Category: uttar-pradesh

  • Shashi Yadav हत्याकांड मामले में सपा के पूर्व विधायक रामवीर सिंह पहुंचे जेल

    [object Promise]

    फिरोजाबाद : Shashi Yadav हत्याकांड मामले में सपा के पूर्व विधायक Ramvir Singh Yadav ने आत्मसमर्पण कर दिया है। जिन्हें 2 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 4 जनवरी को होगी।

    बता दें कि बीते 5 नवम्बर 2007 को जसराना ब्लाक पर हुए ताबतोड़ फायरिंग में शशि यादव की माैत हाे गई थी। इस मामले में रामवीर 120 बी के अपराधी हैं लेकिन सत्ता की हनक और क्षेत्र में दबदबा के चलते विधायक बचते रहे और कभी भी इस मामले में कोर्ट नहीं गये। और क़ानूनी दांव पेंच का खेल खेलते रहे। फिलहाल मामला सुप्रीम में चल रहा है। कोर्ट में सरेंडर करने को कहा लेकिन रामवीर पर इसका काेई फर्क नहीं पड़ा। जब प्रदेश की याेगी सरकार ने अधिकारियों पर उन्हें पकड़ने के लिए दबाव बनाया तब जाकर पूर्व विधायक ने अपने सहयोगी के साथ कोर्ट पहुंचे और सरेंडर किया।

    जानिए इस लड़की के साथ कांस्टेबल ने ऐसा क्या किया कि सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा ये फोटो !

    हमें फंसाया गया : रामवीर 
    रामवीर सिंह यादव से जब इस बारे में बात की गई ताे उन्हाेंने बताया कि न्यायालय पर हमें पूरा भराेसा है। हम न्यायालय का सम्मान करते हैं, हमें जरूर न्याय मिलेगा। वहीं जब हत्या मामले के बारे में पूछा गया ताे उन्हाेंने कहा कि हमें इस मामले फंसाया गया है।

    देशभर में लाखों डॉक्टर हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं ठप- जानिए क्या है पूरा

  • BJP सांसद ने किया शहीदों का अपमान, कहा- ‘सेना के जवान हैं, जान तो जाएगी ही’

    [object Promise]

    लखनऊ: रामपुर से भाजपा के सांसद नेपाल सिंह का एक शर्मनाक बयान सामने आया है। उन्होंने अपने बयान में देश की सुरक्षा में लगे सेना के जवानों की शहादत पर पत्रकारों से कहा कि सेना के जवान हैं तो मरेंगे ही।

    जानकारी के अनुसार नेपाल सिंह से पत्रकारों ने जम्मू-कश्मीर के आतंकी हमले में शहीद हुए सेना के जवानों बारे पूछा था। इस सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि अगर सेना में हैं तो मरेंगे ही। सिंह ने पत्रकारों से कहा कि आप कोई एेसा देश बताओ जहां सेना के जवान नहीं मरते हों। आप हमें कोई एेसा तरीका बता दो जिससे आदमी ना मरे या गोली काम ना करे।

    भीमा-कोरेगांव हिंसाः मायावती ने BJP-RSS काे ठहराया जिम्मेदार

    भाजपा नेता के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी नाराजगी जताई है और इस बयान को शर्मनाक भी बताया है। कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने कहा कि यह बयान सेना का मनोबल गिराने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके इस बयान की आलोचना करती है और नेपाल सिंह के इस बयान का विरोध करेगी।

    कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने कहा कि वे भाजपा सांसद के इस बयान को लेकर पीएम को पत्र लिखेंगे। इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर नेपाल सिंह अब लखनऊ आते हैं तो उनका विरोध किया जाएगा। राजपूत का कहना था कि सेना में जवान जान देने के लिए नहीं बल्कि देश की सुरक्षा के लिए जाता है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए दुश्मनों को मारना उसकी पहली प्राथमिकता होती है और विषम परिस्थितियों में ही सेना का जवान शहीद होता है।

    ‘2018 में ही लोकसभा के चुनाव करा सकती है BJP’

  • मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाया विवाहिता को

    झांसी, उत्तर प्रदेश के झांसी में दहेज के लालच में ससुराल वालों ने एक विवाहिता को जिंदा जलाकर मार डाला। पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि उल्दन थाना क्षेत्र के पलरा गांव में कृष्णा देवी (22) को उसके ससुरालियों ने कल रात मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। महिला को गंभीर हालत में झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

