Category: uttar-pradesh

  • जुलाई में सुर्खियां बटोरने वाला बरेली का कपल फिर छाया ख़बरों में…

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    बरेली । बरेली के दंपति ने पिछले साल जुलाई में तब सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने उप्र में लड़की के पिता से अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। लड़की का पिता उप्र में भाजपा का विधायक है। एक बार फिर ये दंपत्ति चर्चा में है। बरेली जिले के प्रेम नगर इलाके में मामूली सड़क हादसे के बाद एक युवक की पिटाई करने और उसका मोबाइल छीनने के आरोप में शनिवार को भाजपा विधायक राजेश मिश्रा के दामाद अजितेश और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    अजितेश की शादी विधायक की बेटी साक्षी से हुई है। दोनों ने पिछले साल शादी की थी।

    पुलिस के मुताबिक, एक युवक अपने दोस्त के पिता के लिए दवाइयां खरीदने के बाद घर जा रहा था, तभी उसकी बाइक ने अजितेश की एसयूवी को टक्कर मार दी। अजितेश और उसके दोस्त ने युवक की पिटाई की और उसका मोबाइल छीन लिया।

    पुलिस ने कहा कि अजितेश और उसके दोस्त वैभव गंगवार के खिलाफ आईपीसी की धारा 394 (स्वेच्छा से लूट करने में चोट पहुंचाना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। दोनों को जेल भेज दिया गया है।

    शिकायतकर्ता दीपांशु माहेश्वरी ने कहा, “जब मैंने अजितेश की कार को ओवरटेक किया, तो उसने पीछा किया और मुझे रास्ते के बीच में रोक दिया। इसके बाद, उसने और उसके दोस्त ने मेरी पिटाई की और मेरा फोन छीन लिया। एसएचओ बलबीर सिंह और उनकी टीम ने मुझे बचाया।”

    एसएचओ ने संवाददाताओं से कहा, “हमने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और गवाहों से बात की ताकि पता चल सके कि अजितेश और उसके दोस्त ने युवक को पीटा था। संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था और शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर है।”

    साक्षी के अजितेश से शादी करने के बाद भाजपा विधायक ने अपनी बेटी साक्षी के साथ अपने सभी संबंध खत्म कर लिए थे।

  • “पहला वर्ष जाना जाएगा ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए “- CM योगी आदित्यनाथ

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    लखनऊ। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक उपलब्धियों वाला वर्ष बताया है। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने भी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष को कम समय में बड़ी उपलब्धियों वाला बताया है।

    नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष आज यानी 30 मई को पूरा हो गया है। नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूरा होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक मंत्र दिया था सबका साथ-सबका विकास।

    उनके पहले पांच वर्ष का कार्यकाल भारत को दुनिया की एक आॢथक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की आधारशिला के रूप में जाना जाएगा। इसके बाद द्वितीय कार्यकाल का पहला वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में देश को यशस्वी नेतृत्व प्रदान करते हुए वैश्विक मंच पर भारत को लीडर के रूप में स्थापित कर दुनिया के तमाम देशों के समक्ष एक महान उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से अभिनंदन है।

    प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह व बृजेश पाठक ने भी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष को काफी ऐतिहासिक बताया है। इनका मानना है कि पीएम मोदी ने देश को एक मजबूत तथा सशक्त नेतृत्व दिया है। विश्व की सभी महाशक्तियां भी उनकी कार्यशैली की मुरीद हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के बेहद कठिन काल में भी पीएम मोदी एक मजबूत आधार बनकर देश की रक्षा करने के लिए खड़े हैं।

     

  • भाजपा का आज से संपर्क-संवाद अभियान, कल करेंगे मन की बात पीएम मोदी

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    लखनऊ। नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर शनिवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा विशेष संपर्क-संवाद अभियान की शुरूआत करेंगे। आज यानी शनिवार को सायं चार बजे फेसबुक के जरिए नड्डा लाइव संबोधन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मन की बात करेंगे। अब इस अभियान में होने वाले छह क्षेत्रीय वर्चुअल रैलियां 16 जून से आरंभ होंगी।

