Category: uttar-pradesh

  • पढ़ा-लिखा होने की जरूरत नहीं नेताओं को : मंत्री

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    सीतापुर। उत्तर प्रदेश सरकार के जेल मंत्री जयकुमार जैकी ने कहा कि नेताओं को पढ़ा-लिखा होने की आवश्यकता नहीं है। योगी सरकार के कारागार मंत्री जैकी मंगलवार को सीतपुर जिले के महमूदाबाद में सेठ राम गुलाम इंटर कॉलेज में बच्चों को संबोधित कर रहे थे। उनका यह विवादास्पद बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

    जैकी ने कहा कि समाज में पढ़े-लिखे लोग गलत तरीके का माहौल पैदा करते हैं। राज्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि लीडर को पढ़ा-लिखा होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं मंत्री हूं, मेरे पास निजी सचिव होता है, स्टाफ होता है, विभाग होता है, उसके विभागाध्यक्ष होते हैं।”

    उन्होंने बच्चों से कहा, “पढ़ाई के साथ-साथ किसको क्या बनना है, ये पहले ही तय करना चाहिए। इससे अपना लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी रहती है। मैंने पढ़ाई के दौरान अपना लक्ष्य तय कर लिया था। मुझे नेता बनना था, इसलिए पढ़ाई के समय से ही अपने भीतर एक लीडर के गुण शामिल करने लगा था।”

    उन्होंने कहा कि “जेल मुझे नहीं चलानी है, जेल तो जेल अधीक्षक को चलानी है। जेलर बैठते हैं, उन्हें चलानी है। मुझे जेल में यह देखना है कि खाना अच्छा बनना चाहिए। जेल का प्रबंध अच्छा होना चाहिए।”

    राज्यमंत्री ने कहा कि “नेता विजनरी होना चाहिए। नेता के ज्ञान का उसकी डिग्री से कोई मतलब नहीं है। अगर मैंने कहा है कि आईटीआई बनना है, तो यह काम इंजीनियर का है कि वह कैसे बनेगा।”

    मंत्री ने कहा, “आईएएस, आईपीएस जब आपस में बैठते हैं तो कहते हैं कि फला विधायक हाईस्कूल पास है, वो इंटर पास है उसको कुछ आता नहीं है। बिना पढ़े लोग पढ़े-लिखे लोगों को चलाते हैं। समाज मे पढ़े-लिखे लोग ही गलत माहौल पैदा कर रहे हैं।”

  • कुशीनगर में बासी नदी के तट पर हो रहे निर्माण कार्यों का डीपीआरओ ने किया निरीक्षण,दिया आवश्यक निर्देश

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : जिले के विकास खण्ड विशुनपुरा क्षेत्र मे स्थित बासीधाम पर ग्राम पचायत द्वारा नव निमित्त धाट का निरीक्षण जिला पचायत राज अधिकारी व डीसी मनरेगा द्वारा किया गया। इस दौरान प्रधान व सिक्रेटी को आवश्यक निदेश दिया । बताते चले कि कि ग्राम पचायत सिगापट्री मे स्थित प्रसिद्ध बासी धाट लगभग सोलह एकड जमीन मे स्थित है,कार्तीक पुर्णिमा के अवसर पर विशाल मेला लगता है,जो लगभग दस दिनों तक चलता है । इसके विशेष महत्व को देखते हुए बासी नदी के तट के किनारे सीढियों का निर्मीण कार्य कराया जा रहा है ।

    उक्त कार्य का निरीक्षण करने जिलापचायत राज अधिकारी व डीसी मनरेगा पहुंचे कार्य सतोष जनक मिला । जमीन की उपलब्धता को देखते हुए उक्त अधिकारीयो ने एक पार्क बनवाने हेतु प्रधान को निदेश दिया गया।उक्त क्षेत्र के दो दर्जन गावो मे इस निर्णय से उत्साहित है ।

  • जिला कारागार का सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया निरीक्षण

