Category: uttar-pradesh

  • सामूहिक किया दुष्कर्म पति के दोस्तों ने, चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

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    बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में दोस्त की पत्नी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने के मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह घटना शहर के सिरौली इलाके में शुक्रवार रात को हुई थी, लेकिन महिला ने रविवार को शिकायत दर्ज कराई।

    अपनी शिकायत में, पीड़िता ने कहा कि चार आरोपी, जो उसके पड़ोसी हैं, उसके घर उस समय आए जब वह अकेली थी और बंदूक का डर दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

    उन्होंने फिर उसका गला काटने की कोशिश की, लेकिन वह बचने में सफल रही और शोर मचा दिया, जिसके बाद चारों भाग गए।

    जाने से पहले, दुष्कर्मियों ने घटना की शिकायत करने पर पीड़िता को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

    पीड़िता रविवार को एसपी (क्राइम) आर.के. भारतीय से मिली और आधिकारिक शिकायत की। भारतीय ने घटना की जांच करने और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सिरौली पुलिस स्टेशन के एसएचओ संजय गर्ग को आदेश दिया।

    पीड़िता का पति एक किलो हशीश के साथ पकड़े जाने के बाद इस समय मुरादाबाद जिला जेल में बंद है।

    महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि एक आरोपी ने उसके पति के खिलाफ साजिश रची थी और उसे मादक पदार्थ तस्करी के मामले में गिरफ्तार करा दिया।

    गर्ग ने कहा, “हमने आईपीसी की धारा 376डी (सामूहिक दुष्कर्म), धारा 452 (नुकसान पहुंचाने के इरादे से घर में जबरन घुसने) और धारा 307 (हत्या का प्रयास करने) के तहत चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। हमने महिला को मेडिकल जांच के लिए भेजा है और रिपोर्ट का इंतजार है। सभी आरोपी उसके पति के परिचित हैं और अब फरार हैं। हमने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित की हैं।

  • बाइक सवार सिपाही की ट्रक की टक्कर से मौत

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    चित्रकूट। उत्तर प्रदेश में चित्रकूट थाने की ‘डायल 112’ केंद्र में तैनात एक सिपाही की एक ट्रक की टक्कर लगने से शनिवार की रात मौत हो गई। यह जानकारी रविवार को सीओ ने दी। राजापुर क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) इश्तेयाक अहमद ने रविवार को बताया कि ‘डायल 112’ में तैनात सिपाही अखिलेश दो दिन से बुखार से पीड़ित था। शनिवार की रात वह कर्वी से दवा लेकर बाइक से पहाड़ी लौट रहा था, तभी रास्ते में एक अज्ञात ट्रक ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी।

    उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से जख्मी सिपाही को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।

    सीओ ने बताया कि मूलरूप से हमीरपुर जिले के निवासी सिपाही के परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है और अज्ञात ट्रक व उसके चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

  • कुशीनगर में पुलिस कप्तान का चला हंटर,आधा दर्जन से अधिक सब स्पेक्टर इधर से उधर

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    पडरौना,कुशीनगर। पुलिस अधीक्षक कुशीनगर विनोद कुमार मिश्र ने उप निरीक्षकों के कार्य क्षेत्र में परिवर्तन किया है। इस क्रम में पड़रौना कोतवाली से अखिलेश कुमार राय को हाटा कोतवाली के पुलिस चौकी सुकरौली बजार का प्रभारी ,चौकी सुकरौली पर कार्यरत रहे ।

    भागीरथी यादव को थाना कुबेरस्थान,चौकी मिश्रौली से रमेश पूरी को चौकी प्रभारी तमकुहीराज,यहाँ तैनात रहे कन्हैया यादव को मिश्रौली, उप निरीक्षक रामेश्वर यादव को तरयासुजान से कस्बा पड़रौना,प्रमोद कुमार चौकी सिंधुआ से थाना तरयासुजान,विरेन्द्र कुशवाहा चौकी हाइवे कसया से पुलिस चौकी सिधुआँ कोतवाली पड़रौना,नगेन्द्र गौड़ थाना खड्डा से हाइवे चौकी कसया, दूधनाथ सिह नेबुआ नोरंगिया से आर ओ आई सी 112, उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह थाना हनुमानगंज से पीआरबी 112 का कार्य भार सौपा गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया की यह स्थान्तरण कुछ शिकायतों अलावे रूटीन के तहत की गई हैं।

