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  • पुलिस का अनिनव प्रयास : कोमल बनी एक दिन की शहर कोतवाल

    शामली,ब्यूरो । एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने जो नया प्रयोग किया, उसे लेकर वह बेहद उत्साहित है। एसपी ने कहा पूरे प्रदेश में नारी सुरक्षा को लेकर अभियान चल रहा है। इसका मकसद महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करना है कि वह खुद अपनी सुरक्षा कर सकती है। उन्हें उनकी सुरक्षा के लिए किए गए तमाम बंदोबस्त की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कोमल को एक दिन का कोतवाल बनाकर वह समाज व महिलाओं को यह संदेश देना चाहते है कि यदि महिलाएं आगे आएं तो वह पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकती है। महिलाएं खुद देखे कि सुरक्षा के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है। महिलाओं में आत्मविश्वास व जिम्मेदारी का अहसास कराने को हिंदू कॉलेज की 11वीं क्लास की दलित छात्रा कोमल को शहर कोतवाली का एक दिन का कोतवाल बनाया गया। कप्तान ने सभी स्टॉफ को स्पष्ट कर दिया कि कोमल आज प्रभारी है, उसके निर्देश नहीं मानने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। शहर कोतवाल का सीयूजी नम्बर उसके हवाले कर दिया गया।बाद में कोमल थाने पर आई महिलाओं व लोगों की उसने समस्याएं सुनी तथा संबंधित हल्का इंचार्ज को आदेश दिया कि उनका तत्काल निराकरण कराया जाए।

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    कोमल थाने की जीप में बैठकर शहर में लॉ एंड आर्डर की स्थिति देखने निकल गयी। इस दौरान उसने बैंक ड्यूटी चेक कर पुलिस कर्मियों को पूरी तरह सर्तक रहने का आदेश दिया। नौ बजे कोमल ने कोतवाली की हवालात, मालखाना का निरीक्षण किया। दस बजे कोतवाली पहुंचकर पीडिघ्तों की सुनवाई की। 11 बजे कोमल पुलिस टीम के साथ कॉलेज व बालिका स्कूलों की सुरक्षा परखने निकली।

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    कोमल बताती है कि सभी लोग पुलिस को कुछ नहीं करने के लिए कोसते है लेकिन पुलिस का पूरा दिन भागदौड़ व टेंशन भरा है। हर व्यक्ति को किसी की अपेक्षाएं पुलिस से है। ऐसे में उसे पूरा करना व उनमें विश्वास पैदा करना चुनौती है। टेंशन के इस समय में थकाऊ दिनचर्या है जिसमें खान-पान सब गायब होता है। इस सबके बीच सुकून भरी बात यह है कि लोग अपनी सुरक्षा व न्याय को लेकर अभी भी पुलिस की ओर देखते हैं। कोमल के एक दिन का शहर कोतवाल बनने की सूचना जैसे ही शहर में फैली तो हलचल पैदा हो गयी। कोमल को देखने वालों का तांता लग गया।

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    शहर कोतवाली की जिम्मेदारी कोमल को सौंपने के बाद सीओ एके सिंह व शहर कोतवाल अवनीश गौतम पूरी तरह से मुस्तैद रहे। इस दौरान वह कोमल की हर कार्रवाई व कार्यप्रणाली की जानकारी लेते रहे। कोमल एक गरीब ग्राम व दलित की बेटी को एक दिन का शहर कोतवाल बनाकर साबित कर दिया कि समाज में सभी के साथ समानता का व्यवहार होता है। कोमल आर्दश मंडी थानाक्षेत्र के गांव गोहरनी के दलित परिवार की बेटी है। उसके पिता साधारण किसान है। कोमल का भाई मोनू बीए में पढ़ता है और उसकी मां गृहणी है। गांव की लंबी दूरी तय कर कोमल रोज हिंदू इंटर कॉलेज में पढने आती है। कल कोमल को एक दिन का कोतवाल (एसएचओ) बनाया तो ग्रामीण बेहद खुश हुए। सभी ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की। कोमल का भाई मोनू, पिता किरणपाल व मां बेहद खुश थे।

