Category: uttar-pradesh

  • UP में आगरा के बाद लखनऊ में सबसे अधिक संक्रमित, जिन जिलों में 10 से ज्यादा पॉजिटिव मरीज उन्हें नहीं खोलेगी सरकार

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मरीजों की संख्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज टीम-11 के साथ बैठक की। इस दौरान निर्णय लिया गया कि जिन जनपदों में 10 से ज्यादा कोरोना वायरस (COVID-19) के मामले आए हैं, उन जनपद को नहीं खोला जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने संदिग्ध लोगों की टेस्टिंग अनिवार्य रूप से करने का आदेश दिया है।उत्तर प्रदेश गृह एवं सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने इस बात की जानकारी दी। उप्र के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने रविवार को कहा कि जिन जिलों में दस से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज हैं, उनको न खोलने के बारे में आज देर रात तक फैसला ले लिया जाएगा। वहीं सरकार की तरफ से बताया गया कि उप्र में संक्रमित मरीजों की संख्या 1084 तक पहुंच गई है जिसमें 959 मामले एक्टिव हैं और 108 लोग अब तक डिस्चार्ज हो चुके हैं।

    अवस्थी ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बातें कही। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल से उद्योगों को सशर्त खोले जाने को लेकर आज सीएम वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे। पूरे प्रदेश में 50810 लोग होम डिलिवरी में जुटे हुए हैं। वहीं हॉटस्पॉट इलाकों में 1393 लोग होम डिलिवरी में जुटे हुए हैं। अभी तक 154784 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर आयीं थी जिनका निवारण किया गया है।

    10234 मरीजों को क्वारैंटाइन में रखा गया

    इस मौके पर उप्र के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1084 हो गई है जिसमें अभी 959 मामले एक्टिव हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 108 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं जबकि 1050 मरीज आइसोलेशन में भर्ती हैं। वहीं 10234 मरीजों को क्वारैंटाइन में रखा गया है।

    राज्य में कोरोना टेस्टिंग के लिए अब तक कुल 28,484 सैम्पल भेजे गए, जिनमें 27,262 की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई और 248 अंडर प्रोसेस हैं। प्रदेश में 66,764 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की। प्रदेश में कुल 31,072 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 10,234 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन में रखा गया है।

    108 हुए डिस्चार्ज, 17 की मौत

    प्रदेश में अब तक कोरोना से कुल 17 मौतें हुईं हैं। इनमें बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, कानपुर व लखनऊ में 1-1, मेरठ व मुरादाबाद जिले में 2-2 व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 5 मौतें हुई हैं। इसके अलावा अलग-अलग जिलों में तीन मौतें रविवार को हुई हैं। वहीं अब तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 108 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए। आगरा से 13, गाजियाबाद से 7, नोएडा से 38, लखनऊ से 6, कानपुर से 1, शामली से 1, पीलीभीत से 2, लखीमपुर खीरी से 4, मोरादाबाद से 1, प्रयागराज से 1, बरेली से 6, हाँथरस से 4, मेरठ से 15, महराजगंज से 6 व प्रतापगढ़ से 3 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ करवाकर डिस्चार्ज किया गया है।

    लखनऊ में बनाई गई अस्थायी जेल

    लखनऊ के कश्मीरी मोहल्ला म्युनिसिपल गर्ल्स इंटर कालेज में अस्थाई जेल बनाई गई हैं। विदेशी नागरिकों के लिए पुलिस प्रशासन ने अस्थाई जेल बनाई हैं। मड़ियांव, अमीनाबाद की मरकज मस्जिद व अन्य क्षेत्रों से पकड़े गए 23 विदेशी नागरिकों को इस अस्थाई जेल में शिफ्ट किया गया।14 दिनों के लिए अस्थाई जेल में सभी क्वारैंटाइन किये गए हैं। जांच में इन विदेशी नागरिकों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई हैं। सभी विदेशी नागरिकों के खिलाफ अलग अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

  • नगर पंचायत के सफाई कर्मी बैठे धरने पर,किया धारा 144 का उल्लघन,,जबकि शासनादेश 30जून तक एरियर भुगतान पर है रोक

