Category: uttar-pradesh

  • 20 वर्षीय लड़की की अस्मत हुई तार-तार

    पड़ोसी 55 साल का दबंग नहीं होने दे रहा शादी
    हर जगह बताता है उसको अपनी बीवी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जान कर आप दंग रह जायेंगे।बताना राजधानी के थाना सहादत गंज क्षेत्र में हरि सिंह फार्म के पास रहने वाला नूर मोहम्मद नाम का एक व्यक्ति जो रिक्शा चलाकर किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है, जिसके मासूम छोटे-छोटे चार बच्चे और एक बहन व बूढ़ी मां जो बीमार रहती है तथा एक बूढ़ा बाप जो एक छोटी सी पान की गुमटी घर के बाहर करके अपने पूरे परिवार का पेट पाल रहे हैं। नूर की एक बहन शबीना है जिसकी शादी सिर्फ इस वजह से नहीं हो पा रही है क्योंकि उनके पड़ोस में रहने वाले दबंग मुनव्वर उसकी शादी होने नहीं दे रहा। पीडित सबीना का कहना है कि मुनव्वर उसे अपनी बीवी बता कर हर जगह बदनाम कर रहा है। जबकि शबीना उसकी बेटी की उम्र की है। उसके बावजूद मुनव्वर उस को बदनाम करने में तुला हुआ है। वो कहता है मेरे साथ शादी कर दो वरना मैं उसकी शादी होने नहीं दूंगा। कोई भी रिश्ते वाला आता है तो उन लोग को वहां से भगा देता है और लड़की की शादी होने नहीं देता। पीडित नूर का कहना है कि मुनव्वर एक दबंग आदमी है जिसकी पुलिस में भी अच्छी पकड़ हैं। मुनव्वर के परिवार ने कई बार इनके साथ मारपीट की इनकी बहन को मारा है। नूर का कहना है इससे पहले मेरे मां- बाप मुनव्वर के यहां मजदूरी करते थें। लगभग 40000 मजदूरी भी उसने मेरे पिताजी की मार ली है और कहता है कि मैं अपनी बहन की शादी मुझसे कर दो मैं सारे पैसे दे दूंगा।

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    किसी ना किसी तरह से हमें परेशान किया जा रहा है ताकि मैं अपनी बहन की शादी इनके साथ कर दू। कई बार नूर थाना सहादतगंज  पास में बनी जेडी चौकी में शिकायत करी परंतु पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करती और चक्कर पर चक्कर लगावाती रहती हैं और दबंग मुनव्वर का साथ देते हैं। क्योंकि उसने उन्हें पैसा खिला दिया। पुलिस की लापरवाही से एक परिवार बहुत ही परेशान दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं। जहां एक तरफ योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है उनकी सुरक्षा के नए नए कानून बनाते हैं वही दूसरी तरफ एक महिला जिसकी शादी नहीं होने दी जा रही है और उसे झूठ बदनाम कर के उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। योगी जी की पुलिस अपराधी को पकड़ने के बजाए उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करते और उल्टा पीडित को धमकाया जाता है कि तुम्हें  किसी इल्जाम में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा।

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    ज्यादा उठोगे तो, और अपराधियों का हौसलाफजाई कर रही योगी जी की पुलिस किसी तरह मेहनत मजदूरी करके भाई अपनी बहन की शादी करना चाहता है लेकिन पुलिस की लापरवाही और पुलिस के द्वारा दिया गया दबंगों को हौसले की वजह से एक मासूम लड़की को पूरे इलाके में बदनाम किया जा चुका है अब कौन करेगा उससे शादी जब भी उस लड़की के लिए कोई रिश्ता आता है दबंग मुनव्वर के डर से वापस चला जाता है पीड़ित परिवार डिप्रेशन का शिकार होता जा रहा है पीडित नूर का कहना है कि हर वक्त उन्हें डर लगा रहता है कहीं उसकी बहन के साथ कोई घटना ना कर दी जाए नूर अकेला ही अपने घर का कमाने वाला है जिस डर से वह कमाने भी नहीं जा पा रहा। क्या ऐसे ही योगी जी महिलाओं की सुरक्षा करेंगे तीन तलाक का मुद्दा तो बहुत जोर पकड़ता है यहां तो किसी महिला की अस्मत को ही सरे बाजार में उछाल जा रहा है आप सोच सकते हैं कि उस लड़की के दिल पर क्या बीती होगी जिसे बिना बात के ही बदनाम किया जाता रहा हो शादी होने से पहले ही उसके रिश्ते टूट जाते हो सिर्फ इसलिए कि एक दबंग जबरदस्ती उसे हासिल करना चाहता हो जो लड़की उसे अपने बाप की तरह मानती हो क्योंकि उसकी उम्र ही लगभग 55 वर्ष है। पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर हमें इंसाफ ना मिला तो हम योगी दरबार में जाकर आत्महत्या जैसा कदम उठा सकते हैं।

