Category: uttar-pradesh

  • पुलिस ने बरेली में साक्षी से प्रेम विवाह करने वाले अजितेश को छात्र से मार-पीट के आरोप में किया गिरफ्तार

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    बरेली । राजेंद्र नगर में रामजानकी मंदिर के पास बीच सड़क पर बाइक सवार छात्र से मारपीट करने के आरोपी अजितेश और उसके साथी वैभव गंंगवार को प्रेमनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राजेंद्र नगर में रामजानकी मंदिर के पास बीच सड़क पर दादा की सांस की दवा लेकर लौट रहे बाइक सवार छात्र से मारपीट की थी। कार को ओवरटेक करने से गुस्साए अजितेश ने पहले मारपीट की उसके बाद थाने में हंगामा किया। पुलिसकर्मियों के रोकने के दौरान धक्का मुक्की करते हुए धमकी भी दी। मामले में पीडित छात्र ने आरोपित के खिलाफ लूट, मारपीट करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई शुरु कर दी है।

    जनकपुरी निवासी दीपांशु ने बताया कि उनके पिता का मेडिकल स्टोर है। शुक्रवार रात को वह दादा की दवा लेकर वह बाइक से वापस लौट रहा था। रामजानकी मंदिर के पास उसने एक कार को ओवरटेक किया। इतने में कार सवार युवक ने रफ्तार बढ़ाई और कार बाइक के सामने लगा दी। अचानक ब्रेक मारने व कार की ठोकर लगने से बाइक नीचे गिर गई। कार से अजितेश उतरा और गालियां देते हुए मारपीट करने लगा। दीपांशु ने आरोप लगाया कि उसका सिर पकड़ा और बिजली पोल में मार दिया। अजितेश के साथ उसका दोस्त वैभव गंगवार भी था। उसके दोनों गनर भी मौके पर थे।

    आरोप लगाया कि नशे में बीच सड़क पर अजितेश मारपीट करता रहा। विवाद गाड़ी ओवरटेक का था मगर आरोपित अचानक उससे अन्य बात करने लगा। पूरे प्रकरण का वीडियो बनाने के बाद वह थाने आए तो पीछे से अजितेश ने आकर वहां हंगामा किया। पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि आरोपित हिरासत में है। प्रेम विवाह कर पिछले साल चर्चा में आए अजितेश ने थाने से ही पत्नी साक्षी को फोन कर घटना की सूचना दी।

    मैं घर की तरफ जा रहा था। यह युवक अचानक से गाड़ी के सामने आ गया। फिर कार की विंडो के पास आकर मेरा कालर पकड़ लिया इसलिए मजबूर होकर मुझे भी उस पर हाथ उठाना पड़ा।– अजितेश, आरोपित

    अजितेश के खिलाफ मोबाइल लूट, जो कि बाद में बरामद कर लिया गया और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है। वह नशे में लग रहा था इसलिए मेडिकल कराया है। वह हिरासत में है। उसके साथ दो गनर भी थे, उनके बयान लिए गए है। अब दोनोंं को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। – बलबीर सिंह, इंस्पेक्टर प्रेमनगर

     

  • सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अभद्र टिप्पणी की शिकायत एसपी से

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    अखिलेश यादव पर अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नही :जयसिंह प्रताप यादव

    रिपोर्ट:हर्ष यादव

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    अमेठी। पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के विरुद्ध फेसबुक पोस्ट पर अभद्र टिप्पणी के मामले को लेकर सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है।शनिवार को समाजवादी पार्टी छात्र सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जयसिंह प्रताप यादव ने पुलिस अधीक्षक डॉ ख्याति गर्ग को सम्बोधित शिकायती पत्र अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम सरोज को सौंपते हुए 25 मई को फेसबुक पोस्ट पर ग्राम फत्ते सिंह कोतवाली शुकुल बाजार जनपद अमेठी निवासी युवक सुजीत सिंह द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग करने की शिकायत की ।सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर आपत्ति जनक टिप्पणी से नेताओं एंव कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है जो बर्दास्त के बाहर है ।सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने पुलिस अधीक्षक डॉ ख्याति गर्ग से मामले को संज्ञान में लेते हुए युवक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है।सपा नेता ने बताया कि कार्यवाही न होने पर नियमो का पालन करते हुए कार्यकर्ता आंदोलन को विवश होंगे।

