Category: uttar-pradesh

  • UP: गोली मारकर हत्या समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व प्रधान बिजली यादव की

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ में समाजवादी पार्टी (SP) के नेता बिजली यादव की आज गोली मारकर हत्या कर दी है। मोहम्मदाबाद इलाके में सपा नेता बिजली यादव को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए हैं। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है। बिजली यादव पूर्व प्रधान और सपा के सक्रिय नेता थे। यह हादसा जब हुआ वे घर से टहलने के लिए निकले थे। हमलावरों ने गांव से बाहर उन्‍हें गोली मार दी। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    जानकारी के अनुसार, सपा नेता और पूर्व प्रधान बिजली यादव अपने गांव के पास टहल रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों उन्‍हें गोली मार कर फरार हो गए। इस दौरान सपा एमएलसी राम जतन राजभर ने बताया कि मृतक बिजली यादव साफ छवि के मिलनसार व्यक्ति थे. उनका किसी से भी कोई दुश्मनी नहीं थी. एसपी ने उनके हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।

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  • उप्र में तैयारी पुलिस कमिश्नरी प्रणाली की

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की कवायद चल रही है। बताया जा रहा है कि इसे लखनऊ व गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इसके बाद अब कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पुलिस कमिश्नर प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर मंथन किया। इस दौरान खासकर हरियाणा के गुरुग्राम व मुंबई मॉडल पर चर्चा की गई।

    लखनऊ व नोएडा में हालांकि एसएसपी के पद खाली हैं और कैबिनेट की बैठक मंगलवार को होनी है। ऐसे में यह भी संभावना है कि सरकार बाई सर्कुलेशन पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है।

    पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओ.पी. सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान स्वीकार किया कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने को लेकर शासन में मंथन चल रहा है। उनका कहना है कि इस पर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है।

    राज्य सरकार का तर्क यह है कि इससे जिलों की कानून व्यवस्था बेहतर होगी। इसके बाद कानून एवं व्यवस्था सहित तमाम प्रशासनिक अधिकार भी पुलिस कमिश्नर के पास रहेंगे।

    पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने आईएएनएस को बताया कि कमिश्नरी प्रणाली अंग्रेजों के समय से चेन्नई, कोलकता और मुंबई में लागू थी। इसके बाद इसे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हैदराबाद, राजकोट और अहमदाबाद जैसे शहरों में भी लागू किया गया। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश और पंजाब में यह प्रणाली लागू नहीं है।

    उन्होंने बताया कि इसमें उप पुलिस अधीक्षक (डिप्टी एसपी) से ऊपर जितने अधिकारी होते हैं, उनके पास मजिस्ट्रेट स्तर की शक्ति होती है। मगर थानाध्यक्ष और सिपाही को वही अधिकार रहेंगे, जो उन्हें फिलहाल मिले हुए हैं।

    पूर्व डीजीपी ने बताया कि कहीं विवाद या बड़े बवाल जैसी घटना होती है तो जिलाधिकारी के पास ही भीड़ नियंत्रण और बल प्रयोग करने का अधिकार होता है, मगर कमिश्नरी लागू होने पर इसका अधिकार पुलिस के पास होगा। इसके साथ ही शांति व्यवस्था के लिए धारा-144 लागू करने का अधिकार भी कमिश्नर को मिल जाएगा।

    अब तक लखनऊ व नोएडा में नए एसएसपी की तैनाती भी नहीं की गई है। इससे यहां कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने की संभावना और भी बढ़ गई है।

  • यूपी कैबिनेट की बैठक कल : पुलिस कमिश्नर प्रणाली पर योगी आदित्यनाथ सरकार लगा सकती मुहर

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट बैठक कल यानी सोमवार को होगी। लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली पर मुहर लग सकती है।

    उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक वैसे तो मंगलवार को होती है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 14 व 15 को लखनऊ से बाहर रहने के कारण बैठक सोमवार को ही होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार 9:30 बजे से होने वाली प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक होगी। इसमें लखनऊ और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में पुलिस आयुक्त प्रणाली को लागू करने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है। सीएम योगी आदित्यनाथ इस बैठक के बाद गोरखपुर रवाना होंगे। उनका गोरखपुर में 15 जनवरी तक का कार्यक्रम है। कैबिनेट बैठक में पुलिस आयुक्त प्रणाली, कृषक दुर्घटना कल्याण योजना सहित कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है।

