Category: uttar-pradesh

  • अमेठी का स्वास्थ्य महकमा सिर्फ कागज पर…जयसिंह प्रताप यादव

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    रिपोर्ट:हर्ष यादव

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    अमेठी। जनपद में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिये बाहर से आये लोगों की जांच के साथ स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस कर्मियों एंव पत्रकारों को सुरछा किट दिलाये जाने के संबंध में सपा छात्र सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जयसिंह प्रताप यादव ने पत्र लिखकर व्यवस्था प्रदान करने की मांग की है।सपा नेता ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।बीते पिछले चार दिनों में देश के अन्य प्रांतों एंव शहरों से भारी संख्या में लोग गांव पहुंच रहे हैं जिनकी जांच होना अति आवश्यक है ।शासनादेश के क्रम में आईसोलेशन वार्ड एवं ग्राम पंचायतों में सरकारी भवनों को आइशोलेशन सेंटर बनाया गया है।जो सिर्फ कागजों पर ही दिख रहा है, इन सेंटरों पर बाहर से आए लोगों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है और ना ही कोई परदेसी आइसोलेट हो रहा है।स्वास्थ विभाग द्वारा गठित टीम में चिकित्साकर्मी,स्वास्थ्यकर्मियों के पास खुद के लिए कोई ब्यवस्था नही है तो वो लोगो की क्या चांज करेंगे।
    जांच के नाम पर रजिस्टर में नाम व मोबाइल नम्बर दर्ज कर खानापूर्ति के साथ जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ।उन्होंने जिले में गठित टीमों को जल्द थर्मल स्कैनर, पीपीई किट,चश्मा,सेनेटाइजर उपलब्ध कराकर जांच की समुचित ब्यवस्था करायें जाने की मांग की है।जनपद में कार्य कर रहे पुलिसकर्मियों को उनके जीवन रक्षा को देखते हुये मास्क,गलव्स, सैनिटाइजर जल्द उपलब्ध कराएं ।अपनी जान जोखिम में डालकर समाजसेवा कर रहे पत्रकारों को सरकार मास्क, गलव्स, सैनिटाइजर, सुरक्षा किट के साथ जीवन बीमा कराए जाने का कार्य करें ।
    जनपद अमेठी की उपरोक्त समस्याओं को देखते हुए सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ जिलाधिकारी पुलिस अधीधक को तत्काल निर्देशित करते हुए व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।

  • संकट के इस दौर में काँग्रेसीजन बने राहगीरों,जरूरत मंद लोगो के लिए संजीवनी

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    मुसाफिरखाना/अमेठी)। कोरोना महामारी को हराने के लिए देश में किए गए 21 दिन के लॉकडाउन से प्रभावित तो हर कोई है किंतु समाज का एक ऐसा भी तबका है जिसकी स्थिति रोज कुआं खोद कर रोज पानी पीने जैसी है। समाज का ऐसा वर्ग जिसकी जीविका का साधन मात्र मजदूरी और भिक्षा थी अथवा उसकी आय का कोई साधन नही है सबसे ज्यादा प्रभावित है।आपको बता दें कि, लॉकडाउन के चलते समाज का ऐसा निचला तबका घरों से न निकल पाने के कारण उपवास करने की कगार पर पहुंच चुका हैं। लॉकडाउन के दौरान अमेठी के ग्रामीण अंचल में कोई भी गरीब बेसहारा भूखा ना रहे जिसके लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी व जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल के दिशा निर्देश पर कांग्रेसी नेता राजू ओझा के सौजन्य से भोजन बनवाकर गरीब ,बेसहारा एवं जरूरतमंदों को भोजन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।भोजन कराने से पहले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व प्रधान कुलवंत सिंह ने सभी के साबुन से हाथ धुलवाए तत्पश्चात सफ़ाई को ध्यान में रखते हुए सभी को एक-एक मीटर की दूरी पर बिठाकर भोजन कराया और हाइवे पर जा रहे राहगीरों को लेन्च पैकेट वितरित किया। राजू ओझा का कहना है कि, उनके रहते ग्रामीण अंचल में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा ये उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।वही कांग्रेसी नेता हनुमन्त विश्वकर्मा व विधानसभा अध्यक्ष जय बहादुर यादव ने भी भोजन का प्रबंध कर राहगीरों को खिलाया।

