Category: uttar-pradesh

  • कोरोना पॉजिटिव केस मिलने पर डीएम व एसपी ने किया निरीक्षण,क्वॉरेंटाइन सेंटर ए0एच0 इंटर कॉलेज के आसपास एरिया को किया गया पूर्णतया सील।

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    मुसाफिरखाना कस्बे को पूर्णतया कराया गया सेनीटाइज

    कस्बे के अंदर आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर सभी दुकानों/वाहनों को किया गया पूर्णतया प्रतिबंधित।

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    अमेठी।। जनपद अमेठी के तहसील मुसाफिरखाना अंतर्गत क्वॉरेंटाइन सेंटर ए0एच0 इंटर कॉलेज में एक महिला की करोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर जिलाधिकारी अरुण कुमार व पुलिस अधीक्षक डॉ ख्याति गर्ग ने क्षेत्र का संयुक्त रूप से भ्रमण कर जायजा लिया एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बताते चलें कि 1 मई को अजमेर से बस द्वारा 28 व्यक्तियों को ए0एच0 इंटर कॉलेज मुसाफिरखाना में क्वॉरेंटाइन किया गया था, जिनकी जांच हेतु रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसमें अभी तक 8 व्यक्तियों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसमें से 7 रिपोर्ट नेगेटिव हैं तथा एक 40 वर्षीय महिला शाहजहां बानो की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। उक्त महिला को इलाज के लिए सुल्तानपुर के ब्लाक कुड़वार स्थित L1 कोविड हास्पिटल में भेजा गया है। कोरोना पॉजिटिव केस मिलने पर डीएम व एसपी ने संयुक्त रूप से मुसाफिरखाना कस्बे का जायजा लिया एवं क्वॉरेंटाइन सेंटर ए0एच0 इंटर कॉलेज के 1 किलोमीटर एरिया को पूर्णतया सील करने के निर्देश दिए हैं। मुसाफिरखाना कस्बे को पूरी तरह से सेनीटाइज किया गया है, कस्बे के अंदर आवश्यक वस्तुओं यथा मेडिकल, किराना, दूध, फल, सब्जी इत्यादि की होम डिलीवरी छोड़कर शेष सभी दुकानों/वाहनों के आवागमन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं एवं पूरे एरिया को रेड जोन घोषित किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने मुख्य मार्ग सहित गलियों में भी बैरियर लगाकर सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं।

  • UP के ग्रीन जोन में चलेंगी रोडवेज बसें, अधिकतम 26 यात्रियों को बैठाया जाएगा

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    लखनऊ।लॉकडाउन फेज थ्री की शुरुआत के बाद अब एक-एक कर कई रियायतें लोगों को दी जा रही हैं। इसी क्रम में बुधवार से ग्रीन जोन में यूपी रोडवेज (UP Roadways) के बसों का संचालन कुछ शर्तों के साथ शुरू हो रहा है. इस दौरान डाइवर, कंडक्टर और यात्रियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही बसों को चलाने से पहले और यात्रियों को उनके गंतव्य तक छोड़ने के बाद सैनीटाइज करना भी आवश्‍यक होगा।

    अधिकतम 26 यात्रियों को बस में बैठाया जाएगा. बसों का संचालन ग्रीन जोन से ग्रीन जोन वाले जिलों में ही होगा. अगर बीच में रेड या ऑरेंज जोन का जिला पड़ेगा तो वहां से न तो सवारियां ली जाएंगी और न ही बस वहां रुकेगी. साथ ही इन बसों की निगरानी टास्क फोर्स के माध्यम से की जाएगी।

    फ़िलहाल यूपी में 12 जिले ग्रीन जोन घोषित हैं. ये जिले हैं लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, अम्बेडकरनगर, बलिया, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, हमीरपुर, ललितपुर, सोनभद्र व अमेठी। इन जिलों से 500 बसों का संचालन 6 मई से शुरू हो रहा है. परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ राजशेखर ने मंगलवार को इस बाबत दिशा निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग कर कहा कि ग्रीन जोन के अंदर के जिलों में ये बसें कस्बे और तहसील मुख्यालय तक जाएंगी।

