Category: uttar-pradesh

  • मोबाईल, सिगरेट व तम्बाकू मतगणना स्थल पर रहेगा प्रतिबन्ध : डीएम

      
    ब्यूरो- कामेश्वर पाण्डेय
    रिपोर्टर- मन्नान अहमद

    देवरिया कार्यालय
    देवरिया। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी सुजीत कुमार ने मतगणना हेतु राजकीय इंटर कालेज में हो रही व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उपरान्त मतगणना कार्य में लगे कार्मिक प्रशिक्षकों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्य को निश्पक्ष रहकर पूर्ण सजगता के साथ अंजाम दें। इसमें किसी प्रकार की मनमानी न करते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशो के अनुरुप मतगणना का कार्य सम्पन्न करायें। उन्होने स्पष्ट किया कि आपको जितनी अधिक जानकारी कार्य के प्रति होगी वह उतनी आसानी से ही कार्य सम्पन्न हो सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि मतगणना के कार्य में मतपत्रों के वैध/अवैध होने पर संषय उत्पन्न होता है, इसलिये निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिषा निर्देषो को भली-भांति पढकर समझ लें जिससे वैध/अवैध मतपत्रो पर नियमानुसार आप अपना निश्पक्षता पूर्ण सही फैसला ले सके।
    श्री कुमार ने कहा कि मतगणना के दौरान गणना सीट पर एजेन्टो के हस्ताक्षर करा ले तथा गणना सीट पर मतो का अंकन स्पश्ट और सही किया जाये जिससे किसी प्रकार की आपत्ति न हो सके। उन्होने कहा कि गणना एक पाली में ही सम्पन्न होगी। इसके लिये प्रातः 08 बजे से जो मतगणना कार्मिक नियुक्त होगें वे ही कार्य समाप्ति तक रहेगें। जिलाधिकारी ने कहा कि धुम्रपान व मोबाईल आदि लेकर मतगणना परिसर में न आये। इसपर पूर्णतः प्रतिबन्ध रहेगा। उन्होने कहा कि कोई भी व्यक्ति इलेक्ट्रानिक उपकरण यथा मोबाईल फोन, सेलुलर फोन, लैपटाप या टैबलेट लेकर प्रवेष करेगा तो उसे जब्त करते हुए संबंधित के विरुद्व कार्यवाही सुनिष्चित की जायेगी।
    पुलिस अधीक्षक राकेष षंकर ने सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में स्पष्ट किया कि मतगणना परिसर/पंडाल में वे ही सुरक्षा कर्मी षस्त्र लेकर प्रवेष कर सकेगें जिन्हे प्रषासन द्वारा निर्वाचन कार्य हेतु सषस्त्र तैनात किया गया हैं। उक्त के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति षस्त्र लेकर मतगणना परिसर/पंडाल में प्रवेष नही करेगा। उन्होने कहा कि आप अपने कार्य को ईमानदारी के साथ निडर होकर सम्पन्न करें। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इन्तजाम कर दिये गये है।
    उक्त अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेष कुमार त्यागी, जिला विकास अधिकारी श्री कृश्ण पाण्डेय, उप जिलाधिकारी सदर सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहें।

  • Padmavati : “घूमर” पर झूमी मुलायम की बहू अपर्णा, मचा बवाल

    पद्मावती: ‘‘घूमर‘‘ पर झूमी मुलायम की बहू अपर्णा, मचा बवाल

    लखनऊ । संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती रिलीज होने से पहले ही सुर्खियों में है। इसकी रिलीज भले ही अभी टल गई है लेकिन इस फिल्म के एक गाने पर समाजवादी पार्टी के दिग्गज मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के डांस ने इसे फिर से चर्चा में ला दिया है। मुलायम की छोटी बहू के डांस के बाद अब करनी सेना के प्रमुख ने बड़ा बयान दिया है। मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने चंद रोज पहले अपने भाई के विवाह में इस फिल्म के एक गाने घूमर पर जोरदार डांस किया था। उनके डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अपर्णा का यह डांस बेहद चर्चा में है। फिल्म श्पद्मावतीश् के बवाली गाने श्घूमरश् पर अपर्णा का यह बेहद धूम मचा रहा है। उनका डांस बेहद चर्चा में है। यह डांस वीडियो अपर्णा के भाई अमन बिष्ट के सगाई कार्यक्रम का है, जो कि हाल ही में लखनऊ में हुआ था। इस वीडियो को सबसे पहले एएनआई के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया था जो कि इस वक्त सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    समाजवादी पार्टी की चर्चित हस्तियों में से एक अपर्णा यादव ने जब इस पर डांस किया तो कोहराम मच गया। इसी वजह से ये सोशल मीडिया पर हॉट टॉपिक बना हुआ है। अपर्णा यादव के भाई अमन की शादी साहू एजेंसी के मालिक संजय साहू की बेटी से तय हुई है। इस सगाई में अपर्णा के पति प्रतीक यादव भी शामिल हुए थे। वीडियो वायरल होने पर पद्मावती का विरोध कर रहे संगठनों में सपा परिवार पर तंज कसना शुरू कर दिया है।समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव का एक नया अंदाज देखने को मिल रहा है। अब तक तो लोग उन्हें सिर्फ एक सिंगर के तौर पर जानते थे लेकिन उनका नया रूप बिल्कुल जुदा है। विवादित फिल्म पद्मावती के गाने घूमर पर उनका डांस वीडियो सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव का एक नया अंदाज देखने को मिल रहा है। अब तक तो लोग उन्हें सिर्फ एक सिंगर के तौर पर जानते थे लेकिन उनका नया रूप बिल्कुल जुदा है विवादित फिल्म पद्मावती के गाने घूमर पर उनका डांस वीडियो सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव एक बार फिर से चर्चा में हैं, वजह इस बार ना तो पीएम मोदी की तारीफ है और ना ही अखिलेश भईया के कामों पर टिप्पणी की, बल्कि उनका डांस वीडियो है। फिल्म श्पद्मावतीश् के लिए पूरे देश में करणी सेना ने बवाल मचाया हुआ है, उनका कहना है कि फिल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के रिश्ते को गलत ढंग से दिखाया गया है। वीडियो वायरल होने पर श्पद्मावतीश् का विरोध कर रहे संगठनों में सपा परिवार पर तंज कसना शुरू कर दिया है। संगठनों का आरोप हैं कि यादव परिवार फिल्म की पब्लिसिटी कर रहा है। मामले में फिल्म का विरोध कर रहे एक स्थानीय नेता ने लखनऊ में कहा, श्लज्जता की कोई परिभाषा नहीं है। जिस मुद्दे पर पूरा देश ज्वलंत है और उसी मुद्दे पर वो डांस करती हैं तो यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
    अपर्णा यादव जिस परिवार से संबंध रखती हैं हमें उन लोगों से ऐसी उम्मीद नहीं थी। जो इस तरह से हमें चिढ़ाने का काम करेंगी। संगठनों का कहना है कि अपर्णा यादव जिस परिवार की बहू हैं, उन्हें यह सब शोभा नहीं देता है। कुछ लोगों ने कहा कि जिस गाने को लेकर उनका समाज दर्द महसूस कर रहा है, उस पर वह नृत्य करती हैं तो यह उनकी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। वह हमें चिढ़ा रही हैं। हमें दर्द देने की कोशिश कर रही हैं, वह ऐसा न करें तो ही उनके लिए बेहतर होगा।