    कृष्णा देवी के पिता सुरेंद्र कुमार ने अपने दामाद सुरेश के अलावा उसके पिता किशोरी, माता प्रभा देवी और भाई संदीप कुमार के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बेटी की शादी के समय उसने अपनी क्षमता के अनुसार दहेज दिया था लेकिन कुछ दिनों से उस का पति सुरेश और अन्य ससुराल वाले एक लाख रूपये और लाने के लिए लगातार उनकी बेटी पर दबाव बना रहे थे। पर्याप्त दहेज देने के बाद एक लाख रूपये का और इंतजाम नहीं कर पाने पर सुरेश ने अपने घर वालों के साथ मिलकर उनकी बेटी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी जिसमें उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • लूट का खुलासा, नौकर ही निकला डकैत

    [object Promise]

    लखनऊ । राजधानी लखनऊ में फिल्मी तरीके से स्वयं के अपहरण की साजिश रचकर लाखों की नगदी हड़पने वाले शातिर चोर को पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर ही खुलासा करते हुए सीसीटीवी के मदद से गिरफ्तार कर लिया। लूट घटना को अंजाम देने के बाद से ही पीड़ित का नौकर रुपये और स्कूटी सहित फरार हो गया था।

    शिकायत दर्ज कर पुलिस ने दिखायी सक्रियता

    घटना प्रदेश की  राजधानी लखनऊ की है। जहां बीते 2 दिसंबर को नाका इलाके के व्यापारी राजाराम अग्रवाल ने थाने में शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि मेरा नौकर सुबह से ही गायब है, साथ ही मोबाइल स्विच ऑफ है जिसको दुकान से घर 6 लाख रुपये लाने के लिए भेजा  था, आशंका जाहिर करते हुए बताया था कि किसी ने नौकर को पैसों के लिए अगवा कर लिया है। अगवा करने के मामले को लेकर पुलिस टीम ने नौकर,पैसा और स्कूटी तीनों को महज 24 घंटों के अन्दर बरामद कर लिया।

    पैसों को देख नौकर ने बदली नियत

    पुलिस के मुताबिक नौकर गोविन्द को उनके मालिक राजाराम ने घर से पैसा लाने के लिए भेजा था। लेकिन गोविद ने छह लाख रुपये लिए और उसके ठीक बाद गोविन्द की पैसों को देख कर नियत बदल गयी और उसने अपना मोबाईल स्विच ऑफ कर रुपये और स्कूटी सहित फरार हो गया। घटना के बाद व्यापारी राजाराम ने थाने में शिकायत दर्ज करवाया था। जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए इलाके में लगे सीसीटीवी की मदद से  मलीहाबाद पहुंची जहां से गोविंद को पैसों और स्कूटी के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से साफ जाहिर होता है कि जिस तरह से नौकर की नियत रुपये को लेकर डोल गया था।  इससे पुलिस पर एक और दाग लगने वाला था वो समय रहते और पुलिस की तत्परता से धुल गया और पुलिस ने एक सफल घटना का आनावारण करते हुए इस शातिर नौकर को रुपयों के साथ गिरफ्तार कर लिया।

  • यूपी में अप्रैल से हाईस्कूल में लागू होगा एनसीईआरटी पैटर्न : डॉ. दिनेश शर्मा

    [object Promise]

    लखनऊ । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा माध्यमिक व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा प्रदेश की शिक्षा के स्तर को सुधारने में लग गए हैं। उनका मानना है शिक्षा ही किसी भी सुधार का मुख्य आधार होगा।

    डॉ. दिनेश शर्मा ने आज मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब भी भाजपा की सरकार रही है, शिक्षा का स्तर सुधारने पर हमेशा से ही जोर दिया गया है। हमारा लक्ष्य नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न कराने के साथ ही छात्र-छात्राओं का व्यापक ज्ञानवर्धन भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार ही मुख्य आधार होता है। डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में इस बार से एनसीईआरटी पैटर्न को हाइस्कूल के पाठ्यक्रम में लागू किया जाएगा। यह अप्रैल से लागू हो जाएगा। इससे हर विद्यार्थी को भी आसानी होगी।