  • पालन जरूरी सीएए का बन जाने के बाद – आरिफ मोहम्मद

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    अयोध्या । नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, “कानून बन जाने के बाद उसका पालन जरूरी है।” डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में मंगलवार को ‘श्रीराम : वैश्विक सुशासन के प्रणेता’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी पहुंचे और उनके साथ प्रख्यात लेखक तारीक फतेह भी मौजूद रहे।

    राज्यपाल ने कहा, “देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह देश के संविधान का पालन करे और उसका सम्मान करे। कानून को चुनौती देने के लिए आप कोर्ट जा सकते हैं, पर यह नहीं कह सकते कि संसद द्वारा बनाए गए कानून को लागू नहीं करेंगे। अगर ऐसा किया जाता है कि तो गलत है। सीएए कानून बन जाने के बाद इसका पालन जरूरी है।”

    उन्होंने कहा, “केरल विधानसभा की नियमावली स्पष्ट है। जो विषय राज्य सरकार के अधीन नहीं नहीं आता, उस पर चर्चा नहीं हो सकती। ठीक इसी तरह कोर्ट जाने से पहले राज्यपाल के सामने फाइल पेश की जानी जरूरी है। मुझे इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई जो कि अनुचित है।”

    राज्यपाल ने कहा कि ऐसे किसी भी विषय में, जहां राज्य सरकार व केंद्र सरकार के रिश्तों का मामला या सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट से संबंध का मामला हो, वहां बिना राज्यपाल के संज्ञान में लाए बिना फैसला नहीं लिया जा सकता। कानून बिल्कुल इसकी इजाजत नहीं देते। राज्यपाल का एक ही काम होता है, यह देखना कि सरकार संविधान और कानून के अनुरूप चल रही है या नहीं।

    विचारक व लेखक तारिक फतेह ने कहा कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण से हिंदुओं और मुस्लिमों का तलाक खत्म होगा। उन्होंने इशारों में इतिहास के पुनर्लेखन की वकालत करते हुए कहा, तमाम ऐसे राजा और शासक हुए, जिन्होंने आक्रमणकारियों को खदेड़ा, लेकिन उनके बारे में युवा नहीं जानते।

    उन्होंने भारतीयों की चिरपरिचित उदारता की कमजोरियों के साथ इसकी खूबियों का भी उल्लेख किया और कहा कि इस देश के प्रति मुस्लिमों का जो सुलूक रहा है, उसके चलते उन्हें मतदान तक का अधिकार न मिलता, पर शुक्र है कि वे हिंदुस्तान में हैं।

    तारिक ने इस्लामिक आक्रांताओं की बर्बरता और उसके बाद भारत की अस्मिता को चोट पहुंचाने के लिए मुस्लिमों को माफी मांगने की सलाह दी और कहा कि उन्हें तभी इंसाफ मिलेगा, जब वे अपने पूर्वजों के गुनाह न कुबूल कर लें।

  • CAA : UP के CM बोले, विपक्ष ने प्रदर्शन के लिए रिकवरी के डर से महिलाओं को किया आगे

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    कानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को यहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में आयोजित रैली के दौरान काफी आक्रामक रुख में नजर आए। उन्होंने कहा कि सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) के नाम पर राज्य में हिंसा और आगजनी की तो ऐसा हाल करेंगे कि आने वाली 10 पुश्तें याद रखेंगी।