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। नगर पंचायत मुसाफिरखाना के सफाई कर्मी व कर्मचारी बिभिन्न मांगो को लेकर चैयरमैन के खिलाफ हुए लामबंद,कार्यालय गेट के धरने पर बैठे,लगे लाक डाउन में किया धारा 144 का उल्लंघन।कार्यालय में मौजूद ईओ रेणुका एस कुमार सारा नजारा देखती रही,और उनकी मौजूदगी में कर्मचारी व सफाईकर्मी चैयरमैन मुर्दाबाद व ईओ जिंदाबाद के नारा लगाते रहे।धरने पर बैठे कर्मियो ने ईओ को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।जिसमे आउट सोशिंग के कर्मचारियो के बीमा,पीएफ कटौती,संविदा कर्मचारियों के पीएफ कटौती,मृतक केशकुमारी की पत्रावली निस्तारण होने के बाद भी भुगतान न मिलना आदि मांगो को लेकर इस महामारी के मौके पर लाकड़ाउन के धारा 144 के उल्लंघन करते हुए सभासद एकता मंच व ईओ ने चैयरमैन के खिलाफ लामबंद हुए,और कर्मियो की हौसलाफजाई की नगर कार्यालय पर ऐसा दृश्य देखा गया।ईओ धरने पर बैठे कर्मचारियो को न समझाने के बजाय कार्यालय में बैठ पत्रकारों से रूबरू हो रही थी।वही धरने में सभासद व सभासद के पति शामिल रहे,और धारा 144 का उल्लंघन करते रहे।जबकि अपर मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त उत्तर प्रदेश संजीव मित्तल द्वारा देश में कोरोना वायरस के चलते लगे लाक डाउन को देखते हुए 11 अप्रैल को ही आदेशित कर शासनादेश जारी कर दिया गया था कि किसी भी प्रकार के एरियर का भुगतान 30 जून 2020 के बाद ही किया जायेगा।परन्तु ईओ महोदया को इस शाषनादेश की जानकारी नही है,या जान बूझकर कर्मियो को धरने पर बैठा रही है।

  • कुशीनगर में सुहेल के अब्बू को काम नही मिलने पर परिवार को भोजन चलाने के लिए खीरा बेचने पर मजबुर है मासूम

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    पडरौना,कुशीनगर: एक पेड़ के नीछे छांव में रुका हुआ था कि एक छोटा सा मासुम बच्चा दिखा  मुझे! बुलाकर नाम पूछा तो बताया कि सुहेल नाम है,खीरा बेच रहा हूँ गली चौराहे पर घूम कर, मेरे बाप यानी अब्बू को मजदुरी नही मिल रहा हैं,वैसे तो  लाक डाउन के पहले मेरे अब्बू लोगो के कपड़ा सील कर करके परिवार में भोजन चलाते थे,लेकिन लाक डाउन होने की वजह से पिछले 25 दिनों से पैसे पैसे के मोहताज हो गए,फिर सुहेल ने कहा कि मैं बच्चा हूँ,इस लाक डाउन में शायद पुलिस मुझे नही मारेगी और मारेगी तो भी क्या हुआ दो पैसे तो मिलेंगे,और अब्बू से बोल कर साइकिल पर एक टोकरी में खीरा बेचने निकला गया हु ! मैं चुप चाप उसकी बात सुनता रहा था,लेकिन कुछ बोलने को नही था मेरे पास,10 की नोट निकालकर उसे देने लगा तो वो लेने से इनकार कर दिया बोला कि 5 के एक खीरे हैं,तभी हम दो वहां साथी मौजूद उस से खीरा लिया और उसने पैसा लेकर दुसरे गांव के चौराहे की ओर चला गया,हालांकि काफी देर से बैठे हम दोनों साथी उसी के बारे में सोच रहे थे,कि इतनी छोटी सी उम्र में पूरे परिवार का बोझ उठा रहे मासुमियत पर गांव प्रधान,कोटेदार के अलावा जिला प्रशासन ध्यान क्यों नहीं दे रही है।
    बेशक : यह बता दे कि कुशीनगर जिले के पडरौना विकास खंड के कटकुइयां गांव निवासी सुहेल मात्र ग्यारह वर्ष के उर्म के पिता यानी अब्बू कि हालत कोरोना महामारी के बचाव के बीच लागु किए गए लाक डाउन के वजह से मज़दूरी नहीं नही मिल पा रहा है,जबकि उस परिवार में जहां कमाने वाले जिम्मेदार को काम न मिलने पर जिंदगी जैसे तैसे जीने को मजबूर हैं,वही ग्यारह वर्षीय मासूम सुहेल खीरा बेचकर अपने परिवार की जिंदगी संभाल रखा हुआ हैं l

  • कुशीनगर के नेबुआ में जमातियों को शरण देने वाली महिला की हार्ट अटैक से हुई थी मौत

