Category: uttar-pradesh

  • स्पाॅन्सरशिप योजना का लाभ अधिक से अधिक बच्चों को दिलायें- जिलाधिकारी

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर। अध्यक्ष जिला पंचायत ऊषा सिंह की अध्यक्षता में तथा जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती की सह-अध्यक्षता में चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विसेज की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई, जिसमें योजना का प्रचार प्रसार कराने पर जोर दिया गया, ताकि योजना का लाभ असहाय, गरीब, निराश्रित बच्चों को मिल सके।
    बैठक में जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित सी0डब्ल्यू0सी0 को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन महिला एवं बच्चों के प्रति काफी संवेदनशील है। शासन द्वारा इनके कल्याण हेतु विभिन्न योजनाओं को संचालित किया जा रहा है। हम सब का दायित्व है कि संचालित योजनाओं का लाभ पात्रों को शत-प्रतिशत मिल सके। उन्होंने निराश्रित, असहाय, गरीब 18 वर्ष तक के बच्चों हेतु संचालित स्पाॅन्सरशिप योजना, जिसके तहत दो हजार रूपये की सहायता दी जाती है, को ग्राम स्तर तक प्रचार-प्रसार करते हुए एक हजार बच्चों को योजना से आच्छादित करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिक/सदस्यों को जिला पंचायत अध्यक्ष व जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया।  
    बैठक में बाल श्रमिकों को सर्वे के आधार पर चिन्हित स्थानों पर छापेमारी करना, चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विसेज का व्यापक प्रचार-प्रसार करना, पालन-पोषण कार्यक्रम के अन्तर्गत बच्चों के चयन, पालन शिशु स्वागत केन्द्र आदि बिन्दुओं की भी विस्तार से समीक्षा की गयी।
    

  • डॉ. कफील पर भडक़ाऊ भाषण के लिए मामला दर्ज, CAA को लेकर AMU में कही थी ये बातें

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    अलीगढ़। साल 2017 में गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में 60 बच्चों की मौत के बाद सुर्खियों में आए डॉ. कफील पर अब नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में हुई एक खुली बातचीत में कथित तौर पर भडक़ाऊ भाषण देने के चलते मामला दर्ज किया गया है।

    अलीगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक ने कहा कि उनके खिलाफ 13 दिसंबर को सिविल लाइंस पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए (धर्म, भाषा, नस्ल के आधार पर लोगों में नफरत फैलाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

    प्राथमिकी के मुताबिक, कफील ने अपने भाषण में कहा, मोटा भाई सभी को हिंदू या मुसलमान बनाना सिखा रहे हैं, लेकिन इंसान बनाना नहीं। आरएसएस के अस्तित्व में आने के बाद से वे संविधान पर यकीन नहीं रखते हैं। नागरिकता कानून (सीएबी) मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बना रहा है और इसके बाद उन्हें एनआरसी के कार्यान्वयन के साथ परेशान किया जाएगा। कफील ने आगे कहा कि यह लड़ाई हमारे अस्तित्व के लिए है। हमें लडऩा होगा।

    उन्होंने आगे यह भी कहा कि आरएसएस संचालित विद्यालयों में यह सिखाया जा रहा था कि जिनकी दाढ़ी है, वे आतंकी हैं। कफील ने कहा कि सीएए के माध्यम से सरकार ने हमें बताया है कि यह देश हमारा नहीं है। प्राथमिकी में बताया गया है कि कफील ने अपने भाषण से शांतिपूर्ण माहौल को बिगाडऩे और सांप्रदायिक सद्भावना को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है।

    इस बीच, नागरिकता (अधिनियम) कानून के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में हो रहे प्रदर्शन के बीच भडक़ाऊ और हिंदुत्व विरोधी नारे लगाने वाले एक और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

    प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए (धर्म, भाषा, नस्ल के आधार पर लोगों में नफरत फैलाना) के तहत दर्ज की गई है। भारतीय जनता पार्टी के युवा कार्यकर्ता संदिग्धों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, उनका दावा है कि वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हैं।

  • हंगामेदार शुरुआत हुई उत्तर प्रदेश विधानमंडल सत्र की

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की मंगलवार को हंगामेदार शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया। हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। सपा नेताओं ने विधानमंडल भवन में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास शर्ट उतारकर नागरिकता कानून का विरोध किया।

