Category: uttar-pradesh

  • CM YOGI ने UP में बनी मंत्रियों की टीम-11 मैदान में उतारी, जानें-क्या है एक्शन प्लान

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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना वायरस के खिलाफ युद्धस्तर पर मोर्जा संभाले हुए हैं । कोरोना से जंग में अधिकारियों को उतारने के बाद अब योगी ने मंत्रियों की टीम मैदान में उतारी है। यह टीम 15 अप्रैल के बाद की योजनाओं पर कार्य करेंगी। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया है कि 15 अप्रैल के बाद सभी मंत्री अपने कार्यालय में बैठेंगे लेकिन जनता दर्शन कार्यक्रम स्थगित रहेगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने सरकार के कामकाज को पटरी पर लाने के लिए मंत्रियों को दोबारा दफ्तरों में बैठने का निर्देश दिया है। हालांकि उन्होंने इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग को भी बनाए रखने के उपाय करने को कहा। इस नजरिए से ही उन्होंने मंत्रियों को अपने स्टाफ को रोटेशनल के आधार पर शिफ्ट में बुलाने का सुझाव दिया जिससे मंत्रियों के दफ्तर में भीड़ न हो और सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जा सके. जिन मंत्रियों की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है उनका विवरण इस प्रकार है।

    टीम-1: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में निर्माण कमेटी काम करेगी। कमेटी एक्सप्रेसवे, हाईवे और लोक निर्माण विभाग के बड़े कार्यों पर फोकस करेगी।

    टीम-2: उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में शिक्षा कमेटी काम करेगी। वह शिक्षा व ऑनलाइन पाठ्यक्रम की गतिविधि को आगे बढ़ाने की कार्ययोजना बनाएगी।

    टीम-3: वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की अध्यक्षता वाली कमेटी राजस्व की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। कमेटी औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाने का सुझाव भी देगी। सतीश महाना व सिद्धार्थनाथ सिंह इसके अन्य सदस्य हैं।

    टीम-4: किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही की अध्यक्षता में कमेटी है। गेहूं और अन्य रबी फसलों की कटाई ठव सरकारी खरीद पर कमेटी फोकस करेगी।

    टीम-5: कोरोना की रोकथाम और इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं को आगे बढ़ाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।

    टीम-6: श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में गठित कमेटी श्रमिकों के हितों के संबंध में संस्तुतियां करेगी।

    टीम-7: समाज कल्याण की छात्रवृत्ति और पेंशन योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।

    टीम-8: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और सैनिटाइजेशन का काम ग्राम्य विकास मंत्री मोती सिंह के नेतृत्व वाली समिति देखेगी।

    टीम-9: शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता और सैनिटाइजेशन का जिम्मा नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन की अध्यक्षता में कमेटी संभालेगी।

    टीम-10: डॉ. महेंद्र सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी पेयजल की उपलब्धता तय करेगी. बुंदेलखंड-विंध्य क्षेत्र पर फोकस होगा।

    टीम-11: अनिल राजभर की अध्यक्षता वाली समिति दिव्यांगजनों के हितों की रक्षा और उनकी मदद करेगी।

  • मां के हाथों 5 मासूम बच्चों की दिल दहला देने वाली मौत, देखें पूरी खबर  

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    लखनऊ/भदोई। यूपी के भदोही जनपद में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक मां अपने पांच बच्चों के साथ गंगा में कूद गई। जिसमें मां तैरकर बाहर निकल आई लेकिन सभी बच्चे डूब गए।

    भदोही जिले में गंगा घाट पर रविवार सुबह एक महिला ने परिवार समेत आत्महत्या की नीयत से पांच बच्चों को लेकर गंगा में छलांग लगा दी। महिला खुद तैरकर बाहर आ गई, लेकिन पांचों बच्चे डूब गए। इनमें तीन बच्चियां और दो बेटे हैं।

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    मां के हाथों 5 मासूम बच्चों की दिल दहला देने वाली मौत, देखें पूरी खबर

    ग्रामीणों के पूछने पर महिला ने कहा कि मैंने बच्चों को डुबो दिया। गोपीगंज थानाक्षेत्र के जहांगीराबाद गांव निवासी मृदुल यादव उर्फ मुन्ना की पत्नी मंजू यादव(36) देर रात अपने पांच बच्चों शिव शंकर(6) केशव प्रसाद(3), आरती(11), सरस्वती(7) और मातेश्वरी(5) को लेकर जहांगीराबाद घाट पहुंची। उसने सभी बच्चों के साथ गंगा में छलांग लगा दी।

