Category: uttar-pradesh

  • दर्दनाक मौत : भूख से पिता और पुत्र की मौत, बीमारी के चलते घर में नहीं बना खाना!

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    आगरा। पिता-पुत्र घर में अकेले ही रहते थे. सोनू नौकरी करता था और उसी से दोनों का गुजारा चल रहा था। होतू लंबे समय से बीमार था और ज्यादातर चारपाई पर ही रहता था।

    सोनू ही अपने पिता की देखभाल किया करता था। कुछ दिन पहले सोनू का एक्सीडेंट हो गया था जिसके बाद वो भी चारपाई पर आ गया। इसके बाद कुछ दिनों तक पिता होतू ने दोनों के लिए खाना बनाया लेकिन बाद में उसकी हालत भी गंभीर हो गई।

    इसके बाद दोनों में से कोई भी खाना नहीं बना सका।बताया जा रहा है कि वे बीमार होने के चलते बिस्तर से ही नहीं उठ सके और इसके चलते घर में खाना नहीं बना। जिससे पहले पिता ने दम तोड़ा और बेटा अधमरे हालत में वहीं पड़ा रहा।

    जब पिता का शव सड़ने लगा और घर से बदबू आई तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस वहां पहुंची तो स्तब्घ्ध (हैरान) रह गई। उसने पिता के शव को कब्जे में लिया। बेटे की नब्ज (सांस) चल रही थी तो उसे अस्पताल भिजवाया गया लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

    दोनों की पहचान होतू (70 वर्ष) और उनके बेटे सोनू के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि शव को देखने से लगता है कि होतू की मौत हुए काफी दिन बीत गए हैं. वहीं उनके पड़ोसियों ने बताया कि घर में काफी समय से खाना नहीं बना था।

    बीमारी के चलते दोनों (पिता-पुत्र) घर से बाहर भी नहीं निकले थे। एसपी सिटी रोहन पी बोत्रे ने बताया कि प्राथमिक जांच और पड़ोसियों से पूछताछ में दोनों की मौत बीमारी के चलते खाना न खा पाने और भूख से होना प्रतीत हो रहा है। इस संबंध में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही वजह का पता चलेगा। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

  • आचमन करने योग्य कानपुर के घाटों का पानी- योगी आदित्यनाथ

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    लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेशनल गंगा काउंसिल की बैठक के लिए कानपुर पहुंचे हैं। उनके पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी ने उनका ट्वीट के माध्यम से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आपके विजन के कारण कानपुर के घाटों पर जल आचमन के उपयुक्त हो गया है। योगी ने ट्वीट किया कि मां गंगा की धारा अब कानपुर के घाटों पर स्वच्छ और निर्मल है, जल आचमन के उपयुक्त हो गया है। ऐसा आपके विजन और मार्गदर्शन के बिना सम्भव नहीं था। इस बैठक में भाग लेने वाले सभी अतिथियों, माननीय केंद्रीय मंत्रियों, देश के विभिन्न प्रदेशों से आए माननीय मुख्यमंत्रियों का भी स्वागत एवं अभिनंदन।”

    योगी ने एक और ट्वीट में लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री जी उत्तर प्रदेश आपका स्वागत करता है। पुण्यसलिला, मोक्ष-प्रदायिनी, सभ्यता प्रसूता, संस्कृति जननी, राष्ट्र नदी मां गंगा के तट पर राष्ट्रीय गंगा परिषद की प्रथम बैठक एवं अध्यक्षता में पधारे आदरणीय श्री नरेन्द्र जी का कोटिश: अभिनंदन।”

    ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री आज कानपुर में पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में गंगा की स्थिति को लेकर मंथन करेंगे। इन प्रदेशों में गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए अभी तक जो भी कार्य हुए हैं, मोदी उनकी समीक्षा करेंगे। इसके बाद आने वाले समय में गंगा को स्वच्छ और उसके किनारों को सुंदर बनाने के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, इसकी कार्ययोजना भी बनेगी।

  • राजीव गांधी का बीएचयू परिसर से हटेगा नाम, कोर्ट ने दिया यह तर्क

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    वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर से हटाने की सिफारिश की है। बीएचयू कोर्ट ने तर्क दिया है कि राजीव गांधी ने इस शैक्षिक संस्थान को लेकर ‘कोई योगदान नहीं’ दिया है।