  • भाजपा सांसद को एक महीने की जेल, आचार संहिता उल्लंघन में दोषी

    सिद्धार्थनगर. आचार संहिता के उल्लंघन के दोषी भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल को स्थानीय अदालत ने  एक  महीने की जेल की सजा सुनाई है. जगदम्बिका पाल साल 2014 में लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए थे. तत्कालीन एसडीएम ने जगदम्बिका पाल के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज करवाया था. उनपर आरोप था कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान रैली में अनुमति से अधिक वाहनों का प्रयोग किया था.

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    हांलांकि ताजा फैसले में कोर्ट ने जगदम्बिका पाल को एक महीने की सजा सुनाए जाने के साथ ही जमानत भी दे दी है. इसके साथ ही उनपर 100 रुपए जुर्माना लगाया गया है. वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी केशव पाण्डेय ने आज बताया कि तत्कालीन एसडीएम ने पाल के खिलाफ बंसी कोतवाली में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया था. मुख्य न्यायिक ​मजिस्ट्रेट संजय चौधरी ने पाल को लेकर कल फैसला सुनाया.

  • लापरवाही : निजी अस्पताल  में आपरेशन के बाद प्रसुता की मौत

    एखलाक अहमद

    कुशीनगर।  हाटा नगरपालिका क्षेत्र के  करमहा रोड पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में डिलेवरी के लिए भर्ती मरीज का आपरेशन के दौरान बच्चे की मौत हो गयी वही महिला की स्थिति को गम्भीर बताते हुए उसे  अस्पताल कर्मीयों ने गोरखपुर ले जाने का पैतरेबाजी करते हुए रास्ते में मौत होने का बहाना बना हास्पीटल के ऐम्बुलेस से ही उसके घर पहुचा दिया।

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    जानकारी के अनुसार स्थानीय उपनगर के करमहा रोड पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में कोतवाली क्षेत्र के गांव महुई बुजुर्ग के टोला कछुईया  निवासी 36 वर्षीय महिला सुनीता देवी पत्नी राम बलवान को परिजनों ने प्रसव पीड़ा के बाद रविवार को भर्ती कराया देर शाम पांच बजे उक्त अस्पताल में आपरेशन द्वारा महिला को मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ।

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    सूत्रों की मानें तो वहीं रात साढे आठ बजे  उक्त हास्पीटल में भर्ती प्रसूता महिला सुनीता की तबियत अचानक बिगड़ गयी व डॉक्टर की लापरवाही से महिला की भी मौत हो गई। जिसके बाद आनन फानन में  हास्पीटल के कर्मचारियों ने पैतरेबाजी के तहत महिला की मौत की बात छुपाने के लिए अपने निजी एम्बुलेंस से गोरखपुर उपचार के लिए भेज दिया परंतु रास्ते में ही परिजनों को सुनीता की मौत हो जाने का पता चल गया। जिसके बाद हास्पीटल के कर्मचारियों ने रात में ही मृतका को उसके घर पर उतारकर  भाग निकले सुबह होते ही मृतका के परिजन व अनेक लोग शव को लेकर हास्पीटल पर पहुच कर हंगामा करने लगे मौके पर पहुची पुलिस ने मामले  में दोषी अस्पताल कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया और पिडीत परिवार को तहरीर देने को कहा लेकिन अस्पताल के लोगों ने मामले को दबाने के लिए जोर लगा दिया जिसकी वजह से देर शाम तक भी उक्त मामले में कोई भी तहरीर थाने पर नही पहुंची। बतादें मृतका के दो बच्चे हैं जिसमें एक पुत्र  दीपक और एक पुत्री अनु है। इस सम्बन्ध में प्रभारी निरीक्षक राजाराम यादव ने कहा कि मामला संज्ञान में है मौके पर पुलिस पहुची थी परिजनों द्वारा अभी तक तहरीर नही दिया  है तहरीर मिलेगा तो कार्यवाही की जाएगी।