    उन्होंने कहा कि यह कानून देश के संविधान के खिलाफ है और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए। महिलाओं और कमजोर वर्ग के प्रति अपराधों में बेतहाशा वृद्घि, महंगाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं के अलावा सीएए का मुद्दा उठाते हुए सपा विधायकों ने सदन के बाहर और भीतर जमकर हंगामा किया।

    विपक्ष के हंगामे के कारण विधान परिषद की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सपा सदस्यों ने फिर सीएए, कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मुद्दों पर नारेबाजी शुरू कर दी। अधिष्ठाता ओम प्रकाश शर्मा को सदन की कार्यवाही अपराह्न् 12.20 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान सदन में बसपा और कांग्रेस के विधायकों ने भी सरकार का विरोध किया, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से। विरोध करते हुए वे न वेल में गए और न धरना दिया।

    इस दौरान सपा विधायकों ने हाथों में तख्ती ले रखीं थी। सपा विधायक ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ के नारे लगा रहे थे।

    विधानमंडल का शीतकालीन सत्र मंगलवार को शुरू हुआ, जो 20 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। यह मौजूदा वित्त वर्ष का दूसरा अनुपूरक बजट होगा।

  • उत्तर प्रदेश : निजी विश्वविद्यालयों पर सरकार की शिकंजा कसने की तैयारी

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार अब निजी विश्वविद्यालयों पर शिंकजा कसने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने आदर्श परिनियमावली तैयार करके सभी निजी विश्वविद्यालयों को भेजी है। सरकार की ओर से भेजे निर्देश में कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालयों में कुलपति पांच साल के लिए नियुक्त किए जाएंगे। विशेष सचिव (उच्च शिक्षा) मनोज कुमार की ओर से सभी 27 निजी विश्वविद्यालयों को आदर्श परिनियमावली भेज दी गई है।

    परिनियमावली के अनुसार, शैक्षिक सत्र की शुरुआत से पहले सभी निजी विश्वविद्यालय अपना एकेडमिक कैलेंडर बनाएंगे और उसे कार्यपरिषद से पारित करवाएंगे। निजी विश्वविद्यालय राज्य सरकार की स्वीकृति लेकर अपने दीक्षांत समारोह में प्रतिष्ठित व्यक्ति को मानद उपाधि भी दे सकेंगे। शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करना होगा।

    निजी विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि उन्हें अब अपना एकेडमिक कैलेंडर वेबसाइट पर ऑनलाइन करना होगा। उन्हें विश्वविद्यालय में एकेडमिक काउंसिल, वित्त समिति सहित विभिन्न समितियों, कुलपति, प्रतिकुलपति, प्रॉक्टर सहित विभिन्न अधिकारियों, शिक्षक व कर्मचारियों की नियुक्ति नियमों के तहत करनी होगी।

    सरकार की ओर से निजी विश्वविद्यालयों से तत्काल परिनियमावली मंगवाई गई है। इसे तत्काल प्रभाव से भेजना है। वे अगर समय से नहीं भेज पाए तो उसे स्वत: ही पास माना जाएगा। इसके तैयार होने के बाद निजी विश्वविद्यालयों की मनमानी पर ब्रेक लगेगा। उन्हें शिक्षकों व कर्मचारियों को मनमाने ढंग से निकालने की छूट नहीं होगी। अगर कोई अनुशासनहीनता का आरोपी है तो उसे अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। कार्यपरिषद द्वारा एक जांच कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दो माह के अंदर कार्रवाई की जाएगी।

  • सरकार की तानाशाही के ख़िलाफ़ BJP के 200 से ज़्यादा विधायक बैठे धरने पर

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    लखनऊ।  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा के सामने बीजेपी के ही 200 विधायक अपनी ही योगी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए. इससे बीजेपी और सरकार दोनों के लिए असहज स्थिति उत्पन्न हो गई । तब और मामला बढ़ा जब विपक्ष भी बीजेपी विधायकों का समर्थन करने गले । दरअसल, मामले की शुरुआत हुई बीजेपी विधायक नन्द किशोर गुर्जर से. यूपी की लोनी सीट से विधायक नन्द किशोर गुर्जर को यूपी सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

