Category: uttar-pradesh

  • बड़ा फैसला योगी आदित्यनाथ का, पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लखनऊ और नोएडा में लागू…

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    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को मंजूरी प्रदान कर दी है। लखनऊ में हुई आज कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इसके बाद लखनऊ में सुजीत पांडेय की कमिश्नर पद पर तैनाती की गई है। वहीं, आलोक सिंह नोएडा का कमिश्नर बनाया गया हैं। आपकाे बताते जाए कि 15 राज्यों के 71 शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली पहले से लागू है।

    इस बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 50 सालों से बेहतर और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए पुलिस आयुक्त प्रणाली की मांग की जा रही थी। हमारी कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एडीजे स्तर के अधिकारी पुलिस आयुक्त होंगे, जबकि 9 एसपी रैंक के अधिकारी तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि एक महिला एसपी रैंक की अधिकारी महिला सुरक्षा के लिए इस सिस्टम में तैनात होगी।

    पुलिस कमिश्नरी प्रणाली में उप पुलिस अधीक्षक (डिप्टी एसपी) से ऊपर जितने अधिकारी होते हैं, उनके पास मजिस्ट्रेट स्तर की शक्ति प्रदान होगी। मगर थानाध्यक्ष और सिपाही को वही अधिकार नहीं रहेंगे, जो उन्हें फिलहाल मिले हुए हैं। कहीं विवाद या बड़े बवाल जैसी घटना होती है तो जिलाधिकारी के पास ही भीड़ नियंत्रण और बल प्रयोग करने का अधिकार होता था। मगर कमिश्नरी लागू होने पर इसका अधिकार पुलिस के पास आ जाएगा। इसके साथ ही शांति व्यवस्था के लिए धारा-144 लागू करने का अधिकार भी कमिश्नर को मिल जाएगा।

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  • पुलिस अधीक्षक डॉ0 ख्याति गर्ग के निर्देशन में थाना जामो पुलिस द्वारा भटक कर आयी महिला को परिजन के सुपुर्द किया गया

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। सोमवार को प्रभारी निरीक्षक रतन सिंह थाना जामो मय हमराह रात्रि गस्त व देखभाल क्षेत्र में थे कि सूखी बाजगढ़ के पास एक महिला अकेली बैठी मिली । पूछने पर अपना नाम जयमाना उम्र 60 वर्ष पत्नी स्व0 महादेव नि0 बेचूगढ़ थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी बताया, जिन्हे थाने लाया गया तथा उनके परिजनो को सूचित किया गया । उनके पुत्र गोपीनाथ ने बताया कि मेरी माँ का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है । जयमाना को उनके पुत्र गोपीनाथ के सुपुर्द किया गया । परिवारीजन पुलिस को धन्यवाद दिए।

  • पूरनपुर दहेजलोभियों ने विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाला दबंग किस्म के लोग हैं विवाहिता को जान का खतरा

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    रिपोर्ट ज़ाहिद अली
    पीलीभीत पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत टांडा छत्रपति में विवाहित को दहेज व नकदी की मांग को लेकर मारपीट कर घर से निकाल दिया जिसकी शिकायत पीड़िता ने पूरनपुर कोतवाली में तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है और ए पत्र राज्य महिला आयोग को भी भेजा है ।

    पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम टांडा छत्रपति का पूरा मामला प्रार्थिनी का विवाह अब से 3 वर्ष पूर्व हिंदू रीति रिवाज के अनुसार राजकुमार पुत्र मंगली प्रसाद निवासी ग्राम टांडा छत्रपति थाना पूरनपुर जिला पीलीभीत के साथ हुआ प्रार्थिनी के माता पिता ने अपनी समर्थ के अनुसार जो भी हो सका दान दहेज दिया था लेकिन प्रार्थनी का पति राजकुमार व जेठ राम किशन व देवर धर्मपाल पुत्रगण मंगली प्रसाद ससुर मंगली प्रसाद पुत्र जीवन लाल व जेठानी पत्नी रामकिशन निवासी गण ग्राम टांडा छत्रपति थाना पूरनपुर पीलीभीत के माता-पिता द्वारा दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे और कम दहेज को लेकर प्रार्थिनी को ताने देने लगे तथा दहेज के रूप में ₹100000 नगद व अन्य घरेलू सामान की मांग करने लगे प्रार्थनी ने अपने ससुरालीजनों को काफी समझाया कि हमारे माता पिता गरीब हैं वह मांग पूरी नहीं कर सकते हैं जितना हो सकता था उन्होंने दिया है अब वे इस स्थिति में नही हैं ।

