Category: uttar-pradesh

  • कोरोनावायरस की जंग : गांव-गांव राहत सामग्री पहुंचाने के लिए Smriti Irani ने अमेठी भेजी ‘मोदी राहत किट’

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    अमेठी। कोरोनावायरस की जंग में लॉकडाउन  के दौरान अमेठी वासियों की मदद के लिए केंद्रीय मंत्री और सांसद स्मृति ईरानी आमने आई हैं । कोरोनावायरस से बचाव के लिए स्मृति ईरानी ने गांव-गांव राहत सामग्री पहुंचाने का निर्णय लिया है । इसी क्रम में उन्होंने अमेठी के गरीब परिवारों के लिए ‘मोदी राहत किट’ भेजा है।

    स्मृति ईरानी ने जिला प्रशासन से ऐसे लोगों की सूची मांग कर उन सभी को राशन, सब्जी व दैनिक उपयोग के सामान मुहैया कराने का निर्णय लिया है, जिन्हें अभी तक किसी अन्य माध्यम से मदद नहीं मिली है। स्मृति ने अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए मोदी राहत किट के नाम से एक थैला बनवाया है । इसमें पांच किलोग्राम चावल, पांच किलोग्राम आटा, एक किलो दाल, ढाई किलो आलू, 200 ग्राम तेल, 50 ग्राम सब्जी मसाला, 50 ग्राम हल्दी पाउडर और एक किलो नामक दिया जा रहा है।

    गांव-गांव बांटी जा रही मोदी किट
    स्मृति ईरानी की पहल पर उत्थान सेवा संस्थान के लोगों ने गांव-गांव इस किट का वितरण शुरू कर दिया है । केंद्रीय मंत्री और अमेठी से सांसद के प्रतिनिधि विजय गुप्ता ने बताया कि दीदी स्‍मृति ईरानी की ओर से संसदीय क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राशन, सब्जी व दैनिक उपयोग की चीजों की मदद पहुंचाई जा रही है । दीदी अपनी अमेठी को लेकर फिक्रमंद हैं। वह जिला प्रशासन से लगातार सम्पर्क में हैं । आपदा के इस घड़ी में दीदी अपनी अमेठी में किसी को भी भूखे न रहने देने के संकल्प पर मजबूती से काम कर रही हैं।

    विजय ने बताया कि जिला प्रशासन से गांव-वार जरूरतमंदों की सूची लेकर उनको मदद दी जा रही है। स्मृति दीदी चाहती हैं कि उनकी अमेठी में कोई भी कोरोनावायरस की चपेट में न आने पाए. यह तभी संभव है, जब लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकलेंगे। इसलिए स्मृति ने जरूरतमंदों के घर मोदी किट के मध्यम से मदद पहुंचाने का कार्य शुरू करवाया है।

    अभी तक 58 परिवारों को मिला किट
    पहले दिन 28 मार्च को अपने संसदीय क्षेत्र के अमेठी ब्लॉक में 58 परिवारों को मोदी राहत कीट मुहैया करवाई गई । संग्रामपुर ब्लॉक के गांवों में 22 व भेटुआ ब्लॉक के गांवों में 26 परिवारों तक स्मृति ईरानी की ओर से मोदी राहत किट पहुंचाई गई है। संसदीय क्षेत्र के दूसरे गांवों में भी मदद पहुंचाने का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा. किसी को भी घबराने व परेशान होने की जरूरत नहीं है। सभी लोग अपने घरों में रहें और सुरक्षित रहें।

  • कुशीनगर में डायल 112 भी कोरोना आपदा की घड़ी में आया सामने,अनाथालय पहुंच बच्चों को खाने-पीने की सामग्री के साथ माक्स बाटे

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    पडरौना,कुशीनगर : कोरोना के महामारी के बीच हुए पूरे देश में लाख डाउन के दौरान कुशीनगर में एसपी बिनोद कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिस तरह पुलिस जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर घरों में रहने के अलावा भोजन सामग्री वितरण करने का कार्य कर रही है l

    वहीं दूसरी ओर जनपद के डायल 112 के प्रभारी  व  इंस्पेकटर मिथलेश कुमार राय के अगुवाई में पूरी टीम ने भी इस आपदा की घड़ी में पडरौना नगर से सटे परसौनीकला स्थित अनाथालय के बच्चों में आटा चावल दाल के आलावा में मार्क्स वितरण किया । इस दौरान अनाथालय से जुड़े बच्चों ने 112 टीम को गीत गाकर स्वागत किया है ।

