Category: uttar-pradesh

  • आलमबाग डिपो की व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जाएगी – अध्यक्ष रूपेश कुमार

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    आलमबाग डिपो परिसर मेंअधिकारियो की बैठक रखी गयी जिसमे इस वार्ता के दौरान कई मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की  गई  l

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    इस बैठक में आलमबाग डिपो अध्यक्ष रूपेश कुमार ने कई मुद्दों को लेकर अपना प्रस्ताव रखा जिसमें डिपो की साफ सफाई और जाम की बात कही इस बात को लेकर एआर एम ने भी इस मुद्दे पर सहमति देते हुये कहा कि जाम की समस्या ये बहुत बड़ी समस्या है और जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा ताकि आने जाने वाले में किसी को कोई कठिनाई ना हो और बसों के आवागमन में कोई बाधा ना हो साथ ही बसों के रख रखाव की भी ब्यवस्थाये सुदृढ़ बनाये  l

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  • रविकिशन पर दांव लगाएगी बीजेपी ?

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    गोरखपुर। इवीएम मशीनों की खेप पहुचंते ही गोरखपुर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गयी हैं। मुख्यमंत्री योगी और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा खाली की गयी सीटों गोरखपुर एवं फूलपुर लोकसभा में 22 मार्च से पहले उपचुनाव होने हैं। गोरखपुर में उम्मीदवारों के नामों पर अटकलों का बाजार गर्म है। इन अटकलों में नया नाम उभर कर सामने आ रहा फिल्म अभिनेता रविकिशन का। रविकिशन इससे पहले कांग्रेस में थे और पिछली बार जौनपुर लोकसभा से कांग्रेस के उम्मीदवार थे जहां उन्हें शिकस्त मिली थी। बीजेपी में उन्हें लाने का श्रेय अभिनेता से नेता बने दिल्ली के भाजपा अध्य्क्ष मनोज तिवारी को जाता है।

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    amit shah-ravi_

    रविकिशन से जब इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी का अगर आशीर्वाद मिलता है तो वह जरूर चुनाव लड़ना चाहेंगे। सूत्रो के अनुसार रविकिशन की दावेदारी मजबूत बताई जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि आजादी के बाद से ही गोरखपुर लोकसभा पर गोरखनाथ मंदिर से जुड़े महंतो का आधिपत्य रहा है। योगी के जाने के बाद से ही गोरखपुर की राजनीति में शून्यता आ गयी है और उनके टक्कर का या उनके आसपास भी बीजेपी का कोई भी नेता गोरखपुर में दिखाई नही पड़ता जिसे उम्मीदवार बनाया जा सके।

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    ravi kishan

    रविकिशन को उतार कर बीजेपी एक चेहरे से कई समीकरणों को साधने के फिराक में हैं। पहला समीकरण यह है कि रविकिशन भोजपुरी अभिनेता हैं और गोरखपुर भोजपुरी पट्टी के सबसे अहम जिलों में से एक है। दूसरा सबसे मजबूत पक्ष रविकिशन के साथ यह है कि वह लोकप्रियता के पैमाने पर भी फिट बैठते हैं और गोरखपुर में बीजेपी को अभी एक लोकप्रिय चेहरे की जरूरत है। तीसरी सबसे बड़ी वजह रविकिशन की दावेदारी मजबूत होने की यह है कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही वहाँ ब्राह्मण एवं बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी के यहां पुलिस ने छापा मारा था जिसकी वजह से ब्राह्मण वोटों के छिटकने का संशय है। इसके काट रूप में भी रवि किशन फायदेमंद हो सकते हैं क्यूंकि रविकिशन का पूरा नाम रविकिशन तिवारी है और ब्राह्मण चेहरे के रूप में वो ब्राह्मण वोटरो को लुभा सकते हैं। मंदिर और तिवारी हाता के बीच यह अदावत सालों चली आ रही है और इस बार अगर ब्राह्मण चेहरा बीजेपी नहीं उतारती है तो उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। रवि किशन इन तीनों पैमाने पर खड़े उतरते है और आज वह गोरखपुर में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए गोरखपुर महोत्सव में उपस्थित रहेंगे। रविकिशन के अलावा उम्मीदवार के रूप में उपेन्द्र शुक्ल के नाम की भी चर्चा जारी है जो बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। गौर करने वाली बात यह है कि गोरखपुर से भोजपुरी फिल्मी दुनिया का जुड़ाव पहले से ही रहा है। 2009 में गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से मनोज तिवारी भी अपना हाथ आजमा चुके है। यह बात और है कि तब वो सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और उनके सामने योगी आदित्यनाथ जैसा मजबुत चेहरा था। देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी अध्यात्म और मनोरंजन को एक साथ कैसे कर पाती है।

