Category: uttar-pradesh
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तो कुशीनगर में क्वारंटीन सेंटर पर दलित महिला प्रधान केे हाथों पका खाना खाने से कर दिया था इनकार,सांसद ने दलित प्रधान के घर किया भोजन
[object Promise]उपेंद्र कुशवाहापडरौना,कुशीनगर : जिले के खड्डा क्षेत्र के भुजौली खुर्द की दलित महिला प्रधान के घर पहुंच कर सांसद विजय कुमार दुबे ने शनिवार को भोजन किया। इसके बाद क्वारंटीन सेंटर पहुंचे औँर क्वारंटीन किए गए लोगों को समझाया कि आज के दौर में छुआछूत की बात भी करना अपराध है। ऐसे में वह लोग दलित प्रधान के हाथ बना खाने से इनकार नहीं कर सकते। इसका असर यह हुआ कि क्वारंटीन सेंटर पर सभी ने साथ खाना शुरू कर दिया।भुजौली खुर्द के प्राथमिक स्कूल पर बने क्वारंटीन सेंटर पर पांच लोग रखे गए हैं। गांव की दलित प्रधान लीलावती देवी ने अधिकारियों से शिकायत की थी कि क्वारंटीन सेंटर पर रखे गए दो लोगों ने सेंटर पर बना खाना खाने से यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि वह दलित के हाथ का बना है। एक अखबार ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया।इसका असर यह हुआ कि सुबह ही सांसद विजय कुमार दुबे आस पास के सात आठ सहयोगियों के साथ भुजौली खुर्द गांव में पहुंच गए। क्वारंटीन सेंटर पर पहुंचकर विस्तार से जानकारी ली। लोगों को समझाया और वहीं एलान किया कि इसी दलित प्रधान के हाथ का बना भोजन उनके घर जाकर करेंगे। इसके बाद उन्होंने दरवाजे पर जमीन पर बैठकर भोजन किया। भोजन करने के दौरान उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का भी ठीक से पालन कराया। बगल में दलित प्रधान के पति सुभाष गौतम को भी बैठाया था। -
प्रियंका ने मरीज से की बात गांधी परिवार की तरफ से हर संभव मदद का दिया भरोसा
अमेठी ।।कोरोना महामारी के बीच अमेठी मे एक बार फिर गांधी परिवार की सक्रियता बढती जा रही है कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज एक मरीज अविनाश सिंह से फोन फर बात की और संभव मदद का भरोसा दिया ।कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि गौरीगंज के अन्नी बैजल निवासी अविनाश सिंह ने शोसल मीडिया पर बीमार होने और कोरोना जाच की मांग की थी जिस पर प्रियंका गांधी के निर्देश पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने जिलाधिकारी से बात कर अविनाश का सैंफल कोरोना जाच के लिए भेजवाया।
अनिल सिंह ने बताया कि प्रियंका गांधी ने आज अविनाश सिंह से बात की हाल चाल पूछा और गांधी परिवार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया
बताते चले कि कोरोना महामारी के चलते लागू लाकडाउन से प्रभावित लोगो को राहत पहुचाने के लिए राहुल गांधी ने दो ट्रक अनाज,12 हजार सेनिटाइजर,20 हजार मास्क और साबून भेजा था 2019 के चुनाव मे स्मृति ईरानी के हाथो चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी एक बार और प्रियंका गांधी चार बार अमेठी का दौरा कर चुकी है।
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डोर टू डोर दूध की विक्री न होने से नगर में लाक डाउन का हो रहा उल्लंघन…
[object Promise]रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन
अमेठी। मुसाफ़िरखना नगर पंचायत में नगर वासियो को डोर टू डोर दूध की विक्री नही की जा रही है जिससे दूध लेने के लिए नगर वासियो को दुकानों पर जाने से पुलिस की लाठिया व गालिया खानी पड़ती हैं।नगर पंचायत अध्यक्ष व ईओ के मनमानी रवैये के चलते मजबूरन नगर वासियो को लाकड़ाउन का उल्लंघन करना पड़ता है।इस समस्या को देखते हुए नगर वासियो ने जिलाधिकारी से मांग की है कि नगर में डोर टू डोर विक्री कराने की मांग की है।