  • बड़ी खबर: पूरी रात जागते रहे सीएम योगी, किया यह काम

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश से बाहर रह रहे प्रदेश के नागरिकों की चिन्ता के कारण सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को रातभर सो नहीं सके। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र, के साथ उत्तराखंड और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से उत्तर प्रदेश के निवासियों का ख्याल रखने का अनुरोध किया। लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों से पलायन कर रहे लोगों के लिए योगी सरकार ने एक हजार रोडवेज बसों की व्यवस्था की है। इसके लिए सीएम योगी ने शुक्रवार रात भर जाग कर नोएडा, गाजियाबाद ,बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़ आदि इलाक़ों में बसें लगाकर मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई। रात में ही मजदूरों और बच्चों के लिए भोजन का इंतज़ाम कराया गया।

    वहीं सीएम योगी ने तत्काल परिवहन विभाग के अधिकारी, ड्राइवर और कंडक्टरों को ड्यूटी पर बुलाने का निर्देश दिया। दिल्ली से आए लोगों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए गए। भोजन, दूध नहीं दिया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बार्डर पर बसें खड़ी हैं, जो यूपी और बिहार ले जाएंगी। बहुत सारे लोगों को मदद के नाम पर डीटीसी की बसों से बार्डर तक पहुंच कर छोड़ दिया।

    उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर यूपी परिवहन दिल्ली की सीमा से जुड़े लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए बसें चला रहा है। इसके लिए बसों को नोएडा और गाजियाबाद पहुंचाया जा रहा है। आज सुबह 8 बजे से हर 2 घंटे में लगभग 200 बसें प्रस्थान कर रही है। ये बसें 28 और 29 मार्च को चलेंगी। इन बसों को लेने के लिए दिल्ली बॉर्डर पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है।

    कुछ बसें जो पहले ही गाजियाबाद नोएडा और सीमावर्ती क्षेत्रों से निकल चुकी हैं, वे यूपी में विभिन्न गंतव्य के रास्ते पर हैं। सरकार ने अब इन सभी यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के डीएम, एसपी और एसएसपी को इन बसों को न रोके जाने का निर्देश दिया है।

    गौरतलब है कि देश में कोरोना का तांडव जारी है। सरकार द्वारा देश में लॉकडाउन के बावजूद बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 75 नए मामले सामने आए हैं और कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 800 से ऊपर हो गई है तथा इससे चार मरीजों की मौत हुई हैं। कोरोना वायरस का प्रकोप देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में फैल चुका है। कोरोना वायरस के संक्रमण से देश भर में अब तक 19 लोगों की मौत हुई है। केरल, महाराष्ट्र, कनार्टक, तेलंगाना, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अभी तक सबसे अधिक संक्रमण के मामले सामने आए हैं।

  • Lockdown : घर में शैंपू खत्म हुआ तो पत्नी ने पति और बेटे को किया गंजा

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    आगरा। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में संपूर्ण लॉकडाउन है। इसके बावजूद कुछ लोग इसका उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए आगरा के रवि कुमार घर में रहने की सीख दे रहे हैं। दो दिन पहले उनके घर में शैंपू खत्म हो गया तो उन्होंने अपना और बेटे का मुंडन करा लिया। ताकि बाल कटाने के लिए घर से बाहर नहीं निकलना पड़े। मुंडन किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी पत्नी ने किया।

    इसके अलावा रवि ने ना सिर्फ अपने घर के बाहर पोस्टर चिपकाए हैं, बल्कि गेट पर ताला लगाकर भी रखते हैं। मोहल्ले के लोगों को भी पोस्टर बांटे हैं। इन पर लिखा है कि डरना जरूरी है, घातक बीमारी कोरोना वायरस से बचें और बचाएं। 14 अप्रैल तक अपने घर से निकलने की मूर्खता ना करें। शासन, प्रशासन और प्रधानमंत्री की अपील में सहयोग करें। मीडिया कर्मी , पुलिस अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टर का सहयोग करें।

    टेढ़ी बगिया स्थित नगला किशन लाल निवासी रवि कुमार प्रजापति एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके तीन बच्चे सौम्या 8 साल सानिया, 10 साल और बेटा यशांक 6 साल हैं। पत्नी ललिता ग्रहणी है। रवि कुमार ने बताया कि जब से देश में लॉक डाउन लगा है, वो घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। अपने बच्चों को भी घर से बाहर जाने से मना कर दिया है। इस बात से बच्चे भी सहमत हैं।