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  • मोदी ने योगी को बताया खिलाड़ी, कहा- कई महारथियों को ट्विटर पर किया है परास्त

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    ग्रेटर नोएडा,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच ट्विटर पर चल रही जंग पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि योगी ने कई महारथियों को परास्त कर रखा है। उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा में राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए उन्हें युवा और ऊर्जावान मुख्यमंत्री बताया।

    उन्होंने कहा कि राज्य के युवा और ऊर्जावान मुख्यमंत्री योगी आजकल ट्विटर पर खेल रहे हैं। कर्नाटक में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा राज्य में सत्ता में आने के लिए अभी से प्रचार में जुट गई है और इसी सिलसिले में योगी आदित्यनाथ पिछले दिनों कर्नाटक की यात्रा पर गए थे।

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    प्रधानमंत्री ने योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के जुझारु युवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भी कम खिलाड़ी नहीं हैं। इनके काम की वजह से आजकल दूसरी जगहों पर भी लोग परेशान हो रहे हैं। योगी जी ट्विटर-ट्विटर खेल रहे हैं और इस खेल में उन्होंने अच्छे-अच्छे खिलाड़ियों को परास्त कर रखा है। कनार्टक यात्रा के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच ट्विटर पर तीखी टिप्पणियों का आदान-प्रदान हुआ था। सिद्धारमैया ने गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में पिछले कुछ महीनों के दौरान बच्चों की मौत पर टिप्पणी की थी। योगी ने इसका जवाब देते हुए कर्नाटक में किसानों की आत्महत्या के लिए सिद्धारमैया पर निशाना साधा था।

  • योगी के दुर्ग में सेंध, भाजपा और बसपा नेता सपा में हुए शामिल

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    लखनऊ. उत्तर प्रदेश में भाजपा और बसपा नेताओं का लगातार समाजवादी पार्टी में जाना जारी है. इस बार समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दुर्ग में सेंध लगाकर भाजपा को झटका दिया है. गोरखपुर से सटे कुशीनगर जिले के भाजपा के दो पूर्व विधायक वीरवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. इसके अलावा बसपा के भी एक पूर्व विधायक ने सपा की सदस्यता ग्रहण की.

    दल-बदल मामला अब भारतीय जनता पार्टी पर ही भारी पडऩे लगा है. पहले पश्चिम बंगाल, फिर गुजरात के मेहसाणा में और अब उत्तर प्रदेश में दल-बदल के मामले सामने आए हैं. फिलहाल भाजपा के लिए बुरी खबर उत्तर प्रदेश से आई है, जहां भाजपा के दो पूर्व विधायकों ने पार्टी को अलविदा कह समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है.

    कुशीनगर जिले के दिग्गज नेता और ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले नंद किशोर मिश्र सेवरही विधानसभा क्षेत्र और शंभू चौधरी नौरंगिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं. इन दोनों पूर्व विधायकों ने भाजपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया है. इन दोनों नेताओं को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई.

    नंद किशोर मिश्र पिछले तीस सालों से भाजपा के साथ थे. उनका कहना है कि अब उनका पार्टी से मोहभंग हो गया है. उनका सपा में जाना 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

  • विधानभवन के सामने आलू फेंके जाने की घटना समाजवादी पार्टी की साजिश, कन्नौज से सपा कार्यकर्ता समेत 2 गिरफ्तार

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    लखनऊ । लखनऊं। उत्तर प्रदेश में सीएम आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर सड़कों पर आलू फेंकने के मामले में लखनऊ क्राइम ब्रांच और एटीएस ने 2 लोगों को कन्नौज से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक सपा का कार्यकर्त्ता अंकित चैहान व दूसरा आरोपी प्रदीप लोडर मालिक है। जानकारी के अनुसरा अंकित चैहान तिर्वा कोतवाली के फगुहा भट्टा गांव का रहने वाला है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने कई गांवों में छापेमारी की। इसके बाद लखनऊ क्राइम ब्रांच और एटीएस ने लोडर को बरामद कर लिया है।

