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  • 2 पूर्व विधायकों समेत 14 नेताओं ने थामा बीजेपी का दामन

    लखनऊः यूपी निकाय चुनाव सिर पर है और ऐसे में राजनीतिक दल एक कूनबा छोड़ दूसरे को पकड़ने में जुटे हुए है। इसी क्रम शुक्रवार को 14 विपक्षी पार्टी के नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। जिसमें 2 पूर्व विधायक भी शामिल है।
    पार्टी मुख्यालय पर पूर्व विधायक पीके राय और चंद्रा रावत समेत 14 अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। इन सभी लोगों को प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्रनाथ पांडेय ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर पूर्व विधायक पीके राय ने कहा कि समाजवादी पार्टी में प्रजातंत्र नहीं है बल्कि एकतंत्र है। जिसकी वजह से उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया है। उन्होंने कहा देशहित व समाजहित में, विकास और भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति करने वाली कोई पार्टी है तो वह है बीजेपी।

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    राय ने कहा कि 3 साल से केंद्र में मोदी की सरकार है, लेकिन किसी भी तरह के घोटाला या हवाला की चर्चा नहीं हुई। उसी तरह योगीजी के दामन पर भी एक छोटा सा दाग नहीं है।वहीं महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि बीजेपी में कार्यकर्ताओं का सम्मान है, इसीलिेए लोग लगातार बीजेपी की तरफ अलग-अलग पार्टियों से आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “बीजेपी देश, प्रदेश ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। उत्तर प्रदेश सहित देश के जनभावनाओं की सच्ची पार्टी है, इसलिए भी लोग बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।”

  • रामजन्मभूमि मसले का क्या हल निकलेगा श्री श्री रविशंकर के संवाद से

    रामजन्मभूमि मसले का क्या हल निकलेगा श्री श्री रविशंकर के संवाद से

     

     

    अयोध्या। अच्छन मियां के फूल चढ़े हैं मंदिर मंदिर द्वार पर भोलानाथ की अगरबत्तियां जलती हर मजार पर…राम करे इस देश में दोनों की यारी बनी रहे जले बत्तियां भोला की अच्छन की बगिया हरी रहे। ये बात रामनगरी अयोध्या की है…जहां पर 16 नवम्बर को श्री श्री रविशंकर जी रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद से जुड़े पक्षकारों से मुलाकात और बातचीत कर इस मुद्दे का हल ढूंढने का प्रयास करेंगे।

    मुस्लिम पक्षकारों की राय

    बीते 21 मार्च के बाद ये प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, दोनों पक्षकार कई बार साथ इस मुद्दे पर बैठ चुके हैं। लेकिन इसका कोई सार्थक हल भी तक नहीं निकल कर आया है। इस मामले से जुड़े पक्षकारों में मुस्लिम पक्षकार मरहूम हाशिम अंसारी के पुत्र इकबाल का कहना है कि श्री श्री का स्वागत है, लेकिन इस मामले में सरकार की ओर से कोई मध्यस्थ होना चाहिए।

    वहीं इसी मामले से जुड़े दूसरे मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब का कहना है कि इस मामले में श्री श्री रविशंकर जी ने पहल की है ये स्वागत योग्य है। हम भी चाहते हैं कि इस मसले का कोई हल निकल जाये। लेकिन हालात 1992 जैसे ना दोहराए जायें और दूसरा इस मामले से पहले राजनीतिक दल और इस मुद्दे पर राजनीतिक की बिसात बिछाने वाले किनारे हटें।

    हिन्दू पक्षकारों की राय

    इस मामले में जहां मुस्लिम पक्षकारों ने अहने मनसूबे साफ कर दिए हैं, वहीं हिन्दू पक्षकारों में इस बार की ओढ़ मची है कि कौन इस मुद्दे को कैश कराता है। हांलाकि इस मामले में निर्मोही अखाड़ा के साथ विराजमान रामलला है। जहां निर्मोही अखाड़े की ओर से महंत रामदास का मानना है कि यहां पर भगवान रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के अलावा किसी पर समझौता नहीं हो सकता वहीं इसी बात पर दूसरे पक्षकार महंत धर्मदास भी अड़े हैं। लेकिन धर्मदास और महंत रामदास के विचार से परे है विश्व हिन्दू परिषद उसका कहना है कि अधिग्रहित भूमि पर समूचा राम मंदिर बने और मस्जिद बनाने का सवाल ही नहीं है। ये बात भाजपा के फायर ब्रॉड नेता और राज्यसभा सांसद विनय कटियार के अलावा सुब्रमण्यम स्वामी भी कह चुके हैं।

