्यादा उपयोगी बताते हुए इसका या घर में बनाए गए मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी। साथ ही चेहरा ढककर ही नहीं निकलने को कहा। बताया, ऐसा न करने के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

    जाेन को लेकर असमंजस

    लाइव के दौरान उमेश सिंह ने जानना चाहा कि जिला ग्रीन जोन में अभी आया या नहीं और प्रशांत सिंह ने कब तक सब ठीक होगा? सवाल किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जोन का निर्धारण उच्च स्तर से होता है। फिलहाल जिला रेड जाेन में नहीं है। सूर्यांश शुक्ला ने स्वस्थ लोगों की कितनी जांच हुई हैं पूछा तो डीएम ने बताया कि सरकार की ओर से जारी प्रोटोकॉल के मुताबिक जांच कराई गई हैं। इसी तरह शिवशंकर मिश्र ने बिजली कटौती, शिवम वर्मा ने आयुर्वेद की उपयोगिता के बारे में पूछा। शुभम वर्मा ने यातायात, अक्षत वर्मा ने स्कूलों के खुलने व सुनील कुमार ने बीज भंडारों के बारे में सवाल किए। डीएम ने बिजली की खराबी को तत्काल ठीक करने के लिए टीमें सक्रिय होने, आयुर्वेदिक औषधियों का काढ़ा पीने की सलाह दी। वहीं बसों के यातायात व स्कूलों के संचालन के बारे में शासन की ओर होने वाले निर्णय के मुताबिक कार्रवाई की बात कही।

    24 घंटे खुलेंगी दवा की दुकानें

    बाराबंकी जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने दुकानों के खुलने के समय की परिवर्तित सूची जारी की है। इसके तहत दवा की दुकानें जहां 24 घंटे खुली रहेंगी। वहीं, फल, सब्जी, दूध, दही, अंडा, किराना, कंफेक्शनरी की दुकानें सुबह नौ से शाम सात बजे तक, शराब, वाहनों की दुकानें व शोरूम, कृषियंत्र, कीटनाशक, खाद, बीज, खली-चूनी-चोकर की दुकानें प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक खुलेंगी। टेलर, बुटीक, होजरी, कपड़े की दुकानें सोमवार, बुधवार, शुक्रवार व शनिवार को सुबह 10 से शाम छह बजे तक, सैलून, ब्यूटी पार्लर, काॅस्मेटिक, मिट्टी के बर्तन, खिलौने, चूड़ी की दुकानें, आटोमोबाइल वर्कशाप एवं गैराज, हार्डवेयर शॉप, सैनिटरी, पेंट, निर्माण सामग्री, प्लंबर व कारपेंटर की दुकानें सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को सुबह 10 बजे से शाम छह बजे के मध्य खुलेंगी। प्रिंटिंग प्रेस, फोटोस्टेट, फ्लैक्स प्रिंटिंग, स्कूल बैग, कॉपी-किताब, अटैची, फर्नीचर गैलरी, ग्लास हाउस, इलेक्ट्रॉनिक शॉप, जूता-चप्पल, चश्माघर आदि दुकानें मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को सुबह 10 बजे से शाम छह बजे के मध्य खुलेंगी। साप्ताहिक बंदी रविवार को रहेगी।

     

  • उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या हुई 7701, 262 नए मरीज

    [object Promise]

    लखनऊ| उत्तर प्रदेश में शनिवार को कोरोनावायरस के 262 नए मरीज सामने आए, और इसके साथ ही वायरस संक्रमितों की संख्या 7701 हो गई है। वायरस के कारण अभी तक 213 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि 4651 लोग स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं।

    संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के आगरा में 875, मेरठ 424, नोएडा 409, लखनऊ 370, कानपुर नगर 367, गजियाबाद 295, सहारनपुर 257, फिरोजाबाद 254, मुरादाबाद 223, वाराणसी 175, रामपुर 172, जौनपुर 169, बस्ती 167, बाराबंकी 152, अलीगढ़ 145, हापुड़ 145, अमेठी 132, बुलंदशहर 119, अयोध्या 108, सिद्घार्थ नगर 107, गाजीपुर 104, बिजनौर 95, प्रयागराज 91, आजमगढ़ 89, संभल 88, बहराइच 85, सुल्तानपुर 80, संतकबीर नगर 79, प्रतापगढ़ 78, गोरखपुर 76, मथुरा 76, मुजफ्फनगर 74, देवरिया 72, रायबरेली 72, लखीमपुर खीरी 68, गोंडा 63, अम्बेडकर नगर 61, अमरोहा 61, कन्नौज 57, बरेली 52, महराजगंज 51, इटावा 50, हरदोई 50, फतेहपुर 48, कौशांबी 48, पीलीभीत 46, शामली 44, बलिया 43, जलौन 43, सीतापुर 41, बागपत 40, बलरामपुर 40, भदोही 39, मैनपुरी 39, बदायूं 38, चित्रकूट 37, झांसी 37, फरूखाबाद 35, मिर्जापुर 34, उन्नाव 33, औरया 29, एटा 29, श्रावस्ती 29, हाथरस 28, बांदा 23, मऊ 23, चंदौली 22, कानपुर देहात 20, शाहजहांपुर 20, कासगंज 16, महोबा 12, कुशीनगर 11, सोनभद्र, 8, हमीरपुर 6, ललितपुर में 3 लोग अबतक कोरोना संक्रमित हुए हैं।

    प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाते हुए शुक्रवार को 5-5 सैंपल के 667 पूल लगाए गए और 10-10 सैंपल के 55 पूल लगाए गए। 667 वाले पूल में 102 मरीज पॉजिटिव पाए गए, जबकि 55 वाले पूल में से आठ पॉजिटिव पाए गए हैं।

    प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि सर्विलांस का काम जारी है और अब तक 13223 इलाकों में सर्विलांस का कार्य हुआ है। 3 करोड़ 87 लाख 14 हजार 819 लोगों का सर्विलांस किया गया है। आशा वर्कर्स द्वारा अबतक 11 लाख 11 हजार 869 कामगारों और श्रमिकों की ट्रैकिंग की गई है। इनमें से 1022 लोगों में कोविड-19 के लक्षण पाए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु एप का हम लगातार उपयोग कर रहे हैं। कंट्रोल रूम से 44 हजार 79 लोगों को हम फोन कर चुके हैं। इनमें से 114 लोगों ने बताया कि वो संक्रमित हैं और उनका इलाज चल रहा है।

    मोहन ने बताया कि प्रदेश में सात दिन से अधिक दिनों के लिए जो आएगा, उसको होम क्वोरंटीन में रहना होगा। उल्लंघन की स्थिति में उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छठे दिन की जांच यदि नेगेटिव आती है तो उसका होम क्वारंटाइन समाप्त हो जाएगा।

  • 30 दिन तीन ग्रहण, क्या हो सकते हैं परिणाम जानिए यहाँ

    [object Promise]

    लखनऊ। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव भी लोगों को काफी परेशान कर रहा है। इसी बीच में 30 दिन के अंतराल में तीन ग्रहण लोगों को भयभीत कर रहे हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि इनके परिणाम भी गंभीर होंगे।

    देश में पांच जून से पांच जुलाई के बीच में तीन ग्रहण लग रहे हैं। इनमें दो चंद्र ग्रहण तïथा एक सूर्य ग्रहण है। विज्ञान में ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है लेकिन ज्योतिष के मुताबिक यह लोगों के हित के लिए ठीक नहीं होता है। माना जाता है ग्रहण किसी भी व्यक्ति के लिए फलदायी नहीं होता। इसके परिणाम भी शुभकारी नहीं होते हैं।

    ज्योतिषियों के अनुसार 30 दिन के अंतर पर तीन ग्रहण का योग ऐसा संयोग सैकड़ों वर्षों के बाद बन रहा है। 30 दिनों के भीतर तीन ग्रहण होने से विश्व युद्ध, महामारी एवं प्राकृतिक आपदा जैसे दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं। पांच जून और पांच जुलाई को चंद्र ग्रहण लगेगा। वहीं 21 जून को सूर्य ग्रहण के परिणाम भी ज्योतिष के लिहाज से अच्छा नहीं माना जा रहा है।

