Category: uttar-pradesh

  • रेरा ने गोदरेज नेस्ट परियोजना में फ्रॉड पर कहा- झूठे तथ्यों पर बायर्स को ठगा

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    ग्रेटर नोएडा: नोएडा के सेक्टर 150 स्थित गोदरेज नेस्ट परियोजना में फ्रॉड हुआ है। यूपी रेरा ने यह फैसला सुनाते हुए कार्रवाई सुरक्षित रखी है। रेरा ने कहा कि झूठे तथ्यों पर बायर्स को ठगा गया। बिल्डर ने दूसरी कंपनी के नाम पर प्रचार कर बुकिंग की थी। इसके खिलाफ 2 बायर्स ने यूपी रेरा में शिकायत की थी, जिस पर सुनवाई हुई। गोदरेज नेस्ट सोसायटी में 850 फ्लैट्स हैं। सामान्य तौर पर ऐसे मामलों में रेरा बिल्डर को बायर्स के रुपये ब्याज समेत लौटाने का आदेश देता है।

    लेखा पांडेय और कर्नल अंतरयामी कुमार ने शिकायत की थी। रेरा को बताया कि बिल्डर ने दूसरे नाम से रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके 4 शेयर होल्डर हैं। सबसे ज्यादा शेयर लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन का है। दिसंबर 2018 मे शिकायतकर्ताओं ने बुकिंग कराई थी। रेरा ने शिकायत की सुनवाई में बिल्डर के तथ्य झूठे पाए। रेरा ने कहा, सबसे ज्यादा शेयर लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन का है, ऐसे में इसी को मालिक माना जाएगा। अगली सुनवाई में बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई का आदेश आएगा।

    शाहबेरी केस में लिया रजिस्ट्री का ब्योरा

    शाहबेरी के मामलों में भी यूपी रेरा में फैसले सुरक्षित रखे गए हैं। ये हायर बेंच को रेफर किए गए हैं। इससे पहले रेरा ने ग्रेनो अथॉरिटी से शाहबेरी में हुई सभी रजिस्ट्री का ब्योरा हासिल किया है। ग्रेनो अथॉरिटी ने करीब एक हजार रजिस्ट्री की फाइल रेरा को दी है। इनके बारे में रेरा में अध्ययन हो रहा है। अभी तक की जांच में रजिस्ट्री में ग्रेनो अथॉरिटी की भूमिका नहीं मिली है।

  • रामपुर: चला बुलडोजर आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर, तोड़ी गई दीवार

    रामपुर: चला बुलडोजर आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर, तोड़ी गई दीवार

    समाजवादी पार्टी नेता और रामपुर सांसद आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित इस यूनिवर्सिटी की एक साइड की दीवार गुरुवार को तोड़ दी गई। आजम खान मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति हैं। चकरोड प्रकरण में प्रशासन की तरफ से यह कार्रवाई की गई।

    जौहर यूनिवर्सिटी में चकरोडों पर अवैध कब्जे का मामला चल रहा था। राजस्व परिषद से केस जीतने के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। अधिकारियों ने बतयाा कि इस घटना के संबंध में विवि प्रशासन को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था। अब भारी पुलिस बल की तैनाती में यूनिर्सिटी स्थित मेडिकल कॉलेज की एक साइड की दीवार जेसीबी से तोड़ी जा रही है।

    भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर राजस्व परिषद द्वारा जौहर विश्वविद्यालय में स्थित चक रोडों को खाली करने के खिलाफ सपा सांसद आजम खां द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद सक्रिय प्रशासन ने पहले ही जौहर विश्वविद्यालय परिसर में स्थित 17.5 बीघा जमीन पर कब्जा ले लिया था। इसके साथ ही जमीन को ग्राम समाज के खाते में दर्ज करते हुए इसे आलियागंज के प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया गया था। चकरोड के चिन्हीकरण में जौहर विश्वविद्यालय के कैंपस में स्थित वीसी का आवास व साइंस फैकेल्टी के निकट स्थित एक भवन और मेडिकल कॉलेज का कुछ हिस्सा जद में आया था।

     