  • Lockdown :कुशीनगर में पडरौना के यूएनपीजी कॉलेज के छात्र संघ उपाध्यक्ष ने छात्रवृत्ति व शुल्क प्रती पुर्ती व ऐडमिशन शुल्क माफी की मांग

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    उपेन्द्र कुशवाह
    पडरौना,कुशीनगर : लाकडाउन के बीच में जहा रोजगार खत्म हो गये हैं वही गरीबी छात्रो को इस साल छात्रवृति भी नहीं मिल पाया है, ऐसे में अगले सेमेस्टर या अगली कक्षा का फिस कहा से लायेंगे, बहुत बडी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । जबकि गांव गरीब किसान मजदूर मजबूर लोग अपने बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश के लिए फिस कहा से लायेंगे ।

    इस सिलसिले में योगी सरकार इतनी योजनाओं को चला रही अम्बानी अडानी का पैसठ हजार करोड़ रुपये माफ कर दिया तो लाखो गरीब छात्रों का शुल्क क्यो नही मांफ कर रही । तहसील अप डाउन के बीच इसी लाकडाउन के बीच यूएनपीजी कॉलेज के छात्र संघ उपाध्यक्ष रामलखन यादव ने छात्रवृत्ति व शुल्क प्रती पुर्ती व ऐडमिशन शुल्क माफी की मांग की है।

  • ऐसे करें फर्क कोरोना और सामान्य फ्लू के लक्षण में…

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    लखनऊ । कोरोना के इस काल में खांसी और बुखार आते ही लोग दहशत में आ जा रहे हैं। इसकी वजह कोरोनायरस और सामान्य फ्लू के लक्षणों का आपस में मिलना है। प्रदेश सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर रोजाना आ रही सैकड़ों काल इसकी तस्दीक करती हैं।

    सवाल यह है कि दोनों में फर्क कैसे किया जाए। क्या खांसी और बुखार आते ही आपको कोरोना की जांच करानी चाहिए? माइक्रोबायोलाजिस्ट डॉ. टी.एन.ढोल के मुताबिक दोनों में काफी बारीक फर्क है। शुरूआती लक्षण काफी-कुछ मिलते-जुलते हैं, लेकिन पहचान करना संभव है। डॉ. ढोल एसजीपीजीआई में सीनियर माइक्रोबायोलाजिस्ट रहे हैं। इस वक्त हिन्द इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस में माइक्रोबायोलाजी विभाग के हेड हैं।

    डॉ. ढोल के मुताबिक बुखार के साथ अगर सांस लेने में तकलीफ और सूखी खांसी है तो सावधान हो जाना चाहिए। इसके अलावा अगर खांसी के साथ गले में खराश हो रही है तो व्यक्ति फौरन डॉक्टर से संपर्क करे। डाक्टर कोरोना टेस्ट कराएगा और जरूरी दवाएं देगा जिससे पकड़ में आ जाएगा कि मरीज कोरोना से संक्रमित तो नहीं।

    डॉ. ढोल ने कहा कि कोरोना में खून में आक्सीजन की कमी (40 से 50 प्रतिशत) हो जाती है। यह भी एक लक्षण है कोरोनावायरस को पहचाने का। उन्होंने कहा कि इसकी जांच पल्स आक्सीमीटर नाम की मशीन से किया जा सकता है। इस मशीन को हाथ की किसी उंगली में लगाने पर आक्सीजन लेवल पता चल जाता है जिससे झट कोरोना के बारे में पता चल सकता है।

    कोरोना के लक्षण :

    सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश होने के साथ सूखी खांसी, मांसपेशियों में दर्द, बुखार