    बुधवार से ही यूपी में कई तरह के उद्योगों के साथ ही निजी कंपनियों के दफ्तर भी खुल रहे हैं. कोल्ड स्टोरेज, डेयरी, ग्लास निर्माण, एल्युमिना का विनिर्माण, अलमुनियम धातु का निर्माण ग्रीन और ऑरेंज जोन में खुल सकेंगे। ग्रीन और ऑरेंज जोन में खुलने वाली इकाइयों को बिना किसी एनओसी के चलाया जा सकेगा. रेड जोन में खुलने वाली इकाइयों में स्व घोषणा पत्र जमा करना होगा।

    इकाइयों की सूची जिला अधिकारी को उपलब्ध करानी होगी। लखनऊ में सुबह 7 से शाम 7 बजे तक निजी दफ्तर 33 फ़ीसदी स्टाफ के साथ खुलेंगे. इसके लिए कंपनी के लेटरपैड पर लिख कर घोषणा पत्र देना होगा कि नियमों का उलंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

  • कानपुर में 11 पुलिसकर्मी Corona पॉजिटिव, अब तक 24 संक्रमित

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    उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) में कोरोना संक्रमण थम नहीं रहा है। शनिवार को 11 पुलिसकर्मियों समेत 14 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। संक्रमित पाए गए सभी पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में रहते हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रात में जारी दो मेडिकल रिपोर्ट में 10 पुलिसकर्मी और पुलिस लाइन में तैनात एक इंस्पेक्टर की पत्नी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसमें कमांड ऑफिस में तैनात एलआईयू की महिला इंस्पेक्टर, डीआईजी पीआरओ के साथ ही गोपनीय कार्यालय और कोरोना सेल में तैनात पुलिसकर्मी शामिल हैं।

    शुक्रवार रात तक जिले में 13 पुलिसकर्मी संक्रमित थे, लेकिन शनिवार को यह संख्या 24 हो गई. रायपुरवा थाने में तैनात एक ट्रैफिक पुलिस का सिपाही और संक्रमित सिपाही की तीन साल की बेटी भी शामिल है। इन दोनों की रिपोर्ट दोपहर में जारी हुई थी।

    उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में शनिवार को 159 नए लोगों को COVID-19 पॉजिटिव पाया गया है। कुल मामलों की संख्या अब 2487 हो गई है। कुल मामलों में से 698 मरीज ठीक हो गए हैं जबकि 43 लोग संक्रमण के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं।

  • कुशीनगर में शराब की दुकानें खोलने का आदेश होते ही पडरौना में दौड़ पड़े शौकीन,लगी लाइनें

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर । यूं तो उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍य सचिव ने कल ही प्रदेश के साभी जिलों में कन्‍टेनमेंट एरिया यानी कोरोना संक्रमण फैलने के बाद घोषित हॉटस्‍पॉट से जुड़े एक से तीन किलोमीटर के दायरे को छोड़कर अन्‍य बाकी क्षेत्रों में शराब, बीयर और भांग की लाइसेंसी दुकानें खोलने की इजाजत दे दी थी। लेकिन गोरखपुर में यह आदेश सोमवार की सुबह डीएम के.विजयेंद्र पांडियन ने जारी किया।
    डीएम से हरी झंडी मिलते ही शराब की दुकानों के लाइसेंसी दुकानदार और शौकीन दौड़ पड़े। आनन-फानन में दुकानों के बाहर गोले बनाकर सोशल डिस्‍टेंसिंग का इंतजाम किया जाने लगा। डीएम ने आदेश दिया है कि शराब की दुकानों के खुलने के समय हर हाल में सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करना होगा। सोमवार से देसी,अंग्रेजी शराब, बीयर की फुटकर दुकानें,माडल शाप,भांग की लाइसेंसी दुकानें सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक खुलेंगी।
    इन आबकारी दुकानों पर बिक्री के समय सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा। खरीदार और दुकानों के सेल्समैन मास्क लगाए रहेंगे। दुकानों के काउंटर पर एक समय में एक ही व्यक्ति खरीदारी कर सकेगा। खरीदारी के इच्छुक लोग अन्य आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की खरीद की ही तरह आबकारी दुकानों के बाहर भी सफेद गोले में लाइन में खड़े होंगे। दुकान के बाहर या आसपास खड़े होकर शराब या बीयर पीने की सख्त मनाही होगी।