    “Padmavati” पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, मुख्यमंत्रियों को लगाई फटकार

    बता दें कि इस गाने में जिस तरह से दीपिका (फिल्म में पद्मावती) को फिल्माया गया है, उस पर राजपूत समाज को घोर आपत्ति है। उनका कहना है कि राजपूत राजाओं की रानियां इस तरीके से और इस तरह ही ड्रेस में डांस नहीं किया करती थीं। राजपूत संगठनों ने इस गाने को पूरे समाज का अपमान बताया था। मुलायम की छोटी बहू के डांस के बाद अब करनी सेना के प्रमुख ने बड़ा बयान दिया है। करणी सेना प्रमुख लोकेन्द्र सिंह का कहना है कि हम अपने राजपूत होने के कारण लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजपूत होने के नाते वह राजपूत की भावनाओं को सोचे बिना ऐसे गाने पर नृत्य कर रही है। हम उन्हें मूल घूमर गीत और अन्य राजस्थानी लोक गीत भेज देंगे, यदि उन्हें ये गाना बहुत पसंद है।

  • अयोध्या में गोली चलवाने के बाद भी 47 सीटों से ज्यादा मिली थी: मुलायम सिंह

    अयोध्या में गोली चलवाने के बाद भी 47 सीटों से ज्यादा मिली थी: मुलायम सिंह

     

     

    लखनऊ। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने बीते बुधवार को अपना 79वां जन्मदिन मनाया है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने सपा का साथ नहीं छोड़ा है। पिछले विधानसभा चुनाव में सपा के नेता उनका वोट नहीं डलवा सके। लेकिन आजज भी अगर उनसे वोट डलावा दिया जाए तो आज भी मुसलमान सपा को ऐसे ही वोट देंगे जैसे पहले देते थे। जितने मुसलमानों ने वोट दिया उनमें से 90 प्रतिशत लोगों ने सपा को वोट दिए हैं। मुलायम ने ने मुस्लिमों के वोटों पर अपना हक जताते हुए कहा कि अगर वो अयोध्या में मस्जिद नहीं बचाते तो ठीक नहीं होता क्योंकि उस वक्त कई लोगों ने हथियार उठा लिए थे। कार्यक्रम में अखिलेश भी मौजूद थे।

    mulayam singh yadav,

    बता दें कि मुसलमानों को लेकर मुलायम का कहना है कि आज भी मुसलमानों की सहानुभूति उनके साथ है। लेकिन आप कैसे ठीक करोगे, बूध कैसे चलवाओंगे। उनकी मुसीबत में साथ देकर सपा संस्थापक ने कहा कि 1990 में अपने मुख्यमंत्रित्व काल में देश की एकता के लिए कारसेवकों पर गोलिया चलवाई। उसमें 28 लोग मारे गये। अगर और मारने होते तो हमारे सुरक्षाबल और मारते उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हम आपको गोपनीय बात रहे हैं। अगर हम मस्जिद नहीं बचाते तो उस वक्त कई मुसलमानों ने हथियार उठा लिए थे। उन्होंने कहा कि जब हमारा पूजास्थल नहीं रहेगा तो देश हमारा है कैसे इन सवालों को समझना होगा।

    वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा को महज 47 सीटें मिलने को ‘शर्म की बात’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में गोली चलवाने के बाद भी 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा 105 सीटें जीत गई थी और फिर उसकी सरकार बन गई थी। उस वक्त सपा के नौजवान कार्यकर्ता जैसे थे, आज उन जैसे नौजवानों की कमी है। कई तो अपने गांव के बूथ नहीं जिता सकते।





  • BJP बड़ी जीत की ओर, 14 नगर निगमों में BJP बढ़त पर

    लखनऊ। यूपी निकाय चुनाव में बीजेपी एक बार फिर शानदार जीत की ओर अग्रसर है. कुल 16 सीट पर हो रहे मेयर पद के चुनाव के लिए बीजेपी ने 14 सीट पर बढ़त बना रखा है. वहीं पहली बार नगर निगम चुनाव में किस्मत आजमा रही बसपा 2 सीट पर आगे चल रही है. अगर बसपा जीत दर्ज करती है तो ये उनके कार्यकर्ताओं के लिए शुभ संकेत है.