    बिना टिकट, गूंगे की एक्टिंग और कश्मीर कनेक्शन से हुआ आतंकी का शक

    उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने में जोर से लगी है। अब तो तमाम चीजों पर अलग अलग नियम लागू किए गए हैं। अब स्कूलों की मान्यता ऑनलाइन की जाएगी। इसके साथ ही किसी को भी उसका अंकपत्र अब घर  बैठे ऑनलाइन मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तो नकल माफिया के खिलाफ यूपी एटीएस की मदद ली जा सकती है। नकल विहीन परीक्षा के लिए जिला प्रशासन तैयार है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड परीक्षा के लिए सभी केंद्रों की सूची फाइनल कर ली गई है। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि नकल करने समय स्कूल में पकड़े जाने पर उस सेंटर की जिम्मेदारी होगी। सीसीटीवी से हर परीक्षा केंद्र पर निगरानी होगी। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।

    यह भारतीय रातों रात बन गया करोड़पति, किस्मत हो तो ऐसी !

    हम एनसीईआरटी की किताबों को अंगीकृत करेंगे जिससे असमानता खत्म होगी। अगले सत्र से एनसीईआरटी पैटर्न लागू होगा। हमने लखनऊ में उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल का नाम शहीद कैप्टन मनोज पांडे के नाम पर किया है। अब स्कूलों में योग व जूडो की क्लास शुरू हुईं हैं। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि हमने प्रदेश में सेवानिवृत्त अध्यापकों के लिए मानदेय बढ़ाया। स्वकेंद्र समाप्त किया गया है। हम हर तरह से नकलविहीन परीक्षा के उपाय कर चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में पहली बार 24 जनवरी को यूपी का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। यूपी दिवस में विद्यालयों की भी भागीदारी होगी। यूपी उत्तम प्रदेश है इसे अब सर्वोत्तम प्रदेश बनाना है।

  • कभी सपा के ख़ास थे, अब योगी आदित्यनाथ ने सौंपी यूपी की कमान

    [object Promise]

    उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक बनने से ओम प्रकाश सिंह की नियुक्ति काफी हद तक चैंकाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि जिन लोगों का नाम रेस में चल रहा था, उसमें ओपी सिंह का नाम दूर दूर तक नहीं लिया जा रहा था. उनकी नियुक्ति पर चैंकाने वाली एक बात ये भी है कि एक समय में वे मुलायम सिंह यादव के बेहद खघस अधिकारी माने जाते थे.। यूपी के सियासी गलियारों में ओपी सिंह की नियुक्ति को योगी आदित्यनाथ के जातिवाद से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि योगी आदित्यनाथ की बिरादरी से आने वाले दूसरे पुलिस अधिकारी भी रेस में थे, ऐसे में पहले बात उस रेस की जिसमें ओपी सिंह ने अपने से चार सीनियर आईपीएस अधिकारियों को पीछे छोड़ दिया है.सुलखान सिंह के बाद जिस अधिकारी का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा था वो प्रवीण कुमार सिंह थे. डीजी फायर सर्विस के तौर पर तैनात प्रवीण सिंह वरिष्ठता क्रम में सबसे आगे थे और माना जा रहा था कि जिस तरह से वरिष्ठता क्रम को देखते हुए सुलखान सिंह को तैनात किया गया था, वैसे ही ये जिम्मेदारी प्रवीण सिंह को दी जा सकती है.।

    [object Promise]
    Adityanath

    मीडिया में जिन लोगों के नामों की चर्चा थी वे लोग भी रेस में थे, लेकिन मुख्यमंत्री ऐसे अधिकारी की नियुक्ति चाहते थे जिसकी छवि रिजल्ट देने वाले अधिकारी की रही हो.। यूपी पुलिस के साथ विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाने के अलावा सीआईएसएफ में ओपी सिंह के कार्यकाल की काफी संतोषजनक माना जाता है. चाहे वो वीआईपी सुरक्षा का मसला हो या एयरपोर्ट पर सुरक्षा. उनके काम की तारीफ होती रही है. नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स में भी नई तकनीक लाने का श्रेय ओपी सिंह को दिया जाता है.मूल रूप से बिहार के गया जिले के ओपी सिंह के सामने अपने करियर के शिखर पर ऐसे राज्य की पुलिस व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी है, जिसने बीते एक साल में 895 एनकाउंटर करने का काम किया है. नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो के मुताबिक राज्य में चार हजार से ज्यादा लोगों की सालाना हत्याएं होती हैं और तीन लाख तक सालाना मुकघ्दमे दर्ज होते हैं.ओपी सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती यूपी पुलिस की भ्रष्ट छवि को दुरुस्त करने के साथ साथ अपराध की रफ्तार को कम करने की होगी. इस दौरान राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव नहीं बिगड़े, इसकी चुनौती भी उन्हें निभानी होगी. ओपी सिंह की छवि जितनी आक्रामक और सख्त पुलिस अधिकारी की रही है, उतना ही लगाव उनका संगीत से भी रहा है. खघस मौकों पर वे खुद बेहतरीन आवाज में गाने गाते रहे हैं. मुकेश को अपना पसंदीदा गायक मानने वाले ओपी सिंह के गायक का अंदाज आप इस लिंक पर देख सकते हैं.।