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UP : आधी रात को मोटर साइकिल पर लॉकडाउन में घूम रहे डीएम को सिपाही ने जमकर लगाई फटकार
[object Promise]रामपुर। भले ही जिले का पुलिस कप्तान क्यों न जिलाधिकारी (डीएम) को सैल्यूट ठोकता हो, उसी पुलिस महकमे के एक सिपाही ने को सर-एआम आड़े हाथ लेकर हड़का दिया। लॉकडाउन में आधी रात को मोटर साइकिल पर शहर में घूमते पकड़े गये डीएम की सिपाही ने तबियत से ली। सिपाही ने डीएम को लॉकडाउन की अहमियत खुलकर सुनाई समझाई। आधी रात लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्यवाही और सजा क्या क्या हो सकती है? बेखौफ सिपाही ने डीएम साहब को यह भी मन भर कर सुनाया। डीएम साहब का बड़प्पन यह रहा कि उन्होंने सिपाही द्वारा हड़काये जाने के बाद भी अपनी पहचान नहीं खोली। जैसा सिपाही ने समझाया उसके मुताबिक डीएम साहब ने अपनी मोटर साइकिल वापस की और मौके से चुपचाप चले गये।
यह बात है शुक्रवार को आधी रात के वक्त की। सिपाही से लॉकडाउन का चुपचाप सबक लेने वाले खुद थे रामपुर जिले के डीएम आञ्जनेय कुमार सिंह। वही जिलाधिकारी रामपुर, जिन्होंने कुछ महीने पहले ही यूपी के पूर्व दबंग मंत्री आजम खान को जेल में ठूंस दिया। कोरोना जैसी महामारी त्रासदी में भी कालाबाजारी से बाज न आने वाले जिले में रंगे हाथ पकड़े गये कई मुनाफाखोरों को गिरफ्तार कराके सलाखों में डाल दिया। वही रामपुर डीएम जो कोरोना की कमर तोड़कर रामपुर जिले की जनता को बचाने की लड़ाई में एड़ी चोटी का जोर लगाये हैं। वही डीएम रामपुर जो इस दुश्वार वक्त में भी जो ज्यादा से ज्यादा जनता के बीच रहने के लिए दिन-रात का फर्क भुलाये बैठे हैं।
यह सब सुनने में अटपटा लगना स्वाभाविक है। सच मगर यही है। सूत्रों के मुताबिक, जिलाधिकारी ने जिले की तमाम खुफिया सूचनाएं इकट्ठी करने के लिए खुद को तो समर्पित कर ही रखा है साथ ही उन्होंने अपने कुछ विश्वासपात्रों की टीम भी बना रखी है ताकि उन्हें जिले की तमाम महत्वपूर्ण सूचनाएं पाने के लिए सिर्फ और सिर्फ पुलिस के ऊपर ही निर्भर न रहना पड़े। यही वजह थी कि, रात में लॉकडाउन की हकीकत परखने के तेज-तर्रार इस आईएएस ने किसी और को भेजने के बजाये खुद ही ड्यूटी बजाने की सोची। लॉकडाउन का सच जांचने के लिए परिवार वालों को बताकर जिलाधिकारी आधी रात के वक्त अपने एक कर्मचारी की मोटर साइकिल लेकर खुद ही डीएम आवास से (बंगले) से निकल पड़े। नाइट पेट्रोलिंग में कोई पुलिसकर्मी पहचाने न साथ ही कानून का भी उल्लघंन भी न हो, इसके लिए उन्होंने बाकायदा हेटलमेट लगा लिया। परिजनों के अलावा किसी कर्मचारी को नहीं बताया कि कहां जा रहे हैं। यहां तक कि बंगले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी उनके गेट के बाहर निकलते वक्त नहीं पहचान पाये कि मोटर साइकिल पर डीएम साहब ही निकले हैं बाहर।
मोटर साइकिल पर सवार होकर जिलाधिकारी रामपुर शहर के ज्वाला नगर, अजितपुर, कोसी नदी पुल, मिस्टन गंज, शाहबाद गेट आदि इलाके घूमते रहे। अपने ही शहर में आधी रात के वक्त लॉकडाउन में जिलाधिकारी मोटर साइकिल से दो घंटे तक घूमते रहे। इस दौरान डीएम को महज दो चेकिंग प्वाइंट पर ही रोका गया। शहर में रात के वक्त किस तरह खुलेआम लॉकडाउन की कुछ जगहों पर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं? यह आंख से देखने और जानने के बाद भी डीएम ने रात में किसी को नहीं टोका। सिर्फ प्वाइंट्स के नाम दिमाग में फीड कर लिये। शनिवार दोपहर बाद IANS से फोन पर विशेष बातचीत के दौरान रामपुर डीएम आञ्जनेय कुमार सिंह ने एक सवाल के जबाब में कहा, दरअसल जहां नाइट पेट्रोलिंग में वीक प्वाइंट्स मिले, उन प्वाइंट्स पर मौजूद कर्मचारियों या सेक्टर मजिस्ट्रेट्स को मैंने जानबूझ कर उस वक्त नहीं पकड़ा। अगर किसी को टोकता तो मेरे रात में मोटर साइकिल से शहर में घूमने का मकसद ही खत्म हो जाता। हां, सुबह मैंने उन प्वांइट्स के स्टाफ को बुलाकर आगे से अलर्ट रहने की चेतावनी दी।