    उन्होंने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि धरना प्रदर्शन के लिए घर की महिलाओं और बच्चों को आगे कर दिया। उन्हें असल में पता ही नहीं है कि वे किसका विरोध कर रहे हैं। हमने प्रदर्शन के दौरान तोडफ़ोड़ करने वालों से रिकवरी के आदेश दिए हुए हैं। शायद इसी कारण विपक्ष ने महिलाओं को आगे कर दिया है। हिंसा करने वालों के खिलाफ सरकार सख्ती से निपटेगी।

    लोगों की भावनाएं भडक़ाना, उत्तेजक नारे लगाना देशद्रोह की श्रेणी में आएगा। हम राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत एक्शन लेंगे। यह नागरिकता लेने नहीं बल्कि देने वाला कानून है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दल पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। जनता उन्हें समय आने पर करारा जवाब देगी। भारत में रहकर भारत के खिलाफ साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विपक्ष के ऐसे रवैये से दुश्मनों के हौसले बुलंद हैं लेकिन हम ये साजिश सफल नहीं होने देंगे।

    यह दुष्प्रचार ठीक वैसा ही है जैसे भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ और वहां मौजूद सभी ज्ञानी और बड़े लोग चुप रहे। पिछले छह महीनों में जिस तरह से मोदी सरकार ने राष्ट्रहित में कदम उठाए हैं, वे आजादी के समय ही उठा लेने चाहिए थे। कांग्रेस और अन्य दलों ने मुद्दों को सुलझाने के बजाय वोटबैंक की राजनीति की। हम देशहित के मामलों में सियासत नहीं करते हैं।

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  • SP बोली, योगी सरकार जुटी दुष्कर्मी सेंगर को बचाने में, भाजपा की कथनी-करनी में अंतर

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    नई दिल्ली। दुष्कर्म के मामले में मुजरिम करार दिए जा चुके कुलदीप सिंह सेंगर के पीछे समाजवादी पार्टी (सपा) हाथ धोकर पड़ गई है। सपा ने अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिर एक नए आरोप का ठीकरा फोड़ दिया है। मंगलवार रात पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आईपी सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, योगी की सरकार खुद और भाजपा को बेदाग बताने का सिर्फ ढोंग करती है।

    हकीकत अगर देखनी है तो आमजन सिर्फ एक नजर केवल दुष्कर्म के मुजरिम उन्हीं के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के कुकर्मों पर डाल लें। इसमें कोई विरोधी पार्टी भला क्या करेगी? योगी और भाजपा अगर पाक-साफ हैं तो फिर, मुजरिम करार दिए जाने के बाद भी कुलदीप की विधानसभा सीट खाली घोषित करने में वे क्यों शरमा रहे हैं? यही है भाजपा की करनी और कथनी में फर्क।

    सपा में बेबाक बोलने के लिए पहचाने जाने वाले राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आगे कहा, इसमें कोई झूठ नहीं है कि इस वक्त भाजपा यूपी और केंद्र में राज कर रही है। मगर तस्वीर का दूसरा पहलू यह भी है कि, भाजपा कहीं कोई जनहित का काम भी नहीं कर रही है। इसके लिए यूपी सरकार से बड़ा नमूना भला क्या होगा? जो बलात्कारी विधायक को खुलेआम शरण दे रही है। बिना उस जनता से डरे हुए जिसने राज्य में भाजपा को भूलवश सत्ता सौंप दी थी।

    राज्य सरकार की इन्हीं तमाम ऊटपटांग नीतियों से खफा आईपी सिंह ने दो टूक कहा, अगर यूपी में योगी और उनकी सरकार का हाल यही रहा तो फिर आने वाले समय में राज्य की बागडोर संभालने के लिए समाजवादी पार्टी को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने एक बयान में आगे कहा कि राज्य की सरकार जो कुछ कर रही है उस पर नजर रखने के लिए राज्यपाल हैं।

    सूबे में मौजूद सरकार के इन बिगड़े हालातों में राज्यपाल को खुद ही संज्ञान लेना चाहिए। राज्यपाल के विशेषाधिकार के तहत किसी से कुछ नहीं पूछना है। वे चाहें तो पलक झपकते ही कुलदीप सेंगर की विधानसभा सीट को खाली घोषित करा सकते हैं। मगर उनकी भी एक अदद चुप्पी सौ-सौ सवाल खड़ी करती है।