  • हरियाणा के किसानों पर लगाया मारपीट का आरोप

    अलीगढ़ : खैर तहसील क्षेत्र में हरियाणा-यूपी का सीमा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब टप्पल के गांव लालपुर रैयतपुर के किसानों ने हरियाणा के किसानों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। कहा कि, पीएसी की मौजूदगी में किसानों के अलावा लेखपाल एवं कानूनगो की भी पिटाई की गई। किसानों ने डीएम से इसकी शिकायत की है। हालांकि प्रशासनिक अफसरों ने इन आरोपों से इन्कार किया है।

    शुक्रवार को टप्पल के गांव लालपुर रैयतपुर के किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने एक शिकायती पत्र डीएम को दिया। इसमें पूरन सिंह, बिल्लू, किशन सिंह, रनवीर सिंह व कलुआ आदि ने कहा कि उनके यहां अलीगढ़ प्रशासन की तरफ से सीमा विवाद पर पीएसी तैनात है। गुरुवार को वह राजस्व लेखपाल, कानूनगो व पुलिस बल के साथ यमुना की सीमा पर अपनी जमीन देखने गए थे। तभी वहां हरियाणा के काशीग्राम के लोगों ने भूमाफिया के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। किसानों की जमकर पिटाई की, जबकि लेखपाल व कानूनगो को बंदी बना लिया गया। वहां मौजूद पीएसी भी उनके बचाव में नहीं आई। कुछ देर बाद वहां हरियाणा पुलिस भी आ गई। उन्होंने भी किसानों के साथ मारपीट की। इसकी सूचना अन्य अफसरों को भी दी गई। तब टीम पहुंची तो उन लोगों को छुड़ाया गया। उन्होंने डीएम से इस मामले में उधर के प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

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    प्रशासन सीमा विवाद पर नजर रखे हुए है। यह लोग वहां जमीन देखने गए थे, जिस पर उधर से विरोध हुआ। मारपीट व बंदी बनाने जैसी कोई घटना नहीं हुई। इधर के किसानों को भी अफसरों के साथ वहां जाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही बैठक कर मामला सुलझाया जाएगा।

  • किसानों की आय में वृद्धि को कृषि वैज्ञानिकों ने दिए ये सुझाव

    सीमैप लखनऊ के परिसर में औषधीय पौधों की खेती कैसे की जाती हैइसके विषय में एक कार्यक्रम रखा गया। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के कई किसानों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय और सगंध पौधों के उत्पादनप्रसंस्करण और प्रबंधन विषय पर एक्सपोजर और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ।

    परियोजनाओं के बारे में दी गई जानकारी

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान के निदेशक डॉक्टर जेवीशर्मा ने सीमैप के वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान किसानों और पर्यावरण के लिए काफी महत्वपूर्ण काम कर रहा है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने टेरी द्वारा किये जा रहे विभिन्न परियोजनाओं तथा उनकी गतिविधियों के बारे में भी बताया।

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    जलभराव में लगाएं ये पौधे

    सीमैप के निदेशक प्रोअनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि औषधीय एवं सगंध पौधे सूखे एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी लाभकारी हैं। इन पौधों को अपने फसल चक्र में शामिल कर किसान अतिरिक्त लाभ ले सकते हैं।

    मिंट की खेती के लिए जानकारी

    कार्यक्रम में डॉ.सौदान सिंह ने मिंट की खेती और नर्सरी विधियों पर प्रतिभागियों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत से मिंट का बड़े स्तर पर निर्यात भी किया जाता है। यह काफी आर्थिक लाभ पहुंचाने वाली खेती होती है।

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  • यूपीकोका बिल जनता के लिए अभिशाप साबित होगा : अखिलेश