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    पडरौना,कुशीनगर : जिले के नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के पटेहरा बुजुर्ग गांव की शकीरुन्निशा की मौत हार्ट अटैक व शुगर से हुई थी। वह कोरोना संक्रमण से दूर थी। महिला के घर में ही असोम के जमातियों को शरण दी गयी थी। शुक्रवार को इस महिला की मौत के बाद एहतियातन डीएम ने पोस्टमार्टम कराने  के निर्देश दिए थे ताकि मौत की असल वजह सामने आ सके। इसके अलावा शुक्रवार को भेजे गए पांच अन्य कोरोना संदिग्धों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
    पटेहरा बुजुर्ग की 55 वर्षीय शकीरुन्निशा की शुक्रवार को मौत हो गयी थी। इसके घर से बीते 6 अप्रैल को असोम के तीन जमातियों को पकडा़ गया था। जमातियों की कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आयी थी। इस मामले में असोम के जमातियों समेत शरणदाता के रूप में शकीरुन्निशा व उसके पति पर भी केस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को महिला की मौत की सूचना आने पर हड़कंप मच गया था। स्वास्थ्य विभाग व नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
    सीएमओ डॉ. नरेन्द्र गुप्ता ने बताया कि महिला की मौत हार्ट अटैक व शुगर से हुई थी। सभी अन्य संदिग्धों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आयी है। अन्य पांच लोग ऐसे थे, जिनमें कोरोना संदिग्ध लक्षण मिले थे। इन सभी की सैंपलिंग कराकर जांच के लिए भेजा गया था। सभी की रिपोर्ट शनिवार को मिली।

  • पुलिस के सामने सन्तों की नृशंस हत्या होना जाना वो भी बेहद निंदनीय-राजेश पाण्डेय

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    पडरौना,कुशीनगर : महाराष्ट्र के पालघर में दो सन्तों पर हुए हिंसक हमले में उनकी नृशंस हत्या पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के कुशीनगर जिलाध्यक्ष राजेश पाण्डेय ने दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पालघर में दो सन्तों की हुई नृशंस हत्या के कारण पूरा अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा. परिवार आहत है। यह हमला सिर्फ दो संतों पर नहीं बल्कि यह संपूर्ण हिंदुत्व व सनातन धर्म पर किया गया हमला है। इस हमले ने हमारे हृदय को अंदर से झकझोर के रख दिया।

     

    श्री पाण्डेय ने कहा कि एक तरफ जहां इस महामारी में पूरा सन्त समाज इकट्ठा होकर समूचे राष्ट्र के साथ तन मन धन से खड़ा है तो वहीं दुसरी तरफ प्रशासनिक अमले के सामने सन्तों की नृशंस हत्या हत्या हो जाना वो भी बेहद निंदनीय और शर्मनाक घटना को दर्शाता है। श्री पाण्डेय ने अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) की तरफ से केंद्र सरकार तथा महाराष्ट्र सरकार से दोषियों पर  अतिशीघ्र इस घटना पर कठोर से कठोर कार्यवाही कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि सन्तों की हत्या करने वालों के साथ ही साथ उन पुलिसकर्मियों पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए जो उस हृदयविदारक घटना के समय मौके पर मौजूद थे लेकिन उन्होंने उन निर्दोष सन्तों को बचाने की कोई कोशिश नहीं की,और नहीं तो उन सन्तों को भीड़ में अत्याचारियों की तरफ धकेल कर उन्हें काल के गाल में भेज दिया। महाराष्ट्र में हुए इस जघन्य हत्याकांड से समस्त सन्त समाज मर्माहत है।

  • सीमावर्ती जनपदों में कोरोना वायरस व्यक्तियों की संख्या पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जनपद अमेठी की सभी सीमाओं/बार्डरों को किया पूर्णतया सील

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी । जिलाधिकारी अरुण कुमार ने जनपद अमेठी के सीमावर्ती जनपदों प्रतापगढ़, सुल्तानपुर एवं रायबरेली में कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की संख्या मिलने पर जनपद की सभी सीमाओं/बार्डरों को पूर्णतया सील करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया है कि आवश्यक सेवाओं यथा (चिकित्सा वाहन, आवश्यक वस्तु व खाद्य सामग्री, कृषि संबंधी, कोरियर व ई-कॉमर्स, तेल एवं प्राकृतिक गैस, मालवाहक, मीडिया, सुरक्षा सेवा संबंधी) को छोड़कर शेष वाहनों को इन सीमावर्ती जनपदों में आने जाने हेतु जिलाधिकारी की विशेष अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही प्रवेश कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि जनपद में कार्यरत समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को मुख्यालय पर रहकर शासकीय कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। जनपद के बॉर्डर पर लगे मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों को अधिकृत इसके लिए किया गया है कि वह बॉर्डर पर आने आने वाले समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों के आवागमन को पूर्ण रूप से रोक देंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए दिए हैं साथ ही शिकायत मिलने पर कड़ी कार्यवाही प्रस्तावित करने के भी निर्देश दिए हैं।

