Category: uttar-pradesh

  • कड़ाके की ठंड से 24 घंटों में 70 लोगों की मौत , खुली तैयारियों की पोल

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    लखनऊ. पूरा उत्तर भारत सर्दी से जूझ रहा है. राजधानी दिल्ली में जहां पारा 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है. वहीं उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. रैनबसेरों की कमी और ठंड से बचाव के उपायों की कमी के चलते पूरे प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 70 बेसहारा लोगों की मौत हो गई. हालांकि, इसे लेकर कोई भी अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है.

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    पिछले 24 घंटों में ठंड की वजह से पूर्वांचल में 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि बरेली डिविजन में तीन इलाहाबाद डिविजन में 11 और बुंदेलखंड क्षेत्र में 28 लोगों की मौत हो गई. बाराबांकी के 40 वर्षीय राम किशोर रावत और 30 वर्षीय महेश की मौत ठंड की वजह से हो गई. फैजाबाद जिले के हरचंदपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई. अम्बेडकर नगर में एक जबकि रायबरेली और ऊंचाहार में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गयी.

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    पिछले 24 घंटों में सुल्तानपुर जिला सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लखनऊ में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग के मुताबिक अभी कुछ दिनों तक ठंड से राहत नहीं मिलेगी. 10 जनवरी के बाद से ही हालात कुछ सुधरने की उम्मीद है.

    एक सरकारी अधिकारी ने हालांकि यह दावा किया कि ठंड से बचाव के लिए हर जिले में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं, लेकिन लोगों की ठंड की वजह से हो रही मौतों ने इन सारे दावों की पोल खोल दी है. लोगों द्वारा आरोप लगाने के बाद लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया ने नगर आयुक्त से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतें आ रही है कि सार्वजनिक जगहों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं. इसकी जल्द से जल्द व्यवस्था कराई जाएगी.

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  • हाथ की नस काट प्रेमी युगल ने  पांचवीं मंजिल से कूदकर दी जान

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    लखनऊ।  पॉश इलाके हजरतगंज क्षेत्र में आज सुबह तड़के एक प्रेमी युगल के खून से लथपथ शव मिलने से हड़कंप मच गया। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन में छूट गई। बताया जा रहा है कि प्रेमी युगल ने पहले अपने हाथ की नस कटी और फिर 5 मंजिला इमारत से कूद कर अपनी जान दे दी।
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    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी पहुंची और खून के सैंपल लिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    खून से लथपथ मिले दोनों के शव
    जानकारी के मुताबिक, सूरज दीप कॉन्प्लेक्स में आज सुबह 4:00 बजे तक चौकीदार ने बताया कुछ भी नहीं था। लेकिन वह जब चाय पीने के लिए गया। उसके बाद लोगों ने देखा कि एक युवक और युवती के खून से लथपथ शव जमीन पर पड़े हैं। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिए। पता चला है कि दोनों ने पहले अपने हाथ की नस काट ली। उसके बाद 5 मंजिल से छलांग लगा दी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल अभी तक उनके नामों के बारे में नहीं पता चल पाया है। पुलिस को मौके से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। जिसमें सिमकार्ड नहीं लगा है मामले की जांच की जा रही है।

  • जानकीपुरम में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 2 महिला सहित 4 गिरफ्तार

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    जानकीपुरम। राजधानी की जानकीपुरम पुलिस ने एक पीड़िता की शिकायत पर राजधानी में चल रहे हाईप्रोफाईल सेक्सरैकेट का भंडाफोड़ करते हुए इस घंधे में शामिल 2 महिलाओं सहित 4 लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिलाओं को ठिकाने बदल-बदलकर कई ग्राहकों के पास भेजकर मोटी रकम ऐंठ रहे थे। पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायायल में पेश किया यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। इस गैंग में शामिल तीन लोग फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