    सामान्य फ्लू के लक्षण

    जुकाम (नाक बहना), बुखार- खांसी, सिरदर्द, आंखों का लाल होना या आंखों में पानी आना आदि हैं।

  • प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने जिला चिकित्सालय सुलतानपुर का किया निरीक्षण ।

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुलतानपुर/कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश के मा0 मंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग, उ0प्र0 सरकार/जनपद प्रभारी मंत्री श्री जय प्रताप सिंह ने आज जिला चिकित्सालय सुलतानपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में वाह्य रोगी विभाग, आकस्मिक कक्ष, डायलसिस सेन्टर, आइसोलेशन वार्ड, दन्त रोग विभाग, जनरल वार्ड में स्थित मानसिक रोग विभाग, पिडियाट्रिक वार्ड, आर्थो वार्ड, मेडिकल वार्ड एवं कोरोना वायरस से सम्बन्धित ओ0पी0डी0 कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि आपातकालीन सेवा व ओ0पी0डी0 सेवा पूर्व की तरह किन्तु सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हुए संचालन प्रारम्भ कराये जाय। इसी के साथ-साथ मेडिकल स्टाफ पी0पी0ई0 किट, मास्क, ग्लब्स आदि का प्रयोग कर स्वयं को संरक्षित रखते हुए सेवा योगदान प्रदान करें। मा0 प्रभारी मंत्री जी ने अपने निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला चिकित्सालय में साफ-सफाई, सोशल डिस्टेन्सिंग, मास्क का प्रयोग करायें तथा चिकित्सालय का नियमित सेनेटाइजेशन भी सुनिश्चित करायें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को यह भी निर्देशित किया कि बाहर से आने वाले प्रवासियों की शत-प्रतिशत थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद ही उनको उनके गन्तव्य तक छोड़ा जाय। संदिग्ध पाये जाने पर उन सब को फैसेलिटी क्वारंटाइन कर उनकी जॉच करायी जाय। निरीक्षण के दौरान मा0 विधायक सुलतानपुर सूर्यभान सिंह, मा0 विधायक कादीपुर राजेश गौतम, जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ0 आर0ए0 वर्मा, महामंत्री विजय त्रिपाठी, महामंत्री सुशील त्रिपाठी एवं कृपा शंकर मिश्र, प्रवीण अग्रवाल सहित अन्य भाजपा पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। तत्पश्चात मा0 जनपद प्रभारी मंत्री जी द्वारा पं0 राम नरेश त्रिपाठी सभागार में समस्त प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सम्पादक/सवांददाताओं के साथ प्रेसवार्ता की गयी।इस अवसर पर जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती, पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना, मुख्य विकास अधिकारी रमेश प्रसाद मिश्र, अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) हर्ष देव पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सीबीएन त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 वी0बी0 सिंह, संयुक्त निदेशक/नोडल अधिकारी जिला चिकित्सालय डॉ0 ओ0पी0 सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल, उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल, सीओ सिटी सतीश चन्द्र शुक्ल, तहसीलदार सदर पीयूष श्रीवास्तव सहित आदि सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।


  • आत्महत्या की परिवार की देखभाल करने में असमर्थ होटलकर्मी ने, दोष लॉकडाउन को

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    लखीमपुर खीरीकोरोना वायरस संक्रमण के कारण लॉकडाउन में काम छिन जाने से आहत एक युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने बड़े परिवार के पालन में परेशानी होने के साथ ही पैसा न होने की लाचारी जताई है।

    लखीमपुर खीरी के मैगलगंज शुक्रवार को एक युवक ने आत्महत्या कर ली। लॉकडाउन में काम छिन जाने के बाद पत्नी के अलावा पांच बच्चे व बूढ़ी बीमार मां के पोषण की जिम्मेदारी को इसकी वजह बताया। जेब में एक पैसा न होने होने की लाचारी से जूझ रहे एक व्यक्ति ने ट्रेन से कटकर अपनी जान गवां दी। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में उसने आर्थिक तंगी और बीमारी का जिक्र किया है।