    वहीं कांग्रेस ने इस तरह के किसी भी कदम का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है।

    यह कोर्ट विश्वविद्यालय का एक सलाहकार निकाय है। उसने अपना प्रस्ताव विश्वविद्यालय के निर्णय लेने वाले निकाय अकादमिक परिषद को भेजा है। साल 2006 में स्थापित यह परिसर मिर्जापुर जिले में स्थित है। इसे ‘राजीव गांधी साउथ कैंपस बरकछा’ के नाम से जाना जाता है।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश व चांसलर गिरिधर मालवीय ने सप्ताह के प्रारंभ में हुई कोर्ट की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अकादमिक परिषद को प्रस्ताव भेजे जाने की पुष्टि की।

    न्यायमूर्ति मालवीय ने कहा, “कोर्ट के सदस्यों ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कभी भी बीएचयू का दौरा नहीं किया। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने बीएचयू के दक्षिणी कैंपस का नाम पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा था।”

    वहीं कांग्रेसी नेता अजय राय ने बयान दिया कि मिर्जापुर जिले के बरकछा स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी साउथ कैंपस का नाम बदले जाने के किसी भी कदम का पार्टी विरोध करेगी।

    उन्होंने कहा, “अगर इस तरह का कोई प्रयास किया जाता है तो कांग्रेस सड़क पर उतरेगी और नाम बदलने नहीं देगी।”

  • आर्थिक मदद नहीं न्याय चाहिए- उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की बहन

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    उन्नाव में पेट्रोल डाल जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता की बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक सप्ताह में न्याय चाहिए। जान के बदले जान चाहिए ऐसा नहीं हो सकता तो सरकार हमारी भी जान ले ले और पूरे परिवार की समाधि बनवा दे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के न आने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह सब जगह जाते हैं फिर यहां क्यों नहीं आ रहे हैं। कहा कि हमे आर्थिक मदद नहीं न्याय चाहिए और मुख्यमंत्री यहां आए और हमसे बात करें। वहीं मृतका के भाई का कहना है कि कमिश्नर ने चौबीस घंटे में मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का वादा किया था लेकिन चार दिन बीत गए कोई नहीं आया। भाई ने कहा कि पच्चीस लाख की सहायता की खबर पूरे देश को दे दी लेकिन वह खुद आज तक नहीं आए।

    उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में पेट्रोल डाल जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता की समाधि की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। मिट्टी से शव बाहर निकाले जाने के अंदेशे पर पुलिस ने समाधि स्थल के इर्द-गिर्द भटकने वालों के नाम पते की जानकारी के साथ उनकी फोटो खींचकर सुरक्षित करनी शुरू की है। गुुरुवार को भी परिवार का माहौल गमगीन रहा।

    5 दिसंबर को दुष्कर्म पीड़िता को जलाए जाने और दिल्ली से सफदरगंज अस्पताल में उसकी मौत के बाद शव को गांव लाकर परिजनों की सहमति पर खेत में दफनाया गया था। सभी मांगें पूरी होने की जिद पर अड़े परिजनों ने बुधवार को समाधि स्थल पर धरना दिया था। गुरुवार को भी वह समाधिस्थल पर पहुंचे और कुछ देर रुकने के बाद लौट आए। शव दफनाए जाने के बाद मांगें पूरी न होने पर परिजनों ने मिट्टी से शव निकालने का अल्टीमेटम दिया था।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने समाधि को पक्का कराने की कोशिश की तो विरोध कर परिजनों ने निर्माण की ईंटें उखाड़कर फेंक दीं थी। इस अंदेशे पर कि परिजन कहीं शव को मिट्टी से बाहर न निकाल लें, एसपी ने समाधि स्थल के पास पुलिस का कड़ा पहरा लगाया था। तंबू तानकर पिछले तीन दिन से पुलिस कर्मी समाधि की सुरक्षा कर रहे हैं।