    प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित ने बताया कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस 23 जून तक चलने वाले अभियान में कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के लिखे पत्र को घर-घर पहुंचाएंगे। इस पत्र में आत्मनिर्भर भारत की विश्व कल्याण में भूमिका, सरकार द्वारा विषम परिस्थिति में उठाए गए कदम और और कोविड-19 से सावधानियों व बचाव का उल्लेख किया गया है।

    उन्होंने बताया कि डिजिटल संपर्क अभियान में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा व अनुसूचित जन-जाति मोर्चा भी वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम संपर्क संवाद करेंगे। साथ ही फेसकवर व सैनिटाइजर वितरण कार्य भी होगा। प्रत्येक बूथ पर व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया जाएगा। इन ग्रुपों में समाज के प्रतिष्ठित व विभिन्न जाति धर्म के लोगों को जोड़ा जाएगा। प्रदेश के प्रमुख केंद्रों पर प्रेसवार्ता भी आयोजित की जाएंगी।

    भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने तय की जिम्मेदारी

    विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष यदुवंश ने कमिश्नरी स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी है। सहारनपुर में नीतीश मलिक, मेरठ में वरूण गोयल, मुरादाबाद में डा. राहुल त्यागी, आगरा में जवाहरलाल, बरेली में केके गौतम, अलीगढ में ललित मोहन मिश्र, कानपुर में शिववीर सिंह भदौरिया, झांसी में प्रमोद विश्वकर्मा, चित्रकूट मेेें प्रशांत द्विवेदी, प्रयागराज में सूरज सिंह सोमवंशी, मीरजापुर मेें आयुषी श्रीमाली, वाराणसी में सतेंद्र नागर, लखनऊ में राहुलराज रस्तोगी, देवीपाटन में विकास श्रीवास्तव बाबा, अयोध्या में अमरजीत मिश्रा, गोरखपुर मेें पुरूषार्थ सिंह, बस्ती में मणींद्र पांडेय व आजमगढ़ में आशुतोष सिंह को जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रत्येक के साथ एक सहयोगी भी लगाया है।

    यदुवंश ने बताया कि हर्षवर्धन सिंह अवध और गोरक्ष क्षेत्र तथा कमलेश मिश्र बुंदेलखंड व काशी के प्रभारी होंगे। प्रदेश अध्यक्ष सुभाष यदुवंश स्वयं पश्चिम व ब्रज क्षेत्र की कमान संभालेंगे।

     

  • क्वारांटाइन हुए एक तिहाई सिपाही, फिर भी हौसले बुलंद जीआरपी के

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    लखनऊ। जिस चारबाग  रेलवे स्टेशन पर मुंबई से ट्रेन में सफर के दौरान कोराेना पॉजीटिव प्रवासी की मौत हुई। जहां हाइ रिस्क प्रदेश महाराष्ट्र, गुजरात व दिल्ली से रोजाना करीब 16 हजार प्रवासी पहुंच रहे हैं। उस चारबाग स्टेशन पर  तैनात जीआरपी के करीब एक तिहाई सिपाही मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी करते हुए अनजान खतरे यानी कोरोना वायरस के िशकार बन गए। नौ सिपाही जीआरपी के तो एक मुंशी अब तक आरपीएफ का कोरोना पॉजीटिव हो गए हैं। बावजूद इसके जीआरपी की मुस्तैदी में कोई कमी नहीं है। आरपीएफ भी जीआरपी के साथ कदमताल मिला रही है।

