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  • अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बोला हमला , कहा भाजपा इन कारणों से हारेगी !

    लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि यह नगर निकाय चुनाव २०१९ में होने वाले लोकसभा चुनाव का परिणाम तय करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के सात माह के कार्यकाल से खुश नहीं है। यही नाखुशी भाजपा को इस नगर निकाय चुनाव में सबक सिखाएगी। नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा की पराजय से ही वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इस पार्टी को केन्द्र की सत्ता से बेदखल होने का रास्ता साफ होगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से कहा कि वे इन स्थानीय निकाय के चुनावों को कड़ी चुनौती मानकर एकजुटता से समाजवादी पार्टी के सभी प्रत्याशियों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं, ताकि बीजेपी समेत अन्य पार्टिंयों के एक संदेश मिल सकते कि सपा फिर से सत्ता में लौटेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की जीत फांसीवादी तथा साम्प्रदायिक राजनीति की पराजय होगी।

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    उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में जीत से देश-प्रदेश में स्वच्छ और नैतिक राजनीति को बल मिलेगा। विघटनकारी ताकतों को स्थानीय निकाय चुनावों में पराजित करने से ही वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को केन्द्र की सत्ता से बाहर करने का मार्ग प्रशस्त होगा। अखिलेश यादव ने कहा कि नगर निकाय चुनावों के परिणाम 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए संकेत होंग। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेशयादव ने कहा कि पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार ने पांच सालों के अपने कार्यकाल में शहरों और गांवों के विकास के लिए संतुलित योजनाएं लागू की थीं। हमारी सरकार की उपलब्धियों के सामने भाजपा की सात माह पुरानी योगी सरकार ने एक भी काम ऐसा नहीं किया, जिसका उल्लेख किया जा सके। सपा सुप्रीमो ने कहा कि जनता की निगाह में समाजवादी सरकार का काम बोलता है, इसलिए स्थानीय निकाय के चुनावों में सपा जनता के भरोसे अपनी जीत के लिए आश्वस्त है। अखिलेश ने कहा कि हम इस निकाय चुनाव में जीत दर्ज कर स्वच्छ राजनीति को बल देंगे।

  • BJP मंत्रियों के लिए जानिये क्या है अच्छी खबर !

    दस करोड़ तक के प्रोजेक्ट को देगे मंजूरी

    लखनऊ।. यूपी की कैबिनेट बैठक में आज कई अहम फैसला लिए गए व कई फैसलों पर मुहर लगाई गई। लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक की अगुवाई सीएम योगी ने की। बैठक में केशव प्रसाद मौर्या, दिनेश शर्मा व महेंद्रनाथ पांडे समेत भाजपा के कई वरिष्ट नेता मौजूद रहे। इसमें इलाहाबाद में होने वाले कुंभ मेले को ध्यान में रखा गया। वहीं सहारपुर में बनने वाली सड़क के लिए दिए जाने वाले अनुदान पर भी चर्चा हुई। सहकारिता में कार्यकाल पूरे हुए अध्यक्षों को हटाकर प्रशासक नियुक्त- सरकारी समीतियां जिनका कार्यकाल खत्म हो गया है उनमें प्रशासनिक अधिकार प्रशासक होंगे। जिन सहकारी समितियों का कार्यकाल खत्म हुआ वहां अगले चुनाव तक सहकारिता विभाग प्रबंधन देखेगा। सहारनपुर में सड़क बननी थी उसमें केंद्र व राज्य दोनों मिलकर अपना अनुदान देंगे। यूपीडा की सहारनपुर-मेरठ हाईवे प्रोजेक्ट  NHAI  को दिया गया है। प्रोजक्ट की लाइबिलिटी सिर्फ NHAI ही नही यूपी सरकार की भी होगीं। मंत्रियों के बजट अधिकार बढ़ाए गए हैं- सभी मंत्री अब 1० करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट मंजूरी दे सकेंगे। इससे पहले मंत्री 5 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे सकते थे। वहीं 10-25 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के लिए वित्त मंत्री अधिकृत होंगे। 25 करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट की फाइल सीएम को जाएगी। गन्ना किसानों का मूल्य बढ़ाया गया- गन्ना परsap को प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। कुम्ब मेला को देखते हुए इलाहाबाद में तीन अंडर पास बनाए जाएंगे। पिछले कैबिनेट मीटिंग में पास हुए थे जिलों में कमर्शियल अदालतों के गठन का प्रस्ताव पास हुआ। वहीं लकड़ी से जुड़े उद्योगों को बढ़ावे का प्रस्ताव पास हुआ। चांद खमरिया मजा में काला हिरण संरक्षण क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मंजूरी 9 स्थानों को किया गया। चिन्हित पहले चरण में लखीमपुर एयरस्ट्रिप का पुनर्निर्माण का प्रस्ताव पास। उपसा की सहारनपुर सड़क में दो GO समाप्त 20 फीसदी राज्यांश को GFP माना जायेगा। सोशल मिडिया सेल लोकभवन में बनेगा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का प्रस्ताव पास।