    गुरुवार को भी प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिस बल पीड़िता के दरवाजे से लेकर दो किमी दूर समाधि स्थल तक भ्रमण करता रहा। पीड़िता के दरवाजे पर प्रभारी निरीक्षक मौरावां के साथ छह पुलिस कर्मी तैनात रहे। वहीं समाधि स्थल पर दो दरोगा, दो हेड कांस्टेबल, दो महिला सिपाही समेत 12 पुलिस कर्मी पहरा देते रहे। प्रभारी निरीक्षक बिहार भी पीड़िता के घर से समाधि स्थल तक सुरक्षा का जायजा लेते रहे।

    दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को लेकर प्रशासन पूरी तरह संजीदा है। पीड़ित परिवार की सुरक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। गुरुवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुमेरपुर से महिला चिकित्सक डॉ. कीर्ति के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और पीड़िता के परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। स्वास्थ्य टीम के अनुसार सभी के स्वास्थ्य की स्थिति सामान्य मिली।

  • कुशीनगर में अचानक बदले मौसम ने लाया ठंड,घरों में दुबके लोग

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    उपेंद्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : मौसम ने अंगड़ाई ली तो हवाओं ने भी रुख बदल दिया है। सामान्य रही ठंड अचानक लोगों को ठिठुराने लगी है। पछुआ हवा के कारण गलन बढ़ने से बच्चे और बुजुर्ग घरो में दुबके रहे। बच्चों की सड़कों पर दिखने वाली चहलकदमी पूरे दिन दीवारों के बीच कैद रही। ठंड से बीमारी के चपेट में कोई न आए। बुजुर्गों को बाहर निकलने पर पहरा लग गया है। तेजी से लुढ़क रहे पारा से सहमे लोग दिन ढलते ही घरों में कैद होने को विवश हुए। देररात खुलने वाली दुकानों में ताला घंटों पहले ही जड़ दिया गया।
    सार्वजनिक स्थलों पर नहीं जले अलाव
    नहर की पटरी व सार्वजनिक स्थलों पर ठंड से ठिठुर रहे लोग कागज व गत्ता जलाकर बचाव कर रहे हैं। पडरौना नगर व जिले के अन्य उप नगर,कस्बा व ग्रामीण क्षेत्र के चौराहों पर अलाव न की व्यवस्था नहीं दिखी। रिक्शा चालक मनोज,रहीम,लल्लन ने अलाव जलाने की मांग की
    ऊनी बाजार का बढ़ा ताप
    ठंड बढ़ते ही ऊनी कपड़ों की दुकानों पर पूरे दिन चहल-पहल रही। जगह-जगह लगे सेल में हर वर्ग के लोग खरीद के लिए पहुंचे। जैकेट,मफलर,दस्ताना, मोजा, हाफ व फूल स्वेटर ही नहीं रजाई खरीदने,बनवाने के लिए भी दुकानों पर भीड़ देखी गयी।
    लकड़ी व कोयला की खरीद बढ़ी
    लकड़ी व कोयला कारोबार पर ठंड का सीधा असर दिखा। कोयले की बिक्री में दो गुने की बढ़ोतरी हुई। कारोबारी संजय बताते हैं कि गुरुवार को सुबह से ही सूखी लकड़ी की बिक्री चढ़ाव पर रही। लोग जरूरत के हिसाब से 5 से 50 किलो तक सूखी लकड़ी खरीद कर ले गए। अशोक ने बताया कोयला के कारोबार का ग्राफ तेजी से उछाल की ओर बढ़ रहा है।

  • कानपुर में PM मोदी करेंगे गंगा में नौकायन, कर सकते हैं नमामी परियोजना पर कुछ घोषणाएं

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    लखनऊ। नमामी गंगे परियोजना की समीक्षा करने और पवित्र नदी पर योजना के प्रभाव देखने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कानपुर में गंगा नदी में नौकायन करेंगे। नेशनल गंगा कांउसिल की पहली बैठक शनिवार को है। ऐसे में बैठक में भाग लेने के लिए 12 केंद्रीय मंत्री, नौ केंद्रीय विभागों के सचिव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री को शुक्रवार को कानपुर पहुंचने के लिए कहा गया है।

    हालांकि ऐसी संभावना है कि दो राज्य, जहां से गंगा नदी गुजरती है, यानी पश्चिम बंगाल और झारखंड, वहां के मुख्यमंत्री शनिवार को होने वाली इस बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे। एक ओर जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक में आने की रजामंदी अभी तक नहीं दी है, वहीं झारखंड में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, जिससे राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास शायद ही आएं।

    अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी नमामी गंगे परियोजना को लेकर कुछ घोषणाएं भी कर सकते हैं। यह परियोजना पिछले कुछ सालों में नदी के जल में कोई बदलाव ला पाने में विफल रही है। कानपुर में होने वाली बैठक के बाद प्रधानमंत्री कानपुर में नौकायन करेंगे। गोमुख से गंगासागर तक बहने वाली इस नदी का कानपुर में पडऩे वाला हिस्सा सबसे अधिक प्रदूषित माना जाता है। इससे यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीरता बरतने वाली है।

    भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मामला खत्म होने के बाद सरकार की प्रमुख परियोजना में एक नमामी गंगे भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गुरुवार को कानपुर आए शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि कानपुर में नदी में सभी 16 नालों से बहने वाले 300 एमएलडी को गुरुवार रात से स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदियों में प्रदूषक तत्वों को डालने वाले सीवर और नालियों के बंद होने से नदी के जल में उल्लेखनीय परिवर्तन नजर आएगा। उन्होंने कहा कि सीसामउ नाला, जो प्रतिदिन 140 मेगा लीटर गंदगी गंगा में डालता है, उसे अधिकारियों ने बंद करा दिया है। अब गंदगी को जाजामउ और बिंगवान ट्रीटमेंट प्लांट की ओर मोड़ दिया गया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नौका विहार के लिए वाराणसी से डबल डेकर स्टीमर को कानपुर लाया गया है।

  • महिला हॉस्टल का काम रुकवाने और ठेकेदार को धमकाने का SP नेता रिचा सिंह पर आरोप

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    प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ (एयूएसयू) की पूर्व अध्यक्ष व समाजवादी पार्टी प्रवक्ता रिचा सिंह पर विश्वविद्यालय परिसर में बन रहे महिला छात्रावास का काम रुकवाने और ठेकेदार को धमकाने का आरोप लगा है। रिचा पर छात्रावास का निर्माण कर रहे ठेकेदार से पैसे मांगने का आरोप है।

    इस महीने की शुरुआत में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के यहां एक्जीक्यूटिव इंजीनियर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार रिचा सिंह ने ठेकेदार संजय कपूर को फोन पर धमकी दी है। कपूर ने बताया कि रिचा ने यह भी धमकी दी है कि अगर वे उनका कमिशन नहीं देंगे तो उन पर उत्पीडऩ का मामला दर्ज कराएंगी।

    ठेकेदार ने कहा, उन्होंने मुझसे कहा कि अगर वे न चाहे तो मैं छात्रावास का कोई भी काम नहीं कर पाऊंगा। अगर मुझे यहां काम करना है तो मुझे उनसे समझौता करना पड़ेगा। ठेकेदार ने आगे बताया कि रिचा ने यह भी कहा कि या तो सिस्टम का पालन करो या फिर काम रोक दो।

    बातचीत के ऑडियो क्लिप में ठेकेदार उनसे यह कह रहा है कि यह ठेका उन्हें उनके एयूएसयू के लिए चयनित होने से भी काफी पहले मिला है। वहीं संपर्क किए जाने पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इस घटना पर कुछ भी कहने से मना कर दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे उचित समय पर उपयुक्त कार्रवाई करेंगे।

  • पहली बार ली सेल्फी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने

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    कानपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी आज तक की पहली सेल्फी क्लिक की। मुख्यमंत्री ने गंगा के किनारे सीसामऊ में सेल्फी प्वांइट का उद्घाटन किया। इस दौरान वह स्टीमर से उतरे और एक सेल्फी ली।

    आदित्यनाथ को निजी तौर पर प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को लेकर रुढ़िवादी माना जाता है, फिर भी वह डिजिटल युग में विभिन्न नीतियों व कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रहे हैं। वह लोगों को अपने साथ सेल्फी लेने से मना करते हैं।

    दिसंबर 2017 में आदित्यनाथ ने लखनऊ में उनके आधिकारिक निवास कालीदास मार्ग की तरफ जाने वाली सड़क पर लोगों को सेल्फी लेने से प्रतिबंधित कर दिया था। इसे लेकर राज्य पुलिस ने रोड के शुरू होने की जगह पर एक संकेत लगाया था। इसमें कहा गया कि वीआईपी इलाके में तस्वीरें क्लिक करना व सेल्फी लेना अपराध है और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना के बाद इसे हटा दिया गया।

  • उत्तर प्रदेश निकला एथनॉल आपूर्ति में सबसे आगे: मंत्री राणा

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि चीनी उत्पादन में पिछले 70 सालों से यूपी आगे है। अब एथनॉल आपूर्ति में अपना प्रदेश अन्य राज्यों से आगे निकल गया है। उत्तर प्रदेश को 81 करोड़ लीटर ब्लेंडिंग का टारगेट मिला है जो देश में सर्वाधिक है।

    सुरेश राणा ने बताया कि पिपराइच उत्तर भारत की ऐसी पहली मिल है, जो गन्ना के जूस से सीधे एथनॉल बनाएगी। उन्होंने कहा कि एथनॉल तीन प्रकार से बनाने का तरीका है। एक रुटीन, दूसरा बी हैवी मोलाइसिस एथनॉल और तीसरा गन्ने के जूस से एथनॉल बनाया जाएगा।

    मंत्री ने कहा कि नई डिस्टलरी लगाई जा रही है, हम किसानों को पांच साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण दे रहे हैं। एथनॉल बनने पर किसानों को सिर्फ चीनी पर ही निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

    उन्होंने बताया कि मुंडेरवा और पिपराइच चीनी मिल से मिलने वाले शीरे से डिस्टिलरी चलेगी, जिससे एथनॉल बनाया जाएगा। देश में एथनॉल की 9104 करोड़ रुपये की कुल स्वीकृत 174 परियोजनाओं में से 2379 करोड़ रुपये की 34 परियोजनाएं उत्तर प्रदेश से हैं। इसके डिस्टिलरी की 17 नई इकाइयां स्थापित करने के साथ पहले से मौजूद इकाइयों के क्षमता विस्तार भी किया जा रहा है।

    गन्ना मंत्री ने बताया कि वर्ष 2007 से 2012 तक 19 और 2012 से 2017 तक 10 मिलें बंद हुई थीं। योगी सरकार ने 30 माह में डेढ़ दर्जन नई मिलें शुरू कीं, इनमें पश्चिम उप्र में बुलंदशहर में वेव शुगर मिल, सहारनपुर में दया शुगर मिल, चंदौसी में वीनस शुगर मिल प्रमुख हैं। मेरठ के मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल का विस्तार किया जा रहा है और रमाला में नई मिल लगी है।

    राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना किसानों का 77 हजार करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित कराया है, जो आजादी के बाद से किसी भी राज्य के किसी भी कालखंड में सबसे बड़ा भुगतान है।

    उन्होंने कहा कि पहले किसानों के पास क्रेशर पर गन्ना डालने का विकल्प था, जिसे बाद की सरकारों ने बंद कर दिया था, लेकिन योगी सरकार ने एक साल में 101 नए क्रेशर का लाइसेंस जारी किया है। वर्ष 2015-16 में 64 करोड़ कुंतल गन्ना पेराई हुई थी, जो अब 111 करोड़ कुंतल तक पहुंच गई है। वर्ष 2015-16 में सपा ने 18003 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जबकि इस सरकार ने एक साल में 35,400 करोड़ का भुगतान किया है। गन्ने की खेती का क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर था जो अब 28 लाख हेक्टेयर हो गया है।

    राणा ने कहा कि हमने सरकार में आते ही गन्ना 10 रुपये का भाव बढ़ाया, साथ ही हमने किसानों की ढुलाई का खर्च जो 8 रुपये 75 पैसे आता था, उसे हमने 42 पैसे प्रति किलोमीटर प्रति कुंतल किया है, जिससे किसानों को सीधे 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का फायदा हुआ है।

    गन्ना के दाम पिछले साल दो सालों से न बढ़ाए जाने के सवाल पर सीधा जवाब न देकर मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के भुगतान पर फोकस किए हुए है। किसानों का छह वर्ष का पुराना भुगतान किया जा चुका है। गन्ना माफियाओं से बचाने के लिए हमने सिस्टम को कम्प्यूटराइज कर दिया है। अब कोई भी गलत पर्ची नहीं दे सकता है। गन्ना एप्प के माध्यम से भी हमने व्यवस्था को सुधारा है।

    प्रियंका गांधी ने बीते दिनों गन्ना की समस्या को लेकर योगी सरकार को पत्र लिखा था, उसके जवाब में राणा ने कहा कि प्रियंका ट्विटर और पत्र की राजनीति से बाहर निकलकर वह धरातल पर आएं, तब उन्हें दिखेगा कि गन्ना किसान इस सरकार में कितना खुश है। यूपीए के शासनकाल में सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की हैं।

    प्रियंका गांधी का गन्ना पर कोई अध्ययन नहीं है। अमेठी और रायबरेली लोकसभा क्षेत्रों में क्या विकास कार्य हुए हैं, क्या वह ट्विटर के माध्यम से बताएंगी? जो लोग अपने संसदीय क्षेत्र में कुछ नहीं करा पाए, वे देश क्या चला पाएंगे। एक भी काम गन्ना किसानों के लिए किया गया हो तो प्रियंका बताएं। मैं तो दावे के साथ कह सकता हूं कि प्रियंका गेहूं और ज्वार की बाली में अतंर नहीं बता पाएंगी।

    पराली जलाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि हमने किसानों के साथ अपील की है। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। पराली से खाद और बिजली बनाने को लेकर फोकस कर रहे हैं। पराली आमदनी का जरिया बनेगी, इस पर सरकार विचार कर रही है।

  • यूपी: झमाझम बारिश ने बदला मौसम का मिज़ाज, बढ़ाई ठंड

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    सर्द हवाएं और कहीं झमाझम बारिश तो कहीं बूंदाबांदी से बुंदेलखंड समेत सेंट्रल यूपी में ठिठुरन बढ़ने से लोग कांप उठे। बारिश व ठंड से समूचा जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। इटावा के जसवंतनगर क्षेत्र के धौलपुर खेड़ा गांव में बिजली गिरने से उसकी चपेट में आकर सुशील कुमार बघेल की आठ वर्षीय बेटी साक्षी की मौत हो गई।

    चित्रकूट में देर शाम को ओला गिरने से मौसम और बेरहम हो गया। वहीं, बरसात से किसान खुश नजर आ रहे हैं। किसानों के मुताबिक इस बारिश से अगली फसल की सिंचाई के लिए कुछ राहत मिलेगी। हालांकि किसानों का यह भी कहना है कि हल्की बरसात से ही लाभ होगा।

    तेज बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। बांदा में सुबह घना कोहरा छाया रहा। दिन में बदली छाई रही, कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई है। चित्रकूट में शाम को रिमझिम बारिश हुई। महोबा में झमाझम बरसात हुई। हमीरपुर में कई जगह हल्की बूंदाबांदी हुई।

    इटावा में सुबह धूप निकली, नौ बजे के आसपास बूंदाबांदी हुई।  कन्नौज में सुबह से ही सर्द हवाएं चलती रहीं। दोपहर करीब डेढ़ बजे रिमझिम बारिश हुई। जालौन में सुबह कोहरा छाया रहा। दिन में हल्की बूंदाबांदी हुई। औरैया में बुधवार की रात बारिश हुई। दिन में भी बूंदाबांदी होती रही

    फतेहपुर में शहर व ग्रामीण इलाकों में शाम को बूंदाबांदी हुई।  वहीं, फर्रुखाबाद, हरदोई व उन्नाव में दिन भर आसमान में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। उधर, कानपुर में पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।

    पहाड़ों पर बर्फबारी और गुरुवार को यहां पर हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है।  चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. नौशाद खान ने बताया कि शाम पांच बजे एक मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। शुक्रवार और शनिवार को भी बारिश का अनुमान है।