Category: uttar-pradesh

  • कैंट में पान वाले ने लगाया ‘कोरोना का चूना’, बढ़ा संक्रमण का खतरा

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    लखनऊ।जैसे जैसे कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट आ रही हैं वैसे वैसे पॉजिटिव मरीज बढ़ते जा रहे हैं। करीब 48 घंटे के कफ्र्यू और उसके बाद पूर्ण लॉक डाउन से गुजरने के बाद भी छावनी के तोपखाना बाजार से जुड़े आठ लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। लगातार आ रही रिपोर्ट लोगों के पॉजीटिव पाए जाने के बाद इस हॉट स्पॉट इलाके के लोगों की मुश्किल बढऩे लगी हैं। फल विक्रेता के बाद सब्जी बेचने वाले का भाई संक्रमित निकला। दूध बेचने वाला पहले ही संक्रमित था। अब पान बेचने वाले एक व्यक्ति के भी कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हो गई।

    ताजा रिपोर्ट में तीन पॉजिटिव मिले

    दरअसल तोपखाना सैन्य इलाके का सबसे बड़ा सिविल एरिया है। इस जगह सैन्य कालोनियों में रहने वाले लोग खरीददारी करते हैं। जबकि सेना में तैनात जवान और उनका परिवार भी तोपखाना में किराए पर रहता है। तोपखाना की आबादी करीब चार हजार है। सबसे पहले यहां से तीन केस निकले थे। जिसमें घोसियाना निवासी व तोपखाना का फल विक्रेता जबकि दूसरा दूध व कंफेक्शनरी की दुकान चलाने वाला व्यापारी और तीसरा एक निजी कंपनी में काम करने वाला युवक था। व्यापारी का हाता रामदास में भी एक घर है। जबकि निजी कंपनी में काम करने वाले युवक की मां और दादी भी कोरोना पॉजीटिव मिली थी। मंगलवार को तोपखाना के 50 लोगों की जांच पूर्व उपाध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने करवायी थी। जिसकी रिपोर्ट गुरुवार को आयी तो उसमें तीन पॉजीटिव मिले।

    नाका का बिरहाना बना 23वां हॉट स्पॉट, किया गया सील

    राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक और नया हॉट स्पॉट चिन्हित किया गया। नाका कोतवाली क्षेत्र स्थित बिरहाना में कोरोना संक्रमित मरीज के मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। संक्रमित मरीज के घर से करीब तीन सौ वर्ग मीटर दायरे में इलाके को सील कर दिया गया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था नवीन अरोड़ा के मुताबिक संक्रमित मरीज के मिलने के बाद पुलिस की ओर से रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है। नाका थाना क्षेत्र के बिरहाना क्षेत्र के एक कोरोना मरीज के मिलने से पुलिस टीम सक्रिय हो गई। इन्स्पेक्टर नाका सुजीत कुमार दुबे खुद मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील करवा दिया। बताया जा रहा है कि एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरे क्षेत्र को सेनेटाइज कर लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है।

    नगर निगम इलाके में बेरिकेडिंग करा रहा था। बिरहाना इलाके को सील करने के साथ ही गुरुवार को राजधानी में कुल 23 हॉट स्पॉट हो गए। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की टीमें इलाके को सैनेटाइज करवा रही हैं। संक्रमित मरीज के संपर्क में कितने लोग आए हैं, इसके बारे में पुलिस की टीमें पता लगा रही हैं। गुरुवार दोपहर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिरहाना में जाकर लोगों के सैम्पल लिए। इनमें कई संदिग्ध भी शामिल हैं। महिलाओं ने भी अपने सैम्पल दिए हैं, जिनकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। पहुँचाई जाएगी आवश्यक वस्तुएं सील किए गए बिरहाना इलाके में लोगों के घर तक आवश्यक  की सप्लाई की जाएगी। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने गुरुवार को नए हॉट स्पॉट में सभी प्रकार की आवश्यक वस्तुओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इलाके में सब्जी, राशन, दवा व फल समेत अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई करने के लिए कुछ कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी ने आपातकाल में हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर मदद मांगने के लिए कहा है। इमरजेंसी में लोग 112 पर भी सहायता मांग सकते हैं।

    लखनऊ में 186 हो गई पॉजिटिव मरीजों की संख्या

    राजधानी लखनऊ में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 186 हो गई है। इसमें लखनऊ के 115 रोगी हैं। गुरुवार को आई रिपोर्ट के अनुसार चार नए मरीजों में कोराना वायरस का संक्रमण मिला है। इसमें तीन तोपखाना व एक कैसरबाग का बिरहना निवासी है।