  • कुशीनगर में पडरौना क्षेत्र के सुखपुरा व बसहिया के प्रधानों ने गांव में कराया फागिंग

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    पडरौना,कुशीनगर : वैश्विक संकट बनकर उभरे कोरोना वायरस से बचाव के लिए देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बीच पडरौना विकास खंड अलंग अलग गांवों में सरकार के आदेश के बाद गांव में फागिंग कराया। संक्रमण को रोकने के लिए जहां गांवों के प्रधान काफी सचेत दिख रहे हैं,वहीं समाजसेवी भी बढ़-चढ़ कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ग्रामीणों के बीच जरुरत कि सामाग्री व फागिंग कर रहे है।

    पडरौना विकास खंड के सुखपुरा बसहियां बनवीरपुर,गांवों के प्रधान अपने गांव को न सिर्फ फागिंग करने में जुटे रहे,बल्कि भोजन सामग्री भी वितरित किया। सुखपुरा के प्रधान चंदेश्वर कुशवाहा घर-घर घूमकर ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही गरीब परिवार के लोगों में भोजन सामग्री देने के अलावा फागिंग भी कराया है। इसी क्रम में बसहिया बनबीरपुर के प्रधान प्रतिनिधि मो कलीम ने सुरक्षा के मद्देनजर एक दूसरे को घर में रहने का ही भरोसा दिल आया है । इस दौरान ग्रामीणों से इस वैश्विक महामारी से सावधान रहने की सलाह दी। जबकि गांव  के विभिन्न टोलों में जाकर फागिंग भी कराया है ।

  • योगी के बस सवार होकर तो गोरखपुर तो पहुंच गए,पर युपी से बिहार में प्रवेश करते ही बांसी से पैदल जाने को हो गए मजबुर

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    पडरौना,कुशीनगर : दिल्ली से घर लौटने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। बिहार में गांव पहुंच रहे मजदूरों मजदुरो ने बताया कि लॉकडाउन होने से ठीकेदार ने काम बंद कर दिया और घर जाने को कहा। वहां न रहने की व्यवस्था थी और न ही खाने का इंतजाम हो पा रहा था, इसलिए उन्होंने पैदल ही घर जाने की ठानी। पैदल वालों की संख्या बढ़ी तो सरकार की ओर से बसों का इंतजाम किया गया था।

    भूखे पेट कैसे कटते दिन ?

    घर पहुंचे मजदूर लॉकडाउन को लेकर जागरूक हैं लेकिन उनका कहना है कि मजबूरी में वहां से घर लौटने का निर्णय लेना पड़ा। दिल्ली में भूखे पेट आखिर दिन कैसे कटते।

    बिस्किट व पानी के भरोसे कटा रास्ता

    बिहार के नरकटियागंज निवासी दो युवक पैदल ही घर के लिए चल दिए। रास्ते में ऑटो,ट्रक व डीसीएम मिलती गई तो कुछ रास्ता आसान हो गया। इस दौरान बिहार के पूरे रास्ते मजदुर पैदल चल गांव में अपने परिवार से मिलने के लिए निकल पड़े ।

  • बंदी अवधि में श्रमिकों के वेतन से किसी भी प्रकार की न करेें कटौती

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    बंदी अवधि को उनका कार्य दिवस/उपस्थित मानते हुए श्रमिकों के वेतन का नियमित करें भुगतान।

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार के निर्देश के क्रम में डॉ. महेश कुमार पांडेय सहायक श्रमायुक्त अमेठी ने बताया कि कोरोना महामारी (कोविड-19) की रोकथाम हेतु लॉकडाउन की अवधि में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के भरण-पोषण हेतु ”आपदा राहत सहायता योजना” का संचालन किया गया है। उन्होंने बताया कि ”आपदा राहत सहायता योजना” के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को रुपए 1000/- की आपदा सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें जनपद में कुल 5352 पंजीकृत श्रमिक है  जिनमें से अबतक 4157 श्रमिकों के खाते में बैंक के माध्यम से रुपए 41 लाख 57 हजार का भुगतान किया जा चुका है, तथा शेष  श्रमिकों के बैंक खाता उपलब्ध न होने के कारण भुगतान नहीं किया जा सका है। उन्होंने बताया कि कार्यालय के कर्मचारी प्रतिदिन दूरभाष के माध्यम से श्रमिकों के बैंक खाते का विवरण प्राप्त किया जा रहा है और भुगतान की कार्यवाही भी की जा रही है, परंतु अब तक ऐसे पंजीकृत श्रमिक शेष रह गए हैं जिनके बैंक खाते का पूर्ण विवरण उपलब्ध नहीं है जिससे उन्हें सहायता राशि रुपए 1000/-उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। उन्होंने ऐसे श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे श्रम विभाग पंजीयन कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति/बैंक का नाम, खाता संख्या तथा आईएफएससी कोड को मोबाइल नंबर 7565847970, 7905201875, 9808149906 पर दूरभाष/व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध करा दें ताकि उनके खाते में धनराशि भेजी जा सके, साथ ही  उन्होंने लॉकडाउन की अवधि में जनपद के उद्योग व्यापार के प्रतिनिधियों, औद्योगिक संस्थानों व कारखाना स्वामियों व नियोक्ताओं से भी अपील की है कि वे बंदी अवधि में श्रमिकों के वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती न करें तथा बंदी अवधि को उनका कार्य दिवस/उपस्थिति मानते हुए श्रमिकों के वेतन का नियमित रूप से भुगतान करें, साथ ही जो श्रमिक कार्य स्थल पर रुक ना चाहे उनके रुकने हेतु सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध करा दें।  कोविड़-19 से बचाव के लिए शासन/प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करना सुनिश्चित करें।

  • Corona Alert : कुशीनगर दुबई से आई फ्लाइट में था कोरोना पॉजिटव,युवक की दोबारा हो रही जांच

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    पडरौना,कुशीनगर : गत दिनों 22 मार्च को दुबई से आई फ्लाइट में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला है। इसी फ्लाइट से आए कुशीनगर के अथरहा के युवक को जिला प्रशासन एम्बुलेंस से जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है। उसकी तलाश करते हुए एसडीएम हाटा व कप्तानगंज तीन थानों की फोर्स लेकर युवक के घर पहुंचे और उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया।
    बीते 22 मार्च को कुशीगनर के हाटा कोतवाली क्षेत्र के अथरहा गांव में रहने वाला युवक दुबई से लौटा। यहां आते ही उसने जिला अस्पताल में अपनी ट्रैवेल हिस्ट्री बतायी और जांच करायी। जांच में उसकी रिपोर्ट निगेटिव आयी, जिसके बाद उसे घर भेज दिया गया। केन्द्र सरकार से बताया गया कि उस फ्लाइट के सभी यात्रियों की जांच कराने का निर्णय लिया गया है। उस फ्लाइट में कुशीनगर के अथरहा गांव का युवक भी आया था।
    इस आधार पर मंगलवार की शाम को अफसरों की टीम युवक की तलाश करते हुए उसके घर पहुंची। गांव के बाहर चौराहे पर उसने घर बनवाया है। काफी पूछताछ के बाद युवक का पता चला। युवक ने बताया कि उसने आते ही जांच करायी थी, जिसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आयी थी। एसडीएम हाटा ने दोबारा जांच के लिए उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया। जांच रिपोर्ट आने तक उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। एसडीएम कप्तानगंज प्रमोद त्रिपाठी ने बताया कि फ्लाइट के सभी यात्रियो की जांच के क्रम में युवक की भी जांच कराई जा रही है।

  • लखनऊ में 6, बिजनौर में 8 विदेशियों ने मस्जिद में ले रखी थी शरण

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    लखनऊ/बिजनौर। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मौजूद तब्लीगी जमात मामले के खुलासे के बाद मंगलवार को प्रदेश के 19 जिलों में पुलिस एक्शन में है। सुबह राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद स्थित एक मरकजी मस्जिद में छह विदेशी नागरिक मिले हैं, जो किर्गिस्तान व कजाकिस्तान के रहने वाले हैं। पता चला है कि, ये सभी एक धार्मिक जलसे में शामिल होने आए थे। लेकिन लॉकडाउन होने के बाद से मस्जिद में ही शरण ले रखी थी। वहीं, बिजनौर में भी प्रशासन ने छापा मारकर नगीना की जामुन वाली मस्जिद से 8 धर्म प्रचारकों को पकड़ा है। ये इंडोनेशिया से आए थे।