    जिससे छुब्द होकर उक्त लोग आये दिन प्रार्थनी के साथ मारपीट करने लगे तथा धमकी देते हैं कि यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो तुझे इस घर में नहीं रखेंगे तथा राजकुमार की दूसरी शादी करा दी जाएगी और तुझे मारकर सब निपट लिया जाएगा और तेरे माता पिता कुछ नहीं करवा पाएंगे ।और एक दिन उक्त लोगों ने प्रार्थनी को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया और कहा अपने माता पिता से 100000 रु व अन्य सामान लेकर आना अगर खाली हाथ घर बापिस आयी तो वह लोग उसे जान से मार देंगे ।जिसकी शिकायत पीड़िता ने राज्य महिला आयोग को भी भेजी है और कोतवाली पूरनपुर के भी रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है ।टांडा छत्रपति के रहने वाले राजकुमार पुत्र मंगली प्रसाद की पत्नी रेवती पर राजकुमार से जान का खतरा है।

  • मा. मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित विकास कार्यों की डीएम ने की समीक्षा

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। जिलाधिकारी अरूण कुमार की अध्यक्षता में मा मुख्यमंत्री घोषणा सम्बन्धी विकास कार्यो की समीक्षा बैठक कैम्प कार्यालय में आहूत हुई। बैठक में नवीन विकास प्राथमिकता कार्यक्रम की समीक्षा, 50 लाख के ऊपर के निर्माण कार्यो की समीक्षा, मा मुख्यमंत्री की घोषणा सम्बन्धी, पर्यटन स्थल आदि की समीक्षा हुई। उन्होनें अधिकारियों को निर्देशित किया कि अमेठी बाईपास की सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत का कार्य शीघ्र कराएं कराये। जिलाधिकारी ने कहा कि समस्त निर्माण कार्य ससमय पूर्ण कर लिए जाएं साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। समीक्षा के दौरान सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजनाओं के कार्यो को पूरा करने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये, अन्यथा कार्यवाही तय की जायेगी। उन्होंने पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ, अपर जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम सरोज, अधिशासी अभियंता लोनिवि राकेश चौधरी, जिला पंचायत राज अधिकारी देवेंद्र सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • थाना जगदीशपुर पुलिस व स्वाट टीम द्वारा 01 अदद पिस्टल 32 बोर, 02 अदद तमंचा, 02 अदद कारतूस 315 बोर व 01 अदद तमंचा, 02 अदद कारतूस 12 बोर के साथ 02 अवैध शस्त्र सप्लायर गिरफ्तार

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। पुलिस अधीक्षक डॉ0 ख्याति गर्ग के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम सरोज के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मुसाफिरखाना संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में अपराध एवं अपराधियों की धर पकड़ हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में तथा प्र0नि0 अंगद सिंह जगदीशपुर के निकट नेतृत्व में दिनांक 13.01.2020 को उ0नि0 रमाशंकर त्रिपाठी थाना जगदीशपुर मय हमराह व स्वाट टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर 02 अभियुक्त 1. शादाब पुत्र इबरार नि0 बड़ागांव थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी व अभि0 नसीम पुत्र नदीम नि0 देवकली थाना जगदीशपुर को जगदीशपुर मोड़ मिश्रौली के पास से समय 06:30 बजे शाम को पकड़ लिया गया । अभि0 शादाब की तलाशी से 01 अदद पिस्टल 32 बोर, 01 अदद तमंचा, 01 अदद जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ । अभि0 नसीम की तलाशी से 01 अदद तमंचा, 02 अदद कारतूस 12 बोर व 01 अदद तमंचा, 01 कारतूस 315 बोर बरामद हुआ ।

    गिरफ्तारी का स्थान– जगदीशपुर मोड़ मिश्रौली के पास से दिनांक 13.01.2020 समय– 06.30 बजे शाम

    गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पता
    1. शादाब पुत्र इबरार नि0 बड़ागांव थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी ।
    2. नसीम पुत्र नदीम नि0 देवकली थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी ।
    पुलिस द्वारा की गई कार्यवाहीः
    1. मु0अ0सं0 19/2020 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी । (बनाम शादाब)
    2. मु0अ0सं0 20/2020 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी । (बनाम नसीम)
    बरामदगीः
    1. 01 अदद पिस्टल 32 बोर
    2. 02 अदद तमंचा, 02 कारतूस 315 बोर
    3. 01 अदद तमंचा, 02 कारतूस 12 बोर
    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
    1. प्र0नि0 अंगद प्रताप सिंह थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी ।
    2. उ0नि0 रमाशंकर त्रिपाठी थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी ।
    3. उ0नि0 विनोद यादव स्वाट टीम जनपद अमेठी ।
    4. का0 बृजेश आनन्द थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी ।
    5. का0 ज्ञानेन्द्र सिंह स्वाट टीम जनपद अमेठी ।
    6. का0 इमाम हुसैन स्वाट टीम जनपद अमेठी ।