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 31 जनवरी/ मा0 जनपद न्यायाधीश तनवीर अहमद की संरक्षता में सतीश कुमार मगन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार सुल्तानपुर में निरुद्ध महिला बंदियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों से विधिक सेवा के प्रति जानकारी प्रदान करते हुए, उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी चाही गयी, जिस संबंध में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियो द्वारा किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं बतायी गयी। निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण सचिव द्वारा जानकारी दी गयी कि मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 8 फरवरी, 2020 (दिन शनिवार) को प्रातः 10 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला मुख्यालय एवं तहसील मुख्यालय पर किया गया है। उन्होंने सभी वादकारियो से अनुरोध है कि आप अपने मुकदमों को राष्ट्रीय लोक अदालत मे नियत कराते हुए जरिए सुलह समझौता निस्तारण हेतु राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं।जिला कारागार निरीक्षण के दौरान जिला कारागार अधीक्षक अमिता दुबे व जिला कारागारपाल तथा उप कारागारपाल एवं जिला कारागार एवं सभी आरक्षीगण आदि उपस्थित रहे ।

  • कुशीनगर में पडरौना कोतवाली पुलिस ने वाहन लिफ्टर गिरोह के दो सदस्यों को चोरी की बाइकों के साथ दबोचा

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : पडरौना कोतवाली थाने की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है । वाहन लिफ्टर गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने तीन चोरी की बाइकों के साथ धर दबोचा है,इनके विरुद्ध पुलिस ने सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर दोनों अभियुक्तों को जेल के लिए रवाना कर दिया।
    इस बाबत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आज शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र ने आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे । अभियान के क्रम में पडरौना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार सिंह को मुखबीर जरिए मिली सूचना पर रेलवे स्टेशन रोड स्थित माल गोदाम के पास पहुंच गए झांसी दो युवकों को गिरफ्तार कर दिया जिसमें पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने भाई चोरी करने की बात भी कबूली जिसमें कृष्णा मद्धेशिया पुत्र जयराम बंजारी घाट थाना कोतवाली पडरौना दूसरा अभियुक्त मनोज यादव पुत्र वीरेंद्र यादव ग्राम जमुनिया महुआ की बाइकों की जांच की तो दोनों बाइक चोरी के मिले, इनके निशानदेही पर एक और बाईक को पुलिस ने बरामद किया।

    इस घटना का सफल अनावरण करने में कोतवाल पवन सिंह के अलावे उपनिरीक्षक रामेश्वर यादव हेड कांस्टेबल रणविजय सिंह कांस्टेबल अनिल कुमार सिंह विजय बहादुर सिंह विजयपाल सिंह का सराहनीय योगदान रहा।

  • थाना अमेठी पुलिस द्वारा 01 नफर वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। पुलिस अधीक्षक डॉ0 ख्याति गर्ग के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री दयाराम के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी अमेठी श्री पियूष कान्त राय के नेतृत्व में अपराध एवं अपराधियों के धर पकड़ हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में आज को उ0नि0 मनजीत सिंह थाना अमेठी मय हमराह द्वारा मुखबिर की सूचना पर मु0अ0सं0 479/19 धारा 354, 506 भादवि व 7/8 पॉक्सो एक्ट में वांछित अभियुक्त अंकेश कुमार पुत्र विजय कुमार निवासी सरवन पुर थाना अमेठी जनपद अमेठी को पीएनबी बैंक कस्बा अमेठी के पास से समय 11:25 बजे दिन में गिरफ्तार किया गया ।

    गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता
    अंकेश कुमार पुत्र विजय कुमार निवासी सरवन पुर थाना अमेठी जनपद अमेठी ।
    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम

    1. म0उ0नि0 मनजीत सिंह थाना अमेठी जनपद अमेठी ।
    2. का0 अनीष तिवारी थाना अमेठी जनपद अमेठी ।
    3. का0 अजय वर्मा थाना अमेठी जनपद अमेठी ।