    मैगलगंज के नई बस्ती खखरा निवासी भानु प्रकाश गुप्ता शाहजहांपुर में होटल में कार्य करता था। कोरोना वायरस लॉकडाउन की बंदी में भानु प्रकाश अपने गांव नईबस्ती खखरा आया था। उसके पास जो भी पूंजी बची हुई थी उस पूंजी से अपने परिवार का भरण पोषण करता रहा। अंतत: घर में राशन पानी के अभाव के चलते भानु प्रकाश गुप्ता ने शाहजहांपुर से सीतापुर की तरफ जा रही श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली।

    मृतक ने अपनी जेब में एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है जिसमें उसके लिखा है कि वहां कोटेदार से मिलने वाला राशन लेने के भी पैसे नहीं हैं। राशन मिल भी जाय लेकिन, दवा दूध और सब्जी के लिए तरसना पड़ता है। उसने सुसाइड नोट में अपनी बूढ़ी लाचार मां का भी जिक्र किया और कहा दवाई के अभाव में उसकी मां तिल-तिल मर रही है। मृतक अपने पीछे पत्नी के अलावा तीन लड़की एवं दो लड़के छोड़ गया है। जिनमें एक लड़की की शादी भी हो चुकी है।

    हताशा में उठाया कदम

    लखीमपुर खीरी के डीएम शैलेंद्र सिंह ने कहा कि यह भूख से मौत का मामला नहीं है, उसके परिवार में उसके व उसकी मां के अन्त्योदय राशन कार्ड बने थे। उन पर 40 किलो राशन का उठान भी हुआ है। वह बीमार था और लगता है कि उसने हताशा में ये कदम उठा लिया। जिला प्रशासन भानु के परिवार की हर संभव सहायता करेगा।

    सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि उसके घर में गेहूं और चावल था।उनके पास चीनी, नमक और दूध जैसी अन्य जरूरी चीजें खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। वृद्ध मां बहुत बीमार थीं और इससे उन्हेंं पीड़ा हुई कि वह उसका इलाज नहीं करवा पा रही थीं और जिला प्रशासन ने उनकी मदद नहीं की। उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवार को सहायता का वादा किया है।

    प्रियंका गांधी वाड्रा ने किया ट्वीट

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा है कि एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, यूपी के भानु गुप्ता ने एक ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली। उनका काम रुक गया था। उन्हेंं अपना और अपनी मां का इलाज कराना था। उन्हेंं सरकार से केवल राशन मिला। उनके पत्र में कहा गया है कि अन्य वस्तुओं की भी जरूरत थी।

     

  • बीसलपुर के ग्राम गोबल पतियापुर में विधुत बिभाग की लापरवाही कर रही है किसी हादसे का इन्तिज़ार

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    पीलीभीत बीसलपुर गांव में खेतों से लेकर घरों तक ग्रामीणों के सिर पर मंडरा रहा है बिजली का खतरा लेकिन किसी भी बिधुत बिभाग के अधिकारी ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया है l गांव गोबल पतिपुरा में पिछले 20बर्स पुर्ब बिधुत लाइन को बिछाया गया था l जो कि आज के दिन पूर्ण रूप से जर्जर हो चुकी है और मौत की दावत बांट रही है l यहां तक कि लाइन एक ग्रामीण के छत के ऊपर से पड़ी हुई है लेकिन विभागीय अधिकारी इस और कोई भी ध्यान नहीं दे रहे हैं l
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    इससे साफ अनुमान लगाया जा सकता है कि बिजली विभाग एक अनहोनी घटना की आस लगाए बैठा हुआ है l गांव गोबल पति पुरा के कुलदीप ने कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र लिखकर गांव में तिरछे खड़े पोल व जर्जर लाइन एवं छातो के ऊपर से गुजर रही लाइन को ठीक कराए जाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी को ट्वीट भी किया था l लेकिन कार्यवाही तो हुई लेकिन कार्रवाई के नाम पर गांव में खानापूर्ती ही की गई है l अगर यही हाल रहा तो छत के ऊपर पड़ी लाइन से एक दिन बड़ी घटना हो सकती है जिसका जिम्मेदार विद्युत विभाग होगा या फिर कोई और विभाग इसका कोई भी अनुमान नहीं लगाया जा सकता है l
    लाइनमैन रामनरेश से का कहना है कि कोई भी क्षतिग्रस्त लाइन नहीं है लाइन पूर्ण रूप से सही है लाख डाउन में किसी भी प्रकार का कोई भी लाइन पर सुधार कार्य नहीं किया जा सकता है लाइनमैन का कहना है कि अगर कोई घटना भी हो जाती है तो उसकी जिम्मेदार स्वय सरकार होगी ना कि मैं होगा l