    आईजी ने गुडंबा थाने जा कर पुलिसकर्मियों को दीं शुभकामनायें

    एसएसपी दीपक कुमार के निर्देशन में अपराध व अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीओ अलीगंज मीनाक्षी गुप्ता के नेतृत्व में इंस्पेक्टर जानकीपुरम की टीम ने जानकीपुरम सेक्टर छह विस्तार स्थित एक मकान में छापेमारी कर वहां पर चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा कर मौके से दो महिलाओं व दो युवकों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपितों मूल निवासी जनपद प्रतापगढ़ व हालपता पीजीआई के वृन्दावन कालोनी निवासी सुरजीत उसी पत्नी व बिहार निवासी व हाल पता उपरोक्त निवासी तौहीद बताया।

    नौकरी दिलाने के नाम पर कर रहे थे देह व्यापार का कारोबार

    सीओ अलीगंज मीनाक्षी गुप्ता ने बताया कि एक दिन पूर्व एक मंजू बदला हुआ नाम ने अलीगंज पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी मां बीमार चल रही है। जिसके इलाज के लिए नौकरी तलाशते हुए लखनऊ आयी। तभी चारबाग रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए आरोपितों की मुलाकात हो गई। पीड़िता का कहना है कि इन लोगों ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए और उससे जबरन देह व्यापार कराने लगे। इसी बीच मंगलवार को उसे बहला-फुसलाकर जानकीपुरम के सेक्टर छह निवासी शोभा नाम की महिला के घर ले गए। यहां पीड़िता से देहव्यापार कराने की कोशिश कर रहे थे कि किसी तरह उनके चंगुल से निकल पुलिस की मदद ली।

    सीओ मीनक्षी गुप्ता के मुताबिक, उन्होंने पीड़िता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने के साथ उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए। इस पर हरकत में आयी पुलिस ने उक्त महिला के मकान पर छापेमारी कर मौके से तौहीद उसकी कथित पत्नी व सुरजीत व उसकी कथित पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मनीशंकर नाम के शख्स के अलावा शोभा व सात अन्य ग्राहक मौके से भाग निकले। पुलिस को मौके से एक कार के अलावा अन्य सामान बरामद कर लिया।

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    बेबस लड़कियों को ग्राहकों के पास कार से पहुंचाते थे आरोपी

    आरोपित सुरजीत व तौहीद का तार शहर के कई नामचीन लोगों तक जुड़ा है। बताया गया कि आरोपित सुरजीत व तौहीद की कथित पत्नी भोली-भाली लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर ले जाती थी और चंद रूपयों के खातिर उनकी आबरू पर डाका डलवाती थीं। जबकि इनका तार जानकीपुरम निवासी शोभा व मनीशंकर नाम के व्यक्ति  से जुड़ा हुआ है। पुलिस के मुताबिक फरार आरोपितों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

    एक पीड़िता की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

    जानकीपुरम क्षेत्र हो या फिर मड़ियांव इलाके में यह सेक्स रैकेट कोई नया नहीं था। सूत्रों की मानें तो संचालिका शोभा नाम की महिला काफी दिनों से सेक्स रैकेट चलाती थी। लेकिन ऊंची पहुंच के चलते पुलिस उसकी गर्दन दबोचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। लिहाजा एक पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने इस अवैध कारोबार का खुलासा किया है।

  • लखनऊ बालगृह में लिखी गई ‘बजरंगी भाईजान’ की पटकथा

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    लखनऊ  । फिल्म ‘बजरंगी भाईजान की कहानी तो आपको याद ही होगी। वैसी ही कहानी एक बार फिर राजधानी के मोतीनगर स्थित राजकीय बालगृह (बालिका) में लिखी गई। फिल्म में एक मूकबधिर किशोरी को पाकिस्तान पहुंचाने की कहानी थी, यहां दो किशोरियों के साथ दो पड़ोसी देशों बांग्लादेश और नेपाल का मामला रहा। सलमान खान का किरदार स्वयं बालगृह ने निभाया।