    क्या होगा बातचीत से हल ये मुद्दा

    इस मामले को लेकर पहले भी कई बार बातचीत और बहस की जा चुकी है। लेकिन अयोध्या की आम जनता की राय माने तो इस मामले को सरकार बेवजह तू देकर बढ़ा रही है। इस मामले की सरगर्मी के चलते आये दिन रामनगरी में रोजगार धन्धे चौपट हो जाते हैं। कुछ लोगों की माने तो भाजपा में आपसी मतभेद के चलते यहां पर हो रहे नगर निगम चुनाव में अन्तिम दौर में प्रत्याशियों का चयन नहीं बेहतर हो पाया और भाजपा ने एक डमी प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। इसीलिए सीएम योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से नगर निकाय चुनाव का प्रचार अभियान शुरू करना पड़ा है। अब इसी के चलते भाजपा इस मामले को बढ़ा रही है। भाजपा हर चुनाव के पहले राम मंदिर का कार्ड खेलती है।

    क्या होगा श्री श्री रविशंकर के संवाद से हल

    बीते 8 अगस्त को इस मामले में एक नया पेंच शिया वक्फ बोर्ड ने एक हलफनामा देकर फंसा दिया है। इसके साथ ही शिया वक्फ बोर्ड का दावा है कि वह विवादित हिस्सा जिस पर शुरूआत से सुन्नी वक्फ बोर्ड अपना दावा बता रहा है वास्तव में उसका है ही नहीं है। इस पर मालिकाना हक शिया वक्फ बोर्ड का है। लेकिन मस्जिद के निर्माण के पहले वहां मंदिर था ये बता भी सच है। इसलिए इस जमीन को हिन्दुओं को देकर वहां राम का भव्य मंदिर बनाना चाहिए ।

    इस हलफनामे के बाद से अब कोर्ट को इस पहलू पर भी विचार करना होगा कि क्या इस मामले में कोई नया रूख आ सकता है।  देश की सर्वोच्च अदालत में अभी इस देश का सबसे गम्भीर मुद्दा सुनवाई में पड़ा हुआ। इस मामले को लेकर 21 मार्च को कोर्ट ने एक बड़ा आदेश देते हुए कहा था कि कि दोनों पक्ष आपसी सुलह समझौते के जरिए इस मामले मे पहल करें कोर्ट मध्यस्तता करने को तैयार है। लेकिन इस मामले में कोई सार्थक हल नहीं हो पाया था। लेकिन जब शिया बोर्ड का हलफनामा सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर पहुंचा तो रामनगरी में इसको लेकर पक्षकारों में कदमताल तेज हो गई।

    मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब और इकबाल अंसारी ने इस पूरे प्रकरण पर सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि ये मामला ऑउट ऑफ कोर्ट सुलझ सकता है। अगर प्रधानमंत्री मोदी इस मामले में मध्यस्थता करें तो। हम लोग बातचीत कर इस मुद्दे को सुलझाना चाहते हैं। हम किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाने का कोई मकसद रखते हैं। अगर पीएम मोदी पहल करेंगे तो ये मुद्दा निश्चित तौर पर सुलझ जायेगा।

    हांलाकि आज तक कई बार कई कोशिशें हुई हैं। माना जा रहा है कि इस मामले के दो अहम पक्षकारों हाजीमहबूब और धर्मदास के बीच किसी मसौदे पर इस मुद्दे का हल तय हो चुका है। लेकिन ये किसी बड़े चेहरे की मध्यस्थता में इस समझौते के मसौदे को सार्वजनिक करना चाह रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मुद्दे को लेकर शिया वक्फ बोर्ड और श्री श्री रविशंकर की पहल कितना असर डाल पायेगी। लेकिन ये साफ है कि राम जन्मभूमि मामला इतना पेचीदा बन गया है कि कोर्ट को भी एक बार इस मामले में फैसला लेने में एक लम्बा वक्त लग सकता है।





  • सोलह दागी अफसरों पर कड़ी कार्रवाई, योगी सरकार ने जबरन किया रिटायर

    सरकार ने जबरन रिटायर किये ग्रुप बी के सोलह दागी अफसरराज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वाणिज्य विभाग के पांच और पुलिस महकमे के तीन तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर के आठ अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया।