  • UP : झुग्गी-बस्तियों में घर-घर स्क्रीनिंग शुरू, अबतक मिल चुके हैं 30 कोरोना पॉजीटिव मरीज

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    नोएडा। शहर के औद्योगिक क्षेत्र के बीच बसी हुई जेजे कॉलोनी (झुग्गी बस्ती) में पिछले दिनों कोरोना वायरस के मरीज बड़ी संख्या में मिलने के बाद अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने यहां विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ मिलकर ‘कंटेनमेंट सर्वे’ कराने की योजना बनाई है ताकि कोविड-19 संक्रमित मरीजों की पहचान कर, उन्हें पृथक-वास में भेजा जा सके। शहर के सेक्टर-8, सेक्टर-9 और सेक्टर-10 की झुग्गी बस्तियों में अब तक कोविड-19 से संक्रमित 30 मरीजों की पुष्टि की जा चुकी है। शुक्रवार को भी इन झुग्गियों से कोरोना वायरस के 10 नए मरीज सामने आए।

    अधिकारियों के अनुसार शनिवार को भी यहां पर कोविड-19 का एक मरीज मिला है और कई ऐसे मरीज भी हैं जिनके संक्रमण के कारणों के बारे में स्वास्थ्य विभाग के पास पूरी जानकारी नहीं है। इन झुग्गियों में संक्रमण को रोकने के लिए तीन-तीन टीमें काम कर रही हैं जो यहां लोगों से बीमारी के लक्षणों के बारे में पूछ रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि झुग्गियों में घर-घर सर्वेक्षण और स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर डॉक्टरों की टीम लगाई गई है जो वहां रहने वाले लोगों में लक्षण के आधार पर बीमारियों का इलाज शुरू करेगी और संदिग्ध मरीजों को पृथक-वास में रखकर उनके नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

  • योगी सरकार पर कांग्रेस, बीएसपी और एसपी ने उठाए सवाल, CM YOGI ने तोड़ी चुप्पी दिया करारा जवाब

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    लखनऊ । कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे उत्तर प्रदेश सरकार पर विपक्षी दल लगातार हमला बोल रहे हैं। ऐसे में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कोरोना की लड़ाई को कमजोर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वे अपने निजी राजनीति स्वार्थ के लिए ऐसा कर रहे हैं। गरीबों के खाते में रुपया जा रहा है तो उन लोगों को बौखलाहट हो रही है। इतना ही, नहीं योगी ने कहा है कि ऐसे लोग अभद्र आचरण कर रहे हैं, जनता उन्हें जवाब देगी।

    यूपी सीएम ने कहा कि ऐसे संकट के समय में कुछ लोग राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। भारत की इस मजबूत लड़ाई को अपनी निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। पहली बार आपदा के समय एक बड़ा राहत पैकेज प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत घोषित हुआ।

    स्पष्ट दिखाई दे रही बौखलाहट
    योगी ने कहा कि जो लोग अपने शासन काल में गरीबों, महिलाओं का कल्याणकारी योजनाओं का पैसा हड़प जाते थे। आज जब ये पैसा उन गरीबों के खाते में पहुंच रहा है तो उनकी बौखलाहट स्पष्ट दिखाई दे रही है।

