Category: uttar-pradesh

  • हंदवाड़ा एनकाउंटर में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा के परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद करेगी योगी सरकार

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    लखनऊ। जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में शहीद हुए भारतीय सेना के कर्नल आशुतोष शर्मा के परिवार को यूपी की योगी सरकार ने 50 लाख रुपये की मदद देने का फैसला किया है। यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि राज्य सरकार कर्नल आशुतोष शर्मा की पत्नी को 40 लाख और उनकी मां को 10 लाख रुपये की मदद देगी।

     

    हंदवाड़ा के शहीदों को पीएम नरेंद्र मोदी ने नमन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनके पराक्रम और शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हंदवाड़ा में शहीद हुए हमारे साहसी सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि। उनके पराक्रम और शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। उन्होंने पूरे लगन से देश की सेवा की और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए अथक कार्य किए। उनके परिजन और दोस्तों से सहानुभूति प्रकट करता हूं।’’

    आपको बता दें कि उत्तर कश्मीर के हंदवाड़ा इलाके के एक गांव में हुई मुठभेड़ में सेना के एक कर्नल और मेजर सहित पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया।

  • BHU की महिला वैज्ञानिक कोरोना पॉजिटिव, लैब बंद

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    वाराणसी। एक महिला वैज्ञानिक को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की प्रयोगशाला बंद कर दी गई है और वहां एकत्र किए गए नमूने अब लखनऊ भेजे जा रहे रहे हैं। वैज्ञानिक शुक्रवार को वायरस से संक्रमित पाए गए थे।

    जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया, “बीएचयू की लैब से कुल मिलाकर 64 रिपोर्टों का इंतजार किया जा रहा था। कोई रिपोर्ट प्राप्त होने की संभावना नहीं दिखने पर गत शुक्रवार को लैब को बंद कर दिया गया।”

    उन्होंने कहा कि संपर्क में आने से संक्रमित हुए लोगों का पता लगाया जा रहा है। शनिवार को जो 46 नमूने एकत्र किए गए, उनमें एक परिवार के 9 सदस्यों सहित बीएचयू की संक्रमित महिला वैज्ञानिक के रिश्तेदारों के भी नमूने हैं।

    इन नमूनों को जांच के लिए लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की लैब में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल को संक्रमित पाए गए 9 लोगों के निकट संपर्क में जो 35 लोग आए थे, उन सबकी पहचान कर ली गई है और उनके नमूने रविवार को एकत्र किए जा रहे हैं

    वाराणसी: एक महिला वैज्ञानिक को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की प्रयोगशाला बंद कर दी गई है और वहां एकत्र किए गए नमूने अब लखनऊ भेजे जा रहे रहे हैं। वैज्ञानिक शुक्रवार को वायरस से संक्रमित पाए गए थे।

    जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया, “बीएचयू की लैब से कुल मिलाकर 64 रिपोर्टों का इंतजार किया जा रहा था। कोई रिपोर्ट प्राप्त होने की संभावना नहीं दिखने पर गत शुक्रवार को लैब को बंद कर दिया गया।”

    उन्होंने कहा कि संपर्क में आने से संक्रमित हुए लोगों का पता लगाया जा रहा है। शनिवार को जो 46 नमूने एकत्र किए गए, उनमें एक परिवार के 9 सदस्यों सहित बीएचयू की संक्रमित महिला वैज्ञानिक के रिश्तेदारों के भी नमूने हैं।

    इन नमूनों को जांच के लिए लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की लैब में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल को संक्रमित पाए गए 9 लोगों के निकट संपर्क में जो 35 लोग आए थे, उन सबकी पहचान कर ली गई है और उनके नमूने रविवार को एकत्र किए जा रहे हैं।

    कोरोना के लक्षण वाले ये लोग हॉटस्पॉट इलाकों में पाए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पहचान किए गए इन लोगों के नमूने लेने के लिए इन सबको ईएसआई अस्पताल ले जाया जा रहा है। इनमें से कुछ लोगों के रिश्तेदारों ने कहा कि वे अपने घर में ही नमूना देना चाहते हैं, तो उनके लिए वैसी ही व्यवस्था की जा रही है।