    [object Promise]
    _opsingh

    लेकिन ओपी सिंह की तैनाती में जिस बात की सबसे अहम भूमिका रही है, वो है इनके पास कार्यकाल के लिए दो साल का वक्त अभी बाकी है. योगी आदित्यनाथ 2019 के आम चुनाव को देखते हुए इस पद पर वैसे शख्स को बिठाना चाहते थे, जिसके पास कम से कम दो साल का कार्यकाल हो. हालांकि हकीकत यही है कि योगी आदित्यनाथ ने पहले सुलखान सिंह और अब ओपी सिंह को राज्य पुलिस की कमाना सौंपी हैं, जो उनकी अपनी बिरादरी से आते हैं. अगर यही स्थिति पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव या मायावती के कार्यकाल में बनती तो मीडिया में जातीय रंग देकर पेश करती.। वैसे दिलचस्प ये भी है कि अखिलेश यादव ने जनवरी, 2015 में जगमोहन यादव की वरीयता को नजरअंदाज करते हुए अरविंद कुमार जैन को पुलिस प्रमुख बनाया था, हालांकि जैन के बाद जब जगमोहन यादव छह महीने के लिए पुलिस महानिदेशक बने थे तब अखिलेश सरकार पर जातीयता के खूब आरोप लगे थे. बहरहाल योगी सरकार द्वारा ओम प्रकाश सिंह को अहम जिम्मेदारी को लेकर कई विश्लेषक इसलिए भी चैंक रहे हैं क्योंकि कभी इनकी पहचान मुलायम सिंह यादव के खघस अधिकारी की रही है.
    यूपी के सियासी मामलों पर नजर रखने वाले लोग आज भी 2 जून, 1995 का गेस्ट हाउस कांड नहीं भूले होंगे जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर लखनऊ के मीराबाई मार्ग के स्टेट गेस्ट हाउस में मायावती पर हमला कर दिया था. राज्य सरकार से समर्थन वापस लेने के चलते मायावती पर ये हमला हुआ था.तब लखनऊ जिला पुलिस प्रमुख का पद ओम प्रकाश सिंह के पास ही था. उन पर आरोप लगा था कि उनके नेतृत्व वाली पुलिस समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के सामने मूक दर्शक बनी रही थी.यूपी की राजनीति को नजदीक से कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार शरद गुप्ता बताते हैं, ओपी सिंह पर लगे आरोप इसलिए भी गंभीर थे क्योंकि उन्होंने 2 जून, 1995 को तड़के ही जिले का प्रभार संभाला था. एक जून को उन्हें मुलायम सिंह ने बुला लिया था।
    इससे पहले भी वो कई मौकों पर मुलायम सिंह के कृपा पात्र बने थे. दिसंबर, 1993 में बहुजन समाज पार्टी के समर्थन की बदौलत मुलायम मुख्यमंत्री बने थे. अप्रैल 1994 में बुलंदशहर के हस्तिनापुर विधानसभा उप-चुनाव से ठीक पहले जिला पुलिस ने इलाके के कुखघ््यात गैंगस्टर महेंद्र फौजी का इनकाउंटर किया था. तब ओपी सिंह बुलंदशहर के एसएसपी हुआ करते थे. ।

  • 2019 का चुनाव है चुनौती पूर्ण, अब सपा से लोगों को जोड़ने निकलेगा समाजवादी रथ

    [object Promise]