  • GANGA YATRA की तैयारियां: सीवरेज गंगा और सहायक नदियों में गिराने पर लगाई रोक

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 27 से 31 जनवरी तक निकलने वाली गंगा यात्रा को दिव्य-भव्य बनाने की तैयारियां चल रही हैं। इस क्रम में यात्रा के दौरान गंगा और सहायक नदियों में अशोधित सीवरेज गिराने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रमुख सचिव (नगर-विकास) मनोज सिंह ने इस सबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। इसके लिए मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 26 जिलों से गुजरने वाली यात्रा के समय किसी भी तरह का तरल और ठोस कचरा गंगा में नहीं गिराया जाएगा। इस दौरान ओडीएफ घोषित हो चुके गांवों में स्वच्छता का पूर्णतया ध्यान रखा जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन करवाए जाने के निर्देश हैं।

    प्रमुख सचिव ने नदी के किनारे बसे कानपुर, प्रयागराज, और वाराणसी नगर-निगमों, पालिका परिषदों, नगर पंचायतों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन शहरों के नालों व सीवर के पानी को बायारेमेडिएशन विधि से शोधन करें। इस व्यवस्था का उपयोग कुंभ के दौरान किया गया था।

    ज्ञात हो कि प्रथम यात्रा बिजनौर से कानपुर और द्वितीय यात्रा बलिया से कानपुर तक जाएगी। इन यात्राओं का शुभारंभ राज्यपाल और मुख्यमंत्री करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री और अन्य प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस यात्रा की निगरानी स्वयं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान कहा था कि 1,025 किलोमीटर की यह गंगा यात्रा 26 जिलों, 1,026 ग्राम पंचायतों और 1,638 राजस्व ग्रामों से गुजरेगी। इस यात्रा को सड़क मार्ग के अलावा प्रत्येक दिन जल मार्ग से भी गुजरने की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ से कहा है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पर्याप्त स्टीमर व बोट की व्यवस्था की जाए। परिवहन विभाग को यात्रा के लिए पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

  • जिला स्वास्थ्य समिति की जिलाधिकारी ने की समीक्षा एवं दिये आवश्यक दिशा निर्देश

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। जिलाधिकारी अरूण कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव प्राइवेट अस्पतालों में न कराया जाये बल्कि सरकारी अस्पतालों में इनका प्रसव कराया जायें। उन्होने कहा कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने हेतु आशा, एनम और आंगनबाड़ी कार्यकत्री गर्भवती महिलाओं को प्रेरित करें साथ ही जच्चा व बच्चा की देखरेख, सत प्रतिशत टीकाकरण तथा आहार भी सुनिश्चित करें।सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के विषय में उनको जानकारी उपलब्ध कराये। इस सम्बन्ध में जिन आशा, एनम एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही हो उनके खिलाफ चेतावनी जारी की जाये। उन्होनें मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुये कहा कि प्रत्येक ब्लाकों में ऐसी आशायें चिन्हित की जाये जो बिल्कुल कार्य नही कर रही है उनको हटा करके उनके स्थान पर नई आशा एवं एनम की तैनाती की जाये। उन्होने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं के लिये प्रसव पूर्व टीकाकरण, खून की जांच, रक्तचाप तथा गर्भ के दौरान बरती जाने वाले सावधानियों एवं खान-पान आदि से सम्बन्धित आवश्यक जानकारियों पर आधारित सूचना अंकित की जाये।
    जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में कहा कि जननी सुरक्षा योजना का संचालन पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप करें एवं प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर विश्वसनीयता को बढ़ाया जाये। नवजात शिशु टीकाकरण किसी भी चिकित्साधिकारी के क्षेत्र में कम हुआ तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाये। उन्होने सी0एम0ओ0 को यह भी निर्देश दिये कि आशा, एनम और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की बैठक संयुक्त रूप से आयोजित करें। घर-घर सर्वे के आधार पर बच्चों की सूची तैयार करें इस सूची के आधार पर नवजात शिशुओं का टीकाकरण कराये। उन्होने कहा कि जिन आशाओं के मानदेय का भुगतान समय से नही किया जाता हो उनका भुगतान समय सीमा के अन्तर्गत ही कर दिया जाये।
    उन्होंने सभी चिकित्सकों को उनके तैनाती स्थल पर ही निवास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक मरीजों से शालीनता से पेश आएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी सीएससी/पीएससी व जिला अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के बैठने के लिए कुर्सी, शौचालय, पीने हेतु पानी, सफाई, बिजली व पंखा आदि सभी मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश सीएमओ को दिए। जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू व मलेरिया के बचाव हेतु निरंतर छिड़काव व फागिंग कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एम श्रीवास्तव सहित सभी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व एमओआईसी मौजूद रहे।