    कोरोना के लक्षण वाले ये लोग हॉटस्पॉट इलाकों में पाए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पहचान किए गए इन लोगों के नमूने लेने के लिए इन सबको ईएसआई अस्पताल ले जाया जा रहा है। इनमें से कुछ लोगों के रिश्तेदारों ने कहा कि वे अपने घर में ही नमूना देना चाहते हैं, तो उनके लिए वैसी ही व्यवस्था की जा रही है।

  • बच्चों का डाक्टर निकला पाॅजीटिव, एक हफ्ते में किया सैकड़ों बच्‍चों का इलाज, 56 डॉक्‍टर होम क्‍वारंटीन

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    रायबरेली। उत्‍तर प्रदेश के रायबरेली में मधुबन स्थित चाइल्ड केयर क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर पर कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के तीसरे दिन बुधवार को लापरवाही के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि 29 अप्रैल को संक्रमित डॉक्टर ने जिला अस्पताल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में हिस्सा लिया था, जिसमें शहर के तमाम डॉक्टर शामिल हुए थे। इन सबके संक्रमित होने की आशंका से 56 डॉक्टरों को प्रशासन ने होम क्‍वारंटीन किया था।

    कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि कोरोना पाजिटिव निजी चिकित्सक और उनके स्टाफ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मुकदमा जहानाबाद चौकी इंचार्ज की तहरीर पर दर्ज किया है। दरअसल, मधुबन स्थित आस्था चाइल्ड केयर क्लिनिक चलाने वाले बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की रिपोर्ट रविवार रात पॉजिटिव आई थी। इसके बाद आनन-फानन प्रशासन ने संक्रमित डॉक्टर की क्लीनिक को सील कर इलाके को हॉटस्पॉट किया था। वहीं स्वास्थ्य टीम ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टर उनकी पत्नी समेत परिवार के अन्य पांच सदस्यों को दयानंद पीजी कॉलेज में बने क्वारन्टीन सेंटर में शिफ्ट कराया था।

    प्रशासन के लिए यह पता लगाना चुनौती बना हुआ है कि संक्रमित डॉक्टर ने कितने बच्चों का इलाज किया है। आशंका है कि डॉक्टर ने एक हफ्ते में ही सैकड़ों बच्चों का इलाज किया है। इसके अलावा संक्रमित बच्चों के डॉक्टर की संपर्क में आने वाले चिकित्सको ने भी कई मरीजो का इलाज किया है। इन सब की स्क्रीनिंग भी की जा रही है, लेकिन यह कार्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ा ही मुश्किल भरा है। होम क्‍वारंटीन हुए 56 डॉक्टरों और संदिग्धों का सैंपल लेकर कोरोना टेस्ट के लिए भेजा गया है।

  • पति लाइन में नहीं लग सकते’, इसलिए पत्नी शराब की दुकान से ले आई दारू

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    वाराणसी । लॉकडाउन में सोमवार को शराब की दुकान खोलने की छूट मिली, तब से शराब की दुकानों की भीड़ दिखाई दे रही है। वाराणसी में भी लोगों ने शराब की जमकर खरीदारी की। लेकिन कई जगह पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा दीं। साथ ही ऐसे कई किस्से सुनने को मिले, जो आपको अटपटे लगे।

    अमूमन शराब पीकर घर आए पति से पत्नी झगड़ती है। कभी-कभी मामला थाना-चौकी तक पहुंच जाता है। लेकिन सोमवार को 40 दिन बाद खुली शराब की दुकानों पर लाइन से हटकर एक अधेड़ उम्र की महिला ने वाराणसी के सोनारपुर इलाके के अवधगरबी स्थित शराब की दुकान के सामने कतार(लाइन) से हटकर काउंटर से हाफ(अद्धा) बोतल खरीदी तो लाइन में लगे लोग दंग रह गए।