    लखनऊ । भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस के तहत राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुवार को वाणिज्य विभाग के पांच और पुलिस महकमे की तीन अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया। ये सभी अयोग्य व दागी अधिकारियों की स्क्रीनिंग में चिह्नित थे। पिछले दिनों कई और विभागों के दागी अफसरों पर भी कार्रवाई हो चुकी है, जबकि शेष अन्य विभागों के ऐसे अफसरों को भी जल्द ही जबरन रिटायर किया जाएगा।
    पचास साल से ऊपर के अधिकारियों की स्क्रीनिंग के तहत सरकार ने गुरुवार को जिन अधिकारियों को हटाने का फैसला किया उनमें वाणिज्य विभाग के निलंबित असिस्टेंट कमिश्नर-ग्रेड-2 केशव लाल भी शामिल हैं,जिनके घर से आयकर विभाग ने करोड़ों की संपत्ति बरामद की थी। वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी केशव लाल के ऊपर आय से अधिक आमदनी के आरोप हैं। स्क्रीनिंग में उनका नाम सबसे ऊपर था। कई और नामों को शामिल करते हुए विभाग ने सूची शासन को भेजी थी। इसके बाद वाराणसी में तैनात ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. अनिल कुमार अग्रवाल, नोएडा में ज्वाइंट कमिश्नर हरीराम चैरसिया, सुलतानपुर में डिप्टी कमिश्नर कौशलेश और वाराणसी में असिस्टेंट कमिश्नर इंद्रजीत यादव को सेवानिवृत्त किया गया है। विभागीय अपर मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बताया कि इन अधिकारियों की खराब वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट पर यह निर्णय लिया गया कि इन्हें सेवा में बनाए रखना उचित नहीं है।

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    तीन डिप्टी एसपी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति: इसी क्रम में सेवा काल में कई बार दंडित हो चुके तीन डिप्टी एसपी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। जल्द कुछ अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। सरकारी सेवा में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार की अध्यक्षता में प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) के 434 अधिकारियों की स्क्रीनिंग की गई थी। इसके बाद बहराइच में सीओ मैसी के पद पर तैनात डिप्टी एसपी केश करन सिंह, लखनऊ क्राइम ब्रांच में तैनात डिप्टी एसपी कमल यादव व पीटीसी मुरादाबाद में तैनात डिप्टी एसपी श्योराज सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि तीनों अधिकारियों को उनके सेवाकाल में लगातार कई दंड मिले हैं जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
    आइपीएस की स्क्रीनिंग कमेटी गठित रू शासन आइपीएस अधिकारियों की भी स्क्रीनिंग जल्द करेगा। मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में आइपीएस अधिकारियों की स्क्रीनिंग कमेटी गठित कर दी गई है। समिति में प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी सुलखान सिंह व उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी सहित पांच सदस्य शामिल हैं।

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    केशव के घर से मिले थे 11 करोड़ रुपये
    वाणिज्य कर विभाग के एडीशनल कमिश्नर केशव लाल की कानपुर में तैनाती के दौरान उनके आवास से गत अप्रैल में आयकर अधिकारियों ने 11 करोड़ रुपये बरामद किए थे। इसके अलावा आठ किलो सोने के जेवर, दो किलो बुलियन तथा सात संपत्तियों के कागजात मिले थे। उसके बाद ही उन्हें निलंबित कर लखनऊ में अपर निदेशक (प्रशिक्षण) कार्यालय से संबंद्ध कर दिया गया था। छापे में एक तथ्य यह भी उभर कर आया था कि उनकी पत्नी एक सॉफ्टवेयर कंपनी की मालकिन हैं।

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    बीएसए स्तर के आठ अफसर जबरन किये जाएंगे रिटायर
    बेसिक शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर के आठ अफसरों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सिफारिश की गई है। यह वे अधिकारी हैं जिन्हें पहले वृहद दंड मिल चुका है। 50 वर्ष से अधिक उम्र के इन अफसरों में से कुछ निलंबित हैं और कुछ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में व अन्यत्र तैनात हैं। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राज प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गठित विभागीय स्क्रीनिंग कमेटी की गुरुवार को हुई बैठक में शिक्षा सेवा समूह श्ख के 171 अफसरों के सर्विस रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। अभिलेखों की जांच परख के बाद स्क्रीनिंग कमेटी ने इनमें से आठ अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए शार्टलिस्ट किया। स्क्रीनिंग कमेटी ने अपनी सिफारिश मुख्य सचिव राजीव कुमार को भेजी है। उनके माध्यम से फाइल मुख्यमंत्री को जाएगी।

     

    राज्य के बारह हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही अयोग्य और अक्षम अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवा से हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिन भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है उनका पूरा ब्योरा विभिन्न विभागों से मांगा गया है। शासन-प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त बनाने को सरकार संकल्पबद्ध है।

  • बीएचयू ने अश्लील साइट्स पर रोक लगाने के लिए बनाई ऐप, अनुचित साइट्स पर जाते ही बजेगा भजन