    लखनऊ में विधानसभा मार्ग के साथ ही अन्य वीआइपी सड़कों पर आलू फेंकने के मामले में समाजवादी पार्टी की साजिश सामने आ गई है। इससे तय हो गया है कि यह बड़ी साजिश समाजवादी पार्टी के नेताओ ने रची थी। बताया जा रहा है कि आलू फेंकने की योजना अखिलेश यादव के दो करीबी नेताओं ने मिल कर बनाई थी। भाजपा ने पहले ही आलू फेंकने की घटना को योगी आदित्यनाथ सरकार ने बदनाम करने की साजिश बताया था।

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    जांच से पता चला है कि संतोष पाल की गाड़ी सुबह पौने 4 बजे इसी इलाके में घूम रही थी। सीसीटीवी कैमरे से पता चला कि फुटेज में दिखी गाड़ी कन्नौज की है। आलू फेंकने में कुक्कू चैहान, प्रदीप सिंह बंगाली, दीपेन्द्र, संदीप, दीपेंद्र चैहान तथा बडे कुमार समेत 6 लोग शामिल थे। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने सतीश जाटव और अनुराग दोहरे के कोल्ड स्टोरेज से पुराना आलू खरीदा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में 2 आरोपियों तिर्वा क्षेत्र के फगुहा भट्टा गांव अंकित चैहान और लोडर मालिक प्रदीप को हिरासत लेकर पूछताछ की जा रही है। दोनों समाजवादी पार्टी (सपा) युवा वाहिनी के सदस्य हैं। दोनों सपा से चुनाव भी लड़े थे।

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    aloo front of vidhan shaba

    गौरतलब है कि गत छह जनवरी की सुबह राजभवन, विधानभवन तथा लोहिया पथ के 1090 चैराहे के पास आलू फेंके गये थे। विरोधी दल के नेता इसे किसानों का गुस्सा बता रहे थे जबकि प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत सड़कों पर सड़े आलू फेंकवाए गए। मंडियों से छांटकर आलू को बाहर कर दिया गया है। विपक्ष योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहा है।

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    लखनऊ की सड़कों पर आलू फेंकने वाले लोग रात में मॉल एवेन्यू में रुके थे। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य फरार लोगों की भी तलाश कर रही है। घटना में शामिल सभी लोग समाजवादी पार्टी से जुड़े है।
    गिरफ्तार शिवेंद्र सिंह उर्फ कुकू चैहान नगर पंचायत का चुनाव लड़ा था। संदीप उर्फ विक्की यादव ने गाडियां अरेंज की थी। इनमें दीपेंद्र सिंह सिंह चैहान तो कुक्कू का सगा भाई है। इनके साथ ही साजिश में जिला पंचायत अध्यक्ष शिल्पी कटियार का पति संजू कटियार, ग्राम प्रधान प्रदीप सिंह उर्फ बंगाली तथा कन्नौज से नगर पंचायत का चुनाव लडने वाले जय कुमार तिवारी उर्फ बड़े बऊवन शामिल हैं।

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    aloo front of vidhan shaba

    यह लोग कन्नौज के तिर्वा से आठ डाला में आलू भरकर लखनऊ लाए थे। यहां पर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से लेकर तमाम सुबूत मिले। कन्नौज के समाजवादी पार्टी के नेता शिवेंद्र सिंह उर्फ कुक्कू चैहान के करीबी अंकित सिंह और डाला ड्राइवर संतोष पाल को गिरफ्तार किया गया है। इस बड़ी साजिश में कन्नौज के जिला पंचायत अध्यक्ष का पति संजू कटियार और कुक्कू चैहान समेत कई लोग शामिल थे। यहां पर आलू फेंकने के लिए ठठिया के कोल्ड स्टोरेज से आलू को खरीदा गया था।

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    एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने करीब 10 हजार से ज्यादा नम्बरों को खंगाला। उसमें एक संदिग्ध नंबर संतोष पाल का मिला। जांच के दौरान बात साफ हो गई कि संतोष की गाड़ी सुबह 3.45 बजे इसी इलाके में सुबह में मिली थी। फुटेज में कन्नौज की गाड़ी दिखी। पुलिस ने पता लगाया और फिर आरोपियों को पकड़ा। आरोपी ने कबूला कि हम लोगों ने आलू फेंका था।एसएसपी ने बताया कि लोडर चालक ने जो नाम बताएं उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो बात सही निकली। पुलिस ने इस कांड में शामिल नेताओं के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के आधार पर कई अन्य नेताओं को भी साजिश का हिस्सा बनाया है। या रिपोर्ट जल्दी गृह विभाग को भेजी जाएगी। फिघ्लहाल योगी सरकार की किरकिरी करने वाले इस किस्से का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।

  • गिरफ्तार हुईं बीएसपी नेता शहला ताहिर, दर्ज हुआ देशद्रोह का मुकदमा, जानिए पूरा मामला

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    बरेली। नवाबगंज नगर पालिका अध्यक्ष शहला ताहिर को को बरेली पुलिस ने शपथ ग्रहण के फौरन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उनके विजय जलूस के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे थे। इस मामले में पुलिस ने शहला और उनके पति समेत 500 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उनकी गिरफ्तारी को लेकर गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

    दरअसल, बरेली में पुलिस की जांच में साबित हो गया कि नवाबगंज नगर पालिका में विजय जलूस के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। पुलिस ने इस मामले में नवाबगंज नगर पालिका की चेयरमैन शहला ताहिर और उनके पति डॉ. ताहिर समेत 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकद्दमा दर्ज किया है।

    बता दें कि दिसम्बर में जब मतगणना हुई तो बीएसपी प्रत्याशी शहला ताहिर को विजयी घोषित किया गया। 16 दिसम्बर को शहला ताहिर बाहुबल के साथ नवाबगंज पहुंचीं और विजयी जलूस निकाला। इसी जलूस में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। इसका वीडियो वायरल हो गया।

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  • आप यह जानकर रह जायेंगे हैरान कि शातिर बंटी और बबली ने एडीएम के खाते से निकाले इतने करोड़ !

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    मेरठ। गाजियाबाद के पूर्व एडीएम कांता प्रसाद के खाते से तीन करोड़ रुपये निकालने वाले शातिर बंटी और बबली की यूपी पुलिस को तलाश है। इस ठग जोड़े ने मेरठ के फर्जी पते पर बैंक खाता खोला और आठ चेकों का क्लोन बनाकर जमीन अधिग्रहण के लिए आया मुआवजा हड़प लिया। मामले की जांच कर रही मेरठ की ईओडब्ल्यू ने ठग जोड़े के फोटो वायरल कर दिए हैं। इनका सुराग मिलने पर सूचित करने के लिए कहा है।

    मार्च-2016 में गाजियाबाद के तत्कालीन एडीएम एलए कांता प्रसाद के पीएनबी स्थित सरकारी खाते में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे का 20 करोड़ रुपया शासन से आया था। यह रुपया चेक के जरिये किसानों को दिया जाना था। आठ किसानों के तीन करोड़ रुपये के चेक बनकर तैयार थे। इस बीच जालसाजों ने इन चेकों का क्लोन बना लिया। नाम बदलकर चार चेक गाजियाबाद नवयुग मार्केट स्थित एसबीआई और चार चेक इलाहाबाद बैंक के खाते में लगाए गए। 16 मार्च 2016 को इन चेकों का भुगतान हो गया। एडीएम के खाते से जब रुपये कटे तो इसकी जानकारी हुई। मामले की जांच आर्थिक अपराध एवं अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ कर रही है।

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    जिन खातों में इन चेकों का भुगतान हुआ है, वे खाते नवयुग इंटरप्राइजेज, आनंद मार्केट साहनी के नाम से हैं। एक खाते के धारक मनीष कुमार और दूसरे की अंजलि हैं। दोनों ने बैंक खाते में अपना पता विश्वासनगर, साहनी मेरठ लिख रखा है, जबकि मेरठ में ऐसी कोई जगह ही नहीं है। ईओडब्ल्यू मेरठ के इंस्पेक्टर धर्मेश कुमार ने बताया कि, मनीष ने खाता खुलवाने के लिए आवेदन फार्म में पैनकार्ड और बिजली बिल की कॉपी लगाई है। पैनकार्ड में अपना पता आदर्शनगर गली-छह मोदीनगर दर्शाया है, जो फर्जी है। जो बिजली बिल है, वह पूर्णतः कूटरचित है। इसके अलावा नवयुग इंटरप्राइजेज नाम की फर्म केंद्रीय सीमा एवं उत्पाद शुल्क के गाजियाबाद कार्यालय में भी रजिस्टर्ड नहीं पाई गई है।

    तीन करोड़ के क्लोन चेक क्लीयर करने वाले बैंक भी जांच के घेरे में हैं। नियमानुसार ज्यादा धनराशि का चेक क्लीयर करने से पहले अदाकर्ता से बैंक द्वारा पूछा जाना चाहिए, मगर यहां ऐसा नहीं हुआ। ईओडब्ल्यू के जांच अफसर अब बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ कर रहे हैं।प्रकरण की जांच कर रहे ईओडब्ल्यू मेरठ के इंस्पेक्टर धर्मेश कुमार ने बताया कि तीन करोड़ की रकम मनीष और अंजलि नाम के युवक-युवतियों द्वारा निकाली गई है। इनके फोटो यूपी पुलिस और इससे जुड़ी सभी शाखाओं के व्हाट्स एप ग्रुप में वायरल कर दिए गए हैं। लोगों से इनके बारे में सूचना देने की अपील की गई है।

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  • इन पंडों के पास है ऐसी जानकारी कि आप रह जाएंगे हैरान

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    इलाहाबाद ,  सुनने में भले अजीब लगे लेकिन सत्य है कि गांव या अपना नाम बताते ही संगम तट पर पूजा कराने वाले पंडे जादूगर की तरह यजमान के पीढिय़ों की जानकारी देने लगते हैं। करीब एक महीने तक चलने वाले माघ मेले में आजकल लाखों श्रद्धालु संगम तट पर हैं। हजारों कल्पवासी भी हैं। श्रद्धालु पंडों से पूजा पाठ कराते हैं। पंडों को पुरोहित भी कहा जाता है। इन पंडों के पास श्रद्धालुओं के जाते ही वे श्रद्धालुओं को उनके पीढिय़ों तक की जानकारी दे देते हैं, बशर्ते उनके पूर्वज पंडे या उसके पूर्वजों के पास एक या उससे अधिक बार आये हों। आमतौर पर पंडे ही श्रद्धालु (यजमान) के रहने खाने की व्यवस्था करते हैं।

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    दिलचस्प बात है कि यहां के पंडे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, सरदार पटेल, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद, आचार्य नरेन्द्र देव, सुचेता कृपलानी समेत कई नामी गिरामी हस्तियों की पूजा-अर्चना कराने का दावा करते हैं। इन लोगों के यहां आने की तारीख, धार्मिक अनुष्ठान के ब्योरे क्रमबद्ध पंडों के बही खाते में उपलब्ध हैं।

    पंडा केदारनाथ के वंशज प्रयागवाल सभा के मंत्री मूल नारायण शर्मा (निशान गाय बछडा) ने कहा कि यहां पर 1484 पंडा परिवार धर्मकांड से अपनी आजीविका चला रहे हैं। पंडों के पास उनके यजमानों के सात पुश्तों के दुर्लभ संकलन के बही-खातों के अतिरिक्त सैकडों साल पुराने ऐतिहासिक और पौराणिक वंशावली भी उपलब्ध है। उनका दावा है कि उनके पूर्वज भगवान राम के पुरोहित थे।

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    प्रयागवाल सभा के मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि उनके पास शियोदिया वंश (महाराणा प्रताप) और डूंगरपुर राज घराने की वंशावली है। पंडा समाज के पास राजा-महाराजाओं और मुस्लिम शासकों तक की वंशावली उपलब्ध है।
    उन्होंने बताया कि पंडे अपने बही-खाते से किसी आम और खास शख्स के बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं। तीर्थ यात्री और पुरोहितों का संबंध गुरू-शिष्य पंरपरा का द्योतक है। पंडों की यजमानी दान तथा स्नान के आधार पर चलती है। हमारा यजमानों से भावनात्मक संबंध है। यजमानों के पास खानदान की वंशावली भले न हो, पर हम पुरोहितों के पास उनके सात पुश्तों की वंशावली उपलब्ध है।