    लखनऊ । समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि संगठन पहले है और इसके लिए वह रथयात्रा भी निकालेंगे। लोगों को जोड़ेंगे। अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि उनका ध्यान फिलहाल संगठन की ताकत बढ़ाने पर है और वह 2019 के लोकसभा चुनाव में किसी से गठबंधन के बारे में नहीं सोच रहे। उन्होंने कहा कि इस बारे में बातचीत आगे बढ़ाना और सीटों का समझौता आदि समय की बर्बादी है। संगठन पहले है और इसके लिए वह रथयात्रा भी निकालेंगे। । लोगों को जोड़ेंगे। जल्द ही इसका पूरा कार्यक्रम तय कर लिया जाएगा। 2017 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लड़े अखिलेश यादव ने कहा कि 2019 का चुनाव चुनौती पूर्ण है और उत्तर प्रदेश का परिणाम पूरे देश में संदेश देगा, इसलिए मेरा पूरा ध्यान अभी पार्टी को सांगठनिक ढंग से मजबूत करने पर है। अभी मैैं किसी भी राजनीतिक दल से गठबंधन के बारे में नहीं सोच रहा।
    मैं सीटों के समझौते आदि के बारे में सोचकर किसी भ्रम में नहीं रहना चाहता। इससे काफी समय बर्बाद होता है। मेरी राजनीति का तरीका अलग है और मेरी ओर से समान विचारधारा वाले दलों के लिए दोस्ती के दरवाजे खुले हुए हैैं। लेकिन, वर्तमान में वह अपना ध्यान अपने वोट बैंक को बढ़ाने पर ही केंद्रित करना चाहते हैं। साथ ही कहा कि उनका दल उन्हें प्रदेशों में चुनाव लड़ेगा, जहां संगठन मजबूत होगा। मध्यप्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन का ढांचा मजबूत है और उत्तराखंड और राजस्थान में भी हम काम कर रहे हैं। कई विकास योजनाओं के बाद भी 2017 का चुनाव हारने के संबंध में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोगों को मूर्ख बनाने में सफल रही। वैसे उस चुनाव में हमारे वोट, नहीं बल्कि बहुजन समाज पार्टी के वोट भाजपा में शिफ्ट हुए। लोग अभी भी मेरा कार्यकाल याद करते हैैं और अब अपनी गलती महसूस करते हैैं। अखिलेश ने कहा कि जनता ने भाजपा को अवसर दिया लेकिन वह अपने वादे पूरा कर पाने में असफल रही। योगी सरकार फेल है। वह सिर्फ हमारी योजनाओं को अपना बताकर उस पर अपना नाम दर्ज करा रहे हैैं।

    Read More :जानिये कैसै आयेंगे भाजपा के लिए अच्छे दिन, अप्रैल में जब बदलेगी राज्यसभा की तस्वीर !
    अखिलेश ने सुझाव दिया कि योगी सरकार को अब केंद्र से बड़े बजट की मांग करनी चाहिए। आखिर उत्तर प्रदेश ने उन्हें 73 सांसद (अपना दल को मिलाकर) दिए हैं। यह समय केंद्र से बड़ा पैकेज हासिल करने का है। बिना बजट के कुछ नहीं किया जा सकता। ईवीएम मुद्दे पर उनका कहना था कि इलको लेकर सवाल खड़े हुए हैैं और यदि उप चुनाव बैलट पेपर से होते हैैं तो शंकाओं का समाधान हो जाएगा। योगी सरकार की श्यूपी इन्वेस्टर्स समिट्य के बारे में उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन्हें उनकी सरकार में बने जेपी इंटरनेशनल सेंटर के लिए कुर्सियां खरीदनी चाहिए।

  • अखिलेश की ये पहल हो गई सफल, तो बीजेपी की राह होगी मुश्किल

    [object Promise]

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी(सपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा की दो सीटों गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनाव के लिए आगामी छह जनवरी को विपक्षी दलों की बैठक बुलायी है। सपा प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेन्द्र चैधरी ने आज यहां यह जानकारी दी। चैधरी ने बताया कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में छेड़छाड़ की मिल रही शिकायतों को लेकर अखिलेश यादव ने छह जनवरी को बैठक बुलायी है। बैठक में बहुजन समाज पार्टी(बसपा) और कांग्रेस को भी आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि लोकसभा की गोरखपुर और फूलपुर सीट के उपचुनाव में भी ईवीएम से ही चुनाव होगा।

    Read More  जानिये क्या रहस्य था भीष्म की इच्छा मृत्यु का !

