Category: uttar-pradesh

  • एक और बाबा की काली करतूत : भागवत सीखने आई युवतियों के साथ किया ये

    मथुरा के वृंदावन में एक भागवताचार्य को यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह अपने आश्रम में रह रही युवतियों की अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। पब्लिक ने पिटाई के बाद उसे पुलिस को सौंप दिया। मथुरा के थाना वृंदावन क्षेत्र में रहने वाले भागवताचार्य वासुदेव शास्त्री के यहां महाराष्ट्र से दो युवतियां भागवत सीखने आई थीं। वह खुद भी अहमदनगर का रहने वाला है। ऐसे में लड़कियों के परिवारीजन उन्हें छोड़ गए। युवतियों का आरोप है कि भागवताचार्य 3 महीनों से उनका शारीरिक शोषण कर रहा था। उसने दोनों युवतियों की नहाते वक्त वीडियो क्लिप बना ली। इसके बाद वह क्लिप दिखाकर ब्लैकमेल करता रहा। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था।
    परेशान होकर पीड़िताओं ने आसपास रहने वाले लोगों को भागवताचार्य की असलियत बताई। स्थानीय लोगों ने पीड़ित युवतियों के परिवारीजनों को जानकारी दी।बुधवार के वृंदावन पहुंचे परिवारीजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से युवती को भागवताचार्य के चंगुल से मुक्त करा लिया। इसके बाद लोगों ने भागवताचार्य की जमकर मजामत की। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में वृंदावन कोतवाली में पीड़ित परिवारीजनों ने भागवताचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यौन शोषण के आरोप में पकड़ा गए वासुदेव शास्त्री ने पब्लिक के पीटने पर युवतियों के साथ गलत हरकत करने की बात कबूल कर ली। इसके बाद मीडिया के सामने कहा कि उसने इन युवतियों का  युवक से बात करने पर रोका था। इसलिए ये गलत आरोप लगाकर फंसा रही थीं। इसे लेकर उसने इनकी पिटाई कर दी।

  • आईपीएस अधिकारियों को नए साल का तोहफा देने जा रही है उत्तर प्रदेश सरकार

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार यूपी पुलिस में कार्यरत आईपीएस अधिकारियों को नए साल का तोहफा देने जा रही है। आज कई आईपीएस अधिकारियों का प्रमोशन हो रहा है। इनमें कई आईजी रैंक के अधिकारी एडीजी बनेंगे। कई अधिकारी डीआईजी रैंक से आईजी की रैंक पर प्रमोट होंगे। वहीं कई एसएसपी रैंक के आईपीएस डीआईजी रैंक के लिए प्रमोट हो रहे हैं। इस सभी आईपीएस अधिकारियों की विभागीय पदोन्न्ति समिति (डीपीसी) की बैठक होगी।
    इन बैच के आईपीएस अफसरों की डीपीसी
    आईपीएस अफसरों की पदोन्न्ति के लिए 28 दिसंबर 2017 यानी आज शाम को विभागीय पदोन्न्ति समिति (डीपीसी) की बैठक होगी। इसमें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, महानिरीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक के पदों पर पदोन्न्ति होगी। 1993, 2000 और 2004 बैच के आईपीएस अफसरों की डीपीसी आज हो रही है।
    ये बनेंगे आईजी से एडीजी
    1993 बैच के आईजी संजय सिंघल, सुनील कुमार गुप्ता, एसबी शिरडकर, हरिराम शर्मा एडीजी बनेंगे। यह सभी डीजीपी मुख्यालय में तैनात हैं। आईजी मिर्जापुर प्रेम प्रकाश, आईजी पीएचक्यू केएसपी कुमार, आईजी भर्ती बोर्ड जकी अहमद और वितुल कुमार का भी प्रमोशन होगा।
    इनको मिलेगी IG रैंक
    2000 बैच के डीआईजी संजय कक्कड़, डीपी श्रीवास्तव, गोरखपुर की डीआईजी निलाब्जा चौधरी और लक्ष्मी सिंह को आईजी रैंक मिलेगी।
    तीन जिलों के एसएसपी बन जाएंगे डीआईजी
    नोएडा के एसएसपी लव कुमार, मुरादाबाद के एसएसपी प्रीतिंदर सिंह, बदायूं के एसएसपी चंद्र प्रकाश द्वितीय और सीबीसीआईडी में तैनात डाॅ. के एजिलारसन डीपीसी के बाद डीआईजी बन जायेंगे। 2005 बैच के आईपीएस भी कालर बैंड के हकदार हो जायेंगे। डीपीसी की खबर मिलते ही आईपीएस अधिकारियों में ख़ुशी है। वहीं इन अधिकारियों के पास और इनके परिवार के लोगों के पास बधाई देने वालों के फोन घनघना रहे हैं।