  • पिता और दादा बने हैवान, दो साल तक किया नाबालिग का यौन शोषण

    फर्रु खाबाद ।उत्तर प्रदेश के फरु खाबाद जिले में रिश्तों को तार-तार करने वाली एक घटना सामने आई है। एक पिता और दादा मिलकर नाबालिग बेटी-पोती के साथ काफी समय से दुष्कर्म कर रहे थे। एएसपी के आदेश पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दादा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पिता फरार है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित लड़की ने अपनी नानी के पास पहुंचकर उसे आपबीती सुनाई। लड़की की मां की मौत हो चुकी है। 14 वर्षीय लड़की आठवीं कक्षा की छात्रा है।
    पुलिस के अनुसार, कोतवाली शहर के मोहल्ला घोड़ानखास दरीबा (पश्चिम) निवासी एक महिला ने एएसपी को दिए प्रार्थनापत्र में कहा है कि उसकी बेटी की मौत हो चुकी है, उसकी बड़ी नातिन 14 साल की और छोटी 12 साल की है। बड़ी नातिन का यौन शोषण उसका पिता दो साल से कर रहा था और दादा आठ महीने से। उसके दामाद ने जब छोटी बेटी को भी अपनी हवस का शिकार बनाने का प्रयास किया, तब दोनों लड़कियां भागकर नानी के पास आईं और उसे अपनी आपबीती सुनाई।
    महिला ने कहा है कि 16 वर्ष पहले उसकी बेटी की शादी मोहल्ले के ही युवक के साथ हुई थी। उसकी बेटी ने दो साल के अंतराल पर दो लड़कियों को जन्म दिया। पति के उत्पीडन से परेशान होकर उनकी बेटी की छह साल पहले मौत हो गई। इसके बाद वह अपनी दोनों नातिनों को अपने घर बुला लाई थी। कुछ साल बाद दोनों बच्चियां जब बड़ी हुईं, तब उसने अपने दामाद से बेटियों के पालन-पोषण का खर्च उठाने के लिए कहा, तब वह दोनों बेटियों को अपने घर ले गया और हैवानियत की।
    महिला के मुताबिक, दोनों बेटियां दो दिन पहले भागकर नानी के घर आई और आपबीती सुनाई। बड़ी नातिन ने बताया कि उसका पिता और दादा उसके साथ दुष्कर्म कर रहे थे। पिछले दिनों उसने छोटी बेटी को भी हवस का शिकार बनाना चाहा, लेकिन विरोध के कारण सफल नहीं हो पाया। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने बताया, पीडिघ्त लड़की की नानी की शिकायत पर उसके दादा और पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीडिघ्त किशोरी का भी बयान दर्ज किया गया है।

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  • योगी मंत्रिमंडल में कुछ मंत्रियों की हो सकती छुट्टी, नए को मिल सकता मौका !

    लखनऊ । नीति आयोग की अपेक्षा के मुताबिक योगी सरकार ने ब्यूरोक्रेसी को स्मार्ट और जवाबदेह बनाने के लिए एक-दूसरे से जुड़े विभागों क विलय की तैयारी शुरू कर दी है। जाहिर है, विभागों के विलय के बाद अलग-अलग महकमा संभाल रहे मंत्रियों का भी दायित्व बदलेगा। योगी जल्द अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल भी कर सकते हैं। इस फेरबदल में उनकी कसौटी पर खरा न उतरने वाले कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। इस से कई मंत्रियों की नींद उड़ गई है। अब चूंकि सरकार और संगठन का सारा ध्यान लोकसभा चुनाव पर है तो ऐसे में अपने कार्य और प्रदर्शन को लेकर सरकार और संगठन दोनों गंभीर हैं।

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    लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों को दायित्व सौंपे जाएंगे। इसमें सामाजिक और भौगोलिक संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नौ माह की अपनी सरकार में मंत्रियों की कार्यशैली और क्षमता से पूरी तरह परिचित हो चुके हैं। उनकी कसौटी पर कुछ बेहद खरे उतरे तो कई फिसड्डी भी साबित हुए हैं। नीति आयोग की अपेक्षा के अनुरूप विभागों के विलय होने पर कार्य का स्वरूप भी बदलेगा। सरकार ने स्वास्थ्य से संबंधित सभी विभागों को एक करने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार निकाय चुनाव में अच्छी परफार्मेस देने वाले मंत्री भाजपा और योगी की निगाह में हैं। मूल्यांकन के आधार पर ओहदा घटाया-बढ़ाया जा सकता है।

