Category: uttar-pradesh

  • समाजसेवी व संघर्षी हो कांग्रेस के सिंघल जैसा,क्षेत्र में महिलाएं व बुजुर्ग दुवाओ से दे रहे आशीर्वाद

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    रिपोर्ट:हर्ष यादव

    मुसाफिरखाना/अमेठी।अमेठी के पूर्व सांसद राहुल गांधी के द्वारा क्षेत्र में बाटी जा रही राहत सामग्री के क्रम में विकासखंड के निजामुद्दीनपुर, धरौली,दादरा,मठा भुसुंडा व चकबहेर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने लगभग 50 परिवारों को खाद्यान्न सामग्री मुहैया कराई। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के दोनों शीर्ष नेताओं के कहने के बाद हम लोगों ने किट में जरुरतमंदों को आटा, चावल, एक किलो दाल, सरसों का तेल, धनिया ,जीरा , हल्दी, सब्जी मसाला, नमक,और चीनी उपलब्ध करा रहे हैं। राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी के निर्देश पर कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने में लगा है
    गरीब लोगों की सूची बनाई जा रही है हर गरीब तबके लोगों को भूखा मरने नहीं दिया जाएगा उन्होंने बताया विकासखंड के न्याय पंचायत वार गरीब तबके के लोगों को डोर टू डोर हर संभव मदद की जाएगी।इस मौके पर संजय गुप्ता,राजू ओझा,हनुमन्त विश्वकर्मा,जय बहादुर यादव,सुनील शर्मा,राहुल आदि रहे।

  • कुशीनगर में पडरौना क्षेत्र के खड्डा खुर्द में छप्पर के भीतर बांधी गई गाय को रात में चुरा ले गए अज्ञात चोर

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    पडरौना,कुशीनगर : कोतवाली पडरौना क्षेत्र के खड्डा खुर्द गांव में गत दिनों रात में छप्पर के भीतर बांधी गई गाय को अज्ञात पशु चोर चुरा ले गए। हालांकि गाय मालकिन ने चोरी हुई गाय को खोजने की बहुत कोशिश की। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। गाय मालकिन द्वारा इस बारे कोतवाली पडरौना पुलिस को। तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

     

    खड्डा खुर्द गांव निवासिनी मीरा देवी ने कोतवाली पडरौना पुलिस को दिए गए तहरीर में जिक्र किया है कि,घर के बगल में छप्पर के नीचे गत दिनों अपने गाय को बांध कर रात में खाना खाने के बाद सोने चली गई थी,उसी रात के करीब 1:00 बजे छप्पर के पास गई तो पाया कि मौके से गाय गायब है। काफी खोजबीन के बावजूद गाय का कोई सुराग नहीं लग सका है।

  • कुँए में गिरे सियारों को निकालने वाले युवकों पर सियारों ने किया हमला

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    उन्नाव/बीघापुर।
     बीघापुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में स्थित एक कुएं से आवाजें आ रहीं थीं । जिस पर कुंए के पास गुजर रहे ग्रामीणों ने कुएं में झांक कर देखा तो उसमें दो शियार पड़े थे ।ग्रामीणों ने गांव पहुंचकर इसकी सूचना गांव वालों को दी ।जिस पर एक युवक ने कुएं में उतरकर सयारों को बाहर निकाला।शियरों को बाहर निकालते समय एक शियार नए युवक को काट लिया ।जिसे गांव के एक समाजसेवी ने उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है। जहां उसका उपचार चल रहा है।