    घाट किनारे बैठी महिला पर सुबह जब ग्रामीणों की निगाह पड़ी तो पूछे जाने पर उसने बताया कि मैंने अपने पांचों बच्चों को गंगा में डुबो दिया। बच्चों के पिता मृदुल यादव की मानें तो वह बीती रात किसी रिश्तेदार को लेकर झारखंड गए थे।

    सूचना मिलने के बाद आनन-फानन में वह मौके पर पहुंचा। उसने बताया कि पत्नी मानसिक रूप से स्वस्थ भी है और समझ में नहीं आ रहा कि उसने ऐसा कदम कैसे उठाया। वहीं बच्चों की मां ने आरोप लगाया कि पति से किसी बात को लेकर लड़ाई झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसने ऐसा निर्णय लिया।

    खबर लिखे जाने तक डूबे बच्चों की तलाश में गोताखोर और पुलिस को आरती(11), सरस्वती(7) की ही लाश मिली है। और बच्चों की लाशों की तलाश जारी है। सूचना मिलने के बाद कोतवाल कृष्णानंद राय समेत बड़ी संख्या में पुलिस के लोग घटनास्थल पर मौजूद हैं।

  • Accident : कुशीनगर में ट्रैक्टर चालक की दरवाजे पर ही ट्रैक्टर से दबकर हो गई मौत

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के विशुनपुरा निवासी ट्रैक्टर चालक की दरवाजे पर ही ट्रैक्टर से दबकर मौत हो गई। थाना क्षेत्र के विशुनपुरा निवासी गौरीशंकर गुप्ता (52) दरवाजे पर खड़े ट्रैक्टर को चाबी की जगह पेचकस लगाकर स्टार्ट कर रहा था।

    गाड़ी गियर में होने के चलते चालू होते ही यकायक झटका लगने से वह ट्रैक्टर से गिर कर पहिए के नीचे आकर दब गया। आसपास के लोग दौड़ कर पास पहुंचे तो उसकी मौके पर मौत हो चुकी थी।

  • बच्चा कोरोनवायरस के प्रकोप के दौरान हुआ पैदा, नाम रख दिया ‘सैनेटाइजर’

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    सहारनपुर । उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में नवजात बच्चे को उसके माता-पिता ने सैनेटाइजर नाम दिया है। उन्होंने बताया कि यह सैनेटाइजर कोरोनो वायरस के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार है। ट्विटर पर शेयर किए गए एक वीडियो में, नवजात बच्चे के पिता ने मीडिया से कहा, “सैनेटाइजर हमें कोरोनोवायरस से खिलाफ लड़ने में मदद करता है और मेरा बच्चा लॉकडाउन के दौरान पैदा हुआ है। ये नाम हमे याद दिलाता है कि देश में कोरोना वायरस के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों में हमारी भागीदारी और कोरोना से हम कैसे बच सकते है।”

    रविवार को हुआ बच्चे का जन्म
    बच्चे का जन्म रविवार को सहारनपुर जिले के एक निजी अस्पताल में हुआ था। इस कपल की दो बेटियां भी हैं। कपल की मानें तो बच्चे के जन्म से पहले ही उन्होंने इसके आधिकारिक नाम सैनेटाइजर को रजिस्टर्ड कराने का सोच लिया था। बच्चे का नाम आधिकारिक दस्तावेजों में सैनेटाइजर ही रजिस्टर्ड कराया जाएगा।

    कोरोना के खिलाफ पीएम मोदी और सीएम योगी के कार्यों से प्रभावित है यह कपल
    बच्चे के पिता, ओमवीर ने “मेरी पत्नी और मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों द्वारा किए गए प्रभावी उपायों से बहुत प्रभावित हुए हैं।

    अलग-अलग राज्यों में लॉकडाउन के दौरान बच्चों के रखे गए अनोखे नाम
    कोरोनवायरस के प्रकोप के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के बीच देश के अलग- अलग राज्यों में तमाम माता-पिता ने अपने नवजात बच्चों के अनोखे नाम की खबरें सामने आ चुकी हैं। के नामकरण के अलग- अलग मामले सामने आए हैं। 8 अप्रैल को दो जोड़ों के लिए पैदा हुए दो नवजात शिशुओं का नाम आंध्र प्रदेश में कोरोना कुमार और कोरोना कुमारी था। वहीं 7 अप्रैल को मध्य प्रदेश के एक और कपल ने अपने बेटे का नाम लॉकडाउन रखा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य में एक कपल ने अपने नवजात जुड़वां बच्चों के नाम कोविड और कोरोना रखने की खबर सामने आई थी जिसने मीडिया में काफी चर्चा थी।