    विधायक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिकारी से मारपीट का आरोप था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार बीजेपी विधायक नन्द किशोर ने अधिकारियों से मीट की दुकानों के लाइसेंस नहीं बनाने को कहा. इसे लेकर अधिकारियों से उनकी मारपीट हुई. विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. पार्टी ने उन्हें नोटिस दिया था। वह इसे लेकर गुस्से में थे।

    इसी बीच आज यूपी विधानसभा का शीतकाल शुरू हुआ।. आज पहला दिन था। नन्द किशोर गुर्जर नागरिकता क़ानून के बारे में कुछ बोलना चाहते थे, लेकिन संसदीय कार्यमंत्री ने उन्हें बैठने को कहा। बस यहीं से वह नाराज हो गए. विधायक नन्द किशोर का कहना था कि उनके खिलाफ साजिश हो रही है। नन्द किशोर के साथ करीब 200 विधायक धरने पर बैठ गए। विपक्ष के विधायक भी बीजेपी विधायकों के खिलाफ हो लिए। विपक्ष के विधायकों का कहना था कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था का हाल बुरा ।

    सदन में भाजपा के विधायकों का विद्रोह थम नहीं रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा मंत्री धरने पर बैठे विधायकों को मनाने में विफल हैं। सदन में धरना पर बैठे विधायकों ने दिनेश शर्मा के साथ संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना को लौटाया। विधायकों के बीच मंत्री सुरेश राणा भी मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश के सदन के इतिहास में पहली बार सत्ता पक्ष के विधायकों का ऐसा प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।

  • कुशीनगर में धर्मसमधा मंदिर की संपत्ति के मामले में फर्जी तरीके से बनायी गयी पंजीकरण निरस्त

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर। फर्जी संस्था बनाकर मंदिर व मंदिर की संपत्ति हडपने वाले भू-माफियाओं की संस्था को रजिस्ट्रार ने फर्जी कगार देते हुए निरस्त कर दिया है। बावजूद इसके भूमाफियाओ द्वारा मंदिर पर अवैध स्वामित्व पाने के लिए मंदिर के पुजारी को डराया धमकाया जा रहा है। इधर मंदिर के पीठाधीश्वर ने कहा कि देर है अंधेर नही ऊपर वाले के लाठी मे आवाज नही होती है लेकिन चोट असरदार होती है।गौरतलब है जनपद के रामकोला स्थित धर्मसमधा मंदिर व मंदिर की संपत्ति को हडपने के उद्देश्य से गाव के दबंग दुर्गा खरवार, राम प्रताप यादव, राजेश कुमार, चन्द्रिका खरवार, मुन्ना यादव, वेद प्रकाश शर्मा, नरेंद्र यादव, इन्द्रदेव प्रसाद आदि ने सोसायटी रजि0 एक्ट के तहत वर्ष 2017-2018 मे सहायक रजिस्ट्रार फम्स सोसाइटी तथा चिट्स गोरखपुर कार्यालय से प्राचीन दुर्गा मंदिर समिति धर्मसमधा रामकोला के नाम से फर्जी संस्था का पंजीकरण कराया था।

    इस पर मंदिर के पीठाधीश्वर लालमनी तिवारी ने आपत्ति दर्ज कराते हुए क्षेत्रीय कार्यालय सहायक रजिस्ट्रार गोरखपुर को शपथपत्र देकर फर्जी संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए सहायक रजिस्ट्रार ने उपजिलाधिकारी कप्तानगंज के जांच आख्या का बिन्दूवार अवलोकन के बाद दुर्गा खरवार( जिनकी मृत्यु हो गयी है) चन्द्रिका खरवार, राम प्रताप यादव, राजेश कुमार, मुन्ना यादव, चन्द्रभान गौतम, विन्ध्वासनी गुप्ता आदि द्वारा फर्जी तरीके से बनायी गयी है संस्था प्राचीन दुर्गा मंदिर समिति का पंजीकरण निरस्त कर दिया है।