    शर्मा ने बताया कि देश भर के अनगिनत लोगों की वंशावलियों के ब्योरे बही में पूरी तरह सुरक्षित हैं। पंडों की बिरादरी के बीच सूबे के जिले ही नहीं, देश के प्रांत भी एकदम व्यवस्थित ढंग से बंटे हुए हैं। अगर किसी जिले का कुछ हिस्सा अलग कर नया जिला बना दिया गया है तो भी तीर्थ यात्री के दस्तावेज मूल जिला वाले पुरोहित के नियंत्रण में ही रहते हैं। पुरोहित परिवार की संख्या अधिक होने पर भी अपने पूर्वजों से मिले प्रतीक चिन्ह को एक ही बनाए रखते हैं।

    उन्होंने बताया कि प्रत्येक पंडे का एक निश्चित झंडा या निशान होता है। कोई झंडा वाला पंड़ा, शंख वाला पंडा, डंडे वाला पंडा और घंटी वाले पंडा, काली मछली,गाय बछडा, हाथी सोने का नारियल आदि पताका निशान जरूर दिखते हैं। पंडों का यह प्रतीक चिन्ह उनके कुल के बारे में बताता है। अपने पूर्वजों के बारे में तीर्थ यात्री को सिर्फ दो-चार पीढ़ी पहले का पूर्वज आखिर जब तीर्थ यात्रा पर आता था तो किस प्रतीक चिन्ह वाले पंडे के जिम्मे उसको धार्मिक अनुष्ठान कराने का काम था। इतनी जानकारी ही उसके पूर्वजों के बारे में सब कुछ बयान करने के लिए काफी होती है।

    शर्मा ने बताया कि दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को अपने वंश पुरोहित की पहचान कराने वाली इन पताकाओं के निशान भी अपनी पृष्ठभूमि में इतिहास समेटे हुए हैं। भगवान राम ने लंका विजय के पश्चात प्रयाग के गोकुल प्रसाद मिश्र के पूर्वज को अपने रघुकुल का पुरोहित माना, उनके वंशज होने का दावा पुरोहित संजय कुमार मिश्र करते हैं।
    अधिकांश तीर्थपुरोहितों की बही लाल रंग की होती है। बही का कवर लाल रंग होने के बारे में श्री शर्मा ने बताया कि लाल रंग पर कीटाणुओं का असर नहीं होता है। बहियों को लोहे के संदूक में रखा जाता है। सामान्यत: तीर्थ पुरोहित अपने संपर्क में आने वाले किसी भी यजमान का नाम-पता आदि पहले एक रजिस्टर या कापी में दर्ज करते हैं। बाद में इसे मूल बही में उतारते हैं। यजमान से भी उसका हस्ताक्षर उसके द्वारा दिए गए विवरण के साथ ही कराया जाता है।
    पुरोहितों के खाता-बही में यजमानों का वंशवार विवरण वर्णमाला के व्यवस्थित क्रम में आज भी संजो कर रखा हुआ है । पहले यह खाता-बही मोर पंख बाद में नरकट फिर जी-निब वाले होल्डर और अब अच्छी स्याही वाले पेन से लिखे जाते हैं। टिकाऊ होने की वजह से सामान्यतया काली स्याही उपयोग में लाई जाती है। मूल बही का कवर मोटे कागज का होता है। जिसे समय-समय पर बदला जाता है। बही को मोड़ कर मजबूत लाल धागे से बांध दिया जाता है।

    एक अन्य गोपाल जी पंडा ने बताया कि इन बहियों का रखरखाव अब चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि साधन बदल गए लेकिन लाखों-करोड़ों रिकॉर्डों को संभालने की व्यवस्था नहीं बदली। अभी तक पंडे लोग व्यक्तिगत तौर पर ही बही को सहेजकर रखते हैं, कोई विशेष या सामूहिक व्यवस्था नहीं है। उन्होने बताया कि ये खाते तो पंडों की व्यक्तिगत संपत्ति जैसे हैं जिन्हें वो किसी और को नहीं दे सकते हैं। सच्चाई तो यह है कि खातों के कागज कमजोर पड़ते जा रहे हैं। पन्नों का रंग पीला पड़ता जा रहा है, लिखावट मिटती जा रही है।

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  • Shocking news : जमीन के नीचे बन रहा मिनी शहर, खुफिया तंत्र फेल

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    वाराणसी। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर जमीन के नीचे एक मिनी शहर बसाने की तैयारी का खुलासा होने से हडकंप मच गया है। एसएसपी आरके भारद्वाज जब रात के समय गश्त पर निकले तो इस मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में एसएसपी ने स्थानीय पुलिस की जमकर क्लास ली और रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। चौकाने वाली बात यह कि आतंकी निशाने पर रहे काशी विश्वनाथ मंदिर से चंद कदम दूरी पर जमीन के नीचे हो रहे इस काम की भनक न तो वाराणसी विकास प्राधिकरण को लगी और न ही नगर निगम को।