    जेसीपी ने गल्ला मंडी का किया औचक निरीक्षण

    जॉइंट पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था लखनऊ नवीन अरोड़ा ने गुरुवार को सीतापुर रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी का औचक निरीक्षण किया। भारी पुलिस बल के साथ गल्ला मंडी पहुंचे जेसीपी नवीन अरोड़ा ने वहां तमाम व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। जेसीपी के औचक निरीक्षण की सूचना मिलते ही मंडी में हलचल बढ़ गयी। बता दें कि गुरुवार सुबह ही यहां से एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें अवैध वसूली का आरोप लगाया गया था।  पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने इस तरह की खबरों पर सख्त नाराजगी जताई है। सूत्रों के अनुसार वीडियो वायरल होने के बाद अब जिम्मेदारों कार कार्रवाई भी हो सकती है। मंडी में जेसीपी के सामने ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती दिखीं। जेसीपी ने पुलिस अधिकारियों को सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया। नवीन अरोड़ा ने मंडी में बनाए गए कंटोल रूम का भी निरीक्षण किया। कहा कि मंडी में भीड़-भाड़ न जमा होने दें। लोगों को कोई असुविधा भी न हो, इसका बात का भी ख्याल रखा जाए।

    हसनगंज में 13 व्यापारियों पर केस दर्ज, गिरफ्तार

    हसनगंज थाना क्षेत्र में सामाजिक दूरी का पालन ना करने वाले 13 दुकानदारों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर हसनगंज अमरनाथ वर्मा ने बताया कि जेसीपी नवीन अरोड़ा के निर्देश पर डालीगंज बाजार में औचक निरीक्षण किया गया तो एक दर्जन से अधिक दुकानदार सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन करते मिले। इन सभी व्यापारियों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि इंस्पेक्टर हसनगंज क्षेत्र में अपनी टीम के साथ लगातार सक्रिय रहते हैं और वह खुद भी लोगों को माइक से एलाउंसमेंट करके सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। लगातार व्यापारियों को समझाया गया लेकिन लगातार यह व्यापारी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे थे जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।

    बिना पास लिए वाहन लेकर निकले तो सीज होगी गाड़ी

    राजधानी लखनऊ में लॉकडाउन का और सख्ती से पालन कराया जाएगा। यह निर्णय लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए लिया गया है। शुक्रवार से कोई भी गाड़ी सड़क पर बिना पास के नहीं चल सकेगी। यहां तक जो वाहन पर सफेद कागज लगाकर ‘कोविड 19’ लिखकर चल रहे हैं, वह भी मान्य नहीं होंगे। पुलिस कमिश्नर सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि सभी प्राइवेट चारपहिया वाहन भी बिना पास के नहीं चल सकेंगे। ऐसे लोगों को एडीएम के यहां से पास बनवाकर उसे विंड स्क्रीन पर चस्पा करना होगा। प्राइवेट व्यक्ति विशेष आकस्मिक स्थिति में ही निकल सकेंगे। दो पहिया वाहन पर भी बिना किसी आकस्मिक स्थिति में निकलने वालों पर कठोर कार्रवाई के साथ उनकी गाड़ी भी सीज की जाएगी। कॉमर्शियल वाहन से सवारी ले जाते पाए गए तो उन्हें भी सीज कर दिया जाएगा, जो व्यक्ति लाल पास धारक हैं। उन्हें सुबह 9:30 बजे तक और शाम 6:00 बजे के बाद ही छूट मिल सकेगी। जितने भी लोगों को पास दिया गया है या जिन्हें परिचय पत्र पर चलने की अनुमति प्रदान की गई है, वह भी इस समय का पालन करें। डिलीवरी ब्वॉय समेत अन्य शिफ्ट की ड्यूटी वालों को छोड़कर कोई भी सरकारी कार्य के अतिरिक्त रोड पर न निकलें।

    आशियाना में पुलिसकर्मियों का सम्मान कर बांटी खाद्य सामग्री

    आशियाना रेजिडेटंस एसोसिएशन द्वारा आपदा के समय अपने जीवन को जोखिम में डाल कर सेवा मे लगे आशियाना कोतवाली के समस्त अधिकारियों एंव कर्मचारियो का सम्मान उनको माल्यार्पण कर किया गया तथा उनकी इस गर्मी में ड्यूटी के समय की आवश्यकता को देखते हुए मिनरल वाटर बोतल तथा बिस्कुट की पेटिया उपलब्ध कराई गई। नियमों को दृष्टिगत रखते हुए सोशल डिसटेंश का पालन का पालन भी सुनिश्चित किया गया। एसोसिएशन के महासचिव आर के भाटिया ने अवगत कराया आशियाना कोतवाली प्रभारी संजय राय ने आशियाना कालोनी के निवासियों द्वारा आपदा प्रबंधन में शासकीय नियमों का पालन अच्छी तरह से किये जाने हेतु आभार व्यक्त किया। वहीं, कोरोना महामारी में अहम भूमिका निभा रहे वजीरगंज थाना के पुलिसकर्मियों को पवन कुमार ने गमछा देकर सम्मानित किया।

    हजरतगंज में बेवजह घूम रही युवती पुलिसकर्मियों से भिड़ी

    गौतालमपल्ली थाना क्षेत्र में युवतियों ने चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों से अभद्रता की थी। इस मामले को 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र में एक युवती बेवजह घूम रही थी। लड़की को जब ड्यूटी पर लगी महिला सिपाहियों ने रोका तो वह भड़क गई। इस दौरान वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने तस्वीरें खींचना शुरू की तो युवती भड़क गई और कहने लगी मेरी फोटो बड़ी बड़ी अख़बारों में लगाना। साथ ही ये भी डाल देना कि पुलिस वालों की क्रिमिनल गिरी यहाँ पर चल रही है। मौके पर मौजूद महिला थाना की इन्स्पेक्टर शारदा चौधरी ने बताया कि युवती के पास में कोई आईकार्ड या पास नहीं था। उससे सिपाहियों ने घूमने का कारण पूछा तो वह भड़क गई। हालांकि उसे घर भेज दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि युवती ऑटो ढूंढ रही थी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में पता चला कि युवती एपी सेन रोड हुसैनगंज की रहने वाली है। जो बिना बताये घर से निकल आयी थी। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ्य चल रही है।

    नंदी किराना स्टोर पर 25 हजार का जुर्माना

    कालाबाजारी, जमाखोरी व मुनाफाखोरी पर रोकथाम के लिए निकले छापामार दस्तों ने गुरुवार को पांच दुकानदारों का चालान काटकर 45 हजार रुपए का जुर्माना ठोका। डीएसओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि एलडीए कॉलोनी, पराग चौराहा के पास नंदी किराना स्टोर पर 25 हजार रुपए का चालान कटा। यहां पैकिंग पर ग्राहकों के लिए जरूरी जानकारी नदारद थी। वहीं कैम्पवेल रोड स्थित किशोरगंज स्थित राज डेरी व इशहाक दूध डेरी, न्यू हैदराबाद स्थित गणेश प्रोविजन स्टोर और आईटी चौराहा स्थित संगम दूध डेरी पर पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना ठोका गया। ये दुकानदार तराजू या इलेक्ट्रानिक तराजू का सत्यापन प्रमाणपत्र नहीं दिखा सके।

  • समाजसेवा के क्षेत्र में उपजा संगठन के बैनर तले डीएम ने राशन किट जरूरत मंदों को देकर किया शुभारम्भ

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    रीपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर।लाकडाउन के बाद से जहां पर उपजा संगठन किसी न किसी बहाने जरूरत मन्दों की मदद में कदम से कदम मिलाकर चलने का संकल्प ले रखा हैं। विकास भवन परिसर में कई जरूरतमन्दों को राशन किट देकर इस पहल की शुरुआत जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने किया। 24 अप्रैल को वितरण करते हुए डीएम ने कहा कि संगठन का यह निर्णय सही हैं जो मध्यमवर्ग के जरुरतमन्दों की मदद में आगे आया हैं। उपजा एक बार फिर समाजसेवा में आगे आकर संगठन के परचम को लहराने का काम किया है। यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन सुल्तानपुर के जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी के अगुवाई में जिलाधिकारी ने विकास भवन में मौजूद करीब 08 जरूरतमन्दो को राशन किट वितरित कर शुभारंभ किया।जिलाधिकारी ने कहा कि इससे बढ़कर कोई पुनीत कार्य नही है, मध्यमवर्ग के सामने भी संकट आ गया हैं। अनिल द्विवेदी ने कहा कि अब संगठन मध्यमवर्ग के जरूरतमन्दों को चिन्हित कर राशन किट गोपनीय तौर पर बांटेंगे। वरिष्ठ पत्रकार व विशेष सहयोगी बब्लू रिजवी ने कहा कि जो आवश्यकता हो पूरी मदद की जाएगी।सृजन सामाजिक संस्थान के अध्यक्ष व जनसंदेश टाइम्स अखबार के ब्यूरोचीफ अनुराग द्विवेदी ने बताया कि राशन किट में 03 किग्रा आटा, 02 किग्रा चावल, 01 किग्रा अरहर दाल, एक पैकेट नमक, मशाला, चीनी, दो माचिस, कडुवा तेल, दो साबुन आदि शामिल है। अभी तक करीब दो हजार लन्च पैकेट 100 दर्जन केला, रसगुल्ला, लइया चना, हजारांे मास्क, सेनेटाइजर बांटा जा चुका हैं। चाहे राशन किट हो या अन्य कोई सहयोग उसमे अनिल द्विवेदी, एस0ए0 रिजवी, अनुराग द्विवेदी, कुमार मोहन, सर्वेश वर्मा, सुनील राठौर, सर्वेश सिंह, रजनीश बरनवाल, दूधनाथ, अशोक जायसवाल, हसन, मनोज दुबे, संतोष पांडेय, अशोक सिंह, रविन्द्र दुबे, सन्तराम शुक्ल समेत अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा हैं। इस दौरान भगवान शर्मा, रितिक सिंह, राम अचल, विजय वर्मा, अमित व छात्र नेता निशांत द्विवेदी समेत कई उपजा के करीबी व पत्रकार मौजूद रहे। इस अवसर पर परियोजना निदेशक डॉ एस0के0 द्विवेदी, डीसी मनरेगा विनय श्रीवास्तव, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल भी मौजूद रहे।

  • CM YOGI ने 30 जून तक भीड़ के जमा होने पर लगा दी पाबंदी, कहा-मुस्लिम भाई घरों में ही पढ़ें नमाज़

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    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 30 जून तक भीड़ के जमा होने पर पाबंदी लगा दी गई है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहीं भी भीड़ एकत्रित न हो, इस बात का पालन किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन 3 मई तक है।

    गृह मंत्रालय ने देश भर में हॉटस्पॉट इलाकों को छोड़ कई दुकानें खोलने के आदेश दिए हैं । वहीं, योगी सरकार ने 30 जून तक भीड़ के एकत्रित होने पर पाबंदी लगाई है।सीएम योगी ने कहा कि फिलहाल ये फैसला लिया गया है, आगे जैसे भी हालात बनेंगे, उसी आधार पर फैसला किया जाएगा।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ मीटिंग की। और ज़रूरी दिशा निर्देश दिए। सीएम योगी एक आज से शुरू हुए रमज़ान की मुबारकबाद दी थी। सीएम योगी ने अपील की थी कि ‘मुस्लिम भाई घरों में ही रहकर धार्मिक कार्य संम्पन्न करें। उन्होंने कहा था कि उ.प्र. समरसता, भाई-चारे और सांस्कृतिक एकता की मिसाल है।

    इसी विरासत और परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मुस्लिम भाई घरों में रहकर ही धार्मिक कार्य संपन्न करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं पर भी भीड़ या अन्य कोई कार्यक्रम आयोजित न हों।

    सीएम योगी ने ये भी कहा था कि रमजान के पवित्र दिनों में रोजा, मानवता की सेवा, ईश्वर की बन्दगी जैसे नेक कार्यों से धैर्य, आत्म अनुशासन, सहनशीलता, सादगी आदि मूल्यों को बढ़ावा मिलता है।

  • YOGI सरकार ने रोके कर्मचारियों के भत्ते, DA पर जून 2021 तक लगाई रोक

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    लखनऊ। यूपी के कर्मचारियों और अधिकारियों के भत्ते पर प्रदेश सरकार ने रोक लगा दी है। सरकार ने 1 जनवरी 2020 से जून 2021 तक रोक लगा दी है. सरकार की ओर से छह तरह के भत्तों पर रोक लगा दी है । सचिवालय भत्ता और पुलिस भत्ता भी रोक दिया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 16 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे ।

    इससे पहले वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने एक आदेश जारी कर कहा है कि कोरोना वायरस के संकट की वजह से 1 जनवरी, 2020 के बाद से केंद्रीय कर्मचारी या पेंशनधारी को मिलने वाली डीए की राशि नहीं दी जाएगी. 1 जुलाई 2020 से जो एडिशनल डीए मिलना था, वो भी नहीं दिया जाएगा। डीए आगे कब दिया जायेगा, यह 1 जुलाई 2021 को साफ होगा. केंद्रीय कर्मचारी और केंद्र सरकार द्वारा पेंशन पाने वाले सभी कर्मचारियों पर यह आदेश लागू होगा।

    सूत्रों का कहना है कि आमतौर पर इस मामले में राज्य सरकारें भी केंद्र सरकार का अनुसरण करतीं हैं। यदि राज्य सरकारें भी इस अवधि के दौरान कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते और पेंशनभागियों की महंगाई राहत की तीन किस्तों का भुगतान नहीं करती हैं तो उन्हें भी 82,566 करोड़ रुपये तक की बचत होगी। कुल मिलाकर केंद्र और राज्यों के स्तर पर इससे 1.20 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी, जिससे कोविड-19 के खिलाफ जारी लड़ाई में मदद मिलेगी।

    बता दें कि कोरोना वायरस से आयी त्रासदी के चलते मोदी सरकार ने कई योजनाओं में कटौती कर दी है. रक्षा बजट में भी कटौती करने की बात सामने आ रही है। वहां नए प्रोजेक्ट्स की खरीद को कुछ समय तक रोकने की बात कही गई है। राफेल विमान, एस-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद पर इस फैसले का असर पड़ सकता है । मोदी सरकार ने इससे पहले राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सांसद, मंत्रियों की सैलरी में 30 फीसदी तक की कटौती का ऐलान किया था। वही, सांसद निधि फंड को भी दो साल के लिए निरस्त कर दिया गया था।

  • यूपी: 2 दिन में पुलिस ने 150 जमातियों को ढूंढ निकाल, 500 और छिपे

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    मेरठ। कोरोना के बढ़ते संक्रमण (Coronavirus in India) के बीच यूपी में तबलीगी जमात से जुड़े लोगों का पता लगाने के लिए धरपकड़ तेज हो गई है। बीते 48 घंटों में यूपी में तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के 150 सदस्यों को ढूंढा गया। यूपी में अब तक 3,204 तबलीगी जमातियों को पकड़कर क्वारंटीन किया जा चुका है। कइयों को गिरफ्तार भी किया गया है। इनमें 341 विदेशी भी शामिल हैं।

    लखनऊ ज़िले के एक अस्पताल मे कोरोना संक्रमित इलाज पा रहे 21जमाती स्वस्थ हो आज अपने घर चले गये .जमाती को देश द्रोही बताने वाले बी जे पी वाले मुंह लटकाये अस्पताल के सामने खड़े थे.

    राज्य में 500 से अधिक जमातियों के छिपे होने का इनपुट मिलने के बाद यह अभियान शुरू किया गया था। गुजरात के तबलीगी जमात के करीब 10 सदस्यों का कानपुर में पता लगाया गया। जबकि मेरठ पुलिस जोन के 123 जमातियों को मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद और हापुड़ जिले से पकड़ा गया।

    इसके अलावा हाथरस और बरेली इलाके से भी कुछ जमातियों को ढूंढा गया। यह एक्सरसाइज 19 अप्रैल को शुरू हुई थी। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि अडवांस सर्विलांस मशीनरी से लैस नाइट विजन वाले ड्रोन से जमातियों का पता लगाने में काफी मदद मिली।

    उन्होंने बताया, ‘हर जिले में स्पेशल टीमें तैनात की गई थीं जो पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों से जमातियों का पता बताने की अपील कर रही हैं जो उनके इलाके में शरणार्थी बने हुए हैं।’ उन्होंने बताया कि अकेले मेरठ जोन में ही 1400 जमातियों को पकड़ा गया है।

  • नोवल कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रभारी मंत्री ने की समीक्षा बैठक

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    उन्नाव – नावेल कोरोना वायरस जैसी संक्रमण को रोकने के उपाय व जनपद वासियों को इस आपदा के समय कोई अनावश्यक परेशानी न हो, उनकी सभी समस्याओें का ध्यान दिया जाये। जनपद का कोई  भी पात्र व्यक्ति भूखा न रहें, आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति आदि के सम्बन्ध में आज प्राविधिक शिक्षा मंत्री उ0 प्र0 शासन प्रभारी मंत्री  कमल रानी ने कोविड-19 जैसे महामारी से निपटने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के नियन्त्रण हेतु लागू  लाॅकडाउन में जनपद में जो मजदूर फैक्ट्रियो में कार्य कर रहे थे सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए कार्य करते रहे ताकि उनके जीवन का भरण-पोषण होता रहे, उन्होंने कहा गेहॅू खरीद का समय चल रहा है। किसी भी तरह की लापरवाही व कालाबाजारी नही होनी चाहिए।

     

    जिस पर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 71 क्रय केन्द्र खोले गये हैं। जहां पर सभी जगहों पर गेहूं खरीद का कार्य चल रहा है। गेंहूं समर्थन मूल्य 1925 रूपये प्रति कुन्टल, इस वर्ष जनपद का गेंहू क्रय का लक्ष्य 66 हजार एम0टी0 निर्धारित किया गया है, जिसकी पूर्ति हेतु जनपद की विभिन्न सरकारी क्रय संस्थाओं के माध्यम से गेंहूं क्रय केन्द्र एवं उसी के समीप कृषक पंजीकरण प्रक्रिया प्रारम्भ की गई है। मण्डियों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जा रहा है। इसी तरह जनपद स्तर पर दो विशाल कम्यूनिटि सेन्टर खोले गये हैं जहां पर एक टाइम में लगभग 15000 डिब्बे बाटे जा रहे हैं, जितनी आवश्यकता होती है सभी को बटवाया जा रहा है। कन्ट्रोल रूम में जो भी शिकायते आती है उन्हे तत्काल दूर किया जाता है। खाना खाद्य सामग्री जैसी आवश्यकता होती है सम्बन्धित को तत्काल भेजे जा रहे है। लाॅकडाउन एरिया में डोर टू डोर खाद्य सामग्री,दूध,ब्रेड समाग्री रोजा अफ्तार को भी ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। खाद्य सामग्री की उपलब्धता में कभी नही आने दी जायेगी वार्ड वार होम डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।

     

    काला बाजारी पर दो सोशल मीडिया को मिलाकर 13-14 एफ0आई0आर किये गये है। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि सभी उप जिलाधिकारी क्षेत्रा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रो का भ्रमण कर धार्मिक गुरूओं सें वार्ता कर रहे है ताकि कही से कोई विवाद या रोजा इफ्तारी में परेशानी का सामना न करना पडे़। पशुओं को चारा हेतु भूसा बैंक मे तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु नामक आधुनिक ऐप लगभग डेढ लाख लोगो ने ऐप डाउनलोड किया है। बैठक में पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर, मुख्य विकास अधिकारी डा0 राजेश कुमार प्रजापति, उप जिलाधिकारी सदर, मुख्य चिकित्साधिकारी, डा0 आशुतोष कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आर0 के0 गौतम, डा0 तनमय कक्कड़, उप निदेशक सूचना, सहित अन्य सदस्य आदि उपस्थित रहे।

  • UP के मुख‍िया योगी आदित्‍यनाथ ने कोरोना से न‍िपटने के ल‍िए तैयार की थी टीम 11, ये टीम रहती है हर वक्‍त तैयार

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    Yogi Adityanath Team 11: कोरोना जैसे खतरनाक वायरस से उत्‍तर प्रदेश में न‍िपटने के ल‍िए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने टीम 11 तैयार की थी। यह टीम 11 हर चुनौती का प्रभावी तरीके से मुकाबला कर रही है। ये टीम कोराना से उत्पन्न हालात पर तय जिम्मेदारी के अनुसार नजर रखती है और एक्‍शन लेती है। सरकार ने कई विभागों को जोड़कर 11 कमेटियां बनाई हैं। जिसमें सरकार के करीब दो दर्जन वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनकी निगरानी एक कोच की तरह मुख्यमंत्री खुद कर रहे हैं। आइये एक नजर डालते हैं सीएम योगी की टीम 11 पर।

    1. राजेंद्र कुमार तिवारी (मुख्‍य सचिव)
    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी समन्वय कमेटी में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, श्रम एवं सेवायोजन सदस्य होंगे। इनका कार्य भारत सरकार एवं अन्य राज्य सरकारों से महत्वपूर्ण मुद्दों पर समन्वय स्थापित करना, शिक्षा ने जुड़े सभी विभागों और सेवायोजन विभाग के माध्यम से सभी छात्रों व काम करने वाले लोगों को, जहां है, वहीं पर रहने के लिए विभन्न माध्यमों से जागरुक करना।

    2- आलोक टंडन (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त )
    अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी में प्रमुख सचिव, औद्योगिक विकास, श्रम एवं सेवायोजन सदस्य होंगे। इनका कार्य श्रमिकों और अन्य गरीबों को समय से भरण पोषण भत्ते का वितरण सुनिश्चित कराना होगा। प्रदेश की औद्योगिक व व्यावसायिक ईकाइयों में काम करने वाले कार्मिकों (नियमित, दैनिक वेतन, संविदा पर) को बंदी के दौरान पूर्ण वेतन, मानदेय सुनिश्चित कराना। इसके साथ ही इनसे संबंधित समस्याओं का शासन एवं जिला प्रशासन स्तर पर आवश्यक निराकरण सुनिश्चित कराना होगा।

     

    3- आलोक सिन्‍हा (कृषि उत्पादन आयुक्त)
    कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी में प्रमुख सचिव, कृषि, परिवहन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, दुग्ध विकास एवं पशुधन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, अपर पुलिस महानिदेशक(कानून व्यवस्था), निदेशक, मंडी एवं राहत आयुक्त सदस्य होंगे। इनका कार्य आवश्यक सामग्री एवं वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए जनपदों से समन्वय स्थापित करना होगा । अंतर्जनपदीय व जनपदीय परिवहन में आ रही समस्याओं का निराकरण कराना होगा। समिति पूरे प्रदेश में जनमानस को होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुएं यथा दूध, सब्जी एवं राशन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि सभी आवश्यक सामग्रियां जनमानस को उचित मूल्य पर ही मिलें और बढ़ा-चढ़ाकर मूल्य लिए जाने की सूचनाएं प्राप्त न हों।

    4. अवनीश कुमार अवस्‍थी (अपर मुख्य सचिव, गह, सूचना एवं जनसंपर्क)
    अपर मुख्य सचिव, गह, सूचना एवं जनसंपर्क की अध्यक्षता में बनी कमेटी में पुलिस महानिदेशक(अभिसूचना) सदस्य होंगे। इनका कार्य लॉकडाउन में एन्फोर्समेंट की कार्यवाही की समीक्षा और मीडिया में तत्काल सही जानकारी उपलब्ध कराना होगा। जमाखोरों एवं कालाबाजारी में लिप्त लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना होगा।

    5. रेणुका कुमार (अपर मुख्य सचिव, राजस्व)
    अपर मुख्य सचिव, राजस्व की अध्यक्षता में बनी कमेटी में राहत आयुक्त और इस कार्यालय ज्ञाप द्वारा गठित सभी समितियों के एक-एक प्रतिनिधि सदस्य होंगे। इनका कार्य प्रदेश स्तर पर एवं सभी जनपदों मे्ं कंट्रोल रूम की स्थापना व नियमित रूप से उनके कार्य की समीक्षा और यह सुनिश्चित करना कि किसी भी व्यक्ति की जिज्ञासा व अनुरोध सही अधिकारी व विभाग तक अवश्य पहुंच जाए।

    6. मनोज कुमार सिंह (प्रमुख सचिव ग्राम्‍य विकास एवं पंचायती राज)
    प्रमुख सचिव ग्राम्‍य विकास एवं पंचायती राज की अध्यक्षता में बनी कमेटी में प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्योग सदस्य होंगे। इनका कार्य प्रदेश के सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करना एवं उसकी नियमित रूप से समीक्षा करना। इसके साथ ही पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना होगा।

    7. अमित मोहन प्रसाद (प्रमुख सचिव स्वास्थ्य)
    प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य की अध्यक्षता में बनी कमेटी में सदस्य के तौर पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा/सूक्ष्य, लघु एवं मध्यम उद्योग रहेंगे। इस कमेटी का कार्य भारत सरकार के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित करना है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस के सम्भावित एवं संक्रमित व्यक्तियों का प्रभावी इलाज एवं एवं देखभाल करना है। यहीं यह कमेटी प्रदेश में कोविड 19 से सम्बंधित चिकित्सीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने जिनमें चिकित्सालय में आइसोलेशन वार्ड, दवाइयों एवं मास्क आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। होम क्वारेन्टाइन के अतिरिक्त अस्पतालों में क्वारेन्टाइन की सुविधा विकसित करने के साथ ही जनपद में मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना भी इस कमेटी का कार्य है।

    8. भुवनेश कुमार (प्रमुख सचिव पशुपालन)
    प्रमुख सचिव पशुपालन की अध्यक्षता में बनी कमेटी का कार्य पशुओं के चारे की व्यवस्था तथा आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित कराना।

    9. हितेश चंद्र अवस्‍थी (पुलिस महानिदेशक)
    पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में बनी कमेटी प्रदेश के सभी जेलों, ट्रेनिंग सेंटर और पीएसी बटालियन में साफ-सफाई सुनिश्चित कराना है। साथ ही यह कमेटी का कार्य पीएसी बटालियन एवं ट्रेनिंग सेंटर में तैनात फोर्स को रिजर्व के रूप में तैयार करना है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें फील्ड में तैनात किया जा सके।

    10. संजीव मित्‍तल (अपर मुख्य सचिव वित्त)
    अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी का कार्य कोरोना वायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन तथा भविष्य की रणनीति तैयार करना है। इस कमेटी में सदस्य के तौर पर प्रमुख सचिव, कृषि/उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण एवं गन्ना विकास एवं उद्योग रहेंगे।

    11. देवेश चतुर्वेदी (प्रमुख सचिव, कृषि)
    प्रमुख सचिव, कृषि की अध्यक्षता में बनी कमेटी में सदस्य के तौर पर में प्रमुख सचिव, उद्यान, प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद शामिल रहेंगे। यह कमेटी किसानों की फसल जैसे गेंहू, आलू, सरसों इत्यादि के प्रभावी प्रक्योरमेन्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।

  • राज्यों में फंसे यूपी के मजदूरों को वापस लाने की पहल पर CM योगी को साधुवाद-प्रियंका गांधी

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    नई दिल्‍ली। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को टीम-11 के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों व उनके परिवार को वापस लाने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। इसपर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा क‍ि हम लगातार इस मुद्दे पर जोर दे रहे हैं और यह उस दिशा में एक सार्थक कदम है।

    प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, ‘अन्य राज्यों में फंसे यूपी के कुछ मजदूरों को वापस लाने की पहल पर उप्र सरकार को साधुवाद। हम लगातार इस मुद्दे पर ज़ोर दे रहे हैं और यह उस दिशा में एक सार्थक कदम है। इसे पूरी तरह से सफल होने के लिए बाकी मजदूरों के लौटने के लिए भी योजना बनानी जरूरी है।अन्य राज्यों में फँसे यूपी के कुछ मजदूरों को वापस लाने की पहल पर उप्र सरकार को साधुवाद। हम लगातार इस मुद्दे पर ज़ोर दे रहे हैं और यह उस दिशा में एक सार्थक कदम है।

    दरअसल, योगी आदित्‍यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अन्‍य राज्‍यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए अलग-राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर इसका पूरा रोडमैप बनाकर तीन दिन में उनके समक्ष पेश किया जाए. बता दें लॉकडाउन के दौरान अभी तक पांच लाख मजदूर यूपी में आ चुके हैं. एक अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग राज्यों में अभी भी 10 लाख मजदूर फंसे हैं।

    मुख्यमंत्री ने सभी राज्यों में तैनात नोडल अफसरों से सभी मजदूरों की वापसी चरणबद्ध तरीके से कराने के लिए रोडमैप मांगा है. पहले उन लोगों की वापसी की जाए जो लोग अलग-अलग राज्यों में क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिन की अवधि पूरी कर चुके हैं. उन्हें वापस लाकर उनका स्वास्थ्य परिक्षण करवाकर मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन करते हुए भी क्वारंटाइन किया जाए। इसके बाद वे मजदूर आएंगे, जो काम धंधा बंद होने की वजह से अपनी-अपनी जगह फंसे हैं। यूपी में वापसी पर भी मजदूरों को मेडिकल जांच के बाद क्वारंटाइन में रखा जाएगा. इतना ही घर वापसी के बाद उनके लिए रोजगार की व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं।

  • lockdown : कुशीनगर के पडरौना में बेच रहे थे नशे का सामान,एसडीएम ने छापा मारकर पकड़ा

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    पडरौना,कुशीनगर : एसडीएम रामकेश यादव के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीम ने ओंकार वाटिका कालोनी में एक दुकान व आवास पर छापेमारी कर 58 हजार रुपये का प्रतिबंधित गुटखा करीब बरामद किया। इसके बाद दुकानदार के खिलाफ पडरौना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गयी है।
    मुखबिर से एसडीएम को सूचना मिली थी कि नगर के ओंकार वाटिका कालोनी में एक दुकान व घर से प्रतिबंधित गुटखा की बिक्री बड़े पैमाने पर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही है। इस पर एसडीएम ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन व पुलिस टीम के साथ दुकान व आवास पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में आठ प्रकार का गुटखा व तम्बाकू बरामद किया।
    छापेमारी के समय नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र का एक व्यक्ति भी गुटखा आदि खरीदने पहुंचा था। एसडीएम के पूछने पर बताया कि यहां से गुटखा ले जाकर ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण किया जाता है। छापेमारी के बाद अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन व एसडीएम पडरौना के संयुक्त हस्ताक्षर से पडरौना कोतवाली में यादव पान भंडार के प्रोप्राइटर राम रक्षा यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिये तहरीर सौंपी है। पडरौना कोतवाली के इंसपेक्टर पवन सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है।

  • नोवेल कोरोना वायरस(कोविड-19) के संक्रमण से बचाव/रोकथाम, राहत एवं चिकित्सा के साथ-साथ साफ-सफाई व सेनेटाइजर, सोशल डिस्टेसिंग पर विशेष ध्यान दिये जा रहें हैं-जिलाधिकारी

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 24 अप्रैल/जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने बताया कि वर्तमान में नोवेल कोरोना वायरस(कोविड-19) के संक्रमण से बचाव/रोकथाम हेतु पूरा देश लाॅक डाउन है। इस दौरान मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार जनपद में अन्त्योदय/मनरेगा मजदूरों/श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों तथा शहरी क्षेत्रों में घुमन्तू प्रवृति के श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता एवं अन्त्योदय/बी0पी0एल0 कार्ड धारकों को खाद्यान का वितरण किया जा रहा है। जनपद में 23 अप्रैल, 2020 तक श्रम विभाग में पंजीकृत कुल 6171 श्रमिकों में से 5755 व्यक्तियों को 57.55 लाख रू0, शहर में घुमन्तू प्रवृति का कार्य करने वाले 5389 श्रमिकों को 53.89 लाख रू0 ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे व्यक्ति जिनके भरण-पोषण की कोई सुविधा नहीं है, का चिन्हीकरण करके कुल 9724 व्यक्तियों को 97.24 लाख रू0 धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से वितरित करायी जा चुकी है।

     

    जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के समस्त नागरिकों को राशन/सब्जी/दूध आदि का डोर-टू-डोर डिलीवरी सुचारू रूप से कराया जा रहा है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 1,46,209 अन्त्योदय/बी0पी0एल0 कार्डधारकों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण कराया गया। उन्होंने बताया कि मेडिकल क्वारंटाइन में रखे गये कुल 353 में से 239 व्यक्तियों को स्वस्थ्य होने पर डिस्चार्ज किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में 26224 व्यक्तियों एवं शहरी क्षेत्र में 709 व्यक्तियों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है। जनपद में विभिन्न स्थलों पर कुल 36 आश्रय स्थल (शेल्टर होम) एवं 36 सामुदायिक रसोई बनाये गये हैं, जिसमें चिकित्सीय/शौंचालय/बिस्तर/सैनिटाइजर/साबुन/भोजन/साफ-सफाई एवं सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए प्रतिपादित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 400 व्यक्तियों को आश्रय स्थल में रखा गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि 23 अप्रैल, 2020 तक अस्थायी आश्रय स्थलों, आम रसोईघरों एवं अन्य स्थलों पर स्वयं सेवी/धार्मिक/स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा 1,08,856 पैकेट एवं जिला प्रशासन व अन्य सरकारी संस्थाओं द्वारा 2,59,086 पैकेट पका पकाया भोजन का वितरण कराया जा चुका है।

    उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद में कोई भी व्यक्ति भोजन इत्यादि से भूखा न रहे। डीएम ने जनपदवासियों से अपील की है कि लाॅक डाउन के दौरान अपने घरों में सुरक्षित एवं स्वस्थ्य रहें। साफ-सफाई एवं सेनेटाइज तथा सोशल डिस्टेन्सिंग पर विशेष ध्यान दें। कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से घर से बाहर कदापि न निकलें।