  • सीएम योगी ने नोएडा के डीएम को जमकर लगायी फटकार, DM बोले- मुझे छुट्टी दे दीजिए

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    नोएडा । उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के डीएम बीएन सिंह को मीटिंग में जमकर फटकार लगाई। नोएडा में कोरोना वायरस के लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं और प्रशासन इसपर रोक लगाने में नाकामयाब रहा है। इसी को लेकर मीटिंग में सीएम योगी ने डीएम बीएन सिंह की क्लास लगा दी। दरअसल, दो महीने से लंबे समय से कोरोना के मामले लगातार आ रहे हैं और अब जिले में कोरोना के मामलों की संख्या 38 हो चुकी है।

    नोएडा में कोरोना वायरस का पहला मामला आने के बाद ही जिले में कंट्रोल रूम बनाने को कहा गया था। इस बारे में डीएम बीएन सिंह से सवाल किया गया। सीएम योगी ने बीएन सिंह को इस बात के लिए फटकार लगाई कि तमाम निर्देशों के बावजूद कंट्रोल रूप पर ध्यान नहीं दिया गया। यही कारण है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई सही दिशा में आगे नहीं बढ़ पाई।

    नोएडा की एक कंपनी से ही कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। हालात ऐसे हैं कि अब इसी कंपनी के चलते कुल 15 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस कंपनी में 2 मार्च के बाद 2 कर्मचारी और एक ऑडिटर विदेश से आया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन तीनों की जानकारी कंपनी ने नहीं दी। सीएम योगी ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कंपनी की ओर से लापरवाही के बावजूद उसपर ऐक्शन क्यों नहीं लिया गया।

    कंपनी में ऑडिटर आने व संक्रमण की बात पहले ही सामने आ गई थी लेकिन सीएमओ कंपनी के खिलाफ कार्रवाई से पीछे हट रहे थे। अब हालात और बिगड़ने पर शिकायत की गई। शिकायत के मुताबिक, एक कंपनी कर्मचारी 2 और दूसरा 7 मार्च को ब्रिटने से आया। एक विदेशी ऑडिटर भी आया जो 16, 17 और 18 मार्च को नोएडा में ठहरा। इनके कारण सीजफायर कंपनी में काम करने वाले और उनके घरवालों में भी संक्रमण हुआ। 15 लोग संक्रमित हो गए।

    नोएडा में कोरोना के मामले इस कदर बढ़ने लगे कि सीएम योगी खुद समीक्षा करने के लिए पहुंच गए। मीटिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरी बैठक में गौतमबुद्धनगर के डीएम को बुरी तरह फटकार दिया। डीएम को डांटते हुए सीएम योगी ने कहा, ‘आपकी आदत बहुत खराब है, काम करते नहीं हैं लेकिन आवाज बहुत ज्यादा निकालते हैं। दो महीने सेआखिर कर क्या रहे थे आप लोग? कंट्रोल रूम के लिए तो मैंने बहुत पहले ही कहा था। अब तक कंट्रोल रूम क्यों नहीं शुरू हुआ है यहां पर?’

    काम में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी बीएन सिंह को डांट क्या पड़ी, उन्होंने सीधे छुट्टी की अपील कर डाली। बीएन सिंह ने खुद चिट्ठी लिखकर कहा है, ‘मैं निजी कारणों से जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर के पद पर नहीं रहना चाहता हूं। जिलाधिकारी के पदीय दायित्वों से मुक्त करते हुए 3 माह का अवकाश स्वीकृत करने का कष्ट करें। वर्तमान में कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार की प्रशासनिक शिथिलता न हो इसके लिए जरूरी है कि गौतमबुद्ध नगर में किसी अन्य अधिकारी की तैनाती की जाए।’

  • पीलीभीत से गुजरने वाले गरीब व्यक्ति अब भूखे नहीं जाएंगे पुलिस अधीक्षक

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    पीलीभीत पुलिस अधीक्षक की पहल की जिले में कोई भूंखा न रह जाये और वाहर से आने बाले यात्रियों को भी भूंखा न रखा जाए इसी आदेश का पालन पीलीभीत पुलिस बखूवी कर रही । क्योंकि जिले के पुलिस अधीक्षक व पुलिस विभाग ने सभी चौकियों व थानों पर भोजन का प्रबंध किया है साथ में मिठाई का भी । जिससे अब पीलीभीत की पुलिस जो वाहर से आने बाले लोगों को खिला कर आगे भेज रहे हैं।

    जितनी भी हो रहा है पुलिस उनका सहयोग कर रही है । जिसको देखकर पीलीभीत की जनता पुलिस अध्यक्ष व पुलिस का आभार व्यक्त करती है और अब प्रशासन का सहयोग भी ज्यादा से ज्यादा कर रही है।

  • पीलीभीत माधोटांडा कस्वे में लगे हैं गंदगी के अंबार जो दे रही हैं बीमारियों को दावत किसी का कोई ध्यान नही

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    पीलीभीत माधोटांडा कस्वे में लगे गंदगी व कूडे़ के ढेर से वीमारिया फैलने की आशंका वनी हुयी है।सम्वंधित विभाग की लापरवाही से
    पीलीभीत एक ओर सारे देश मे भयंकर महामारी कोरोना अपने पैर पसारे हुए है । जिससे बचाओ के लिए सारे देश मे स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ।
    लेकिन पीलीभीत जिले के कस्वा माधोटांडा में जहां लगे कूडे़ गंदगी के ढेर जिससे वीमारिया फैलने की पूरी आशंका वनी हुयी है वाजार आदि चौराहे पर लगे कूडे़ गंदगी के ढेर। । एक तरफ साफ सफाई का अभियान पीलीभीत शहर मे चल रहा । दूसरी तरफ सम्वंधित विभाग इस ओर ध्यान नही दे रहा जिससे वीमारिया फैलने की आशंका वनी हुयी है।

  • कोरोना वायरस पहुंचा देवबंद, 500 प्रचारक निगरानी में ?

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    देवबंद।निगरानी के दायरे में आए लोग 2 मार्च से 20 मार्च के बीच मलेशिया और इंडोनेशिया से आने वाले 40 इस्लामिक उपदेशकों के एक ग्रुप के सम्पर्क में आए थे। इनमें से अधिकतर ऐसे परिवार और स्टूडेंट्स हैं जो देवबंद के मशहूर मदरसे में पढ़ते हैं और उसके पास की मोहम्मदी मस्जिद के आसपास रहते हैं। माना जा रहा है कि इस्लामिक उपदेशकों के इस ग्रुप ने 9 मार्च और 11 मार्च के बीच देवबंद की यात्रा की थी। कोरोना वायरस का संक्रमण अब मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान देवबंद तक पहुंच गया है?

    यह सवाल इसलिए क्योंकि एशिया के सबसे बड़े मदरसे के रूप में पहचान रखने वाले दारुल उलूम देवबंद के बहुत से छात्र भी निगरानी में हैं। ये लोग तबलीगी जमात के प्रचारकों के संपर्क में आए थे। देशभर के करीब ऐसे 500 से अधिक लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने के संदेह में निगरानी में रखा गया है।

    इस मामले के बारे में तब खुलासा हुआ, जब कश्मीर घाटी में 65 साल के एक बुजुर्ग की कोरोना की वजह से मौत हो गई थी। वह बुजुर्ग श्रीनगर में रहते थे। उन्होंने बीते दिनों दिल्ली, उत्तर प्रदेश के साथ देशभर के अलग-अलग धार्मिक समारोहों में हिस्सा लिया था।

    सहारनपुर के कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि देवबंद की उस मस्जिद को सील कर दिया गया है और उसके अलावा मस्जिद के आसपास के एक किमी में स्थित सभी मकानों, दुकानों और स्कूलों को निगरानी में ले लिया गया है।

    उन्होंने कहा, ‘हमें पता चला है कि जिस कश्मीरी मरीज की डेथ हुई है, उसने यहां मस्जिद में हुए एक कार्यक्रम में शिरकत की थी। इस कार्यक्रम में बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया था, जिसमें से 10 की पहचान हम कर चुके हैं। पहले फेज में लोगों से बात करने के बाद हमने 11 संभावितों का टेस्ट ले लिया है। उन्हें अभी भी सहारनपुर प्रशासन के तहत क्वारंटाइन में रखा गया है, जहां वे अगले 2 हफ्ते तक रखे जाएंगे। फिलहाल सभी शुरुआती टेस्ट नेगेटिव पाए गए हैं।’

    उन्होंने कहा, ‘इस ग्रुप के लोग जिन 10 घरों में गए थे, उन सभी को क्वारंटाइन कर दिया गया है। हम अभी भी यहां इस खोज में लगे हुए हैं कि शायद कोई और भी हो जिसे टेस्ट की जरूरत हो।’

    जिस कश्मीरी व्यक्ति की कोरोना के कारण मृत्यु हुई है, वह अपने पीछे मिलने वालों की एक पूरी चेन छोड़ गया है। उसका परिवार, डॉक्टर्स सभी में कोरोना वायरस के संक्रमण होने की आशंका है। ये सभी कोरोना वायरस के करियर बन सकते हैं। कश्मीर में ही उसके ऐक्टिव कॉन्टैक्ट वाले करीब 11 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा 70 से ज्यादा डायरेक्ट और इनडायरेक्ट कॉन्टैक्ट्स को क्वारंटाइन में रखा गया है।