  • आगरा में फूटा कोरोना बम, 24 घंटे में 40 नये पॉजिटिव केस, UP में अब तक 1294 पॉजिटिव मरीज

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    आगरा। यूपी के आगरा में फिर से कोरोना बम फूटा है। आगरा तक यूपी का कोरोना कैपिटल बनता जा रहा है। मंगलवार की सुबह आई रिपोर्ट में 28 संक्रमित मिले। पिछले 24 घंटों में 40 केस मिल चुके हैं। बीते छह दिनों में 128 संक्रमित केस मिले। सबसे ज्यादा निजी अस्पतालों में लगभग 125 केस हैं। संक्रमितों की कुल संख्या 295 पहुंच चुकी है। अब तक छह लोगों की मौत और 26 कोरोना संक्रमित स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

    ताजनगरी में प्रदेश में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। पहले विदेशी संपर्क, जमातियों ने संख्या बढ़ाई और अब स्वास्थ्यकर्मी इस आंकड़े को बढ़ा रहे हैं। मंगलवार को मिली रिपोर्ट में संक्रमित लोगों के संपर्क वाले 14 केस मिले हैं। जबकि एसआर हॉस्पिटल के छह लोगों का स्टॉफ संक्रमित निकला। तीन जमाती और इतने ही स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके अलावा दो अन्य लोग भी संक्रमित मिले।

    ये आंकड़ा किस तेजी के साथ बढ़ रहा है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 24 घंटों में 40 कोरोना संक्रमित केस मिले। स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या सवा सौ से पार हो चुकी है। वहीं जमाती और उनके संपर्क वाले भी लगभग सौ के आसपास पहुंच चुके हैं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि जिन इलाकों में पॉजिटिव केस मिल रहे हैं, उन्हें हॉटस्पॉट घोषित किया जा रहा है। अभी तक शहर में 86 हॉटस्पॉट घोषित किए जा चुके हैं।

    कोरोना संक्रमितों में दूध और सब्जी वाले क्या मिले कि दूध और सब्जी की भी किल्लत शुरू हो गई। एक तरफ दो दिन से बंद सब्जी मंडी सोमवार को खुली भी तो कम लोग पहुंचे। कुछ लोगों पर पास नहीं थे तो उन्हें मंडी में प्रवेश नहीं दिया गया। कुछ दूध वालों को कॉलोनी में जाने पर पुलिस कार्रवाई का शिकार होना पड़ा।

    उत्तर प्रदेश में अब तक 1294 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इसमें 140 लोग स्वस्थ होकर घर चले गए। इस समय 1134 एक्टिव केस हैं। मंगलवार को प्रदेश भर में 110 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि 1294 कोरोना पॉजिटिव मामले 53 ज़िलों में पाए गए हैं। नौ जिले ऐसे हैं, जिनमें एक्टिव केस शून्य हैं। 44 ज़िलों में ही एक्टिव केस निकल रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1748 सर्विलांस टीम काम कर रही हैं। 1242 बेडों पर आइसोलेशन मरीज हैं। 10 हजार 800 लोग क्वारंटीन फैसिलिटी में हैं। प्रमुख सचिव ने यह भी बताया कि प्रदेश में पूल टेस्टिंग का काम चल रहा है।

  • UP के इन जिलों में आज रात तक कई जिलों में तेज बारिश की आशंका

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मौसम का मिजाज अचानक अलग-अलग इलाकों में बदलता दिख रहा है। पिछले दिनों कई जिलों में अंधड़ (Storm) और बारिश (Rainfall) हुई। मौसम विभाग (Met Department) के अनुसार ये सिलसिला अगले 1 हफ्ते तक जारी रह सकता है। ताजा अनुमान के मुताबिक अगले कुछ घंटों में प्रदेश के लगभग दर्जन भर जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ जाएगा. इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही इन जिलों में गरज चमक के साथ बारिश की भी संभावना जताई गई है।

    जिन जिलों में मौसम का मिजाज आज (सोमवार) शाम से रात तक बिगड़ सकता है, उनमें बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, बलरामपुर, अयोध्या, गोंडा, अंबेडकरनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, आजमगढ़ शामिल हैं।

    पूर्वांचल में बिगड़ेगा मौसम

    मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि कल यानी मंगलवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन अगले दिन बुधवार को पूर्वाचल के जिलों में मौसम फिर से खराब हो जाएगा. इस दौरान वाराणसी, गोरखपुर, गाजीपुर, बलिया, मऊ जिलों में आंधी-पानी की संभावना है. मौसम के बदले रुख का असर अगले 1 हफ्ते तक जारी रह सकता है।