  • गोकशी के शक में 2 लोगों पर किए गए हमले के आरोपित बरी

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    ग्रेटर नोएडा: जेवर में 3 साल पहले गोकशी के लिए गायों को ले जाने के शक में 2 लोगों पर किए गए हमले में आरोपित बरी हो गए हैं। कोर्ट में पीड़ितों ने कहा कि भीड़ ने हमला किया था। अब उन्हें पहचान नहीं सकते हैं। वे दूध के लिए दूसरे गांव से गाय खरीदकर घर लौट रहे थे। हमला राजस्थान में पहलू खान की हत्या के एक माह बाद हुआ था। लिहाजा देशभर में इसकी भी चर्चा हुई थी। उस दौरान देश के कई हिस्सों में इसी तर्ज पर गोवंश ले जाने वालों पर हमले हुए थे। राजनीतिक हलकों में जेवर की यह घटना कई दिनों तक चर्चा में थी।

    हमला 4 मई 2017 को जेवर में जबर सिंह और उनके साथी भूप सिंह पर किया गया था। ये दोनों महेंदीपुर गांव से गाय खरीदकर अपने गांव सिरसा मांझीपुर जा रहे थे। थकान होने पर उन्होंने जेवर के पास गाय को हैंडपंप से पानी पिलाया और आराम करने के लिए पेड़ की छांव में बैठ गए। आरोप था कि उसी दौरान जेवर में रहने वाले महेश, अशोक, गौरव और ओमप्रकाश आदि 8 से 10 लोग वहां पहुंच गए और गोकशी के लिए गाय ले जाने का आरोप लगाते हुए उन पर हमला कर दिया। उनके कपड़े भी फाड़ दिए। हमलावर कहते रहे कि वे मुसलमान हैं। हिंदू होने का सबूत मांगा गया। पुलिस ने चोटों के आधार पर जानलेवा हमले की धारा केस में बढ़ाई। महेश, अशोक और गौरव को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई।

    कोर्ट में गवाही के दौरान पीड़ितों ने कहा कि वे अपने बच्चों को दूध पिलाने के लिए गाय लेकर आ रहे थे। ये गाय उनको महेंदीपुर निवासी असगर ने बिना पैसे लिए दी थी। हमला करने वाले लोग उनसे कह रहे थे कि वे गाय को कटवाने के लिए लेकर जा रहे हैं। वे कहते रहे कि वे हिंदू हैं और गांव के प्रधान से से बात करा देंगे, लेकिन हमलावर नहीं माने। मारपीट करने वालों को वह पहले से नहीं जानते थे। मौके पर मौजूद भीड़ ने मारपीट करने वालों के नाम महेश, गौरव व अशोक बताए थे। वह मारपीट करने वालों को तब भी नहीं पहचान पाए थे और अब भी नहीं पहचान सकते हैं। कोर्ट में मौजूद आरोपितों को देखकर पीड़ितों ने पहचानने से इनकार कर दिया। सबूतों के अभाव में सेशन जज विशेष शर्मा की अदालत ने तीनों लोगों को बरी कर दिया।

  • 5 झुलसे घरेलू गैस सिलेंडर में आग लगने से

    5 झुलसे घरेलू गैस सिलेंडर में आग लगने से

    बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गिरवां थाना क्षेत्र के अंतगर्त आने वाले महुआ गांव में बुधवार दोपहर बाद घरेलू गैस सिलेंडर में अचानक आग लगने से पांच लोग झुलस गए। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार ने गुरुवार को बताया, “घरेलू गैस सिलेंडर में लगी आग से झुलसे महुआ गांव के सुशील गुप्ता (42), उनकी पत्नी सुधा (37), अंकित (21), पिंटू (19) और एक रिश्तेदार महिला (60) को यहां बुधवार करीब चार बजे लाया गया था। इनमें से अंकित, पिंटू और रिश्तेदार महिला की हालत ज्यादा नाजुक है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद शाम को कानपुर रेफर किया गया है।”

    घटना के चश्मदीद भगवानदीन ने बताया, “घर में एक बच्ची के जन्मदिन मनाने की तैयारी चल रही थी, तभी खाना पकाते समय करीब अपराह्न् तीन बजे सिलेंडर में लगा पाइप खुल गया और आग लग गयी, जिससे सभी पांच लोग झुलस गए।”