    बड़ा होगा पुलिस के अधिकारों का दायरा

    आइपीएस संवर्ग के अधिकारी चालीस से अधिक वर्ष से प्रदेश में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू कराने की जो जंग लड़ रहे थे, वह आखिरकार निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। कानून-व्यवस्था के मोर्च पर अब पुलिस के पास भी प्रशासनिक अधिकारियों की तरह बड़े अधिकार होंगे। लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को सौंप दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खास बैठक कर इसे लागू करने को लेकर लेकर गहन विचार विमर्श भी किया। पुलिस कमिश्नर को दिए जाने वाले अधिकारों को लेकर गहन मंथन चला। इसर कसरत के चलते ही लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में अब तक एसएसपी की तैनाती नहीं की गई है।

    डीजीपी मुख्यालय ने पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने को लेकर जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसमें लखनऊ में एडीजी स्तर के अधिकारी को पुलिस आयुक्त बनाने की सिफारिश की गई है। पुलिस आयुक्त के नीचे आइजी स्तर के दो अधिकारियों को संयुक्त पुलिस आयुक्त, एसपी स्तर के नौ अधिकारियों को पुलिस उपायुक्त, एएसपी स्तर के नौ अधिकारियों को अपर पुलिस उपायुक्त व सीओ स्तर के 26 अधिकारियों को सहायक पुलिस आयुक्त के पदों पर तैनाती देने का प्रस्ताव है। इसी तरह से ही गौतमबुद्धनगर में आइजी अथवा उससे वरिष्ठ अधिकारी को पुलिस आयुक्त, उनके अधीन डीआइजी स्तर के दो अधिकारियों को अपर पुलिस आयुक्त, एसपी स्तर के छह अधिकारियों को पुलिस उपायुक्त, एएसपी स्तर के नौ अधिकारियों को अपर पुलिस उपायुक्त व सीओ स्तर के 15 अधिकारियों को सहायक पुलिस आयुक्त बनाए जाने का प्रस्ताव है। हर सर्किल में दो अथवा तीन थानों को ही रखा जाएगा। दोनों ही जिलों में पुलिस आयुक्त व संयुक्त पुलिस आयुक्त के नामों को लेकर भी चर्चा की जा रही है। इनमें बीते दिनों पदोन्नति पाकर एडीजी बने जयनारायण सिंह व एडीजी बने आलोक सिंह, आइजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार त्रिपाठी समेत कई अन्य अधिकारियों के नाम रेस में हैं।

    डीजीपी ओपी सिंह ने संभावित नामों की एक सूची भी शासन को सौंपी है। माना जा रहा है कि शासन स्तर पर अंतिम निर्णय के बाद जल्द पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने की घोषणा हो सकती है।

    यह मिलेंगे अधिकार

    कमिश्नर प्रणाली के तहत पुलिस को धारा 144 लागू करने, लोगों को पाबंद करने, शांतिभंग के तहत चालान में आरोपित को थाने से जमानत पर रिहा करने के अधिकार देने पर सहमति बनी है। पुलिस को एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून), गुंडा एक्ट व गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार भी मिलेगा। पुलिस कमिश्नर शस्त्र लाइसेंस जारी करने के अधिकारी भी होंगे। सूत्रों का कहना है सराय अधिनियम, आबकारी अधिनियम व चलचित्र अधिनियम के तहत पुलिस को अधिकार देने की सहमति नहीं बनी है। ऐसे ही कई अन्य अधिकारों को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

    बढ़ेंगे दो-दो थाने

    लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी व गोमतीनगर एक्सटेंशन दो नए थानों के गठन की मंजूरी हो चुकी है। गौतमबुद्धनगर में भी दो नए थानों के गठन का प्रस्ताव पास हो चुका है। बताया गया कि दोनों जिलों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की मंजूरी के साथ ही दो-दो नए थानों की अधिसूचना भी जारी करने की तैयारी है।

