Category: uttar-pradesh

  • और जब कुशीनगर में लाकडाउन के पालन कराने के लिए पडरौना में एसपी ने बेवजह घूम रहे लोगों को बनाया मुर्गा

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    पडरौना,कुशीनगर : लॉकडाउन के पालन को लेकर पुलिस सख्त हो गयी है। मंगलवार को एसपी विनोद मिश्र ने खुद पडरौना के कठकुइयां मोड पर वाहनों की चेकिंग की। वाहन चालकों की मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कराया। बिना किसी वजह के बाहर निकले लोगों को चालान कराया। उन्होंने लोगों से अपील की कि बेवजह सड़क पर न निकलें। ऐसा करने वालों को पुलिस की नाराजगी का शिकार होना पड़ेगा।
    लॉकडाउन के 28 वें दिन भी पुलिस अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह मुस्तैद है। मंगलवार को कसया प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह व पडरौना के प्रभारी निरीक्षक पवन सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ नगर में भ्रमण कर लोगों को घर में रहने की हिदायत दी।
    इस दौरान सड़क पर बेवजह घूमते बाइक सवार कुछ युवक मिले तो उन्हें दंडित किया। कहीं उठक-बैठक लगवाई तो कहीं मुर्गा बनाया। 20 अप्रैल से रियायत के साथ कुछ मामलों में ढील दिए जाने संबंधित सरकार की घोषणा से तमाम लोग लापरवाह हो गए हैं। बेवजह बाजार में घूम रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों को लॉकडाउन का पाठ पढ़ा रही है। यातायात पुलिस ने भी ऐसे लोगों के विरूद्ध कार्रवाई में तेजी लाई है। गांधी चौक पर दर्जनों वाहनों का ई-चालान किया गया। पडरौना में भी दो दर्जन से अधिक वाहनों का चालान किया गया।
    150 वाहनों का हुआ ई चालान
    जिले की पुलिस ने मंगलवार को लॉकडाउन में बेवजह घूमते मिले 150 वाहनों का ई चालान काटा। 5500 रुपेय शमन शुल्क की वसूली की गयी। एसपी ने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन में घरों में रहें और खुद के साथ औरों को भी सुरक्षित रखें।

  • UP : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने चार कुलपतियों का बढ़ाया कार्यकाल 

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति  आनंदीबेन पटेल ने महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर तथा वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपतियों का कार्यकाल तीन माह की अवधि अथवा नियमित कुलपति की नियुक्ति अथवा अग्रिम आदेशों तक विस्तारित कर दिया है।

    उल्लेखनीय है कि प्रो0 अनिल कुमार शुक्ला कुलपति महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली का कार्यकाल 25 अप्रैल, 20 को, प्रो0 श्रीनिवास सिंह कुलपति मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर का कार्यकाल 27 अप्रैल, 2020 को, प्रो0 विजय कृष्ण सिह कुलपति दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर का कार्यकाल 28 अप्रैल, 2020 को तथा प्रो0 राजा राम यादव कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर का कार्यकाल 01 मई, 2020 को समाप्त हो रहा था।

  • जिलाधिकारी ने सीमा पर तैनात पुलिस से सख्ती बरतने के दिए निर्देश

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    लखनऊ/  अयोध्या  । जिलाधिकारी  अनुज कुमार झा ने जनपद के शहरी क्षेत्र चौक, फतेहगंज, नाका व ग्रामीण क्षेत्र मसौधा, बीकापुर, खजुरहट व सुल्तानपुर सीमा पर चौरे बाजार  चेक पोस्ट का निरीक्षण किया l जिलाधिकारी द्वारा जनपद सुल्तानपुर के बॉर्डर पर जनपद में प्रवेश करने वालों की थर्मल स्कैनिंग व अनावश्यक  लोगों को जिले में  प्रवेश से  रोकने हेतु लगाए गए मेडिकल व पुलिस टीम को निर्देशित किया कि  कोई भी व्यक्ति बिना थर्मल स्कैनिंग के जनपद में प्रवेश न करने पाए यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो इसकी सूचना तत्काल मुख्य विकास अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दे जनपद में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों की सूची  बनाएं जिसमें उसका नाम, पता व मोबाइल नंबर आदि अंकित करें। ज्ञातव्य के कोविड-19 के प्रसार को रोकने हेतु जिलाधिकारी व जिला प्रशासन द्वारा विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश हैं।

     