  • Lockdown In Lucknow : राजधानी लखनऊ में आज से लॉकडाउन की नई व्यवस्था लागू रहेगी

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    लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार से लॉकडाउन की नई व्यवस्था लागू रहेगी। इसके तहत प्रशासन ने कुछ निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना नगर में रहने वाले हर नागरिक के लिए जरूरी होगा। शहर के कोरोना हॉटस्पॉट घोषित किए गए इलाकों को छोड़कर अन्य स्थानों के लोगों के लिए जिला प्रशासन ने अहम निर्देश जारी किए हैं।

    इसके तहत आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई करने वाली गाड़ियों को छोड़कर अन्य सभी गाड़ियों का प्रवेश सुबह साढ़े 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलवा शहर में चारपहिया वाहनों, दो पहिया वाहनों समेत सभी प्रकार के वाहनों के परिचालन पर भी पूर्णतया रोक रहेगी। इसमें डॉक्टरो की टीम, पुलिसकर्मियों, जिला प्रशासन के कर्मचारियों और विद्युत विभाग के कर्मचारियों को छूट रहेगी।

    शासन द्वारा अनुमति प्राप्त डिलिवरी बॉयज को आवश्यक वस्तुओं की डिलिवरी की अनुमति रहेगी। जिन लोगों को पास निर्गत किया गया है, वे भी सुबह साढ़े 9 बजे तक हर हाल में अपने गंतव्य तक जा सकते हैं। साथ ही उन्हें शाम 6 बजे किसी भी सूरत में अपने घर वापस आ जाने के निर्देश भी प्रशासन की ओर से दिए गए हैं। प्रशासन ने अपने आदेश में साफ निर्देश दिया है कि जो लोग निर्धारित काम के लिए निर्गत पास के साथ अन्य गतिविधियों में संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

     

    प्रशासन ने यह नियम उन लोगों को ध्यान में रखकर तय किया है जो पास लेकर दिन भर अनावश्यक कामों के लिए सड़क पर घूमते दिखाई दिए। हालांकि, इन सबके साथ अपने निर्देश में प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शहर के जिन 12 इलाकों को कोरोना हॉटस्पॉट घोषित किया गया है, वहां ये नियम लागू नहीं होंगे। ऐसे स्थानों पर पूर्ण बंदी लागू रहेगी। वहीं, मीडिया बंधुओं, कम्युनिटी किचन से जुड़े हुए अधिकारियों, कार्मिकों, लॉकडाउन में कार्य कर रहे स्वयंसेवी संगठनों के लिए पूर्ववत व्यवस्था लागू रहेगी।

  • इंटरनेट के माध्यम से अध्ययन कराने का लिया संकल्प

    लखीमपुर खीरी – कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते विज्ञान संचार तकनीकी द्वारा आज हम घर बैठकर इंटरनेट के माध्यम से अध्ययन कराने का संकल्प लखीमपुर जनपद के कई विद्यालयों ने उठाया है इनमें से कृषक समाज इंटर कॉलेज गोला , रानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज सहाबुद्दीनपुर के छात्रों ऑनलाइन संचार तकनीक का उपयोग करके पाठ्यक्रम को छात्रों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं रानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सर्वेश वर्मा ने बताया कि शिक्षक उदयवीर ,भूपेंद्र ,निधि द्विवेदी ,खुशबू,सत्येन्द्र,प्राची,सृष्टि, सुशील, अनिल,मुकेश,पूजा,ज्योति,ग्रामीण बच्चों के पिता के पास एंड्रॉयड फोन है उनको व्हाट्सएप से जोड़कर हिंदी ,अंग्रेजी ,सामाजिक विज्ञान, विज्ञान ,गणित, विषय में गृह कार्य एवं उनकी समस्याओं का निदान आसानी से किया जाना है प्रातः 8:00 से 12.00 घर पर ही रह के विषय अध्यापक ग्रुप में अपने अध्यापन कार्य कराने की जिम्मेदारी ली है
    कृषक समाज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ एलआर वर्मा ने बताया कॉलेज के अध्यापक डॉ अनिल कुमार, सुरविंद वर्मा ,सौरभ गुप्ता अरुण पांडे ,देवेंद्र सिंह, आलोक सिंह शिक्षक छात्रों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर विषय को बेहतरीन तरीके से पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं जो एक सराहनीय कार्य है ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक अनोखी पहल मोबाइल का सही उपयोग छात्र-छात्राएं करना सीखेंगे और नई नई तकनीक सीखने का भी मौका मिलेगा