    बता दें इन दिनों रबी फसलों की कटाई का सीजन है। ज्यादातर जिलों में या तो गेहूं की कटाई चल रही है या कटाई हो चुकी है और अनाज खलिहान में पड़ा है। इसके अलावा चना, मटर, उड़द, मसूर इन दलहनी फसलों की भी कटाई का सीजन चल रहा है । ऐसे में बारिश होने से किसानों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पिछले दो-तीन दिनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई बारिश से गेहूं के फसल के भीग जाने की खबरें आई थी। अब पूर्वांचल के जिलों के किसानों पर इसका संकट छा गया है। वहीं दूसरी तरफ आम की फसल को भी आंधी से काफी नुकसान की आशंका है। पेड़ों पर आम के लगे फल बेहद छोटे हैं. ऐसे में आंधी और बारिश से उनके झड़ने का हमेशा खतरा बना रहता है।

  • मनरेगा योजना अंतर्गत जनपद में तालाबों की खुदाई एवं जल संरक्षण का कार्य प्रारंभ

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    प्रथम चरण में 95 तालाबों की खुदाई का कार्य प्रारंभ।

    जिलाधिकारी ने तहसील अमेठी स्थित पश्चिम दुवारा ग्राम में तालाब खुदाई का किया निरीक्षण।

    सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए तालाबों की खुदाई का कार्य प्रारंभ।

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। मनरेगा योजना के अंतर्गत जनपद में तालाब की खुदाई एवं जल संरक्षण का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अरुण कुमार ने तहसील अमेठी स्थित पश्चिम दुवारा ग्राम में तालाब खुदाई के कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि जनपद अमेठी में ऐसे लगभग 2100 स्थलों को चिन्हित किया गया है जो मौके पर समतल हैं परन्तु राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज हैं, ऐसे सभी तालाबों को मनरेगा योजना के अंतर्गत खुदवाया जाएगा। आज प्रथम चरण में 95 तालाबों में खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। सभी जगह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खुदाई की जा रही है तथा सभी जगह मास्क, सैनिटाइजर, साबुन इत्यादि उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक तालाब को खुदवा कर आदर्श तालाब के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें तालाब के चारों ओर वृक्षारोपण तथा बैठने के लिए बेंच, इनलेट/आउटलेट आदि सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। तालाब खुदने से न केवल रोजगार सृजन होगा बल्कि सरकारी भूमि भी सुरक्षित रहेगी और ग्रामवासी व पशुओं के लिए साल भर पानी भी उपलब्ध रहेगा।

  • VIDEO : लॉकडाउन में लखनऊ की सड़कों पर रईसजादियों का हाई वोल्टेज ड्रामा, पुलिस ने काटा चालान

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    लखनऊ। कोरोना वायरस संक्रमण के संकट से देशभर जूझ रहा है। इस वायरस की रोकथाम के लिए देशव्यापी लॉकडाउन घोषित है, लोगों के घरों से बाहर निकलने और घूमने पर बिल्कुल पाबंदी है । इस बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रईसजादियों ने जमकर हंगामा काटा। गौतमपल्ली थाना क्षेत्र में लोहिया पथ पर रईसजादियां फर्राटा भर रही थीं, तभी पुलिस ने रोका, तो जमकर हंगामा किया।इतना ही नहीं लड़कियों ने पुलिसकर्मियों के साथ काफी देर तक बहसबाजी की और फिर गाड़ी से उतरकर सड़क पर बैठ गईं ।

    हद तो तब हो गई जब पुलिसकर्मियों ने रईसजादियों से गाड़ी के कागजात मांगे। गुस्से में आकर कार चला रही लड़की ने गाड़ी के कागज़ सड़क पर फेंक दिया और कहा कि कर लो कागज चेक। फिर गाड़ी से नीचे उतरकर काफी देर तक हंगामा करती रही। एक लड़की रोते-रोते बीच सड़क पर जाकर बैठ गई। हालांकि पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से गाड़ी में बैठने को कहा, तब जाकर वह गाड़ी में बैठी।

    पुलिस का कहना है कि एक बैरियर पर पुलिस ने रोका था, लेकिन बिना रुके फरार हो गई, जिसके बाद फोन पर सूचना के बाद अगले नाके पर लोहिया पथ पर पुलिस ने रोक लिया। फिलहाल कार में सवार लड़कियों के हंगामे के बाद पुलिस ने ट्रैफिक रूल उल्लंघन के नियमों के तहत गाड़ी का चालान किया और लड़कियों को जाने दिया।