  • सुपरकिड शिवा के साथ बच्चों और बड़ों ने मिलाया हाथ और खिंची फोटो और सेल्फियां

    लखनऊ। टीवी से निकल कर जब सुपरकिड शिवा राजधानी के अम्बेडकर पार्क में लोगों के बीच आया तब बच्चों से लेकर बड़ों तक ने उससे मिलने का मौका नहीं गंवाया। गुरुवार को गोमती नगर स्थित अम्बेडकर पार्क में ऐसा ही नजारा देखने में आया जब वेदास सिटी की रहस्यमयी दुनिया से निकल कर शिवा पब्लिक के बीच आ गया। बच्चें जहां शिवा से हाथ मिला रहे थे वहीं बड़े सेल्फी खींचने में व्यस्त दिखाई दिए। नए साल पर सुपरकिड शिवा अपनी नई फिल्म शिवा द सीक्रेट वर्ल्ड आफ वेदास सिटी के साथ बच्चों को रहस्यमयी दुनिया में ले जाने के लिए देश भर में यात्राएं कर रहा है। इस फिल्म में शिवा और उसके दोस्त वेदास सिटी को एक निष्ठुर राजा के चुंगल से छुड़ाने के लिए संघर्ष करते नजर आएंगे जिसमें रहस्यमयी दुनिया में रोमांचक अनुभव होंगे। शिवा की यह साहसिक यात्रा निकलओडियन पर 31 दिसम्बर को सुबह 11:30 बजे प्रसारित होगी। बच्चों का कहना था कि नई दुनिया के अज्ञात इलाकों में अनजान खतरों से जूझते हुए शिवा और उसके दोस्तों की यह कहानी जरूर दिलचस्प लगेगी।
    अम्बेडकर पार्क में बच्चों और बड़ों ने जम कर शिवा के साथ फोटो खिंचवाई और सेल्फी का शौक भी पूरा किया। कई बच्चें शिवा को अपने पास देख कर ही रोमांचित हो उठे और कईयों ने तो डरते डरते शिवा से हाथ मिलाया। बच्चें दूर से ही सुपरकिड को देख कर उसकी ओर दौड़ पड़े।

  • सीएम योगी के दावों को पलीता लगा रहे अफसर

    मुरादाबाद। 
     योगी सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी की बात कर रही हो। लेकिन ठंड में बिना स्वेटर
     के गरीब बच्चों के साथ बड़ा ही शर्मनाक मजाक किया जा रहा है। जी हां! दिसम्बर बीतने को है लेकिन अभी तक सरकारी प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को स्वेटर इसलिए नहीं बंट पाये क्योंकि अभी उसका टेंडर ही नहीं पड़ा है। जब तक टेंडर और दूसरी प्रक्रिया होगी तब तक शायद इन मासूमों को इसकी जरुरत होगी भी या नहीं ये देखने वाली बता होगी। हैरानी तब है जब योगी सरकार ने आते ही सब कुछ बदलाव की बात की है। ऐसे में इन नौनिहालों को ठंड में ठिठुरते देखना इन्हें कैसे भा रहा है ये समझ से परे हैं।जबकि जिम्मेदार अधिकारी सारा जिम्मा शासन पर डाल मुतमुइन हुए जा रहे हैं।
    ठंड में बिना स्वेटर कैसे पढ़ाई करें बच्चे?
    दिसंबर के महीने में जब दिन का तापमान दस से बारह डिग्री और रात के पांच या सात है। तब जनपद के प्राइमरी स्कूलों में बच्चे बिना स्वेटर के नीचे बैठने को मजबूर हैं। योगी सरकार ने सभी को मुफ्त ड्रेस और किताबें देने का वादा किया था। जो अभी तक आधा ही परवान चढ़ पाया है।
    ठंड में बिना स्वेटर जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चे
    ठंड किस कदर है ये जताने की किसी को जरुरत नहीं है। लेकिन बावजूद इसके बिना स्वेटर या अपने स्तर से पहनकर इन बच्चों का जज्बा देखते ही बनता है। पाकबाड़ा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल अनिल शर्मा कहते हैं कि विभाग द्वारा 25 दिसम्बर तक स्वेटर बांटने की बात हुई थी। लेकिन अभी तक उन्हें नहीं मिले हैं इसलिए अभी नहीं बंट पायें हैं।
    सीएम योगी के दावों को पलीता लगा रहे अफसर
    उधर इस मामले में जब बीएसए संजय कुमार सिंह से पूछा गया। तो उन्होंने कहा कि अभी शासन स्तर से स्वेटर के लिए टेंडर ही नहीं पड़ा है। जब वहां से टेंडर पड़ेगा और उसके बाद फाइनल होने पर स्वेटर मिल पायेंगे। इस प्रक्रिया में कितना समय लगेगा ये सामान्य आदमी भी समझ सकता है। लेकिन ठंड में बिना स्वेटर के इन हालातों को देखकर लगता यही है कि व्यवस्था बदलने के भले ही कितने दावे किये जाते रहे हों, लेकिन सूरत अभी नहीं बदल पाई है। सबसे ज्यादा हैरानी खुद सीएम योगी के दावों पर है। जिन्होंने ड्रेस वितरण को जल्द से जल्द निपटाने को कहा था। ना जाने इस कागजी वयस्था में कब तक टेंडर पास होंगे। लेकिन तब तक गरीबों के बच्चों की हड्डियां ठंड से लोहा लेने को मजबूर हैं। बस इस सब में अगर कुछ सबसे ज्यादा अच्छा लगा वो ये था कि अभावों और गरीबी के बाद भी बच्चे स्कूल आ रहे हैं।