    एक मई को जब श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चली तो यूपी में उनके लिए अंतिम स्टेशन लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी व प्रयागराज को बनाया गया था। तब लखनऊ में समाप्त होने वाली ट्रेनों से प्रवासियों को उतारकर उनकी थर्मल स्कैनिंग कर बसाें तक भेजने के लिए लाइन को सुव्यवसिस्थत करने में जीआरपी ने अहम भूमिका निभायी। इसके लिए जीआरपी ने 230 सिपाहियों की तैनाती चारबाग स्टेशन पर की। प्रवासियों के लिए जब ट्रेनों की संख्या बढ़ी और उनके कई ठहराव बढ़ गए तो इन ट्रेनों के देरी से आने पर खाना व पानी का संकट भी बढ़ा। आरपीएफ के साथ जीआरपी खाना व पानी मुहैया कराने में भी जुट गई। इस बीच लखनऊ में प्रवासियों को पहले से अधिक संख्या में उतारा जाने लगा। बसें समय पर न मिलने पर प्रवासी स्टेशन में घूमते नजर आए। एक सप्ताह पहले ही एक जीआरपी सिपाही किसी के संपर्क में आ गया। वह  पॉजीटिव् निकला तो उसके साथ जीआरपी लाइन की बैरक में रहने वाले 11 सिपाहियों को क्वारांटाइन कर दिया गया। इसके दो ही दिन बाद जीआरपी के तीन सिपाही भी पॉजीटिव निकले। उनके साथ के 26 सिपाहियों को मोहनलालगंज क्वारांटाइन भेज दिया गया। जबकि गुरुवार को पांच और जीआरपी सिपाही पॉजीटिव पाए गए। उनके 24 सािथयों को क्वारांटाइन भेजा गया। अब तक जीआरपी के नौ सिपाही पाॅजीटिव हो चुके थे और 63 सिपाहियों को क्वारांटाइन कर दिया गया।

    एडीजी ने संभाली कमान

    पहली बार जीआरपी में कोरोना केे दस्तक देने पर अपने सिपाहियों का हौसला बढ़ाने के लिए एडीजी जीआरपी संजय सिंघल खुद स्टेशन व जीआरपी लाइन पहुंचे। उन्हाेंने जीआरपी जवानों को बचाव के साथ तत्परता बरतने के टिप्स भी दिए।

    आरपीएफ भी तैयार

    चारबाग आरपीएफ पोस्ट पर तैनात एक मुंशी भी पाॅजीटिव मिला है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में 900 आरपीएफ जवान तैनात हैं। लुधियाना मेें कोरोना से आरपीएफ जवान की मौत के बाद वहां पूरी पोस्ट सील हो गयी है। जबकि चेन्नइ में कई बड़े रेलवे अधिकारी इंजीनियर व कर्मचारी कोरोना पॉजीटिव मिले हैं। ऐसे हालात में भी आरपीएफ तत्पर है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अ िभषेक कुमार कहते हैं कि हमारी फोर्स अपना कर्तव्य हर हाल में निभाएगी।

     

  • जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र विभिन्न क्षेत्रों का लिया जायजा

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुलतानपुर। कोविड-19 वैश्विक महामारी के संक्रमण के रोकथाम/बचाव के दृष्टिगत लॉकडाउन 04 का जायजा लेने आज जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती व पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना ने संयुक्त रूप से डाकखाना चौराहा, शाहगंज चौराहा, बाधमण्डी चौराहे पर आने-जाने वाले नगरवासियों से मास्क लगाने, सोशल डिस्टेन्सिंग का अनुपालन करने व दो पहिया वाहन पर एक ही व्यक्ति को चलने की अपील की। इस दौरान मोटरसाइकिल पर दो व्यक्तियों के एक साथ चलने पर उनका चालान भी किया गया और मास्क व हेलमेट का प्रयोग न करने वाले व्यक्तियों का भी चालान किया गया। उन्होंने लोगों को स्मरण कराया कि सम्प्रति जनपद में लाकडाउन के दृष्टिगत धारा-144 लागू है। अतः किसी भी स्थान पर स्थान पर 05 या 05 से अधिक व्यक्ति एकत्र न हों। अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी। बिना आवश्यक कार्य हेतु घर से बाहर न निकलें। घर पर रहें, सुरक्षित रहें।