    विधानसभा चुनाव में एक साथ मैदान में उतरी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. इन दोनों पार्टी का पूरी तरह से सफाया हो गया है. इन दोनों पार्टियों को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है. लोकसभा चुनाव से पहले ये चुनाव सेमीफाइनल मुकाबला माना जा रहा था जिसमें सपा-कांग्रेस को बुरी हार का सामना करना पड़ा है. ये हार इन दोनों पार्टियों के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है.

    – फैजाबाद के गोसाईगंज नगर पंचायत के अब तक के आंकड़ों में भाजपा प्रत्याशी को मिले 594 मत, सपा 469 व निर्दल उम्मीदवार वैस अंसारी 376. सभासद के वार्ड नंबर 1 से सपा की कंचन, वार्ड नंबर 5 से निर्दल उम्मीदवार दीपक व वार्ड नंबर 9 से सपा के उम्मीदवार विजयी.

    – सिविल लाइन वार्ड से बीजेपी की रीना सिंह जीती.
    – भगत सिंह वार्ड से संतोष कुमार निर्दल जीते.
    – निर्मोचन घाट वार्ड से बीजेपी के वीरचन्द जीते.
    – विवेकानंद वार्ड से सपा की मुख्तर जहां जीती.
    – भदरसा नगर पंचायत से सपा की रेहाना आगे बीजेपी पीछे.
    – लालबाग वार्ड से बीजेपी की अन्नू जायसवाल जीती.
    – सीताकुंड वार्ड से बीजेपी की मीरा जायसवाल जीती.
    – स्वर्गद्वार वार्ड से सपा के महेंद्र शुक्ल जीते.
    – अमानीगंज वार्ड से सपा की पूनम यादव जीती.
    – अम्बेडकर नगर वार्ड से भाजपा की पुष्पा देवी जीती.
    – मंगल पांडे वार्ड से बीजेपी के राजेश गौड़ 8 वोट से जीते सपा के जावेद हारे.

    – बीकापुर नगर पंचायत की मतगणना में वार्ड नंबर 2 की मतगणना पूरी होने पर सपा के जुग्गी लाल यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के राकेश पांडे से करीब 100 वोटों से आगे चल रहे हैं.
    – नगर पालिका रुदौली में वार्ड स 1 से रुपा धानुक 72 वोट से जीती. 366 मत मिले.
    – समाजवादी पार्टी के जब्बार अली भाजपा के अशोक कसौधन से आगे.नगर पालिका अध्यक्ष पद .
    – बीकापुर मतगणना में में प्रशासन की मनमानी. पास जारी हो जाने के बाद भी मीडिया कर्मियों को नही जाने दे रहे है अन्दर.

    – अयोध्या नगर निगम. सीता कुंड वार्ड से भाजपा की मीरा जायसवाल व लालबाग वार्ड से भाजपा के अन्नू जैसवाल जीते.

    – अयोध्या नगर निगम में मेयर पद के लिए प्रथम चरण की मतगणना के परिणाम
    बीजेपी के ऋषिकेश उपाध्याय को मिले 5368 वोट
    समाजवादी पार्टी के गुलशन बिंदु को मिले 4149 वोट
    बसपा के गिरीश चंद्र वर्मा को मिले 751 वोट
    पहले चरण में 1209 वोट से आगे हैं बीजेपी के उम्मीदवार ऋषिकेश उपाध्याय.

    – बुलंदशहर के जहांगीराबाद नगरपालिका चेयरमेन का रुझान
    सूरजभान (बीजेपी)–2770
    अजीत (सपा)–174
    साबिर अली (बसपा) 633
    अम्बरीष वर्मा (निर्दल) 1147

    इलाहाबाद का ये है हाल
    बीजेपी रू अभिलाषा गुप्ता नंदी 27596
    कांग्रेस रू विजय मिश्रा 13050
    सपा रू विनोद चंद्र दुबे 12299
    बीएसपी रू रमेश चंद्र केसरवानी रू 7603

    – बुलंदशहर जनपद की शिकार पुर नगर पालिका के अध्यक्ष पद के मतों की गणना का दूसरा रुझान.

    – मुजफ्फरनगर सभासद जीते (शाहपुर नगर पंचायत)
    वार्ड 6- विशाल गर्ग
    वार्ड 1- ममता
    वार्ड 9- अब्दुल कलाम

    (चरथावल नगर पंचायत)
    वार्ड-13 जगवती
    वार्ड-10- वर्ष गर्ग
    वार्ड-2-अशोक मीणा

    (पुरकाजी नगर पंचायत)
    वार्ड-10-नदीम कुरेशी
    वार्ड 13- आलम कुरेशी

    (सिसौली नगर पंचायत)
    वार्ड-9- सतेंद्री देवी
    वार्ड- 1- जयवीरी
    वार्ड 6- बबली कश्यप
    वार्ड 19- रामफल

    (बुढाना नगर पंचायत)
    वार्ड 13- मेहराज
    वार्ड 1- टीटू उर्फ योगेंद्र त्यागी

    (खतौली नगर पालिका)
    वार्ड 22- अनीता

    – बुलंदशहर जनपद के खुर्जा नगर पालिका के चेयरमैन पद का पहला रुझान
    विनीता गर्ग (भाजपा) 2131
    विमला शर्मा (कांग्रेस) 1034
    रफीक फडा (बसपा) 3215
    मुरादाबाद निगम- दसवें चरण के उपरान्त लगातार भाजपा के विनोद अग्रवाल आगे.