    महिला भी लोगों के चेहरे का भाव पढ़ते हुए बोतल आंचल में छुपाते हुए बोली कि अपने पति के लिए ले जा रही हूं, क्योंकि वो ज्यादा देर तक कड़ी धूप में लाइन में नहीं लग सकते। उन्होंने मुझे भेजते हुए कहा कि महिलाओं को लाइन नहीं लगानी पड़ेगी।
    महिला ने कहा कि 40 दिनों से पति को शराब नहीं मिली है। उसके पति कतार में खड़े होकर शराब खरीदने की स्थिति में नहीं हैं। वहां मौजूद भेलूपुर थाने के पुलिसकर्मी भी अधेड़ महिला की बात सुनकर मुस्कराए और पति-पत्नी के बीच बेहतर तालमेल की बात कहते हुए चुटकी ली।

  • राजस्थान में फंसे 72 मजदूरों को प्रियंका ने अपने निजी खर्च से भेजा अमेठी,सिंघल ने की खाने पीने की व्यवस्था…

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    अमेठी -कोविड-19 करोना महामारी आपातकाल में कांग्रेस की महासचिव यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने अमेठी संसदीय क्षेत्र के 72 मजदूर जो राजस्थान के भरतपुर व अन्य गुजरात सीमा क्षेत्र पर लॉक डाऊन में फंसे थे ।
    आज उन्होंने (प्रियंका गांधी वाड्रा) अपने निजी संसाधन सड़क मार्ग बस द्वारा अमेठी पहुंचाएं जिसकी जानकारी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी सचिव जुबेर खान नेअमेठी कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल को दिया अमेठी जिला मुख्यालय गौरीगंज स्थित मनीषी महिला महाविद्यालय में 72 मजदूरों के चिकित्सीय परीक्षण के बाद भूखे मजदूरों को जिला अध्यक्ष सिंघल ने दोपहर भोजन और नाश्ता कराया और उन्हें घर तक भेजने का सराहनीय कार्य किया 72 मजदूरो के घर वालों ने आदरणीय प्रियंका गांधी ,राहुल गांधी अमेठी कांग्रेस के प्रति आभार प्रकट किया अपने बीच में कई महीनों से फंसे मजदूरों को पाकर घरवालों में एक खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने गांधी परिवार कांग्रेस पार्टी को खूब सराहा।

  • लाकडाउन-कुशीनगर में पडरौना क्षेत्र के सिधुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लटका रहा है ताला

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर । जिले के कुबेरस्थान उचित उच्चकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले चरण में घोषित हुए लाख डाउन के बीच से ही ताला लटक रहा है‌ लाकडाउन में सक्रियता के बीच इलाज के लिए आसपास के लोग को कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं । पडरौना नगर से सटे सिधुआ गांव स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट सहित कुल 4 स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं, सिधुआ से पडरौना पुरुषों ने तत्काल की दूरी करीब 5 किलोमीटर है ।

    तो जिला अस्पताल की दूरी 12 किलोमीटर है,इसी तरह नजदीक में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटकुइयां की दूरी 6 किमी और कुबेरस्थान की दूरी 13 किलोमीटर है,स्वास्थ्य केंद्र सिधुआ के कई गांव के लोग यहां पहुंचते हैं,जबकि यहां लाकडाउन के पहले से ही ताला लटका हुआ है ।

  • कुशीनगर में पडरौना क्षेत्र के सिधुआ बाजार में एसडीएम ने नट व बांसफोर समुदाय में बांटा खाद्य सामग्री

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर । लॉकडाउन 3 के दौरान गरीबों व जरूरतमंदों की मदद में जिला प्रशासन व स्वयंसेवी संस्थाएं जुटी हुई हैं। गरीबों में भोजन पैकेट व खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। साथ ही लॉकडाउन का पालन करने की अपील की जा रही है। अफसर लोगों को घरों में रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