    तहसील बीघापुर के ग्राम सभा पहाड़पुर के मजरा पतारी गांव में अरविंद बाजपेई के ट्यूब वेल के पास बने कुएं में सियार के चिल्लाने की आवाज आ रही थी जिस पर वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने कुएं में झांककर  देखा तो कुएं के अंदर पानी में दो सियार डूबे हुए थे ।ग्रामीणों ने गांव पहुंचकर गांववालों को सियारों के कुएं में गिर जाने की बात बताई। जिस पर समाजसेवी आनंद बाजपेई व मनीष बारी ने मौके पर जाकर देखा । मनीष द्वारा कुंए में गिरे सियारों की तकलीफ देखी न गयी और वह कुएं में उतर गया में तथा सियारों को रस्सी से बांधकर पर बाहर निकाला गया। इस दरमियान उसे सियारों ने काट भी लिया ।आनंद बाजपेई ने उसे सुमेरपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।जहां उसका उपचार चल रहा है।

  • हाई वोल्टेज लाइन का अचानक का तार टूट जाने से किसानों की 5 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख

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    उन्नाव : एक बार फिर बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है। आपको बताते चले कि  ब्लाक सिकन्दरपुर कर्ण के अंतर्गत ग्राम पंचायत गौरी त्रिभानपुर के ग्राम त्रिभानपुर में आज फिर आई बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। आपको बताते हैं कि  हाई वोल्टेज लाइन का  तार  टूट जाने से किसानों की 5 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख  हुई ।

    वहां पर पहुंचे कुछ राहगीरों द्वारा तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने जलते गेहूं की फसल को बुझा कर आग को काबू किया l एक तो ऐसे ही किसानों की फसल को अन्ना जानवर नहीं रखते हैं और जो बच भी जाती है वह बिजली विभाग के आला अधिकारियों से नहीं बच रही है। जिसमें कि किसान शिवकुमार राजकुमार कृष्ण कुमार रंजीत  कुमार सियाराम इन किसानों की फसल जलकर राख हो गयी।

  • कन्नौज में नमाजियों का तांडव, पुलिसकर्मियों , जमकर पत्थरबाजी, गला दबाया, वर्दी फाड़ी…..!

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    कन्नौज। कन्नौज में जुमे की नमाज अता करने के लिए जुटी भीड़ को हटाने गई पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी हुई। हैरान करने वाली बात तो यह है कि इस दौरान बिना अपनी जान की परवाह किए कोरोना के खतरे से लड़ रहे पुलिसकर्मियों का गला दबाकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई थी। सदर कोतवाली क्षेत्र के पुलिसकर्मियों समेत कई स्थानीय पत्रकारों से बात की और असल हालात जानने की कोशिश की।

    जानकारी के मुताबिक, कजियाना इलाके में पुलिस पर हमले का षडयंत्र पहले से ही रच लिया गया था। घरों में पहले ही सामूहिक नमाज पढ़ने की योजना के साथ ही छतों पर ईंट-पत्थर इकट्ठे कर लिए गए थे, ताकि अगर पुलिस आए तो उसपर हमला किया जा सके। पुलिस ने हमले के बाद जब ड्रोन से इलाके की जांच की तो यह चौंकाने वाली बात सामने आई।

    एलआइयू के हेड कॉन्स्टेबल राजवीर को एक घर के अंदर से लोगों की आवाज सुनाई दी तो उन्होंने बाहर बैठी महिलाओं से पूछताछ की। जब महिलाओं ने आनाकानी की तो उन्होंने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की तो चारों ओर से पत्थर चलने लगे।

    हमले की जानकारी मिलने पर डीएम राकेश कुमार मिश्र, एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, एडीएम गजेंद्र सिंह, सदर एसडीएम शैलेश कुमार, सीओ सिटी श्रीकांत प्रजापति, अडिशनल एसपी विनोद कुमार, कोतवाल नागेंद्र पाठक पुलिस बल के साथ पहुंचे तो हमलावर घरों में छिप गए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई और दीवारों के सहारे घरों में घुसकर हमलावरों को बाहर निकाला। बाद में सामने आया कि हमलावरों ने महिलाओं को बाहर इसलिए बैठाया था, ताकि वे पुलिस के आने की जानकारी दे सकें।

    एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि हमलावर भीड़ जुटाने से रोकने गए दारोगा आनंद पांडेय की हत्या करने पर उतारू हो गए थे। हमलावरों ने आनंद का गला दबाया और वर्दी फाड़ डाली। दारोगा किसी तरह मौके के हटे और पुलिसबल को बुलाने के लिए सूचना दी।

    मामले में 25 लोगों के खिलाफ नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, जान से मारने की धमकी, सरकारी काम में बाधा, सेवन क्रिमिनल ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने 11 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

  • कोरोना से जंग : परदेसियों को बिना जांच किए दिखाया गया घर का रास्ता

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    बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बाहर से आने वाले लोगों को बिना जांच किये घर का रास्ता दिखाया जा रहा है । रोडवेज परिस से डीएम और एसपी के वहां से हटते समय मातहतों को निर्देश दिया और अगले पड़ाव की ओर रवाना हो गये । फिर बाहर से आये लोगों की जांच शुरू हुई। एक व्यक्ति वहां आया और कहा कि वह हरियाणा से आया है और उसे अपनी शंका मिटाने के लिए जांच करानी है। आधा घंटा तक तापमान मापने वाली मशीन की तलाश होने लगी। इस काउंटर से उस काउंटर तक, इस व्यक्ति से उस व्यक्ति तक हरकत होने के बाद भी मशीन का पता नहीं चला। फिर उस व्यक्ति को रोडवेज पर स्थापित स्वास्थ्य विभाग के काउंटर पर भेज दिया गया।

    स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने उससे कुछ सवाल किए। पूछा कोई परेशानी है. बुखार, खांसी, गले में खिचखिच आदि की परेशानी तो नहीं । संदिग्ध व्यक्ति का जवाब था नहीं । उसके हाथ पर एक मुहर लगा दी गयी और उसे एक पंपलेट पकड़ा दिया गया।

    बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के टकरसन गांव का एक युवक दिल्ली में काम बंद होने के बाद किसी तरह सोमवार को बलिया आया। रोडवेज से उतरने के बाद बिना जांच कराये वह घर चला गया। रात में घर पहुंचने पर परिजनों ने उसे घर में घुसने से रोक दिया। रात भर वह किसी तरह गांव के बाहर ही रहा. सुबह पैदल ही वह रोडवेज पहुंच गया।

    वहां मौजूद अधिकारियों से उसने अपनी बात बतायी और जांच कराने का अनुरोध किया. हालांकि अधिकारी उसकी जिद के बावजूद जांच कराने से बचते रहे । किसी तरह उसके हाथ पर मुहर लगाकर और क्वारेंटाइन का स्लिप पकड़ाकर 14 दिन घर में रहने की सलाह देते हुए भेज दिया। कोरोना महामारी को रोकने के लिए पूरा देश प्रयासरत है। जिला प्रशासन ने भी इसकी पूरी तैयारी की है । जगह-जगह संदिग्ध लोगों के ठहरने, खाने आदि का प्रबंध किया गया है । लॉकडाउन भी है। पर धरातल पर प्रतिदिन जो स्थितियां उभर कर आ रही है, उससे यही लगता है कि सभी इंतजाम के बाद भी प्रशासन कोरोना के लेकर सही में गंभीर नहीं है । सिर्फ औपचारिकता की जा रही है।

    बाहर से आने वाले लोगों की जांच उनके अनुरोध पर भी नहीं हो रहा। केवल थर्मल जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर उसकी जांच क्यों नहीं कर ली गयी. क्यों नहीं उसे जिला अस्पताल भेजा गया।क्या इसकी जांच के लिए नमूना लेने का प्रबंध नहीं है. जिले के सभी जनप्रतिनिधियों ने करोड़ों रूपये अपनी निधि से दिए हैं। ऐसे में क्या यह सही है. यह उदाहरण भर है. एक घंटे में रोडवेज पर ऐसे आधा दर्जन व्यक्ति जांच के नाम पर पहुंचे पर उसे उसी तरह का जवाब दिया गया। हालांकि रोडवेज पर एसडीएम सदर, डीआइओएस, बीएसए, प्रशिक्षु एसडीएम, नायब तहसीलदार की तैनाती प्रशासन ने की है।