    ग्रहण से बढ़ेगा कोरोना संक्रमण

    ज्योतिषियों ने बताया कि किसी भी तरह का ग्रहण किसी भी व्यक्ति के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। अलग-अलग तरीकों से यह लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। चंद्रमा मन मस्तिष्क को प्रभावित करता है और संबंधित व्यक्ति के जन्म कुंडली में जिस भाव का मालिक होगा उसे भी प्रभावित करता है। वहीं सूर्य पिता-पुत्र, राज्य सत्ता पक्ष, शारीरिक फल को प्रभावित करेगा। चंद्र ग्रहण से कोरोना का संक्रमण भी बढ़ेगा।

    पांच जून को पहला चंद्र ग्रहण

    पांच जून की रात 11:15 मिनट से तथा छह जून की रात 2:34 बजे तक चंद्र ग्रहण रहेगा। इसमें शुक्र वक्री और अस्त रहेगा। गुरु व शनि वक्री रहेंगे तो तीन और ग्रह वक्री होंगे। जिसका प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा। शेयर बाजार से जुड़े लोग सावधान रहें तथा एहतियात बरतते हुए मार्केट में रकम लगाएं। यह ग्रहण वृश्चिक राशि पर बहुत बुरा प्रभाव डालने वाला है। परिवार वालों के साथ वाद-विवाद का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान किसी ख्यातिलब्ध व्यक्ति की रहस्यात्मक मौत भी हो सकती है।

    पांच जुलाई को चंद्रग्रहण

    देश में 30 दिन के अंतर में दो चंद्रग्रहण बड़ी खगोलीय घटना है। यह बड़े परिवर्तन की सूचक है। मंगल और सूर्य की राशि का परिवर्तन गुरु व धनु राशि में हो रहा है लेकिन वे वक्री रहेंगे। वहीं शुक्र मार्गी होने से प्राकृतिक आपदाओं के आने की आशंका बनी रहेगी। वैश्विक शक्तियां लडऩे को हावी रहेंगी तो विश्व युद्ध भी हो सकता है।

     

  • कोरोना सैंपल छीनकर भागा बंदर ने बढ़ाया कोरोना का खौफ, मचा हड़कंप, पेड़ पर चढ़ चबाने लगा किट

    [object Promise]

    मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां पर एक बंदर मेरठ मेडिकल कॉलेज के लैब के अंदर घुस आया। बंदर ने लैब टेक्निशियन से कोरोना सैंपल वाला पैकेट छीन लिया और भाग गया। हॉस्पिटल स्टाफ पीछे भागा तो बंदर पेड़ पर चढ़ गया और किट चबाने लगा। हॉस्पिटल स्टाफ ने उसका वीडियो बनाया। हालांकि वीडियो बनाने वाले लैब टेक्निशन को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नोटिस जारी किया है।
    बताया जा रहा है कि कोविड-19 रोगियों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए मेरठ के एलएलआरएम लैब में ले जाया गया था। लैब टेक्निशन के हाथ से बंदर सैंपल छीन ले गया। लैब में मौजूद मेडिकल स्टाफ बंदर के पीछे सैंपल छीनने के लिए दौड़ा तो बंदर पेड़ पर चढ़ गया।

    सैंपल चबाकर वहां से भागा
    नीचे खड़ा स्टाफ बंदर से सैंपल वापस पाने की जुगत लगाने लगा लेकिन उसी दौरान बंदर ने दांतों से सील बंद सैंपल फाड़ना शुरू कर दिया। तत्काल वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। अस्पताल प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी सूचना दी गई लेकिन बंदर सैंपल दांतों से चबाकर वहां से भाग गया।

    संक्रमण फैलने की आशंका से दहशत
    बंदर के भागने के बाद इलाके में दहशत है। लोगों का कहना है कि कहां सैंपल से बंदर संक्रमित न हो जाए और उससे इलाके में संक्रमण न फैल जाए। वन विभाग के लिए उस बंदर को चिन्हित करना मुश्किल है।