    कुछ दल कर रहे अभद्र आचरण
    एक तरफ जब गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं के साथ सरकार खड़ी है। दुर्भाग्य है कि कुछ राजनीतिक दल सेवा के कार्य से अलग हटकर केवल राजनीतिक रूप से, हर एक मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। यह अभद्र आचरण हैं। जनता सब जानती है। इन लोगों के नकारात्मक रवैये का जवाब जनता खुद देगी।

    एक लाख सत्तर हजार करोड़ का गरीब कल्याण पैकेज यूपी में दो करोड़ 34 लाख किसानों के खाते में दो-दो हजार जा चुके हैं। दूसरी किस्त इस महीने भेजी जा रही है। 27,28 और 29 मार्च को 6.5 लाख मजदूर आए थे। बीते तीन दिन के दौरान 50 हजार से ज्यादा श्रमिक आ चुके हैं। उनकी व्यवस्था की जा रही है।

  • जमात प्रमुख की हुई मौत, पुलिस ने जानकारी छुपाने का केस दर्ज किया था

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    जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जमात प्रमुख नसीम अहमद (65) का मंगलवार की रात इंतकाल हो गया। तब्लीगी मरकज से लौटे बांग्लादेशी नागरिकों को शरण दिलाने और उनकी जानकारी छिपाने के आरोप में उन पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। शहर के फिरोसेपुर निवासी नसीम को दो अप्रैल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह क्वारैंटाइन सेंटर और फिर अस्थायी जेल में रखे गए थे।

    एक सप्ताह पूर्व तबीयत खराब होने पर नसीम को जिला अस्पताल लाया गया था, जहां से बीएचयू रेफर कर दिया गया था। हालत में सुधार होने पर दोबारा अस्थायी जेल में रख दिया गया था। मंगलवार की रात करीब डेढ़ बजे नसीम की तबीयत फिर खराब हो गई। आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए।

    एसडीएम सदर व अस्थायी जेल के अधीक्षक नीतीश कुमार सिंह ने बताया कि जेल में रखे गए बंदी नसीम की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। उन्हें हार्ट की बीमारी थी। पोस्टमार्टम के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। जांच कराई जा रही है।

    नसीम अहमद जिले में जमात प्रमुख थे। जमात में आने वाले उनसे संपर्क के बाद ही अन्यत्र जाते थे। 29 मार्च को लाल दरवाजा क्षेत्र से पकड़े गए 14 बांग्लादेशी समेत 16 जमातियों को बड़ी मस्जिद से निकालकर लाल दरवाजा क्षेत्र के एक मकान में शरण दिलाने का उन पर आरोप था। इन्हीं 16 में से 2 जमातियों में कोरोना की पुष्टि होने पर वाराणसी भेज दिया गया।

    उपचार के बाद स्वस्थ होने पर उन्हें जौनपुर लाने के बाद अस्थायी जेल में शिफ्ट किया गया था। बदलापुर के वार्ड नम्बर 8 से पकड़े गए पुरानी दिल्ली निवासी कोरोना संक्रमित जमाती को भी वाराणसी में उपचार के बाद ठीक होने पर इसी जेल में रखा गया था। उनके साथ रहे जमात प्रमुख की मौत से लोग सहम गए हैं।

  • CM YOGI की समीक्षा बैठक, 69000 शिक्षकों की भर्ती का रास्ता हुआ साफ़,शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी करने के आदेश

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    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी के संक्रमण की वजह से राज्य में बने हालातों की समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा है कि अदालत के फैसले से 69000 शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ़ हुआ है. इससे राज्य के विद्यालयों को योग्य शिक्षक मिलेंगे. राज्य सरकार का पक्ष और रणनीति सही थी. एक हफ्ते के भीतर प्रक्रिया सभी पूरी करके शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी करने के आदेश दिए जा चुके हैं.

    सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकारों से यूपी के प्रवासी कामगारों और मजदूरों की जिलेवार क़िस्त मांगी है. राज्य सरकार यूपी के सभी 7 लाख प्रवासी श्रमिकों को वापस लाना चाहती है. जो राज्य सरकारें सूची मुहैया करवा रही हैं, उन्हें लाने की व्यवस्था हम कर रहे हैं. यूपी आने वाले हर मजदूर और कामगार का स्किल डाटा तैयार किया जा रहा है. होम क्वारंटाइन पूरा होते ही स्किल के आधार पर यूपी के भीतर ही रोजगार दिलाने की योजना है.