    जिलाधिकारी व एसएसपी द्वारा प्रतिदिन जनपद के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया जा रहा है इससे पूर्व जिलाधिकारी द्वारा जनपद के बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर कि सीमाओं का भ्रमण किया जा चुका है। और सभी सीमाओं सील किया गया है सभी जगह जनपद में प्रवेश करने वालों कि थर्मल स्कैनिंग हो रही है चिकित्सा अति आवश्यक कार्यों को छोड़कर जनपद में सभी प्रकार के प्रवेश वर्जित हैं।आज इसी क्रम में  जिला अधिकारी द्वारा  जनपद सुल्तानपुर के  बॉर्डर के चेकप्वाइंट का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कोरोना का एक भी मरीज नहीं है किंतु हमारे पड़ोसी जनपदों में कोविड-19 के मरीज पाए गए हैं ऐसे में हमें विशेष सतर्कता बरतने और लाक डाउन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना अति आवश्यक है।  

     

    जिलाधिकारी ने सीमा पर तैनात पुलिस व चिकित्सा की टीम को जनपद के सभी सीमाओं पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि  कोई भी व्यक्ति जिसके पास वैध पास नहीं है, या मेडिकल इमरजेंसी या आपातकालीन सामान आदि की आपूर्ति नहीं कर रहा है, को सीमा से अंदर आने की अनुमति किसी भी दशा में न दी जाए।  उन्होंने निर्देश दिए कि जो लोग दूसरे जिले में कार्यरत हैं, उन्हें भी एक जिले से दूसरे जिले में प्रतिदिन यात्रा करने की अनुमति नहीं है। भले ही उनके पास एक वैध पास उपलब्ध हो। जो जिस जिले में नौकरी कर रहा है वह उसी जिले में रहकर कार्य करें।

    जिलाधिकारी श्री झा ने कहा कि कि जो लोग अन्य जिलों से पैदल आ रहे हैं और हमारे जिले या किसी अन्य जिले में जा रहे हैं, उन्हें भी अब  क्वॉरेंटाइन सेंटर या शेल्टर होम  केंद्रों  में ही रखा जाए, इससे इसमें किसी भी व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने पर हमें वायरस फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनपद के अंदर बहुत सारे वाहन और बाइक चल रहे हैं। इनमें से अधिकांश दोपहिया वाहनों पर दो लोग सवारी कर रहे हैं जिसकी अनुमति नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा कि  बाइक पर केवल एक व्यक्ति को अनुमति दी जाय। चार पहिया वाहनों की अनुमति केवल चिकित्सा प्रयोजन के लिए ही दी जाय। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि चार पहिया वाहन का प्रयोग चिकित्सा के लिए हो रहा है या नहीं और उनके पास कोई पास है या नहीं।

     

    उन्होंने कहा कि जिन चार पहिया वाहनों के पास  जारी किए गए हैं ,उनका दुरुपयोग होते हुए पाए जाने पर  गाड़ी को सीज किया जाए  तथा संबंधित पर कड़ी कार्यवाही की जाए। जिलाधिकारी ने बाहर निकलने वाले सभी लोगों को अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग कराना सुनिश्चित करें तथा अनावश्यक यात्रा करने वालों के वाहन को सीज करने तथा उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में भ्रमण के दौरान  कुछ लोग छोटी छोटी वस्तुओं को पाने के लिए लंबी दूरी तय कर रहे हैं।  जबकि सभी क्षेत्रों में चिन्हित दुकानें खोली गई हैं अतः लोग अपनी निकटतम दुकान से ही समानों की खरीद करें, किसी को भी छोटी चीजें पाने के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने की अनुमति नहीं है। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों को जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

  • लॉकडाउन का पालन सख्ती से नही हो रहा

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    बांगरमऊ/उन्नाव- जिला मुख्यालय से लगभग  45 किमी की दूरी पर बसे  औद्योगिक नगर  बांगरमऊ  लॉकडाउन का पालन करने में नाकाम साबित हो रहा है  नगर के कई मोहल्ले गलियों में यहाँ पर बिना मास्क व सोशल डिस्टेंनसिंग का उल्लंघन करते लोग आसानी aसे दिख जायेगे खासकर यहां के स्टेशन रोड व  सीएससी  के सामने बहुत लोग खड़े रहते हैं l कई लोग तो बाइक लेकर आवश्यक सामान के बहाने  गलियों में सड़कों में घूमते रहते हैं जो कि पूरे देश की मेहनत मिट्टी में  मिलाने में तुले है  l