  • लाकडाउन के दौरान निराश्रित पशु गाय, कुत्ते, बंदर व पक्षी आदि भूखे न रहे हैं

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    जन सहयोग व स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से इनके खाने पीने की व्यवस्था कराई जाए।

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत लाकडाउन के दौरान निराश्रित पशुओं गाय, कुत्ते, बंदर व पक्षियों के खाने-पीने की व्यवस्था जन सहयोग व स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से करने हेतु मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए। जिस के क्रम में जन सहयोग व स्वयंसेवी संगठन राघव राम सेवा संस्थान अमेठी, राधाकृष्ण गो सेवा समिति जामो, मां शारदा गिरी गौशाला ट्रस्ट अमेठी, बजरंग सेवा संस्थान बहादुरपुर व अन्य स्वयंसेवी संगठनों द्वारा निराश्रित पशुओं गाय, बंदर, कुत्ते व पक्षियों के खाने पीने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अतिरिक्त पशु चिकित्सकों द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों में उक्त पशुओं के खाने पीने की व्यवस्था की जा रही है। जनपद में स्वयं सेवी संगठनों व पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा यह कार्य प्रतिदिन किया जा रहा है।

  • कोरोना वायरस : यूपी में तीन दिन में 200 जमातियों के नम्बर बंद, इनके सम्पर्क में रहे करीब 300 लोगों के मोबाइल ऑफ

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने में जुटे पुलिस व प्रशासन के लिए जमाती बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। अब तक लखनऊ में रहे 200 से अधिक जमाती अचानक गायब हो गए हैं। सबके मोबाइल स्विच ऑफ तो हैं। इन जमातियों के सम्पर्क में रहे करीब 300 लोगों ने भी अपने मोबाइल ऑफ कर लिए हैं। क्राइम ब्रांच अब कुछ नए नम्बरों को सर्विलांस पर लेकर इनके बारे में ब्योरा जुटा रही है। कैसरबाग, सदर, वजीरगंज, मड़ियांव, सआदतगंज, गोमतीनगर समेत कई अन्य इलाकों में रहने इन जमातियों में अधिकतर दिल्ली की जमात में शामिल हुए थे।

    काकोरी, गोमतीनगर और कैसरबाग की मस्जिदों में 24 विदेशी नागरिक मिले थे। ये सभी लखनऊ से बाहर के थे और दिल्ली की जमात में शामिल होकर यहां आ गए थे। इनके पकड़ में आने के बाद जमातियों का पता लगाने के लिये 700 से ज्यादा मोबाइल नम्बर सर्विलांस पर लिये गए थे। सर्विलांस से ही कई जमातियों के बारे में पता लगा था, फिर कई मस्जिदों व मदरसों में छापे मारकर जमातियों को क्वारंटीन कराया गया था। इनमें एक के बाद एक कई जमाती कोरोना संक्रमित निकले। फिर पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय ने क्राइम ब्रांच की टीम को जमातियों व सम्पर्कियों का ब्योरा जुटाने को कहा।

    क्राइम ब्रांच के साथ ही एसटीएफ की सर्विलांस टीम भी जमातियों पर नजर रखने लगी। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने जमाती व परिवारीजनों से पूछताछ शुरू की। कई जमातियों ने लोकेशन को लेकर झूठ भी बोला। पुलिस ने उनकी लोकेशन बताकर सच बोलने को कहा तो भी कई जमातियों ने सही जवाब नहीं दिये। पुलिस ने क्वारंटीन किये जमातियों के परिवारीजनों से भी कई सवाल किये कि ये कब दिल्ली गए थे। लौटने के बाद कितने लोगों के सम्पर्क में रहे। पुलिस की पूछताछ बढ़ने लगी तो क्वारंटीन किये जाने के डर से तीन दिन में 200 से ज्यादा नम्बर अब बंद हो गए।