  • लॉकडाउन: आप विधायक राघव चड्ढा का CM YOGI पर विवादित Tweet, एफआईआर दर्ज

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    नोएडा । दिल्ली के राजेंद्र नगर से आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक ट्वीट करना महंगा पड़ गया। नोएडा पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी और आईटी ऐक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। राघव चड्डा ने शनिवार को ट्वीट कर अफवाह उड़ाई थी कि उत्तर प्रदेश की तरफ जाने वाले लोगों को पुलिस डंडा मारकर खदेड़ रही है।

    राघव चड्ढा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाए कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दिल्ली से पलायन करके यूपी जा रहे लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पिटवा रहे हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘योगी जी बोल रहे हैं कि तुम लोग (मजदूर) दिल्ली क्यों गए थे? अब तुम लोगों को कभी दिल्ली नहीं जाने दिया जाएगा।’ हालांकि चौतरफा घिरने के बाद उन्होंने ट्वीट को डिलीट कर लिया।

    सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने राघव चड्ढा के खिलाफ नोएडा पुलिस को तहरीर दी थी। प्रशांत ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया, ‘राघव चड्ढा के ट्वीट से प्रदेश में ऐसे समय कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है, जब पूरा देश कोरोना वायरस जैसी महामारी से जूझ रहा है।’ प्रशांत की तहरीर पर नोएडा पुलिस ने राघव चड्ढा के खिलाफ आईपीसी 500, 505 (2) और आईटी ऐक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज किया गया है।

    सरकार ने पैदल अपने घरों को जाते हजारों लोगों को देखा तो उनके लिए तमाम इंतजाम भी किए हैं। करीब 1000 यूपी रोडवेज की बसें, 2000 तक प्राइवेट बसें, ट्रक, ट्रॉली, ट्रैक्टर सब कुछ लगा दिए गए हैं। दिल्ली सरकार ने भी हापुड़ तक के लिए 100 डीटीसी बसें लगाई हुई हैं, लेकिन इन सब से भी स्थिति सुधरती है या नहीं यह देखना होगा।

  • लखनऊ : हज हाउस को क्वारंटाइन सेंटर में बदला गया

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    लखनऊ। देश में कोरोना के मामले 1 हजार के पार जा चुके हैं, इसके साथ यूपी में कोरोना के केस 70 के पार हैं। गौतमबुद्धनगर के बाद लखनऊ में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या ज्यादा है। यूपी सरकार कोरोना के खिलाफ कई मोर्चों पर जंग लड़ रही है उसी क्रम में अब लखनऊ के हज हाउस को भी क्वारंटाइन सेंटर के रूप में बदलने का फैसला किया गया है।

    कानपुर रोड स्थित इस हज हाउस की सफाई कराई गई ताकि बाहर से आने वालों को क्वारंटाइन किया जा सके। लखनऊ जिला प्रशासन का कहना है कि लेखपाल और तहसील स्तरीय कर्मचारी हज हाउस की सफाई के साथ साथ रहने और खाने पीने के इंतजाम में जुट गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि इस समय हमारी जिम्मेदारी यही है कि जिन लोगों में भी कोरोना का संदेह होगा उन्हें अलग थलग रखा जाएगा।

    इसके साथ ही जो मजदूर बाहर से आ रहे हैं उन्हें भी अलग थलग रखना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। प्रशासन की कोशिश है कि इस संक्रमण के खतरे को जो जहां है वहीं पर रोका जाए। यूपी में गौतमबुद्धनगर के बाद सबसे ज्यादा मामले लखनऊ से आए हैं तो हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। बता दें कि आज सीएम योगी आदित्यनाथ ने मजदूरों की समस्या को देखते हुए बड़ा कदम उठाया। उन्होंने मनरेगा श्रमिकों के खाते में 611 करोड़ की राशि भेजी और लाभार्थियों से बातचीत भी की।

    प्रवासी मजदूरों के संबंध और उनकी हालाता का जायजा लेने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा में हैं और वो आज दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम का जायजा भी लेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के सीएम को खत लिखकर कहा कि विपदा की घड़ी में दोनों सरकारों को मिलजुल कर काम करने की आवश्यकता है। दिल्ली सरकार से बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए यूपी सरकार ने दो अधिकारियों की नियुक्ति की है।