    करीब एक साल पहले बांग्लादेश की रहने वाली 14 वर्षीय सलीमा अपनी मौसी के साथ दिल्ली जा रही थी। अमरोहा स्टेशन पर पानी पीने के लिए उतरी, तभी ट्रेन छूट गई। जीआरपी ने उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। सलीमा न तो अपने बारे में और न ही घरवालों के बारे में ही कुछ बता पा रही थी। वहां के उसे राजधानी के मोतीनगर स्थित राजकीय बालगृह (बालिका) में लाया गया। सलीमा की भाषा भी समझ से परे थी।

    यादवी सियासत के तीनों मुखर चेहरे सियासी हाशिये पर

    महीनों काउंसिलिंग के बाद उसकी भाषा का पता चला कि वह बांग्लादेश की है। बालगृह की अधीक्षिका रीता टम्टा ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश दूतावास से संपर्क किया। वहां की भाषा में उसकी बात कराई गई। सलीमा के बताए गए पते पर पुलिस ने उसके परिवारीजन को सूचना दी और उसके भाई मुहम्मद शाकिर गुरुवार को राजधानी आए। बहन के मिलने की आस खो चुके शाकिर ने बहन को देखा तो आंखें भर आईं। वह उसे अपने वतन वापस ले गया।

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    रीता टम्टा, अधीक्षिका, राजकीय बालगृह (बालिका) मोतीनगर।

    दोनों विदेशी किशोरियों को उनके परिवारीजन के सिपुर्द करने में शिक्षिका प्रेरणा व काउंसलर भारती संग बालगृह कर्मचारियों की भी अहम भूमिका रही। दोनों लड़कियों को उनके परिवारीजनों से मिलाकर काफी सुकून मिला।

    यूपी में अप्रैल से हाईस्कूल में लागू होगा एनसीईआरटी पैटर्न : डॉ. दिनेश शर्मा

  • यूपी का खूनी घोटाला : आरोपी पूर्व सीएमओ ने गोली मारकर की आत्महत्या

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    गोरखपुर  । एनआरएचएम घोटाले के आरोपी पूर्व सीएमओ डॉ पवन कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को गोरखनाथ थाना क्षेत्र के विवेकपुरम कालोनी स्थित अपने आवास में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पूर्व सीएमओ डा. पवन श्रीवास्तव ने गोरखनाथ  स्थित विवेकपुरम कालोनी में रहते थे। उन पर एनआरएचएम घोटाले का आरोप है। आज अपने आवास में उन्होंने गोली मारकर खुदकुशी कर ली। वे डायरेक्टर उत्तर प्रदेश स्वास्थ सेवाएं के पद से वर्ष 2010 में सेवानिवृत्त हुए थे। हर माह सीबीआई कोर्ट में उनकी पेशी होती थी। इस माह 15 जनवरी को सीबीआई कोर्ट दिल्ली में उन्हें पेश होना था।

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    उल्लेखनीय है कि  केंद्र सरकार के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के मद में छह वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश को 8657 करोड़ रुपये मिले लेकिन अधिकारियों व चिकित्सकों ने इसमें पांच हजार करोड़ रुपये की बंदरबांट कर ली। इसका राजफास नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में हुआ था। यूपी सरकार की नाक के नीचे इस घोटाले की जांच का काम सीबीआइ को सौंपे जाने के बाद मंत्री, राजनेता व वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए। इस घोटाले में कई सीएमओ, पूर्व सीएमओ और लेखा प्रमुखों व अन्य कर्मचारियों  की जान जा चुकी है

  • योगी ने बदला तरीका, अखिलेश व मायावती की राह हो जायेगी कठिन

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    वाराणसी। पीएम नरेन्द्र मोदी के लिए ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना तरीका बदल दिया है। सीएम योगी का नया दांव चल जाता है तो बीजेपी को बड़ा लाभ हो सकता है। यूपी में फिर से अपनी ताकत दिखाने में लगे अखिलेश यादव मायावती को इससे झटका लग सकता है। फिलहाल बीजेपी की निगाहे संसदीय चुनाव 2019 पर टिकी है इसके चलते ही सरकार ने नयी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। सीएम योगी ने रात को निरीक्षण करके एक रिकॉर्ड बना दिया है। काशी में कड़ाके ठंड में रात में निरीक्षण करने वाले पहले सीएम योगी आदित्यनाथ बन चुके हैं। सीएम योगी को जो जगह दिखायी जानी थी वहां पर पहले सीएम योगी नहीं गये थे उससे आगे निकले और गड़बड़ी भी पकड़ी।