    बीएचयू ने अश्लील साइट्स पर रोक लगाने के लिए बनाई ऐप, अनुचित साइट्स पर जाते ही बजेगा भजन

     

     

    वारणासी। उत्तर प्रदेश के बनारस हिंदू विश्विद्यालय ने बच्चों को पॉर्न साइड की चपेट में आने से रोकने के लिए एक फैसला लिया है। बनारस हिंदू विश्विद्यालय के न्यूरोलॉजिस्ट और उनकी टीम ने एक एप्लीकेशन विकसित की है, जिसके जरिए अनचाही साइट्स को ब्लॉग किया जा सकेगा। इस एप्लीकेशन को मौटे तौर पर छात्रों को अश्लील और गंदी साइट्स से दूर रखने के लिए बनाया गया है। विश्विद्यालय ने इस नए ऐप को ”हर हर माहदेव” नाम दिया है जो इंटरनेट पर उपलब्ध अश्लील सामग्री को ब्लॉक कर देगी। खबरों की माने तो इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद जैसे ही यूजर इंटरनेट पर अनुचित साइट पर जाएगा तब अपने आप ही धार्मिक गाना शुरू हो जाएगा।

    आईएसएल बीएचयू न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर विजय नाथ मिश्रा ने बताया कि हमने जो ऐप विकसित की है वो वेबसाइट ब्लॉक करने और इंटरनेट फिल्टरिंग में कारगार है। इसके जरिए कोई भी व्यस्क या आपत्तिजनक साइटों के खुलने के डर के बिना आराम से इंटरनेट पर सर्च किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि एप्लीकेशन को विकसित करने में लगभग छह महीने लगे है, जोकि आराम से करीब 3,800 पहचान की गई साइट्स को ब्लॉग करने में सक्षम हैं।

    मिश्रा ने कहा कि एप्लीकेशन में हम आगे भी काम करेंगे क्योंकि अश्लील साइट्स की तादाद रोज बढ़ रही है। डॉक्टर मिश्रा के मुताबिक अश्लील साइट्स की जगह पर हिंदू धार्मिक गीत बजने लगेगा, इसी के साथ हमारी योजना बाकि धर्मों के गीतों को भी इस एप्लीकेशन में शामिल करना है।  गौरतलब है कि ‘हर हर महादेव एप्लीकेशन’ को खासतौर पर यूनिवर्सिटी परिसर में पोर्न साइट्स, हिंसात्मक, अश्लील कंटेंट को ब्लॉक करने के लिए विकसित किया गया है। ये एक साथ सैकड़ों साइट्स को ब्लॉक करने में सक्षम है।





  • नही थम रहा वनो का अवैध कटान, काटे जा रहे फलदार एवं प्रतिबन्धित प्रजाति के वृक्ष