  • बजट-2020 को सपा ने बताया कॉमेडी आफ्टरनून विद निर्मला सीतारमण

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    लखनऊ। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को लोकसभा में बजट पेश कर रही रही थीं और इसी बीच विरोधियों ने बजट और वित्त मंत्री को आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। यूं तो बजट पर भाजपा के सभी धुर-विरोधी घात लगाए बैठे थे मगर, समाजवादी पार्टी (सपा) ने सबसे पहले ट्वीट कर दिया। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आई.पी. सिंह ने तो अपने ट्विटर हैंडल पर साफ-साफ लिख डाला कि कॉमेडी आफ्टरनून विद निर्मला सीतारमण।

    हालांकि बजट पेश करने में मशरूफ वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पास इन बयानों पर प्रतिक्रया देने का मौका ही नहीं था। तब तक तमाम विरोधियों ने बजट पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया जमाने के सामने परोस दी। सपा नेता और अखिलेश यादव के विश्वासपात्र आई.पी. सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर आगे लिखा कि 5 नई स्मार्ट सिटी की घोषणा? अरे निर्मलाजी, इसे बजट सत्र की जगह कॉमेडी ऑफ्टरनून विद निर्मला सीतारमण का नाम दिया जाना चाहिए था।

    हद हो गई लफ्फाजी की। आई.पी. सिंह के ट्विटर अकाउंट पर उनके द्वारा जारी की गई पोस्ट में आगे लिखा गया, प्रधानमंत्री शिक्षा बजट 94 हजार करोड़ से 99 हजार करोड़ की कर पाए। इतना छोटा दिल क्यों दिखा रहे हैं आप मोदीजी, छात्रों के लिए? छात्रों के विकास के बिना देश का विकास होगा? अमेरिका क्या मूर्ख है, जो जीडीपी का अहम हिस्सा शिक्षा पर खर्च करता है? खैर, जो खुद कभी पढ़ा न हो..।

    हमेशा बेबाक टिप्पणी करने के लिए चर्चित सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आई.पी. सिंह ने आगे लिखा है कि अब यह बजट का नाटक बंद करिए। सभी लोग मिलकर नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सदन से ही दिल्ली चुनाव का प्रचार शुरू कर दीजिए। देश को बांटिए और चुनाव जीतने का प्रयास तेज करिए। सपा प्रवक्ता आगे लिखते हैं, एनएचएआई कर्ज में डूबा है।

    इसका जिक्र नितिन गडकरी खुद कर चुके हैं। प्रोजेक्ट्स रुके पड़े हैं। बावजूद इसके निर्मला जी एक्सप्रेस-वे की बात करके जनता को बहला रही हैं। सपा ने इस बजट को सबसे महत्वपूर्ण वक्त पर इतिहास का सबसे कमजोर बजट करार दिया है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के मुताबिक, ग्रामीण विकास के लिए 1.23 लाख करोड़ का समग्र आवंटन।

    मगर यह किन-किन योजनाओं के लिए हुआ है, इसका खुलासा ही नहीं किया। ऐसा तभी होता है, जब प्रधानमंत्री कार्यालय से बजट ठीक एक दिन पहले जाता है वित्तमंत्री के हाथों में। आईपी सिंह के मुताबिक, किसानों की कर्जमाफी भी प्रधानमंत्री के मीठे शब्दबाणों में मौजूद छलावे के सिवाय और कुछ नहीं है।

  • यूपी डीजीपी की हितेश चंद्र अवस्थी ने संभाली कमान

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने शुक्रवार को नए डीजीपी के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि “हमारा फोकस स्मार्ट पुलिसिंग पर होगा।” हितेश अवस्थी ने कहा, “पुलिस का व्यवहार अमजन के प्रति थाने पर हो या बीट स्तर अच्छा हो, यह हमारी प्राथमिकता होगी। कोशिश होगी कि पुलिस पर उंगली न उठे। प्रशिक्षण हमारी प्राथमिकता होगी। इस दौरान स्मार्ट पुलिसिंग पर हमारा फोकस रहेगा।”

