Category: uttar-pradesh

  • शातिर गोकश अफजल को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला, हमले में पुलिसकर्मी घायल

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    शामली । उत्तर प्रदेश के शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र में गोकश अफजल को पकड़ने गई पुलिस टीम पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने हमला कर दिया। एक सब इंस्पेक्टर समेत 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। आक्रामक भीड़ ने पुलिस की दो गाड़ियों को तोड़ डाला।

    घटना मंगलवार (मई 26, 2020) देर रात की है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 100 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए गोकश अफजल समेत 30 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।

    दरअसल, झिंझाना थाना क्षेत्र के टपराना गाँव में पुलिस की टीम गोकश अफजल को पकड़ने गई थी। पुलिस ने यहाँ दबिश देकर अफजल को हिरासत में ले लिया। जिसे छुड़ाने के लिए आरोपी पक्ष के लोगों और सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला बोल दिया और गोकश को छुड़ाने में कामयाब रहे।

    सूचना पाकर तुरंत आलाधिकारी कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुँचे और गोकश अफजल समेत 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कहा कि जल्द ही अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी। एसपी ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल करवाया गया है। सभी खतरे से बाहर हैं। गाँव में बड़ी संख्या में फोर्स को तैनात किया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक जमीअत उलेमा-ए हिन्द के सदर मौलाना साजिद कासमी ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया कि जिले में पुलिस द्वारा एक खास समुदाय को पूरी तरह से टारगेट करते हुए परेशान किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस द्वारा ग्रामीणों के साथ की गई मारपीट की घटना की मजिस्ट्रेट जाँच कराए जाने की माँग की है।

    इससे पहले सोमवार (मई 25, 2020) को मुखबिरों से सूचना के आधार पर टपराना पहुँची पुलिस ने गोवंश कटान की तैयारी कर रहे युवक शाहनवाज को धर दबोचा था। उसके दो भाई इकराम व इमरान फरार हो गए। पुलिस ने मौके से चोरी किया गया एक बछड़ा व काटने के उपकरण बरामद किए। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया युवक शाहनवाज इससे पूर्व भी गोवंशों काटने के आरोप मे जेल जा चुका है। वहीं परिवार के अन्य लोगो पर भी गोवंश तस्करी के आरोप हैं।

  • बिजली कंपनी की मनमानी का लिया मंत्री ने संज्ञान, बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने का CM से किया आग्रह

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    कानपुर । मई माह में बीते ढाई माह की री डग के आधार पर बिल जारी होने से बिजली उपभोक्ताओं को चूना लगने की खबर प्रसारित होने के बाद प्रावधिक शिक्षामंत्री कमलरानी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मुद्दे को सही ठहराते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने का आग्रह किया है। उन्होंने माह मार्च व अप्रैल का अलग-अलग बिल जारी कराने का अनुरोध किया है।

    मार्च माह के अंतिम सप्ताह मे लॉकडाउन के चलते यूपीपीसीएल ने सभी डिस्काम को डोर टू डोर मीटर री डग पर रोक लगा औसत आधार पर सिर्फ एसएमएस वाट्सएप्प व ई मेल से बिल भेजने के निर्देश दिए थे। लॉकडाउन-4 में छूट मिलने के बाद मई के अंतिम पखवारे से मीटर रीडर बिलिंग को पहुंचने लगे तो मार्च के प्रथम सप्ताह से मई के अंतिम पखवारे के बीच करीब ढाई माह की रीडिंग को अप्रैल माह के बिल में शामिल कर देने से अधिकतर उपभोक्ता उच्चतम उपभोग के स्लैब में पहुंच गए है। ऐसे में उपभोक्ताओं को प्रति माह जमा करते आए बिल से कही अधिक की बिलिंग की गई है।