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    Shocking news 1

    खुफिया तंत्र को भी खबर नहीं
    आतंकी खतरे और कई अन्य कारणों से काशी विश्वनाथ मंदिर व आसपास का इलाका अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है। हैरानी इस बात पर जताई जा रही है कि इस इलाके में जमीन के नीचे दिन-रात काम होने की जानकारी खुफिया तंत्र को भी नहीं थी। अब जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच करने और कार्रवाई करने की बात कही है। चैंकाने वाली बात यह कि आतंकी निशाने पर रहे काशी विश्वनाथ मंदिर से चंद कदम दूरी पर जमीन के नीचे हो रहे काम की भनक न तो विकास प्राधिकरण को लगी और न ही नगर निगम को। दो दिन पहले एसएसपी से किसी ने गोपनीय शिकायत की थी कि चैक थाने के बगल से दालमंडी में प्रवेश करने पर एक धार्मिक स्थल के पास स्थित कटरे नीचे से पूरा बाजार विकसित किया जा रहा है। दिन में बाजार में भीड़भाड़ होने के कारण एसएसपी रात में जांच करने का निर्णय लिया। फोर्स के साथ एसएसपी कटरे के पास पहुंचे। नीचे उतरने के बाद काफी दूरी तक बेसमेंट में पूरा बाजार विकसित मिला। कई दुकानों का निर्माण कार्य चल रहा था तो कुछ दुकानों में शटर लगे थे।

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    Shocking news

    हैरान एसएसपी
    हैरान एसएसपी बेसमेंट में उतरे और यह देख हैरान रह गए कि कटरे का मुहाना दालमंडी से शुरू हुआ और करीब दो सौ मीटर की दूरी पर जाकर खत्म हुआ। बेसमेंट में एक दूसरे से जुड़कर कई कटरे बने थे। इसके बाद एसएसपी ने आसपास के अन्य कटरों की छानबीन शुरू की। जैसे-जैसे पड़ताल बढ़ती गई पुलिस की हैरानी भी बढ़ती गई। आलम यह कि मस्जिद के आसपास भी खोदाई कर बेसमेंट में कटरा बनता मिला।

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    वीडीए अफसरों का क्या कहना है ?
    दालमंडी इलाके में जमीन के नीचे अवैध निर्माण की पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी है। कुछ लोगों ने फोन करके बताया है। अवैध निर्माण की जांच के निर्देश दिए हैं। यह देखा जाएगा कि आखिर किस आधार पर निर्माण किया जा रहा है। ऐसे भवनों को न केवल सील किया जाएगा बल्कि उन्हें गिराने की कार्रवाई भी की जाएगी। इलाके की नए सिरे से जांच करायी जाएगी। यदि जमीन के नीचे अवैध निर्माण किया जा रहा है तो ऐसे भवनों पर सख्त कार्रवाई होगी। वाकई खतरनाक स्थिति देखने को मिली। अंदाजा नहीं था कि दालमंडी में जमीन से बीस फीट नीचे बाजार विकसित किया जा रहा है। पूरे इलाके की जांच के निर्देश दिए गए हैं। वीडीए व नगर निगम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। साथ ही पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई करेगी।

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    डीएम का क्या कहना है ?
    इस बाबत जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र का कहना है, कि पूरे इलाके की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। यदि जमीन के नीचे अवैध निर्माण किया जा रहा है तो ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उधर, वीडीए सचिव विशाल सिंह का कहना है कि ‘दालमंडी इलाके में जमीन के नीचे अवैध निर्माण की पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी है। कुछ लोगों ने फोन करके इस संबंध में फोन करके जानकारी दी है। वीडीए ने अवैध निर्माण की जांच के निर्देश दिए हैं। यह देखा जाएगा कि आखिर किस आधार पर निर्माण किया जा रहा है। ऐसे भवनों को सील करने के साथ ही उन्हें गिराने की कार्रवाई भी की जाएगी।’

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  • युवाओं की फौज है तैयार, सीधा संवाद करेंगे अमित शाह : सीएम योगी