  • कुशीनगर की खोज में सबसे पहले मिली बुद्ध प्रतिमा

    कुशीनगर : उन्नीसवीं शताब्दी में कुशीनगर की खोज शुरू हुई। फाह्यान,  ह्वेनसांग तथा इत्सिंग जैसे चायनीज तीर्थयात्रियों की डायरियों में उपलब्ध मार्ग विवरण के आधार पर अंग्रेज इतिहासकार कुशीनगर को खोजते हुए 1870 के दशक में इधर आए। विशुनपुर बिंदवलिया ग्राम सभा में ऊंचे-ऊंचे टीलों के बीच सब कुछ तो मिट्टी के नीचे दबा छिपा था किंतु भगवान बुद्ध की एक प्रतिमा पीपल के वृक्ष के नीचे अव्यवस्थित थी, उसी ने कुशीनगर की खोज के लिए आगे की राह आसान की।
    तत्कलीन ब्रिटिश सरकार की सहमति तथा आर्थिक सहायता से गठित ‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण’ के तत्वाधान में सन् 1876 में एसीएल कार्लाइल के नेतृत्व में कुशीनगर के टीलों की खुदाई शुरू हुई, जिसके परिणाम स्वरूप कुशीनगर का अस्तित्व उभर कर पुनः दुनिया के सामने आ पाया।
    माथा कुंवर की प्राचीन प्रतिमा 03.05 मीटर ऊंची भूमिस्पर्श मुद्रा में आसनस्थ है। भूमिस्पर्श मुद्रा को बुद्ध अभिप्रेरित ज्ञान जगत में अति महत्वपूर्ण मुद्राओं में स्थान प्राप्त है, जो भगवान बुद्ध के सिद्धार्थ स्वरूप में ज्ञान प्राप्ति हेतु किए गए कठोर तप का प्रतीक है। इस मुद्रा का संबंध बोधगया के निकट उरूवेला नामक ग्राम (आधुनिक नाम बकरौर नामक ग्राम) में बुद्ध बनने की दिशा में तपस्वी सिद्धार्थ की कठोर तपस्या के संकल्प से जुड़ा है।
    माथाकुंवर बुद्ध मंदिर की यह प्रतिमा उसी ‘भूमिस्पर्श मुद्रा’ में है, जिसमें तपस्वी सिद्धार्थ ,पद्मासन में बैठे, भूमाता का स्पर्श कर संकल्प लेते उत्कीर्ण (बनाए) किए गए हैं। नालंदा विश्वविद्यालय के ध्वंसावशेषों के निकट स्थित ‘कृष्ण बुद्ध’  (तेलहवा बाबा) मंदिर भी माथा कुंवर मंदिर जैसी काले/नीलाश्म बलुआ पत्थर से बनी भूमिस्पर्श मुद्रा की मूर्ति स्थित है।
    हिंदू धर्म के लोग करते थे पूजा
    नारायण के नवें अवतार के रूप में भगवान बुद्ध हिंदू समाज द्वारा भी पूजित हैं। भूमिस्पर्श मुद्रा की इस प्रतिमा के साथ ही आनुसंगिक रूप से अष्टभुजी दुर्गा, पद्मपाणि विष्णु, कुबेर, गंगा तथा यमुना जैसी दैवीय प्रतिमाएं भी उत्कीर्ण हैं जो हिंदू तथा बौद्ध धर्म के एक मूल तथा एकनिष्ठता को भी अभिव्यक्त करती हैं। प्रतिमा तथा पूजा यह भी दर्शाती हैं कि हिंदू व बौद्ध धर्म के लोगों में शुरू से ही कोई मतभेद नहीं रहा है और दोनों एक दूसरे के धर्म का आदर करते हुए पूजा पाठ करते रहे हैं।
    बोधि प्राप्ति के लिए बुद्ध ने लिया था कठोर व्रत
    कुशीनगर के गाइड डॉ. अभय राय के अनुसार राजकुमार सिद्धार्थ को ज्ञान की खोज में घर छोड़े लगभग छह वर्ष बीतने को थे। सिद्धार्थ यहां वहां ज्ञान की खोज में घूमते फिरते तथा विभिन्न आचार्यों के मत मतांतरों का परीक्षण करते हुए उरूवेला पहुंचे। हालांकि पुराणों में इस स्थल को धर्मारण्य के नाम से संबोधित किया गया है, किंतु बौद्ध साहित्य इसे उरूवेला के नाम से संबोधित करते दिखते हैं।
    इस स्थल उरूवेला (धर्मारण्य) की अवस्थिति दो महान नदियों- फल्गू तथा निरंजना के बीच के दोआब में है और उरूवेला के निकट ही इन दोनों नदियों का संगम स्थल स्थित होने के कारण उरूवेला में ये दोनों नदिया समानांतर रूप में एक दूसरे के निकट बहती हैं।
    एक दिन राजकुमार सिद्धार्थ ने भी पद्मासन लगाकर भू-माता को स्पर्श करके संकल्प ले लिया – ‘ऐ धरती माता,आज के बाद जब तक मैं बोधि प्राप्त न कर लूं तब तक भोजन का एक दाना तक ग्रहण नहीं करूंगा। यही संकल्प अंतत: उनके बुद्ध बनने का पूर्व चरण अर्थात प्राक्बोधि तपस्या बना जिसके कारण यह ‘भूमिस्पर्श मुद्रा’ बौद्ध जगत में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