  • अनलॉक-1.0 की क्या रहेगी योगी सरकार की रणनीति, पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

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    उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कहा आज टीम 11 की बैठक में 1 जून से प्रदेश के लिए लॉकडाउन की गाइडलाइन जारी करने पर चर्चा की गई, मुख्यमंत्री जी ने इससे संबंधित आदेश जारी किए हैं।

    लॉकडाउन की गाइडलाइन की मुख्य बातें

    रोडवेज बसों को प्रदेश के अंदर चलने की अनुमति दी गई है, लेकिन बसों में हर यात्री के लिए फेस मास्क जरूरी होगा, यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी होगी। बसों को सैनिटाइज भी करना होगा

    सरकार की तरफ से निर्देश दिया गया है कि सब्जी मंडी जो थोक की मंडी हैं वो सुबह खुल जाएं, रिटेल का काम सुबह 6 से 9 बजे तक कर लें, लेकिन फल सब्जी मंडी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 12 घंटे के लिए खोली जाएंगी

    सभी सरकारी कार्यालयों के लिए अब आदेश यह हैं कि अब 100 प्रतिशत अटेंडेंस होंगी, लेकिन तीन पालियों में कार्यालय खुलेंगे, पहली पाली सुबह 9 से 5 बजे की होगी, दूसरी पाली 10 से 6 बजे की होगी, तीसरी पाली 11 से 7 बजे की होगी

    कंटेनमेंट जोन के लिए जो गतिविधियां भारत सरकार ने निर्धारित की हैं सिर्फ उन्हीं गतिविधियों की कंटेनमेंट जोन में अनुमति होगी,स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की गतिविधियां,डोर-टू-डोर सर्वे,आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था और सफाई की व्यवस्था की अनुमति होगी

    अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं, मेट्रो सेवाएं अगले आदेशों तक बंद रहेंगी

    दूसरे चरण में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, शैक्षणिक संस्थान, प्रशिक्षण संस्थान आदि ये जुलाई 2020 से खुलेंगे, इसके लिए भारत सरकार जब दिशानिर्देश जारी करेगी तब राज्य सरकार आदेश जारी करेगी

    प्रदेश में 8 जून से धार्मिक स्थल और पूजा स्थलों को खोला जाएगा, होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल भी 8 जून से खुलेंगे, परन्तु इन सब को भारत सरकार की गाइडलाइंस और प्रदेश सरकार की गाइडलाइंस के तहत ही खोलने की अनुमति होगी

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  • लखनऊ में कोरोना के तीन नए केस, संक्रमित हुए निजी अस्पताल के दो डॉक्टर व एक नर्स

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    Lucknow : राजधानी लखनऊ में शनिवार को तीन नए मामले सामने आये हैं, तीनों मामले दुबग्गा स्थित  निजी अस्पताल का है। जहां दो डॉक्टर समेत एक नर्स भी कोरोना संक्रमित हो गई है। वहीं केजीएमयू में भर्ती महिला की शुक्रवार को मौत हो गई। वहीं, बाद को आई रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि हुई है। जिसके बाद से शहरवासियों में खौफ बना है। सीएमओ डॉ नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, शनिवार को मरीज का शव परिजनों को कोविड-प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सौंपने दिया गया है। इसमें मरीज के शव को सैनिटाइज कर बैग में रखा गया। उसके बाद उसे सैनिटाइज कर परिजनों को पीपीइ किट देकर सौंपी गई। वहीं, केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ सुधीर सिंह के मुताबिक, कोविड नियमों के तहत परिजनों को शव सौंपा गया है। वहीं, बाराबंकी में कोरोना के पांच नए मरीज पाए गए हैं। अब जिले में कॉरोना संक्रमितों की संख्या 32 हो गई है।