    अनिल कोबरा
    लखीमपुर खीरी । जुलाई अगस्त के महीनों में जब वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी पौधा रोपण करने में जुटे रहते है और वृक्षों के कटान के परमिट भी जारी नहीं किये जाते है, फिर भी वन माफिया क्षेत्रीय पुलिस एवं वन विभाग के कमर््िायों की सांठ-गांठ करके अवैध रूप से वनों की अवैध कटान करने में पूर्ण से सक्रिय है। वन माफिया रात के समय वनों का कटान करके सुबह तक काटी गयी लकड़ी उठान करवाकर उसे लकड़ी मण्डी स्थित आढ़तो पर बिक्रकी हेतु पहुँचा देते है, प्रभागीय वन अधिकारी को इस अवैध कटान की जानकारी समाचार पत्रों अथवा पत्रकारों द्वारा मिलने के बावजूद भी कोई ठोस कार्यवाही न करने से वनमाफियाअें के हौसले बुलनद है। उत्तर खीरी वन प्रभाग के निघासन मझगई, सिंगाही, धौरहरा, वन क्षघ्ेत्रों में अवैध कटान का कार्य अपने चरम पर है। इसकी जानकारी जब नवागत वन प्रभागीय वनाधिकारी डा0 अनिल कुमार पटेल दी गयी तो उनका जवाब बड़ा ही गैरजिम्मेदाराना लगा। डा0 पटेल से जब अवैध कटान पर बात की गयी तो उन्होनें कहा कि जब मुझे अवैध कटान की सूचना मिलती है तो उस पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही की जाती है इस पर जब प्रश्नकर्ता पत्रकार ने उनसे पूछा कि आपको अवैध कटान की जानकारी क्या अवैध कटान वाला देता है, इस पर श्री डा0 पटेल ने कहा कि चोर क्यों सूचित करेगा कि वह चोरी करने जा रहा है? आप लोगों के माध्यम से ही अवैध कटान की जानकारी मिलती रहती है जिस पर प्रभावी कार्यवाही की जाती है। डा0 पटेल से जब उक्त पत्रकार ने यह जानना चाहा कि वन विभाग का सबसे छोटा कर्मचारी वाचर क्या आपको कभी अवैध कटान की जानकारी नहीं देता हे डा0 पटेल ने अपनी कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की पत्रकार द्वारा यह पछे जाने पर आपके अधीन वन क्षेत्रों के प्रभारी, वन क्षेत्राधिकारी दो पेड़ों के कटान का परमिट बनाते है परन्तु वन माफिया दो पेड़ों की आंड़ में बीस पेड़ काट डालते है। अवैध रूप से काटे गये अतिरिक्त 18 पेड़ों का अवैध पैसा वन माफिया कटान करने से पूर्व ही वनक्षेत्राधिकारी को पहुँचा दिया जाता है, फिर भी यदि किसी माध्यम से अवैध कटान की सूचना जिलाधिकारी से होते हुए आप तक पहुँची है या सीधे आपकों दी जाती है तो आप अवैध रूप से काटी गयी लकड़ी का जुर्माना वसूल कर लकड़ी को वनमाफिया के हवाले कर देते है इस प्रकार वन माफिया यह सोच कर कि अदा किया गया जुर्माना किसी अन्य अधिकारी की जेब में जा रहा है, अतिरिक्त व्यय से हुए जुर्माने का भार वहन कर लेता है। क्या ऐसा कोई प्रावधान है कि अवैध रूप से काटी की गयी लकड़ी के साथ पकड़े गये कटान करने वालों, कटान करवाने वाले ठेकेदारों तथ अवैध कटान की लकड़ी खरीदने वाले आढ़तियों के विरूद्ध एक सख्त कानून बनाया जायें जायें जिससे अवैध कटान करने से पहले वनमाफिया सौ बार सोचे कि क्या वह अवैध कटान करने में फसने के बाद आने वाले संकट से बचाव कर पायेगा। इस पर डा0 पटेल बोले कि प्रावधान अथवा नियम कानून सरकार एवं साधन द्वारा बनायं जाते है जिन्हे हम लागू भर कर सकते है। डा0 पटेल से जब यह पूछा गया कि कटान परमिट जारी करने पूर्व कटान करवाने अथवा करने वाले व्यक्ति को उतनी ही नर्ह पौध का पोधारोपण करवाने का प्रावधान तो है जिसकी सिक्योरिटी भी जमा की जाती है क्या आप यह बता सकते है कि बीते वित्तीत्य वर्ष सहित वर्तमान वित्तीत्य वर्ष में कटान के लिये जारी किये गये पेड़ो की संख्या कितनी है? तथा उक्त काटे गये पेड़ों के स्थान पर कितनी नयी पौध लगायी गयी है और लगायी गयी उक्त पौध में से कितनी पौध जीवित है? इस प्रश्न के उत्तर में भी प्रभागीय वनाधिकारी ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि ये आंकड़े तुरन्त नहं बतायें जा सकते और अभी मुझे एक सप्ताह भी जनपद खीरी में आयें नहीं हुआ है। इस पर पत्रकार ने यह कहकर उक्त प्रभागीय वनाधिकारी पर एक प्रश्न और डाल दिया कि आप यह कहकर इससे मुक्ति नहीं पा सकते है क्योकि आप उत्तरी खीरी प्रभागीय वन क्षेत्र के शीर्षस्त अधिकारी है जिस प्रकार जिलाधिकारी यह कहकर आना बचान नहीं कर सकते कि अभी उन्हें चार दिन पहले जिले का चार्ज मिला हे अतः दहशत गर्भ नेपाल सीमा को पार कर भारत किस तरह आ गये तथा भारत नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी कौन क्यो और कैसे कर रहा है?