  • बैंकों की मुहिम : बैंक का एटीएम ‘कोरोना’ से गूंजेगा अगर हटा फेस मास्क या छींके तो

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    उन्नाव। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को लेकर बेहद गंभीर सरकार के साथ अब आमजन भी इस पर अंकुश लगाने में जुटे हैं। इसको लेकर अब तो तमाम तरह की हिदायतें मिल रही हैं। इनमें आमतौर पर ‘घर में रहिए, सुरक्षित रहिए’, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आए तथा इसके लिए आरोग्य सेतु एप की मदद लें। छह फीट की दूरी के साथ फेस मास्क लगाकर रखें और दरवाजे आदि कुछ छूने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं के साथ ही साथ सैनिटाइज करने की हिदायतें बेहद आम हो गई हैं।

    यही सब आपको तब भी सुनना पड़ सकता है अगर आप बिना मास्क के एटीएम बूथ में पहुंचते हैं। बिना फेस मास्क या फिर फोन पर बात करने पर बूथ में लगा सेंसर आगंतुक को रीड करके ‘कोविड-19’ अलर्ट वाइस से जागरूक करेगा।

    हर जगह पर एटीएम से कैश निकासी को लेकर 24 घंटे ग्राहकों का आना जाना लगा रहता है। उन्हेंं कोरोना वायरस से महफूज करने के लिए बैंकों ने एटीएम में प्रवेश से पूर्व ही हाथों को सैनिटाइज कराने की जिम्मेदारी सुरक्षा गार्ड को दी है। वहीं एटीएम में वायरस का संक्रमण एक दूसरे ग्राहकों से दूर रहे। इसके लिए कोरोना के संक्रमण से बचाव का तरीका व आरोग्य सेतु एप के बारे में ग्राहकों को वाइस व एटीएम स्क्रीन पर विजुअल के जरिए जागरूक किया जा रहा।