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    कई माह पुराने एक अपराध में सोने की बरामदगी नहीं होने की नाराजगी भी दिखायी, जिससे साफ हो गया है कि सीएम योगी को सारी चीजों की रिपोर्ट मिल रही है और अब अधिकारियों को गुमराह करना आसान नहीं होगा।यूपी के मुख्यमंत्री के सिंहासन पर विराजमान सीएम योगी के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। यूपी की कमान संभालने के बाद सीएम योगी के लिए पहली चुनौती निकाय चुनाव था, जिसमे बीजेपी की नैया पार निकालने में सीएम योगी सफल हो चुके हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती संसदीय चुनाव २०१९ में बीजेपी को बहुमत दिलाना है।

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    यूपी में बीजेपी को संसदीय चुनाव 2014 में 80 में से 73 सीट मिली थी यूपी के चलते ही देश में पहली बार बीजेपी की पूर्ण बहुमत में सरकार बनी है। बीजेपी जानती है कि देश की सत्ता में फिर से कब्जा करना है तो यूपी में अधिक से अधिक सीट जीतना होगा। ऐसे में सीएम योगी ने अपने तेवर बदल दिये हैं और पीएम मोदी के फिर से चुनाव जीताने के लिए काम करना शुरू कर दिया है।
    सीएम योगी के पास सिर्फ एक साल का समय बचा है इसके बाद संसदीय चुनाव का बिगुल बज जायेगा। सीएम योगी ने पहले तो सख्त तेवर नहीं दिखाये थे लेकिन अब उन्होंने ऐसी सख्ती की है, जिससे सभी के होश उड़ गये हैं।
    सीएम योगी ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी के निरीक्षण के दौरान जिस तरह से बैठक ली है उससे सभी लोग दंग रह गये हैं। सीएम योगी ने विधायकों के सामने ही अधिकारियों से कहा कि जब आप पर किसी तरह का दबाव नहीं है तो फिर अपराधी क्यों नहीं पकड़े जा रहे हैं। वर्षों से पेयजल आपूर्ति नहीं होने से 33 अधिकारियों पर एक साथ कार्रवाई की है। सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया कि दो बार मौका दिया जा चुका है अब किसी को मौका नहीं मिलेगा। जनता को परिवर्तन दिखायी देना चाहिए। गौरतलब है कि सीएम योगी जानते हैं कि यदि आम लोगों को राहत महसूस नहीं हुई तो बीजेपी की जमीन दरक सकती है।

  • भूख से मजदूर की मौत, दो दिन से नहीं मिला था खाना, शासन – प्रशासन कटघरे में

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    बरेली । कुछ महीने पहले फतेहगंज पश्चिमी में भी एक महिला की भूख से मौत हो गई थी और अब एक बार फिर भूख से मौत का मामला सामने आने से सरकार और प्रशासन कटघरे में है।

    प्रशासन गरीबों को पेट भर खाना, रहने के लिए छत, ठंड से बचाव के लिए कंबल बांटने के दावे ही करता रह गया और एक मजदूर को मौत निगल गई। तीन दिन से उसके पेट में एक निवाला नहीं गया। बंद कमरे में वह मौत से जूझता रहा मगर पार नहीं पा सका। गांव वालों ने जब कमरे में झांका तो अंदर शव ठंड से अकड़ा पड़ा था। गरीब व मजदूरों के हितों की रक्षा करने का सरकार का दावा सच नहीं है। गरीबों को एक वक्त की रोटी भी नहीं मिल रही है। जून उत्तर प्रदेश में गरीबों पर भूख कहर बनकर टूट रही है। बरेली में दो दिन से भूखे मजदूर 42 वर्षीय नेमचंद्र ने कल अपनी 90 वर्ष की मां की गोद में दम तोड़ दिया। नेमचंद्र नाईगिरी और मजदूरी कर अपना व मां का पेट भरते थे।

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    गरीब की भूख से मौत की सूचना पर एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल और विधायक प्रतिनिधि पहुंचे। उसका कमरा हालात बयां कर रहा था, वहां न दाल थी, न चावल थे। एक थैली में बमुश्किल डेढ़ किलो आटा रखा हुआ था। भमोरा मुख्य मार्ग से करीब साढ़े तीन किलोमीटर भीतर स्थित गांव कुड़रिया इकलासपुर निवासी नेमचंद्र आठ भाइयों में सबसे छोटे थे। चार अन्य भाइयों की पहले ही बीमारी और हादसों में मौत हो चुकी है। जबकि दो भाई शहर के सुभाषनगर में और एक दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। अविवाहित नेमचंद्र गांव में 85 साल की बूढ़ी मां खिल्लो देवी के साथ गांव के कच्चे पुश्तैनी घर में रहते थे।
    बरेली में भूख से मौत का मामला सामने आते ही प्रशासन में खलबली मच गई। तहसीलदार और लेखपाल तत्काल नेमचंद्र के घर पहुंचे। वहां पर लेखपाल ने माना नेमचंद्र के घर की स्थिति दयनीय थी। 90 वर्ष की बूढ़ी मां के साथ वह झोपड़ी में रहता था, उसके घर में एक भी दाना न मिलने से गरीबों को मुफ्त में राशन देने का दावा की हकीकत सामने आ गई। मामला भमोरा थाना क्षेत्र के गांव कुड़रिया इखलासपुर का है। भूख है तो सब्र कर, रोटी नही तो क्या हुआ आजकल दिल्ली में है जेरे बहस ये मुद्दा, किसी शायर की ये पंक्ति देश के हालात को ज्यों का त्यों बयां करती हैं। यूपी के बरेली में भूख की वजह से एक 42 वर्षीय नेमचंद्र की मौत हो गई है, जिसने प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। खबरों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से घर में खाना नहीं बना था। भूख के कारण उसकी मौत हो गई है जबकि बुजुर्ग मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक नेमचंद्र की मां और रिश्तेदारों का कहना है कि घर में खाने को कुछ भी नहीं है। गांव वालों और रिश्तेदार घर पर कभी-कभी खाना भेज दिया करते थे, जिससे उनका गुजारा हो जाता था।
    बूढ़ी मां का कहना है की राशन कार्ड बना है और राशन भी मिला है, लेकिन बेटे को फालिज का अटैक पडने की वजह से राशन बेचकर उसकी दवा ले आई थी। तीन दिनों से घर में खाना नहीं बना था।

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    भूख से मौत की खबर मीडिया में आने के बाद लेखपाल शिवा कुशवाहा भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। लेखपाल का कहना है कि नेमचंद्र के परिवार की हालत काफी दयनीय है। घर में खाने को भी कुछ नहीं है। मामले की जांच की जा रही है कि उनकी मौत भूख से हुई है या बीमारी से।

  • भगवान का घर भी नहीं सुरक्षित: चोरी कर ले गए लाखों के गहने

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    बगल में कोतवाली और हो गई वारदात नहीं लग सकी भनक

    दुर्गा मंदिर में हुई घटना का मामला

    लखनऊ। राजधानी में हत्यारों, लुटेरों के अलावा चोरों के भी हौसले बुलंद हैं। ये मकान का ताला तोड़कर तो दूर भगवान का घर भी नहीं छोड़ रहे हैं। बीते दिनों जुग्गौर गांव में हुई डकैती के मामले में पुलिस किसी नतीजे पर पहुंंच भी नहीं पायी थी कि नए साल के तीसरे दिन बेखौफ चोरों ने चिनहट कोतवाली के बगल में स्थित दुर्गा मंदिर में मंगलवार की रात धावा बोलकर सोन के जेवरात व तानपात्र चोरी कर पुलिस चौकसी पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए। खास बात यह रही कि घंटे भर मंदिर में बदमाश आतंक मचाते रहे और पुलिस को इसकी जरा भी भनक नहीं लग सकी। सूचना मिलने के इंस्पेक्टर चिनहट रवीन्द्र नाथ राय मौके पर पहुंच कर छानबीन की,लेकिन चोरों का कुछ सुराग नहीं लग सका है। वहीं मंदिर में हुई चोरी को लेकर भक्तों में खासा नाराजगी है। उनका आरोप है कि कोतवाली के बगल में वारदात हो गई और पुलिस सोती रही।

    चिनहट कोतवाली के बगल में मातेश्वरी मंदिर, भगवान हनुमान जी की मंदिर के अलावा भगवान गणेश जी का मंदिर है। इन मंदिरों के अलग-अलग पुजारी हैं,जिसमें दुर्गाजी की मंदिर में अजोरा देवी पांडेय पुजारी हैं। पुजारी अजोरा देवी के मुताबिक वह मंगलवार की रात करीब 12 बजे के बाद सोने के लिए गई थीं,जबकि अन्य मंदिरों के पुजारी भी अपने-अपने कमरे में चले गए थे कि देर रात चोर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और दुर्गाजी के गले गले से सोने का हार, नथुनी व मंदिर में रखा दानपात्र चोरी कर ले गए। बताया गया कि बुधवार की सुबह भक्त मंदिर में दर्शन करने के लिए आए तो देखा कि दुर्गाजी के शरीर से पूरा जेवर गायब है और दानपात्र का ताला टूटा है। यह माजरा देख भक्तों ने इसकी खबर पुजारी अजोरा देवी को दी। अजोरा के मुताबिक उन्होंने बगल में मौजूद कोतवाली में सूचना दी। उनका कहना है कि बगल में कोतवाली फिर भी पुलिस करीब आधे घंटे बाद मंदिर में आयी।

    गणेश जी मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था

    देर रात तक मंदिर परिसर में कारीगर और मजूदर काम कर रहे थे,जबकि मंदिरों के पुजारी भी करीब 12 बजे के बाद तक जागते रहे। सवाल है कि जिस मंदिर का गेट करीब 11 बजे के बाद बंद हो जाता है तो चोर किस रास्ते से मंदिर परिसर में दाखिल हुए? कोतवाली की ओर से फांद कर आए तो वहां पर हर समय पुलिस मौजूद रहती है? कहीं चिराग तले अंधेरा तो नहीं? इंस्पेक्टर चिनहट रवीन्द्र नाथ राय के मुताबिक इस मामले में कई बिंदुओं पर पड़ताल कर चोरों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

  • बिना टिकट, गूंगे की एक्टिंग और कश्मीर कनेक्शन से हुआ आतंकी का शक

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश मथुरा रेलवे स्टेशन पर शातिर को शक होने पर ही पकड़ा गया था। रेलवे स्टेशन पर बीते रविवार को टीटीई ने बिना टिकट भोपाल जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक शख्स को जीआरपी के हवाले किया था। वह जांच पुलिस को कुछ संदिग्ध लगा।

    जब एटीएस ने पूछताछ की तो उसकी पहचान जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाले 30 वर्ष के बिलाल अहमद वानी के रूप में हुई। पहले तो इसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए गूंगा-बहरा होने का नाटक किया। इसके बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की उसने सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि वो पुलिस को देखकर डर गया था। मथुरा जंक्शन पर पकड़े गए कश्मीर के अनन्तनाग के बिलगांव निवासी बिलाल अहमद वानी से पूछताछ में अभी तक उसका आतंकी कनेक्शन नही निकला है। उससे बरामद आइडी प्रूफ भी सही पाए गए हैं।

    यादवी सियासत के तीनों मुखर चेहरे सियासी हाशिये पर

    मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी सूचना इंटेलिजेंस, आईबी, आर्मी और ख़ुफिया विभाग के अधिकारियों को दी। मामला कश्मीर से जुड़ा होने की वजह से बिलाल को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरु हुई। इस युवक की तलाशी के दौरान संदिग्ध युवक के पास से आधार कार्ड मिला। इसके बाद लखनऊ से यूपी एटीएस की टीम संदिग्ध युवक से पूछताछ करने के लिए मथुरा रवाना की गई।

    एटीएस की टीम ने बिलाल अहमद वानी के ठिकानों की जांच की तो उसके किसी भी आतंकी कनेक्शन से जुड़े होने का मामला सामने नहीं आया है। इसकी पुष्टी खुद यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण भी कर चुके है। फिलहाल एटीएस की टीम बिलाल से गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है। वहीं बिना टिकट यात्रा करने के मामले में आज बिलाल को यूपी एटीएस की टीम रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी।

    AMU से लापता पीएचडी छात्र मनान वानी बना हिज्बुल का “आतंकी”

  • लखनऊ के एक स्कूल में घुसा तेंदुआ, दहशत में राजधानी, देखे वीडियो

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    लखनऊ। राजधानी के ठाकुरगंज क्षेत्र में शनिवार को एक स्कूल में तेंदुआ घुसने की ख़बर से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है और पूरे शहर की कमोबेश यही स्थिति हो रही है।राजधानी में तेंदुए की दहशत से स्कूल किया गया छावनी में तब्दील ठाकुरगंज के सेंट फ्रांसिस्को स्कूल में तेंदुआ घुसने की ख़बर से वन विभाग में हड़कम्प..स्कूल में लगे सीसीटीवी में कैद हुई तेंदुए की घूमते फिरते हुए तस्वीरेस्कूल को पुलिस के चारो तरफ से सील, आसपास पास से लोगो को हटाया जाड़े की स्कूल में चल रही थी छुट्टियां, स्कूल से तेंदुआ निकालने और पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम पहुँचीलखनऊ चिड़ियाघर से स्पेशल दस्ता तेंदुआ पकड़ने रवाना हो गया है।  प्रदेश में कटते जंगलों के कारण अब जानवरों ने शहर की राह पकड़ ली है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र में आज एक मूक-बधिर स्कूल में तेंदुआ घुस गया। इसके बाद सक्रिय वन विभाग की टीम ने मोर्चा संभाल लिया।  स्कूल में अभी बच्चों के साथ स्टाफ दहशत में है। सेंट फ्रांसिस स्कूल स्कूल में 10 बजकर11 मिनट पर प्रधानाचार्य ज्योसिया मैरी ने तेंदुआ को स्टेज की ओर जाते हुए देखा। स्कूल में अभी रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची है।
    पुलिस बच्चों को शिफ्ट करने पर विचार कर रही है। इस समय स्कूल में 30-30 लड़के-लड़कियां हैं। स्कूल के हॉस्टल में 60 बच्चे हैं। इस स्कूल में कुल 129 बच्चे हैं। स्कूल के कर्मियों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सीओ ने बताया कि कर्मचारियों के साथ ही सिसट्र्स ने भी सीसीटीवी पर तेंदुआ को देखा।
    इसके बाद वन विभाग की टीम वहां पहुंची, लेकिन तेंदुआ का कुछ भी पता नहीं चला। ठाकुरगंज के सेंट फ्रांसिस स्कूल में तेंदुआ की दस्तक के कारण खलबली मची है। डीएफओ के साथ वन विभाग तथा प्राणि उद्यान की टीम मौके पर है।
    स्कूल के कर्मियों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सीओ ने बताया कि कर्मचारियों के साथ ही सिसट्र्स ने भी सीसीटीवी पर तेंदुआ को देखा।इसके बाद वन विभाग की टीम वहां पहुंची, लेकिन तेंदुआ का कुछ भी पता नहीं चला।
    स्कूल के कर्मियों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सीओ ने बताया कि कर्मचारियों के साथ ही सिसट्र्स ने भी सीसीटीवी पर तेंदुआ को देखा।इसके बाद वन विभाग की टीम वहां पहुंची, लेकिन तेंदुआ का कुछ भी पता नहीं चला।
    ठाकुरगंज के सेंट फ्रांसिस स्कूल में तेंदुआ की दस्तक के कारण खलबली मची है। डीएफओ के साथ वन विभाग तथा प्राणि उद्यान की टीम मौके पर है।