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    उत्तरी खीरी प्रभागीय वनाधिकारी खीरी को यह जानकारी देते हुए बताया कि निघासन धौरहरा वन क्षेत्र में प्लाईवुड बनाने के सर्वाधिक कारखाने है। प्लाई बनाने के लिये मुख्य रूप् से दो प्रजातियों के वृक्षों के विनियर प्रयुक्त किये जाने की अनुमति है फिर भी यूक्लिप्टस, पापुलर के अतिरिक्त सेमल एवं फलदार वृक्ष जामुन के विनियर किस आधार पर किया जाता है? इस पर सहमति व्यक्त करते हुए उक्त प्रभागीय वनाधिकारी डा0 पटेल ने स्वीकार किया कि वैसे तो प्लाईवुड कारखानों में पापुलर एवं यूक्लिप्टस के वृक्षों विनियर प्रयुक्त किये जाने चाहिए परन्तु सेमल तथा जामुन के वृक्षों विनियर का भी प्रयोग प्लाईवुड बनाने में किया जा रहा है इसकी जानकारी मुझे मिली है जिसके चलते निघासन तथा धौरहरा के प्लाईवुड कारखानों पर छापे मारी की गयी जिससे उक्त कारखानों में फिलहाल प्लाईवुड निर्माणकार बन्द है। प्रभागीय वनाधिकारी उत्तरी खीरी को उक्त पत्रकार द्वारा यह जानकारी भी दी गयी कि धौरहरा वन क्षेत्र के ग्राम मूसेपुर में अवैध रूप से काटी गयी सेमल के वृक्षों का अवैध रूप से भण्डारन किया जाता है जो क्षेत्रीय पुलिस सहित क्षेत्रीय वनाधिकारी के संज्ञान में रहता है। अवैध रूप से, प्रतिबन्धित प्रजाति की सेमल की लकड़ी यहाँ एकत्र करके रात के अंधेरे में प्लाईवुड कारखानों में पहुँचा दी जाती है यदि आप उक्त बताये गये स्थान के साथ निघासन एवं धौरहरा सहित मझगी स्थित प्लाईवुड छापेमारी करे तो वहाँ पर भारी मात्रा में सेमल एवं जामुन के वृक्षो के बोटे पाये जायेगें।

  • अखिलेश ने कसा बीजेपी पर तंज, कहा- बीजेपी का काम सिर्फ झगड़े लगवाना

    अखिलेश ने कसा बीजेपी पर तंज, कहा- बीजेपी का काम सिर्फ झगड़े लगवाना

     

     

    लखनऊ।  विधानसभा चुनावों के बाद यूपी में एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है। निकाय चुनाव में वापसी कर राज्य में दोबारा साईकल चलाने की सपा पुरजोर कोशिश कर रही है। इसी बीच सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादाव ने प्रेस वार्ता कर बीजेपी पर जमकर हमला बोला। अखिलेश ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती क्योंकि उसका काम सिर्फ नफरत फैलाना और झगड़े लगवाना है। बीजेपी के नेता सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कभी झाडू उठा लेते हैं तो कभी मास्क पहन लेते हैं। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी दूसरों पर आरोप लगाती है, लेकिन अब तो  पूरे उत्तर प्रदेश पर बीजेपी का ही राज है। 

    अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ज्यादातर बड़े शहरों में बीजेपी के ही मेयर हैं, लेकिन पिछले 15 साल से इन शहरो में से कूड़ा नहीं हटा। सिर्फ लोगों का ध्यान बटाने के लिए पहन लेते हैं मास्क उठा लेते हैं झाडू। यादव ने प्रदेश सरकार की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि आलू किसानों को कोई पूछने वाला नहीं हैं। गन्ना किसानों के बकाये पर पूरा भुगतान नहीं हो पाया। ऐसे में इस सरकार से क्या उम्मीद की जाए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने 23 महीने में एक्सप्रेसवे बनाकर तैयार कर दिया था। अब मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी है कि वो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द से जल्द करवाएं।

    उन्होंने कहा कि ये सरकार की जिम्मेदारी है,केन्द्र से पैसा मिल जाएगा, नीति आयोग भी सहयोग कर रहा है।  भाजपा कह रही थी कि हम बनारस को जोड़ देंगे। अयोध्या को जोड़ना चाहते थे लेकिन कम से कम शुरूआत तो करें। सपा प्रमुख ने कहा कि एक्सप्रेसवे बनेगा तो प्रदेश को लाभ होगा। मंडी बनेगी तो किसानों को सही दाम मिलेगा, अमूल और पराग जैसी दूध की डेयरियां खुलेंगी तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था अच्छी होगी। लैपटॉप बंटेंगे तो डिजिटल भारत की दिशा में हम आगे बढ़ेंगे। बसपा के साथ गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि हम सभी प्रयास कर रहे हैं कि गठबंधन हो और कोई रास्ता निकले,’हमारा रिश्ता किसी से खराब नहीं है। हम रिश्ता ठीक करने में सबसे आगे रहते हैं।





  • मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राजधानी में भाजपा महापौर प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया सहित एवं सभी पार्षदों को जिताने की अपील की

    देश के सबसे राज्य की राजधानी का स्वरूप देश के लिए माॅडल होगा: योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ,19 नवम्बर 2017। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भाजपा की महापौर प्रत्याशी Sanyukta Bhatia के समर्थन में राजधानी में की जनसभाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सबसे बडे राज्य की राजधानी का ऐसा स्वरूप होगा जो पूरे देश का रोल माॅडल बने। लखनऊ स्मार्ट सिटी के रूप में विकासित करने का भाजपा का लक्ष्य है। राजधानी के राजाजीपुरम् और अवध चैराहे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भाजपा महापौर व सभी पार्षद प्रत्याशियों को जिताने की अपील की।

    मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि पिछली सरकारों ने शरारत के तहत लखनऊ को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा। देश के सबसे बडे राज्य की राजधानी का जैसा स्वरूप होना चाहिए वैसा हम बनाएगें।

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    लखनऊ पूरे देश के लिए रोल माॅडल होगी

    गोमती अविरल और निर्मल होगी। पिछली सरकार में नगर निकायों को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया था। सपा-बसपा सरकारों ने शोषण किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने लखनऊ का प्रतिनिधित्व किया है। अटल जी कहा करते थे सिद्धान्त विहीन राजनीति फांसी का फंदा होती है। भाजपा सैद्धान्तिक राजनीति के साथ काम कर रही है। आठ माह की सरकार में प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया।

    पूरे प्रदेश में अबैध बूचड़खाने और अवैध खनन बंद हुआ है। हम अम्बेडकर जयन्ती से सभी जनपद मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 20 तथा ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे निर्बाध बिजली दे रहे है।

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    पहले बिजली वितरण में भेदभाव था। सत्ता के संरक्षण में माफिया व्यापारियों के संपत्ति पर काबिज थे। भय से व्यापारी पलायन करने पर मजबूर थे लेकिन अब कैराना जैसी घटना नहीं दोहराई जा सकती। अब अपराधी प्रदेश से पलायन कर रहे है।

    अपराधी पुलिस मुठभेंड में मारे जा रहे है। आधिकांश अपराधी जमानत रद्द करवाकर जेल जा रहे है। कुछ अपराधी दूसरे प्रदेश में आत्मसमप्र्रण कर रहे है, यह बताता है कि आज प्रदेश में कानून का राज है।

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    यूपी में रोजगार चाहिए तो निवेश का माहौल बनाना होगा, वो कानून के राज से ही सम्भव है। श्री योगी ने कहा कि सरकार ने बिजली की व्यवस्था बेहतर की, 20 लाख निःशुल्क बिजली कनेक्शन दिए। सभी 653 नगर निकायों में समक स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है।

    ईएसएल के माध्यम से स्ट्रीट लाइट लगाएगी। अयोध्या की दीपावली की तरह हर रोज निकाय जगमग होगें। पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित पुनर्वास के लिए सर्वे करा लिया गया है। इससे यातायात बेहतर बनाने की योजना है।

    40 लाख से अधिक लोगों को राशन कार्ड दिया गया हैं। पहले की सरकार ने कांवड़ यात्रा में माइक शंख, घंटे बजाने की पाबंदी के लिए बैठक बुलाई, लेकिन इस सरकार ने साफ कर दिया माइक भी बजेगा, घंटे भी बजेंगे, और हेलीकाप्टर से पुष्प भी बरसेंगे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा की लखनऊ महापौर प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया सहित सभी पार्षदों को भारी बहुमत से जिताने की अपील की।

    इस दौरान दोनों सभाओं में प्रमुख रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता लाल जी टण्डन, प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया, प्रदेश मंत्री गोबिन्द नारायन शुक्ला, मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, नरेन्द्र सिंह राणा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मान सिंह, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा एवं आनन्द द्विवेदी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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  • स्कूल में यूनिफॉर्म की जगह जींस पहनकर जाना पड़ा छात्रों को मंहगा, प्रबंधन ने चलाई कैंची

    स्कूल में यूनिफॉर्म की जगह जींस पहनकर जाना पड़ा छात्रों को मंहगा, प्रबंधन ने चलाई कैंची

     

     

    कानपुर। कानपुर के एक स्कूल का शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां कानपुर में छात्रों को जींस पहनकर स्कूल जाना बेहद भारी पड़ गया। स्कूल में यूनिफॉर्म का जह जींस पहनकर जाने पर प्रबंधन ने छात्रों को ऐसी सजा दी कि वो खून में नहा गए। आरोप है कि प्रबंधन ने छात्रों को अपने ऑफिस में बुलाकर छात्रों के जींस पर कैंची चला दी। कैंची इतनी तेज थी कि जींस के साथ एक छात्र की टांग भी कटती चली गई और वो जख्मी हो गया। छात्र के पैर से खून बहने लगा।

    kanpur

    बता दें कि घटना कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र का है। यहां अंबेडकर इंटर कॉलेज में 11वीं क्लास में पढ़ने वाले तीन छात्र अनुज, अजय और राम ड्रेस गंदी होने के कारण स्कूल में जींस पहनकर चले गए. ऐसा देखकर स्कूल प्रबंधक महेंद्र कटियार का पारा चढ़ गया और उन्होंने तीनों छात्रों को अपने ऑफिस में बुलाकर उनकी जींस पर कैंची चला दी.