    सहायक रजिस्ट्रार फम्स सोसाइटीज तथा चिट्स गोरखपुर ने अपने आदेश मे कहा है कि प्रस्तुत आपत्ति व उपजिलाधिकारी कप्तानगंज के रिपोर्ट व तथ्यों आधार पर पाया सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 की धारा – 12 (डी)(1) के अन्तर्गत संस्था प्राचीन दुर्गा मंदिर समिति ग्राम – धर्मसमधा पोस्ट रामकोला जनपद कुशीनगर का पंजीयन कूटरचित पाते हुए पंजीकरण संख्या 1794/2017-2018 दिनांक – 2212-2017 को वाद संख्या 1330/2018 के अधीन निरस्त किया जाता है। इधर फर्जी संस्था के निरस्त होने के बाद खार खाये विपक्षी दुर्गा खरवार के पुत्र उत्तम खरवार द्वारा अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर मंदिर के पीठाधीश्वर को धमकाया जा रहा है। मंदिर के पीठाधीश्वर ने उच्च अधिकारियों से अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
    धर्माचार्य बोले
    विश्व हिन्दू महासंघ व पडरौना श्री चित्रगुप्त मंदिर के पीठाधीश्वर श्री अजयदास महाराज ने कहा कि देश मे जिन मंदिरों पर आय का साधन है वहा असमाजिक तत्वों व भूमाफियाओ की गिद्ध दृष्टि जमी हुई है। इन मंदिरों पर अवैध स्वामित्व बनाने के लिए भूमाफिया तरह तरह हथकडे अपना रहे है। सरकार को ऐसे असमाजिक तत्वों व भूमाफियाओ के खिलाफ कडी कार्रवाई करनी चाहिए।

  • भाईचारे एवं एकता को बनाकर रखना हम सब की जिम्मेदारी है- जिलाधिकारी

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

       सुलतानपुर 18 दिसम्बर/अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर मदरसा जामिया अरबिया खैराबाद पहुंचकर जिलाधिकारी सी0 इंदुमती ने शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को बेहतर शिक्षा आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए अपना व अपने देश को मजबूत करने की प्रेरणा दी ।
       इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि हमारा देश बहुत प्यारा है यहां पर विभिन्न जाति, धर्म, सम्प्रदाय के होने के बावजूद आपसी भाईचारे के साथ समन्वय स्थापित करते हुए रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस भाईचारे एवं एकता को बनाकर रखना हम सब की जिम्मेदारी है। बालिकाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए
      जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चांे की शिक्षा के साथ ही बालिकाओं को भी शिक्षित किया जाये, ताकि वह भी अपना व अपने परिवार का जीवन स्तर ऊंचा उठा सकें। मदरसा में अध्ययनरत छात्रों से जिलाधिकारी ने कहा कि मेहनत से शिक्षा ग्रहण कर अपना, अपने परिवार को, अपने जनपद को तथा प्रदेश व देश को मजबूत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय से कहा कि वह जनपद की जिलाधिकारी होने के साथ ही आपकी बहन हूँ, जब भी कोई समस्या आये निःसंकोच अवगत करायें जिला प्रशासन हर सम्भव सहयोग प्रदान करेगा।
    

    कार्यक्रम को हाजी मोहम्मद हारूल, अब्दुल अकीम, मोहम्मद शकील आदि ने भी सम्बोधित किया तथा कहा कि गंगा जमुनी तहजीब को जनपद में बरकरार रखा जायेगा। इसमें किसी भी आसमाजिक तत्व को सफल नहीं होने दिया जायेगा।

  • सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये- जिलाधिकारी

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 17 दिसम्बर/जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये। उन्होंने यह निर्देश तहसील लम्भुआ के ब्लाक सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जन सुनवाई के दौरान प्राप्त अवैध कब्जों की शिकायत के क्रम में राजस्व अधिकारियों को दिये। इसी के साथ भूमि से सम्बन्धित प्रकरणों को राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा स्थालीय निरीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिये। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने समस्त जनपदीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वह अपने विभाग से सम्बन्धित पेंशन पत्रावलियों का निराकराण प्राथमिकता के साथ करना सुनिश्चित करें। जिससे कि पेंशनर्स को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
    समाधान दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत लम्भुआ से सम्बन्धित अभिलेख गायब होने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने सम्बन्धितों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराये जाने के साथ ही विभागीय कार्यवाही किये जाने के निर्देश खण्ड विकास अधिकारी लम्भुआ को दिये।
    तहसील लम्भुआ में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित कुल 227 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों में 15 शिकायती प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया तथा शेष शिकायती प्रार्थना पत्रों को सम्बन्धित अधिकारियों को सौंपते हुए समयान्तर्गत गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दियेे। दिवस में 90 शिकायती प्रार्थना पत्र राजस्व विभाग से सम्बन्धित पाये गये।