  • देशद्रोह लगा, सीएम योगी के साथ सांकेतिक विवाह करने वाली महिला पर, भेजा गया जेल

    सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ सांकेतिक विवाह करने वाली महिला के खिलाफ कल देशद्रोह का मामला दर्ज करने के साथ ही जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार दुल्हन के साथ उसकी सखियों को भी जेल भेजा गया है।

    सीतापुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नैमिषारण्य में आगमन पर उनका काफिला रोकने के प्रयास में कल गिरफ्तार नीतू सिंह (दुल्हन) को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया गया। उनके साथ पुलिस ने उनकी तीन सहेलियों को भी जेल भेजा है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाली महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की नेताओं पर राजद्रोह जैसे गंभीर आरोपों में केस दर्ज हुआ है। इनके खिलाफ मिश्रिख के अलावा शहर कोतवाली क्षेत्र में हाइवे जाम करने का भी केस दर्ज हुआ था।

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    कड़ी सुरक्षा के बीच चारों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। जहां सीजेएम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में चारों को जेल भेज दिया। नीतू सिंह को जब कोर्ट से जेल भेजा गया। उस बीच सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी की महिला कार्यकर्ता कोर्ट के बाहर नीतू सिंह जिंदाबाद के नारे लगा रही थी। अपनी गिरफ्तारी के बाद नीतू सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को वोट किया था, उन्हें ये सजा मिली है। पांच दिसंबर को संघ अध्यक्ष नीतू सिंह ने दुल्हन का रूप धारणकर योगी आदित्यनाथ की फोटो के साथ सांकेतिक तौर पर विवाह रचाया था। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष नीतू सिंह के नेतृत्व में मानदेय बढ़ाने सहित तेरह मांगों को लेकर चार दिसंबर से दूसरे चरण का आंदोलन चल रहा था। आंदोलन के दौरान ही संघ की अध्यक्ष नीतू ङ्क्षसह ने पांच दिसंबर को धरना स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो के साथ उनकी दूल्हन बन कर शादी का स्वांग रचा था। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नैमिषारण्य आगमन पर नीतू सिंह शादी का जोड़ा पहन संगिनी सविता वर्मा, मंजू बंसवार व संतोष कुमारी के साथ सीएम के काफिले को रोकने की कोशिश की थी।

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    इसी कोशिश में उन्हें पुलिस ने दबोच लिया था। जिसके बाद उनके खिलाफ कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा कुछ दिन पूर्व उन पर हाइवे जाम को लेकर शहर कोतवाली में राजद्रोह का भी केस दर्ज हुआ था। इसी सिलसिले में कल पुलिस ने नीतू सहित चार महिलाओं को जेल भेज दिया। इनको जेल भेजने के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का भी खासा बंदोबस्त किया था। पुलिस को अंदेशा था कि महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की इन नेताओं की गिरफ्तारी के बाद संघ से जुड़ी अन्य महिलाएं कहीं बड़ा विरोध प्रदर्शन कर हंगामा कर सकती हैं। सीओ योगेंद्र सिंह का कहना कि आंगनबाड़ी संघ की चारों कार्यकर्ता बार-बार मार्ग जाम कर रहीं थी। कई बार कहने के बावजूद प्रदर्शन पर अड़ी हुईं थीं। इन पर कड़ी धाराओं में कार्रवाई की गई है। उधर सीतापुर में आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन कल छठे दिन भी जारी रहा।

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    आंगनबाड़ी संगठन की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह सहित 29 लोग नामजद तथा 65 से 70 अन्य अज्ञात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर राजद्रोह समेत अन्य धाराओं में दर्ज किए गए मुकदमे और जिलाध्यक्ष सहित अन्य 3 महिलाओं को जेल भेजने का कांग्रेस ने विरोध किया है।
    जिलाध्यक्ष विनीत दीक्षित ने घोर निंदा की और कहा कि जब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं मिलेगा तब तक कांग्रेस पार्टी उनके कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले छह माह में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं, उनपर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया तो उनके विरुद्ध फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर विकास भवन के समक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन जारी रहा। यहां भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया था।