     

    स्थानीय लोग बताते हैं जैसे ही  पुलिस की गाड़ी इन लोगों को  दिखती है वैसे ही गायब हो जाते है पुलिस के गुजरने के बाद फिर वही रवैया शुरू हो जाता है जो  नगर और क्षेत्र के लिये बहुत ही घातक साबित हो सकता है आखिर ऐसे लोग  इस महामारी को  गंभीरता से क्यों नहीं समझते जिसने आज संपूर्ण विश्व को हिलाकर रख दिया है, शायद ऐसे लोग इस वैश्विक महामारी को बहुत हल्के में रहे हैं  अब ऐसे में यहाँ के स्थानीय पुलिस प्रशाशन को और सख्त होने की जरूरत है।

  • विकास के धन के बन्दरबाट : मनरेगा की सूची में प्रधान पति और पुत्र भी, बिना काम कराये 50 लाख के भुगतान का आरोप

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    जौनपुर। शाहगंज तहसील के ग्राम सभा छतौरा शासन द्वारा करोड़ो रूपया खर्च किये जाने के बाद भी विकास के तरस रहा है। यहां पात्रों को दर किनार कर अपात्रों को लाभ देने और कमीशनखोरी की सीमा पार कर दी गयी है। मनरेगा सूची में गरीबों से अधिक अमीरों को सामिल किया गया है। ग्राम प्रधान के पति और पुत्र का नाम भी इस सूची में शोभा बढ़ा रहे है। अन्त्योदय कार्ड बनाने में भी प्रधान और सचिव ने सभी मानकों की धज्जियां उड़ा दिया है। गांव में 100 परिवार हरिजन और दलित है जिसमें 90 गरीब है लेकिन किसी का अन्त्योदय कार्ड नहीं बनाया गया है बल्कि कई बीघा जमीन के मालिक और पक्के भवन वालों को यह लाभ पहुंचाने वाला कार्ड जारी कर शासन की मंशा पर पानी फेरने का काम किया गया है।

    विकास के धन के बन्दर बाट का आलम यह है कि एक ही कार्य पर कई बार भुगतान के कई प्रकरण है।  अनेक मामले में बिना कार्य कराये ही लाखो का भुगतान कराकर सरकारी धन हजम कर लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हैण्ड की मरम्मत केनाम पर 40-40 हजार औररंगाई पुताई में भारी भरकम धनराशि बिना काम कराये हड़प लिया गया है। बताया गया है कि छतौरा की ग्राम प्रधानउर्ग विजय सिंह है। मनरेगा में मजदूर के रूप में प्रधानपति राघवेन्द तथा पुत्र रत्नाकर का नाम दर्ज कराया गया है। जबकि अन्य सैकड़ों की सख्या में अपात्रों को भी शामिल किया गया है ऐसे भी ग्रामीण है जिन्हे पता नहीं कि वे मजदूर है। उन्हे पता तब लगाता हैं जब प्रधानपति और उनके पुत्र दबाव बनाकर रूपया निकलवा लेते है।

    आरोप है कि मेन रोड से अनिलयादव के घर तक खण्डन्जा निर्माण का दो लाख 20 हजार का भुगतान करा लिया गया है लेकिन खण्डन्जा निर्माण हुआ ही नहीं है। इसी प्रकार पंचायत भवन पर प्लास्टर व रंगाई के नाम पर 89 हजार का भुगतान हो गया है लेकिन कोई काम नहीं हुआ है। आंगनवाड़ी केन्द्र पर टाइल्स लगवाले के नाम पर धन हड़पा गया है मौके पर टाइल्स नहीं लगायी गयी है। मिट्टी फेकवानेके नाम पर 62 हजार फर्जी भुगतान कराया गया है। सपंन्न 10 लोगो के जल निकासी के नाम पर सोख्ता बनवाया गया है गरीबों का नहीं बनाया गया। अन्त्योदय कार्डबनाने में भारी गोलमाल किया गया है।

    गांव के उदयप्रताप सिंह, विक्रमा उपाध्याय, कैलाश दुबे, शैलेन्द्र सिंह व जितेन्द्र सिंह जैसे दर्जनों संपन्न और कई बीघेे जमीन  व वाहनों के मालिकों का यह लाभ कारी कार्ड बनाया गया है दलितों को इससे वंचित रखा गया है। उक्त ग्राम सभा के भ्रष्टाचार की लिस्ट बहुत लम्बी और विस्तृत है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकरण को जांच के लिए शीघ्र जिला प्रशासन से मांग किया जायेगा।