    लैब टेक्निशन को नोटिस
    इधर सूत्रों का कहना है कि जिस लैब टेक्निशन ने बंदर का सैंपल चबाते हुए वीडियो बनाया उसे हॉस्पिटल प्रशासन ने नोटिस दिया है। उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उसने यह बात बाहर क्यों लीक की।

     

  • गोरखपुर में 300 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत का चौंकाने वाला सच आया सामने

    [object Promise]

    बरेली। आईवीआरआई के डायरेक्टर डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे साफ हो रहा है कि चमगादड़ों की मौत गर्मी से हुई है। दरअसल, मौत के जो लक्षण सामने आए हैं, उनमें दो वजह दिख रही हैं।  गोरखपुर में 300 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत की वजह भीषण गर्मी रही। आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने चमगादड़ाें के तीन शव का बुधवार को पोस्टमार्टम करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला। गोरखपुर के खजनी रेंज के बेलघाट स्थित एक बाग में तीन सौ से अधिक चमगादड़ मृत पाए गए थे।

    इसके बाद गोरखपुर से बुधवार को टीम तीन चमगादड़ों के शव लेकर आईवीआरआई पहुंची थी। यहां शाम को पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन तब वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। गुरुवार को वैज्ञानिकों ने कुछ और जांचें कीं, तब मौत की वजह साफ हुई।

    एक तो भीषण गर्मी का होना, दूसरे करंट लगना। जहां चमगादड़ों की मौत हुई है, वहां बिजली की लाइनें ही नहीं हैं। लिहाजा यह साफ है कि चमगादड़ों की मौत गर्मी से ही हुई है।

    आईवीआरआई डायरेक्टर ने बताया कि इस दौरान रैबीज और कोरोना की भी जांच की गई। दोनों ही जांचे निगेटिव आईं हैं। यानी चमगादड़ों की कोरोना या रैबीज से मौत होने का जो संदेह जताया जा रहा था, वह निर्मूल साबित हुआ है। इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

  • 24 उत्तर प्रदेश और 20 बिहार के जिले से है देश के 50 फीसदी प्रवासी

    [object Promise]

    नई दिल्ली । भारत में पुरुष प्रवासियों की आधी आबादी देश के 54 जिलों से है और इन 54 जिलों में 44 जिले उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं। देश में फिलहाल कुल 739 जिले हैं, जिनमें प्रवासियों की संख्या के आधार पर आंकड़े चौंका देने वाले हैं, क्योंकि इन 54 जिलों में से 24 उत्तर प्रदेश और 20 बिहार के हैं। इनमें से कुछ जिलों को ‘मनी ऑर्डर अर्थव्यवस्था’ के तौर पर भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें ज्यादातर आबादी प्रवासी श्रमिकों की कमाई पर ही निर्भर है।

    ये आंकड़े जनवरी 2017 में आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय द्वारा पेश किए गए थे। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह उन दो राज्यों के नेतृत्व पर एक प्रतिबिंब है, जो नौकरियां पैदा करने में विफल रहे हैं।

    उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में इटावा, फैजाबाद, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, सुल्तानपुर, आजमगढ़, जौनपुर, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, वाराणसी, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा, सिद्धार्थनगर, आगरा, कुशीनगर, रायबरेली, बलिया और गाजीपुर शामिल हैं।

    बिहार के 20 जिलों में मधुबनी, दरभंगा, सीवान, सारण, समस्तीपुर, पटना, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली, बेगूसराय, भोजपुर, भागलपुर, मुंगेर, नालंदा, रोहतास, औरंगाबाद और नवादा शामिल हैं।

    जिन अन्य 10 जिलों में पुरुष प्रवासियों की सबसे अधिक संख्या है, उनमें उत्तराखंड के दो जिले गढ़वाल और अल्मोड़ा शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में नादिया और मेदिनीपुर, झारखंड में चतरा, ओडिशा में गंजाम, कर्नाटक में गुलबर्गा, राजस्थान में पाली और महाराष्ट्र में जलगांव जिले शामिल हैं।