    नये मोबाइल का इस्तेमाल करने लगे
    सर्विलांस से ही पुलिस को पता चला कि कई जमाती व इनके सम्पर्क में आने वालों ने मोबाइल बदल लिया और उसमें किसी दूसरे का सिम लेकर डाल लिया। यह भी सामने आ रहा है कि कुछ लोगों ने पुराने लखनऊ में परिचितों की दुकान से नए मोबाइल ले लिये है। पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है।

    इन स्थानों के सबसे ज्यादा नम्बर सर्विलांस पर
    सदर बाजार, कसाईबाड़ा, फूलबाग, नजरबाग, वजीरगंज, चौक, सआदतगंज, मड़ियांव आईआईएम रोड, अमीनाबाद, खदरा

    दिल्ली में भर्ती जमातियों के करीबियों पर भी नजर
    पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय ने बताया कि जमातियों का पूरा ब्योरा आ गया है। कुछ ब्योरा और मिलना बाकी है। दिल्ली में हुई जमात में शामिल होने गए लखनऊ के 18 लोग अभी वहीं क्वारंटीन है। टीम परिवारीजनों के सम्पर्क में है। यह मानीटरिंग लगातार हो रही है कि दिल्ली से कोई जमाती यहां आ तो नहीं गया है।

  • समाजसेवी सैय्यद इक़बाल हैदर ने खुद उठाया गाँव को सेनेटाइज करने का जिम्मा…

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन/हर्ष यादव

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    गॉव में घरों को खुद सेनेटाइज करते समाजसेवी

    मुसाफिरखाना/अमेठी। कोरोना के चलते दुनिया भर में दहशत का माहौल है। वही गांव के लोग भी लॉकडाउन का पालन करते हुए समाजसेवा में अपना हाथ बटा रहे है। ग्रामीण अंचलों के गांव में लोग भी सावधानियां बरत रहे है बचाव के लिए गांव में कीटनाशक, ब्लीचिंग का छिड़काव कर गांव को सेनेटाइजर करने का काम जारी हैं। भनौली गांव के समाजसेवी सैय्यद इक़बाल हैदर भनौली गाँव को सेनेटाइजर कराने के लिए अपनी एक टीम के साथ गांव में घर घर जा कर सेनेटाइज कराया।जिससे गाँव में किसी तरह का वायरस या बीमारी न फ़ैलने पाए।इसके अलावा उन्होंने लोगो से लॉकडाउन का पालन करने और घरो में रहने की अपील भी की और कहा कि प्रशासन का सहयोग करें, अपने हाथों को सेनेटाइजर से बार बार धोते रहे और चेहरे पर मास्क भी लगाए किसी से बात करनी है। तो उचित दूरी बनाये रखे। इस प्रकार गांव में समाजसेवी द्वारा गांव को सेनेटाइज करने का काम किया जा रहा है तथा सोशल डिस्टेंस बनाए रखने का संदेश सभी को पहुंचाया जा रहा है।

  • लाकडाउन के दौरान आबादी की भूमि पर निर्माण कार्य कर रहे ग्राम प्रधान के खिलाफ एफ0आई0आर0 दर्ज

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    शिकायत संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी ने तत्काल की कार्यवाही।

    अमेठी। शासन के निर्देश के बावजूद लाकडाउन के दौरान जनपद अमेठी के ग्राम पंचायत टिकरी की ग्राम प्रधान श्रीमती अमरावती पत्नी रामसरन के द्वारा गाटा संख्या 3164 आबादी भूमि को लेकर अपनी भूमिधर आराजी में निर्माण कार्य किया जा रहा था कोरोना महामारी के दौरान भी ग्राम प्रधान द्वारा निर्माण कार्य कराने की शिकायत संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी श्री अरुण कुमार ने तत्काल एसडीएम अमेठी को मौके पर जाकर निर्माण कार्य रोकने तथा प्रकरण की जाचोंपरान्त आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए, जिस पर उपजिलाधिकारी अमेठी ने जांचोपरांत तत्काल निर्माण कार्य रोकते हुए ग्राम प्रधान को चेतावनी दी तथा लाकडाउन का उल्लंघन करने एवं आबादी की भूमि पर निर्माण कार्य करने के कारण ग्राम प्रधान श्रीमती अमरावती एवं कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध भा0द0 संहिता की धारा 188 के अंतर्गत एफ0आई0आर0 दर्ज कराई, साथ ही अन्य ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में लाकडाउन का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराएं।