Category: uttar-pradesh

  • दिल्ली वाले बाबा ने बदनाम कर दिया द्रौपदी का गांव

     फर्रुखाबाद व कंपिल आश्रम में फैला बाबा वीरेन्द्र देव का मकड जाल

    फर्रुखाबाद, सेक्स कांड के आरोपों से घिरा बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित यूपी के फर्रुखाबाद के कंपिल का रहने वाला है. यहीं पर बाबा ने अपना पहला आश्रम बनाया था. जिस कंपिल गांव पर आज बदनामी का दाग लग रहा है वो एक महान गांव माना जाता है.गांव में रहने वाले रीनेश गुप्ता बताते हैं कि राजा द्रुपद की बेटी द्रौपदी का स्वयंवर यहीं पर हुआ था. राजा द्रुपद ने इस इलाके को लड़ाई में जीता था. इतना ही नहीं यहां कपिल मुनि का आश्रम भी है. सैकड़ों लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं.कहा तो ये भी जाता है कि कंपिल को जैन संप्रादाय के प्रथम तीर्थकार राजा ॠषभदेव ने कंपिल को बसाया था. लेकिन आज इस गांव की चर्चा दूसरे ही शब्दों में हो रही है. एक महान गांव आज सेक्स कांड के आरोपों से घिरे बाबा के नाम के साथ चर्चाओं में है.गांव के लोग बताते हैं कि वीरेन्द्र देव दीक्षित मौहल्ला चौधरियान में रहता था. वर्ष 1990 के बाद अहमदाबाद के गुजरात से पीएचडी की डिग्री लेकर आया था. अध्यात्म विषय में पीएचडी हासिल की थी. उसके बाद यहीं पर एक पुराने मकान में तिरपाल लगाकर लोगों को ज्ञान देना शुरु कर दिया था. जो बाद में भव्य आश्रम बन गया.