  • डीएम व एसपी ने कन्टेनमेण्ट जोन खैराबाद व नगर क्षेत्र का भ्रमण कर लाॅक डाउन व कानून व्यवस्था का लिया जायजा

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    माह ए रमजान की इबादत को अपने घरों में रहकर ही करें- जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हस

    सुलतानपुर। जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती व पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना द्वारा नोबल कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु लाॅक डाउन के दौरान नगर क्षेत्र में मेडिकल टीमों द्वारा किये गये सर्वें का निरीक्षण करते हुए गलियों में पैदल भ्रमण कर लाॅक डाउन व कानून व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम व एसपी ने डाक खाना चैराहा, खैराबाद, अन्नू चैराहा, बाध मण्डी चैराहा, शाहगंज चैराहा आदि स्थानों का भ्रमण कर ड्रोन के माध्यम से सील किये गये क्षेत्र की हर एक गतिविधियों पर सर्तक दृष्टि रखते हुए व लाउडहेलर के माध्यम से सभी नगर वासियों से अपील की गयी कि लाॅक डाउन व सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करें। विशेष आवश्यक कार्य हेतु ही अपने घरों से बाहर निकले व कार्य पूर्ण हो जाने पर तत्काल अपने घर वापस चलें जायें। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेन्स बनाये रखें। आकस्मिक सहायता के लिये यदि किसी को जरूरत पड़ती है, तो 102 व 108 एम्बुलेन्स पर काल करके बुलाया जा सकता है। आप सब की सहायता के लिये एम्बुलेन्स उपलब्ध रहेगी। डीएम व एसपी अन्नू चैराहा होते हुए खैराबाद मोहल्ले में जाकर प्रत्येक घरों पर जाकर होम क्वारंटाइन नोटिस चस्पा का निरीक्षण किया। उन्होंने इसके पश्चात खैराबाद में जगदेई से खाने-पीने व स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी ली। जगदेई ने बताया कि खाने-पीने की दिक्कत है। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि इनकों कम्युनिटी किचन के माध्यम से दोनों टाइम खाने के साथ-साथ सूखा राशन की भी आपूर्ति करायी जाये। इसी प्रकार नगर क्षेत्र में कहीं भी किसी को खाने-पीने की दिक्कत न होने पाये। उन्होंने बताया कि जनपद के नगर क्षेत्र के सभी वार्ड, गली व मोहल्लों में ठेले वालों के माध्यम से चावल, आटा, दाल, सब्जी, दूध, नमक, तेल आदि आवश्यक खाद्य सामानों की आपूर्ति नियमित/सुचारू रूप से करायी जा रही है।

    डीएम व एसपी ने जनपदवासियों से अपील की है कि देश में कोरोना वायरस कोविड-19 वैश्विक महामारी की रोकथाम हेतु देश भर में लाॅक डाउन लगाया गया है। उन्होंने मुस्लिम भाईयों से अपील की है कि माह ए रमजान की इबादत को अपने घरों में रहकर ही करें। जैसे पूर्व में शासन का आदेश है कि किसी भी धार्मिक स्थान पर किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन न किया जाये। पूर्णतयः लाॅक डाउन का पालन किया जाये। सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करें, घर में ही रहें, सुरक्षित रहें।इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल, सीओ सिटी सतीश चन्द्र शुक्ल सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

  • डाॅक्टरों सहित सभी चिकित्सा कर्मियों को प्रत्येक दशा में कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षित रखना आवश्यक: मुख्यमंत्री

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल इंफेक्शन को रोकने के लिए बेहतर तथा प्रभावी प्रयास किये जाने पर बल दिया है।उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों सहित सभी चिकित्सा कर्मियों को प्रत्येक दशा में कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने मेडिकल इंफेक्शन की रोकथाम के लिए डेडिकेटेड टीम गठित करने के निर्देश दिये हैं।

    मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक बैठक में लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।उन्होंने कहा कि मेडिकल इंफेक्शन को रोकने के लिए राज्य मुख्यालय तथा जनपदों में टीम बनायी जाए। यह टीम सरकारी और निजी सभी अस्पतालों में मेडिकल इंफेक्शन पर फोकस करते हुए इसे रोकने के लिए कार्य करंे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्राथमिकता पर ऐसी टीमों का गठन करने के निर्देश दिये हैं।