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           40 सालों से विकास की राह देख रहा है फतेहपुर का एक गांव

  • देश में ऐतिहासिक अगोरी किला घूमने आए एक और विदेशी नागरिक के साथ मारपीट

    देश में ऐतिहासिक अगोरी किला घूमने आए एक और विदेशी नागरिक के साथ मारपीट

     

     

    सोनभद्र। पिछले दिनों फतेहपुर सीकरी में एक विदेशी कपल पर हमले का मामला सामने आया था। जिसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। उसके बाद अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभ्रद में एक विदेशी नागरिक को पिटने का मामला सामने आया है। बीते शनिवार को यहां घुमने आए ऐतिहासिक अगोरी किला घुमने आए जर्मन नागरिक एरिक विली की राबर्ट्सगंज रेलवे पर पिटाई हुई है। पिटाई करने वाला भी कोई और नहीं बल्कि रेलवे का इंजीनियार बताया जा रहा है। जर्मन नागरिक एरिका विली वारणसी से पहले उड़ीसा और उसके बाद कन्याकमारी के रास्ते में था। लेकिन बीते शुक्रवार वो रॉबर्ट्सगंज में उतर गया और वहां अगोरी किला देखने चला गया।

    Sonbhadra district

    बता दें कि विदेशी वर्यटक का आरोप है कि जब वो किला घुमकर लौट रहा था और ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचा तो वहां अमन नाम का एक लड़का उसके पास आया और उसने बहुत ही भद्दे तरीके से उसे वेलकम इंडिया कहा। साथ उस शख्स ने शराब भी पी हुई थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच हाथापाई हो गई और थोड़ी ही देर में वो मारपीट में बदल गई।

    वहीं जानकारी के मुताबिरक मारपीट के दौरान दोनों को चोट भी आई। खुद को रेलवे इंजीनियर बताने वाले अमन ने विदेशी नागरिक पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने उसके वेलकम टू इंडिया कहने को गलत तरीके से लिया और उसके मुंह पर घूंसा जड़ दिया इतना ही नहीं उसने उसके मुंह पर थूका भी। जिसके बाद दोनों में मारपीट होने लगी। जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने में जुटी है दूसरी तरफ लगातार विदेशी पर्यटकों के साथ हो रही दुर्व्यवहार की घटनाएं सवालिया निशान खड़ा कर रही हैं कि पर्यटकों को लेकर उत्तर प्रदेश कितना सुरक्षित और संजीदा है।