    आश्रम के संचालक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित पर रेप और यौन शोषण के आरोप हैं। इसी बाबा के दो आश्रम जनपद में भी है। कंपिल में गंगा रोड स्थित वीरेंद्र देव दीक्षित का आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्ववि।ालय व फर्रुखाबाद के सिकत्तरबाग में स्थित बबाली बाबा का आश्रम वर्षो से विवादों और पुलिस के छापेमारी से चर्चा का विषय रहा है। कई बार अन्य जनपदों ने अपहरण कर लायी गयी नाबालिक किशोरीयाँ भी इन्ही आश्रमों में बरामद होने के बाद भी बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे बाबा के इन बबाली आश्रम पर कोई कार्यवाही नही हुई। आश्रम की गतिविधियों व संपत्ति को लेकर सीबीसीआइडी व आयकर विभाग भी टीम भी जांच कर चुकी है। कंपिल के मोहल्ला चैधरियान में वीरेंद्र देव का आश्रम 34 वर्षो से संचालित है। वही लगभग दो दशको ने सिकत्तरबाग आश्रम पर बाबा अपना खुफिया तंत्र चला रहा है। बीते 28 अगस्त 2011 को बांदा के अलीगढ़ निवासी राकेश सिंह की बेटी मीना के अपहरण का मुकदमा पुलिस ने दर्ज किया और उसकी तलाश में सिकत्तरबाग आश्रम में छापेमारी की थी। जंहा से मीना को पुलिस ने बरामद किया था। मजे की बात है कि पुलिस दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुई थी। उसी के दो दिन बाद आश्रम बंद कराने के लिये गुलाबी गैंग ने 30 अगस्त 2011 को प्रदर्शन किया था। 6 सितम्बर 2011 को बाल कल्याण समिति ने बाबा के सिकत्तरबाग आश्रम पर सर्च वारंट के आधार पर जाँच की। जिसमे दो दर्जन किशोरीयां मिली थी। 8 सितम्बर 2011 को राज्य महिला आयोग ने डीएम से आश्रम के सम्बन्ध में रिपोर्ट तलब की। 9 सितंबर को पुनरू बाल कल्याण समिति ने सिकत्तरबागा आश्रम के लिये रुख किया। लेकिन आश्रम का रजिस्ट्रेशन नही मिला। 14 सितम्बर 2011 को मिर्जापुर के चील्ह थाने के एसएसआई डॉ० अख्तर सईद ने 9 अप्रैल 2011 को लापता 15 वर्षीय बंदना, सरोज व उसकी सहेली पिंकी उर्फ कंचन यादव की तलाश में छापेमारी की गयी। जंहा पुलिस का भीतर जाने को लेकर विवाद हुआ। 12 अप्रैल 2016 को तत्कालीन राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य मोनी सिंह ने बाबा वीरेन्द्र देव के सिकत्तरबाग व कंपिल आश्रमों में छापेमारी की। जिसके बाद उनक कहना था कि सिकत्तर बाग में 9 महिलायें मिली जबकि देखने में लगता है कि आश्रम में 500 लोगो रहते हो। वही कंपिल के आश्रम में 30 महिलायें मिली। जिसमे डेढ़ सौ महिलायों की व्यवस्था लगती है। वही कंपिल में गंगा रोड स्थित वीरेंद्र देव दीक्षित का आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्ववि।ालय 19 वर्ष पूर्व कोलकाता की युवती के अपहरण व यौन शोषण के आरोपों से पहली बार चर्चा में आया था। आश्रम की गतिविधियों व संपत्ति को लेकर सीबीसीआइडी व आयकर विभाग भी टीम भी जांच कर चुकी है।30 मार्च 1998 को कोलकाता की युवती के परिजनों ने कंपिल थाने में पुत्री को जबरन आश्रम में बंधक बनाकर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पुलिस ने आश्रम के 11 सेवादारों पर शांतिभंग की कार्यवाही की। 3 अप्रैल 1998 को अहमदाबाद के किशोरी को बरगला कर आश्रम में दुष्कर्म और मानसिक उत्पीड़न करने के आरोप में वीरेंद्र देव, उनकी पत्नी कमला व कर्नाटक की शांता बहन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।16 अप्रैल 1998 को मथुरा की महिला की तहरीर पर वीरेंद्र, कमला सहित तीन लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म और इसी दिन बिजली चोरी का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने वीरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए आश्रम में छापा मारा, तो उसके चेले पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने वीरेंद्र देव, सेवादार रवींद्र दास, जगन्नाथ, महेश, जनार्दन, मनोरंजन, कोपली, शांता बहन सहित आठ लोगों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। 17 अप्रैल को दिल्ली की शाहदरा निवासी महिला की तहरीर पर वीरेंद्र देव सहित आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ।

     

  • ढोंगी बाबा वीरेंद्र दीक्षित उत्तर प्रदेश स्थित आश्रमों पर पुलिस का छापा, बालिग और नाबालिग 53 महिलायें बरामद

    फर्रुखाबाद । दिल्ली के रोहिणी में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में अय्याशी का आश्रम चला रहे ढोंगी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का फर्रखाबाद से भी पुराना नाता है। पुलिस ने आज यहां उसके 34 वर्ष पुराने आश्रम पर छापा मारा है।
    पुलिस ने बालिग और नाबालिग कुल 53 महिलाओं को भी बरामद किया है। इससे पहले भी इस आश्रम की गतिविधियों और संपत्ति को लेकर सीबीसीआइडी और आयकर विभाग की टीम भी जांच कर चुकी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस मसले को लेकर कड़ी टिप्पणी की। इसके बाद बाबा दीक्षित पर पुलिस का शिकंजा लगातार कस रहा है। पुलिस ने आज वीरेंद्र देव दीक्षित के कंपिल कंपिल व सिकत्तरबाग स्थित आश्रमों छापा मारा। चर्चित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के कंपिल व शहर के सिकत्तरबाग स्थित आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालयों में पुलिस ने आज सुबह छापेमारी शुरू की है।

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    वहां पर बड़ी संख्या में वहां पुलिस भी लगाई गई है। दिल्ली में ढोंगी बाबा वीरेंद्र दीक्षित के आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय पर छापेमारी के बाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में भी उनके आश्रम पर पुलिस ने छापेमारी की। छापेमारी में पुलिस को आश्रम में कई तहखाने मिले हैं। पुलिस ने बालिग और नाबालिग कुल 53 महिलाओं को भी बरामद किया है। दिल्ली में आश्रम से छुड़ाई गई लड़कियों के बाद से ही बाबा फरार है। सूचना मिली थी कि बाबा फर्रुखाबाद के आश्रम में छिपा है। इसके बाद एसपी ने 100 से अधिक पुलिस फोर्स के साथ सिकत्तर बाग और कम्पिल के आश्रम में एक साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान आश्रम के अंदर पुलिस की महिलाओं से झड़प भी हुई। आश्रम के अंदर कई तहखाने मिले हैं। सिकत्तर बाग आश्रम से 8 और कम्पिल आश्रम से 45 महिलाएं बरामद हुईं हैं। इसमें नाबालिग लड़कियां भी हैं। पुलिस सभी महिलाओं को कोर्ट में पेश करने की बात कह रही है। सर्वोदय नगर में बाबा का आश्रम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय है। एक महीने पहले भी यहां पर नाबालिग लड़कियों के होने की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की थी। उस समय भी पुलिस को यहां लड़कियां नहीं मिली थी, लेकिन सेविकाओं पर पुलिस ने कार्रवाई की थी और यहां के आश्रम संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
    इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने बांदा स्थित विवादित बाबा वीरेंद्र दीक्षित के आश्रम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में छापेमारी की थी। आश्रम में बाबा और नाबालिग लड़कियों के होने की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी कर आश्रम के एक-एक कमरे की तलाशी ली। आश्रम में मौजूद सेविकाओं से भी पुलिस ने पूछतांछ की। हालांकि पुलिस को यहां न तो बाबा मिला है और न ही लड़कियां मिली। वीरेंद्र दीक्षित के दिल्ली आश्रम में कई नाबालिग लड़कियां बरामद हुई थी, जिसमें से कुछ लड़कियां बांदा की भी हैं।

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    आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय नाम के आश्रम में भी बाबा के दर्जनों लड़कियों को अपने हवस का शिकार बनाने के मामले दर्ज हैं। 19 वर्ष में मामला पहली बार सामने आया है। मूल रूप से फर्रुखाबाद निवासी वीरेंद्र देव दीक्षित का कंपिल के गंगा रोड पर भव्य आश्रम है। आश्रम 19 वर्ष पहले कोलकाता की एक लड़की के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के आरोपों की वजह से पहली बार चर्चा में आया था। उसके बाद इस आश्रम पर कई बार आरोप लगे की यहां लड़कियों का यौन शोषण होता रहा है। वहीं, वीरेंद्र देव के विरुद्ध यौन उत्पीडन, पुलिस मुठभेड़ और कई अन्य संगीन धाराओं में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
    कंपिल के चैधरियान में वीरेंद्र देव का आश्रम पिछले 34 वर्ष से चल रहा है। आश्रम तीन मंजिला और भव्य रूप में है, लेकिन यहां युवतियों कि बड़ी संख्या में मौजूदगी से आश्रम हमेशा से शक के घेरे में रहा। फर्रुखाबाद एसपी मृगेंद्र सिंह के मुताबिक, वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ 1998 में सात मुकदमे दर्ज हुए थे। दुष्कर्म के छह मामलों में चार्जशीट दाखिल हुई थी। आश्रम की तरफ से जो एक एफआईआर पुलिस के खिलाफ दर्ज कराई थी उस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाई जा चुकी है। 30 मार्च 1998 को कोलकाता की युवती के माता-पिता ने कंपिल थाने में पुत्री को जबरन आश्रम में बंधक बनाकर यौन उत्पीडन का आरोप लगाया था। पुलिस ने आश्रम के 11 सेवादारों को शांतिभंग की धारा में बंद कर पीडिघ्ता को नारी निकेतन भेजा था।अहमदाबाद के एक व्यक्ति ने इसके बाद 3 अप्रैल 1998 को शिकायत की था कि उसकी बेटी के साथ आश्रम में दुष्कर्म किया गया था। मथुरा की महिला की तहरीर पर पुलिस ने 16 अप्रैल 1998 को आश्रम के तीन लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने वीरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए आश्रम में छापा मारा, तो उसके चेले पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने कई धाराओं में वीरेंद्र देव, सेवादार रवींद्र दास, जगन्नाथ, महेश, जनार्दन, मनोरंजन, कोपली, शांता बहन सहित आठ लोगों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। दिल्ली की शाहदरा निवासी महिला की तहरीर पर 17 अप्रैल को वीरेंद्र देव सहित आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ।

  • यूपी के पूर्व राज्यपाल B L Joshi का दिल्ली में निधन, AIIMS में ली आखिरी सांस

    यूपी के पूर्व राज्यपाल B L Joshi का शुक्रवार को दिल्ली के AIIMS अस्पताल में निधन हो गया. वो 81 वर्ष के थे और कई दिनों से बीमार चल रहे थे. आज सुबह उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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    बता दें, कि B L Joshi ने 28 जुलाई 2009 को यूपी के राज्यपाल के रूप में शपथ ली, जबकि दूसरी बार उन्होंने 7 मार्च 2014 को राज्यपाल पद संभाला था. इसके पहले वो उत्तराखंड व मेघालय के राज्यपाल और दिल्ली के उपराज्यपाल भी रहे. उनका जन्म राजस्‍थान के नागौर जिले के छोटी काठू नाम के छोटे से गांव में हुआ था.

    निधन की सूचना मिलते ही राज्यपाल राम नाईक ने गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि वो बेहद सौम्य स्वभाव के थे और अपने अनुभव से समय-समय पर प्रदेश का मार्ग दर्शन किया करते थे. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी पूर्व राज्यपाल B L Joshi के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है.

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  • राजधानी की मेहमान बनी बद्री की दुल्हनियां मोनाली ठाकुर

    संगीतमय शाम में बिखेरेंगी जलवा

    लखनऊ। फिल्म बद्रीनाथ की दुल्हनियां, दम लगा के हईशा और लुटेरा फेम मशहूर सिंगर मोनाली ठाकुर शनिवार को राजधानी की मेहमान बनी। अंसल गोल्फ क्लब में रायल स्टैग और एमटीवी की सांझा म्यूजिक नाइट में गायकी के जलवे बिखेरने आई मोनाली ने शो के बारे में बतातें हुए कहा कि इस सीजन में विशाल भारद्वाज, पैपान, शंकर महादेवन, फरहान अख्तर, अरमान और अमाल मलिक जैसे संगीत महारथियों के साथ मंच सांझा करके बहुत आनंद आ रहा है। ये सातवां सीजन लोगों को दिवाना बना रहा है और लोग इस सीजन के जादुई मोहपाश में बंध गए हैं। इण्डियन आइडियल फेम मोनाली ने बताया कि इस कार्यक्रम में लोकप्रिय हिट्स के साथ दर्शक अनप्लग्ड म्यूजिक का भी लुत्फ उठाएंगे। ये संगीतमय शाम बिल्कुल लाइव होगी जिससे दर्शकों और कलाकारों के बीच रोमांच भरपूर रहेगा। लक्ष्मी और मैंगो फिल्में कर चुकी मोनाली को लखनवी अंदाज बहुत पसंद हैं और राजधानी के खाने के साथ साथ वह चिकनकारी की भी मुरीद हैं।

    पनोर्ड रिकार्ड इंडिया के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट राजा बनर्जी ने कहा कि बेमिसाल मंच और बेहतरीन संगीत लोगों को अपनी तरफ खींच रहा है और हम इसी तरह लोगों को मंत्रमुग्ध करना जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि लखनऊ के बाद लुधियाना, गुवाहाटी और भुवनेश्वर में भी संगीतमयी उत्सव जारी रहेगा।वायकाम 18 की फरजाद पालिया ने कहा कि साल दर साल हम लोग नए प्रयोग कर रहे हैं जिसे दर्शक पसंद कर रहे हैं।

  • योगी ने तोड़ा अंधविश्वास , किया औद्योगिक नगरी का दौरा

    इस शहर का दौरा करने से चली जाती है मुख्यमंत्री की कुर्सी

    C,M.

    नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज औद्योगिक नगरी नोयडा का दौरा कर पिछली सरकारों के उस मिथक को तोड़ दिया कि जो मुख्यमंत्री नोयडा जाता है, उसको कुर्सी से हाथ धोना पड़ता है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ 25 दिसंबर को नोएडा जाकर 29 वर्ष से बने अंधविश्वास को तोड़ने की पहल करेंगे। आपको बता दें कि नोएडा को लेकर यह अंधविश्घ्वास था कि जो भी मुख्घ्यमंत्री यहां का दौरा करता है बाद में उसकी सत्ता चली जाती है।

    आईटी कालेज की छात्राओं ने एलयू में जम कर काटा हंगामा

    राजनीतिक गलियारों में नोएडा को लेकर अंधविश्वास है कि इस शहर का दौरा करने वाले मुख्यमंत्री सत्ता से हाथ धो बैठते हैं। कुर्सी जाने के डर ने बड़े से बड़े नेता को अन्धविश्वास में विश्वास करने पर मजबूर कर दिया। ऐसा नहीं है कि इस अन्धविश्वास से छुटकारा पाने के लिए नेताओं ने कोशिश नहीं की। अंधविश्वासों से पार पाने के लिए नेताओं ने बड़े-बड़े पुजारियों के दरवाजों पर भी दस्तक दी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

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    अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आने वाली 25 तारीख को प्रधानमन्त्री मोदी के साथ इस अन्धविश्वास के मिथक को तोड़ने जा रहे हैं। वह बॉटेनिकल गार्डन से दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी तक जाने वाली मेट्रो सेवा का उद्घाटन करने जायेंगे।अंधविश्वास की शुरुआत होती है सन् 1985 से जब वीर बहादुर सिंह की तीन साल की सरकार उनके नोएडा दौरे के बाद गिर गई।
    इसके बाद कुछ ऐसा ही हाल एनडी तिवारी के साथ भी हुआ। 1989 में उन्हें भी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा। 1995 में भी कल्याण सिंह को लेकर भी यही अफवाह उड़ाई गयी। मुलायम सिंह भी इस अंधविश्वास का शिकार बने। उन्हें भी यूपी की सत्ता से हाथ धोना पड़ा और नाम नोएडा दौरे से जोड़ा गया। अंधविश्वास से नफरत करने वाली मायावती का भी साथ इस टोटके ने नहीं छोड़ा। यूपी की सत्ता जाने पर उन्हें भी इस अंधविश्वास से जोड़ दिया गया। अंधविश्वास के भूत ने अखिलेश यादव को इस कदर डरा दिया कि वह इस चक्कर में नोएडा गए ही नहीं। यमुना एक्सप्रेसवे से लेकर तमाम सरकारी योजनाओं का उद्घाटन उन्होंने राजधानी में रहते हुए ही किया। लेकिन अंत में उनका भी हाल बाकियों की तरह ही हुआ। उन्हें तो बगैर नोएडा गए ही अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा।

  • आईटी कालेज की छात्राओं ने एलयू में जम कर काटा हंगामा

    लखनऊ। राजधानी के लखनऊ विश्वविद्यालय में शनिवार को आईटी कालेज की छात्राओं ने जम कर हंगामा काटा। छात्राएं प्रशासनिक भवन तक पहुँच गई और आईटी कॉलेज में पुनः बीएड परीक्षा शुरू करने के भरसक प्रयत्न किया।

    गौरतलब है कि लखनऊ विश्वविद्यालय ने आईटी कॉलेज के बीएड परीक्षा निरस्त कर दी है। ल0 वि0वि0 प्रथम और तृतीय सेमस्टर की परीक्षा को रोका है। छात्राओं ने प्रशसनिक भवन का घेराव किया और नारेबाजी की।

    छात्राओं का आरोप है कि आज दो बजे परीक्षा होने थी और ऐसा ना होने से उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। छात्राओं ने कहा कि जब एलयू ही परीक्षा लेता है और रिजल्ट देता है तो ऐसे में वे गुहार लगाने कहाँ जाएंगी। उन्होंने कहा कि यदि ल0 वि0वि0 ने आईटी कालेज की बीएड परीक्षा रोकी है तो उसमे हम छात्राओं का क्या कसूर है। काफ़ी देर तक हंगामा होने के बाद भी आईटी कालेज की छात्राओं को समुचित जवाब नहीं मिल सका है।

  • यूपी को दंगो व माफियाराज से उबारने के लिए जरूरी है यूपीकोका : योगी 

    लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीकोका को अवश्यक बताते हुए कहा है कि यह कानून अपराध के सिंडीकेट को ध्वस्त का सकेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के कार्यों में राजनैतिक हस्तक्षेप में रोक लगाने के साथ ही जवाबदेही तय की गई है। हमे जनता ने सुरक्षा की गारंटी को सुनिश्चत करने के लिए भेजा है। उन्होंने कहा कि आज भी देखने को मिलता है कि सरकार को बदनाम करने के लिए कुछ जगह साजिशन अपराध कराए जा रहे हैं। कानून के राज को जनता के हित में बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में निवेश का माहौल बनेगा। यूपी को दंगो व माफियाराज से उबारने के लिए कानून का राज जरूरी है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध को रोकना जरूरी है तथा इसे रोकने के लिए ही सरकार यूपीकोका लेकर आई है। योगी ने कहा कि जब से कैबिनेट ने इस बिल को अनुमति दी तब से तमाम तरह की चर्चा हो रही है। उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष कानून व्यवस्था को सदन में सबसे अधिक उठाता है तो फिर इस बिल का विरोध क्यों कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा कानून का दुरुपयोग नहीं करेगी। जनता ने प्रतिशोध से काम करने के लिए नहीं भेजा है। योगी ने कहा कि जब जिम्मेदार राजनैतिक दलों के नेता ही विरोध करें तो फिर आश्चर्य होता है। उनका कहना था कि जब विरोधी इसे पढे़ंगे तो फिर विरोध नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि संगठित अपराधों की यह कानून कमर तोड़ देगा।

    Read Mora : शादी की पहली रात से पति कर रहा था ऐसी करतूत, जिससे नवविवाहिता की जिंदगी बनी नरक

    विधानसभा में यूपीकोका पर चर्चा के दौरान योगी ने कहा कि अगर सभी दल मिलकर इस कानून को पास करेंगे तो जनता में अच्छा संदेश जाएगा। यह संदेश जाना चाहिए कि सदन संगठित अपराधों के खिलाफ एकजुट है। उनका कहना था कि जल्द ही नया कानून लाएंगे कि राजनैतिक मुकदमों को समाप्त किया जाए। यह कहना कि विधयेक दलितों और पिछडो के विरोध में हैं आश्चर्यजनक है। इसे दलित पिछड़ा विरोधी बताना उनका अपमान करने की तरह है। अपराध कमजोर या गरीब नहीं करता है। इस कानून का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। पिछले नौ माह में सरकार ने प्रतिशोध से कोई कार्रवाई नहीं की है। जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानून बनाया है उन्हे कोई नही बचाना चाहेगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक व महाराष्ट्र में ऐसा ही कानून पहले से ही काम कर रहा है। कानून में यह व्यवस्था की गई है कि यूपीकोका के अपराधी को किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं दी जाएगी। अब जेल के नाम पर अस्पतालों में पड़े रहने की प्रवृत्ति पर रोक की व्यवस्था इस कानून में की गई है। इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े प्रविधान किए गए हैं। इसमें अपराधी की सम्पत्ति को जब्त करने का प्राविधान रखा है। उन्होंने कानून से जुडे़ तमाम विषयों को भी सदन में रखा।

  • पूरा थाना लाइन हाजिर, पढ़िये पूरी खबर

     ताबड़तोड़ लूट, हत्या, छिनैती रोकने में नाकाम,  22 सिपाही, 6 एसआई और थाना प्रभारी लाइन हाजिर

    रानीगंज (प्रतापगढ़) : ताबड़तोड़ लूट, हत्या, छिनैती रोकने में नाकाम,ऐसे में एसपी ने लापरवाही देखते हुए रानीगंज थाना प्रभारी मनीष पाण्डेय समेत आधा दर्जन उपनिरीक्षकों को लाइन हाजिर कर दिया। इतना ही नहीं एसपी शगुन गौतम ने थाने के बाईस कांस्टेबलों को भी लाइन हाजिर कर दिया। ऐसे में रानीगंज थाने के सभी 22 पुलिसकर्मी 6 उप-निरीक्षक और एसओ पर भी पुलिस अधीक्षक ने गाज गिरा दी। कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति रही।

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    रानीगंज थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में ताबड़तोड़ वारदातें हुईं। स्थानीय पुलिस बदमाशों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित रही। लोग रुपये पैसे लेकर रात तो क्या दिन में भी निकलने से घबराने लगे थे। पहले तो पुलिस अफसर बचाव करते रहे, मगर बीते रविवार को बीज विक्रेता की हत्या कर लूट की घटना हुई। 17 दिसम्बर दिन को व्यापारी को मारी गोली अभी दो दिन पहले ही अपराधियों ने वीरापुर मे व्यापारी को गोली मार दी। लगातार बदमाशों के हौसले बुलंद रहे पर पुलिस की हाथ पर हाथ धरे बैठी रही । वहीं 18 दिसंबर को भी पेट्रोल पंप के मैनेजर से हथियारों के बल पर लूट की गई। पर पुलिस के हाथ हर जगह खाली रही। ऐसे में लगातार हो रहे मामले के बाद एक घटना से एसपी ने थाने पर ही गाज गिरा दी। रानीगंज इलाके के थाहीपुर गांव निवासी पेट्रोलपंप मैनेजर अब्दुल रशीद पर फायर करते हुए बदमाशों ने सोमवार को साढ़े पांच लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया था। इस घटना के बाद एसपी ने बड़ा कदम उठाते हुए थाने को ही लाइन हाजिर कर दिया। दूसरी तरफ पुलिस रानीगंज बाजार के आसपास बैंक के कैमरे से संदिग्ध बाइकसवारों की खोजबीन कर रही है।

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    अगले दिन (सोमवार को) कायस्थपट्टी गांव के पास दिनदहाड़े पेट्रोलपंप के मैनेजर अब्दुल रशीद से 6.58 लाख रुपये लूट की वारदात हुई। इन घटनाओं ने एसपी शगुन गौतम को कार्रवाई के लिए विवश कर दिया। देर रात एसपी ने रानीगंज के एसओ मनीष पांडेय, दारोगा सुरेश मिश्र, राजेश त्रिपाठी, राधेश्याम ¨सह, श्याम प्रकाश पांडेय, हरिनंदन ओझा, हेड कांस्टेबल राजकुमार और 28 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। मंगलवार को नए थानेदार जयकुमार ने चार्ज संभाल लिया। बाकी स्टाफ शाम तक आता रहा।तीसरी बार गिरी है गाज: रानीगंज पुलिस पर पहले भी दो बार अफसर बड़ी कार्रवाई कर चुके हैं। इससे पहले 30 अप्रैल 2013 को नजियापुर निवासी हेमा पांडेय की मौत में एसओ सहित थाने के कई सिपाही लाइन हाजिर हुए थे। इसके बाद मीरपुर निवासी अहिबरन पाल की रानीगंज में एक नर्सिंग होम में इलाज के दौरान मौत होने पर बवाल मचा था, तब एसओ सहित आधा दर्जन सिपाही हटाए गए थे।

  • आज़ाद भारत के विकास की नींव अटल ने रखी : मुख्यमंत्री

    Aditiyanath Yogi
    लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां कहा कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ सार्वजनिक जीवन में सहभागी होने और संसद में कार्य करने का सौभाग्य मिला है। अटल जी ने आजाद भारत की सही मायनों में विकास की नींव रखी और उन्होंने एक कुशल शिल्पकार के रूप में कार्य किया। उनका मानना था कि देश के विकास का केन्द्र बिन्दु ग्रामीण भारत ही हो सकता है। उन्होंने अपने प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को मूर्तरूप दिया, जिसके कारण देश की ग्रामीण आबादी को पक्के मार्गों से जोड़ा गया है। इसके अलावा, उनके द्वारा लागू की गई स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना ने भी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘अटल गीत गंगा’ समारोह को सम्बोधित रहे थे।