    लखनऊ प्रशासन कैसरबाग थाना इलाके के अमीनाबाद स्थित मरकजी मस्जिद से बाहर निकाले गए छह विदेशियों का मेडिकल चेकअप करा रहा है। थर्मल स्कैनिंग में अभी कोरोनावायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। हालांकि, इन्हें आइसोलेशन में रखा जा रहा है। ये सभी 13 मार्च से यहां ठहरे हुए थे। खूफिया एजेंसियों व एलआईयू के अनुसार, लखनऊ में 24 धर्म प्रचारकों के होने की खबर है। मंड़ियांव में 17 बांग्लादेशियों के होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि, निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात में शामिल होने आए ये सभी लॉकडाउन के ऐलान के बाद अलग अलग राज्यों को चले गए।

    बिजनौर में पांच पर केस दर्ज

    वहीं, बिजनौर में प्रशासन व पुलिस की टीम ने सटीक सूचना पर नगीना के जामुन वाली मस्जिद में छापा मारा तो यहां इंडोनेशिया से आए 8 धर्म प्रचारक मिले। पुलिस ने सभी धर्म प्रचारकों को जांच के लिए आइसोलेशन सेंटर भेजा है। ये सभी 21 मार्च से इस मस्जिद में छिपे हुए थे। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 268, 270 व महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर है। मस्जिद को सैनिटाइज करने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है।

  • युवा प्रधान प्रतिनिधि की सराहनीय पहल से लोग कर रहे माँ हिंगलाज से आशीर्वाद की कामना

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    रिपोर्ट:हर्ष यादव

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    मुसाफिरखाना(अमेठी)। कोरोना वायरस की महामारी से उपजे हालात से निपटने के लिए लोगों ने हाथ बढ़ाया है। लोगों के अलावा स्वयं सेवी संगठनों,राजनीति दल व जनप्रतिनिधियों ने भी आगे हाथ बढ़ाया हैं।क्षेत्र में प्रमुख सार्वजनिक स्थानों व ग्रामीणों क्षेत्रों पर जरूरतमंदों की लोग मदद करते दिख रहे हैं।
    दादरा गांव में प्रधान प्रतिनिधि सर्वेश सिंह ‘रवि’ के संयोजन में सब्जी की पैकेट,अन्य दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री कुछ आर्थिक मदद के साथ ग्राम सभा के सभी पुरवे व मोहल्ले मे एक तरफ से जरूरतमंदों के बीच वितरण किया गया,गांव के लोग इस युवक को दुवाओ के साथ माँ हिंगलाज से आशीर्वाद की कामना कर रहे हैं।आपको बता दे अभी हाल ही दो दिन पहले प्रधान प्रतिनिधि ने पूरे गांव में कीटनाशक दवाईओ का छिड़काव और मास्क,सेनेटाइजर व साबुन को वितरण कर लोगो कोरोना से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया था | किट को बाटते हुए सावधानीपूर्वक उन लोगों को बताया गया की सभी एक दूसरे से कम से कम 3 मीटर की दूरी बनाए रखें ,जिससे कोरोनामवायरस का संक्रमण ना हो सके ।तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर पुलिस प्रसाशन व स्वयं प्रधान को सूचित करने के निर्देश दिए गए l

    क्या बोले प्रतिनिधि…

    सर्वेश सिंह ‘रवि’ ने बताया कि पूरे देश मे कोरोना वायरस के खतरे को लेकर लॉक डाउन किया गया है लोग घर मे दुबके बैठे है उनके कमाने खाने के लाले पड़े हुए उन्ही लोगो की सेवा में, मैं हाजिर हूँ ,उन्हें अपने परिवार की तरह हम और हमारे साथियो द्वारा उनकी सेवा की जाती रहेगी।बस सभी लोग लकड़ाउन का पालन करें और घर मे सुरक्षित रहे। मैं जिस लायक हूं हमेशा हाजिर हूं।

  • Lockdown in Badaun: राशन खत्‍म होने की झूठी शिकायत करना पड़ गया भारी, गिरफ्तार

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    Lockdown in Badaun: संकट की इस घड़ी में भी कुछ लोगों को पुलिस से मजाक करने की सूझ रही है। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखी है। हर दिन मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में लॉक डाउन किया गया है। बदायूं जिले के बिनावर में भी एक शख्स ने ऐसा ही किया। उसने पुलिस को घर में राशन और सब्जी खत्म होने की झूठी सूचना दे डाली। मगर उसे क्या पता था कि उसे ये मजाक बहुत महंगा पड़ जाएगा। लॉक डाउन में पुलिस को गलत सूचना देकर भ्रमित करने उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