  • LED बल्ब: रोशनी का काला धंधा

    सतीश सिंह
    भले ही देश में लाइट एमिटिंग डियोड्स (एलईडी) बल्ब का बाजार दस हजार करोड़ रुपये से ऊपर चला गया है, लेकिन धीरे-धीरे यह काले कारोबार में तब्दील हो रहा है, जो निश्चित रूप से चिंता की बात है.मौजूदा समय में एलईडी बल्ब का बाजार नकली उत्पादों से भरा पड़ा है. कंपनियां इसे मुनाफा कमाने का एक बड़ा साधन मानकर चल रही हैं. इलेक्ट्रिक लैंप एंड कंपोनेंट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (एलकोमा) की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2010 में एलईडी लाइटिंग का भारतीय बाजार महज 500 करोड़ रु पये का था, जो अब बढ़कर 10 हजार करोड़ रु पये का हो गया है. यह 22 हजार करोड़ रु पये की पूरी लाइटिंग इंडस्ट्री का लगभग 45 प्रतिशत से भी ज्यादा है. दरअसल, एलईडी बल्ब में विद्युत ऊर्जा की कम खपत होती है और इसकी रोशनी पारंपरिक बल्ब से ज्यादा होती है.

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    1000-500 के पुराने नोट रखने वालों पर सरकार नहीं करेगी कार्रवाई

    फिर भी यह आंखों को नहीं चुभती है, जिसके कारण इसकी लोकप्रियता में तेजी से इजाफा हो रहा है. वैश्विक स्तर की ख्यातलब्ध एजेंसी नीलसन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि घरेलू बाजार में उपलब्ध एलईडी बल्ब के 76 और एलईडी डाउनलाइटर के 71 प्रतिशत ब्रांड सुरक्षा मानकों के अनुकूल नहीं हैं. गौरतलब है कि ये मानक भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रसारण मंत्रालय ने तैयार किए हैं. नीलसन ने अपने सर्वेक्षण में दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में बिजली के उत्पादों की खुदरा बिक्री करने वाली 200 दुकानों के एलईडी बल्बों को नमूने के तौर पर शामिल किया था. एलकोमा के अनुसार बीआईएस मानकों के उल्लंघन के सबसे ज्यादा मामले दिल्ली में देखे गए हैं. एलकोमा की मानी जाए तो अधिकृत मापदंडों पर खरा नहीं उतरने वाले उत्पादों से उपभोक्ता गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं. अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) द्वारा 14 जून 2016 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार एलईडी द्वारा निकलने वाली रोशनी मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है. नकली उत्पाद से जोखिम की गंभीरता और भी ज्यादा बढ़ जाती है.।
    दूसरी तरफ नकली उत्पादों को बेचने से सरकार को भारी-भरकम राजस्व का नुकसान हो रहा है. देखा जाए तो नकली एलईडी बल्ब के कारोबार से सरकार के श्मेक इन इंडिया्य संकल्पना को भी नुकसान हो रहा है. उल्लेखनीय है कि अगस्त, 2017 में बीआईएस ने एलईडी बल्ब निर्माताओं को उनके उत्पाद के सुरक्षा जांच के लिए बीआईएस में पंजीकृत कराने का निर्देश दिया था, लेकिन कंपनियां इस आदेश की अनदेखी कर रही हैं. एलईडी बल्ब के काले कारोबार में बढ़ोतरी का एक बहुत बड़ा कारण भारतीय बाजार का चीन के उत्पादों से भरा हुआ होना भी है. आज की तारीख में एलईडी बल्ब बड़े पैमाने पर चीन से भारत गैर कानूनी तरीके से लाई जा रही है.

    सर्वेक्षण के मुताबिक एलईडी बल्ब के 48 प्रतिशत ब्रांडों पर बनाने वाली कंपनी का पता दर्ज नहीं है, जबकि 31 प्रतिशत ब्रांडों की पैकिंग पर कंपनी का नाम नहीं लिखा है. साफ है, इनका निर्माण गैर-कानूनी तरीके से किया जा रहा है. इसी तरह एलईडी डाउनलाइटर्स के मामले में भी 45 प्रतिशत ब्रांडों की पैकिंग पर निर्माता का नाम दर्ज नहीं है और 51 प्रतिशत ब्रांडों के उत्पादों पर कंपनी का नाम नहीं लिखा हुआ है. नीलसन के रिपोर्ट के अनुसार सर्वे में शामिल दिल्ली में बिकने वाली एलईडी बल्ब की तकरीबन तीन-चैथाई ब्रांड बीआईएस मानकों के अनुरूप नहीं हैं. एलईडी डाउनलाइटर्स के मामले में भी लगभग ऐसी ही स्थिति है. वर्तमान में घर, बाजार और दफ्तर में धड़ल्ले से एलईडी बल्ब का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसी वजह से रोशनी के बाजार में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर आज 50 प्रतिशत हो गई है.
    हाल ही में सरकार ने “उजाला” योजना के तहत देशभर में 77 करोड़ पारंपरिक बल्बों की जगह एलईडी बल्ब इस्तेमाल करने का लक्ष्य रखा है. इस आलोक में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने आपूर्ति करने वाले निर्माताओं या डीलरों को श्स्टार रेटिंग्य वाले एलईडी बल्ब की आपूर्ति करने का निर्देश दिया है, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े. कहा जा सकता है कि मौजूदा परिदृश्य में सरकार को नकली एलईडी बल्बों के प्रसार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए. खास करके चीन से गैरकानूनी तरीके से आने वाली नकली एवं बिना ब्रांड वाले उत्पादों पर. नकली या बिना ब्रांड वाले एलईडी बल्ब ईमानदार कारोबारियों, सरकार एवं उपभोक्ताओं सभी के लिए नुकसानदेह है, क्योंकि कारोबारियों एवं सरकार को तो इससे सिर्फ आर्थिक नुकसान ही हो रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य इससे खतरे में है.

  • यूपी में गोमांस का एक तिनका भी निर्यात नहीं होता: योगी आदित्यनाथ

    यूपी में गोमांस का एक तिनका भी निर्यात नहीं होता: योगी आदित्यनाथ

     

     

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरक्षा सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गोमांस का निर्यात पूर्णतः प्रतिबंधित है। यहां से एक तिनका भी गोमांस का निर्यात नहीं होता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह पहली सरकार है जिसने अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों को बन्द करने का काम किया है। वह सरस्वती कुंज निरालानगर के माधव सभागार में विश्व हिन्दू परिषद के गोरक्षा विभाग द्वारा आयोजित गौरक्षा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    yogi adityanath

    बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब गौ हत्या करने वालों की जगह जेल में होगी। इसके अलावा प्रदेश की गोचर भूमि को चिन्हित कर भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने का काम सरकार करेगी। सरकार ने एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन कर 45 हजार हेक्टेयर भूमि को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक-एक परिवार के साथ एक-एक गौ-वंश को जोड़ने की जरूरत है। गौ-वंश को जैविक खेती के साथ जोड़ सकते हैं। सरकार प्रदेश भर में गौ-शाला खोलेगी लेकिन उसके संचालन का दायित्व स्थानीय कमेटियों को उठाना पड़ेगा।

    वहीं सम्मेलन में देशभर के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में गौरक्षा विभाग के संगठन मंत्री खेमचन्द्र शर्मा, विहिप के केन्द्रीय मंत्री हुकुमचंद सांवला, राजेन्द्र सिंघल, संतराम गोयल, विहिप के केन्द्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पुरूषोत्तम नारायण सिंह, जितेन्द्र पाण्डेय प्रमुख रूप से उपस्थित थे।





  • फिर हुई विदेशी मेहमान के साथ अभद्रता, सोनभद्र में हुई मारपीट

    फिर हुई विदेशी मेहमान के साथ अभद्रता, सोनभद्र में हुई मारपीट

     

     

    नई दिल्ली। विदेशी पर्यटकों के साथ अभद्रता के अलावा मारपीट की घटना लगातार प्रकाश में आ रही है। हाल में ही आगरा से फतेहपुर सीकरी घूमने आये स्विस कपल के साथ स्थानीय लोगों ने जहां मारपीट की वहीं बत्तमीजी भी की थी। इस मामले में सरकार के साथ स्थानीय प्रशासन की खूब किरकिरी हुई थी। अभी ये मामला शांत हुआ ही था कि सोनभद्र के राबर्टगंज स्टेशन पर एख विदेशी नागरिक के साथ पिटाई का मामला सामने आ गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। मौके से पुलिस ने एक स्थानीय नागरिक को हिरासत मे ले लिया। इसके बाद वह विदेशी नागरिक और आरोपी को लेकर थाने आ गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने आपको रेलवे का इंजीनियर बता रहा है। उसका कहना है कि उसने इनको वेलकम टू इंडिया कहा था। जिसके बाद विदेशी नागरिक ने उसको घूंसा मारा और उसके ऊपर थूका । जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विदेशी नागरिक की पिटाई कर दी।

    जानकारी के मुताबिक विदेशी नागरिक जर्मनी का रहने वाला है। वह सोनभद्र के पास अगोरी किला घूमने आया था। यहां पर स्टेशन में आरोपी से उसकी कुछ कहा सुनी हो गई। जिसके बाद आम लोगों ने जमकर विदेशी नागरिक की पिटाई कर दी। इस घटना की सूचना स्टेशन मास्टर ने पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। लेकिन जब आरोपी ने अपने आपको रेलवे का कर्मचारी बताया तो पुलिस ने उसे जीआरपी के सुपुर्द कर दिया है।





  • Pradyumn की हत्या का राज खोला सीबीआई ने: जानिये किसने किया मार्डर ?

    नयी दिल्ली.। गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशलन स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की हत्या मामले में नया खुलासा हुआ है. मामले की जांच कर रही सीबीआई ने बताया है प्रद्युम्न की हत्या स्कूल के ही एक छात्र ने की है. सीबीआई के मुताबिक आरोपी छात्र ने स्कूल की परीक्षा और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग टालने के लिए प्रद्युम्न की हत्या की. आरोपी छात्र 11वीं क्लास में पढ़ता है. सीबीआई ने इसे कल रात को ही गिरफ्तार कर लिया था. आज इसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा.

    CBI ने बताया परीक्षा टालने के लिए 11वीं के छात्र ने की प्रद्युम्न की हत्या

    सोहना का रहने वाला है आरोपी छात्र
    सीबीआई ने बताया कि आरोपी छात्र सोहना का रहने वाला है. जांच एजेंसी ने कल रात इसे सोहना के डिफेंस कॉलोनी से गिरफ्तार किया. सीबीआई ने प्रदुमन की हत्या में पकड़े गए छात्र को किग्जवें कैंप में सेवा धाम में रखा गया है. अब उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा. ब्ठप् के मुताबिक पहले दिन से ही उसे शक हुआ जब इस छात्र के बयान में बहुत विरोधाभास दिखा. इसने ही प्रद्युम्न को सबसे पहले देखा था और सूचना दी थी.
    सोहना में वकीलों का हंगामा, कर सकते हैं हड़ताल
    प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में सीबीआई ने 11वीं के जिस छात्र को गिरफ्तार किया है वह हरियाणा के सोहना का रहने वाला है. सीबीआई ने उसे सोहना से ही पकड़ा है, स्कूल से गिरफ्तारी नहीं हुई है. डिफ्फेंस कॉलोनी में रहने वाले इस छात्र के पिता एडवोकेट हैं. वकील के बेटे की गिरफ्तारी पर सोहना के वकीलों ने हंगामा करना शुरू कर दिया है. प्राप्त सूचना के मुताबिक वकील हड़ताल पर जा सकते हैं.

    बस कंडक्टर को क्लीन चिट नहीं
    सीबीआई ने पकड़े गए आरोपी अशोक को क्लीन चिट नहीं दी है. वह अभी भी जांच में शामिल है. उसे गुड़गांव की अदालत में पेश किया जाएगा. वहीं सीबीआई ने प्रद्युम्न के साथ यौन उत्पीड़न की बातों को नकार दिया और कहा कि प्रदुमन के साथ कोई सेक्सुअल नहीं हुआ था.

    पुलिस की थ्योरी पर सीबीआई की चुप्पी
    सीबीआई ने हरियाणा पुलिस की थ्योरी पर भी चुप्पी साध ली है. सीबीआई आरोपी छात्र को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. वहीं ये भी बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र पढ़ाई में कमजोर था
    गौरतलब हो कि दो माह पूर्व 8 सिंतबर को स्कूल के बाथरूम में कक्षा 2 के छात्र को बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी. अभिवभावकों के विरोध और माता-पिता की मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जांच सीबीआई को सौपीं थी. गुरुग्राम पुलिस ने मासूम की हत्या में स्कूल के बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था.

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  • सुबह-ए-बनारस का आडवानी ने उठाया लुफ्त

    सुबह-ए-बनारस का आडवानी ने उठाया लुफ्त

     

     

    वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी ने अपना 90 वां जन्मदिन बाबा विश्वनाथ की नगरी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मनाया। वैसे तो आने वाली 8 नवम्बर को लालकृष्ण आडवानी का जन्मदिन पड़ता है। लेकिन शनिवार को देव दीपावली का लुफ्त उठाने के बाद यहां पर ही उन्होने अपने जीवन का 90 वां जन्मदिन दीपों के बीच मनाया। इसके बाद सुबह काशी का लुफ्त उठाते नजर आये। पार्टी के मार्गदर्शक मंजल के सदस्य और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवानी ने देर रात देव दीपावली का लुत्फ उठाने के बाद सुबह बनारस का नजारा लेने का आनंद भी उठाया। इसके लिए वो भो में ही वाराणसी के भैंसासुर घाट आ पहुंचे थे।

    ठीक सूर्योदय के समय लालकृष्ण आडवानी भैंसासुर घाट पहुंच गए। सूत्रों की माने तो आडवानी की दिली इच्छा थी कि सुबह-ए-बनारस का नजारा देखा जाए इसके लिए उन्होने कई तैयारियां की थी। पहले ही सूर्योदय का समय पता किया था। ठीक सूर्योदय के समय वो इस नजारे को देखने पहुंच गए। भाजपा का ये दिग्गज कल शाम को बाबा की नगरी में देव दीपावली का नजारा देखने गंगा घाट तक आ पहुंचा। गंगा घाट पर देवताओं के स्वागत के लिए दीपों की कतारों को देख आडवानी बाग-बाग हो गए।

    पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में आडवानी का ये दौरा काफी चर्चा में भी है। इस दौरान उन्होने मोटरबोट में सवारी करते हुए इस प्राचीन शहर की इमारतों मंदिरों और भवनो का नजारा देखा। इसके साथ ही उन्होने गंगा की महाआरती का भी आनंद उठाया। इस दौरे में उनकी पुत्री प्रतिभा आडवानी भी मौजूद रहीं। समर्थकों में भैसासुर और खिड़किया घाट पर एक अदभुद रंगोली बनाई जिसमें लिखा था , श्री एल के आडवानी 90 इयर्स इसके साथ ही अपने जन्मदिन के पहले ही आडवानी ने अपना औपचारिक जन्मदिन मनाया। इस दौरान महामंडलेश्वर संतोष दास, पुत्री प्रतिभा, निजी सहायक दीपक चोपड़ा, भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य अशोक धवन, आदि मौजूद रहे।