  • कुशीनगर मे सिर्फ कागज मे ही बाट दी कबंल और जला दी कई लाख रुपयो का अलाव

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    पडरौना,कुशीनगर : बढ़ती ठंड व शीतलहरी से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने गरीबों को कंबल वितरण का कार्य सिर्फ कागज से ही शुरू किया है। लगातार बढ़ रही ठंड के चलते अब ठिठुरन भरी सर्दी से बचाव के लिए गरीबों को कंबल देने की शुरुवात सिर्फ कागज मे ही कई लाखो का वारा न्यारा कर लिए गए हैं। हालाकी जिला प्रशासन के साथ पडरौना कस्बे के कई नीजी संस्था की टीम ने अपने ओर से कम्बल गरीबो मे वितरित किए है।
    सुत्रो की माने तो कुशीनगर मे गरीबो मे बाटे जाने वाली आपदा बिभाग की ओर से कबंल बितरण मे लाखो रुपयो का गोल माल करके सिर्फ कागज मे ही कबंल बितरण हो गया है । जबकी अभी और गरीबो मे कबंल बितरण के लिए जिला प्रशासन मे सासन को पत्र लिखकर मांग की है।उधर इसी तरह के खेल आलाव जलाने के नाम पर भी लाखो रुपया का खेल सिर्फ पडरौना नगरपालिका मे कागज मे ही खेला जा रहा है ।
    कागज मे ही जल गए  नगरपालिका पडरौना मे कई लाख रुपये की आलाव
    भीषण ठंड व शीतलहर में जनपद का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जबकी नगरपालिका पडरौना प्रशासन ने अब तक कई लाखो का आलाव सिर्फ कागज मे ही जलवा रहा है। हकीकत यह की सोमवार को जब संवाददाता की ओर से किए गए आलाव जलने के मामले मे जांच पडताल मे शहर मे दिन मे तो कहीं भी अलाव नहीं जल रहा है।जबकी आलावे जलवाने के मामले मे यहा की पडरौना नगरपालिका प्रशासन का दावा झूठा साबित हो रहा है। उधर शहर के चौराहों पर ठंड से बचने के लिए लोग कागज का गत्ता व पुआल जलाकर शरीर गर्म कर रहे हैं।पडरौना शहर के सुबाष चौक,बेलवां चुगीं,तिलक चौक,अंबे चौक,बावली चौक, कठकुईया मोड आदि जगहों पर अलाव नहीं जलने से प्रशासन के प्रति लोगों में आक्रोश है।
    सामाजिक व ब्यापारी ने मनोज मोदनवाल ने प्रशासन पर जनता के जानमाल के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए सुबह से लेकर रात तक अलाव जलाने की मांग की है। बेलवा चुंगी  चौराहा के व्यवसायी,मनोज चौरसिया,कठकुईया मोड स्थित भुजा बेचने वाले राजू मदेृशिया आदि का कहना है कि भीषण ठंड का प्रकोप चल रहा है। लेकिन प्रशासन द्वारा कभी कभार  अलाव जलवाया जा रहा है। ठंड से निजात पाने के लिए पुआल व गत्ता जला कर किसी तरह से ठंड से बचाव किया जा रहा है।

  • CM YOGI का पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करना आईएएस लॉबी को नहीं आया रास

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश और नोएडा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को मंजूरी दे दी है। सोमवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई है। इस बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 50 सालों से बेहतर और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए पुलिस आयुक्त प्रणाली की मांग की जा रही थी।

    हमारी कैबिनेट ने ये प्रस्ताव पास कर दिया ह। सीएम योगी ने कहा कि एडीजे स्तर के अधिकारी पुलिस आयुक्त होंगे, जबकि 9 एसपी रैंक के अधिकारी तैनात होंगे। उन्होंने कहा कि एक महिला एसपी रैंक की अधिकारी महिला सुरक्षा के लिए इस सिस्टम में तैनात होगी।

    पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होना आईएएस लॉबी को रास नहीं आया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में प्रणाली को विशेषतौर पर लागू किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्णय होने के कारण वे खुलकर इसका विरोध नहीं कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश आईएएस एसोसिएसन ने भी चुप्पी साधे रहना ही बेहतर समझा है। वहीं, सेवानिवृत्त आईएएस अफसरों ने खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने आशंका जताई कि इस नई व्यवस्था से पुलिस व प्रशासन के बीच संतुलन बिगड़ेगा।

    अपने बयान में पूर्व मुख्य सचिव योगेन्द्र नारायण ने कहा कि प्रशासनिक ढांचे में सिविलियन अथॉरिटी को सुप्रीम माना गया है। गांव वाले भी राजस्व व पुलिस की शिकायत डीएम से करते थे। आज भी आम आदमी पुलिस की वर्दी से खौफ खाता है। इस कारण पुलिस के पास जाने से संकोच करते है। जनता डीएम के पास आसानी से पहुंच जाती है। वर्तमान व्यवस्था ऐसी बनी है, जिसमें डीएम और एसपी के बीच संतुलन स्थापित रहता है। कमिश्नर प्रणाली में यह संतुलन बिगड़ जाएगा।

    इस मामले को लेकर पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन कहते हैं कि डीएम व एसपी समन्वय स्थापित कर जिले में अच्छा काम करते हैं। कई जगह पानी, बिजली व सड़क को लेकर प्रदर्शन होते हैं तो इसमें नागरिक समस्याओं को दूर करने का निर्णय डीएम ही लेते हैं। सरकार ने यह साफ नहीं किया कि उसने पुलिस कमिश्नर प्रणाली क्यों लागू की? वर्तमान व्यवस्था में उसे कहां दोष दिखाई दिया? अभी पुलिस उत्पीड़न की शिकायत डीएम से होती है लेकिन नई व्यवस्था में पुलिस की शिकायत सुनने वाला कोई नहीं रहेगा।

  • UP Cabinet Meeting : योगी सरकार कैबिनेट ने घाघरा को दी ये नई पहचान !

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    लखनऊ। सोमवार को प्रदेश में योगी कैबिनेट ने पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के साथ ही कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट ने प्रदेश की अहम नदी घाघरा नदी का नाम बदलकर सरयू कर दिया है।

    अब घाघरा नदी सरयू के नाम से जानी जाएगी। यूपी सरकार ने राजस्व विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। नदी का नाम बदलने के इस प्रस्ताव को आगे की मंजूरी के लिए गृहमंत्रालय भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलने पर सरकार के सभी अभिलेखों में यह नाम परिवर्तन दर्ज हो जाएगा।

    असल में घाघरा नदी नेपाल में कर्णाली व चीन में जियागेलाहे के नाम से जानी जाती है। उत्तरी भारत में यह गंगा की प्रमुख सहायक नदी है। सरयू नदी यूपी के कई जिलों में अलग-अलग नाम से जानी जाती है। हिमालय से निकल कर नेपाल होते हुए घाघरा भारत में ब्रह्मघाट स्थान पर शारदा नदी से मिलती है ।

    नेपाल से बहराइच होते हुए गोंडा तक यह घाघरा नदी कहलाती है जबकि गोंडा के आगे यह सरयू नदी कहलाती है। सरकार ने अब पूरी नदी का नाम सरयू कर दिया है। सरयू नदी कई जिलों में अलग-अलग नाम से जानी जाती है. नेपाल से बहराइच होते हुए गोंडा तक यह घाघरा नदी कहलाती है जबकि गोंडा के आगे यह सरयू नदी कहलाती है।

    सरकार ने अब पूरी नदी को सरयू नदी नाम दे दिया है। यह नदी दक्षिणी तिब्बत के ऊंचे पर्वत शिखर में मापचाचुंगो हिमनद से निकलती है और उत्तर प्रदेश में बहराइच, सीतापुर, गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, मऊ, बस्ती, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और बलिया से होकर गुजरती है।

    यह गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी है। निचली घाघरा नदी को सरयू के नाम से भी जाना जाता है. अयोध्या इसके दाएं किनारे पर स्थित है। कैबिनेट ने इसका नाम बदलकर सरयू करने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। अब राजस्व अभिलेखों में इसका नाम सरयू दर्ज किया जाएगा।

    घाघरा के नाम परिवर्तन संबंधी प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजने के लिए भी योगी कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद ही घाघरा, सरयू नदी कहलाएगी।

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    Ghaghra River