    लखनऊ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार जबसे बनी है विपक्ष के प्रति उसका व्यवहार सौतेलेपन का रहा है। संविधान की शपथ तो रागद्वेष से परे रहकर कर्तव्य के निर्वहन की ली गई है लेकिन सरकार में बैठे लोग बदले की भावना से ही निर्णय लेना अपना अधिकार समझते हैं। अब अपनी मनमर्जी और तानाशाही चलाने तथा विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए राज्य सरकार यूपीकोका बिल ला रही है। भाजपा का यह आचरण अलोकतांत्रिक है। अखिलेश का कहना है कि यूपीकोका बिल जनता के लिए भी अभिशाप साबित होगा।
    यूपीकोका बिल कहने को तो अपराध नियंत्रण के लिए लाया जा रहा है पर इसके पीछे भाजपा सरकार का उद्देश्य वास्तव में राजनीतिक स्वार्थ साधना है। सन् 2019 के संसदीय चुनाव सिर पर हैं। गुजरात में भाजपा को विपक्ष ने नाको चने चबवा दिए हैं। अब भाजपा को उत्तर प्रदेश में भी अंगूर खट्टे लगने लगे हैं। इसलिए जनता के खिलाफ, उसको परेशान करने के लिए ही यूपीकोका थोपने पर आमादा है। यूपीकोका की पृष्ठभूमि में संघ की फासिस्ट मानसिकता है।

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    अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री के कोरे दावों से प्रदेश की कानून व्यवस्था के हालात सुधरने वाले नहीं है यूपीकोका तो बहाना है। पहले से जो कानून बने हैं उनका इस्तेमाल करके भी अपराध रोकना चाहिए। भाजपा के गमछाधारी ही सबसे ज्यादा कानून तोड़ रहे हैं। गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को डराया जा रहा है। धार्मिक आजादी पर भी पहरेदारी करने वाले पैदा हो रहे हैं। इस तरह की अवांछनीय गतिविधियां भाजपा राज में बढ़ गई हैं।

  • भर्तियां शुरू कराने को बड़े आंदोलन की तैयारी

    इलाहाबाद (जेएनएन)। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र व उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में भर्तियां ठप होने का मामला तूल पकड़ गया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट में हुए जबरदस्त प्रदर्शन के बाद अब बड़े आंदोलन की तैयारी है। बेरोजगारों ने कार्यालयों का 26 दिसंबर से बेमियादी घेराव करने का अल्टीमेटम दिया है। योगी सरकार की ओर से आयोगों की बहाली व प्रधानमंत्री के खाली पदों पर भर्ती के वादे के तहत भर्तियां शुरू करने पर ठोस कार्यवाही न होने से बेरोजगार खफा हैं।

    अब 26 दिसंबर से कलेक्ट्रेट में घोषित बेमियादी घेराव को सफल बनाने को युवा मंच के पदाधिकारियों ने गुरुवार को रणनीति बनाई। निर्णय लिया गया कि आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए बैठक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ भवन में 24 दिसंबर को 12 बजे से होगी, जिसमें आंदोलन का समर्थन करने वाले सभी छात्र संगठनों व प्रतियोगी छात्रों के समूहों को आमंत्रित किया गया है। प्रतियोगी छात्रों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की जिम्मेदारी युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह व छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की जिम्मेदारी इविवि के छात्र नेता मो. जाबिर को दी गई है।

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    आंदोलन से इविवि व संघटक महाविद्यालयों के छात्रों को जोडऩे की जिम्मदारी युवा मंच के इविवि इकाई के संयोजक महेश यादव ‘माही, युवा मंच के सीएमपी डिग्री कालेज के संयोजक शैलेन्द्र सिंह व छात्र स्वतंत्रता संघर्ष के प्रदेश अध्यक्ष रवि कुमार को दी गई है। आंदोलन से छात्रों को जोडऩे की जिम्मेदारी बीएड उत्थान जन मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष संगीता पाल, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अभ्यर्थियों को मुहिम से जोडऩे की जिम्मेदारी चंद्रश यादव व सुभाष पटेल को सौंपी गई है।

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    युवा मंच के प्रवक्ता उदय सिंह लोधी को मीडिया टीम का इंचार्ज बनाया गया है। इसके अलावा युवा जागरूकता टीम बनाई गई है। युवा जागरूकता टीम की मुख्य जवाबदेही डेलीगेसी व कोचिंग संस्थाओं में युवाओं से संपर्क कर उन्हें रोजगार अधिकार आंदोलन से जोडऩे की है। स्वराज अभियान के राजेश सचान पूर्व छात्र नेताओं, छात्र संघ पदाधिकारियों व जनांदोलन के प्रतिनिधियों से संपर्क कर रोजगार अधिकार आंदोलन के पक्ष में समर्थन जुटायेंगे।