  • प्रस्तावित राम मंदिर का प्रारूप हो सकता है ऐसा…

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    अयोध्या/ नई दिल्ली। राम मंदिर ट्रस्ट के नए अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि राम मंदिर का मॉडल वही रहेगा, लेकिन उसे और ऊंचा और चौड़ा करने के लिए प्रारूप में थोड़ा बदलाव किया जाएगा। प्रस्तावित मॉडल के अनुसार, 2.75 लाख घन मीटर भूभाग पर बनने वाला राम मंदिर दो मंजिल का होगा। इसकी लंबाई 270 मीटर, चौड़ाई 140 फीट और ऊंचाई 128 फीट होगी। 330 बीम और दोनों मंजिल पर 106-106, यानी कुल 212 खंभों वाले मंदिर में पांच दरवाजे होंगे। इसका निर्माण पांच हिस्सों- गर्भगृह, कौली, रंग मंडप, नृत्य मंडप और सिंह द्वार में किया जाना है।
    मंदिर के मुख्य द्वार का निर्माण मकराना के सफेद संगमरमर से होगा। गर्भगृह के ठीक ऊपर 16.3 फीट के प्रकोष्ठ का निर्माण होगा, जिस पर 65.3 फीट ऊंचे शिखर का निर्माण होगा।
    राम मंदिर निर्माण के लिए बीते 25 वर्षो से तराशे जा रहे पत्थरों की शिल्पकारी का उपयोग किया जाएगा। साथ ही श्रीराम शिलाएं भी मंदिर में इस्तेमाल की जाएंगी। इन पत्थरों में अद्भुत कलाकारी की गई है। देशभर से पूजित होकर आईं श्रीराम शिलाएं मंदिर की शोभा बढ़ाएंगी। पिछले 25 वर्षों से तराशे जा रहे पत्थरों की अद्भुत शिल्पकारी और देशभर से पूजित होकर आई श्रीराम शिलाएं भी मंदिर की साज-सज्जा बढ़ाएंगी।

    अयोध्या में जन्मभूमि पर श्रीराम लला का मंदिर गुजरात के वास्तुशिल्पी परिवार के वास्तुशिल्प विशेषज्ञ चंद्रकांत सोमपुरा के बनाए डिजाइन और मॉडल पर ही बनेगा।

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    अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि न्यास की कार्यशाला में 1989 से ही तराशे जा रहे शिल्पकला के अद्भुत नमूनों और पूरे देशभर से पूजित होकर यहां पहुंचीं श्रीराम शिलाओं का भी उपयोग मंदिर निर्माण में होगा।

  • शिवरात्रि पर अलर्ट रहने का योगी ने पुलिस को दिया निर्देश

    शिवरात्रि पर अलर्ट रहने का योगी ने पुलिस को दिया निर्देश

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य प्रशासन को शुक्रवार के दिन महाशिवरात्रि के दौरान अलर्ट रहने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार की रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रभागीय और जिला अधिकारियों से शिव मंदिर और सभी कावड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

    उन्होंने अधिकारियों से शिवरात्रि के दौरान अलर्ट रहने को कहा और यही तत्परता 10 मार्च को होली के आने तक बनाए रखना का निर्देश दिया।

    उन्होंने कहा कि कावड़ियों को निर्धारित मार्गो पर चलने के लिए कहें और कोई भी झड़प न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की नियुक्ति की जाए।

    इस साल शिवरात्रि शुक्रवार को पड़ रही है, वहीं मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार को जुम्मे की नमाज भी पढ़ते हैं।

  • भावुक हुए सीएम अपने गुरु को याद कर, बोले-वे चाहते थे मानसरोवर मंदिर का हो जीर्णोद्धार

    भावुक हुए सीएम अपने गुरु को याद कर, बोले-वे चाहते थे मानसरोवर मंदिर का हो जीर्णोद्धार

    सैकड़ों साल पुराने गोरखपुर के मानसरोवर मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार से काफी खुश नज़र आए। इस मौके पर अपने गुरु ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह जब कभी यहां आते थे तो मंदिर की जीर्ण शीर्ण अवस्था को देखकर दु:खी होते थे। कहते थे कि इसका जीर्णोद्धार होना चाहिए। आज उनकी आत्मा को इससे शांति मिली होगी।

    दरअसल, विजयदशमी के दिन गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में गोरखनाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकलने की परम्परा है। यह शोभा यात्रा मानसरोवर मंदिर भी आती है। गुरुवार को मंदिर पहुंंचने पर मुख्‍यमंत्री ने सबसे पहले रामदरबार, राधा कृष्‍ण मंदिर और शिव परिवार का दर्शन किया और मानसरोवर मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना की।

    समारोह में मौजूद लोगों को सम्‍बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष में एक बार ही सही वह और उनके गुरुदेव यहां आते तो मंदिर की जीर्ण शीर्ण हालत नज़र आती थी। लगता था कि यहां कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है। मूर्तियां भी पुरानी पड़कर खंडित हो चुकी थीं। ऐसे में करीब आठ-दस वर्ष पूर्व उन्होंने मंदिर के सरोवर के जीर्णोद्धार की कार्यवाही शुरू की थी। सरोवर का जीणोद्धार हो भी गया लेकिन सुंदरीकरण का काम नहीं हो सका था।

    अब उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से पर्यटन विभाग ने यह काम अपने हाथ में लिया। देखते ही देखते चार दानदाता जवाहर कसौधन, अरुण अग्रवाल लाला, ओम प्रकाश कर्मचंदानी और विष्णु अजित सरिया भी आगे आ गए। सबके सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का काम पूरा हुआ है। सैकड़ों वर्षों से जो काम अधूरा था, वह पूरा हुआ है। यहां की भावनाओं के अनुरूप मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने चारों दानदाताओं के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मानसरोवर का पवित्र मंदिर सैकड़ों वर्षों से गोरखपुर के लोगों का प्रमुख मंदिर रहा है। लेकिन लम्बे समय तक कोई नहीं दिए जाने के कारण इसकी हालत जीर्ण शीर्ण हो गई थी।

    प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने का किया आह्वान 
    मुख्यमंत्री ने लोगों से प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्लास्टिक को प्रतिबंधित किया है। इसका उद्देश्य यह है कि समाज को इससे होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। लेकिन आज भी बहुत से लोग इसका उपयोग कर रहे हैं। यहां तक कि मंदिरों में भी प्लास्टिक के पन्ने में सामान लेकर जाते हैं। प्रसाद चढ़ाने के बाद प्लास्टिक फेंक देते हैं। इससे परिसर गंदा होता है। प्लास्टिक नाली में जाता है तो नाली चोक हो जाती है।  कूड़े में फेंका गया प्लास्टिक में खाकर गायों की मौत हो जाती है। इतने सारे दुष्प्रभावों के पाप से बचना है तो प्लास्टिक का इस्तेमाल रोकना होगा। मंदिर आस्था का प्रतीक है। उसी श्रद्धा भाव से वहां जाना चाहिए। ध्यान देना चाहिए कि हमारी वजह से वहां कोई गंदगी न हो।

  • विधान मंडल ने घोषित किया नगर निगम की बोर्ड बैठक को शून्य

    विधान मंडल ने घोषित किया नगर निगम की बोर्ड बैठक को शून्य

    गाजियाबाद: नगर निगम बोर्ड की 17 फरवरी को हुई बैठक को विधान मंडल ने शून्य घोषित करने के आदेश दिए हैं। विधानसभा और विधान परिषद सत्र के दौरान बैठक नहीं बुलाने के शासनादेश के बावजूद मीटिंग करने के संबंध में नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह से भी जवाब मांगा गया है। इस मामले में कौन दोषी है इसकी जांच विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति करेगी। वहीं बैठक के शून्य घोषित होने से पारित हुए करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव भी समाप्त हो जाएंगे। गाजियाबाद नगर निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। इस आदेश के बाद अब नगर निगम को दोबारा बैठक बुलाकर इन प्रस्तावों को फिर से पास कराना होगा।