    इसी प्रकार विकास विभाग के 22, पुलिस विभाग के 30, विद्युत के 12, समाज कल्याण के 10, आपूर्ति के 14, शिक्षा के 03 व अन्य विभागों से सम्बन्धित 46 शिकायती प्रार्थना प्राप्त हुये।
    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार, मुख्य विकास अधिकारी रमेश प्रसाद मिश्र, उप जिलाधिकारी लम्भुआ विधेश, सीओ लम्भुआ विजयमल सिंह यादव, जिला विकास अधिकारी डाॅ0 डी0आर0 विश्वकर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 सीबीएन त्रिपाठी, उप निदेशक कृषि शैलेन्द्र शाही, डीसी मनरेगा व एन0आर0एल0एम0, डीपीआरओ निरीश चन्द्र साहू, डीपीओ दिनेश सिंह, डीएसओ, खण्ड विकास अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय, तहसीलदार जितेन्द्र गौतम सहित अन्य जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • UP : प्रेम प्रसंग के चलते युवक और नाबालिग लड़की ने लगाई फांसी

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    बांदा। उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की तिंदवारी थाना क्षेत्र के जौहरपुर गांव के मजरे कैथी डेरा में एक युवक और उसकी फुफेरी नाबालिग बहन के शव मंगलवार को पेड़ से एक साथ लटके हुए बरामद हुए हैं। तिंदवारी के थानाध्यक्ष नीरज कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि सोमवार से लापता युवक विनोद निषाद (22) और उसकी 15 साल की सगी फुफेरी बहन के शव चरवाहों की सूचना पर गांव से कुछ दूर जंगल में एक पेड़ से एक साथ फांसी के फंदे में लटके हुए बरामद किए गए हैं।

    सिंह ने ग्रामीणों के हवाले से बताया कि दोनों के बीच पिछले डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाह रहे थे, लेकिन रिश्ता सगा होने की वजह से दोनों के परिजन विरोध करते थे।

    उन्होंने बताया कि लड़का और लड़की के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं। प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या किए जाने की घटना प्रतीत होती है, फिर भी कई बिंदुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का पता चलेगा।

  • उन्नाव रेप केस : 20 दिसम्बर तक टली सुनवाई, ये दलीलें दी MLA सेंगर के वकील ने

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    उन्नाव/ नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस में दोषी करार कुलदीप सेंगर की सजा पर एक बार फिर 20 दिसंबर को तीस हजारी कोर्ट में बहस होगी। आज भी कोर्ट में सेंगर की सजा पर बहस हुई। मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को धारा 376 और पॉक्सो के सेक्शन 6 के तहत दोषी ठहराया है, जिसमें 7 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने मांग की है कि इस तरह के मामलों में ज्यादा से ज्यादा सजा होनी चाहिए क्योंकि ये पीड़िता के साथ सिर्फ शारीरिक हमला नहीं होता है, बल्कि मानसिक रूप से भी उसे आघात पहुंचा है।

    सीबीआई ने कोर्ट में कहा है कि पीड़िता को मुआवजा कितना दिया जाए ये कुलदीप सेंगर की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर तय किया जाना चाहिए। सीबीआई ने आगे कहा कि अभी तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 25 लाख रुपया दिया जा चुका है। वहीं, पीडिता के वकील ने कहा कि मुआवजा देते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि इस रेप के बाद पीड़िता के पिता की मौत हो चुकी है, सड़क दुर्घटना में वो पिता के बाद परिवार के दो अन्य लोगों को खो चुकी है।

    इसके अलावा पीड़िता को अपनी जान बचाने के लिए उन्नाव भी छोड़ना पड़ा है और वह दिल्ली में वो किराए के मकान में रह रही है। पीड़िता के पास अपना घर नहीं है। इस पर सेंगर के वकील ने बचाव में कहा कि सेंगर की दो बेटियां हैं जोकि शादी के लायक हैं। इसलिए अगर पीड़िता को मुआवजा दिया जाए तो वो सेंगर की तरफ से नहीं दिया जाए।