    कोरोना से पहली महिला की मौत

    बारूदखाना निवासी 55 वर्षीय महिला को कई दिनों से बुखार, जुकाम था। वहीं, गुरुवार को उसकी सांसे फूलने लगीं। ऐसे में परिवारजन महिला को लेकर केजीएमयू पहुंचे। यहां वृद्धावस्था विभाग में बने स्क्रीनिंग एरिया में भर्ती किया गया। महिला में कोरोना के संदिग्ध लक्षण होने पर स्वैब जांच के लिए सैंपल भेजा गया। वहीं दोपहर बाद महिला की मौत हो गई। शुक्रवार को लैब में हुई जांच में कोरोना की पुष्टि हुई है। संस्थान के प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी के मुताबिक मृत मरीज की रिपोर्ट आ गई है। उसमें कोरोना की पुष्टि हुई है।

    बिना जांच शव परिजनों को सौंपने के आरोप से इन्कार

    सीएमओ डॉ नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, संदिग्ध मरीज का शव परिजनों को सौंपने में कोविड-प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इसमें मरीज के शव को सैनिटाइज कर बैग में रखा गया। उसके बाद उसे सैनिटाइज कर परिजनों को पीपीइ किट देकर सौंपी गई। वहीं, केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ सुधीर सिंह के मुताबिक, कोविड नियमों के तहत  परिजनों को शव सौंपा गया है।

    15 अप्रैल को हुई थी पहली मौत

    शहर में कोरोना केस का आंकड़ा साढ़े तीन सौ पार कर चुका है। वहीं, मृतकों की संख्या तीन हो गई है। 15 अप्रैल को शहर में नया गांव निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हुई। वहीं, 19 मई को मौलवीगंज निवासी 52 वर्षीय सब्जी विक्रेता की मौत हो गई। इसके अलावा शहर में महिला मरीज की पहली कोरोना से मौत हुई है।

    एक दिन में 15 कोरोना संक्रमित 

    बता दें, शुक्रवार को एक साथ 15 नए कोरोना मरीज पाए गए। इसमें सदर के वाल्मीकि मोहाल के एक ही परिवार के नौ लोगों समेत शहर के 11 लोगों में वायरस की पुष्टि हुई।  वहीं, तीन गैर जनपद के हैं। उधर, चार लोगों को डिस्चार्ज किया गया है।

    सदर का वाल्मीकि मोहाल इलाका सील 

    वाल्मीकि मोहाल के एक ही परिवार के नौ लोगों में वायरस मिला है। इसमें परिवार में पहले भी दो मरीज पाए जा चुके हैं। ऐसे में एक परिवार में संक्रमित मरीजों की संख्या 11 पहुंच गई है।

    ऐसे में क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस, नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है। कॉलोनी को सील कर दिया गया है। बेवजह बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने घर-घर सर्वे का निर्देश दिया है। इसके अलावा गोलागंज में भी एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई।

    वहीं, मोहनलालगंज में प्रवासी मजदूर में वायरस पाया गया। इसके अलावा एक संतकबीर नगर, एक सुल्तानपुर निवासी मरीज में वायरस की पुष्टि हुई है। केजीएमयू में भर्ती कैंसर पीड़ित बच्चे में वायरस पाया गया। यह बच्चा पीलीभीत का निवासी है।

    साढ़े पांच हजार को जांचा, 160 का सैंपल जुटाया

    सीएमओ की टीम ने विनम्र खंड, शांति विहार, राम विहार, आजाद विहार में घर-घर सर्वे किया। इस दौरान 1068 घरों में जाकर 5881 लोगों का स्वास्थ्य ब्योरा जुटाया। इस दौरान 160 लोगों का सैंपल जांच के लिए जुटाया गया। गुरुवार को संक्रमित आए कुल मरीजों में जीआरपी का एक जवान आगरा का निकला। ऐसे में 352 के बजाए शहर में मरीजों की संख्या 351 रह गई। वहीं शुक्रवार को 11 शहर में नए मरीज मिलने पर आंकड़ा 362 हो गया है। नए मरीजों में तीन महिला व आठ पुरुष मरीज हैं।