  • खुलासा : पैसों के लालच में सरकारी गेहूं बेच रहे आरपीएफ के जवान

    मलिहाबाद रेलवे स्टेशन से पंजाब का गेहूं बेच रहे आरपीएफ के जवान

    लखनऊ।  रेलवे विभाग के अधिकारियों के साथ आरपीएफ की मिलीभगत से वर्षों से चल रहे सरकारी गेहूं के गोरखधंधे का बीती रात उस समय खुलासा हो गया जब बंटवारे को लेकर आरपीएफ के जवानों ने गेहूं की उठान को लेकर विवाद कर दिया। इसकी सूचना जब मीडियाकर्मियों को हुई तो वह मौके पर पहुंचे। मीडिया देखते ही वहां हड़कंप मच गया। जिम्मेदार मामले को रफादफा करने लगे। हालांकि इस मामले में कोई भी जिम्मेदार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
    पैसों के लालच में 
    गेहूं
     
    बेच रहे आरपीएफ के जवान
    मिली जानकारी के अनुसार, मलिहाबाद रेलवे स्टेशन और केबिन के बीच पूरब की ओर एक नर्सरी है। नर्सरी के पास मालगाड़ी की बोगी को खोला जाता है। बोगी खोलकर उसमे से सैकड़ों बोरी गेहूं उतारकर बाहर बेंचने के लिए जा रहा था। वहीं मौके पर रेलवे के सिपाहियों और बिचौलियों के बीच बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। विवाद होने के बाद रेलवे के अन्य कर्मचारियों अधिकारियों को इसकी जानकारी हो गयी। मौके पर पहुंचे दरोगा सर्वजीत सिंह एवं इस्पेक्टर बच्ची सिंह को मौके पर चोर नहीं मिले। तो उन्होने नर्सरी के मालिक सहित पांच लोगों को उनके घरों से उठाकर साथ ले गये। मौके पर पकड़े गये सैकड़ों बोरे पंजाब के गेहूं को पहले हजम करने का प्रयास किया।
    मौके से 131 बोरे गेहूं बरामद
    परन्तु जब सबेरा हो गया तो उन्होंने मात्र 131 बोरे गेहूं ही बरामद दिखाया। दूसरी ओर रेलवे के कर्मचारियों का कहना है कि इस मामले मे आरपीएफ के कर्मचारियों की नौकरी का सवाल है। क्योंकि रेलवे की सम्पत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्ही की है। इसलिए अब आरपीएफ के अधिकारी और कर्मचारी इस मामले को रफा-दफा करने मे लगे हैं। इसके अलावा स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टर पी. के यादव ने कहा कि उन्हे इस बात की जानकारी नहीं है। उन्हें पता नहीं कि किस गाड़ी से गेहूं उतारा गया है। क्योंकि रात मे करीब 5 गाड़ियां रूकी थी। उन्हे भी सुबह आरपीएफ के मौके पर आने के बाद पता चला। जिस जगह गेहूं स्टोर किया गया था वहां एक नर्सरी में पुरानी दो कमरे की इमारत है। वहां इस मामले को लेकर सुबह हो गयी तो स्थानीय पुलिस और पत्रकारों को इसकी भनक लग गयी। सूत्र बताते हैं कि यह मामला वर्षो से चला आ रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि करीब 6 माह पूर्व जीआरपी तथा आरपीएफ ने इस गोरखधन्धे को पकड़ा था। जिसमें लाखों का लेन देन कर मामले को रफा दफा कर दिया गया था। आज भी वही खेल करने की योजना चल रही है। इसलिए रेलवे पुलिस का कोई भी अधिकारी बात करने से
    कतराता रहा।