    क्या है मामला

    17 फरवरी को नगर निगम की होने वाली बोर्ड बैठक से पहले ही इसको लेकर विवाद पैदा हो गया था। बीजेपी पार्षद दल नेता राजेन्द्र त्यागी व बीजेपी दल के सचेतक हिमांशु मित्तल ने मेयर आशा शर्मा से कहा था कि जब लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद की बैठक चल रही हो तो बोर्ड बैठक नहीं हो सकती है। उन्होंने 18 अगस्त 2018 को जारी हुए शासनादेश का हवाला भी दिया था, लेकिन इसके बाद भी नगर निगम ने बोर्ड बैठक बुलाई। इसके विरोध में त्यागी और मित्तल के साथ कांग्रेस पार्षद दल नेता जाकिर अली सैफी ने बैठक का बहिष्कार किया था। वहीं एसपी एमएलसी राकेश यादव, जितेंद्र यादव, बलवंत सिंह रामूवालिया और बीएसपी के एमएलसी प्रदीप जाटव ने मंगलवार को इस मामले को विधान मंडल में उठाया और गाजियाबाद नगर निगम की बोर्ड बैठक को शून्य घोषित करने की मांग की। उनका कहना था कि वे सभी नगर निगम बोर्ड के सदस्य हैं और विधानसभा की बैठक होने के बाद भी नगर निगम ने बोर्ड बैठक बुलाई। इस वजह से वे लोग इसमें शामिल नहीं हो पाए। इससे उनके अधिकारों का हनन हुआ है।

    नगर आयुक्त से जवाब तलब

    मामला सामने आने के बाद विधान परिषद के सभापति की ओर से नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह से जवाब तलब किया गया है। उनसे पूछा गया है कि शासनादेश के खिलाफ जाकर कैसे बोर्ड की बैठक बुलाई गई? नगर आयुक्त ने इस पर जवाब भेजा, लेकिन परिषद संतुष्ट नहीं हुआ।

    दूसरे दिन भी हुई बहस

    बुधवार को भी इस विषय पर विधान मंडल में जमकर बहस हुई। सदन में नगर आयुक्त के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर विधान मंडल ने बैठक को शून्य घोषित कर दिया। इस मामले में कौन दोषी है और उनको क्या सजा दी जाए इसके लिए पूरा मामला विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है। वह इस मामले की अगली कार्रवाई करेगी।

    क्या कहते हैं नेता

    मैं भी नगर निगम बोर्ड का सदस्य हूं। शासनादेश है कि विधानसभा और विधान परिषद सत्र के दौरान निगम बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई जा सकती है। इसके बाद भी बैठक कैसे हुई। इसे विधान परिषद समिति ने अवैध मानते हुए शून्य घोषित कर दिया है।

    -राकेश यादव विधान परिषद सदस्य

    शासनादेश के खिलाफ जाकर नगर निगम की बोर्ड बैठक बुलाने से हमने मेयर को रोका था, पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। विरोध में हमने बैठक का बहिष्कार भी किया था। इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    -राजेन्द्र त्यागी, बीजेपी पार्षद दल नेता

    नगर निगम बोर्ड की बैठक पूरी तरह असंवैधानिक थी, इसलिए मैंने बैठक का बहिष्कार किया था। इसके बाद हमने मुख्य सचिव, नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव और नगर आयुक्त से भी मामले की शिकायत की थी। इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    -हिमांशु मित्तल, सदन में मुख्य सचेतक दल नेता

    विधानसभा और विधान परिषद सत्र के दौरान बोर्ड की बैठक नहीं हो सकती इस संबंध में मेरे पास कोई जीओ नहीं है। बैठक अपरिहार्य स्थिति में बुलाई जा सकती है। कुछ लोग शहर में विकास को अवरूद्ध करना चाहते हैं, जिसे मैं होने नहीं दूंगी। बैठक शून्य घोषित हो गई है तो क्या हुआ। फिर से बोर्ड बैठक बुलाकर इस अजेंडे में शामिल प्रस्तावों को पास किया जाएगा।