  • उत्तर प्रदेश: अमेठी में ट्रक-बाेलेरो की भिड़ंत में 5 लोगों की मौत

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    अमेठी। जिले के बारहमासी कस्बे के पास सोमवार देर रात गौरीगंज- अमेठी मार्ग पर ट्रक ने बोलेरो को टक्कर मार दी। इससे पांच जनों की मौत हो गई।जबकि एक गंभीर रूप से घायल है, जिसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    मिली जानकारी के अनुसार, अमेठी कोतवाली क्षेत्र के लाला का पुरवा भरेथा निवासी छह लोग सोमवार देर रात बोलेरो से गौरीगंज थाना क्षेत्र के संभावा गांव रिश्तेदार के आए थे। देर शाम संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज का हाल-चाल लेने के बाद सभी लोग बोलेरो से वापस लाला का पुरवा के लिए निकले।

    इस दौरान गौरीगंज- अमेठी मार्ग पर अमेठी कोतवाली क्षेत्र के बारहमासी कस्बे के पास सामने से आ रहे ट्रक ने बोलेरो को टक्कर मार दी। बोलेरो सवार सुरेंद्र कश्यप , श्रीचंद, कल्पनाथ, धीरज और मनोज की मौके पर ही मौत हो गई।

    सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी मंगवा कर किसी तरह बोलेरो सवार लोगों को बाहर निकाला और संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल बैजनाथ को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।

  • धारा 144 का उल्लंघन किया शाह ने लखनऊ में जनसभा कर : मुनव्वर राणा

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    लखनऊ। प्रख्यात उर्दू शायर मुनव्वर राणा ने अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान उसमें भाग लेने पर राणा की बेटियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने सवाल किया, “मेरी बेटियों सुमैया और फौजिया के खिलाफ निषेधाज्ञा के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया, लेकिन अमित शाह के बारे में क्या कहेंगे, जिन्होंने मंगलवार को राजधानी में हजारों लोगों को संबोधित किया? जनसभा में निश्चित तौर पर चार से ज्यादा लोग थे। दो अलग-अलग व्यक्तियों के लिए एक कानून के दो पहलू कैसे हो सकते हैं?”

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता चंद्रमोहन ने तर्क दिया कि जनसभा के लिए विधिवत अनुमति ली गई थी। लेकिन शायर ने सवाल किया कि क्या कानून तोड़ने की अनुमति दी गई थी।

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने मुनव्वर राणा का समर्थन करते हुए कहा, “धारा 144 केंद्रीय गृहमंत्री के लिए क्यों नहीं है? निषेधाज्ञा के उल्लंघन के लिए आम आदमी को उठाया जा रहा है, लेकिन जब सत्तारूढ़ भाजपा की बात हो तो प्रशासन खुशी-खुशी उन्हें कानून तोड़ने की अनुमति दे देता है।”

    इस बारे में पूछे जाने पर लखनऊ के जिला अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि जनसभा की अनुमति विधिवत रूप से प्रदान की गई थी।

    उन्होंने कहा कि नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और पुलिस समेत अन्य विभागों से भी जरूरी अनुमति ली गई थी।

    मुनव्वर राणा ने हालांकि सवाल किया कि उन्हीं आदेशों का उल्लंघन करने पर गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ मामला कब दर्ज किया जाएगा?