    योगी ने कहा कि अटल जी ने अस्थिरता को स्थायित्व देते हुए देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का कार्य किया। उन्होंने राजनीति में भी स्थिरता प्रदान करते हुए कुशलता के साथ गठबन्धन की सरकार चलायी। मोबाइल, ऑप्टिकल फाइबर और गैस कनेक्शन को गांवों तक पहुंचाने का भी श्रेय अटल जी को जाता है। उन्होंने देश में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए बहुआयामी कार्य किए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में परमाणु शक्ति का परीक्षण कर अटल जी ने देश को परमाणु सम्पन्न राष्ट्र बनाया। इसके चलते भारत दुनिया की नजरों में एक स्वाभिमानी राष्ट्र के रूप में उभरा। कारगिल युद्ध के दौरान धैर्यपूर्वक ठोस कार्यवाही करते हुए अटल जी ने भारतीय क्षेत्र को मुक्त कराया। उनका पक्ष व विपक्ष सभी दलों के लोग सम्मान करते हैं। उन्होंने देश को विकास के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का सार्थक प्रयास किया। वर्तमान में भी अटल जी के प्रति पूरे जनमानस में श्रद्धा व सम्मान का भाव बरकरार है।

    Aditiyanath Yogi

    योगी ने अटल जी को असाधारण प्रतिभा का धनी बताते हुए कहा कि अटल जी ने न सिर्फ लोगों को प्रेरणा देने का कार्य किया, बल्कि भारत के सामाजिक व राजनैतिक जीवन में सकारात्मक व रचनात्मक परिवर्तन की आधारशिला रखी। देश की संसदीय प्रणाली को समृद्ध बनाने में अटल जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अटल जी ने राष्ट्र के लिए सार्वजनिक जीवन में साधना का कार्य किया है। उन्होंने अटल जी के दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि अटल जी के भाषणों और कविताओं का सभी भाषाओं में अनुवाद होना चाहिए। ऐसे में अटल जी के साथ रहे डॉ0 एनएम घटाटे जी को ‘अटल सम्मान’ से सम्मानित किया जाना निश्चित रूप में प्रशंसनीय है।
    समारोह के दौरान अभिनेता रवि किशन और राजपाल यादव द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं का वाचन किया गया। अटल सम्मान से सम्मानित डॉ0 एनएम घटाटे ने अटल जी से सम्बन्धित संस्मरणों की चर्चा की। समारोह के मौके पर अटल जी के जीवन दर्शन पर केन्द्रित ‘अटल चेतना’ स्मारिका का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के आयोजक दीप कमल फाउण्डेशन के अध्यक्ष अमरजीत मिश्र ने सभी अतिथियों के प्रति आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।

  • घर में घुसकर महिला मीडियाकर्मी से रेप की कोशिश

    बिजनौर। यूपी के बिजनौर जिला में घर में घुसकर एक महिला मीडियाकर्मी से रेप की कोशिश किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि पीड़िता के चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसी इकट्ठे हो गए। लोगों को आता देख आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। इस वारदात से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। फ़िलहाल इस मामले में पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
    जानकारी के मुताबिक, मामला जिला के देहात कोतवाली के बांकपुर गांव का है। यहां की रहने वाली एक युवती पंजाब में मीडियाकर्मी है। युवती पंजाब से अपने पैतृक गांवव आयी हुई थी। घरवाले किसी रिश्तेदार के यहां शादी में चले गए। युवती को अकेला देखकर गांव का ही रहने वाला खलील नाम का व्यक्ति उसके घर आ धमका। अकेला पाकर आरोपी ने पहले तो युवती का मोबाईल नंबर मांगा। नंबर न दिए जाने पर युवती के साथ जबरन महिला मीडियाकर्मी से रेप की कोशिश करने लगा।
    महिला मीडियाकर्मी से रेप की कोशिश के दौरान फाड़े कपड़े
    पीड़िता का आरोप है कि बलात्कार का प्रयास करते हुए आरोपी ने उसके कपड़े फाड़ डाले। युवती की चीख पुकार सुनकर पड़ोस के कई लोग इकट्ठा हो गए। इस दौरान  आरोपी वहां से भाग निकला। युवती व उसके परिवार ने मामले की तहरीर संबंधित थाने को देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। बताया जा रहा है कि शिकायत के बाद आरोपी युवती को लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। पीड़िता का कहना है कि उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। युवती ने मीडिया बात करते हुए बताया कि आरोपी के राजनीतिक संबंध मज़बूत होने के कारण पुलिस भी उसके खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रही है। पीड़िता का कहना है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी।