Category: uttar-pradesh

  • CM YOGI ने UP के इन तीन शहरों में और अधिक सख्त लॉकडाउन का दिया आदेश 

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    यूपी के इन तीन शहरों में और अधिक सख्त होगा लॉकडाउन, सीएम योगी ने

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी पर नियंत्रण पाने की सरकार की कोशिशों पर पानी फेर रहे आगरा, मेरठ और कानपुर में लाकडाउन के नियमों को और कड़ाई से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। सीएम योगी ने मंगलवार को लाकडाउन की समीक्षा बैठक में अधिकारीयों को आगरा, मेरठ और कानपुर नगर में लाॅकडाउन को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं।

    सीएम योगी ने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण में निगरानी समितियों की अहम भूमिका है। इसलिए सभी ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में वाॅर्ड स्तर पर बेहतर सर्विलांस के लिए निगरानी समितियों को सतर्क किया जाये। निगरानी समितियां होम क्वारंटीन की मियाद में प्रवासी कामगारों और श्रमिकों की निगरानी का काम करेंगी। निगरानी समितियों के द्वारा यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि कोई भी बाहरी शख्स अगर चोरी-छिपे उनके क्षेत्र में आए तो वे प्रशासन को जानकारी दें। बाद में, यह समितियां वृक्षारोपण और खाद्यान्न वितरण में भी अपनी भूमिका निभा सकती हैं।

    निगरानी समितियों के कार्य के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस समिति में ग्राम प्रधान, ग्राम चैकीदार, आशा वर्कर स्वच्छाग्रही, युवक मंगल दल और नेहरू युवा केन्द्र के सदस्यों को शामिल किया जाए।

  • UP में लगातार बढ़ रहा है कोरोना का ग्राफ, संक्रमितों की संख्या 3691 पहुंच गई

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    लखनऊ। कोरोना का ग्राफ उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को कुल संक्रमितों की संख्या 3691 पहुंच गई है। इनमें 1736 एक्टिव मामले हैं तो वहीं 1873 लोग डिस्चार्ज होकर जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग इन आंकडो़ं में थोड़ी राहत ढूंढ रहा है, क्योंकि अब कुल डिस्चार्ज होकर घर जा रहे लोगों की संख्या एक्टिव मामलों से ज्यादा हो गई है। मतलब रिकवरी रेट वाकई में यूपी में बेहतर होता जा रहा है, लेकिन यह सिर्फ आंशिक खुशी है। राज्य में प्रतिदिन आ रहे नए मामलों का औसत कम नहीं हो रहा है। अब भी हर दिन 100 से ज्यादा ही मामले सामने आ रह हैं। बीते पांच दिनों की बात करें तो मंगलवार को 112, सोमवार को 109, रविवार को 102, तो शनिवार को 163, शुक्रवार को 155 नए मामले सामने आ आए हैं।

    बुधवार को भी संख्या 100 पार कर गई। इस दिन लखनऊ में 20 दिनों बाद 14 नए मामले सामने आए। कन्नौज में 5 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। यह सभी लोग मुंबई से लौटे थे। वहीं सिद्धार्थनगर में 4, अलीगढ़ में भाई-बहन समेत तीन नए कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। संतकबीरनगर में एक बुजुर्ग की मौत हुई है, जिसकी बाद में आई रिपोर्ट में वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यूपी में अब तक कोरोना वायरस से 82 लोगों की जान जा चुकी है। यूपी में कुल हॉटस्पॉट क्षेत्र 496 हो गए हैं। सीएम योगी ने इनमें विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

    राजधानी में बुधवार को 14 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। 20 दिन बाद इतनी बड़ी संख्या में कोरोना के नए मामले से प्रशासन के होश उड़ गए हैं। इससे पहले 24 अप्रैल को सर्वाधिक 19 मरीज मिले थे। तब से लेकर अब तक कोरोना मरीजों की संख्या में कमी थी। सबसे ज्यादा 13 मरीज कैसरबाग की सब्जी मंडी साममे आए हैं। जबकि एक मजदूर भी संक्रमण की चपेट में आ गया है। यह राजधानी का पहला मजदूर है जो कोरोना पॉजिटिव मिला है। यहां कुल मरीजों की संख्या 264 हो गई है। इनमें 50 मामले एक्टिव हैं।