    KGMU के बच्चों के कैंसर वार्ड में कोरोना, एक डायग्नोस्टिक सेंटर बंद

    केजीएमयू के पीडियाट्रिक आंकोलॉजी विभाग में भर्ती बच्चे में कोरोना की पुष्टि हुई। ऐसे में डे केयर वार्ड में भर्ती कैंसर के बच्चे व स्टाफ में संक्रमण का भय पसर गया। वहीं दो निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों में भी वायरस की पुष्टि हुई। इसमें से एक मरीज की निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर जांच की गई, जिसे 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया।

    पीलीभीत निवासी तीन वर्षीय बच्चे को ब्लड कैंसर है। उसे केजीएमयू में भर्ती कर 25 मई को कीमोथेरेपी दी गई। वहीं अब जांच में कोरोना वायरस पाया गया। संस्थान के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक डे केयर वार्ड में करीब 15 बच्चे भर्ती थे। इसके डायरेक्ट संपर्क में छह स्टाफ आया। लिहाजा, स्टाफ को क्वारंटाइन कर जांच के लिए सैंपल भेज दिए गए। इनमें वायरस की पुष्टि होने पर भर्ती बच्चों की भी जांच कराई जाएगी। वहीं, कैंसर के बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। ऐसे में परिवारजनों में संक्रमण का भय पसरा हुआ है। उधर, गोामती नगर के एक निजी अस्पताल में संतकबीर नगर के भर्ती मरीज में वायरस की पुष्टि हुई। इसकी सीटी स्कैन डायग्नोस्टिक सेंटर से हुई। एसीएमओ डॉ. अनूप श्रीवास्तव के मुताबिक डायग्नोस्टिक सेंटर को सैनिटाइज कर 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया। वहीं, सुल्तानपुर निवासी मरीज में भी एक कॉरपोरेट हॉस्पिटल में संक्रमण की पुष्टि हुई। ऐसे में संक्रमित मरीज के भर्ती वाले आइसोलेशन व होल्डिंग एरिया को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया। .

     

  • होटल, रेस्टोरेंट खुलेंगे 8 जून से नॉन कंटेनमेंट जोन में

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    नई दिल्ली| केंद्र ने शनिवार को 30 जून तक राष्ट्रव्यापी तालाबंदी के विस्तार की घोषणा की है, लेकिन इसके साथ ही नॉन कंटेनमेंट क्षेत्रों में होटल और स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दी गई है, हालांकि यहां सुरक्षा की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रतिबंध जरूर लगे रहेंगे। लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील धीरे-धीरे तीन चरणों में दी जाएगी।

    गृह मंत्रालय द्वारा केंद्र के सभी मुख्य सचिवों और विभिन्न विभागों को संबोधित करते हुए एक आदेश में कहा गया, नॉन कंटेनमेंट क्षेत्रों के बाहर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित सभी गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

    पहले चरण के अंतर्गत नॉन कंटेनमेंट जोन में सभी धार्मिक स्थानों को 8 जून से खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही साथ होटल, रेस्तरां, अन्य आतिथ्य सेवाएं और यहां तक कि शॉपिंग मॉल को भी नॉन कंटेनमेंट जोन में खोलने की अनुमति दी जाएगी।

    हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ उचित परामर्श करने के बाद इस तरह की गतिविधियों के लिए एसओपी जारी करेगा। इसका उद्देश्य सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करना और वायरस को फैलने से रोकना है।