आधी रात को मोटर साइकिल पर लॉकडाउन में घूम रहे डीएम को सिपाही द्वारा हड़काया या पकड़ा जाना आपको नागवार नहीं गुजरा? पूछे जाने पर जिलाधिकारी सिंह ने कहा, नहीं बिलकुल नहीं। असली और सच्चा तो सही मायने में सिपाही ही सरकारी मुलाजिम निकला। जिसने एलआईसी चौराहे पर मुझे रोक लिया। बाकायदा उसने मुझे लॉकडाउन की अहमियत समझाई। साथ ही आईंदा लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने को भी कहा। रामपुर डीएम ने आईएएनएस से कहा, सुबह मैंने सबसे पहले उसी मोहित सिपाही को कलेक्ट्रेट में बुलवाया जिसने मुझे रात में समझाया था कि लॉकडाउन की क्या अहमियत है। मैंने उसे शाबासी और प्रमाण पत्र दिया। ताकि जिले में तैनात अन्य सरकारी कर्मचारियों में भी ईमानदारी और मेहनत से काम करने का जज्बा पैदा हो सके।
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बिना मास्क लगाएं घर से निकला तो ‘डॉक्टर’ को बीच सड़क बनाया मुर्गा !
[object Promise]सहारनपुर। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच सहारनपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हाे रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति काे बीच सड़क मुर्गा बनाया गया है। यह व्यक्ति दवा बाजार में दवाई लेने पहुंचा था और खुद काे डॉक्टर बता रहा था।
इस पर एडीएम ने इस व्यक्ति काे बीच सड़क पर ही मुर्गा बनने काे कहा। दरअसल कोरोना संक्रमण के खतरे काे देखते हुए अब मास्क पहनना आवश्यक कर दिया गया है। जो लोग बिना मास्क पहने घरों से निकल रहे हैं पुलिस अब उन पर कार्यवाही कर रही है। सहारनपुर में भी एक कथित डॉक्टर जब बिना मास्क लगाएं घर से निकला तो प्रशासनिक अफसरों ने उसे बीच सड़क पर ही मुर्गा बना दिया।
अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एडीएम वित्त विनोद कुमार और एडीएम प्रशासन एसबी सिंह शहर में निरीक्षण पर निकले थे। इस दौरान वह घंटाघर के पास सहारनपुर की होलसेल दवा मार्केट किशनपुरा में पहुंचे। यहां एक व्यक्ति अपने कंधे पर बैग टांगकर इधर-उधर घूम रहा था जब उसे राेका गया ताे इसने खुद काे डॉक्टर बताते हुए कहा कि डॉक्टर हीं भी घूम सकते हैं।
इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि, जब अब डॉक्टर हैं ताे मास्क क्याें नहीं लगाया। इस सवाल का काेई जवाब यह व्यक्ति नहीं दे पाया। इस पर एडीएम समझ गए कि यह डॉक्टर नहीं है। इसके बाद इस युवक काे सड़क पर ही मुर्गा बनाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम को किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया और यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हाे गई। कोरोना महामारी के बीच इस वीडियो को खूब वाह-वाही मिल रही है। लोग अब यही कमेंट कर रहे हैं कि जो लोग गैर जिम्मेदारी का परिचय दे रहे हैं और बेवजह अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं उनके साथ ऐसा ही व्यवहार हाेना चाहिए
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एक युवक ने क्वारेंटाइन सेंटर में दलित के हाथों बना भोजन ठुकराया, BJP सांसद विजय दूबे ने खाया
[object Promise]कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए एक युवक ने दलित के हाथों बना खाना खाने से इनकार कर दिया। यह मामला खड्डा तहसील के भुजौली खुर्द गांव का है. इस क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों का खाना दलित महिला ग्राम प्रधान और उसका पति बना रहे थे।युवक को जब खाना दिया गया तो उसने यह कहकर खाने से इनकार कर दिया कि वह दलित के हाथों बना भोजन नहीं खा सकते हैं । इस घटना की सूचना बीजेपी सांसद विजय दुबे को मिली तो वे तत्काल क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचे और उन्होंने वहां खाना खाया। सांसद के अपने घर खाना खाने के बाद दलित परिवार ने खुशी जताई।
कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील के भुजौली खुर्द गांव के विद्यालय में क्वारेंटाईन सेंटर बना हुआ है। बाहर से लौटने वाले 5 लोगों को इस क्वारेंटाईन सेंटर में आईसोलेट किया गया है। इन्हीं 5 लोगों में भुजौली खुर्द गांव का ही निवासी सिराज भी आईसोलेट था। भुजौली खुर्द की महिला ग्राम प्रधान लीलावती और उनके पति सुभाष गौतम जब इनके लिए भोजन लेकर गए तो चार लोगों ने भोजन कर लिया लेकिन सिराज ने भोजन छुआछूत के आधार पर भोजन करने से मना कर दिया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व महिला ग्राम प्रधान के पति के मुताबिक सिराज ने यह कह कर खाने से इंकार कर दिया कि अनुसूचित का छुआ और उसके घर बना खाना नहीं खा सकता. सुभाष गौतम का कहना है कि यह सुनते ही हम दोनों पति- पत्नी रोने लगे । इतने अपमान के बाद भी हम दोनों लोग सिराज से भोजन करने के लिए निवेदन करते रहे, लेकिन उसने भोजन नहीं किया। सिराज अपने घर से भोजन मंगा कर खाता है।
इस पूरे प्रकरण की खबर लगने के बाद कुशीनगर के सांसद विजय दूबे आज हियुवा के पूर्व प्रभारी अजय गोविंद शिशु, भाजपा नेता निलेश मिश्र के साथ ग्राम प्रधान के घर पहुंच गए और भोजन करने की इच्छा जाहिर कर दी। सांसद की बात सूनकर प्रधान पति सुभाष गौतम खुश हो उठे। सिराज द्वारा किए गए सारे अपमान को सुभाष गौतम भूल गए।सांसद करीब एक घंटे अनुसूचित जाति की महिला ग्राम प्रधान के दरवाजे पर बैठे रहे और भोजन करने बाद वहां से गये। सांसद ने कहा कि छुआछूत मानवता पर कलंक है किसी को भी इसे नहीं मानना चाहिए। सांसद की इस पहल की चारो ओर प्रशंसा हो रही है।
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सभासद एकता मंच ने कर्मचारियो को फूलों की वारिश से व अंगवस्त्र ओढ़ाकर किया सम्मानित
[object Promise]रिपोर्ट:हर्ष यादव
मुसाफिरखाना/अमेठी। आज नगर पंचायत मुसाफिरखाना में समस्त कर्मचारी एवं सफाई कर्मियों को सभासद एकता मंच की तरफ से सभासदों ने अंग वस्त्र देकर तथा नगर के युवाओं ने भी एवं व्यापारियों ने भी पुष्प वर्षा कर कर्मचारियों को हौसला बुलंद कर सम्मानित किया गया तथा नगर के युवाओं ने अधिशासी अधिकारी रेणुका एस कुमार को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया बताते चलें कि देश में फैली कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी के चलते जहां पूरा देश लॉक डाउन है वहीं दूसरी तरफ नगर को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए सफाई कर्मियों ने 1 दिन की भी छुट्टी नहीं ली जो बधाई के पात्र हैं इसलिए सभासद एकता मंच का सहयोग लेकर कार्यक्रम के आयोजक उत्कर्ष गुप्ता ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया इस मौके पर सभासद हसन उल्ला , चंदन मोदनवाल , अभिषेक कसौधन केसरिया , राम कुमार उर्फ राजू संजीत कुमार , विवेक द्विवेदी विश्व प्रकाश जायसवाल l आयोजक – उत्कर्ष गुप्ता , नीरज खत्री अजय टंडन , आनंद माली सुशील मोदनवाल अंकित कसौधन , आदि युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
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लॉकडाउन के इक्कीसवें दिन भी सतत जारी है साझी रसोई ..गरीबो तक पहुच रहा है निवाला
[object Promise]रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन
समाज की मूल भावना(सर्व धर्म समभाव) को भी मजबूत करने की कोशिश कर रहे है कांग्रेस नेता वरुण मिश्रा