  • बड़ा फेरबदल, योगी सरकार ने जारी की सरकारी छुट्टियों की लिस्ट

    लखनऊ।. यूपी सरकार ने पहले ही ऐलान किया था कि महापुरुषों के नाम पर होने वाली छुट्टियां रद्द करने का फैलसा लिया था. अब सरकार ने सरकारी अधिकारीयों के लिए वर्ष 2018 की सरकारी छुट्टियों का आदेश जारी कर दिया है. इस लिस्ट के मुताबिक. रविवार और दूसरे शनिवार को छोड़कर अधिकारियों और कर्मचारियों को कुल 25 गजेटेड अवकाश ही मिलेंगे. वहीं, रिस्ट्रिक्टेड अवकाश (आरएच) की संख्या को 16 से बढ़ाकर 30 कर दिया गया है. साल 2018 के सार्वजनिक अवकाश का आदेश प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन जितेन्द्र कुमार को ओर से जारी किया.।

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    इसके मुताबिक, मई और जुलाई में रविवार और दूसरे शनिवार को छोड़कर कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं रहेगा. वहीं साल का पहला सार्वजनिक अवकाश 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस को होगा जबकि आखिरी अवकाश 25 दिसंबर को क्रिसमस पर रहेगा.।

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    वहीं बड़ी बात ये है कि वर्ष 2018 रामनवमी और रक्षाबंधन का त्योहार रविवार को होने के कारण अलग से कोई अवकाश नहीं रहेगा. वहीं इस साल 44 सार्वजनिक अवकाश और मात्र 16 रिस्ट्रिक्टेड अवकाश थे. योगी सरकार ने महापुरुषों की जयंतियों के अवकाश को समाप्त कर दिया गया था. सिर्फ अक्टूबर गांधी जयंती, 14 अप्रैल को डा. भीमराव अंबेडकर जयंती, 21 मार्च को मो. हजरत अली के जन्मदिवस पर अवकास दिया जायेगा.।

  • निकाय चुनाव: जाने नतीजों का रूझान, बीजेपी ने कितने शहरों में दर्ज की जीत

    निकाय चुनाव: जाने नतीजों का रूझान, बीजेपी ने कितने शहरों में दर्ज की जीत

     

     

    नई दिल्ली। यूपी के निकाय चुनाव में वोटों की गुनती लगातार जारी है और नतीजे भी आने शुरू हो गए हैं। बीजेपी शुरू से ही अपनी बढ़त बनाए हुए है। दरअसल यूपी में 22,26 और 29 अगस्त को चुनाव में 16 नगर निगम 198 नगर पालिका और 438 नगर पंचायत के लिए वोट डाले गए और शुक्रवार को इसके नतीजे आने हैं। यूपी में चुनाव के नतीजों को सीएम योगी की साख से जोड़ी जा रहा है क्योंकि यूपी में योगी की सरकार बनने के बाद ये पहला चुनाव है। चुनावों में प्रचार की शुरूआत सीएम योगी ने 14 नवंबर को अयोध्या से की थी। चुनाव के लिए योगी ने 26 रैलियां की थी।

    yogi government

    बता दें कि बीएसपी की उम्मीदवार सुनीता वर्मा करीब 11 हजार वोटों से आगे चल रही हैं। वहीं फिरोजाबाद में बीजेपी फिर 11 हजार वोटों से आगे हो गई थी। रुझानों में 16 सीटों में से 11 सीटों पर BJP और 4 सीटों पर BSP और एक सीट पर कांग्रेस आगे है। अब तक के रुझानों में 16 सीटों में से 10 सीटों पर BJP, 5 सीटों पर BSP और एक पर कांग्रेस आगे है। 16 में से 5 शहरों (फिरोजाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़, आगरा, झांसी) में बीएसपी आगे चल रही है। विधानसभा चुनावों में बीएसपी को सिर्फ 19 सीटें मिली थी, जबकि सपा और कांग्रेस के गठबंधन को 54 और बीजेपी को 325 सीटें मिली थीं।