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    युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि प्रस्तावित घेराव की लिखित सूचना जिला प्रशासन को भेज दी गई है। उधर, टीजीटी-पीजीटी के प्रतिभागी भी शुक्रवार से बैठकें करके आंदोलन को धार देंगे। यह जानकारी शेर सिंह ने दी।

  • शादी की पहली रात से पति कर रहा था ऐसी करतूत, जिससे नवविवाहिता की जिंदगी बनी नरक

    बरेली । जिंदगी भर साथ रहने का सपना लेकर नवविवाहिता अपनी ससुराल आई थी, लेकिन ससुराल में उसको ऐसा धोखा मिला है जिसने उसकी हंसती खेलती जिंदगी को नरक बना दिया है। ससुराल में पति ने उसे ऐसा जख्म दिया है कि जिसने सुना वो हैरत में पड़ गया।
    पति बनाता है अश्लील वीडियो क्लिप
    नवविवाहिता ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी ऑफिस में शिकायत की है। पीड़ित महिला ने बताया कि उसका पति शादी वाले दिन से ही उसकी अश्लील वीडियो क्लिपिंग बना रहा था। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके पति ने मारपीट कर तलाक की धमकी देते हुए घर से निकाल दिया है। पीड़िता के आरोप पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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    दो माह पहले हुई थी शादी
    प्रेमनगर के गुलाबनगर की रहने वाली पीड़ित युवती ने बताया कि उसकी शादी दो माह पहले बारादरी थाना क्षेत्र में हुई थी। शादी की पहली रात से उसका पति उसकी अश्लील वीडियो अपने मोबाइल फोन से बना रहा था। इसकी शिकायत जब उसने अपने सास ससुर से की तो उन्होंने इज्जत की दुहाई देते हुए बहू को मुंह बंद रखने को कहा।

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    पति ने पीटकर घर से निकाला
    सास-सुसर ने पीड़िता से कहा कि वे उसके पति को समझा देंगे, लेकिन जब यह बात पर उसके पति को पता चली तो वो नाराज हो गया। नवविवाहिता के साथ मारपीट कर उसे तलाक की धमकी देते हुए घर से निकाल दिया। महिला के तीन तोले सोने के जेवर भी अपने पास रख लिए। पीड़ित ने बुधवार को अपने पति की शिकायत एसएसपी ऑफिस में की है।
    पति को जेल भेजने की मांग
    अपने पति की शिकायत करने एसएसपी ऑफिस पहुंची युवती ने पति की करतूत से तंग आकर उसे जेल भेजने की मांग की है। पीड़ित युवती की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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  • पुलिस अधीक्षक श्रपर्णा गांगुली ने क्राइम कन्ट्रोल करने में नाकाम रहे तीन थानाध्यक्षो को कर दिया लाइन हाजिर 