    इस पर विपक्षी दलों की एक राय होनी चाहिए इसलिए पार्टी अध्यक्ष ने विपक्षी दलों की राय जानना जरुरी समझा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार अभी यह तय नहीं है कि अखिलेश यादव की बुलायी बैठक में कांग्रेस या बसपा भाग लेगी, लेकिन बैठक में खासतौर पर बसपा को आमंत्रित कर अखिलेश यादव ने विपक्षी एकता की ओर एक कदम बढ़ाया है।
    चैधरी ने कहा कि बैठक में कांग्रेस और बसपा को आमंत्रित किये जाने का यह मतलब नहीं लगाया जाना चाहिए कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के खिलाफ विपक्ष संयुक्त उम्मीदवार खड़ा करना चाहता है। यह बैठक केवल ईवीएम के मुद्दे पर केन्द्रित रहेगी।
    राजेंद्र चैधरी भले ही कहें कि ये बैठक सिर्फ ईवीएम के मुद्दे पर केन्द्रित होगी लेकिन उनका असली मतलब चुनावी गठबंधन है। सपा को भलीभांति पता है कि अकेले-अकेले चुनाव लड़कर सत्ताधारी बीजेपी को हराना काफी कठिन है, इसलिए उन्होंने ये रणनीति तैयार की है। जो सबसे बड़ी बात है वो ये कि इसी उपचुनाव के नतीजे पर ये विपक्षी पार्टियां लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प्लान तैयार कर रही हैं। अगर इस चुनाव में इनकी रणनीति सफल रहती है तो संभवत तीनों आगामी लोकसभा चुनाव में मिलकर ही लड़ेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर अखिलेश यादव की ये पहल सफल हो गई तो आगामी लोकसभा उपचुनाव की दोनों सीटों पर बीजेपी की हार लगभग निश्चित है। क्योंकि अगर ये तीनों पार्टियां एक साथ आकर चुनाव लड़ती हैं तो इनका वोट प्रतिशत बीजेपी के वोट शेयर से कहीं ज्यादा होगा। जो बीजेपी के लिए हार का कारण बनेगा। फिलहाल देखना ये दिलचस्प होगा कि क्या बसपा अखिलेश के इस पहल को स्वीकार करती है या नहीं।

  • जानिये क्यों इस मुस्लिम लड़की के खिलाफ जारी किया फतवा !

    [object Promise]

    सहारनपुर,  उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित दारूल उलूम देवबंद ने गीता के श्लोक गाने वाली लड़की आलिया के खिलाफ फतवा जारी किया है। दारूल उलूम देवबंद ने कहा है कि गीता का श्लोक पढऩा इस्लाम के खिलाफ है। इससे पहले दारूल उलूम के ऑनलाइन फतवा विभाग के चेयरमैन मुफ्ती अरशद फारुकी ने ऐसा करने को इस्लाम विरोधी बताया था। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल की मुस्लिम बच्ची या बच्चे द्वारा ऐसा रूप रखना गैर इस्लामिक है और इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।

    Read More : देश का सबसे बड़ा बी2बी उद्योग होगा ‘नया’ आरकॉम : अनिल अंबानी

    इस मुफ्ती ने कहा था कि ऐसे ड्रामे या पाठ जो इस्लाम के खिलाफ हो उसमें मुस्लिम बच्चों को शामिल नहीं होना चाहिए, लेकिन आलिया ने इस्लामिक धर्मगुरुओं को करारा जवाब दिया है। आलिया ने कहा कि मैंने इस कॉम्पीटिशन में पुरस्कार जीता है, अपना धर्म नहीं बदल लिया है। गाने से मेरा इस्लाम नहीं बदल गया, मेरा मजहब नहीं बदल गया। हमारे धर्मगुरुओं को गीता के श्लोक गाने से कोई असर नहीं पडऩा चाहिए।

    Read More :150 साल में पहली बार दिखेगा ‘नीला चांद’ 31 जनवरी को

    हाल ही में दारूल उलूम देवबंद ने डिजाइनर बुर्कों पर फतवा जारी किया है। दारुल उलूम ने महिलाओं के चुस्त बुर्के पहनने को इस्लाम में नाजायज करार दिया है। दारूल उलूम ने बुर्के पर फतवा जारी करते हुए कहा कि मुस्लिम महिलाओं को घर से बाहर निकलते समय तंग बुर्का नहीं पहनना चाहिये । दारूम उलूम के फतवा विभाग के अध्यक्ष मुफ्ती हबीबुर्रहमान खैराबादी ने बताया कि से किसी व्यक्ति ने लिखित में सवाल किया था कि क्या मुस्लिम महिलाओं को चुस्त कपड़े और चुस्त बुर्का पहनना चाहिये।