     

    – लखीमपुर खीरी रू सदर में बीजेपी की निरुपमा, गोला में निर्दलीय मीनाक्षी, पलिया में निर्दलीय आलोक मिश्र, मोहम्मदी से बीजेपी प्रत्याशी कन्हैया मेहरोत्रा आगे.

    – कानपुर देहात पहली राउंड की मतगणना अपडेट… दो नगर पालिका व 7 नगर पंचायतों के लिए चल रही है मतगड़ना.

    – गाजियाबाद मेयर आठवें चरण के बाद कुल वोट मिले
    बीजेपी – 80131
    बसपा – 43571
    बीजेपी 8वे राउंड के बाद बसपा में 36560 वोट से आगे.

    – बुलंदशहर/अनूपशहर नगरपालिका परिषद के पहले चरण के परिणाम मे बसपा के ब्रजेश शर्मा को 1131 मत, सपा के विनीत बंसल को 747 तथा बीजेपी के निशांत वशिष्ठ को 747 मत मिले हैं. निर्दलीय सरफराज को 281 एवं रालोद के भूपेंद्र को 200 मत तथा कांग्रेस को 154 मत मिले हैं.

    – गजरौला अध्यक्ष पद के लिए पहले राउंड की गणना पूरी.

    – गजरौला पहले राउंड की मतगणना भाजपा उम्मीदवार अंशु नागपाल 1400 से आगे

    – कानपुर देहात का ये है हाल
    पुखरायां वार्ड के जीते सभासद
    वार्ड नंबर एक – महेंद्र
    वार्ड नंबर चार -शर्मिला
    वार्ड नंबर ९-नूरजहां
    वार्ड नंबर २० – मनोलक्ष्मी
    वार्ड नंबर २३-रमाकांती द्विवेदी
    वार्ड नंबर 8-प्रमोदसिंह

    – चांदपुर में पहले राउंड में सपा 4098, बीजेपी 1786, निर्दलीय जीनत 2462

    – झाँसी 6 वे राउंड बीएसपी 4395 से आगे.

    सपा महासचिव और पूर्व मंत्री आजम के गढ रामपुर में सपा की साइकिल तेजी से दौड़ रही. कमल कुम्हलाया दिख रहा . निर्दलीय भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे .

    – लालगंज सीट पर कांग्रेस का दबदबा. लालगंज नगर पंचायत सीट से अनीता द्रिवेदी आगे. अनीता को मिले वोट 1368.निर्दल प्रत्याशी इंदु सिंह को 891 वोट मिले.

    मिर्जापुर नगर पालिका में ये है हाल
    भाजपा मनोज जायसवाल – 6640
    सपा अशोक केशरवानी – 4752
    बसपा शैलेन्द्र सिंह – 2049
    कांग्रेस- माता प्रसाद -2008

     

  • Gomti River Front scandal : सीबीआई ने शुरू की जांच, इन इंजीनियरों पर गिरेगी गाज

    नई दिल्ली।. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी की सरकार में बने गोमती रिवर फ्रंट में वित्तीय घोटालों की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने शुरू कर दी है. सीबीआई ने इस मामले में प्रोजेक्ट से जुड़े 8 इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है.।

    गोमती रिवर फ्रंट परियोजना की कुल लागत 1500 करोड़ रुपये है. सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया, केंद्रीय जांच एजेंसी ने जिन इंजीनियरों के खिलाफ गुरुवार को मामला दर्ज किया, उनके नाम गुलेश चंद, एस. एन. शर्मा, काजिम अली, शिव मंगल यादव, अखिल रमन, कमलेश्वर सिंह, रूप सिंह यादव और सुरेंद्र यादव हैं. गुलेश चंद्र, शिव मंगल यादव, अखिल रमन और रूप सिंह रिटायर हो चुके हैं.।

    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 20 जुलाई को इस परियोजना की सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसकी शुरुआती लागत 656 करोड़ रुपये थी लेकिन बाद में इसे संशोधित कर 1,513 करोड़ रुपये कर दिया गया था.।

    उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर न्यायमूर्ति आलोक सिंह को मामले की जांच के लिए नियुक्त किया था. जस्टिस सिंह ने जून में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की थी.।

    जस्टिस सिंह ने कथित तौर पर इस परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और वित्तीय दुरुपयोग पाया और परियोजना से जुड़े अधिकारियों पर भी सवाल उठाए थे.।

    बाद में एक समिति का गठन किया गया जिसमें उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना, राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष प्रवीर कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) अनूप चंद्र पांडे और तत्कालीन प्रधान सचिव (विधि) रंगनाथ पांडे शामिल थे. केंद्र ने 24 नवंबर को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी.।

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  • यूपी बना बीजेपी का गढ़ , बीएसपी ने चौंकाया, सपा-कांग्रेस का सफाया