    दूसरे चरण में, स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थान खोल दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा केवल राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन से परामर्श करने के बाद ही किया जाएगा, इसके बाद शायद ऐसा करने से पहले बच्चों के माता-पिता से बात की जाएगी।

    एमएचए आदेश के साथ आए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, फीडबैक के आधार पर जून 2020 में इन संस्थानों को फिर से खोलने के विषय पर निर्णय लिया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए एक एसओपी भी तैयार करेगा।

    तीसरे चरण में स्थिति के आकलन के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा को दोबारा संचालित करने के चलते तारीखें भी तय की जाएंगी, लेकिन यह भी गृह मंत्रालय के निर्णय के आधार पर किया जाएगा।

    सबसे खास बात यह है कि एक निश्चित तारीख से सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो सेवाओं, सिनेमाघर, जिम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार और यहां तक कि ऑडिटोरियम व असेंबली हॉल तक को भी खुलने की अनुमति मिलेगी। हालांकि इसके तहत केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ध्यान रखना जरूरी होगा।

  • अयोध्या विवादित ढांचा केस पर इकबाल अंसारी ने की बड़ी मांग, कहा…

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    अयोध्या। अयोध्या बाबरी मस्जिद पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने सीबीआई कोर्ट में चल रहे अयोध्या विवादित ढांचा केस को समाप्त कर आरोपियों को कोर्ट कचहरी से मुक्ति दिलाने की मांग की है।  इकबाल अंसारी का कहना है कि सरकार इस मुकदमे को जल्दी खत्म करें। सुप्रीम कोर्ट का मंदिर के हक में फैसला आ चुका है।सभी ने स्वीकार किया अब देश मे हिन्दू मुस्लिम का कोई विवाद नहीं। प्रधानमंत्री के दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष भी सराहनीय है तीन तलाक जैसे मुद्दे को भी बहुत अच्छे ढंग से कायम कराया है सभी खुश हैं।

    दरअसल, रामजन्मभूमि विवाद को पिछले साल 9 नवंबर को आए सु्प्रीम कोर्ट के फैसले ने समाप्त कर दिया। अब विवादित ढांचा विध्वंस को लेकर सीबीआई की अदालत में सुनवाई चल रही है। इकबाल अंसारी ने सरकार से अपील करते हुए कहा, सरकार इस मुकदमे को जल्दी खत्म करे। सुप्रीम कोर्ट का मंदिर के हक में फैसला आ चुका है। इसे सभी ने स्वीकार किया है। अब देश में हिंदू-मुस्लिम का कोई विवाद नहीं है। मंदिर-मस्जिद पर फैसला कर दिया और मंदिर के पक्ष में फैसला आ गया है। कोर्ट के माध्यम से सारा विवाद समाप्त हो गया है और कोर्ट के इस फैसले का सभी लोगों ने सम्मान भी किया है। अब रहा विवादित ढांचा विध्वंस का मामला जो सीबीआई का मुकदमा है, सरकार को इसे भी समाप्त कर देना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि इस मामले को 28 साल बीत चुका है। अब यह मामला समाप्त कर देना चाहिए। अब तक राम मंदिर और बाबरी मस्जिद का मामला राजनीति में था। अब इस मामले को और न बढ़ाया जाए। अब इस मामले को लोग भूल जाएं। इकबाल अंसारी ने कहा, हम चाहते हैं कि लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहें। अब हम हिंदू-मुस्लिम का विवाद हिंदुस्तान में नहीं चाहते हैं।

  • फिरोजाबाद में कोरोना से पार्षद की मौत, मेरठ में संक्रमित पायी गई एक परिवार की छह महिलाएं

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    लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण में उत्तर प्रदेश में अपना पांव तेजी से जमा लिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार संक्रमण पर अंकुश लगाने के प्रयास में लगी है, लेकिन मृतकों तथा संक्रमितों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है।