    पीपीएस अधिकारियों के बढ़ेंगे अधिकार

    लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पदोन्नति पाकर आइपीएस बने अधिकारियों व पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों को तैनाती में बराबर का मौका दिया जाएगा। कमिश्नर प्रणाली में अब पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों के पास कानून-व्यवस्था से जुड़े किसी मौके पर वह अधिकार हासिल होंगे, जिनके लिए उन्हें वर्तमान मेंं पीसीएस संवर्ग के अधिकारियों की अनुमति का इंतजार करना पड़ता है।

    इन शहरों में भी बदलेगी व्यवस्था

    प्रदेश में लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नर प्रणाली बतौर पायलेट प्रोजेक्ट लागू किए जाने पर चर्चा शुरू हुई थी। माना जा रहा है कि लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में इस प्रणाली की सफलता के आधार पर अन्य बड़े शहरों में भी कदम बढ़ाए जाएंगे।

  • थाना मोहनगंज पुलिस द्वारा चोरी के माल मशरूका के साथ एक नफर अभियुक्त गिरफ्तार

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। पुलिस अधीक्षक डा0 ख्याति गर्ग के निर्देशन में व अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम सरोज के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी तिलोई राजकुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में अपराध एवं अपराधियों के धर पकड़ हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में प्र0नि0 मोहनगंज श्री राजेश कुमार सिंह के निकट नेतृत्व में उ0नि0 इन्द्रपाल सिंह मय हमराह रविवार को देखभाल क्षेत्र, तलाश वांछित अपराधी/वारण्टी व विवेचना सम्बन्धित मु0अ0सं0 07/2020 धारा 380 भादवि के अभियुक्त की तलाश में तिलोई कस्बे मे मौजूद था । मुखबिर की सूचना पर दिनांक 08.01.2020 को सन्दीप बरनवाल के दुकान में चोरी करने वाले अभियुक्त रवीन्द्र चौरसिया को बस अड्डा तिलोई के पास से चोरी के सामान 01 अदद प्रिन्टर (HP Laser Zet p 1000 7), 01 अदद टैबलेट व 1360 रु0 के साथ आज दिनांक 12.01.2020 को समय करीब 07.30 बजे गिरफ्तार किया गया । बरामदगी व कृत कार्यवाही का विवरण निम्न है

    गिरफ्तार किये गये अभियुक्त का नाम व पता
    रवीन्द्र चौरसिया पुत्र श्रीपाल चौरसिया निवासी ग्राम तिलोई थाना मोहनगंज जनपद अमेठी उम्र 32 वर्ष ।
    बरामदगी विवरण
    1. 01 अदद प्रिन्टर (HP Laser Zet p 1000 7)
    2. 01 अदद टैबलेट
    3. 1360 रु0 नगद
    पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही
    मु0अ0सं0 07/2020 धारा 380/411 भादवि पंजीकृत थाना मोहनगंज जनपद अमेठी ।
    गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम
    1. उ0नि0 इन्द्रपाल सिंह, थाना मोहनगंज, अमेठी |
    2. कां0 अनिरूद्ध यादव, थाना मोहनगंज, अमेठी।
    3. का0 सौरभ अग्रहरि, थाना मोहनगंज, अमेठी

  • समाज सेविका मेधा पाटकर ने कहा- फांसी की सजा देना उचित नहीं निर्भया कांड के दोषियों को

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    अलीगढ़। नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रर्वतक मेधा पाटकर ने दुष्कर्मियों को फांसी की सजा दिए जाने को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को तो फांसी की सजा नहीं हुई, लेकिन निर्भया केस के चारों दोषियों को फांसी की सजा दी जा रही है, जो उचित नहीं है। फांसी की सजा नहीं होनी चाहिए।

    समाज सेविका मेधा पाटकर रविवार को अलीगढ़ में थीं। यहां उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में आयोजित परिचर्चा में कहा कि संविधान पर हाथ रखकर शपथ लेने वाले संसद में मुठ्ठी भर हैं। वे जनता की जनसंख्या की तुलना में कम हैं। आज उनके ऊपर जिम्मेदारी डालकर नहीं चलेगा। भविष्य के युवा यहां सच्चे चौकीदार बनकर खड़े हैं। झूठे चौकीदारों को औकात दिखाने के लिए अपनी ऊर्जा दिखा रहे हैं।

    मेधा पाटकर ने कहा ये दो कौम जिंदा है। हम किसका हिस्सा हैं ये समझकर हमें चुप नहीं बैठना चाहिए। हस्ताक्षर अभियान करना चाहिए। जब जेएनयू के अध्यापक आंदोलन में शामिल हो रहे हैं तो मुझे विश्वास है यहां के अध्यापक भी कुलपति तक हमारी दर्द भरी आवाज पहुंचाएंगे। मुस्लिम समाज की नारियां बाहर आकर बैठीं हैं तो आपकी जीत और निश्चित हो गई है। अब हम खुलकर सब सामने आएं। विनम्र रहें, अहिंसक रहें, सत्याग्रही रहें। विविधता में एकता मानकर आगे बढ़ते रहें। 25 जनवरी की मध्य रात को मशाल जुलूस निकालें। कार्यक्रम को इतिहास कार प्रो. इरफान हबीब ने भी संबोधित किया।

  • सीएए कानून नागरिकता देने के लिए बना है, किसी की नागरिकता छीनने के लिए नही-शिक्षा मन्त्री

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर। प्रदेश के बेसिक शिक्ष राज्य मन्त्री (स्वतंन्त्र प्रभार) सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि सीएए कानून नागरिकता देने के लिए बना है, किसी की नागरिकता छीनने के लिए नही।
    यह विचार शिक्षा मन्त्री प0 राम नरेश त्रिपाठी सभागार में आयोजित राष्ट्रहित में बढ़ते कदम की संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये। उन्होने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा देश के हित में कदम उठाये जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 को भी सरकार द्वारा लागू किया गया पर कुछ लोगों द्वारा अपने राजनैतिक स्वार्थवश नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 को गलत ढंग से परिभाषित किया जा रहा है। जबकि यह कानून हमारे पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहाॅ के विस्थापितों हिन्दु, सिख, इसाई, जैन बौद्व, पारसी आदि जो वर्ष 2014 तक इस देश में आ गये हो, को नागरिकता प्रदान करने का प्राविधान इस अधिनियम में किया गया है।
    शिक्षा मन्त्री ने कहा कि सीएए कानून नागरिकता देने के लिए बना है, किसी की नागरिकता छीनने के लिए नही। भारत के अल्पसख्यकों विशेषकर मुसलमानों का सीएए से कोई अहित नही है। इस कानून से देश के नागरिकों की नागरिकता पर कोई प्रभाव नही पड़ेगा। यह कानून किसी भी भारतीय हिन्दु, मुसलमान, सिख, इसाई, जैन बौद्व, पारसी आदि को प्रभावित नही करेगा। उन्होने कहा कि इस अधिनियम के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहाॅ से आये हिन्दु, सिख, इसाई, जैन बौद्व, पारसी धर्म को मानने वाले शरणार्थियों को भारत की नगारिकता दी जायेगी, जो 31 दिसम्बर 2014 से पूर्व से ही इस देश में रह रहे हो तथा जो केवल इन तीन देशों से धर्म के आधार पर प्रताड़ित किये गये हो। उन्होने यह भी कहा कि अभी तक भारतीय नगारिकता लेने के लिए 11 वर्ष भारत में रहना अनिवार्य था। मन्त्री जी ने कहा कि यह कानून केवल उन लोगों के लिए है, जिन्होने वर्षो से बाहर रहकर उत्पीड़न का सामना किया और उनके पास भारत आने के अलावा और कोई जगह नही है।

    उन्होने कार्यकर्ताओं से इस अधिनियम के विषय में जनजागरूकता लाते हुए भ्रम को दूर करने का आहवान किया। इससे पूर्व मंत्री जी व अन्य अतिथगणों ने माॅ सरस्वती जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया।
    कार्यक्रम को राष्ट्रीय महामंत्री अखिल भारतीय संत समिति स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती व अध्यक्ष डाॅ0 राम मनोहर लोहिया शिक्षक संघ अयोध्या डाॅ0 वी0पी0 सिंह ने भी सम्बोधित किया।
    इस अवसर पर विधायक सुलतानपुर सूर्यभान सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा जगजीत सिंह, राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका बबिता जायसवाल, डाॅ0 आर0ए0 वर्मा, डाॅ0 जे0पी0 सिंह, डाॅ0 ए0के0 सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 सीबीएन त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी डाॅ0 डी0 आर0 विश्वकर्मा, डाॅ0 प्रीती प्रकाश, सीमा सिंह तथा कार्यक्रम का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा किया गया।