    साथ ही हरसंभव मदद का भरोसा दिला रहे। पडरौना सदर एसडीएम रामकेश यादव ने नगर से सटे सिधुआ बाजार में नट व बांसफोर से जुड़े जरूरतमंदों लोगो में एक्शन एड गिव इंडिया और हेलो के बैनर तले भोजन पैकेट का वितरण किया। लोगों से घरों में रहने की अपील की। इस मौके पर मंटू बाबा,बीके सिंह कुशवाहा,सत्येन्द्र मिश्रा अशोक यादव,राम ब्रिज गिरि आदि शामिल रहे ।

  • 69 हजार शिक्षक भर्ती Case : हाईकोर्ट से योगी सरकार को बड़ी राहत, कट ऑफ पर लगी मुहर

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    लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ (Lucknow) बेंच ने बुधवार को पिछले एक साल से लंबित चल रहे 69 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अहम फैसला सुनाया। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने योगी सरकार को बड़ी राहत देते हुए कट ऑफ मार्क्स (Cut Off Marks) के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति को सही ठहराया। फैसले के बाद सामान्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत और अरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। जस्टिस पंकज कुमार जायसवाल और जस्टिस करुणेश सिंह पवार ने यह फैसला सुनाया। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लंबी सुनवाई के बाद तीन मार्च 2020 को फैसला सुरक्षित कर लिया था।

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को 150 में से 97 अंक हासिल करने होंगे, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए 90 अंक जरूरी हैं। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में शिक्षा की योग्यता और गुणवत्ता को अहम बताया। साथ ही योगी सरकार को योग्यता के आधार पर रिजल्ट जारी कर भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने का आदेश दिया।

    शिक्षा मंत्री बोले जल्द पूरी होगी नियुक्ति प्रक्रिया
    उधर बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जल्द ही सरकार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर लेगी और स्कूलों में शिक्षक पठन-पाठन का काम शुरू करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए फैसले को हाईकोर्ट ने सही माना है. यह सरकार की जीत है. अब जल्द से जल्द रिजल्ट जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी. साथ ही उन्होंने उन अभ्यर्थियों को भी भरोसा दिलाया है जिनका चयन नहीं हो सकेगा. उन्होंने कहा कि आगे भी नई भर्ती होगी उसमें मौका मिलेगा।

    बता दें कि योगी सरकार के सत्तासीन होने के बाद दिसंबर 2018 में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए एक शासनादेश जारी कर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इस शासनादेश में कट ऑफ का जिक्र तो था लेकिन कितना होगा इसका जिक्र नहीं था। इस भरती के लिए लिखित परीक्षा 6 जनवरी 2019 को राज्य के 800 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई। इसके ठीक एक दिन बाद 7 दिसंबर 2018 को न्यूनतम कटऑफ की घोषणा की गई। इसके तहत सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में 97 और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में 90 अंक लाने होंगे. यानी सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 65 फीसद और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 60 फीसद अंक पर पास किया जाएगा. इसी कटऑफ को लेकर परीक्षार्थियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की थी।

  • दुकान खुलने से पहले ही शराब खरीदने वालों का लग जमावड़ा

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    लखनऊ।  राजधानी में शराब की दुकानें खुलते ही लोग शराब खरीदने के लिए दुकानों पर टूट पड़े। सुबह से ही दुकानों पर शराब खरीदने के लिए भारी भीड़ लग गई। भीड़ इतनी कि कहीं-कहीं पर तो सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा गया। लोग एक बोतल के बजाय 10-10 बोतल तक इकट्ठा खरीदते रहे। कहीं-कहीं पर दुकान खुलने से पहले ही शराब खरीदने वालों का जमावड़ा लग गया।

    दुकानों पर कोई खुद के लिए तो कोई अपने नजदीकी के लिए शराब खरीदते नजर आया। सरोजनीनगर इलाके में देशी व अंग्रेजी के अलावा बियर शॉप पर भी शराब खरीदने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां अमौसी रेलवे स्टेशन स्थित देसी शराब ठेके पर सुबह 8 बजे से ही शराब खरीदने वालों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था और 10 बजे दुकान खोलते ही लोग एकदम से टूट पड़े। यहां कई लोगों ने बताया कि वह रोज एक पव्वा पीते थे, लेकिन कई दिनों बाद शराब दुकानें खुलने के कारण उन्होंने इकट्ठा 10-10 पव्वे खरीद लिए।