    उन्होंने कहा, “ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे, यह भी हमारी प्राथमिकता में होगा। महिला और बाल अपराधों पर नियंत्रण करना साइबर अपराधों पर नियंत्रण करना है। फोरेंसिक साइंटिफिक तरीकों से बीट प्रणाली को इफेक्टिव करना है। पुराने डीजीपी के इनोवेशन्स को आगे बढ़ाएंगे।”

    इससे पहले, पूर्व डीजीपी ने उन्हें बेटन एक्सचेंज कराकर पदभार ग्रहण करवाया।

    वर्ष 1985 बैच के हितेश चंद्र अवस्थी का गृह जनपद लखनऊ ही है। वह राजनीति विज्ञान में एमए हैं। इसके अलावा उन्होंने डिप्लोमेसी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमफिल किया है। एडीजी पद पर प्रोन्नत होने से पहले वह दो बार सीबीआई में अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं। वह वर्ष 2001 में पहली बार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए और सीबीआई में एसपी के पद पर काम किया। इसके बाद वर्ष 2005 में वह दोबारा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए। अवस्थी डीआईजी के पद पर रहते हुए प्रदेश के गृह विभाग में दो बार विशेष सचिव भी रहे।

    वर्ष 2005 से 2008 तक वह नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) में डीआईजी तथा 2008 से वर्ष 2013 तक सीबीआई में आईजी/ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत रहे।

  • अमेठी में फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण को लेकर डीएम ने की बैठक

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने आज कैंप कार्यालय में जनपद में फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के संबंध में वाटर एड संस्था लखनऊ की टीम के साथ बैठक किया। बैठक में वाटर एड संस्था द्वारा एफएसटी प्लांट स्थापित करने के बारे में प्रजेंटेशन दिया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि मानव मल के अभी तक जो सेप्टिक टैंक खाली किए जाते थे उसे बाहर खुले में छोड़ दिया जाता था, जिससे स्वास्थ्य व वातावरण को हानि पहुंचती थी। इसी को दूर करने के लिए वाटर एड संस्था द्वारा अमेठी जनपद के विकासखंड अमेठी के बेनीपुर ग्राम पंचायत में एफएसटी प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके बन जाने से मानव मल से हानिकारक कैमिकल रहित जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा जोकि खेतों में प्रयोग की जाएगी, इसके साथ ही ग्रे/ब्लैक वाटर मैनेजमेंट के तहत गंदे पानी को शुद्ध कर पुनः सिंचाई योग्य बनाया जाएगा। यह प्लांट पूरी तरह से प्राकृतिक होगा तथा किसी भी प्रकार का वायु प्रदूषण या दुर्गंध आदि नहीं फैलेगी व पूरे प्लांट को पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। वाटर एड संस्था द्वारा इसका प्राइमरी सर्वे कर लिया गया है जल्द ही प्लांट निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ, एफएसटी प्लांट की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अंजली त्रिपाठी व उनकी टीम के लोग मौजूद रहे।

  • हत्यारे ने 16 बच्चों को तहखाने में बनाया बंधक

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    फर्रुखाबाद । यूपी में फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद में हत्या के आरोपी सिरफिरे ने बेटी के जन्मदिन के बहाने गांव के 16 बच्चों को घर बुलाकर उन्हें तहखाने में बंधक बना लिया। छत से कई फायर कर स्वाट टीम के दो सिपाहियों व मुखबिरी करने वाले ग्रामीण को सामने बुलाने की मांग की। सूचना पर कोतवाल के पहुंचने पर उसने फायरिंग कर दी। हथगोला फेंक दिया। कोतवाल व दीवान हथगोले की गिट्टी से घायल हो गए। एसपी व विधायक की मौजूदगी में समझाने गए ग्रामीण पर सिरफिरे ने फायर कर दिया। इससे ग्रामीण के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया।

    मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव कथरिया निवासी सुभाष बाथम की बेटी गौरी (5) का गुरुवार को जन्मदिन था। इसमें सुभाष ने मोहल्ले के 16 बच्चों को अपने घर बुलाया। जन्मदिन मनाने के बाद शाम को चार बजे उसने बच्चों को घर के तहखाने में बंद कर दिया। इसके बाद शराब के नशे में छत पर चढ़ कर चीखने लगा कि अब उसे पुलिस से पकड़वाने का नतीजा भुगतना पड़ेगा।

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    सिरफिरे ने 16 बच्चों को बनाया बंधक, पुलिस पर की फायरिंग, ग्रामीण को मारी गोली

    इस पर मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर कोतवाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुुभाष को बाहर निकलने के लिए कहा तो वह तमंचा लेकर छत पर चढ़ गया और पुलिस को ललकारते हुए फायरिंग करने लगा। उसने चार-पांच फायर करने के बाद एक हथगोला फेंक दिया। इससे वहां दहशत फैल गई।

    हथगोले से निकली गिट्टी कोतवाल राकेश कुमार के हाथ में व दीवान जयवीर यादव के पैर में लगी। इसके बाद सुभाष कमरे में चला गया। पुलिस मकान की छत पर पहुंच गई। सुभाष को निकालने का प्रयास कर रही है।

    सुभाष पर गांव के मेघनाथ की 2001 में हत्या कर करने का आरोप है। उस मामले में वह जमानत पर चल रहा है। करीब चार माह पूर्व स्वाट टीम ने उसे चोरी के मामले में पकड़ ले गई थी। तभी से वह मोहल्ले के लोगों से रंजिश मानता है। उसका कहना है कि मोहल्ले के लालू तिवारी ने ही उसे पकड़वाया था। मौके पर कई थानों की फोर्स पहुंच गई।

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    हत्यारे 16 बच्चों को तहखाने में बनाया बंधक

    घटना की जानकारी पर एसपी डॉ. अनिल मिश्रा, एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ राजवीर सिंह, स्वाट टीम प्रभारी दिनेश गौतम, जहानगंज एसओ पूनम जादौन व भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह राठौर मौके पर पहुंच गए। विधायक ने आवाज लगाकर सुभाष से कहा कि तुम बच्चों को छोड़ दो, मैं तुम्हारे प्रकरण में बात कर समस्या का निस्तारण कराऊंगा।

    इस पर सुभाष ने गांव के लल्लू सिंह, बालू दुबे समेत स्वाट टीम के सिपाही सचेंद्र व अनुज तिवारी को बुलाने के बाद ही बच्चों को छोड़ने की बात कही। पुलिस ने बालू दुबे को बुलाया। बालू दुबे ने सुभाष से गेट के पास जाकर बात की और भरोसा दिया कि उसको न्याय मिलेगा। अचानक सुभाष ने गेट के नीचे से बालू दुबे पर तमंचे से फायर कर दिया। इसमें बालू दुबे के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गए।

    उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया। इसके बाद सुभाष अंदर से आवाज देकर विधायक व स्वाट के दोनों सिपाहियो समेत गांव के ही लालू तिवारी को बुलाने पर ही बच्चों को छोड़ने की बात कहकर पुलिस पर दबाव बनाने लगा। सुभाष ने एसपी को बताया कि लालू तिवारी की मुखबरी पर ही अकारण चार माह पहले स्वाट टीम ने उसको पकड़कर प्रताड़ित किया था।

    सुभाष बाथम की पुत्री गौरी के जन्मदिन के कार्यक्रम में गांव के ही अरुण दुबे का पुत्र अक्षय (12), मुनेश कुुमार का पुत्र प्रशांत, कृष्णा, पुत्री नैंसी, नीरज कुमार का पुत्र पारस व पुत्री पायल के अलावा पंक्षीलाल बाथम का पुत्र किशन, प्रशांत, पुत्री खुशी, आशाराम की पुत्री गंगा, जमुना, लालाजीत की पुत्री गौरी शामिल होने गए थे। जब बच्चों को बंधक बनाने की बात पता चली तो बच्चों के माता पिता सुभाष के घर के बाहर पहुंचे और रोने पीटने लगे। लेकिन सुभाष ने बच्चों को छोड़ने से इनकार कर दिया। बच्चों के माता पिता का रो-रोकर बेहाल हैं।