  • अयोध्या नगर निगम के चुनावी समर से सीएम योगी भरेंगे हुंकार

    अयोध्या नगर निगम के चुनावी समर से सीएम योगी भरेंगे हुंकार

     

     

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर चुनावी घमासान शुरू हो गया है। पार्टियों के बीच अभी जंग का ऐलान होना बाकी है इसके पहले राजनीतिक दलों में टिकटों को लेकर माथापच्ची का दौर जारी है। सूबे में वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ और अयोध्या का दांव भाजपा के लिए खेलना सबसे भारी है। इन सीटों के लिए पार्टी के भीतर मंथन का दौर जारी है। अभी तक पार्टी ने इन सभी के साथ केवल 5 नामों की घोषणा की है। जिसमें अयोध्या की सीट से ऋषिकेश उपाध्याय को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं योगी के शहर गोरखपुर की सीट पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हो गई थी, इसलिए पार्टी ने वहां पर सासाराम जायसवाल के नाम पर मुहर लगा दी है।

    इसके साथ ही कानपुर से प्रमिला पान्डेय के नाम की घोषणा हुई है। तो आगरा से नवीन जैन का टिकट फाइनल किया गया है। वहीं पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्षा कामना कर्दम को मेरठ से टिकट दिया गया है। यानी पार्टी ने माथपच्ची कर केवल अभी पांच नाम तय किए हैं। सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ के सामने ये पहली अग्नि परीक्षा होगी। इसके साथ ही नए प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पान्डेय के लिए भी ये 2019 की तैयारी के पहले का सबक होगा।

    पहली बार नगर निगम बनी रामनगरी अयोध्या के लिए भाजपा के पास 51 प्रस्ताव आये थे। जिसमें कई पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल थे। लेकिन सूत्रों की माने तो अन्तिम लिस्ट में केवल 3 नामों के बारे में विचार करना था। जिसमें ऋषिकेश उपाध्याय के साथ अभिषेक मिश्र और राजीव दास का नाम था। लेकिन संघ के दबाव पर भाजपा ने अपने पुराने संघ और भाजपा के कार्यकर्ता रहे शिक्षा के क्षेत्र में फैजाबाद और अयोध्या में कई बड़े कामों को कर रहे ऋषिकेश की स्वच्छ और साफ छवि देखते हुए । उनके नाम पर मुहर लगाई है। इसके साथ ही अब बताया जा रहा है कि सीएम योगी अयोध्या से ही नगर निकाय चुनाव के रण का बिगुल 15 नवम्बर को फूंकने आ रहे हैं।





  • लखनऊ के पीएसी मुख्यालय में होगी पैरा मिलट्री फोर्स की अहम बैठक

    लखनऊ के पीएसी मुख्यालय में होगी पैरा मिलट्री फोर्स की अहम बैठक

     

     

    लखनऊ। राजधानी लखनऊ में पैरा मिलट्री फोर्स की अहम बैठक सोमवार को पीएसी मुख्यालय में आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में महानिरीक्षक और उपमहानिरीक्षक सहित सभी कमांडेन्ट सेक्टर और प्रदेश के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक में पीएसी स्थपना दिवस की तैयारियों को लेकर चर्चा की जायेगी। इसके अलावा सीडीआरएफ के गठन को लेकर अहम वार्तालाप अधिकारी करेंगे।

    Para Military meeting

    बता दें कि इसको मद्देनजर प्रदेश स्तर के सभी पीएसी कमांडेंट के अधिकारियों को बुलाया गया है। यहां पर आये पदाधिकारी पीएसी के उपलब्धियां और किस परिस्थितियों में काम करते है। इन सब की जानकारी भी दी जायेगी। ताकि देश की रक्षा के लिए फोर्स में जाने के लिए परिवार के लोग अपने बच्चों को न रोकें। इस बैठक का आयोजन आरके विश्वकर्मा ने किया है और सभी प्रदेश के पदाधिकारी सहित कमांडेन्ट अधिकारियों को बुलाया गया है।