    फतेहपुर। जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाही बरतना तीन थानाध्यक्षो को महगी पडी। पुलिस अधीक्षक ने कार्यो के प्रति बरती गयी उदासीनता को लेकर धाता, कल्यानपुर व बिन्दकी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है। वही इनके स्थानो पर एसपी के पीआओ रहे अरविन्द सिंह गौर को कल्यानपुर के अलावा अन्य को जिम्मेदारी सौप दी है। बताते चले की पुलिस अधीक्षक श्रपर्णा गांगुली ने थानाध्यक्षों को कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने डयूटी का निर्वाहन करने का निर्देश जारी कर रखा है। डयूटी के प्रति लापरवाही बरतने को लेकर एसपी ने तीन थानाध्यक्षों को थ्ज्ञानो से छुटटी देते हुये लाइन से सम्बद्ध कर दिया। गौरतबल हो कि विगत दिनों कल्यानपुर थाना क्षेत्र के दूधीकगार आश्रम में आये पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह को वारन्टी द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किये जाने के मामले केा लेकर कल्यानपुर थानाध्यक्ष को भारी पडा। एसपी ने वारन्टी द्वारा डीजीपी केा सम्मानित किये जाने के मामले को गम्भीरता से लेते हुये कल्यानपुर एसओं रहे गणेश प्रसाद सिंह को थाने से छुटटी करते हुये लाइन हाजिर कर दिया।
    वही इनके स्थान पर पीआरओं रहे अरविन्द सिंह गौर को थाने का चार्ज दिया गया। बताते चले की पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह को मारपीट के एक मामले में वांछित आरोजी पिन्टू सिह ने प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया था। इस मामले की जानकारी मिलने पर डीजीपी ने गहरी नाराजगी का इजहार भी किया था। इस मामले को लेकर एसपी ने थानाध्यक्ष को कडी फटकार भी लगायी थी। मामला भले ही कुछ दिनो तक ठण्डा रहा लेकिन कल्यानपुर थानाध्यक्ष को वाछित आरोपी द्वारा डीजीपी का सम्मान करने का खामियाजा भी भुगतना पडा। इसी प्रकार बिन्दकी कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव में विगत दिनो नवाब शेख के दस वर्षीय पुत्र का अपहरण किये जाने के बाद हत्या का मामला बिन्दकी कोतवान सच्चिदानन्द त्रिपाठीको महगा पडा। जिसके चलते एसपी ने उन्हे भी लाइन का रास्ता दिखा दियां सूत्रों की मान तो दस वर्षीय बालक का अपहरण कर हत्या किये जाने के मामले में तेजी दिखाते हुये पुलिस उपाधिक्षक सर्किल द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन सिस्टम के चलते कोतवाली प्रभारी को मामले की भनक तक नही लग पायी थी। उनके लाइन हाजिर होने के बाद प्रभारी निरीक्षक जहानाबाद रहे अंनत प्रसाद तिवारी को प्रभारी निरीक्षक बिन्दकी बनाया गयां है। उधर अवैध खनन का मामला धाता थानाध्यक्ष की गले की फांस बन गया। मामले में अनियमितता बरते जाने के चलते पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गागुली ने उन्हे लाइन हाजिर करते हुये सदर कोतवाली वरिष्ठ उपनिरीक्षक के पद पर तैनात रहे सुभाष कुमार यादव को थानाध्यक्ष धाता का कार्यभार सौपा है।

  • नोएडा जाने का अंधविश्वास तोड़ने के मूड में योगी

    लखनऊ, उत्तर प्रदेश में नोएडा जाने को लेकर पिछले कई दशकों से चले आ रहे मिथक को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तोड़ने के मूड में हैं। उप्र में बनी पिछली कई सरकारों के मुख्यमंत्री इस अंधविश्वास की वजह से नोएडा नहीं जाते थे कि वहां जाने से उनकी कुर्सी चली जाएगी लेकिन योगी का कहना है कि वह इस अंधविश्वास को तोड़ने के लिए नोएडा जाएंगे।
    योगी 25 दिसंबर को नोएडा जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा के बोटेनिकल गार्डन से दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी तक जाने वाली मेट्रो रेल सेवा का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस समारोह में शामिल होंगे।
    मुख्यमंत्री योगी का कहना है कि वह अशुभ को शुभ करने जाएंगे।
    अधिकारियों के मुताबिक, हालांकि योगी 23 को नोएडा जाकर वहां 25 दिसंबर के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे।
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसे दूसरे मुख्यमंत्री हैं जो जानबूझकर राजनीतिक रूप से मनहूस माने जाने वाले नोएडा जाने की हिम्मत कर रहे हैं।
    इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मायावती 2011 में नोएडा गई थीं और 2012 के चुनावों में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था।

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    गौरतलब है कि सियासी गलियारों में नोएडा को लेकर यह अंधविश्वास है कि अगर प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के दौरान नोएडा का दौरा करता है तो उसको कुर्सी गंवानी पड़ती है। आधुनिक तकनीक के कायल तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने पूरे कार्यकाल में नोएडा जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
    इससे पहले उप्र का मुख्यमंत्री रहते हुए हुए वीर बहादुर सिंह ने नोएडा का दौरा किया था जिसके कुछ दिन बाद जून 1988 को उनकी कुर्सी चली गई थी। 1989 में नारायण दत्त तिवारी और 1999 में कल्याण सिंह की कुर्सी भी नोएडा आने के बाद चली गई थी।
    इसके बाद 1995 में मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव ने नोएडा का दौरा किया पर अगली बार वह सत्ता से बाहर हो गए और 1997 में मायावती के नोएडा आने के बाद ही सत्ता ने उनसे दूरी बना ली। वहीं मायावती दोबारा 2011 में नोएडा आईं और 2012 के चुनाव में वह हार गईं।

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