  • विशेष मतदाता अभियान दिवस पर जिलाधिकारी ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिला मजिस्ट्रेट अरुण कुमार ने आज विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत विधानसभा अमेठी के मतदान केंद्र प्राथमिक विद्यालय सरायखेमा, प्राथमिक विद्यालय रामनगर द्वितीय, प्राथमिक विद्यालय बेनीपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमेठी व प्राथमिक पाठशाला प्रथम अमेठी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बीएलओ से फॉर्म 6, 7 व 8 में अभी तक कितने फॉर्म भरे गए हैं इसकी जानकारी लिया। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार आज जनपद के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत विशेष कैंप का आयोजन किया गया है। जिलाधिकारी ने 01 जनवरी 2020 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जेंडर रेशियो बराबर रखने के लिए महिला मतदाताओं का अधिक से अधिक मतदाता सूची में नाम दर्ज किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों का नाम दो या दो से अधिक बार हो उनका नाम मतदाता सूची में एक ही बार दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि जो मतदाता आ रहे हैं उनका नाम तथा मोबाइल नंबर सहित फार्म 6 भरवाया जाए। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) वंदिता श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी अमेठी योगेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।

  • मऊ में रविवार की दोपहर एक आरोपित को हिरासत में लिया धर्मांतरण की सूचना पर पहुंची पुलिस ने

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    मऊ। मधुबन थाना क्षेत्र के दुबारी मल्लाहटोली में धर्मांतरण की सूचना पर रविवार की दोपहर मौके पर पहुंची पुलिस ने एक व्‍यक्ति को पुछताछ के लिए हिरासत में लिया है। वहीं मौके पर जुटे ग्रामीणों ने आरोपित व्‍यक्ति पर लोगों के धर्मांतरण का आरोप लगाया है। वहीं इस दौरान प्रार्थना कर रहे लोगों ने धर्मांतरण से इंकार किया है। इस दौरान पुलिस के पहुंचने से मौके पर काफी देर तक तनाव की स्थिति भी बनी रही।

    इससे पूर्व क्षेत्र में लंबे समय से रविवार को प्रार्थना सभा करने और धार्मिक प्रवचन के बीच चंगाई को लेकर लोगों की काफी जुटान होती थी। पूर्व में भी क्षेत्र में धार्मिक विवाद को देखते हुए रविवार को स्‍थानीय लोगों ने पुलिस को इस बाबत सूचना दी। जानकारी होने पर पुलिस मौेके पर पहुंची और लोगों से पूछताछ भी किया। इस दौरान धार्मिक क्रियाकलापों में लिप्‍त एक व्‍यक्ति को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। वहीं मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद विवाद भी हुआ। हालांक‍ि पुलिस के हस्‍तक्षेप की वजह से विरोध की स्थिति नहीं बनी। वहीं पुलिस ने भी मामले की पूरी पड़ताल करने के बाद आवश्‍यक कार्रवाई करने की जानकारी दी है।

  • आज अमेठी में मनाएंगी प्रियंका गांधी जन्मदिन, रायबरेली में चलाएंगी प्रशिक्षण शिविर

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत और व्यापक बनाने के प्रयास में जुटीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 12 जनवरी को अपना जन्मदिन अमेठी में मनाएंगी। इस मौके पर पर वरिष्ठ कांग्रेसियों को सम्मानित भी करेंगी। प्रियंका इसके बाद अपनी मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों के लिए प्रशिक्षण शिविर 16 से लेकर 19 जनवरी तक चलाने जा रही हैं। कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रियंका ने पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रशासन प्रभारी सिद्धार्थ प्रिय को एक पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने रायरबेली के चार दिवसीय दौरे के दौरान 16 से 19 जनवरी तक कांग्रेस के जिला व शहर अध्यक्षों को दो-दो दिन प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी दी है। उनके इस दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी बेहद सक्रिय है।