    इससे उनपर आर्थिक बोझ बढ़ने और बिजली कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से वसूूली को प्रदेश की मंत्री कमलरानी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर के करोड़ों विद्युत उपभोक्ताओं की इस परेशानी को ऊर्जा मंत्री और यूपीपीसीएल के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक के साथ वार्ता करके भी उठाएंगी और निजात दिलाएंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रकरण से अवगत कराया है और माह मार्च व अप्रैल का अलग-अलग बिल जारी कराने का अनुरोध किया है। ताकि प्रदेश भर के बिजली उपभोक्ताओं को रहात दिलाई जा सके।

  • रायबरेली की MLA अदिति सिंह सिंधिया की राह पर, ट्विटर हैंडल से कॉन्ग्रेस का नाम हटाया

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    रायबरेली । उत्तर प्रदेश के रायबरेली से कॉन्ग्रेस की विधायक अदिति सिंह उसी राह पर चलती दिख रही हैं जिस पर कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश में कॉन्ग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया आगे बढ़े थे। दरअसल, अदिति ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कॉन्ग्रेस का नाम हटा दिया है। ट्विटर हैंडल से INC (Indian National Congress) हटाते ही ट्विटर ने अदिति के आईडी से ब्लूटिक हटा दिया है।

    अदिति ने अब अपना हैंडल @AditiSinghRBL कर लिया है। RBL यानी रायबरेली है। अदिति सिंह के इस निर्णय को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ हैं। उनके इस कदम से राजनीतिक सरगर्मियाँ अचानक तेज हो गई हैं।

    अदिति सिंह ने अपने सोशल मीडिया की प्रोफाइल से कॉन्ग्रेस के नाम सहित राहुल और सोनिया गाँधी की फोटो भी हटा दी है। विधायक के इस तेवर के बाद अब माना जा रहा है कि वह अब पार्टी से जल्दी ही किनारा कर सकती हैं। इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना ट्विटर प्रोफाइल और बॉयो बदला था। इसके कुछ महीनों बाद मध्य प्रदेश में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ और कमलनाथ सरकार गिर गई थी।

    अब उसी तरह कॉन्ग्रेस के गढ़ रायबरेली सदर की विधायक भी अलग राह चुनती दिख रही हैं। अदिति सिंह की इस कवायद को कहीं न कहीं उनकी पार्टी से बगावत से जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें पिछले कुछ समय से अदिति सिंह और कॉन्ग्रेस पार्टी के बीच सब ठीक नहीं चल रहा है।

    पहले अदिति सिंह ने गाँधी जयंती पर पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करते हुए यूपी विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लिया, जिसके बाद उन्हें नोटिस भी भेजा गया। हालाँकि कॉन्ग्रेस विधायक ने नोटिस को ठेंगा दिखा दिया था।

    वहीं हाल ही में कॉन्ग्रेस और योगी सरकार में बसों की सियासत गर्म हुई तो अदिति सिंह का ट्वीट चर्चा का विषय बना। इसमें उन्होंने कॉन्ग्रेस, महाराष्ट्र और राजस्थान सरकार पर सवाल खड़े किए। इस पूरे मामले में विधायक अदिति सिंह ने योगी सरकार के रुख का समर्थन किया था।

    अदिति सिंह ने ट्वीट कर लिखा था, “आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत, एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा। 297 कबाड़ बसें, 98 ऑटो रिक्शा व एबुंलेंस जैसी गाड़ियाँ, 68 वाहन बिना कागजात के, ये कैसा क्रूर मजाक है। अगर बसें थीं तो राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र में क्यूँ नहीं लगाई।”

    इसके अलावा उन्‍होंने एक और ट्वीट में लिखा था, “कोटा में जब यूपी के हजारों बच्चे फँसे थे तब कहाँ थीं ये तथाकथित बसें, तब कॉन्ग्रेस सरकार इन बच्चों को घर तक तो छोड़िए, बॉर्डर तक ना छोड़ पाई। तब योगी आदित्यनाथ ने रातों रात बसें लगाकर इन बच्चों को घर पहुँचाया। खुद राजस्थान के सीएम ने भी इसकी तारीफ की थी।”

    पिछले दिनों ये खबरें भी आईं थीं कि अदिति सिंह को कॉन्ग्रेस ने महिला विंग के महासचिव पद से हटा दिया है। नवंबर में अदिति की विधायक की सदस्यता खत्म करने को लेकर भी कॉन्ग्रेस ने यूपी विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को नोटिस दिया गया था। अदिति ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का भी समर्थन किया था।

  • कोरोना से जवान बेटे के मौत की सूचना पर घर में मच गया कोहराम, चेहरे से कफन हटाते ही पिता के उड़े होश

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    संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में एक अस्पताल की लापरवाही सामने आई है। दरअसल, अस्पताल की ओर से एक शख्स को फोन कर सूचना दी गई कि उसके 27 वर्षीय बेटे की कोविड-19 से मौत हो गई है। जवान बेटे के मौत की सूचना पर घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल ने मंगलवार की सुबह एंबुलेंस से शव भेज दिया। पुलिस की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार के लिए घाट ले जाया गया, जहां शव का चेहरा देखते ही पिता के होश उड़ गए। उन्होंने ऐसी बात कही जिससे वहां मौजूद हर शख्स हैरान रह गया।

    दरसअल, बस्ती के कैली अस्पताल में भर्ती युवक जिंदा है और उसकी मौत की सूचना परिजनों को देकर मंगलवार भोर में एबुंलेंस से शव भेज दिया गया। कुआनो नदी के मुखलिसपुर घाट पर पुलिस की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार को ले जाया गया, जहां पिता ने चेहरा देखा तो बेटे का शव नहीं होने से इनकार कर दिया। शख्स की बात सुनकर सब हैरान रह गए। दरअसल शव धर्मसिंहवा इलाके के महादेवा नानकार के 47 वर्षीय कोविड-19 पॉजिटिव शख्स का था। पॉजिटिव शख्स भी कैली अस्पताल में भर्ती था और सोमवार रात में ही उसकी मौत हो गई थी।

    डीएम रवीश गुप्ता के मुताबिक, महुली इलाके के मथुरापुर गांव का 25 वर्षीय युवक बस्ती कैली में कमरा नंबर 229 में बेड नंबर 5 पर भर्ती है और जीवित है। वहीं, धर्मसिंहवा के महादेवा नानकार के रहने वाले कोरोना पॉजिटिव 47 वर्षीय शख्स की मौत कैली में हुई थी। उन्होंने बताया कि फोन से गलत सूचना दिए जाने से गलतफहमी हुई है। मथुरापुर के युवक की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मृतक पॉजिटिव महादेवा नानकार के शख्स के शव का अंतिम संस्कार कोविड के प्रोटोकॉल के अनुसार होगा। इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।

  • एआरटीओ प्रवर्तन की स्कॉर्पियो की चपेट में आकर बुजर्ग की दर्दनाक हुई मौत

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    सुमेरपुर /उन्नाव । सुमेरपुर बक्सर मार्ग पर मंगलवार को एक 65 वर्षीय बुजुर्ग को स्कॉर्पियो  ने टक्कर मार दी। स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में जा घुसी जिसके बाद  बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। जिसके बाद   बारासगवर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम   के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।जानकारी के अनुसार सतगुरु  पुत्र पीतांबर   निवासी नारायणदास खेड़ा के मजरे दुर्गागंज थाना बारासगवर अपनी साइकिल से ऊंचगांव जा रहे थे ।
    सुमेरपुर बक्सर मार्ग पर पजन खेड़ा गन्ना कांटा मोड़ के पास बक्सर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने साइकिल में टक्कर मार  दी।  तेज रफ्तार स्कॉर्पियोअनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंतीयो में जा खड़ी हुई । स्कॉर्पियो की जोरदार टक्कर से जहां सतगुरु की मौके पर ही मौत हो गई वही स्कार्पियो सवार सभी भागने में सफल रहे थाना बारासगवर पुलिस ने शव को अंत्य परीक्षण के लिए भेजा दिया।
    वही स्कॉर्पियो गाड़ी को थाने ले आई । सूत्र बताते हैं कि स्कॉर्पियो गाड़ी एआरटीओ प्रवर्तन उन्नाव सहदेव पाल की है । दोनों पक्षों ने  मामला सुलझा लिया है । पुलिस ने गाड़ी में मौजूद सभी लोगों को नजरअंदाज कर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिख कर मामले की इतिश्री कर दी है ।

  • अब कामगारों व श्रमिकों को रोजगार देने के लिए दूसरे राज्यों को लेनी होगी सरकार से मंजूरी  

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा और बीमा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को रोजगार देने के इच्छुक अन्य राज्यों को यूपी सरकार की मंजूरी लेनी होगी।

    योगी ने कहा कि मजदूरों के साथ कई राज्यों में दुर्व्यवहार की रिपोर्ट सामने आई हैं। अगर कोई राज्य प्रवासी मजदूरों को रोजगार देना चाहता है तो उन्हें इसके लिए सरकार की मंजूरी लेनी होगी। हम मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा की पूरी जिम्मदारी लेते हैं। हम उन्हें बीमा सहित हर तरह की सुरक्षा देंगे।

    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा था कि कामगारों व श्रमिकों को सेवायोजित करने के लिए एक माइग्रेशन कमीशन गठित करने की रुपरेखा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत कामगारों व श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जाए और उनका सारा ब्यौरा इकट्ठा किया जाए जिसके बाद उन्हें रोजगार देकर मानदेय दिया जाए। कृषि विभाग और दुग्ध समितियों में ऐसे श्रमिकों व कामगारों को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करवाया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी ने ये निर्देश रविवार को अफसरों के साथ हुई समीक्षा बैठक में दिए।

    कामगारों व श्रमिकों को राज्य स्तर पर बीमे का लाभ देने की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे इनका जीवन सुरक्षित हो सकेगा। ऐसी कार्य योजना तैयार की जाए, जिससे कामगारों व श्रमिकों को जॉब सिक्योरिटी मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से अब तक 23 लाख कामगारों व श्रमिकों को प्रदेश वापस लाया जा चुका है। राज्य सरकार इन सभी की सुरक्षित व सम्मानजनक वापसी के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने कहा कि आने वाले सभी श्रमिकों व कामगारों की स्क्रीनिंग कर उन्हें आवश्यकतानुसार क्वारंटीन सेंटर या होम क्वारंटीन में भेजा जाए। होम क्वारंटीन किए जाने वाले श्रमिकों व कामगारों को खाद्यान्न किट जरूर दी जाए और इनके राशन कार्ड भी बनवाए जाएं। साथ ही, इन्हें होम क्वारंटीन के दौरान 1,000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता भी उपलब्ध करवाया जाए।

  • योगी सरकार ने 26 लाख श्रमिकों के कौशल जानने के लिए शुरू की स्किल मैपिंग

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    कोरोना संकट के चलते महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से प्रवासी श्रमिका का उत्तर प्रदेश आना जारी है। मंगलवार तक यूपी आने वाले श्रमिकों का आंकड़ा 26 लाख को पार कर गया है। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि बसों और 1265 ट्रेनों में 17 लाख 728 लोग आज 2 बजे तक प्रदेश में आ चुके हैं, आज भी 100 ट्रेने प्रदेश में आएंगी। अब यूपी आए श्रमिकों के सामने रोजी रो​टी का संकट पैदा हो चुका है। ऐसे में अब यूपी सरकार ने मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए उनका कौशल जानने के लिए स्किल मैपिंग करवा रही है।

    उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 1255 ट्रेनों से कामगार लाए गए हैं वहीं आज और कल में 145 ट्रेनें और आएंगी। यूपी में हर प्रवेश द्वार समेत 14 सौ जगहों पर सभी कामगारों व श्रमिकों के लिए भोजन, पानी का इंतजाम किया गया है। क्वारंटीन सेंटर में मेडिकल स्क्रिनिंग के बाद होम क्वारंटीन भेजते वक्त राशन पैकेट दिया जा रहा है। होम क्वारंटीन पूरा होते ही 1000 का भरण पोषण भत्ता व राशन कार्ड भी दिया जा रहा है।

    सभी की स्किल मैपिंग हो रही है
    अब तक लाकडाउन के दौरान 82262 औधौगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों कामगारों को बंदी के दौरान का 1677.36 करोड़ रूपए वेतन एवं मानदेय का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही अब राज्य सरकार मजदूरों की स्किल मैपिंग करवाई जा रही है। इसके जरिए उन्हें विभिन्न उद्योगों में रोजगार के मौके प्रदान किए जाएंगे।

    कहां कितने मजदूर
    राज्य सरकार के अनुसार वर्तमान में 824 बड़ी औधोगिक इकाईयां संचालित हो रही है जिनमें 65 हजार कामगार व श्रमिक काम कर रहे हैं। लघु एवं मध्यम श्रेणी की 2 लाख 80 हजार इकाईयां चालू हैं जिनमें 22 लाख 66 हजार श्रमिक व कामगार काम कर रहे हैं। सूक्ष्म श्रेणी की 74 हजार इकाईयां चालू हैं जिनमें 2.5 लाख श्रमिक व कामगार काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने अब तक 33 लाख निर्माण श्रमिकों व कामगारों को भरण पोषण भत्ता अतिरिक्त दिया है।

     

  • कोरोना संक्रमण काल में UP के इस गांव में 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत से ग्रामीणों दहशत में 

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    गोरखपुर । खजनी रेंज के बेलघाट गांव स्थित एक बाग में 500 से अधिक संख्या में चमगादड़ मृत पाए गए हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान अचानक बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत से ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग प्रथमदृष्टया मौत का कारण अचानक बढ़ी गर्मी व पानी की कमी बता रहा है।

    बेलघाट स्थित ध्रुव नारायण शाही के बाग में मंगलवार की सुबह बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ देखे गए। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। करीब 11 बजे सूचना पर खजनी रेंजर देवेंद्र कुमार भी पहुंचे। जरूरी सावधानियां बरतते हुए उन्होंने मृत चमगादड़ों को एकत्र किया। उन्होंने कहा कि मौत का कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अचानक गर्मी बढ़ी है। इर्द-गिर्द तालाबों में पानी भी नहीं है। आशंका है कि गर्मी के चलते चमगादड़ों की मौत हो गई हो।

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    ग्रामीण बताते हैं कि चमगादड़ घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर स्थित बहेरा के पेड़ पर रहते थे, जिसके मालिक रोहित शाही हैं। सोमवार दोपहर करीब दो बजे भी कुछ चमगादड़ मृत देखे गए थे। पेड़ पर भी कुछ चमगादड़ मरे पड़े हैं। डीएफओ अविनाश कुमार का कहना है कि सभी चमगादड़ फ्रूट वैट प्रजाति के हैं। इनके सैंपल पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकता है।

    मृत चमगादड़ों का सैंपल तैयार करने के लिए पशु चिकित्सा विभाग ने डिप्टी सीवीओ खजनी डॉ.हौसला प्रसाद, पशु चिकित्साधिकारी बेलघाट डॉ.ऋषिकेश दर्शन, पशु चिकित्साधिकारी डॉ.ब्रजेश कुमार की एक टीम गठित कर दी है। टीम ने तीन जार में चमगादड़ों के तीन शव सुरक्षित रख वन विभाग की सुपुर्दगी में दे दिया है।

    आइवीआरआइ (इंडियन वेटिरनरी रिसर्च इंस्टीटयूट) के प्रधान वैज्ञानिक डॉ.साईं कुमार का कहना है, जरूरी नहीं कि गर्मी की वजह से चमगादड़ों की मौत हुई हो, लेकिन उसके कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने या फिर वन विभाग के अधिकारी ही बता सकते हैं। वैसे अभी तक बरेली की बात करें तो बरेली में बड़ी संख्या में चमगादड़ हैं। खासकर कैंटोनमेंट बोर्ड में, लेकिन अभी तक उन चमगादड़ों से कोई वायरस मनुष्य में पहुंचने की बात सामने नहीं आई है। न ही कभी इतनी बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हुई है। गोरखपुर में कारण कुछ भी हो सकते हैं। यह बता पाना मुश्किल है।

  • UP में 10 आईपीएस के तबादले, प्रशांत कुमार बने नए ADG लॉ एंड ऑर्डर

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 10 IPS के तबादले किए गए हैं। अब मेरठ रेंज के ADG प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश का ADG लॉ एंड ऑर्डर बना दिया गया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने सभी दस IPS अधिकारियों का नाम, उनकी वर्तमान तैनाती और नवीन तैनाती का विवरण दिया।

    इसके साथ ही अंजू गुप्ता एडीजी पीटीएस मेरठ, लक्ष्मी सिंह आईजी लखनऊ रेंज, दीपेश जुनेजा एडीजी कार्मिक, एलवी एंटोनी देव कुमार एडीजी सीबीसीआईडी और नीरा रावत एडीजी विमेन पावर लाइन बनाई गई हैं।

     

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    UP में 10 आईपीएस के तबादले, प्रशांत कुमार बने नए ADG लॉ एंड ऑर्डर
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    UP में 10 आईपीएस के तबादले, प्रशांत कुमार बने नए ADG लॉ एंड ऑर्डर

  • बीसलपुर कनपरी का कोटेदार अपनी दबंगई के बल पर नही दे रहा कार्ड धारकों को राशन कर रहा अपनी मनमानी

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    रिपोर्ट ज़ाहिद अली
    गल्ला बांटते समय काफी लोगों की भीड़ लगाए रहता है।गरीव लोगों से उनका हक छीना जा रहा है । लेकिन प्रशासन कोई ध्यान नही दे रहा है। जबकि सरकार का आदेश है कि जिनके राशन कार्ड नही हैं उनको भी राशन दिया जाये जबकि कनपरी का कोटेदार सरकार के आदेश के विपरीत काम कर रहा है।गल्ले में घटतौली भी करता है हर यूनिट पर 500 ग्राम कम गल्ला देता है और चने हर कार्ड पर 900 ग्राम ।जहां लॉक डाउन में गरीब लोगों के साथ दो बक्त की रोटी की दिक्कतें हैं और ऐसे भ्रस्टाचारी कोटेदार गरीबों का हक़ छीन कर अपना पेट भर रहे हैं लेकिन इन गरीबों की तरफ किसी का भी ध्यान नही जा रहा हैं न ही प्रसासनिक अधिकारियों का और न ही जनप्रतिनिधियों का। लॉक डाउन में कोटेदार जमकर गोलमाल करते जा रहे हैं

    आखिर इनपर कोई कार्यवाही क्यों नही होती।अधिकतर कोटेदार सीना ठोककर भ्रस्टाचार कर रहे हैं क्योंकि उनपर उनके ही बिभाग के कर्मचारियों का हाथ रखा हुआ है ।घटतौली की शिकायतें हर कोटे से आती हैं कोई भी कोटेदार पूरा गल्ला नही देता लेकिन कोई कार्यवाही नही कोटेदारों पर।इस बार हर कोटेदार ने कार्ड पर 900 ग्राम चने दिए हैं।

    कोटेदार एक दबंग आदमी है और उसे गांव के अन्य दबंग लोगों का भी संरक्षण प्राप्त है जिनमें गांव के पूर्व प्रधान समेत अन्य लोग शामिल हैं कोटेदार के पक्ष्य में है ।