    उन्होंने आगे बताया कि अभी तक दूसरे राज्यों से 37 ट्रेनें प्रवासी मजदूरों को लेकर यूपी आ चुकी हैं. इससे 30 हजार से ज्यादा मजदूर आए हैं. इसमें गुजरात से 24 ट्रेनें पहुंची थीं. इसके अलावा पिछले हफ्ते हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश से भी बसों से 30 हजार से ज्यादा मजदुर एक हफ्ते के अंदर लाए गए हैं. इससे पहले मार्च के आखिरी सप्ताह में भी साढ़े चार लाख प्रवासी श्रमिक यूपी लाए गए थे. दो लाख प्रवासी कामगार एक महीने में यूपी में दाखिल हो चुके थे.

  • सीएम योगी आखिर कैसे कोरोना से बचा पा रहे देश का सबसे बड़ा राज्य ? 

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    भारत के कई राज्यों को अपना शिकार बनाने के बाद कोरोना वायरस ने तीन मार्च से उत्तर प्रदेश को भी अपनी चपेट में लिया था. इसके बाद से इस पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो प्रयास किया, वह सभी जगह पर सराहा गया. सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसर तथा मंत्रियों की टीम-11 का गठन करने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कमर कसी है.

    आपकी जानकारी के लिए बता दे कि देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण इतना भयावह रूप नहीं ले सका. यहां पर लॉकडाउन का काफी सख्ती से पालन कराया गया और सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगातार अपनी टीम-11 के अफसरों तथा जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और समय-समय पर बेहतर से बेहतर योजना को क्रियान्वित भी कराया गया.

    अगर आपको नही पता तो बता दे कि कोरोना वायरस के संक्रमण से उत्तर प्रदेश में पॉजिटिव तथा मृतकों की संख्या के अनुपात में स्वस्थ होने वाले अधिक हैं. उत्तर प्रदेश में इसके कहर से उबरने वालों के आंकड़े का प्रतिशत देश में सर्वाधिक है. प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव होने वालों का प्रतिशत 37 फीसद से अधिक है. यह देश में सर्वाधिक है. इनके बीच में भी 75 जिलों वाले राज्य में चित्रकूट में मरीज पाए जाने के बाद अब कुल 62 जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं.

  • UP में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 हजार के पार, इलाज के लिए 1300 वेंटिलेटर तैयार

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    लखनऊ।यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने गुरुवार को बताया कि लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर अब तक 11 हजार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं, 16 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है।
    अपर मुख्य सचिव गृह गुरुवार को मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अब तक 51 हजार श्रमिक प्रदेश लाए जा चुके हैं। प्रदेश सरकार उन्हें रोजगार देने पर काम कर रही है। श्रमिकों को लेकर आ रही ट्रेनों का आना जारी है। नौ मई को शारजाह से पहली फ्लाइट लखनऊ आएगी।

    प्रदेश में 15294 औद्योगिक इकाइयां काम कर रही हैं और 64000 सूक्ष्म इकाइयों ने काम शुरू कर दिया है। मंडियों में सोशल डिस्टेसिंग का पालन करवाया जा रहा है।वहीं, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 1869 हो गई है जबकि 1130 मरीज ठीक होकर घर भेजे जा चुके हैं। कोरोना के कारण प्रदेश में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है।उन्होंने बताया कि कोरोना के अब तक आए 3059 केस 67 जिलों से हैं। प्रदेश के आठ जिले कोरोना मुक्त हो चुके हैं जबकि 16 जिलों में कोई भी कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ है। वहीं, राज्य में कोविड-19 के इलाज के लिए वेंटिलेटरों की संख्या बढ़ाकर 1300 तक पहुंचा दी गई है।