    प्रियंका अपने चार दिनी दौरे में दो दिन पूर्वी यूपी और दो दिन पश्चिमी यूपी के सभी शहर व जिला अध्यक्षों से मिलेंगी और उन्हें प्रशिक्षण दिलाएंगी। चारों दिन प्रियंका प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद रहेंगी। कार्यक्रम के लिए निर्धारित प्रत्येक विषय को समझाने के लिए विशेषज्ञ भी आमंत्रित किए गए हैं।

    पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 16 और 17 जनवरी को पूर्वी यूपी और 18 व 19 को पश्चिमी यूपी के जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    नई टीम को प्रियंका गांधी पार्टी के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ दो-दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में एनआरसी, एनपीआर और सीएए जैसे मुद्दों पर विस्तार से पार्टी के रुख की जानकारी देंगी।

    प्रियंका ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के जिला तथा शहर अध्यक्षों की नई टीम तैयार की है। इसके लिए उन्हें पुराने कांग्रेसियों से बैर भी मोल लेनी पड़ी है।

  • GAURAV CHANDEL MASSACRE: STF को सौंपी जांच, सस्पेंड हुए बिसरख कोतवाल सहित 6 पुलिसकर्मी

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    गौतमबुद्ध नगर। निजी कंपनी के रीजनल मैनेजर गौरव चंदेल हत्याकांड और लूट के मामले में यूपी पुलिस अभी तक खाली हाथ है। इससे नाराज मेरठ मंडल की आयुक्त अनिता सी. मेश्राम और मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आलोक सिंह शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मिले। परिवार ने जो कुछ चौंकाने वाली जानकारियां दोनों आला अफसरों को दीं, उसे सुनकर अफसरों ने आनन-फानन में मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हवाले कर दी।

    इतना ही नहीं हत्या और लूट के इस मामले में पांच दिन से हत्यारों को पकड़ने में नाकाम रहे बिसरख थाना इंचार्च मनोज पाठक, उनके मातहत दारोगा वेदपाल सिंह तोमर, राजेंद्र कुमार सिंह और फेज-3 कोतवाली की गढ़ी चौखंडी इंचार्ज दारोगा मान सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।

    जबकि क्षेत्राधिकारी-3 ग्रेटर नोएडा राजीव कुमार की रिपोर्ट के आधार पर चेरी काउंटी चौकी प्रभारी दारोगा सन्नी जावला और चौकी इंचार्ज गौर सिटी को घटना वाली रात लेट-लतीफी के चलते ‘लाइन-हाजिर’ किया गया है। इस मामले में लापरवाही के चलते नपने वाले लापरवाह दारोगाओं में सब-इंस्पेक्टर मान सिंह गढ़ी चौखंडी प्रभारी थे।

    उल्लेखनीय है कि गौरव चंदेल के घर मेरठ की मंडलायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक शुक्रवार को पहुंचे थे। तब परिवार वालों ने इस हत्याकांड और लूट की वारदात में इलाकाई पुलिसकर्मियों की कारगुजारियों से उन्हें वाकिफ कराया था। गौरव चंदेल ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी में रहते थे। सात जनवरी, 2020 की रात घर से चंद फर्लांग की दूरी पर लूट के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।

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    परिवार वाले जब थाने और इलाके में मौजूद पुलिस चौकियों पर पहुंचे तो नींद के मारे पुलिस वालों ने उन्हें वहां से भगा दिया था। पुलिसकर्मियों ने कहा था कि दिन निकलने पर अगले दिन आना तब गौरव को तलाश लेंगे। जबकि गौरव की लाश परिवार वालों ने उसी रात (मंगलवार तड़के चार बजे) इलाके में तलाश ली थी।

    मामले में पुलिस वालों द्वारा बरती गई लापरवाही की जांच के आदेश तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने भी दिए थे। वह जांच पूरी हो पाती और दोषी व निठल्ले बिसरख कोतवाल और उनके मातहत दारोगा चौकी इंचार्ज नप पाते, उससे पहले यूपी सरकार ने वैभव कृष्ण को ही सस्पेंड कर दिया।