    वहीं साल 2012 के मुकाबले अब बीजेपी को मेयर पद पर नुकसान हुआ है। बीजेपी झांसी और अलीगढ़ में पीछे चल रही है। बता दें कि मथुरा में कांग्रेस का खाता खुल गया है। यहां कांग्रेस के मोहन सिंह आगे चल रहे हैं। विधानसभा चुनाव में धरातल पर पहुंची BSP को नगर निगम में बड़ा फायदा हो रहा है. रुझानों में 16 सीटों में से 12 सीटों पर BJP और 4 सीटों पर BSP आगे है। निकाय चुनाव में 16 में से 12 शहरों में बीजेपी के 12 मेयर बनना तय है। सहारनपुर, फिरोजाबाद, झांसी और अलीगढ़ से मायावती की पार्टी बसपा आगे है। जबकि समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई है। बता दें कि साल 2012 में बीजेपी को 12 में से 10 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।





  • मुजफ्फरनगर में बदमाशों ने कि प्रॉपर्टी डीलर की गोली मार कर हत्या

    मुजफ्फरनगर में बदमाशों ने कि प्रॉपर्टी डीलर की गोली मार कर हत्या

     

     

    मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के एक गांव में बदमाशों ने शनिवार को 27 साल के एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मार कर हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि विनोद कुमार की बुआडा खुर्द गांव में शनिवार की साम को हत्या कर दी गई थी। कुमार का शव और उसकी बाइक एक जंगल में पड़े मिले थे। पुलिस को शक है कि पुरानी रंजिश के चलते विनोद की हत्या की गई है।

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    बता दें कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस का कहना है कि हत्या करने वाले को विनोद के बारे में काफी कुछ पता था। या विनोद की किसी के साथ पुरानी दुश्मनी थी जिसके चलते विनोद की हत्या की गई।





  • निकाय चुनाव में बीजेपी ने 14 सीटें जीतकर दर्ज कि शानदार जीत

    निकाय चुनाव में बीजेपी ने 14 सीटें जीतकर दर्ज कि शानदार जीत

     

     

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ऐतिहासिक जीत मिली है। सवा सौ कल्याणकारी योजनाओं ने जनता को सरकार की नीतियों व उद्देश्य के समर्थन में वोट करने पर मजबूर कर दिया। यह जीत अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रणनीतिक सफलता है। गुजरात में जनता को बरगलाने वालों का उ.प्र. में खाता तक नहीं खुल सका। यह बातें शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।

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    बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा की सरकारें समाज और संविधान की सुरक्षा लिये कार्य करती हैं। प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाया गया, उसकी का परिणाम है कि जनता ने निकाय चुनावों में भाजपा को जीत के रुप में तोहफे दिये हैं। वहीं चुनाव में लोकतांत्रिक प्रणाली को लागू कर पारदर्शी सहयोग करने के लिये मुख्यमंत्री ने प्रशासन के कार्य को सराहा।

    वहीं राहुल को सोचना चाहिये कि उनका भविष्य क्या है।वहीं राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनके गढ़ अमेठी में भाजपा ने उनको चारों खाने चीत करके पटकनी दी है। इस प्रकार का सकारात्मक बदलाव स्वच्छ राजनीति व भ्रष्टाचारी मुक्त अमेठी की ओर इंगित करता है। जो लोग गुजरात चुनाव को लेकर बड़ी-बड़ी डींगे मार रहे हैं, उनका खाता तक नहीं खुला है।

    साथ ही राहुल गांधी को अपने भविष्य को लेकर सोचना चाहिये कि उनका भविष्य क्या है। प्रदेश की जनता ने निकायों को सक्षम बनाने के लिये जिम्मेदारी हमें दे दी और अब इनके विकास कार्यों को पूरा करना ही सरकार व संगठन का धर्म-कर्म है। वहीं योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश महामंत्री संगठन सुनिल बंसल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत प्रदेश के तमाम कार्यकताओं के प्रति आभार प्रकट किया।





  • मुरादाबाद में ईदे मिलाद-उन-नबी के जुलूस में फायरिंग, फोर्स तैनात

    मुरादाबाद में ईदे मिलाद-उन-नबी के जुलूस में फायरिंग, फोर्स तैनात

     