    देश में सुहागनगरी के नाम से विख्यात फिरोजाबाद में बहुजन समाज पार्टी की पार्षद ने कोरोना वायरस के संक्रमण से दम तोड़ दिया। इस तरह से प्रदेश में अब मृतकों की संख्या 206 हो गई है, जबकि संक्रमितों का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। फीरोजाबाद में कोविड अस्पताल में तीन दिन से भर्ती बहुजन समाज पार्टी की पार्षद की आज मौत हो गई। आगरा में कराई जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिले में अब तक 11 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। जबकि अब तक 236 संक्रमित मिले हैं।

    मेरठ में भी एक ही परिवार की छह महिलाओं की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से खलबली मची है। इनमें पांच महिलाएं हैं और एक ढाई वर्ष की बच्ची है। थाना कोतवाली में जामा मस्जिद तहसील मेरठ निवासी एक हैंडलूम व्यापारी की मौत हो गई थी। उनके घर में छह सदस्यों की रिपोर्ट पाजिटिव आने से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। इसमें पांच महिलाएं और एक ढाई साल की बच्ची भी शामिल है। सभी मरीजों को कोविड केंद्रों में भर्ती करा दिया है।

    प्रदेश में शुक्रवार को भी संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी होती रही। कल 275 को मिलाकर 7445 संक्रमित हैं। कल भी सात लोगों की मौत हो गई थी जबकि अब कुल मृतकों की संख्या 206 हो गई है। वहीं बीते 24 घंटे में सर्वाधिक 14653 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई।

    एक दिन में ही करीब दस हजार नमूने जांच गए। बाकी बैकलाग नमूनों की रिपोर्ट आई। इसमें 275 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए जिनमें 86 प्रवासी श्रमिक हैं। अब तक 2012 प्रवासी मजदूर कोरोना पाजिटिव पाए जा चुके हैं। अब कुल मरीजों का आंकड़ा 7445 पहुंच गया है। वहीं 195 मरीज और स्वस्थ हुए। अब तक 4410 रोगी ठीक हो चुके हैं। अब तक कुल मरीजों के 59.3 फीसद स्वस्थ हो चुके हैं। अब एक्टिव केस 2834 हैं।

    यूपी में बीते 24 घंटे में जिन सात लोगों की कोरोना वायरस ने जान ली उनमें लखनऊ, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, नोएडा, अंबेडकरनगर व उन्नाव का एक-एक संक्रमित शामिल है।

    प्रदेश में शुक्रवार को 275 कोरोना संक्रमितों में अमेठी में सर्वाधिक 37, गाजियाबाद में 16, नोएडा में 10, अलीगढ़ में 14, बहराइच, प्रतापगढ़ में दो-दो, सुल्तानपुर में पांच, बाराबंकी व गोंडा में तीन-तीन, अयोध्या में नौ, बलरामपुर व लखीमपुर में एक-एक, अंबेडकरनगर में पांच, हरदोई में सात, लखनऊ में 11, बस्ती में तीन, संतकबीरनगर में एक, गोरखपुर में तीन, देवरिया, कुशीनगर, कानपुर देहात, महोबा, कन्नौज, अमरोहा, बुलंदशहर, शामली में एक-एक, सिद्धार्थनगर में सात, कानपुर में 15, चित्रकूट, इटावा व फतेहपुर व रामपुर में तीन-तीन, मेरठ में 11, बिजनौर में सात, सहारनपुर में आठ, मुजफ्फरनगर में 12, शामली में एक, बागपत, एटा में दो-दो, आगरा में पांच, फीरोजाबाद में छह कोरोना संक्रमित शामिल हैैं। इस तरह अब तक कुल 7445 मरीज मिल चुके हैं।

    दूसरे राज्यों से यूपी वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों में से 1048550 की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, इसमें से 64716 के नमूनें जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। अब तक 2012 प्रवासी श्रमिक संक्रमित मिले हैं यानी कुल मरीजों का 23 फीसद रोगी प्रवासी मजदूर हैं।