  • 2019 के चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में BJP की तैयारी शुरू

    लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में कहें तो उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है, जिसने एनडीए को 2014 में 73 लोकसभा सीटें दिलाकर दिल्ली में बीजेपी को सत्ता दिलाई। राज्य में लोकसभा की कुल 80 सीटें हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश अहम हो सकता है और इसको देखते हुए बीजेपी ने अपना परफॉर्मेंस दोहराने के लिए काम करना शुरू कर दिया है। पार्टी को पता है कि गुजरात में कड़े मुकाबले में मिली जीत के बाद उसका काम बढ़ गया है।

    हमारे सहयोगी ईटी ने यूपी बीजेपी के सीनियर नेताओं और मंत्रियों से बात की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पार्टी 2019 के चुनावी संग्राम के लिए किस तरह तैयारी कर रही है। बीजेपी ने अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर 25 दिसंबर को राज्य के सभी 1, 200 ब्लॉक्स मे सुशासन दिवस मनाया। पार्टी ने 2019 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए हाल में सभी ब्लॉक के लिए ‘इंचार्ज’ नियुक्त किए हैं। राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों पर एक पूर्णकालिक ‘विस्तारक’ नियुक्त किया गया है, जो पार्टी के जिला अध्यक्षों से अलग पूरी तरह से बूथ मैनेजमेंट पर फोकस करेंगे और महासचिव (संगठन) सुनील बंसल और राज्य के नए पार्टी अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे को रिपोर्ट करेंगे। ये दोनों लोग यूपी बीजेपी में टॉप पर हैं।

    यूपी के तकरीबन सभी 1.47 लाख बूथों पर अब बूथ कमिटी होगी, जिसमें तकरीबन 12 लाख वर्कर्स हैं। जाति और लिंग जैसे 27 कैटिगरी के आधार 14 करोड़ वोटरों का डेटाबेस तैयार और अपडेटेड है। यूपी में अब 2 करोड़ से भी ज्यादा लोग बीजेपी के मेंबर हैं। यह संख्या उसकी सभी अन्य राज्य इकाइयों से ज्यादा है। इसके बावजूद, 2019 के चुनाव में बेरोकटोक जीत के लिए कोई भी उपाय छोड़ा नहीं जा रहा है। यहां तक कि बीजेपी यूपी के आगामी सहकारी चुनावों को भी गंभीरता से ले रही है, ताकि 2019 तक उसकी चुनावी मशीनरी पूरी तरह से तैयार रहे। बंसल और पांडे ने इन चुनावों की तैयारी के लिए बुधवार को लंबी बैठक की। अमित शाह ने 2014 में यूपी बीजेपी के प्रभारी के तौर पर शानदार काम किया है और अब इसकी जिम्मेदारी बंसल और पांडे पर है

    यूपी बीजेपी के प्रवक्ता चंद्र मोहन ने ईटी को बताया, ‘हमारी अब यूपी और केंद्र दोनों जगहों पर सरकार है। लिहाजा, 2019 में जिम्मेदारी काफी ज्यादा है। हालांकि, हमारे पास बताने के लिए कई उपलब्धियां भी हैं। एक मामला राज्य सरकार द्वारा लोन माफी और किसानों के गन्ने की बकाया राशि के भुगतान का है। यूपी में कहीं भी किसानों का विरोध-प्रदर्शन या उनकी नाराजगी नहीं है। इसके अलावा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जबरदस्त लोकप्रियता भी है।’ बीजेपी की योजना 2019 में किसानों का कर्जमाफी को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने की है। यूपी के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि दो हफ्ते यूपी में लॉन्च हुई केंद्र सरकार की ‘सौभाग्य’ स्कीम को पूरी ताकत के साथ लागू किया जाएगा, ताकि अगले एक साल में 1.56 करोड़ बिजली के कनेक्शन मुहैया कराए जा सकें।