    लखनऊ। भाजपा ने धीरे-धीरे सत्ता पर काबिज होने का क्रम जारी रखते हुए पहले देश फिर प्रदेश और अब महानगरों अपना परचम लहरा दिया है। भाजपा ने महापौर की 16 सीट में 14 पर जीत दर्ज की। दो सीटों पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की विजय है। इस बीच मेरठ में हुए बवाल के बाद मेरठ का परिणाम घोषित नहीं किया गया है। बसपा पहली बार मेयर के चुनाव में उतरी है। उत्तर प्रदेश में होने वाले निगम चुनाव के परिणाम आ गए जिसमें बीजेपी को जबरदस्त जीत मिली. इसी के साथ यूपी, बीजेपी का गढ़ बनता जा रहा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यूपी की अधिकतर सीटों पर जीत मिली इसके बाद 2017 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी भारी जीत दर्ज करते हुए अब निकाय में भी बाजी मार दी. निकाय चुनाव में जीत के बाद बीजेपी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सबसे मजबूत पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई है.।

     

    UP BJP’s stronghold, BSP clears Chakya, SP-Congress

    गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद, व्यापारी वर्ग में बीजेपी के प्रति नाराजगी और भ्रम की स्थिति बताई जा रही थी उस वजह से भी यह चुनाव बीजेपी और आदित्यनाथ के लिए शहरी मतदाताओं में पकड़ के लिए लिटमस टेस्ट की तरह था. लेकिन परिणाम आने के बाद यह साफ हो गया कि शहरी मतदाताओं के बीच बीजेपी की पकड़ मजबूत ही नहीं बल्कि अपनी प्रतिद्वंदी पार्टियों सपा, बीएसपी और कांग्रेस को यूपी में लगभग खत्म कर दिया है.।

    मार्च में हुए विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में ये पहला चुनाव था जिसमें बीजेपी की अगुआई वाली एनडीए के सुनामी ने विपक्ष को बर्खास्त कर दिया. बीजेपी 403 सदस्यीय सदन में 325 सीटों के साथ सत्ता में आई थी. इस चुनाव में योगी आदित्यनाथ स्टार प्रचारक थे और महापौर के चुनाव में हर शहर में रैलियों को संबोधित करते थे. बीजेपी को सीटों की जीत से पता चला कि आदित्यनाथ ने अब एक नेता के रूप में अपनी योग्यता साबित कर दी है जो पार्टी को राज्य में नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है. इस जीत के बाद से ऐसा लगता है कि अगले कुछ हफ्तों में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव में आदित्यनाथ पार्टी के लिए प्रमुख प्रचारक के रूप में उभरकर सामने आएंगे.।

    बीएसपी के लिए उम्मीद

    उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव बहुजन समाज पार्टी दो सीटों पर जीती और करीब छह सीटों पर उसकी हालत बेहतर रही। बीते लोकसभा और विधानसभा चुनाव के गिरते ग्राफ को देखते बसपा के लिए यह चुनाव संजीवनी साबित हुए हैं।

    पहली बार पूरे प्रदेश में अपने सिंबल पर चुनाव में उतरी इस पार्टी की ओर मुस्लिम मतदाताओं का रुझान बढ़ने से वह महापौर के सोलह पदों में दो पर जीत हासिल करने में कामयाब रही।

    बसपा को मेरठ और अलीगढ़ में जीत के साथ झांसी, आगरा और सहारनपुर में दूसरे और गाजियाबाद, अयोध्या और मथुरा में तीसरे नंबर पर रही।

    निकाय चुनावों से हमेशा परहेज रखने वाली बसपा प्रमुख मायावती ने 2006 और 2012 में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे लेकिन अस्तित्व में रहने के लिए बसपा ने इस बार चुनाव लडऩे का फैसला किया था। इसके लिए कैडर को ही चुनाव की जिम्मेदाारियां सौंपी गई थीं। नगर निगमों के चुनाव में बसपा का यह शानदार प्रदर्शन है, हालांकि इससे पहले 2000 में मेरठ के महापौर पद पर उसका कब्जा रह चुका है। इस बार भी मेरठ और अलीगढ़ के मुस्लिम मतों पर गहरी सेंध लगाई है जो आगामी लोकसभा चुनाव में उसके लिए एक फैक्टर साबित हो सकता है। अलीगढ़ में बसपा को जहां सवा लाख वोट मिले हैं। दो महापौर के अलावा नगर निगम पार्षद, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य पदों पर भी बसपा को अपेक्षाकृत बेहतर सफलता मिली है। अब बसपा लोकसभा चुनाव में भाजपा के सामने अपने को एक मजबूत विकल्प समझ रही है।

    समाजवादी पार्टी में गिरावट का दौर जारी
    सपा में गिरावट लगातार जारी है. पार्टी की पकड़ शहरी जगहों से कम होती जा रही है. अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा 16 नगर निगमों में से किसी एक को भी जीतने में नाकाम रही है. इसके अलावा सपा नगर पंचायत और नगर पलिका में भी तीसरे स्थान पर रही. पार्टी में गुटबाजी के बाद अखिलेश दो प्रमुख चुनाव लड़े और दोनों चुनाव में बड़े अंतर से हारे।

    कांग्रेस का सफाया
    भारत के सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस को यूपी में एक और चोट पहुंची. यहां तक कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी राज्य के लोकसभा सांसद हैं इसके बावजूद पार्टी नगर पंचायत और नगर पलिका तक का चुनाव जीतने में नाकाम रही.