    -आशा शर्मा, मेयर

    क्या कहते हैं नगर आयुक्त

    बोर्ड बैठक बुलाने और स्थगित करने का अधिकार नगर आयुक्त का नहीं मेयर का है। 17 की बैठक भी मेयर ने ही बुलाई थी। इस मामले में अपना पक्ष शासन के माध्यम से विधान परिषद को भेज दिया है।

    -दिनेश चंद्र सिंह, नगर आयुक्त

  • सत्संग के माध्यम से अपने जीवन को बनाए उज्ज्वल:रुक्मिणी

    सत्संग के माध्यम से अपने जीवन को बनाए उज्ज्वल:रुक्मिणी

    श्री कृष्ण-रुक्मिणी की सजाई गई झांकी

    रिपोर्ट:हर्ष यादव

    सत्संग के माध्यम से अपने जीवन को बनाए उज्ज्वल:रुक्मिणी

    मुसाफिरखाना(अमेठी)।क्षेत्र के हाजीगंज गांव के शिव मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन के मौके पर भारी तादाद में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान कथा व्यास ने सत्संग की भी अमृत वर्षा की। भगवान श्री कृष्ण के विवाह की कथा सुनाई। गुरुवार को कथा व्यास रुक्मिणी शास्त्री ने कहां की सत्संग के माध्यम से अपने जीवन को उज्ज्वल बनाएं। परमार्थ और परोपकार करके परमात्मा के निकट पहुंचा जा सकता है। कथा व्यास ने कहा जो जितना ऊंचा होगा, उसके शत्रु भी उतने ही अधिक होंगे। कुछ शत्रु अकारण ईर्ष्यावश हो जाते हैं । यह श्रीकृष्ण के साथ भी हुआ है। श्रीकृष्ण की लोकप्रियता को उस समय के राजा सहन नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा की जो प्रकृति के बस में रहता है। वही जीव है और जो प्रकृति को बस में रखता है वह ईश्वर है। कृष्ण ने सुदामा के सभी कष्ट दूर कर दिए। जो मित्र को दुखी देखकर उसे निवारण का प्रयास नहीं करता,कष्ट में सहयोगी नहीं बनता, वह मित्रता के योग्य नहीं हो सकता।श्री कृष्ण -रुक्मणि की सजी झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रही।इस मौके मोहित गुप्ता,राणा प्रताप यादव,रामबख्श, जंग बहादुर चौकीदार, रोहित श्याम,रणजीत, जंगदीश,लालमणि,दिलीप साहू,जोखन,विश्वनाथ, रामसरन,आशीष आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

  • अब बनेगा जोनल प्लान हर इलाके का

    अब बनेगा जोनल प्लान हर इलाके का

    गाजियाबाद: जीडीए जिले के सभी विकास क्षेत्रों का जोनल प्लान बनाने जा रहा है। अभी तक केवल राजनगर एक्सटेंशन का ही जोनल प्लान बनाया गया था। अब जिले के हर विकास क्षेत्र का जोनल प्लान बनाने का काम शुरू होगा। जीडीए का दावा है कि अप्रैल से इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।

     है जोनल प्लान

    जोनल प्लान किसी एरिया का होता है। इसमें लैंड यूज की श्रेणी होती है। जिसमें एक कॉलोनी कितनी बड़ी व कितने एकड़ में फैली है। कितने पार्क, कितना आवासीय, कितना ग्रीन, कितना कमर्शल, कितना ओपन एरिया होगा, कितने में स्कूल आदि होंगे।

    क्या होगा फायदा

    जीडीए का दावा है कि जोनल प्लान बनाए जाने का सबसे बड़ा फायदा शहर के विकास को होता है। इसी प्लान के हिसाब से कॉलोनी में कमर्शल, आवासीय और इंडस्ट्री आदि एरिया विकसित की जाती है। जनसंख्या को कॉलोनी में डिजाइन कर उसके लिए अवस्थापना सुविधा विकसित की जाती है।

    वर्जन

    जिले के सभी विकास क्षेत्र जो जीडीए में शामिल हैं, उसका जोनल प्लान बनाया जाएगा। इससे विकास को और गति दी जाएगी। \B- संतोष कुमार राय, सचिव जीडीए