    इस सवाल का जबाव देते हुए विभाग ने कहा कि पैगंबर ने फरमाया है कि औरतें जब बाहर निकलती हैं तो शैतान उन्हें घूरता है। इसलिये बिना जरूरत के औरत को घर से नहीं निकलना चाहिये।
    दारूल उलूम के मुताबिक यदि जरूरत पडऩे पर महिलाएं घर से निकलें तो ढीला-ढाला लिबास पहनकर निकलें। तंग और चुस्त कपड़े या चुस्त बुर्का पहनकर न निकलें। फतवा विभाग ने इस तरह के बुर्के पहनकर निकलने को भी इस्लाम में गुनाह बताया जिनमें चमक-दमक के सितारे लगे हों और आम आदमी की निगाह उन पर पड़े । उन्होंने कहा कि इस तरह के लिबास फसाद की जड़ होते हैं। इस तरह के कपड़े पहनने वाले भी गुनहगार हैं और देखने वाले भी गुनहगार।

  • देश के 10 सर्वश्रेष्ठ थानों में टॉप थ्री में शामिल हुआ ये थाना

    [object Promise]

    लखनऊ। पूरे भारतवर्ष के थानों में टॉप थ्री रैंक हासिल करने के बाद राजधानी का गुडंबा थाना इस समय सुर्ख़ियों में है। जहां थाना प्रभारी का फोन लगातार घनघना रहा है। एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि ये लखनऊ पुलिस के लिए गर्व की बात है इससे पुलिसकर्मियों का आत्मबल बढ़ेगा। वहीं ख़बरें प्रकाशित होने के बाद आईजी रेंज लखनऊ जय नारायण सिंह बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे खुद गुडंबा थाना पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी का राम सूरत सोनकर को आशीर्वाद दिया।

    आईजी ने पुलिसकर्मियों का बढ़ाया आत्मबल

    आईजी ने सभी पुलिसकर्मियों की हौसला अफजाई कर उनका आत्मबल बढ़ाया। आईजी करीब एक घंटे तक गुडंबा थाने में रहे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आश्वासन दिया कि को खामियां कम हैं उन्हें जल्द पूरा किया जायेगा। आईजी ने कहा कि बेहतर काम ही इंसान को पहचान दिलाता है जो इस थाने के पुलिसकर्मियों ने करके पूरे देश में पुलिस का मान बढ़ाया है आप सभी बधाई के पात्र हैं। वहीं एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) आनंद कुमार ने गुडंबा थाने के इंस्पेक्टर को फोन पर बधाई दी है। एडीजी ने कहा कि गुडंबा थाने के पूर्व में रहे थानेदारों और पुलिसकर्मियों का भी इस रैंकिग में अहम योगदान है। आईजी के सम्बोधन को सुनकर सभी पुलिसकर्मी गदगद थे। अपने थाने की देश के सभी थानों में टॉप थ्री रैंकिग देखकर सभी पुलिसकर्मियों का फक्र के साथ सीना चौड़ा हो रहा है।

    [object Promise]
    IG went to Gudamba police station

    चाह की होड़ में पुलिस की छवि सुधार सकते हैं पुलिसकर्मी

    आईजी ने अपराध रजिस्टर से लेकर थाने के तमाम जगह का जायजा लिया। इसके बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए थाने में तैनात सभी लोगो को बधाई का पात्र बताया। उन्होंने कहा कि गुडम्बा थाना देश में तीसरे और उत्तर प्रदेश के तमाम थानों में पहले स्थान पर है। 80 मानकों के आधार पर इस थाने के निरीक्षण के बाद इस थाने को ये खिताब मिला। रख रखाव, शिकायतों का निस्तारण, पीने का पानी बैठने की जगह और जनता से व्यवहार को लेकर कई मानकों में ये टीम की जांच में खरा उतरा। इसके बाद टॉप 10 थानों की लिस्ट में शामिल हुआ। आईजी ने कई सालों से तैनात चौकीदारों से भी हाथ मिलते हुए उसका योगदान होने की भी बात कही। आईजी ने कहा कि एक टीम वर्क ही इस तरह का काम कर सकती है और उन्हें उम्मीद है कि इस काम को देखते हुए चाह की होड़ में सारे थानेदार कुछ ऐसा ही कर दिखाए तो शायद पुलिस की छवि और इस काम में जनता की कसौटी में पुलिस अव्वल दिखेगी। आने वाली 6 जनवरी को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक कार्यक्रम में इंस्पेक्टर को गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा।