  • बीजेपी को 16 शहरों में से 15 में मिली जीत, योगी पहली परीक्षा में पास

    बीजेपी को 16 शहरों में से 15 में मिली जीत, योगी पहली परीक्षा में पास

     

     

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का मतदान पूरा हो चुका है और अब सभी नजर रिजल्ट पर लगी है। यूपी में योगी आदित्यनाथ के सीएण बनने के बाद यह पहला चुनाव था। ऐसे में योगी की अहमियत और ज्यादा बढ़ जाती है। तीन चरणों में हुए इस चुनाव में करीब 53 फीसदी मतदान हुआ। वहीम इस चुनाव के नतीजे 1 दिसंबर को आने वाले हैं नतीजों को लेकर सभी की धड़कने बढ़ी हुई है। लेकिन 2017 में हुए हर चुनाव की तरह इस बार भी बड़ी बढ़त का इशारा बीजेपी की ओर ही हो रहा है। योगी सीएम बनने का बाद अपनी पहली परीक्षा में पास होते दिख रहे हैं।

    Body selection bjp

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एग्जिट पोल के मुताबिक प्रदेश के 16 नगर निगमों में हुए चुनाव में 15 शहरों में बीजेपी जबकि एक शहर में एसपी का मेयर बन सकता है। वहीं लखनऊ में बीजेपी को 40 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं। एग्जिट पोल में लखनऊ से बीजेपी उम्मीदवार संयुक्त भाटिया को मेयर पद की रेस में सबसे आगे दिखा जा रहा है। एसपी को 27 प्रतिशत बीएसपी को 13 प्रतिशत, कांग्रेस को 18 प्रतिशत और अन्य को 1 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    बता दें कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी बीजेपी की बढ़त का अनुमान है। यहां बीजेपी को 45 प्रतिशत, एसपी को 21 प्रतिशत, बीएसपी को 14 प्रतिशत, कांग्रेस को 16 प्रतिशत और अन्य को 3 प्रतिशत वोट मिलता बताया गया हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र गोरखपुर में बीजेपी 45 प्रतिशत वोटों के साथ सबसे आगे, एसपी 22 प्रतिशत वोटों के साथ दूसरे, बीएसपी 11 प्रतिशत वोटों के साथ तीसरे और कांग्रेस 10 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है।

    वहीं बीते बुधवार को ही यूपी में निकाय चुनाव के तीसरे चरण का मतदान संपन्न हुआ है। राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल के मुताबिक तीसरे चरण में 53 फीसदी वोटिंग हुई है, जबकि तीनों चरणों में कुल 52.5 फीसदी मतदान हुआ। 2012 के निकाय चुनाव में 46 फीसदी मत पड़े थे।





  • मूक-बधिर बच्चों की बस को रोक शराबियों ने किया उत्पात

    मूक-बधिर बच्चों की बस को रोक शराबियों ने किया उत्पात

     

     

    मेरठ। सूबे की योगी सरकार अपराध रोकने के दावे ही करती है, लेकिन लोगों में इस बात का डर बिलकुल ही नहीं है। बात मेरठ के पल्लवपुरम फेज दो में स्थित वाणी स्कूल एवं रिसर्च सेंटर के मूक एंव बधिर बच्चों के विद्यालय की है, जहां बीते मंगलवार को विद्यालय खत्म होने के बाद बच्चे बस में सवार होकर अपने अपने घरों के लिए जा रहे थे। बस में विद्यालय की प्रधानाचार्य अंशु गुप्ता और उप प्रधानाचार्य पूनम शर्मा भी मौजूद थीं। लेकिन विद्यालय से कुछ दूर चलते हैं। एक गाड़ी ने उनकी बस को पहले ओवर टेक किया। इसके बाद बस के सामने गाड़ी खड़ी कर दी।

    इस गाड़ी से उतरे युवकों ने बस के चालक के साथ गाली गलौज और मारपीट करनी शुरू कर दी। बस में बैठे लोगों और अध्यापिकाओं ने बीच बचाव की कोशिश की तो युवकों ने उनके साथ ही मारपीट करनी शुरू कर दी। ये युवक शराब के नशे में धुत थे। उन्होने बस पर जमकर तोड़-फोड़ करते हुए शराब की बोतलें फेंकी। डरे सहमें लोग मदद के लिए 100 नम्बर पर फोन करते रहे लेकिन जब कोई जबाव नहीं आया तो उन लोगोंने गुहार लगानी शुरू कर दी। मारपीट के बीच जब बच्चों की गुहार की आवाज गूंजी तो आस-पास के लोग बस की तरफ बढ़े तो उतपाती युवक वहां से नौ दो ग्यारह हो गए।

    बस के चालक और प्रधानाचार्य की माने तो उनके विद्यालय की दोनों बसों के चालकों के साथ मारपीट करते हुए युवकों ने शराब की बोतलें जमकर फेंकी । फिलहाल मौके पर किसी तरह से पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर हालात का जायजा लिया। प्रधानाचार्य अंशु गुप्ता की तहरीर पर पल्लवपुरम थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अब सवाल ये उठता है कि 100 नम्बर पर कॉल करने के बाद जबाव क्यों नहीं आया। दिन दहाड़े इस तरह की वारदात हो रही थी। तो पीसीआर की गाड़ियां कहां थी। पुलिस ने इस मामले में अभी तक क्या प्रगति की है। आस-पास के सीसीटीबी की फुटेज की पुलिस ने लिया या नहीं। लेकिन इतना तो साफ है कि अपराध को कम करने का पुलिस लाख दावा करे लेकिन हालते तस्वीर कुछ और है।