    सबकी जांच ना संभव है ना ही निर्देश

    राज्यमंत्री जिले में चल रही इस व्यवस्था के बाबत प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल का कहना है कि जिले में जो लोग इन दो तीन दिनों में बाहर से आए हैं उनके लिए प्रशासन ने रहने खाने का इंतजाम किया है । सभी को 14 दिन आइसोलेशन में रखना है। इस बीच यदि कोई लक्षण दिखायी देते हैं तो उसकी जांच की जाएगी. इस तरह सभी की कोरोना जांच न संभव है ना ही इस तरह का निर्देश ही है।

  • Lockdown : कुशीनगर में पडरौना के युवाओं की टोली कर रही पुलिस वाले के लिए चाय बिस्कुट का इंतज़ाम,गांव के गरीब लोगों के बीच भेज रहे हैं भोजन सामग्री

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    पडरौना,कुशीनगर : जिले के पडरौना शहर में लॉकडाउन के बाद समाजसेवी संस्थाओं के साथ ही साथ जगह-जगह यूवाओं की टोली पुलिस को बिस्कुट चाय दे रही है। ये युवा पडरौना शहर के निवासी हैं और सभी अपने कमाई के पैसों से ये पुनीत कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा ये युवा पडरौना क्षेत्र के विभिन्न गांव में जाकर गरीब लोगों के बीच खाने वाली सामग्री भी वितरण कर रहे हैं।
    हालांकि एक संस्था से जुड़े पडरौना में रहने विमलेश निगम का मानना है कि जिस तरह कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए पुलिस लोगों को बचाने के लिए दिन-रात अपनी ड्यूटी कर रही है,ऐसे पुलिस के लोगों को हम सुबह चाय-बिस्कुट मुहैया करवा रहे हैं।
    हम अपनी-अपनी कमाई और चंदा जमा कर हर दिन गरीबों में भोजन सामग्री बांट रहे हैं,जिसे हम गो ग्रीन सेवा अर्थ संस्था के नाम से नाम से चला रहे हैं। इसके अलावा हम यह काम पडरौना शहर के विभिन्न जगहों पर ड्यूटी कर रहे पुलिस वालो को भी दे रहे हैं। सुमित चौरसिया ने बताया कि बीते एक सप्ताह पूर्व पडरौना नगर के पूर्व चेयरमैन शिव कुमारी देवी के सहयोग से पडरौना तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव में से जुड़े गरीबों के घर जाकर भोजन सामग्री दिया गया है । इस दौरान इस टीम में शामिल मुख्य सहयोगी व समाज सेवी संतोष जायसवाल के अलावे मंटू जायसवाल,बंटी गुप्ता आदि युवा शामिल हैं।

  • सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां, प्रशिक्षण के दौरान कार्मिक फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूले

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    कानपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए देशभर में लॉक डाउन लागू है और प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक लगातार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की बात कर रहे हैं। शनिवार को एक कार्यक्रम में जनता को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में जागरूकर करने के लिए कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाना था,लेकिन उसी कार्यक्रम में कार्मिकों में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती नजर आईं।

    शहर में तब्लीगी जमात के छह सदस्यों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। जमात के सदस्य जिले में जहां.जहां गए थे, उन क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की जांच करने के साथ क्षेत्रों में सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के फायदे बताने के साथ बचाव और सावधानियों से जागरूक करने की तैयारी की जा रही है।

    इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले कार्मिकों काे प्रशिक्षण देकर गांव में भेजने की तैयारी है। ताकि उन क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करें और यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण मिलें तो तत्काल क्वॉरंटाइन कराएं। इसके साथ ही सैनिटाइजेशन कार्यक्रम भी शुरू किया जाना है। इस कार्य के लिए अस्पतालों की स्टाफ नर्स,एएनएम,आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रशिक्षण देने के लिए स्वास्थ्य महकमे की ओर से चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के ऑडिटोरियम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    कार्मिकों के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग का नहीं हुआ पालन
    जिले भर से बसें लगाकर स्टाफ नर्स, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बुलाई गईं थी। लापरवाही की हद तो तब हो गई जब आडिटोरियम में बैठीं कार्मिकों के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कराया गया। इस दौरान शहरी स्वास्थ्य मिशन के प्रभारी एसीएमओ डॉ.एसके सिंह जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.एके कनौजिया, एसीएमओ डॉ.जीके मिश्रा एवं डॉ. हनी मेहरोत्रा मौजूद रहीं।
    सीएमओ डा.अशोक कुमार शुक्ला का कहना है कि,जिन क्षेत्रों में जमाती गए हैं, वहां सैनिटाइजेशन और घर-घर जाकर लोगों की जांच की जाएगी। इसके लिए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के समय शुरुआत में कुछ एएनएम और आशा कार्यकर्ता साथ साथ बैठ गई थीं। बाद में अधिकारियों ने उन्हें अलग-अलग करके निश्चत दूरी पर बिठाया।

  • तबलीगी जमात के खिलाफ टिप्पणी की थी, मार दी गोली

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    प्रयागराज। तबलीगी जमात के खिलाफ टिप्पणी करने पर चाय की दुकान पर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान लौटन निशाद के रूप में हुई है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और मृतक के परिवार को मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही आदेश दिया है कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत मामला दर्ज किया जाए।

    खबरों के मुताबिक, यह वारदात रविवार की सुबह करेली इलाके में हुई। लौटन निशाद ने तबलीगी जमात के खिलाफ एक टिप्पणी की थी और वहां मौजूद मोहम्मद सोना ने उसे गोली मार दी। आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच, मुख्यमंत्री ने स्पष्टीकरण मांगा है कि लॉकडाउन के दौरान चाय की दुकान कैसे खुली थी। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

    आपको बता दें कि देश में कोरोना की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। इसकी तादाद तबलीगी जमात की वजह से बढ़ती जा रही है। बता दें कि देश के कई राज्यों से जमात के मरकज में शामिल होने आए लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाया जा रहा है जो सरकार और देश की चिंता बढ़ा रही है।

  • अमेठी में कोई भूखा नही रहेगा…दुर्गेश त्रिपाठी

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। गौरीगंज भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी ने केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान व सांसद दीदी स्मृति ईरानी की प्रेरणा से निराश्रितो व दिहाड़ी मजदूरों को सरेसर समेत दर्जनों ग्राम सभा में राहत समाग्री मास्क व सेनेटाइजर का वितरण किया और लोगो को कोरोना महामारी से लड़ने में हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया व लोगो से घरों में रहने की अपील की इस दौरान उन्होंने लोगो से कहा कि अमेठी सांसद दीदी स्मृति ईरानी आप सबके स्वास्थ्य व खाने पीने को लेकर फिक्रमंद हैं किसी को कोई तकलीफ नही होने पाएगी और अमेठी में कोई भूखा नही सोने पायेगा उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता घर घर राहत सामग्री व मोदी टिफिन वितरित करने में लगे हैं। वहीं मुसाफिरखाना मण्डल अध्यक्ष महेंद्र मिश्र व रघुवंश मिश्र ने दादरा मोदी टिफिन वितरित किया व लोगो से घरों में रहने की अपील की इस दौरान वह सामाजिक दूरी का पालन करते दिखे वही शुक्ल बाजार में जिलाउपाध्यक्ष गिरीश शुक्ल ने राहगीरों व निराश्रित लोगो को लंच पैकेट वितरित किया।