Category: uttar-pradesh

  • यूपी में लॉकडाउन : सोशल डिस्‍टेंसिंग ताक पर, दर्जनों मजदूर सड़क पर

    [object Promise]

    अलीगढ़। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है। वायरस फैलने से रोकने के लिए लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का कहा जा रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सोमवार को लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ीं। दर्जनों मजदूर सड़क पर उतर आए और शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मजदूर कंपनी से उनका भुगतान कराए जाने और घर भेजने की मांग कर रहे थे।

    जिले के हरदुआगंज में खातिमपुर पावर हाउस है। यहां पर यूपी सरकार का पावर प्लांट है। इस पावर प्लांट में लगभग तीन हजार मजदूर काम करते हैं। अधिकांश मजदूर बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के हैं। इसके अलावा यूपी के ग्रामीण इलाकों के भी कई मजदूर यहां काम करते हैं।

    फंसे हैं बाहरी राज्यों के मजदूर
    लॉकडाउन के बाद कई सारे मजदूर अपने घर लौट गए लेकिन बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के कई मजदूर यहां फंसे हैं। सोमवार को ये सारे मजदूर पावर प्लांट के बाहर एकत्र हो गए। उन्होंने शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कई मजदूरों का कहना था कि उन्हें जनवरी से वेतन नहीं मिला है तो कई को फरवरी के बाद से भुगतान नहीं हुआ है।

    भुगतान और घर भेजने की रखी मांग
    ठेकेदार का कहना था कि से कंपनियों ने भुगतान नहीं दिया है इसलिए वह मजदूरों को वेतन नहीं दे पा रहा। घंटो मजदूर सड़क पर डटे रहे। मजदूरों की मांग थी कि उनका पूरा भुगतान कराया जाए और उनके घर भेजने की व्यवस्था की जाए। इधर पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे मानने को राजी नहीं थे।

    भूखे मरने की नौबत
    मजदूरों ने बताया कि उन लोगों के पास जो जमा पूंजी थी वह खत्म हो चुकी है। कई किराए का कमरा लेकर रह रहे हैं। उनके पास किराया देने के लिए भी रुपये नहीं है। उन लोगों के भूखे मरने की नौबत आ गई है। उन लोगों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही। सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में उन्होंने कहा कि उन लोगों की स्थिति बहुत दयनीय है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें या पहले अपना जीवन देखें।

    प्रशासन ने दिया आश्वासन
    डीएम मौके पर पहुंचे और उन्होंने मजदूरों को भुगतान करवाने और घर भिजवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मजदूर वहां से हटे। इधर श्रम विभाग की तरफ से कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि मजदूरों की समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है।

  • 3 मदरसों से अब तक 56 छात्र हुए कोरोना संक्रमित

    [object Promise]

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) में कोरोना (COVID-19) संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. यहां अब तक 192 मामले सामने आ चुके हैं। जिसके चलते शहर में हॉटस्पॉट एरिया की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। कोरोना संक्रमित मामलों में सबसे अधिक वो छात्र हैं, जो तालीम हासिल करने के लिए मदरसों में आए थे। शहर में अब तक 3 मदरसों से 56 छात्रों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जिनकी उम्र 10 से 20 साल के बीच है. इनमें से अधिकतर छात्र दूसरे राज्यों के हैं।

    इन सभी का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद इन्हें कॉरंटाइन किया गया है. कानपुर में मदरसा छात्रों पर कोरोना कहर बन कर टूट रहा है. शहर के तीन मदरसों में छात्रों की टेस्टिंग के बाद बड़े पैमाने पर छात्र पॉजिटिव पाए गए।इनमें कुली बाजार के मदरसे के छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है. यहां पर 42 मदरसा छात्रा कोराना पॉजिटिव पाए गए। वहीं नौबस्ता के मछरिया इलाके में स्थित मदरसे से बिहार के रहने वाले 8 छात्र पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा जाजमऊ में स्थित मदरसे से 6 छात्र पॉजिटिव निकले।

    गौरतलब है कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने के बाद जमाती शहर की विभिन्न मस्जिदों और मदरसों में ठहरे थे. ये जमाती मदरसों में दीनी तालीम देने के लिए जाते थे। मरकज के जमातियों के संक्रमित होने के बाद कानपुर में भी जमाती पॉजिटिव पाए गए. जिसके बाद उनके सम्पर्क मे रहने वाले लोगों की जांच की गई. इनमें बड़े पैमाने पर मदरसा छात्रों में कोराना संक्रमण पाया गया।

  • पुलिस उपायुक्त ने लखनऊ जीपीओ पहुँचकर डाककर्मियों को किया सम्मानित

    [object Promise]

    आभा श्रीवास्तव

    लखनऊ। वैश्विक कोरोना महामारी और लॉक डाउन की स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों के तमाम विभाग भी आपस में समन्वय स्थापित करके कार्य कर रहे हैं। कोरोना के इलाज के लिए जहाँ डॉक्टर्स, नर्सेस व अन्य स्वास्थ्यकर्मी जुटे हुए हैं, वहीं इससे उत्पन्न विपदा से निपटने में  जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, डाक विभाग सभी एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में “मित्र पुलिस” की भूमिका निभाते हुए लखनऊ पुलिस के पुलिस उपायुक्त (मध्य), लखनऊ दिनेश सिंह ने एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा, सर्विलांस प्रभारी संजय शुक्ला, इंस्पेक्टर हजरतगंज संतोष सिंह इत्यादि  के साथ लखनऊ जीपीओ पहुँचकर पोस्टमैन और अन्य डाककर्मियों को सम्मानित किया।

     

    पुलिस विभाग की तरफ से सम्मानस्वरूप पोस्टमैन स्टाफ को मास्क, फेस कवर, हैण्ड ग्लव्स, सेनिटाइजर, साबुन, फ़ूड पैकेट और फल प्रदान किये गए। इस अवसर पर लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने चीफ पोस्टमास्टर आरएन यादव संग पुलिस उपायुक्त और एडीसीपी को डाक टिकटों का एक खूबसूरत सेट भेंटकर उन्हें भी सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (मध्य), लखनऊ दिनेश सिंह ने कहा कि कोरोना फाइटर्स के रूप में डाककर्मियों की भूमिका अहम है। संकट की इस घड़ी में लोगों तक जरुरी दवाएँ पहुँचाने के साथ-साथ वे घर बैठे किसी भी बैंक से पैसे निकालने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।

     

    लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि कोरोना की इस विपदा में सभी विभागों का समन्वय बेहद जरुरी है, ताकि लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आमजन को उनके डोर-स्टेप पर सेवाएं दी जा सकें। इस अवसर पर लखनऊ जीपीओ के चीफ पोस्टमास्टर आर. एन. यादव, सहायक पुलिस आयुक्त (एडीसीपी) चिरंजीव नाथ सिन्हा, डिप्टी चीफ पोस्टमास्टर राम बिलास, सर्विलांस प्रभारी संजय शुक्ला, इंस्पेक्टर हजरतगंज संतोष सिंह, डाक निरीक्षक सचिन कुमार ने भी लोगों की हौसला आफजाई की।

  • प्रदेश के सभी 52 मेडिकल काॅलेजों में बनाया जाए कोविड अस्पताल : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    [object Promise]

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेशवासियों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं सुलभ होना आवश्यक है।इसके दृष्टिगत, सभी प्रकार के सुरक्षात्मक उपाय अपनाकर राज्य में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं तत्काल बहाल की जाएं। मेडिकल इंफेक्शन को रोकना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि बचाव के सभी उपाय अपनाये जाएं। उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा के दौरान मेडिकल इंफेक्शन रोकने के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभागों द्वारा हर सम्भव कदम उठाये जाएं।

    मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकतर निजी चिकित्सालय भी आयुष्मान योजना से आच्छादित हैं।इनमें भी सुरक्षात्मक उपाय अपनाकर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रारम्भ की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज की स्क्रीनिंग अत्यन्त आवश्यक है। इसके दृष्टिगत, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं सुलभ कराने वाले सभी अस्पताल यह भी सुनिश्चित करें कि उनके यहां कोविड-19 के टेस्ट की भी सुविधा हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में रहने वाले कर्मी कार्यस्थल पर न जाएं। हाॅटस्पाॅट इलाकों में केवल होम डिलीवरी, स्वास्थ्य व सेनिटाइज़ेशन से सम्बन्धित कर्मियों के आने-जाने की अनुमति दी जाए। अन्य व्यक्तियों की आवाजाही पर पूर्ण पाबन्दी लगायी जाए। हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में प्रत्येक घर को सेनिटाइज़ कराया जाए। कोविड-19 से बचाव व इससे संक्रमित व्यक्तियों के प्रभावी उपचार के लिए टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि टेस्टिंग बढ़ाने के लिए पूल टेस्ट को बढ़ावा दिया जाए।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को अवश्य क्वारंटीन कराया जाए। क्वारंटीन में भेजने से पूर्व सभी श्रमिकों की मेडिकल जाँच भी सुनिश्चित करायी जाए।उन्होंने कहा कि क्वारंटीन सेण्टर्स में एन0सी0सी0 के प्रशिक्षित स्वयंसेवक तैनात किए जाएं। डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाये जाने पर बल देते हुए उन्होंने कोविड अस्पतालों और नाॅन कोविड अस्पतालों को अलग-अलग परिसरों में बनाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 52 मेडिकल काॅलेजों में कोविड अस्पताल बनाया जाए। जिन जनपदों में मेडिकल काॅलेज नहीं हैं, वहां जिला चिकित्सालय को कोविड अस्पताल बनाया जाए। कोविड और नाॅन कोविड अस्पतालों के लिए प्रोटोकाॅल भी तय किया जाए।

  • मण्डल अध्यक्ष महेंद्र के द्वारा अनवरत जारी है, सेनेटाइजर,मास्क व गमछे का वितरण…

    [object Promise]
    [object Promise]

    रिपोर्ट:हर्ष यादव

    मुसाफिरखाना/अमेठी। कोरोना वायरस से बचाव व लॉकडाउन के दौरान अपनी अमेठी के लोगों को किसी भी परेशानी से बचाने के लिए सांसद स्मृति ईरानी लगातार जो बन पड रहा है कर रही हैं। वह संकट की इस घड़ी में हर पल अपनी अमेठी के साथ खड़ी हैं।दीदी ने अपने कार्यकर्ताओ व अन्य लोगो के लिए मास्क, सैनिटाइजर व गमछा की व्यवस्था कराई है।जो निरन्तर क्षेत्र में बट रहे है।इसी क्रम में बूधवार को मण्डल अध्यक्ष महेंद्र मिश्रा ने विकास खंड के कई ग्रामसभाओं में सेनेटाइजर मास्क व गमछा अपने कार्यकर्ताओं व और लोगो को पर्याप्त मात्रा में बाटे।मण्डल अध्यक्ष महेंद्र मिश्रा ने बताया कि अमेठी के हर गरीब परिवार ,नागरिक और अमेठी के हर कार्यकर्ता के लिए ना सिर्फ चिंतित है बल्कि वह प्रतिदिन अमेठी के कार्यकर्ताओं से सूचनाएं आदान प्रदान कर रही हैं साथ ही उनका यह भी निर्देश है कि इस संकट की घड़ी में अमेठी के हर नागरिक को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है और हम सब इसका पालन कर रहे हैं। अध्यक्ष ने बताया कि संकट की इस घड़ी में सांसद स्मृति ईरानी ने खेतों में काम करने वाले किसान भाइयों,कार्यकर्त्ताओ,पत्रकार, व सम्मानित जनों के लिए मास्क व सैनिटाइजर गमछे के साथ समुचित व्यवस्था की है।इनके साथ जयविन्द सिंह,राम गोपाल व निशांत श्रीवास्तव आदि रहे।

  • लखनऊ में 30 मई तक बढ़ाई गई पाबंदियां, जारी की गई नई गाइडलाइन

    [object Promise]

    लखनऊ। रमजान, ईद और बड़ा मंगल आदि के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 30 मई तक के लिए नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इसके मुताबिक, इस दौरान पड़ने वाले त्योहारों पर पशुओं को काटने, मांस बेचने और शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

    जेसीपी (एलओ) नवीन अरोरा ने बताया कि 30 मई तक धार्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, जुलूसों और खेल गतिविधियों पर रोक रहेगी। बिना पुलिस की अनुमति के खाद्य पदार्थ और प्रसाद का वितरण नहीं किया जाएगा। लाउडस्पीकर और टेंट भी नहीं लगाया जा सकेगा। रात 10 से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग बैन होगा। किसी भी स्थान पर भीड़ लगाने की अनुमति नहीं होगी। पाबंदियों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मास्क नहीं लगाया था, 8 पर मुकदमा दर्ज
    इस बीच मास्क न लगाने पर स्थानीय पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। महानगर इंस्पेक्टर यशकांत सिंह ने बताया कि शनिवार रात निशातगंज मार्केट स्थित पुल के नीचे काफी लोग जमा थे। वहां आठ लोगों ने न तो मास्क लगा रखा था और न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे। वहीं, अमीनाबाद के फतेहगंज में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने के आरोप में 5 दुकानदारों पर केस दर्ज किया गया है।

    पाबंदियां ये भी…
    •बिना पास और मास्क के कोई भी वाहन लेकर नहीं चलेगा।
    •धार्मिक स्थलों व दीवारों पर बैनर, पोस्टर और झंडे नहीं लगाए जा सकते हैं।
    •सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाह फैलाए जाने पर ग्रुप एडमिन को उसे डिलीट करना होगा व ग्रुप से बाहर कर पुलिस को सूचना देनी होगी।
    •चाइनीज तार बांधकर पतंग उड़ाने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
    प्रतिबंधित और उससे इतर समय में किसी को लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना है तो उसे इजाजत लेनी होगी।

  • बेजुबान बंदरों के प्रति दिखाई मानवीयता,खिलाए भोजन…

    [object Promise]

    रिपोर्ट:हर्ष यादव

    [object Promise]
    आशीष यादव बन्दरो को पूड़ी खिलाते हुए

    मुसाफिरखाना(अमेठी)। लाकडाउन की शुरुआत से ही क्षेत्र व गांव में रहकर लोगों की मदद कर रहे आशीष यादव ने एक बार फिर बेजुबान बंदरों के प्रति मानवीयता दिखाई है।आशीष यादव ने कादूनाला पहुंचकर लाकडाउन के दौरान भूखे प्यासे बंदरों को पूड़ी,ब्रेड,केला,अंगूर व विस्किट आदि उन सबको खिलाकर मानवता की मिशाल दी है आपको बताते चलें कि नेशनल हाइवे के लखनऊ रोड पर मुसाफिरखाना से 5 किमी दूरी पर कादूनाला वन के नाम से प्रसिद्ध है यही रोड के किनारे सैकड़ो की संख्या में वानरों की झुण्ड जमा रहता है जो सदियो से यही रह रहे है और इस लाक डाउन में भूख के लाले पड़े हुए है इसी स्थान पर आशीष यादव ने गुरुवार को अपने सहयोगियों के साथ बहुत कर भूखे प्यासे बंदरों को भोजन खिलाया।आशीष यादव का मानना है कि इंसान तो अपने हाथों से खाने और पीने का इंतजाम कर सकता है लेकिन इन बेजुबानो का भी इंसान को ख्याल रखना चाहिए और समय-समय पर खुद की सुविधा की तरह इनकी भी सुविधा का ख्याल रखते हुए इनके लिए भोजन पानी का इंतजाम करना चाहिए इससे समाज को एक नया संदेश मिलेगा और लोग इससे प्रेरित होकर ज्यादा से ज्यादा अपने आप के साथ वेजुवबान जानवरों और पशु पक्षियों का भी ख्याल रखेंगे।साथ में जे.पी.यादव, मनीष यादव ,दीपू मौजूद रहे।

  • बेजुबान बन्दरो के सहारा बने युवक कांग्रेस के सिपाही जेबी,सुजल…

    [object Promise]

    रीपोर्ट:हर्ष यादव

    मुसाफिरखाना(अमेठी)।।लाकडाउन की शुरुआत से ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल के दिशा निर्देश पर क्षेत्र में कांग्रेस के सिपाहियो ने जनसेवा के तहत मदद के हाथ बढाये हुए है,लगभग हजारो किटों के साथ सेनेटाइजर मास्क व आदि सामाग्रियो को बितरित कर चुके है।इन्ही सिपाहियो में युवा विधान सभा अध्यक्ष जय बहादुर यादव ने अपने साथी सुजल अग्रहरि के साथ गुरूवार को बेजुबान बंदरों के प्रति भी इंसानियत दिखाई है
    युवकों ने कादूनाला पहुंचकर लाकडाउन के दौरान भूखे प्यासे बंदरों को चना,रोटा,फल आदि उन सबको खिलाकर मानवता की मिशाल दी है। आपको बताते चलें कि जब से लाक डाउन लगा है तब से सड़कों से गुजरने वाले लोग नही जा रहे,सड़क पर लोग चलते थे तो कुछ न कुछ बन्दरो को खिलाते हुए जाते थे और ये वानर देव इन्ही लोगो की आस में प्रतिदिन अपना भोजन करते थे ।लॉक डाउन से ये वानर देव भूख से आहित रहते है और प्रतिदिन कोई न कोई समाजसेवी इन बेजुबान बन्दरो के प्रति अपनी मानवीयता दिखा जाता है उसी को देखते हुए गुरूवार को जय बहादुर और सुजल ने भी भूखे प्यासे बंदरों को लगभग 35 किलो चना आदि खिलाया। जय बहादुर यादव व सुजल ने कहा कि समय-समय पर खुद की सुविधा की तरह इनकी भी सुविधा का ख्याल रखते हुए इनके लिए भोजन पानी का इंतजाम करना चाहिए इससे समाज को एक नया संदेश मिलेगा और लोग इससे प्रेरित होकर ज्यादा से ज्यादा अपने आप के साथ वेजुवबान जानवरों और पशु पक्षियों का भी ख्याल रखेंगे।

  • उत्तर प्रदेश में Corona वॉरियर्स पर हमला अब दंडनीय अपराध, राज्यपाल से मिली मंजूरी

    [object Promise]

    लखनऊ: Coronavirus (Covid-19) : उत्तर प्रदेश में कोरोना वॉरियर्स पर हमला अब दंडनीय अपराध (punishable crime) होगा. योगी सरकार ने एपेडिमिक एक्ट (महामारी कानून) में संशोधन किया है. प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 (Covid19) विनियमावली में संशोधन करते हुए इसे दंडनीय अपराध बना दिया है. एपिडेमिक एक्ट के संशोधन को मंजूरी मिल गई है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद चिकित्सा विभाग ने अधिसूचना जारी की.

    उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 (Coronavirus (Covid-19), Lockdown Part 2 Day 1, Lockdown 2.0 Day one, Corona Virus In India, Corona In India, Covid-19) (प्रथम संशोधन) विनियमावली 2020 की जारी की गई अधिसूचना. 30 जून 2020 या अगले आदेश तक विनियमावली संशोधन को प्रभावी किया गया है. कोरोना वॉरियर्स पर हमले के मामलों को एपिडेमिक एक्ट के तहत अब यूपी में अपराध माना जाएगा. डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ और पुलिसकर्मियों पर हमला अब एपिडेमिक एक्ट के तहत कानूनी अपराध होगा. अब एम्बुलेंस या अन्य सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाने का मामला कानूनी अपराध की श्रेणी में होगा.

    कोरोना वायरस के बढ़ते कदम रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उसकी प्रशंसा उनके समर्थक सोशल मीडिया में कर रहे हैं. यूजर्स कोविड-19 की महामारी को लेकर योगी सरकार द्वारा प्रदेश के समस्त गरीबों, श्रमिकों, वृद्धों एवं दिव्यांगों के लिए भरण-पोषण की व्यवस्था, आर्थिक सहयोग एवं अन्य प्रदेशों से श्रमिकों की घरवापसी से जुड़ी जानकारियों को समर्थक ट्वीट और रिट्वीट कर रहे थे, जिस कारण हैशटैग ‘योगी है तो न्याय है’ टॉप-1 में ट्रेंड करता रहा.

    योगी के कार्यालय ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मंगलवार को उत्तर प्रदेश कोरोना जैसी महामारी से निर्णायक युद्ध लड़ रहा है. नेक नीयत, कर्मठ व्यक्तित्व और सेवाभाव के साथ आज उत्तर प्रदेश शांति-न्याय और समृद्धि का प्रतीक प्रदेश बनकर राष्ट्रीय फलक पर उभरा है. एक और ट्वीट में लिखा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट मानना है कि सुशासन की ठोस नींव कानून के राज पर ही स्थापित हो सकती है. अगर कानून का राज नहीं है तो सुशासन की परिकल्पना ही अपने आप में बेमानी है. आज उत्तर प्रदेश में न्याय सर्वसुलभ है.

  • पुलिसकर्मी ने बीच सड़क पर DM की कार रोककर जमकर लगाई क्लास, किया था लाॅकडाउन का उल्लंघन

    [object Promise]

    बुलंदशहर। देशभर में कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन जारी है और पुलिसकर्मी भी पूरी तरह अलर्ट हैं। इसी की जांच करने बुलंदशहर जिलाधिकारी प्राइवेट कार से दो-तीन व्यक्तियों के साथ मंडी और शहर के मुख्य चौराहे का जायजा लेने पहुंचे और उसके बाद सिकंदराबाद में चौराहे का भ्रमण किया।

    इसी बीच चौराहे पर तैनात एक सिपाही ने जिलाधिकारी की कार काे रोक लिया और साइड में लगाने को को कहा। डीएम के कार साइड में लगाते ही सिपाही जिलाधिकारी से गहन पूछताछ की। इस दौरान सिपाही ने कार मेंं 3-4 व्यक्तियों को बैठा देख डीएम की जमकर क्लास लगाई। इसके बाद जिलाधिकारी ने सिपाही के काम से बेहद खुश हुए और सिपाही की सराहना करते हुए 2 हजार रुपये का पुरस्कार दिया।

    दरअसल, बुलंंदशहर में लगातार कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण वैश्विक महामारी के दृष्टिगत जनपद में लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन की भी शिकायतें आ रही हैं। इसे देखते हुए बुलंदशहर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने पुलिस की ड्यूटी चेक करने के लिए आम आदमी बनकर औचक निरीक्षण किया, जिसमें बुलंदशहर पुलिस पूरी तरह से पास हुई।

    बता दें कि जिलाधिकारी रविंद्र कुमार पुलिस ड्यूटी चेक करने के लिए प्राइवेट कार वैगनआर में अन्य 2-3 व्यक्तियों के साथ थाना सिकंद्राबाद क्षेत्र में घूमने निकल गए। दनकौर तिराहे पर ड्यूटीरत आरक्षी अरुण कुमार ने प्राइवेट कार रोककर चेक किया और गाड़ी में बैठे व्यक्तियों से गहनता से पूछताछ की। साथ ही उनको हिदायत दी कि लॉकडाउन के दौरान गाड़ी में 3-4 व्यक्तियों द्वारा एक साथ सफर करना अपराध है। यह सुन डीएम मंद-मंद मुस्कुराने लगे। क्योंकि उन्हें समझ आ गया था कि जिला पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात है।

    जिलाधिकारी आरक्षी की ड्यूटी के प्रति संवेदनशीलता एवं सजगता से काफी प्रभावित हुए। सिपाही अरुण कुमार को डीएम ने प्रशंसा-पत्र से सम्मानित किया। जबकि एसएससी संतोष कुमार सिंह ने सिपाही अरुण कुमार को उत्साहवर्धन के लिए 2 हजार रुपयेे का पुरस्कार देने की घोषणा की। बता दें कि इस दौरान डीएम ने ड्यूटी के दौरान मोबाइल चलाने पर एक सिपाही को सस्पैंड भी किया है।