     

    मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में फायरिंग और पथराव हो गया। दोनों पक्षों की ओर से चले लाठी-डंडे में दर्जनों लोग घायल हो गए। क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाला और लाठी पटक कर बवालियों को शांत कराया।

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    बता दें कि पुलिस का कहना है कि मैनाठेर के मिलक गुरेर गांव में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में शनिवार को इलाके के रहने वाले फुरकान और दिलशाद पक्ष के लोग आमने सामने आ गए। बच्चों के बीच हुए विवाद पर दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले और फायरिंग की गई। गोली बारी होने पर इलाके का माहौल बिगड़ गया, लोग घरों में दुबक गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बवालियों को शांत कराने का प्रयास किया तो आक्रोशित लोगों ने उनके साथ भी गाली-गलौज शुरु कर दी।

    वहीं प्रभारी निरीक्षक ध्रुव कुमार मौके पर पहुंचे और मय फोर्स के साथ बवालियों को शांत कराने के लिए हल्का बल प्रयोग कर दोनों पक्षों को अलग किया। दोपहर तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि तहरीर मिलने के बाद दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी, ऐहतिहातन तौर पर इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।

    साथ ही इसी तरह जिले के भगतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बथुआ खेड़ा मानपुर में बिना अनुमति के निकले जा रहे ईद-ए-मिलादुन्नबी जुलूस पर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई। इस पर पुलिस ने जुलूस रुकवाया और ऐहतियात के तौर पर थाना प्रभारी ने गांव में फोर्स तैनात कर दी। बताया जा रहा है कि गांव में पहले ही चामुंडा मंदिर पर लाउडस्पीकर लगाने को लेकर एक वर्ग के लोगों ने विरोध किया था। इसका विवाद भी चल रहा है। इसी बात से नाराज होकर आज दूसरे वर्ग के लोगों ने जुलूस को नई परंपरा बताकर विरोध किया और जुलूस को रुकवा दिया।





  • Mayor व पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 12 दिसंबर को होगा

    लखनऊ, नवनिर्वाचित महापैर व 110 पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 12 दिसंबर को तय है। इस तिथि पर गत रविवार को भाजपा के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में चर्चा भी हो चुकी है। शुक्रवार को होने वाली बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग जाएगी।

    दरअसल 14 दिसम्बर से खरमास लग रहा है। जो मकर संक्रांति तक चलेगा। इसके बाद शुक्र अस्त हो रहा है जो तीन फरवरी को उदय होगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं हो सकेगा। लिहाजा इससे पहले हरहाल में शपथ ग्रहण कराने की तैयारी है। 12 दिसम्बर को मंगलवार का शुभ दिन है। नव निर्वाचित महापौर संयुक्ता भाटिया का पूरा परिवार हनुमान भक्त है। पूर्व महापौर दिनेश शर्मा ने भी अपने दोनों कार्यकाल में मंगलवार को शपथ ली थी। कार्यकारिणी व सदन की बैठकें भी मंगलवार को ही करते थे। यूपी सरकार की कैबिनेट की बैठक भी मंगलवार को ही होती है। फिलहाल इस तिथि पर अंतिम फैसले के लिए शुक्रवार को भाजपा के पदाधिकारियों की एक बार फिर बैठक बुलाई गई है। शाम तक इस पर फैसला हो जाएगा।
    शपथ ग्रहण के लिए इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान या कन्वेंशन सेंटर को प्रस्तावित है। भीड़ के लिहाज से इंदिरागांधी प्रतिष्ठान ज्यादा मुफीद माना जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी भी तिथि की घोषणा होने का इंतजार कर रहे हैं। वह अपनी तैयारी में जुटे हैं।

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    शपथ ग्रहण समारोह में केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना है। पार्षद व उनके परिवारीजनों के अलावा किसी को भी आने की इजाजत नहीं होगी। भाजपा नेताओं को आमंत्रित करने के लिए भी सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा पूर्व महापौर, शहर के सभी मंत्री, सांसद, विधायक, विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न संस्थाओं के निदेशक, प्रमुख अधिकारियों व गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया जाएगा।