    मुख्यमंत्री ने कोविड अस्पतालों की श्रृंखला तैयार करने, चिकित्सालयों में आक्सीजन की नियमित व सुचारू आपूर्ति बनाये रखने तथा ट्रेनिंग को और गति देने पर बल दिया। उन्हांेने कहा कि मेडिकल शिक्षा के विद्यार्थियों तथा आयुष आदि चिकित्सकों की भी मेडिकल ट्रेनिंग करायी जाए।उन्होंने एल-1, एल-2 तथा एल-3 अस्पतालों की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जनपद में एक अतिरिक्त सी0एच0सी0 को एल-1 अस्पताल के तौर पर तैयार किया जाए। इस कार्य को समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित कराने के लिए एक अधिकारी को नामित किया जाए।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिये कि लाॅकडाउन का शत-प्रतिशत पालन कराते हुए सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। पेट्रोलिंग को बढ़ाया जाए।अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई निरन्तर जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि रमजान के दृष्टिगत पूरी सावधानी व सतर्कता बरती जाए। सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए। उन्होंने संक्रमण की दृष्टि से जनपद संतकबीरनगर की बढ़ी हुई संवेदनशीलता के मद्देनजर, मण्डलायुक्त बस्ती, पुलिस महानिरीक्षक बस्ती तथा स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिये।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सप्लाई चैन से जुड़े लोगों की टेस्टिंग करायी जाए।यह सुनिश्चित किया जाए कि क्वारंटीन सेन्टर तथा शेल्टर होम में हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग अपनायी जाए। शेल्टर होम में क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद होम क्वारंटीन के लिए घर जाने वाले श्रमिकों को राशन की किट व एक हजार रुपये का भरण-पोषण भत्ता दिया जाए।
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद स्तर पर किये जा रहे कार्याें की प्रगति की निरन्तर जानकारी प्राप्त करते रहें। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर अलग-अलग कार्यांे के लिए अधिकारी नामित किये जाएं, जिससे कार्यांे का सुचारू संचालन हो और इनके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय की जा सके।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने एक समिति गठित की है।

    प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे कार्य योजना बनाकर सफलतापूर्वक लागू किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि तालाब व चेक डैम आदि से सम्बन्धित कार्य शुरू कराये जाए। इन कार्याें में प्रवासी मजदूरों को भी लगाया जाए।

    मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों में 14 दिन का क्वारंटीन पूरा कर चुके उत्तर प्रदेश के श्रमिकों, कामगारों तथा मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाए जाने के सम्बन्ध में भी विचार-विमर्श किया।उन्होेंने बड़ी संख्या में शेल्टर होम को तैयार किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इनमें पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया जाए, भोजन एवं शौचालय की सुचारू व्यवस्था की जाए। उन्होंने कम्युनिटी किचन को और प्रभावी बनाये जाने के निर्देश दिये।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि किसी भी उद्योग के संचालन से यदि संक्रमण फैलने की जरा भी सम्भावना हो तो उसे संचालन की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि एम0एस0एम0ई0 के संचालन को बढ़ावा दिया जाए, क्यांेकि इनके माध्यम से इंफेक्शन बढ़ने की सम्भावना नहीं है।इस सेक्टर के उद्योगों के कच्चे माल की आपूर्ति के लिए सप्लाई चैन बनायी जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 को पी0पी0ई0 किट्स की आपूर्ति व्यवस्था को बढ़ाने के निर्देश भी दिये।
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिये कि कृषि विभाग द्वारा इस बात का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए कि प्रदेश में कृषि उपकरणों की कमी नहीं है।