    वर्ष 2001 में गांव के मेघनाथ की हत्या के मामले में जमानत पर छूटने के बाद सुभाष बाथम ने गांव की रुबी कठेरिया से प्रेम विवाह किया था। गुरुवार को घटना के बाद उसकी पुत्री गौरी व पत्नी रुबी भी मकान के अंदर हैं। उसने एक वर्ष पहले अपनी मां को मारपीट कर भगा दिया था। तब से मां कहीं रिश्तेदारी में रहने लगी हैं।

    सुभाष बाथम ने अपनी चार बीघा जमीन बेच डाली है। वह अब धोखाधड़ी कर ही परिवार की गुजर बसर कर रहा है। गांव के लोग उसके सनकीपन के कारण उससे बोलने से भी घबराते हैं। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के लोगों के अलावा पुलिस व प्रशासन के लोग भी अंदर फंसे बच्चों के कारण सुभाष के गेट के सामने जाने की हिम्मत नहीं जुुटा पा रहे हैं।

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गंगा यात्रा के दौरान लगे ‘योगी-योगी’ के नारे

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    लखनऊ। गंगा नदी का न सिर्फ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है, बल्कि देश की 40 फीसदी आबादी गंगा नदी पर निर्भर है। सच्चाई यही है तभी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा को आस्था और अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ने के लिए प्रदेश में पांच दिन की गंगा यात्रा निकाली। एक यात्रा बिजनौर से शुरू हुई तो दूसरी यात्रा की शुरुआत बलिया से की गई, जिसका समापन आज कानपुर में किया गया। लेकिन इस बीच जो नजारा दिखा जो वाकई अकल्पनीय था।

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात करें तो कहना गलत नहीं होगा कि यहां गंगा यात्रा के दौरान लोगों ने जातियों और मजहबी बंधनों को तोड़ा है। बिजनौर से शुरू हुई गंगा यात्रा का हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया।

    हर तरफ ‘नमामि गंगे-हर हर गंगे’ के साथ ही ‘भारत माता की जय’ के नारे सुनाई देते रहे। मुस्लिम बहुल इलाकों में भी मुख्यमंत्री योगी के नारे ही गूंज रहे थे। यही नहीं, मुस्लिमों ने इस गंगा यात्रा का समर्थन करते हुए यहां तक कहा कि यह यात्रा नहीं, बल्कि एक उत्सव है, जिसमें उन्हें शामिल होने का मौका मिला है।

     

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    गौर करने वाली बात थी कि मुस्लिमों के बीच योगी आदित्यनाथ का क्रज सिर चढ़कर बोल रहा था। यानि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में योगी का जलवा बरकरार है।

    इस दौरान बातचीत में पता चला कि लोग ये मानते हैं कि गंगा निर्मल और अविरल होनी चाहिए और इसके लिए जो संभव प्रयास उनसे होगा वो करेंगे। गंगा सिर्फ हिंदुओ की नहीं बल्कि सबकी पालनहार है।

    गंगा यात्रा के दौरान साफ दिख गया कि विपक्षी पार्टियां भले ही बार बार खुद को मुस्लिमों का हितैषी बताती रही हो, लेकिन यात्रा के दौरान दिखी तस्वीरों ने असलियत से रुबरू करा दिया।

    जाहिर है, गंगा किनारे बसे गांवों में ज्यादातर मुस्लिमों की आजीविका का मुख्य साधन नौकायन, खेती आदि होता है। शायद ये खुशी इसी वजह से थी कि अब उनके जीवन में एक नया सवेरा आने वाला है, क्योंकि गंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य गंगा से जुड़े गांवों और लोगों के विकास करना है।