    कप्तान कोहली ने द. अफ्रीका को किया सावधान, बोल दी ऐसी बात जानकर खुश हो जाएंगे आप

    उज्ज्वला स्कीम और स्वच्छ भारत के तहत बने शौचालयों के जरिये बीजेपी का मकसद 2019 में गरीबों के बीच अपने आधार को और मजबूत करना है। यूपी बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बताया कि उज्ज्वला, सौभाग्य और स्वच्छ भारत स्कीम के लाभार्थी मुख्य तौर पर ओबीसी और बाकी पिछड़े समुदाय से हैं, जो बीजेपी के लिए बड़ा वोट बैंक बन चुके हैं। त्रिपाठी ने कहा, ‘हम 2019 के चुनाव से पहले लाभार्थी सम्मेलन कराकर उन्हे एक प्लेटफॉर्म पर ला सकते हैं, ताकि वे पार्टी से जुड़कर हमारे के लिए वोट करने के साथ-साथ दूसरों को भी बीजेपी को वोट देने के लिए प्रेरित कर सकें।’

    पार्टी के एक सीनियर नेता का कहना था कि राम मंदिर और तीन तलाक जैसे मुद्दे भी 2019 में यूपी में बीजेपी के लिए मददगार हो सकते हैं। एक और नेता के मुताबिक, एनडीए का इरादा 2019 में 73 सीटों के आंकड़े को और बेहतर बनाना है।

    रजनी की राजनीति में एंट्री, कमल ने किया स्वागत, स्वामी ने कहा- अनपढ़

  • ‘2018 में ही लोकसभा के चुनाव करा सकती है BJP’

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    लखनऊ: सपा ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव इसी साल होने की सम्भावना है जिसके चलते उसने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी का मानना है कि बूथस्तर पर मजबूत संगठन बनाकर भाजपा को परास्त किया जा सकता है।

    सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि इस साल के अंत में मध्य प्रदेश समेत कई भाजपा शासित राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा इन्हीं चुनावों के साथ लोकसभा चुनाव भी करा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी सम्भावनाओं के मद्देनजर सपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

    जानिए इस लड़की के साथ कांस्टेबल ने ऐसा क्या किया कि सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा ये फोटो !

    पार्टी ने एक प्रोफार्मा जारी करके लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए आवेदन मांगे हैं, जो फिलहाल 31 जनवरी तक जमा होंगे। बाद में इसकी तारीख बढ़ाई भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि बूथस्तर पर मजबूत संगठन बनाकर भाजपा को परास्त किया जा सकता है।

    Shashi Yadav हत्याकांड मामले में सपा के पूर्व विधायक रामवीर सिंह पहुंचे जेल

  • मुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे कूदा युवक, सुरक्षाकर्मियों के उड़े होश

    लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले के सामने शनिवार को एक युवक अचानक कूद गया. सोनभद्र से आए इस युवक श्याम मिश्रा ने सोनभद्र से भाजपा सदर विधायक तथा भाजपा के जिलाध्यक्ष पर अवैध खनन का आरोप लगाया है.

    फिलहाल पुलिस युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. मुख्यमंत्री योगी शनिवार सुबह लोकभवन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे. उसी समय श्याम मिश्रा ने मुख्यमंत्री के काफिले के सामने छलांग लगा दी. लोकभवन के गेट पर सोनभद्र ओबरा निवासी श्याम मिश्रा (30) ने योगी के काफिले के आगे कूदने का प्रयास किया. उस युवक को सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा और हजरतगंज पुलिस को सौंप दिया है.

    मुख्यमंत्री की गाड़ी के पीछे राज्यपाल राम नाईक, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की गाडिय़ां थीं. श्याम मिश्रा ने सोनभद्र के भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा और सदर विधायक भूपेश चौबे पर बालू और गिट्टी खनन का आरोप लगाया है.

    उसने बताया कि वह लखनऊ के लक्ष्मण मेला ग्राउंड में कई बार जिलाध्यक्ष और विधायक पर कार्रवाई की मांग एवं खनन के विरोध को लेकर अनशन कर चुका है. श्याम मिश्रा ने बताया, “6 महीने से अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों व मंत्रियों के चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन कोई मेरी सुनने वाला नहीं है. इससे आहत होकर आज हमने मुख्यमंत्री की लीट के सामने लगाई छलांग.”उसने भाजपा के जिला अध्यक्ष अशोक मिश्रा और राबट्र्सगंज के विधायक भूपेश दूबे पर अवैध खनन का आरोप लगाया है.

    उसने कहा कि 2200 की परमिट 14000 में बेची जा रही है और अवैध खनन के चलते वहां की जनता अपना आशियाना नहीं बना पा रही है. उसने बताया कि हर बार आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है. आज सुबह (शनिवार को) चौकी इंचार्ज गौतम पल्ली के साथ मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने गया था. वहां मुलाकात न होने पर लोक भवन के गेट पर पहुंचा. मुख्यमंत्री के आगमन की जानकारी पर मीडिया कर्मियों के बीच खड़ा हो गया और जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला वहां पहुंचा तो मैंने उसमें कूदने का प्रयास किया.”

    गौरतलब है कि योगी सरकार बनने के बाद सोनभद्र में अवैध खनन को रोकने के लिए तमाम प्रयास किये गए, लेकिन आरोप है कि वहां के स्थानीय भाजपा नेताओं के दखलअंदाजी की वजह से अवैध खनन का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है. इससे पहले भी स्थानीय सांसदों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवैध खनन को रोकने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया था.

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  • भीषण ठण्ड ने प्रयाग में डाला डेरा

     इलाहाबाद। शुक्रवार से बिगडा मौसम का मिजाज शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। घना कोहरा और शीत लहर दिन भी चलती रही। वहीं कोहरे को सूर्य देव भी नहीं भेद पाए। जिसके चलते ठण्ड का प्रकोप और बढ गया। पारा भी नीचे आ खिसका। लोगों को दिन में ही रात का अहसास हुआ। हर कोई गर्म कपडों से ढका रहा। स्वेटर, जैकेट और टोपी के साथ लोगों ने इनर भी पहन रखी। वहीं कईयों ने तो एक के ऊपर एक स्वेटर लादे रहे। उसके बावजूद भी दांत कपंकपाते रहे। लगातार दो दिनों से पड रहा घना कोहरा अब विकराल होने लगा है। कोहरे के चलते आम जन जीवन पर बुरा असर पड रहा है।
         भीषण ठण्ड से बचाव के लिये लोगों ने अलाव का भी सहारा लिया। जबकि कई लोग घरों से ही बाहर नहीं निकलें। घर से सिर्फ कामकाजी लोग ही निकलें। और समय से पहले ही कार्य समाप्ति करने का प्लान बनाते रहे। सरकारी विभागों से लेकर निजी सेक्टर के लोगांे की दिनचर्या प्रभावित हुयी। अभिभावकों ने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया। उन्हंे गर्म कपडों से ढके रखा। लेकिन बच्चे कहां ंमानने वाले थे। उन्होंने अपनी ही मर्जी से धमाचैकडी मचाने की जिद पर अडे रहे। कई अभिभावकों व महिलाओं को छोटे बच्चों को पकडते ही दिन व्ययतीत हुआ। वहीं ठण्ड से सर्दी-जुकाम के मरीजांे का लम्बी लाइनें अस्पतालों में लगी रही। जिला अस्पताल स्वरूपरानी, बेली व काल्विन में मरीजों की लाइनें लगी रही। गंगापार और यमुनापार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी मरीज पहुंचते रहे। दूरदराज से शहर आने वालों को सर्दी परेशान कर रही है। वहीं फुटपाथ पर जीवन गुजर-बसर करने वालों के लिये अलाव की जीने का एकमात्र सहारा बना रहा।
    घना कोहरा अब जानलेवा बनता जा रहा है। शनिवार की सुबह कोहरे के चलते एक साइकिल चालक फूलपुर इफको कर्मचारी को ट्रक ने रौंद दिया। जिससे फूलपुर इफको तृतीय श्रेणी के कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गयी। वहीं घना कोहरा होने से प्रातःकाल कौशाम्बी के सैनी थाना क्षेत्र में एक रोडवेज बस डिवाइडर से जा टकराई। उसके पीछे अन्य गाडियां भी भिड गयी। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बस में सवार यात्रियों को हल्की चोटे आयी है।