    उन्होंने कहा कि अगर शाह की रैली वैध बताई जाएगी तो सीएए और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ उनकी बेटियों और अन्य प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई अन्याय होगा।

    सोमवार रात कथित रूप से निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर जिन 160 लोगों पर नामजद और अज्ञात में मामला दर्ज किया गया था, उनमें राणा की बेटियां भी शामिल थीं।

  • कुशीनगर में खनिज ब्लाकों की नीलामी पट्टटा ई-ट्रेडिंग से कराएं जिला प्रशासन-गिरिश चतुर्वेदी

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : जनपद में सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार बीते वर्ष 2018 में 28 खनिज ब्लॉक चिन्हित किए गए थे,जिनका जिला विशेषक निर्धारण समिति एवं पर्यावरण संघात समिति द्वारा संतुष्टि के पश्चात नीलामी पट्टा किया जाना था,लेकिन 2 वर्षों से कुशीनगर जनपद में एक भी खनिज ब्लॉक का नीलामी पट्टा न होना आश्चर्यजनक है । उक्त बातें मंगलवार को कुशीनगर सिविल सोसाइटी की ओर से आयोजित रही नगर के गरुण नगर कार्यालय में बैठक को संबोधित करते हुए कुशीनगर सिविल सोसायटी से अध्यक्ष गिरीश चतुर्वेदी ने कही ।
    श्री चतुर्वेदी ने आगे कहा कि वर्तमान की स्थिति को देखते हुए कुशीनगर जनपद में एक भी खनिज ब्लॉक संचालित ना होने के वजह से सफेद बालु के लिए जनपद वासी पडोसी बिहार राज्य के ऊपर पूरी तरह से निर्भर हो गए हैं,जिसके कारण ऊंचे दामों पर आम जनमानस को सफेद बालू के लिए सामना करना पड़ रहा है,तथा सफेद बालु की तस्करी अवैध खनन जनपद में जोरों पर हो रहा है,ऐसे में श्री चतुर्वेदी ने आगे कहा कि इसी वजह से शासकीय निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रही है जिला प्रशासन द्वारा इस मामले में कोई भी तथ्य प्रकट अथवा निति सार्वजनिक न करने की वजह से खनिज ब्लाकों को संचालन को लेकर आज खनिज स्थिति जस की तस बनी हुई है । श्री चतुर्वेदी ने आगामी वित्तीय वर्ष में सुचारू रूप से आमजन को राहत के लिए कुशीनगर में समस्त चयनित खनिज ब्लाकों का 2020,21वर्ष मई नीलामी पट्टी ई ट्रेनिंग के माध्यम से कराने की मांग की है । बैठक में महासचिव प्रमोद कुमार श्रीवास्तव,राम प्रताप सिंह, बिश्वनाथ मोदनवाल,बंका शर्मा, अजय कुमार मल्ल,सत्य प्रकाश त्रिपाठी,रतनेश कुमार त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे ।

  • दुष्कर्म पीड़िता ने ‘प्रेमी के शादी से इनकार करने पर की थी आत्महत्या ‘

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    चित्रकूट। उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले के राजापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की दुष्कर्म पीड़ित छात्रा द्वारा सोमवार को कथित तौर पर की गई आत्महत्या के मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया है। बरामद सुसाइड नोट के हवाले से पुलिस अधीक्षक ने दावा किया कि प्रेमी द्वारा शादी से इनकार करने पर छात्रा ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की थी। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने मंगलवार को बताया, “रविवार शाम सोतीपुरवा (राजापुर) के पास बेसुध हालत में मिली छात्रा को राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया था, जिसकी सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई है।”

    उन्होंने बताया, “छात्रा कर्वी मुख्यालय में किराए का कमरा लेकर बारहवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी। उसके कमरे में रखे रजिस्टर से मिले सुसाइड नोट में तौरा गांव के लड़के अनूप पटेल द्वारा शादी से इनकार करने पर आत्महत्या किए जाने का जिक्र है।”

    एसपी ने बताया कि आत्महत्या के लिए बाध्य करने के कथित आरोप में अनूप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

    गौरतलब है कि मृत छात्रा ने डेढ़ साल पूर्व राहुल तिवारी नामक युवक के खिलाफ दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था। राहुल गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है और इसी मुकदमे में छात्रा की अदालत में सोमवार को गवाही भी होनी थी। पहले उसके परिजन छात्रा की मौत को इसी गवाही से जोड़कर देख रहे थे।