  • अंबेडकरनगर : अवैध धन उगाही कर रहे दरोगा का घेराव

    अंबेडकरनगर, । फुटपाथ पर अतिक्रमण के विरुद्ध हो रही पुलिस की कार्रवाई में जुर्माने के नाम पर दुकानदारों से हो रही अवैध धन उगाही के विरुद्ध दुकानदारों का गुस्सा फूटा उगाही में लिप्त दरोगा व सिपाही को घेरकर दुकानदारों ने विरोध जताया तीखी नोकझोंक के बाद दरोगा को बैरंग वापस लौटना पड़ा। हलाकि आरोपी दरोगा ने धन उगाही की बात से इन्कार किया है मामला जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बे जहांगीरगंज मामपुर व नरियावं का है गौरतलब है कि तीन कि. मी. की दायरे में पूरा कस्बा क्षेत्र सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण की चपेट में है इतना ही नहीं पुलिस की नाक के नीचे थाने के सामने ही मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों तरफ परियों पर अस्थाई रूप से ठेलों पर फल बेचने वालों का कब्जा है इधर पुलिस द्वारा अतिक्रमण के नाम पर 34 दुकानदारों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई कर मामला न्यायालय भेजा गया तो वहीं इस कार्रवाई में पुलिस द्वारा भेदभाव किए जाने की बात भी सामने आई इसी बीच यह प्रकरण तब चर्चा में आ गया जब जहांगीरगंज थाने के एक दरोगा द्वारा अपने हमराह सिपाही के साथ बावली चैक से लेकर पूरे कस्बे में जगह जगह सडक के किनारों पर सामान रखे दुकानदारों सब्जी व्यवसाइयों तथा ठेले वालों से बुधवार देर शाम को जुर्माने के नाम पर सौ व पचास रुपए की वसूली जुर्माने के नाम पर शुरू कर दी गई। उक्त दरोगा जब यूनियन बैंक के सामने व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष अंकित मौर्य की दुकान पर पहुंच कर अतिक्रमण का रौब गालिब करना शुरू कर दिया दुकानदार ने अपनी बात रखना शुरू किया तो दरोगा ने उसकी बात अनसुनी कर अपनी ही बात पर जोर देना जारी रखा और जुर्माने की मांग की इसी दौरान आस-पड़ोस के अन्य दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए और जुर्माने की वसूली गई रकम की रसीद न देने तथा भेदभाव का आरोप लगाते हुए दरोगा की वसूली का विरोध करना शुरू कर दिया मामला तब बढ़ गया जब दरोगा व दुकानदारों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक भी हुई अंतत व्यापारियों के बढ़ते विरोध को देखते हुए दरोगा वहां से बिना जुर्माना लिए ही बैरंग वापस लौट गए इधर दरोगा की मनमानी को लेकर व्यापारियों में गुस्सा है तो वही आरोपी दरोगा रामकुमार ने धन उगाही की बात से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने नहीं बल्कि हल्का सिपाहियों ने जुर्माना वसूला था रसीद के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा इसमें रसीद नहीं मिलती नाम दर्ज किया जाता है थाने के सामने ही अतिक्रमण पर कार्यवाही ना होने के बाद उन्होंने कहा कि यह उनके हल्के में नहीं है।

    पूर्व विधायक पर मेहरबान है प्रशासन
    अंबेडकरनगर, । पूर्व बसपा विधायक त्रिभुवन दत्त द्वारा आलापुर तहसील के कसदहा व शाहपुर औरावं गांव स्थित अपने शिक्षण संस्थानों की चारदीवारी के भीतर सरकारी बंजर भूमि चकमार्ग की भूमि तथा गरीबों की निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों की जांच करने नहीं पहुंच पाए एसडीएम व अन्य अधिकारी। दर्जनों बार हुई शिकायतों की जांच उन्ही हल्का लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों को सौंपी जाती है जिन पर प्रार्थना पत्र में ही लगाए जाते हैं। पूर्व बसपा विधायक बचाव में फर्जी जांच रिपोर्ट प्रेषित कर गुमराह करने के आरोप। शाहपुर औरावं व कसदहा के लेखपाल तथा रामनगर के राजस्व निरीक्षक द्वारा दी जा रही गलत जांच रिपोर्ट,शाहपुर औरावं मे बगैर नक्शे के ही लोक निर्माण विभाग व जिला पंचायत की ओर से लाखों की धनराशि व्यय कर खत्मीपुर से सर्वोदय महाविद्यालय शाहपुर औरावं तक कराया गया था सरकारी मशीनरी व सत्ता का दुरुपयोग कर सड़क निर्माण। उक्त सड़क को त्रिभुवन दत्त की निजी भूमि में बनाया जाना बता कर रहे लेखपाल व राजस्व निरीक्षक व त्रिभुवन दत्त का बचाव आखिर कितने वर्षों में खुद एसडीएम व अन्य अधिकारी पहुंच कर कर पाएंगे निष्पक्ष जांच।