सुल्तानपुर। लॉकडाउन में जहा समूचा देश इस कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है वही कई समाजसेवी भी अपना जीवन खतरे में डाल कर कदम से कदम मिलाकर इस लड़ाई में एक योद्धा की भांति संघर्षरत है ऐसे ही एक समाजसेवी व कांगेस नेता वरुण मिश्र ने लॉकडाउन के पहले दिन से सतत साझी रसोई चला रहे है जिसमे प्रतिदिन लगभग पांच सौ लोगो को मिल रहा है निवाला,वही इस रसोई चलाने के साथ साथ समाज की मूल भावना सर्व धर्म समभाव की भी अनोखी मिशाल पेश कर रहे है युवा नेता,पयागीपुर स्थित अपने आवास पर सहयोगियों के साथ चला रहे है साझी रसोई,बिना किसी भेदभाव के सभी जरूरतमंद लोगों तक पहुचा रहे है भोजन,नगर पालिका क्षेत्र के महुअरिया,पयागीपुर,रेलवे स्टेशन आदि अन्य कई जगहों पर कर रहे है भोजन वितरण,लॉकडाउन के दूसरे चरण में भी अनवरत जारी रहेगी साझी रसोई की मुहिम,इस मुहिम में शकील अंसारी,अनुपम पांडेय, अर्जुन पंडित,मोहित तिवारी, विष्णुमणि त्रिपाठी, शिवकुमार यादव, गिरीश मिश्रा, मनोज पाठक, नीलेश मिश्र, गुंजन मिश्रा, राजीव मिश्र, मिथिलेश पाठक, अरुण पाठक, संदीप चतुर्वेदी, आलोक बरनवाल, अभिषेक मिश्र, आशुतोष मिश्र, अनुज पाठक, इसरार आदि कर रहे सहयोग।
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लूडो खेलते वक्त आई खांसी, दोस्त ने मार दी गोली
[object Promise]नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के ग्रेटर नोएडा इलाके में लूडो खेलने के दौरान एक व्यक्ति को खांसी आ गई तो कोरोना फैलाने की बात कहकर उसे गोली मार दी गई। मामला ग्रेटर नोएडा के जारचा के दयानगर का है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को रात करीब 9 बजे ग्राम दयानगर थाना जारचा के सैंथली मंदिर पर चार दोस्त जय, वीर उर्फ गुल्लू, प्रवेश और प्रशांत लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान लूडो खेल रहे प्रशांत को खांसी आ गई। तो वीर का लूडो खेल रहे प्रशांत उर्फ प्रवेश पुत्र करण सिंह ने कहा कि वह खांसकर कोरोना फैला रहा है। जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
गुल्लू ने गुस्से में आकर तमंचे से प्रशांत की जांघ में गोली मार दी, जिससे प्रशांत घायल हो गया। घायल प्रशांत को आनन-फानन में नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। मौके पर पहुंची जारचा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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कुशीनगर में अम्बेडकर जयंती कार्यक्रम में भाजपा सांसद ने कर डाला सोशल डिस्टेंसिंग ध्वस्त
[object Promise]पडरौना,कुशीनगर : जिले के सांसद विजय कुमार दुबे के अम्बेडकर जयंती कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिग ध्वस्त हो गई। यह तस्वीर मंगलवार की शाम को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। भाजपा से ही जुड़े कुछ लोगो ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर ही उन्हें घेरना शुरू कर दिया है।जिले के रामकोला कस्बे में सांसद ने अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी। यह कार्यक्रम रामकोला के बगल दलित बस्ती बलुआ में आयोजित थी। कार्यक्रम के दौरान जुटी भीड़ ने सोशल डिस्टेंसिग ध्वस्त कर दी। हालांकि सांसद ने लोगो को समझाया मगर भीड़ कम नही हुई तो वह खुद निकल गए।शाम को फोटो वायरल होने पर कुछ भाजपा के लोगो ने भी इस पर टिप्पणी की। कहा कि एक ही बार सोशल डिस्टेंसिंग का नियम नहीं टूटा, बल्कि तीन बार सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को दरकिनार किया गया।पार्टी के निर्देश पर दलित बस्ती के कार्यक्रम में गया था। भीड़ न जुटे इसलिए किसी को सूचना भी नही दी गई थी। कार्यक्रम खत्म होने को था तब तक गाव के कई लोग जुट गए। मैन समझाया कि सोशल डिस्टेंसिग जरूरी है। भीड़ बढ़ने लगी तो मैं खुद निकल आया।( विजय कुमार दुबे,सांसद कुशीनगर )