  • बीमारी से सम्बन्धित परामर्श अब विशेषज्ञों द्वारा फोन कॉल पर कर सकेंगे प्राप्त

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार के निर्देश के क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत जनपद में लॉक डाउन के कारण आम जनमानस को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से सामान्य बीमारियों के संबंध में काल/कॉन्फ्रेंस कॉल के माध्यम से जानकारी/आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराए जाने के लिए चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें उनके द्वारा फोन पर वार्ता कर संबंधित व्यक्ति की विशेषज्ञों द्वारा बीमारी/समस्याओं का समाधान किया जाएगा व आवश्यक दिशानिर्देश व उपाय भी बताए जाएंगे। उन्होंने बताया कि तहसील गौरीगंज में डा0 मो0 अनीस फिजीशियन 9415720691, डा0 राकेश कुमार सक्सेना स्त्री रोग विशेषज्ञ 8948968969, लइक्कुज्ज्मा बाल रोग विशेषज्ञ 9792137682, डा0 हनुमान प्रसाद हड्डी रोग विशेषज्ञ 94 15 0 88692, डा0 एसएन राय नेत्र रोग विशेषज्ञ 9415385988, डा0 पीतांबर एमबीबीएस 9473 9604 52, डा0 राजीव सौरभ एमबीबीएस 9452418958, तहसील मुसाफिरखाना में डॉ महेंद्र त्रिपाठी 9415381275, डॉ राम लखन यादव सर्जन 9454 07 9897, डा0 अभय गोयल एनेस्थेटिस्ट 7905762871, डॉ संजय कुमार एमबीबीएस 8765428533, डॉ0 आशुतोष शुक्ला सर्जन 8299005880, डा0 पुलक यादव महिला चिकित्सा अधिकारी 9794298145, डॉ मनू विशेन एमबीबीएस 9452829272 तहसील तिलोई में डा अभिषेक शुक्ला एमबीबीएस 7905156378, डा0 दयाल शरण दुबेे एमबीबीएस 6386440905 तथा तहसील अमेठी में डॉ पीक उपाध्याय एमबीबीएस 983909386, डॉक्टर सौरभ सिंह एमबीबीएस 9452646335 व डॉ एल के मिश्रा बाल रोग विशेषज्ञ 9451767869 से काल के माध्यम से रोगी से वार्ता कर बीमारी से संबंधित जानकारी अथवा परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि डा0 रामप्रसाद मोबाइल नंबर 9412048631, 8303457219 अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीबीडी/नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

  • संदिग्ध परिस्थितियों में लग गई आग

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    लखनऊ- सरोजनीनगर। बंथरा इलाके में बुधवार को अगल-बगल मौजूद दो झोपड़ियों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। लोगों ने आनन-फानन घटना की सूचना फायर कंट्रोल रूम को दी, लेकिन दमकल गाड़ी के पहुंचने से पहले ही झोपड़ियों में बंधे 3 मवेशी सहित वहां रखा काफी मात्रा में अनाज जलकर राख हो गया। बंथरा के सहिजनपुर गांव में संतोष के घर के सामने ही फूस से बनी उनकी झोपड़ी है। बुधवार अपराह्न करीब 2 बजे अचानक संतोष की झोपड़ी में आग लग गई।

    आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। जिसके कारण बगल में मौजूद राज कपूर की झोपड़ी भी आग की लपटों की चपेट में आ गई। लोगों ने आनन-फानन घटना की सूचना फायर कंट्रोल रूम को दी, लेकिन दमकल गाड़ी के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने आनन-फानन आग पर काबू पा लिया।

    हालाकि इस हादसे में संतोष की झोपड़ी में छप्पर के नीचे बंधी दो बकरियां और काफी मात्रा में रखा अनाज सहित राज कपूर की झोपड़ी में छप्पर के नीचे बंधा एक बछड़ा झुलस कर मौत के मुंह में समा गया। उधर सूचना के बाद पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल ने वहां का जायजा लिया।

  • कुशीनगर में गिरा मिला नेपाल का गिद्ध,जासूसी की फैल गयी थी अफवाह

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    पडरौना,कुशीनगर : जिले के बरवापट्टी थाना क्षेत्र के रामपुर पट्टी में एक गिद्ध गिरा हुआ पाया गया। उसके दोनों पंखों में सी 3 टैग और जीपीएफ लगा है। डीएफओ वीसी ब्रह्मा ने जांच पड़ताल के बाद बताया कि इसे नेपाल के चितवन स्थित बर्ड कंजर्वेशन सेंटर से नवंबर-2019 में छोड़ा गया था। तभी से वहां उसकी ट्रैकिंग चल रही है। कहीं चोट के निशान नहीं मिले हैं। बीमार या थका लग रहा है। ठीक होने के बाद इसे यहां से छोड़ा जाएगा। फिलहाल यह कुछ खा पी नहीं रहा है। मटन की व्यवस्था की जा रही है।
    शुक्रवार को गांव वालों ने गिद्ध को पड़ा हुआ देखा तो इसकी सूचना वनाधिकारियों को दी। डीएफओ के निर्देश पर तमकुही रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नृपेंद्र द्विवेदी ने मौके पर वनकर्मियों को भेजा। गिद्ध को उठाकर सरगटिया करनपट्टी स्थित वन विभाग के कार्यालय पर लाया गया है। डीएफओ ने बताया कि नेपाल के चितवन में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) के कोलैबोरेशन से वल्चर ब्रीडिंग पर रिसर्च चल रहा है। यह व्हाइट रंम्प्ड (जिप्स बेंगेंसिस) प्रजाति का है। मुंबई की यह संस्था कई वर्षों से इस पर रिसर्च कर रही है।  डीएफओ ने बताया कि गिद्ध या तो लंबी उड़ान से थक गया होगा या बीमार होगा। इसलिए यहां गिर गया था। रिसर्च के लिए संरक्षित प्रजाति इन गिद्धों को छोड़ा जाता है और ट्रैकिंग की जाती है।
    पिछले साल महराजगंज में करायी गयी थी गिद्धों की टैगिंग
    पिछले साल वन विभाग ने महराजगंज में गिद्धों की गिनती और टैगिंग कराई थी। महराजगंज के  फरेंदा तहसील के भारी-बैसी गांव में ‘जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र’ भी स्‍थापित किया जा रहा है। यह केंद्र हरियाणा के पिंजौर में स्थापित ‘जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र’ की तर्ज पर स्थापित हो रहा है। गिद्ध संरक्षण के लिए पिंजौर देश का पहला और महराजगंज प्रदेश का पहला संरक्षण केंद्र है।
    भारत में पाई जाती हैं गिद्धों की नौ प्रजातियां
    भारतीय महाद्वीप पर गिद्धों की नौ प्रजातियां पाई जाती हैं। लेकिन गिद्धों की तीन प्रजातियां व्हाइट रैंम्प्ड (जिप्स बेंगेंसिस), लॉन्ग-बिल्ड (जिप्स इंडिकस) और सिलेंडर-बिल्ड (जिप्स टेनुइरोस्ट्रिस) भारतीय वन्य जीव अधिनियम की अनुसूची (एक) के तहत संरक्षित हैं। इन केंद्र में उनके प्रजनन और संरक्षण पर भी जोर दिया जाएगा। गोरखपुर में बनने वाला ‘जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र’ बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) एवं वन्यजीव अनुसंधान संगठन के साथ मिल कर स्थापित हो रहा है। केंद्र की स्‍थापना से पहले गिद्धों की संख्या और उनके प्राकृतिक आवास का मूल्यांकन किया जा रहा है। महराजगंज में यह उत्तर प्रदेश का पहला ‘जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र’ होगा। चल रहे सर्वेक्षण का मकसद यह पता लगाना है कि गिद्धों की कौन सी प्रजाति सबसे ज्यादा खतरे में हैं। सर्वेक्षण में जीआईएस (ज्योग्राफिक इनफार्मेशन सिस्टम) मैपिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ताकि इनकी सही संख्या का पता लग सके। महराजगंज वन प्रभाग के मधवलिया रेंज में अगस्त 2018 में 100 से अधिक गिद्ध देखे गए थे। प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित गो-सदन के पास भी यह झुण्ड दिखा था। वन विभाग कहना है कि वर्ष 2013-14 में गिद्धों की गणना की गई तो यूपी के 13 जिलों में 900 के करीब गिद्ध मिले थे।
    जासूसी की फैल गयी थी अफवाह
    जीपीएस ट्रैकर लगा गिद्ध पाए पाए जाने के बाद जिले में सोशल मीडिया पर तेजी से अफवाह पफैल गयी कि यह किसी देश ने जासूसी के छोड़ा है। जब यह जानकारी एसपी विनोद कुमार मिश्र को मिली तो उन्होंने सूचना प्रसारित की कि इस लगा ट्रैकिंग सिस्टम किसी जासूसी आदि से सबंधित नहीं है। यह गिद्ध रिसर्च का हिस्सा है।
    चितवन नेपाल बर्ड कंजर्वेशन नेपाल से आया है। वहां मुंबई की बीएनएचएस के कोलैबोरेशन से वल्चर ब्रीडिंग सेंटर में काम चल रहा है। इसे को नवंबर-2019 में छोड़ा गया था। नवंबर से ट्रैकिंग की जा रही है। रिसर्च चल रहा है। इसे यहां ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। स्वस्थ होने पर छोड़ा जाएगा
    वीसी ब्रह्मा,डीएफओ