  • भाजपा महिला विधायक : हर घर आटा-दाल-चावल के साथ तेल-मसालों की 15 किलो राशन की किट बांट रहीं

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    बिजनौर। कोरोना महामारी के चलते जहां देश के गरीब मजदूर इस समय काफी परेशान हैं और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वहीं जिले की सदर महिला विधायक ने अपनी विधानसभा के गरीब, मजदूर, विधवाओं और दिव्यांगों के घर तक राशन पहुंचाने का संकल्प लिया है। इतना ही नहीं अपनी विधानसभा के सभी गांव को सैनिटाइज भी करा रही हैं। इस लॉकडाउन के समय में महिला विधायक अपने कार्य को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

    सदर बीजेपी विधायिका सूचि चौधरी नर-सेवा नारायण सेवा संकल्प को ही अपनी जिंदगी का मकसद बना चुकी हैं। कोरोना काल में जब से देशभर में लॉकडाउन घोषित हुआ है तभी से सदर विधायिका सुचि चौधरी ने अपने वेतन से अपनी विधानसभा के गरीबों, मजलूमों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगों की सेवा करने का संकल्प लिया है। विधायिका का मानना है कि नर सेवा ही भगवान की असली सेवा होती है। सदर विधायिका अपनी विधानसभा के गरीबों-मजदूरों को 15 किलो राशन की किट उपलब्ध करा रही हैं।

    इस राशन की किट में 5 किलो आटा, 2 किलो चावल, 5 किलो दाल, नमक, तेल, मिर्ची और मसाला है। वह अपने विधानसभा क्षेत्र में अब तक 200 गावों में 6 हजार से अधिक राशन की किट बांट चुकी हैं, जिससे लगभग सीधे तौर पर 30 हजार लोगों को लाभ मिल चुका है। गांव रामजी वाला, छकड़ा, नारायणपुर, गोपालपुर, खिरनी, खलिउल्लापुर, कड़ापुर और वाजिदपुर की 300 से अधिक विधवाओं, गरीब मजदूरों व दिव्यांगों को राशन की किट बांटी है। बाकी के बचे गांव में भी जल्द राशन की किट बांटी जाएंगी।

    इसके साथ ही सदर विधायिका ने अपनी पूरी विधानसभा को सैनिटाइज करने का बीड़ा भी उठाया है। विधायिका का मानना है कि गांव सैनिटाइज हो जाएंगे तो लोगो की जिंदगी बचाई जा सकती है। विधायिका ने बिजनौर विधानसभा के सभी 350 गावों को सैनिटाइज कराने के लिए 4 टैंकरों को लगा रखा है । रोजाना दर्जनभर गांव को सैनिटाइज कराया जा रहा है। अब तक लगभग 115 से अधिक गांव सैनेटाइज किए जा चुके हैं। इस लॉकडाउन के समय में विधायिका का साथ उनके पति मौसम चौधरी भी बखूबी दे रहे हैं। दोनो पति-पत्नी मिलकर जनता की हरसम्भव मदद कर रहे हैं।

  • लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में ‘सरकार’ के 4000 भक्तों के साथ ही सपा विधायक पर मुकदमा दर्ज

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    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में संत शोभन सरकार के हजारों अनुयायियों के खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में बृहस्पतिवार को चार मामले दर्ज किए गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि संत शोभन सरकार को अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का हुजूम बृहस्पतिवार को चौबेपुर के सुनौहरा आश्रम में एकत्र हुआ। संत शोभन का बुधवार को निधन हो गया था। चौबेपुर के थाना अध्यक्ष विनय तिवारी ने कहा, हमने भीड़ को आश्रम की तरफ बढ़ने से रोकने की कोशिश की लेकिन हमारे तमाम प्रयास विफल साबित हुए। इस घटना का वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों से वायरल भी हुआ है। तिवारी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण किसी भी अंत्येष्टि कार्यक्रम में 20 से ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना मना है, मगर आश्रम में हजारों की भीड़ पहुंच गई।