    आधी रात को पुलिस ने बंद कराया थियेटर
    अंबेडकरनगर । पूर्वांचल के ऐतिहासिक गोविंद साहब मेले मे दर्शकों व श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए लगे शोभा सम्राट थिएटर एवं मनोरंजन के संसाधनों तथा नृत्य कला प्रदर्शनियों का संचालन मध्य रात्रि 2.00 बजे ही पुलिस ने कराया बंद श्रद्धालु दर्शक हुए परेशान। बुधवार अपराह्न आलापुर की भाजपा विधायक अनीता कमल ने जिलाधिकारी अखिलेश सिंह से जरिए दूरभाष वार्ता कर मेले में 4.00 बजे तक थिएटर व मनोरंजन के अन्य संसाधनों के संचालन कराए जाने का आग्रह। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने भाजपा विधायक को मेले में 4रू00 बजे तक संचालन हेतु अधिकारियों को निर्देशित करने के लिए किया था अस्वस्थ। बावजूद इसके मेला मजिस्ट्रेट व मेला कोतवाली प्रभारी तक नहीं पहुंचा कोई लिखित व मौखिक आदेश। लिहाजा बुधवार को भी मेला कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार गौड़ ने थिएटर में पहुंचकर 2रू00 बजे बंद करा दिया संचालन। दो बजे रात में संचालन बंद होने से दर्शक श्रद्धालु इधर-उधर भटकने को होते हैं विवश। सुरक्षा ,संरक्षा का भी बना रहता है संकट।

     

  • आगरा: वंदे मातरम् गाने के चलते अपने ही समाज में हिनता झेल रहा ये मुस्लिम परिवार

    आगरा: वंदे मातरम् गाने के चलते अपने ही समाज में हिनता झेल रहा ये मुस्लिम परिवार

     

     

    आगरा। एक तरफ कई राज्यों की सरकारें दफ्तरों और छात्रावासों में वंदे मातरम् गाने को कह रही है,तो वहीं मुस्लिम समुदाय के लोग वंदे मातरम् को जबरदस्ती गवाने का विरोध कर रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी खबर आई है, जिसकों लेकर एक मुस्लिम परिवार को अपने समाज में ही हिनता की नजरों से देखा जा रहा है। दरअसल आगरा का एक मुस्लिम परिवार वंदे मातरम् को गाता भी है और तिरंगे के रंग के कपड़े भी पहनता है, जिसकों लेकर आगरा के इस मुस्लिम बहुल गांव में उस परिवार का विरोध हो रहा है। यहां तक उस परिवार के बच्चों को गांव के मुस्लिम स्कूल से भी वंदे मातरम् गाने के चलते निकाल दिया गया है। वंदे मातरम् गाने को लेकर अपने ही समाज में हिनता का शिकार हो रहे गुलचमन शेरवानी का कहना है कि वो आगरा के आमपारा गांव में रहते हैं, जोकि एक मुस्लिम बहुल इलाका है।

    उन्होंने बताया कि वो राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की तरह तीन रंगों के कपड़े पहनते हैं और वंदे मातरम् गाते हैं, जिसके चलते उनके बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया है और तो और खुद हमारे समाज के लोग ही हमें ऐसी नजरों देखते है, जैसे मानों हमने कोई बहुत बड़ा गुनाह कर दिया हो। वहीं परिवार के इस आरोप पर स्कुल के प्रबंधक का कहना है कि शेरवानी की बेटी का दाखिला पिछले साल ही स्कूल में हुआ था। लेकिन दूसरे अभिभावकों ने हम पर दबाव बनाया कि उसे स्कूल से निकाला जाए,क्योंकि उनका परिवार वंदे मातरम् गाता है और तिरंगे के रंग के कपड़े पहनता है। स्कूल प्रबंधक ने कहा कि अगर हम शेरवानी की बेटी को स्कूल से नहीं निकालते तो बाकि के अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल से निकाल लेते। उन्होंने कहा कि इलाके के कई मुस्लिम परिवारों ने तिरंगे के कपड़े पहने जाने को लेकर विरोध जताया है। उनके वंदे मातरम् गाने के चलते उनके परिवार के खिलाफ फतवा भी जारी हो चुका है।

    शेरवानी ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अहमद बुखारी ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया था और उन्हें काफिर करार दिया था। उन्होंने बताया कि फतवा मिलने के बाद भी उन्होंने वंदे मातरम् गाना नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि जब वो नौ साल के थे तो उनके परिवार ने उन्हें छोड़ दिया था क्योंकि वो राष्ट्रगान गाते थे। उसके बाद से ही वे अपने परिवार से कभी नहीं मिले। हालांकि उनकी सौतेली मां का कहना है कि उन्होंने शेरवानी को कभी भी अकेला नहीं छोड़ा बल्कि वे व्यक्तिगत कारणे से घर छोड़कर चला गया। वहीं शेरवानी के भाई का कहना है कि उन्होंने परिवार के लोगों की कभी नहीं सुनी उनके मन में जो आता था वो वहीं करते थे।

    शेरवानी ने बताया कि उनके खिलाफ साल 2006 में सुन्नी उलेमा बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद शाह बदरुद्दीन कादरी ने हैदराबाद में फतवा जारी किया था क्योंकि वो स्कूलों में वंदे मातरम् गाते थे। इस फतवे को लेकर शेरवानी ने प्रदर्शन भी किया था, साथ ही उन्होंने आगरा सिविल कोर्ट के सामने भारत माता की मूर्ति के नीचे बैठकर भी धरना दिया था। उन्होंने मांग की थी कि उनके खिलाफ फतवा जारी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। गुलचमन ने बताया कि उनके दोनों बच्चों का जन्म भी 15 अगस्त और 26 जनवरी को हुआ है। इससे उनका देश प्रेम जाहिर होता है। उधर, आगरा शहर के मुफ्ती अब्दुल खुवैद ने कहा कि उन्हें शेरवानी के मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुसलमान अगर अल्लाह के अतिरिक्त किसी और का गान करता है तो ये इस्लाम के खिलाफ है।