    मिलिए हर रोज 500 लोगों को सिर्फ 5 रुपये में भरपेट खाना खिलाने वाले अनूप से

    देश के सबसे बेहतरीन थानों में शामिल हुआ गुडंबा थाना

    बता दें कि राजधानी लखनऊ का गुडंबा थाना देश के 10 सर्वश्रेष्ठ थानों में टॉप थ्री में शामिल हुआ है। यह पूरे उत्तर प्रदेश में एक ऐसा इकलौता थाना है जो टॉप थ्री में शमिल है। गुडंबा थाने को बेहतर कामकाज-रखरखाव व जांच निस्तारण में अव्वल पाया गया है। जिसे आल इंडिया डीजी कान्फ्रेंस में गुडंबा थाने के प्रभारी राम सूरत सोनकर को सम्मानित किया जायेगा। यह कांफ्रेंस मध्य प्रदेश के टेकनपुर में 6, 7 व 8 जनवरी को होंगी। कान्फ्रेंस में दो बार के राष्ट्रपति पदक पाने वाले थाना प्रभारी गुडंबा राम सूरत सोनकर को सम्मानित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह जांच बीते पांच महिने से चल रही थी। जिसे दिसंबर में समाप्त किया गया था।

    [object Promise]
    IG went to Gudamba police station

    अपराध व अपराधियों पर नकेल कसने के लिए गुडम्बा पुलिस आगे

    अपराध व अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लखनऊ की गुडम्बा पुलिस सदैव प्रयासरत रही है। समय-समय पर गुडम्बा पुलिस कई तरह के अभियान भी चलाती रहती है जैसे अपराधियों की गिरफ्तारी, लोगों को साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता अभियान आदि इस तरह के अभियान से जनता की मदद में सदैव तत्पर रही है। ऐसे सराहनिय कामों के लिए गुडम्बा थाने को देश के सबसे बेहतरीन थानों में शामिल किया गया है। आईजी के साथ एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार, सीओ गाजीपुर सहित कई पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि इस थाने को रैंकिंग में शामिल करवाने में तत्कालीन थाना प्रभारी भगवान सिंह, राजकुमार का भी अहम रोल है। लेकिन सीओ एटीएस ऋषिकेश ने थाना प्रभारी होने के दौरान इसमें काफी काम किया था इसके चलते आज ये थाना रैंकिंग में देश में अव्वल आया है।

    जेएनयू में जंगलों से मिली व्यक्ति की लाश,ड्रोन लगा कैमरा बरामद

    दो बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किये जा चुके राम सूरत सोनकर

    उत्तर प्रदेश के लखनऊ में गुडम्बा थाना देश के सबसे बेहतरीन थानों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। बेहतर काम-काज,रखरखाव, जांच, तुरंत निस्तारण में गुडम्बा थाना देश के 10 सर्वश्रेष्ठ थानों अव्वल आया है। क़्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया ने देश भर में थानों में मामलों और उनकी सुनवाई के रिकॉर्ड, एफआईआर रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन एफआईआर, केस के क्वालिटी बेस निस्तारण, जनता से बेहतर संवाद और साफ़ सफाई को पैमाना बनाते हुए चयन किया है। थाना प्रभारी राम सूरत सोनकर ने बातचीत के दौरान बताया कि ये बात जैसे ही उन्हें मालूम पड़ी उनकी ख़ुशी का ठिकाना ना रहा। उनके पास बराबर फोन घनघना रहे हैं और वह लगातार इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि ये उनके लिए काफी गौरव की बात है कि शहर का गुडंबा थाना देश के टॉप थ्री में शामिल हुआ है। एसएसपी ने बताया कि गुडम्बा थाना प्रभारी राम सूरत सोनकर को इससे पहसे भी कॉन्फ्रेंस में दो बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जा चुका है।