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    विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार 20 जनवरी को काशी आ रहे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह काशी विद्यापीठ के मैदान से 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव अभियान का आगाज करेंगे। अमित शाह के सामने बड़ी चुनौती विधानसभा चुनाव का प्रदर्शन 2019 के लोकसभा चुनाव में दोहराने की है। इसके लिए पार्टी की ओर से युवाओं की फौज तैयार की गई है। पहली खेप में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के 17 हजार युवाओं के साथ अमित शाह का सीधा संवाद होगा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पार्टी की नीतियों, संगठन की मजबूती एवं चुनावी जीत के टिप्स देंगे। कुल मिलाकर युवा उद्घोष कार्यक्रम लोकसभा चुनाव की कवायद का आगाज माना जा रहा है।

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    पूरे दिन पार्टी की ओर से युवा उद्घोष कार्यक्रम की तैयारी युद्धस्तर पर होती रही। यह पहला ऐसा कार्यक्रम बनारस से होने जा रहा है जिसमें 17 साल के युवाओं की सबसे अधिक सहभागिता होगी। कार्यक्रम में उन युवाओं पर फोकस है जो 2019 में पहली बार वोट डालेंगे। बूथवार ऐसे दस-दस कार्यकर्ताओं को बीजेपी ने अपने से जोड़ा है। इनकी संख्या करीब 17 हजार के आसपास है।

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    पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने बताया कि काशी से शुरू हो रहे युवा उद्घोष कार्यक्रम को पूरे देश में लागू किया जाएगा। पार्टी नए वोटरों को संगठन के साथ जोड़कर बूथवार जीत सुनिश्चित कराने की रणनीति पर काम कर रही है। इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल, प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा भी शामिल होंगे। साथ ही बनारस से जुड़े दोनों राज्यमंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

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    काशी विद्यापीठ में आयोजित युवा उद्घोष कार्यक्रम का पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अलावा सूबे के राज्यमंत्री अनिल राजभर ने भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल के प्रभारी से कार्यकर्ताओं के बैठने के बारे में जानकारी ली। मंच की लंबाई-चौड़ाई के अलावा उसकी मजबूती देखी। राज्यमंत्री ने शुक्रवार की शाम तक कार्यक्रम स्थल को पूरी तरह से तैयार करने का निर्देश दिया। बाद में क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य समेत अन्य नेताओं ने भी कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए।

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    कार्यक्रम के मद्देनजर गुरुवार को क्षेत्रीय अध्यक्ष रत्नाकर ने गुलाबबाग पार्टी कार्यालय में सेक्टर प्रभारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र से जुड़े पांच विधानसभा क्षेत्र रोहनियां, सेवापुरी, शहर उत्तरी, दक्षिणी एवं कैंटोमेंट के उन कार्यकर्ताओं को ही कार्यक्रम में शामिल होना है जो पूरी तरह से डिजिटल हैं। उन्होंने विधानसभावार ऐसे कार्यकर्ताओं को बैठाने की जिम्मेदारी वरिष्ठ पदाधिकारियों को सौंपी। क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने कहा कि पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं को लाने के लिए कोई वाहन नहीं मिलेगा। कार्यकर्ता खुद अपने साधन से कार्यक्रम में पहुंचेंगे। बिना पास कोई भी कार्यकर्ता प्रवेश नहीं कर सकेगा। लिहाजा पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के पास पहुंचाए और यह सुनिश्चित कराएं कि वह पास लेकर ही आए। बैठक में जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी, अशोक चौरसिया, धर्मेन्द्र सिंह, सुरेश सिंह, प्रभात सिंह, मनीष कपूर, नागेन्द्र रघुवंशी आदि थे।

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    पहली बार कार्यक्रम में 17 से 33 साल के कार्यकर्ताओं की सहभागिता होने जा रही है। इसके लिए बकायदे उनका आईडी लिया गया है। इनमें 7 हजार कार्यकर्ता 17 साल के हैं जिन्हें पार्टी ने संगठन से जोड़ा है। सभी कार्यकर्ताओं ने डिजिटल के जरिए अपनी रसीद कार्यक्रम के लिए कटवाए हैं। वहीं जिला व महानगर के पदाधिकारियों के लिए अलग से दीर्घा बनायी गई है। जहां पर आठों विधानसभा क्षेत्र के जिला व मंडल पदाधिकारी बैठेंगे।