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    लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में ‘सरकार’ के 4000 भक्तों के साथ ही सपा विधायक पर मुकदमा दर्ज

    इस मामले में करीब 4000 लोगों के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं। इस बीच, कानपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अनंत देव तिवारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने बताया कि शिवली थाना पुलिस ने भी बुधवार को कोविड-19 से जुड़े प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के आरोप में करीब 1000 अज्ञात अनुयायियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    उन्होंने बताया कि घटना का वीडियो और तस्वीरें को देखकर यह पता लगाया जा रहा है कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। शोभन सरकार उर्फ सूर्यभान तिवारी एक संत थे, जिन्होंने कुछ साल पहले उन्नाव के डौंडियाखेड़ा में राजा राम बख्श सिंह के पुराने किले के खंडहर में 1000 टन सोना दबा होने का सपना देखने का दावा किया था। तत्कालीन राज्य सरकार ने इसे सच मानते हुए बाकायदा उस जगह की खुदाई कराई थी। खुदाई का यह काम 18 अक्टूबर 2013 को शुरू हुआ था और 11 दिन के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने यह कहते हुए काम रुकवा दिया था कि वहां पर कोई सोना नहीं है।

  • सीएम योगी चाहते हैं कि lockdown 4 में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी पर मिले ज्यादा छूट

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    लखनऊ। तीसरे चरण के लॉकडाउन में अब दो दिन और बचे हैं। पीएम मोदी राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि चौथे चरण का लॉकडाउन पहले से भिन्न होगा और नए रंग-रूप वाला होगा। सीएम योगी से जुड़े सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री प्रदेश में कुछ ढ़ील के साथ 31 मई तक lockdown बढ़ाना चहाते हैं।

    सूत्रों ने बताया कि सीएम योगी चाहते हैं कि lockdown4 में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी ज़्यादा चलें, इसलिए इसमें छूट दी जाए। हालांकि वो लॉकडाउन के दौरान पब्लिक पर सख्ती बनी रहे, malls, सिनेमाघर, मल्टीप्लेक्स, होटल, जिम आदि न खुलें। इतना ही नहीं कंटेंटमेंट जोन में सख्ती बढ़ाने पर विचार चल रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, सरकार लाकड़ाउन बढ़ाना चाहती है इसकी एक बड़ी वजह प्रदेश में अब तक साढ़े बारह लाख से ज़्यादा प्रवासी मजदूरों का आना है। सरकार का अनुमान है कि अगले नौ-दस दिनों में करीब आठ लाख प्रवासी मजदूर और आ जाएंगे। अब तक यूपी लौटे एक प्रवासी मजदूर की कोरोना से मौत हो चुकी है और 50 से ज्यादा मजदूर कोरोना पॉजिटिव निकल चुके है।

    इसलिए सरकार का मानना है कि मजदूरों की जांच के लिए लॉकडाउन बढ़ाना जरूरी है और इसी वजह से जिन जिलों में प्रवासी मजदूर ज्यादा आ रहे हैं, वहां लॉक डाउन में सख्ती हो। अब यूपी में अगले कुछ दिनो में कोरोना के दस हजार टेस्ट रोज होंगे। इस तरह लॉकडाउन 4 में 31 मई तक करीब सवा लाख टेस्ट हो चुके होंगे।

     

    यूपी सरकार आगरा, मेरठ और कानपुर में ज़्यादा सख्ती से लॉकडाउन 4 लागू कराना चाहती है। यूपी में अब तक कोरोना के 3945 मामले हुए हैं, इनमे 1383 मामले इन तीन जिलों के हैं। प्रदेश में 92 मौत हुई हैं जिनमें इन तीन जिलों में 47 कोरोना के मरीज मरे हैं। सरकार चाहती है कि अभी ग्रीन और ऑरेंज ज़ोन में कुछ दुकानें खुल रही हैं, वैसे और ज़िले जहा कोरोना के कम केस हैं वहां भी बाज़ार खुलें।