    इससे छात्र अनूप गंभीर रूप से घायल हो गया. उसके शरीर से खून निकलने लगा. जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने छात्र का इलाज कराना भी मुनासिब नहीं समझा और चपरासी की मदद से उसे घर भेज दिया. छात्र के घरवाले ये सब देखकर सहम गए. जिसके बाद उन्होंने पुलिस स्टेशन जाकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

    पुलिस का कहना है आरोपी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया है. इस घटना से इलाके में स्कूल के खिलाफ आक्रोश बना हुआ है.





  • फिल्म पद्मावती को लेकर विरोधों का दौर जारी

    फिल्म पद्मावती को लेकर विरोधों का दौर जारी

     

     

    फतेहपुर। संजय लीला भंसाली का जौहर यानी पद्मावती के नाम पर भड़का बवाल शांत नहीं हो रहा है। रानी पदमावती के सम्मान में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में महिलाएं व वकील सड़को पर उतर आए। और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौप फ़िल्म के निर्माता निर्देशक का कड़ा विरोध करते हुए नारे बाजी की और चेतावनी दी कि यदि फ़िल्म को रिलीज किया गया तो सिनेमा घरों में आग लगाकर बवाल करने की धमकी दी है।

    सड़को में आंदोलन कर विरोध कर रहे इन लोगो ने तीखे लहजे में कहा कि प्रदेश सरकार को ऐशी फ़िल्म के रिलीज होने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। जो क्षत्रियो के सम्मान को आहत करने वाली फ़िल्म में रानी पदमावती के इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। जो निहायत गलत है इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही भी की जानी चाहिए।

    फ़िल्म के निर्माता निर्देशक के खिलाफ नारे बाजी कर रही महिलाओं ने तो यहाँ तक चेतावनी दी कि यदि विरोध के बावजूद भी फ़िल्म को रिलीज किया गया तो सिनेमा घरों में बवाल किया जाएगा। लेकिन फ़िल्म को किसी भी दशा में चलने नही दिया जाएगा वकीलों ने भी विरोध करते हुए साफ किया कि इस मामले में यदि सरकार कार्यवाही नही करती तो वकील भी सड़क में उतर कर विरोध करेगे ।





  • नाराज भीड़ ने 10 साल की बच्ची के साथ रेप करने वाले आरोपियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

    नाराज भीड़ ने 10 साल की बच्ची के साथ रेप करने वाले आरोपियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

     

     

    भोपाल। भोपाल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक दस साल की बच्ची से रेप करने के आरोपियों को बीते शुक्रवार को जहांगीराबाद बाजार में भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस उन्हें घटनास्थल की तस्दीक कराने पैदल लेकर पहुंची थी। तभा वहां वो लोगों के गुस्से का शिकार हो गए। पुलिस ने जहांगीराबाद से पाचवीं के छात्रा से पिछले कुछ माह से दुष्कर्म करने के आरोप में बीते गुरूवार को एक महिला सुमन सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

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    बता दें कि आरोपियों में एक 67 साल का नन्नू दादा भी शामिल था। जो चौकीदारी करता था। इसके अलावा ज्ञानेंद्र पंडित ड्राइवर और गोकुल चौरसिया पान की दुकान चलाता है। बच्ची का कहना है कि सुमन आंटी उसे घर में चाकलेट का लालच देकर कमरे में बंद कर देती थी। इसके बाद आरोपी उसके साथ गंदा काम करते थे। बताया जाता है कि इस मामले में पुलिस घटनास्थल की तस्दीक कराने आरोपियों को लेकर उस कमरे पर गई थी,जहां आरोपी बच्ची के साथ दुष्कर्म करते थे।

    तभी सीएसपी जहांगीराबाद भारतेंदु शर्मा ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया,जहां से सुमन को जेल भेज दिया गया। शेष आरोपियों को भी जेल वारंट जारी हो गया, लेकिन मेडिकल में देर होने के कारण उन्हें जेल दाखिल नहीं किया जा सका। शनिवार को तीनों को जेल भेज दिया जाएगा। 12 वर्षीय बालिका का रेप का आरोपी गोकुल चौरसिया की जहांगीराबाद थाने के पास पान के ठेले पर गुस्साए स्थानीय लोगों ने आग लगाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे सीएसपी भारतेंदु शर्मा ने नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अमले को बुलाकर गुमठी को उठावा लिया।