  • पुलिस टीम ने मदरसे में पढ़ने वाली 51 छात्राओं को मुक्त करवाया

    छात्राओं ने पर्चियां फेंककर खोला मदरसे का राज
    लखनऊ के मदरसे में पुलिस ने छापा मारकर यौनशोषण का शिकार 51 छात्राओं का कराया बंधन मुक्त।
    Madarsa

    लखनऊ।  “अस्सलाम वालेकुम” एक रात को कारी ने एक लड़की को कमरे में बुलाया था। कारी ने उस लड़की के साथ बहुत बुरा किया। कारी लड़कियों को अपनी एक करीबी लड़की के जरिये किचेन में बुलाता है। कारी लड़कियों को अपने कमरे में बुलाकर पैर दबवाता है। मना करने पर जानवरों की तरह पीटता है। उसकी करीबी लड़की कहती है कारी के कमरे में जाओ वो जैसा कहेंगे वैसा करना। विरोध करने पर वह लड़कियों को पीटती है। सभी लड़कियां बहुत परेशान हैं वह शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देता है। ये पढ़ने के बाद पर्ची फाड़ देना नहीं तो कारी मार देगा।
    पुलिस टीम ने मदरसे में पढ़ने वाली 51 छात्राओं को मुक्त करवाया।

    एसएसपी दीपक कुमार ने की तत्काल कार्रवाई
    दिल को झकझोर देने वाली ये बातें सहित कई तरह की बातें लिखी पर्चियां जब सआदतगंज थाना क्षेत्र के यासीनगंज में स्थित मदरसा जामिया ख़दीजातुल लीलबनात के पास छत से गिरीं तो वहां मौजूद लोगों ने इन्हें उठाकर पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। इसकी शिकायत लोगों ने थाने पर की तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम उनके पर फोन आया। बुजुर्गों ने कहा कि वह एक बात के सिलसिले में उनसे मिलना चाहते हैं। एसएसपी से मिलने गए बुजुर्गों ने बतायाकि सआदतगंज इलाके में जामिया खदीजतुल कुबरा लीलबनात नाम से मदरसा चल रहा है। वहां लड़क‍ियों के साथ बहुत गलत काम हो रहा है। ये सब कई सालों से चल रहा है। ये बात सुनकर एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसपी पश्चिमी के निर्देशन में एक टीम बनाई और शाम के 6:00 बजे मदरसे पर छापा मारा। पुलिस टीम की छापेमारी के दौरान वहां मौजूद 51 लड़कियों को बंधनमुक्त करा दिया गया।
    अकेले में बुलाकर करता था छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें 
    पीड़‍ित लड़क‍ियों ने बताया कि मदरसा संचालक मो. तैय्यब जिया अमानवीय प्रवृत्ति का व्यक्त‍ि है। यहां पढ़ने वाली लड़क‍ियों के साथ छेड़छाड़ करता है। संचालक उनसे पैर दबवाता था और व‍िरोध करने पर जानवरों जैसा सलूक करता था। शुक्रवार देर शाम हुई इस कार्रवाई में लखनऊ पुलिस ने मदरसा संचालक को गिरफ्तार कर लिया। लड़कियों का आरोप है क‍ि यहां उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस टीम ने मदरसे में पढ़ने वाली 51 छात्राओं को मुक्त करवाया। एसएसपी ने बताया कि मदरसे में कुल 125 लड़कियां पढ़ती हैं। एसएसपी का कहना है कि मदरसे में कक्षा एक से 12वीं तक की छात्राएं शिक्षा ग्रहण करती थीं। इनमें अधिकांश छात्राएं नाबालिग हैं। मदरसे पर ACM और ADM और महिला उप निरीक्षक के द्वारा सभी लड़कियों का बयान लिया गया है। इस दौरान चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और DPO को सूचित कर दिया गया है। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि मदरसे का प्रबंधक और संचालक मो. तैयब जिया सभी का यौनशोषण कर रहा था। पुलिस ने आरोपी संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। लड़कियों को एक रात के लिए नारी निकेतन में रखा गया यहां से उनको घर भेज दिया गया।
    मदरसे में बिहार और विदेश की लड़कियां रहती हैं
    सआदतगंज के यासीनगंज स्थित मदरसे में मासूम छात्राओं को बंधक बनाकर लंबे समय से यौन शोषण किया जा रहा था। मदरसा में 9 बिहार और 2 विदेशी युवतियां रह रही थी। वहीं एक पीडि़ता ने संचालक मो. तैयब जिया पर लड़कियां सप्‍लाई करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस इस घिनौने काम में शामिल अन्य लोगों की गहनता से पड़ताल कर रही है। फ़िलहाल एक संचालक ने पूरे देश में शहर का नाम बदनाम करके रख दिया है। एसएसपी ने बताया मदरसे मामले में गिरफ्तार आरोपी संचालक की शनिवार दोपहर दो बजे कोर्ट में पेशी है। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जायेगा।

    लखनऊ पुलिस का सराहनीय गुडवर्क
    एसएसपी दीपक कुमार का ये सराहनीय गुडवर्क कहा जा रहा है। बताया जा रहा है कि सभी लड़कियां काफी समय से यहां बंधक बनाकर रखी जा रही थीं। एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक मदरसे के भीतर हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं के यौन शोषण की शिकायत मिली थी। एसएसपी ने एक शिकायत पर छापेमार कार्रवाई कर सभी को छुड़ा लिया। छात्राओं ने भी चिट्ठी में पीड़ा लिखकर पुलिस से इसकी शिकायत की, जिसके बाद आरोपित संचालक कारी तैयब जिया को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला पुलिस, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की महिला सदस्यों और मजिस्ट्रेट के समक्ष छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं। छात्राओं ने बयान में बंधक बनाने, मारपीट एवं कमरे में बुलाकर छेड़छाड़ करने समेत अन्य बातें कही हैं। पुलिस ने इसके आधार पर आरोपित सैयद जिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
     
    मदरसे में परिजनों ने काटा हंगामा
    एसएसपी ने देर शाम एएसपी पश्चिम विकास चंद त्रिपाठी, एडीएम सिटी संतोष कुमार वैश्य, अल्पसंख्यक विभाग एवं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की एक टीम बनाकर छापेमारी की। मदरसे में कुल 151 छात्राएं रहती थीं। छापेमारी के दौरान वहां 51 छात्राएं मौजूद मिलीं। छात्राओं ने संचालक पर बंधक बनाकर रखने का भी आरोप लगाया है। मदरसे में पढ़ने वाली लडकियों के साथ यौन शोषण करने कि बात जैसे ही उनके परिजनों को मिली तो उनके होश उड़ गए। ये बातें सुनकर बच्चों के अभिभावक आनन फानन में मदरसे पहुंचे। सभी ने मदरसे में तोड़फोड़ के साथ हंगामा किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को काबू में किया। इस घटना को जो भी सुन रहा है वह आग बबूला हो जा रहा है।
     
    शिक्षा के मंदिर में घिनौना काम
    बालिका विद्यालयों में चल रहे इस घिनौने खेल ने शिक्षा विभाग को शर्मसार कर दिया है। मदरसे के प्रबंधक ने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया है। शिक्षा के मंदिर में चल रहे लड़कियों के साथ यौन शोषण के इस घिनौने काम का खुलासा होने के बाद अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है। वह अपने बच्चों को मदरसे में भेजने से घबरा रहे हैं। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। मदरसे के प्रबंधक ने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया है। एएसपी पश्चिम विकास चंद त्रिपाठी के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पूर्व मदरसे का संचालन शुरू हुआ था। खुद को संरक्षक बताने वाले सैयद अशरफ जिलानी का दावा है कि उन्होंने जमीन खरीदकर मदरसा शुरू कराया था और देखरेख के लिए सैयद जिया को रखा था।

    फार्महाउस में ले जाकर करवाता था डांस
    आरोप है कि सैयद जिया लड़कियों को बहाने से कार में बैठकर दुबग्गा मछली मंडी स्थित खदीजतुल कुबरा फाउंडेशन के नाम से बनी कॉलोनी में लेकर जाता था। यहां वह फार्महाउस में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करता था। इतना ही नहीं लड़कियों से आरोपी यहां डांस करवाता था। पुलिस ने मदरसे में रखा छात्राओं का सामान निकलवाकर बाल संरक्षण गृह में भिजवाया है। साथ ही आरोपित के कमरे की तलाशी भी ले रही है। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने यौन शोषण की शिकायत पूर्व में मौजूद एक शिक्षक से की थी। इस पर उक्त शिक्षक ने आरोपित की करतूत का विरोध किया था, जिसपर सैयद जिया ने उस शिक्षक को ही मदरसे से बाहर निकाल कर दिया था। लड़कियों को कई बार लोगों ने लाते ले जाते देखा था।