    बिनावर थाना क्षेत्र के गांव सिकरोड़ी निवासी सद्दाम ने मंगलवार सुबह पुलिस को फोन किया और लॉक डाउन को गलत कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे लोग भूखे मर रहे हैं सरकार कोई इंतजाम नहीं कर रही है। उसने कहा कि दो दिन से उसके घर में राशन का एक भी दाना नहीं है वह भुखमरी की कगार पर है। उसके घर में सभी भूखे हैं। सूचना मिलते ही एसओ राजीव कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने उसके घर में पहुंचकर तलाशी ली तो भारी मात्रा में उसके यहां राशन और सब्जी मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

  • वसीम रिज़वी का बयान – मौतों के सौदागर हैं और इंसानियत के दुश्मन, ‘तबलीगी जमात’ लगे प्रतिबंध

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    लखनऊ। दिल्ली (Delhi) के निजामुद्दीन इलाके (Nizamuddin) में तबलीगी जमात (Tablighi Jamat) के सैकड़ों लोगों के इकट्ठा होने और उनमें से कई लोगों में कोरोना पॉजिटिव (COVID-19 Positive) मिलने पर लगातार बयानबाजी जारी है। मामले में शिया वक्फ बोर्ड के चैयरमैन वसीम रिज़वी ने अपने एक बयान में तबलीगी जमात को मुसलमानों का एक खतरनाक समूह बता दिया है। उनका कहना है कि ये जमात पूरी दुनिया में इस्लाम के प्रचार के नाम पर मुस्लिम लड़कों को कट्टरपंथी बनाता है. वसीम रिजवी ने कहा कि इस संगठन को दुनिया के कट्टरपंथी और आतंकी मुल्ला चला रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि इसका पैसा पूरी दुनिया से इसी काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

    वसीम रिजवी इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने इस संगठन पर आरोप लगाया कि ये इस्लाम का इस तरीके से प्रचार करते हैं कि वह यह समझें कि अगर अल्लाह की राह में अपनी कुर्बानी भी देनी पड़ जाए तो देने से पीछे न हटें. वसीम रिजवी के अनुसार, इस संगठन के लोग समझाते हैं कि दुनिया में अल्लाह को जो नहीं मानते हैं, जो कुरान शरीफ को नहीं मानते हैं, वह सब काफिर हैं और काफिर अल्लाह के दुश्मन हैं । रिजवी ने कहा कि वे इनसे किसी भी तरह का कारोबारी संबंध रखने की मनाही करते हैं।

    वसीम रिजवी ने जमात पर लगाए गंभीर आरोप
    वसीम रिजवी ने कहा कि यह संगठन नौजवान लड़कों को यहां तक समझाते हैं कि काफिरों को मारना सवाब है। उन्होंने कहा कि आप खुद देख सकते हैं कि पिछले 20 सालों में मुस्लिम नौजवान लड़कों में बहुत तब्दीलियां आई है। पहले चेहरे पर दाढ़ी और कुर्ता-पजामा वही लोग पहना करते थे, जो किसी मदरसे में पढ़ते थे या मदरसों में टीचर थे या मुल्ला मौलवी थे. लेकिन अब बहुत बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे मुसलमान और नौजवान लड़के इस्लामिक दाढ़ी रख रहे हैं । उन्होंने देश में जमात पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।

    UP CM ने दिए हैं सख्त आदेश
    इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ तौर पर कहा है कि कि तबलीगी जमात में शामिल हुए प्रदेश में जहां-जहां विदेश से आए लोग हैं, उन लोगों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से इनकी सूचना नहीं देने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है । जानकारी मिल रही है कि यूपी के कई जगहों पर विदेशी रुके थे, लेकिन इसकी जानकारी जिला प्रशासन को नहीं थी। सीएम ने तबलीगी जमात में शामिल होने वाले लोगों को चिन्हित कर उन्हें क्‍वारंटाइन करने के निर्देश दिए।

    वीडियो संदेश में लगाए कई गंभीर आरोप
    अपने वीडियो संदेश में भी वसीम रिजवी ने कहा कि तबलीगी जमात वो जमात है, जो आतंकियों के लिए सुसाइड बॉम्बर तैयार करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमात ने अपने यहां लोगों में कोरोना वायरस डेवलप कराकर हिंंदुस्तान भेजा।ताकि हिंदुस्तान में ज्यादा से ज्यादा मौतें कराई जा सकें। ये मौतों के सौदागर हैं और इंसानियत के दुश्मन हैं । इनके लिए मौत से कम कोई भी सजा निर्धारित नहीं की जानी चाहिए।