    सरकार चाहती है कि मार्केट में दुकानों की नम्बरिंग की जाए। बाजार में odd even नम्बर से दुकानें खुलें। भीड़ न जमा हो, दुकान पर स्टाफ कम हो। लॉक डाउन 4 कैसा होना चाहिए इसे लेकर सीएम योगी पहले भी अपने मंत्रिमंडल के मंत्रियों के साथ मीटिंग कर चुके है।

  • लॉकडाउन : मां-इंजन, बैग-बोगी, बच्चा: जिंदगी की यह गाड़ी रुला रही है

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    नई दिल्‍ली। मजबूरी बेहद बुरी होती है। लॉकडाउन में जो बस किसी तरह अपने घर पहुंच जाना चाहते हैं, उनकी मजबूरी समझिए। दूसरे राज्‍यों में फंसे मजदूर पैदल घरों की तरफ निकले हैं तो कोई वजह रही होगी। यूं ही किसी गाड़ी के नीचे आकर कुचले जा रहे। मजबूरी एक पल में मौत से दो-चार करा रही है। कोई इस एहसास से थोड़े ही निकलता है कि राह में दम तोड़ देगा। मौत तो बिन बताए आती है। कुछ की मंजिल बेहद करीब थी, इतनी कि सिर्फ कुछ घंटों में घर पहुंच जाते। मगर होनी को शायद उनके परिवार को और दुख देने थे। अपने घर जाने की कोशिश में जान गंवा बैठे प्रवासियों के परिवार का दर्द महसूस कीजिए। उन्‍हें मजदूर ही रहना चाहिए था, मजबूर नहीं बनने देना था। हश्र सब देख रहे हैं।

     रुला जाएगी जिंदगी की ऐसी गाड़ी
    रेल का इंतजार करते-करते महीने भर से ज्‍यादा गुजर गए। जब चली भी तो जाने वाले लाखों में थे और सीटें चंद हजार। मरता क्‍या ना करता, हजारों मजदूर पैदल ही अपना परिवार लेकर निकल पड़े। पंजाब से उत्‍तर प्रदेश के महोबा के लिए निकले एक जत्‍थे की तस्‍वीर देखिए। एक बच्‍चा है, उसे आप इस सफर का यात्री मानिए। एक ट्रॉली-बैग है, उसे ट्रेन समझिए। तो ट्रेन पर वो यात्री पसरा हुआ। दोनों हाथों से बैग के दोनों छोर पकड़े हैं, गिरने का भी खतरा है। और इस ट्रेन को खींच रही है एक मजबूर मां। उसे चलते जाना है मगर बच्‍चे को तो नींद आती है। उसे क्‍या समझ कि क्‍यों उसकी मां अचानक निकल पड़ी है यूं पैदल। कहां जा रही है, उसे कुछ आइडिया नहीं।

    ट्रॉली बैग पर सोया बच्चा, रस्सी बांध खींचती रही मां
    कोरोना वायरस के खतरे के बीच दूसरे राज्यों से अपने घरों की ओर लौट रहे प्रवासी मजदूरों की भावुक कर देने वाली तस्वीरें सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। ताजा तस्वीर आगरा से सामने आई है, जहां पंजाब से उत्तर प्रदेश के महोबा जाने के लिए निकले एक जत्थे में शामिल बच्चा इतना थक गया कि वह चलते हुए ट्रॉली बैग पर ही सो गया। और उसकी मां ट्रॉली बैग को रस्सी से बांधकर खींचती रही।

    उत्‍तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 13 मई की रात एक भयानक हादसा हुआ। बिहार के कुछ मजदूर पंजाब में फंसे थे और पैदल ही निकल पड़े। झोले में पूड़‍ियां बांध रखी थीं कि भूख लगेगी तो खा लेंगे। बड़ा लंबा सफर है। स्‍टेट हाइवे के रोहाना टोल प्‍लाजा पर रोडवेज बस उनको कुचलती हुई निकल गई। वो पूड़‍ियां सड़क पर बिखर गईं, उनमें मजदूरों का खून मिल गया। बिस्‍कुट के कुछ पैकेट जो शायद जिस्‍म को बुरी तरह थका देने वाले इस सफर में थोड़ा ताकत देते, वो खुलकर ताश के पत्‍तों जैसे उस खौफनाक दृश्‍य के बीच बिछ गए।

  • औरेया में हादसे के शिकार हुए कुशीनगर के अर्जुन चौहान के घर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष

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    पडरौना,कुशीनगर : औरेया में हुई मार्ग दुर्घटना में कुशीनगर जनपद के फर्द मुंडेरा के अर्जुन चौहान की मौत की जानकारी होने पर पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री कुंवर आरपीएन सिंह ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह को गांव में भेजा।

    जिलाध्यक्ष ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बधाते हुए कहा कि दु:ख की घड़ी में कांग्रेस पार्टी साथ में है, हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने दूरभाष पर मृतक के पिता गोविद चौहान से पूर्व केंद्रीय मंत्री से बात भी कराई।

  • दर्दनाक हादसा: UP रोडवेज की बस ने सड़क पर पैदल जा रहे मजदूरों को कुचला, 6 की मौत

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    सहारनपुर । उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पैदल अपने घरों की ओर लौट रहे मजदूरों पर सड़क ही काल बन गई। उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर के बॉर्डर कल देर रात एक दर्दनाक हादसा घट गया। यहां आधी रात में रोडवेज बस ने पैदल जा रहे मजदूरों को कुचला दिया। इस हादसे में 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं 4 मजदूर गंभीर रूप से घायल। सभी गंभीर घायल मजदूरों को मेरठ मेडिकल में रेफर किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक यह हादसा देर रात का है। जब रोडवेज की बस का संतुलन बिगड़ गया। बस ने सड़क किनारे जा रहे मजदूरों को टक्कर मार कुचल दिया। पुलिस ने घटना के बाद रोडवेज बस सहित ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। सभी मजदूर सहारनपुर की ओर से आ रहे थे और इन्हें अपने प्रदेश बिहार जाना था और ये पैदल ही रात्रि में निकल पड़े थे।

    कानपुर हादसे में 2 की मौत
    कानपुर हाइवे पर प्रवासी मजदूरों से भरा एक मिनी ट्रक रास्ते में खड़े एक अन्य ट्रक से टकरा गया। घटना के बाद हाइवे पर चीख पुकार मच गई। दुर्घटना इतनी जबर्दस्त थी कि दो लोगों की इस टक्कर में मौत हो गई। मृतकों में एक मासूम भी शामिल है। वहीं तकरीबन 60 मजदूर गंभीर बताए जा रहे हैं। कई मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार यहां हाइवे पर प्रवासी मजदूरों से भरा एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूरों के घायल होने की भी खबर है। यह हादसा कानपुर झांसी हाइवे पर हुआ है। इस हादसे की वजह से हाइवे पर लंबा जाम लग गया है। घटना अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के जिला मुख्यालय के पास नेशनल हाइवे की है। ये सभी मजदूर अहमदाबाद से यूपी के बलरामपुर जा रहे थे।

  • अब पैदल और अवैध गाड़ियों से UP में नहीं घुस पाएंगे मजदूर : सीएम योगी

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार प्रवासी मजदूरों (Migrant Labours) के साथ हादसे हो रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को हुए औरैया हादसे (Auraiya Hadsa) के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने एक बार फिर अधिकारियों को सचेत किया है। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सीमा क्षेत्रों में कोई भी प्रवासी कामगार/श्रमिक पैदल, बाइक या ट्रक आदि अवैध और असुरक्षित वाहन से न आने पाए। यदि ऐसा पाया जाए तो लोगों को ला रही अवैध गाड़ियों को तत्काल जब्त करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए।

    सीएम योगी ने यह भी कहा है कि पुलिस पैदल चलने वालों को जागरूक करते हुए उन्हें रोके। उन्होंने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रवासी कामगारों/श्रमिकों से अपील की कि वे स्वयं और अपने परिवार को जोखिम में डालकर पैदल अथवा अवैध और असुरक्षित वाहन से घर के लिए यात्रा न करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने सभी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी के लिए युद्ध स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित करा रही है।

    सीएम योगी बोले- जिलों में किया जाए प्रवासियों के लिए इंतजाम
    प्रदेश के मुखिया के तौर पर सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों/कामगारों को ट्रेन से प्रदेश में निःशुल्क ला रही है। मुख्यमंत्री योगी प्रवासी मजदूरों को पैदल या किसी निजी वाहन से वापस न आने की अपील पहले भी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद उनकी स्क्रीनिंग करते हुए उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए।

    कोरोना से बचाव के सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन काफी हद तक बचाव का तरीका है। हालांकि, प्रवासियों के ट्रकों में भरकर घर जाने से ना तो सोशल डिस्टेंसिंग बची है और ना ही लॉकडाउन का पालन हो रहा है। लगातार हादसों में जानें जा रही हैं लेकिन सरकारें तमाशा देख रही हैं। एक तरफ प्रवासियों के दूसरे राज्यों में फंसे होने की समस्या है तो दूसरी तरफ इनकाे गांवों में आ जाने से गांव में कोरोना फैलने का डर। अब लॉकडाउन का तीसरा चरण खत्म होने के साथ आशंका जताई जा रही है कि गांवों में भी कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ेंगे।

    कोरोना का खतरा बढ़ा रहा पलायन
    लगातार शहरों से गांव की ओर जा रहे मजदूरों से गांवों में भी कोरोना फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसके नतीजे भी सामने आने लगे हैं और मई महीने में यूपी के उन इलाकों में कोरोना के मामले सामने आए हैं, जो ग्रीन जोन थे। ऐसे में यह सच्चाई काफी हद तक डरा रही है कि आने वाले समय में कोरोना और भयावह रूप ले सकता है।

    घर जाने के लिए धूप में जलना मंजूर
    जैसे-जैसे मई महीना बीत रहा है, वैसे-वैसे धूप और गर्मी बढ़ती जा रही है। तपती धूप भी घर जाने को आतुर मजदूरों और अन्य प्रवासियों का हौसला नहीं तोड़ पा रही है। लॉकडाउन का तीसरा चरण आते-आते पुलिस और प्रशासन भी अब ढीला पड़ चुका है। सरकार की ओर से भी प्रवासियों को ले जा रही गाड़ियों को ना रोकने को कहा गया है।

    हाइवे पर लगा कई किलोमीटर जाम
    सड़क पर ट्रकों, बसों और बाकी गाड़ियों की संख्या अब इतनी ज्यादा हो गई है कि कानपुर-लखनऊ नैशनल हाइवे पर जबरदस्त जाम लग गया और कई किलोमीटर तक सड़क पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। ज्यादातर ट्रक और मालवाहक गाड़ियों में प्रवासी मजदूर बैठे हैं, जो किसी भी तरह बस अपने घर पहुंचना चाहते हैं।

    औरैया हादसे में 24 की मौत
    उत्तर प्रदेश के औरैया में लॉकडाउन (Lockdown) के बीच वापस घर लौट रहे कुछ मजदूर शनिवार सुबह दुर्घटना का शिकार हो गए। यहां एक ट्रॉली दूसरे डीसीएम से टकरा गई। इस दुर्घटना में 24 मजदूरों की मौत हो गई है। मृतक इसी ट्रक में सवार थे। इस ट्रॉला में चूने की बोरियां लदी थीं। बोरी के नीचे दबे हुए 24 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। 20 मजदूरों की हालत गंभीर है। उन्हें मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है।

    हादसों में लगातार जा रही है लोगों की जान
    औरेया के अलावा देशभर के अलग-अलग हिस्सों में कई प्रवासी मजदूर घर जाते समय मारे गए हैं। रास्ते में किसी को गाड़ियों ने कुचल दिया तो कोई दूसरी गाड़ियों की भिड़ंत मारा गया। यहां तक कि कई पैदल चल रहे लोग भी सड़क पर या भूख-प्यास से मर रहे हैं या फिर हादसों में उनकी जान जा रही है। हाल ही में महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुए हादसे में भी कई मजदूरों की जान गई थी।