    यहां पर दुकान के सामने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए ना तो गोले बनाए गए और ना ही लोग दूर दूर खड़े नजर आए। बल्कि एक दूसरे से सटे शराब खरीदते रहे। इससे ज्यादा खराब आलम चुंगी स्थित मॉडल शॉप नामक अंग्रेजी शराब दुकान का रहा। यहां सुबह से ही शराब खरीदने वालों की लंबी भीड़ इकट्ठा हो गई। शराब खरीदने वाले लोग यहां कतारों में खड़े नजर आए।

  • ACP का ट्वीट- तत्काल शराब की बिक्री लगे रोक, 40 दिन की मेहनत हो रही बर्बाद

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    लखनऊ। कोरोना (COVID-19) के खिलाफ जंग में लॉकडाउन (Lockdown) का तीसरा चरण आज से शुरू हो गया है।इस लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से गाइडलाइन जारी की गई है, जिन पर अमल करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने जोन के हिसाब से लोगों को छूट दी है।

    इस छूट में सबसे अहम शराब की बिक्री है। शराब बिक्री (Liquor Sale) पर छूट का असर ये हुआ है कि सोमवार से तमाम शराब दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। उधर सरकार के इस फैसले के खिलाफ यूपी पुलिस का ही एक अफसर खड़ा हो गया है। लखनऊ के एसीपी अनिल कुमार ने इस संबंध में ट्वीट कर सरकार से मांग की है कि तत्काल शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाए।

    लखनऊ के एसपी ने लिखा है, “शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। 40 दिन की मेहनत बर्बाद हो रही है।”

    बता दें शराब की दुकानों को खोले जाने के मुख्य सचिव की तरफ से आदेश दिए गए थे। 4 मई सुबह 10 बजे दुकानों को खोले जाने की हिदायत दी गई थी। साथ ही साथ इस बात का भी आदेश दिया गया था कि दुकानों के खुलने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। सभी नियम कायदे कानून को पूरी तरह से दुकानों पर अप्लाई कराया जाए। इसका जिम्मा लोकल पुलिस पर है।

    लखनऊ में आज सुबह जैसे ही 10 बजे, लोगों की लम्बी-लम्बी लाइनें लखनऊ में शराब की दुकानों के बाहर देखी गईं। लोग घंटों पहले से ही लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। इस दौरान कुछ लोगों से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण काल में शराब की दुकानें खुलने का सबसे ज्यादा इंतजार था. आज मास्क लगाकर हाथों को सेनेटाइज कर दुकान पर शराब लेने पहुंचे हैं।

    दुकानदारों ने भी दुकान खुलने से पहले पूरी तरह से चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखी थी। लोकल पुलिस भी मौके पर मौजूद थी और हर तरह से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन राह चलते कुछ लोग इससे नाराज भी दिखे । वे कहते हैं सरकार को कोरोना के इस समय शराब दुकानों को नहीं खुलने देना चाहिए था, इससे न सिर्फ संक्रमण बढ़ेगा बल्कि लोगों के घरों में भी लड़ाई-झगड़े भी बढ़ेंगे।

    बता दें दो हफ्ते के लिए बढ़ाए गए लॉकडाउन के दौरान प्रदेश को तीन जोन (रेड, ऑरेंज और ग्रीन) में बांटा गया है। साथ ही इस दौरान आमजनों की मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए सशर्त कुछ छूट भी दी गई है। हालांकि, रेड जोन के हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट इलाकों में पाबंदी पहले की तरह ही लागू रहेगी।

    लॉकडाउन-3 में यूपी के 2 जिलों में कोई छूट नहीं मिलेगी। सूबे के सर्वाधिक प्रभावित आगरा और मेरठ में लगातार बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन में किसी भी तरह की छूट न देने का जिला प्रशासन ने फैसला किया है। लिहाजा, आगरा व मेरठ में फिलहाल शराब की दुकानें भी नहीं खुलेंगी।