    इतना ही नहीं, बैंकों ने एटीएम पर एक से ज्यादा ग्राहक के प्रवेश के नियम को भी प्रभावी किया है। यदि एटीएम में सुरक्षा गार्ड या फोन पर बातचीत की तो रिकार्डिंग वॉइस बजना शुरू हो रही। करीब पांच मिनट की वाइस में ग्राहक को कोरोना के खतरे व उससे बचाव को समझाने का प्रयास बैंक कर रहे हैं।

    उन्नाव में बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा प्रबंधक आरआर वर्मा के अनुसार एटीएम पर वाइस के जरिये ग्राहकों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया जा रहा है। फेस मास्क उनके चेहरे पर नहीं है तो उन्हेंं वाइस से अलर्ट किया जा रहा। वहीं बैंक आने वाले ग्राहकों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही। एलडीएम पीके आनंद ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया व बैंक ऑफ इंडिया समेत ज्यादातर बैंकों के एटीएम में वायस अलर्ट से लापरवाह ग्राहकों को सचेत किया जा रहा है।

    मुख्य द्वार पर लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे

    एटीएम में प्रवेश करने वाले ग्राहकों पर निगरानी को लेकर मुख्य द्वार पर सीसीटीवी भी लगाए जा रहे। सिविल लाइंस, शाहगंज, कोतवाली सदर एसबीआइ एटीएम समेत पीएनबी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया ने यह कवायद शुरू की है। जिले में एसबीआइ समेत अन्य बैंकों के मिलाकर करीब 117 एटीएम हैं।

     

  • आरोग्य सेतु एप का उपयोग लॉकडाउन 5.0 में अनिवार्य: सरकार

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    नई दिल्ली| केंद्र सरकार ने शनिवार को लॉकडाउन 5.0 के दौरान प्रतिबंधों में और अधिक ढील दे दी है। इस नए चरण को 30 जून तक विस्तारित किया जाएगा। सरकार कोरोनावायरस के संपर्क का पता लगाने और इसके प्रसार को रोकने के लिए सभी कार्यालय जाने वालों के आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है। ऐसा न करने वालों पर लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के लिए दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। सरकार ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, “आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्तियों की त्वरित पहचान करने के लिए शक्तिशाली उपकरण है। यह व्यक्तियों और समुदाय के लिए एक ढाल के रूप में कार्य करता है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रसाशनिक अधिकारी, लोगों को इस मोबाइल एप्लिकेशन को उपयोग करने की सलाह दें।”

    केंद्र ने कहा कि कार्यालयों और कार्यस्थलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी के मोबाइल में संपर्क ट्रेसिंग एप इंस्टॉल होना अनिवार्य है।

    केंद्र ने सभी जिला प्रशासन से कहा कि वह व्यक्तियों को न केवल एप डाउनलोड करने की सलाह दें, बल्कि नियमित रूप से इस पर अपनी स्वास्थ्य स्थिति भी अपडेट करें।

    गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा, “सभी धार्मिक स्थलों, होटलों, रेस्तरां और अन्य आतिथ्य सेवाओं और यहां तक कि शॉपिंग मॉलों को 8 जून से नॉन-कंटेनमेंट जोन में खोलने की अनुमति देकर नॉन-कंटेनमेंट जोन में रहने वालों के लिए राहत दी है। नाइट कर्फ्यू की अवधि को भी कम कर दिया गया है। हालांकि, केंद्र ने चेतावनी दी है कि शेष प्रतिबंधों का पालन किया जाना चाहिए, अन्यथा उल्लंघन करने वालों को कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

    केंद्र ने चेतावनी में कहा, “अगर कोई इन उपायों का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, इसके अलावा सीआरपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

    केंद्र ने शनिवार शाम को 30 जून तक लॉकडाउन के विस्तार की घोषणा की। लॉकडाउन का चौथा चरण रविवार आधी रात को समाप्त होगा।