    उन्होंने कहा कि सीमाक्षेत्र के प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी को 200 बसें अतिरिक्त रखने के आदेश पहले ही दिए गए हैं और प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को बस से भेजने के लिए धनराशि भी स्वीकृत है। लोग पैदल यात्रा न करें, इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी बसों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है कि घर वापस आने वाले किसी भी प्रवासी कामगार/श्रमिक को कोई दिक्कत न हो। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    ‘हर गांव में की जाए अल्ट्रारेड थर्मामीटर की व्यवस्था’
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रत्येक गांव में एक अल्ट्रारेड थर्मामीटर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। जांच क्षमता बढ़ाने के लिए पूल टेस्टिंग को अपनाया जाए। जांच क्षमता को इस सप्ताह तक बढ़ाकर 10,000 जांच प्रतिदिन किया जाए। उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि वेंटिलेटर के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षित चिकित्सक और पैरामेडिक्स की उपलब्धता अवश्य हो। उन्होंने कोविड अस्पतालों में एक लाख बेड तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया गया है।

  • लॉकडाउन 4.0 : किस क्षेत्रों में शुरू हो सकता है कामकाज, जाने किसमें मिल सकती है छूट !

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    लखनऊ। 17 मई के बाद देश में लॉकडाउन 4.0 (Lockdown 4.0) की शुरूआत हो जाएगी। चौथे लॉकडाउन में पहले की तुलना में काफी कुछ बदलाव किया जाएगा। संभावना है कि लॉकडाउन 4.0 में पहले से थोड़ी ज्यादा रियायत दी जाएगी। जिस तरह लॉकडाउन 3.0 में ग्रीन और ऑरेंज जोन में छूट दी गई है, उसी तरह लॉकडाउन 4.0 में प्रदेश भर में छूट दी जाएगी। हालांकि, हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन का पालन पहले की तरह सख्ती से किया जाएगा।

    इन इलाकों में छूट नहीं दी जाएगी। सरकार की तरफ से जो तैयारी है उसके अनुसार, लॉकडाउन 4.0 में हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सभी इलाकों में कारखानों और फैक्ट्रियों को चलाने की इजाजत दी जाएगी। बाजारें व दुकानें खुल सकती हैं। कंस्ट्रक्शन के काम को इजाजत दी जा सकती है। इसी के साथ सरकार रेस्टोरेंट और होटल खोलने की अनुमति पर भी विचार कर सकती है। एक जिले से दूसरे जिले में परिवहन की भी इजाजत दे सकती है सरकार।

    कंस्ट्रक्शन के काम को इजाजत
    लॉकडाउन के वर्तमान चरण में ज्यादातर बिजनेस सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शुरू चल रहे हैं। लॉकडाउन 4.0 में पूरे प्रदेश में ऐसा सिस्टम लागू किया जा सकता है। यूपी में योगी सरकार कंस्ट्रक्शन के काम को इजाजत दो सकती है। अगर कंस्ट्रक्शन के काम को इजाजत मिलती है, तो इससे मजदूरों की रोजी रोटी फिर से शुरू हो सकती है और उनका पलायन भी रोका जा सकता है। बाजारें और दुकानें खुल सकती हैं। लेकिन इस दौरान भी सोशल गैदरिंग पर मनाही रहेगी। मॉल, मल्टीप्लेक्स, सिनेमाघर, स्पोर्ट्स कंपलेक्स, शादी विवाह स्थल और ऑडिटोरियम जैसे सार्वजनिक स्थल बंद रहेंगे।

    खुल सकते हैं रेस्टोरेंट और होटल
    यूपी सरकार रेस्टोरेंट और होटल खोलने की अनुमति पर भी विचार कर रही है। ऑरेंज और ग्रीन जोन में केंद्र सरकार के द्वारा तय मापदंडों को छोड़कर ज्यादातर प्रतिष्ठान खुले हैं। जो बंद है, उनमें स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान, होटल, मॉल, मल्टीप्लेक्स और सोशल गैदरिंग वाले अन्य स्थल हैं।