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  • बाबा काल भैरव मंदिर: केक काटने पर रोक और नए नियम

    बाबा काल भैरव मंदिर: केक काटने पर रोक और नए नियम

    बाबा काल भैरव मंदिर में केक काटने पर रोक: विवादों में घिरा काशी का प्रसिद्ध मंदिर

    क्या आप जानते हैं काशी के प्रसिद्ध बाबा काल भैरव मंदिर में अब केक नहीं काटा जा सकता? जी हाँ, हाल ही में मंदिर में हुई एक घटना के बाद यह फैसला लिया गया है। इस फैसले के पीछे की कहानी जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे! आइये जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    हाल ही में एक महिला मॉडल ने बाबा काल भैरव मंदिर के गर्भगृह में केक काटकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मंदिर के पुजारियों पर पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा देने और सनातन परंपरा को ठेस पहुँचाने का आरोप लगा। यह घटना मंदिर प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई। वीडियो में दिखाई दे रही महिला का जन्मदिन भी था, और उसने मंदिर में केक काटकर उसे बाबा काल भैरव को अर्पित करने का प्रयास किया था।

    विवाद और आलोचनाएँ

    सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद कई लोगों ने इस घटना की आलोचना की और इसे सनातन धर्म की परंपराओं के खिलाफ बताया। कुछ लोगों का मानना था कि मंदिर में इस तरह के कृत्य करना अशोभनीय है। मंदिर प्रशासन पर आरोप लगे कि पैसे लेकर दर्शन कराया गया था और मंदिर के नियमों का उल्लंघन किया गया।

    मंदिर प्रबंधन का फैसला: केक पर रोक

    इस विवाद के बाद, बाबा काल भैरव मंदिर के महंत परिवार और प्रबंधन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने मंदिर में केक काटने पर पूरी तरह से रोक लगा दी। इतना ही नहीं, अब मंदिर के गर्भगृह में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी प्रतिबंधित कर दी गई है। इस फैसले का काशी विद्वत परिषद ने स्वागत किया है।

    बदले हुए नियम

    अब मंदिर में विशेष उत्सवों पर केक की जगह लड्डू और प्रसाद का भोग लगाया जाएगा। यह फैसला मंदिर की पवित्रता और परंपराओं को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। साथ ही, विशेष दर्शन के लिए ली जाने वाली दक्षिणा को लेकर भी सफाई दी गई कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की लागत को ध्यान में रखा जाता है।

    आगे की रणनीति और निगरानी

    मंदिर प्रबंधन का कहना है कि गर्भगृह में आने वाले भक्तों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोहराई न जा सकें। यह कदम मंदिर की पवित्रता और परंपराओं की रक्षा के लिए उठाया गया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिर के नियमों का पालन करें और धार्मिक स्थलों का सम्मान करें।

    फोटोग्राफी पर प्रतिबंध

    पूरे मंदिर परिसर में फोटोग्राफी पर रोक लगाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि धार्मिक अनुष्ठानों में किसी प्रकार का व्यवधान न हो।

    विद्वत परिषद का समर्थन

    काशी विद्वत परिषद ने मंदिर प्रबंधन के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि मंदिर में केक काटना अक्षम्य है और इस पर रोक लगाने का फैसला सराहनीय है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे मंदिरों के नियमों का पालन करें।

    Take Away Points

    • बाबा काल भैरव मंदिर में अब केक काटना प्रतिबंधित है।
    • गर्भगृह में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी रोक लग गई है।
    • मंदिर प्रबंधन का यह फैसला काशी विद्वत परिषद ने सराहा है।
    • इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
  • खुलासा: धर्मनगरी में देह व्यापार

    अयोध्या-फैजाबाद। धार्मिक नगरी अयोध्या में देह व्यापार का एक मामला प्रकाश में आया है। अयोध्या के नयाघाट क्षेत्र मे पुलिस ने एक गेस्ट हाउस पर छापा मारकर लगभग एक दर्जन लड़कें एवं लड़कियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार लंबे समय से इस गेस्ट हाउस में देह व्यापार चलाने की शिकायत मिलती रही है जिस पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार रात लगभग १ बजे पुलिस टीम ने जब गेस्ट हाउस में छापा मारा तो गेस्ट हाउस के अंदर लड़कें और लड़कियां पाए गए। गेस्ट हाउस के कमरों में शराब की बोतलें, सिगरेट, खाने पीने के सामान के साथ आपत्तिजनक वस्तुए बरामद हुई हैं। पुलिस ने जब छापा मारा तो उस समय कुछ लड़कें और लड़कियां आपत्तिजनक स्थिति में भी पाई गईं।

    पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। सीओ अयोध्या राजकुमार साव ने बताया कि कई दिनों से नयाघाट स्थित कृष्णा गेस्ट हाउस में देह व्यापार की शिकायत मिल रही थी, जिस पर टीम बनाकर छापेमारी की गई। बताया कि छापेमारी में विनय निवासी राजस्थान, दिव्यांशु निवासी फैजाबाद, अंकित सिंह निवासी नई दिल्ली, योगेन्द्र मिश्रा निवासी बहराइच व नवनीत गुप्ता निवासी अयोध्या के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की गई है। जबकि हिरासत में ली गईं लड़कियों को महिला थाना भेजा गया है जहां उनके नाम पते की तस्दीक की जा रही है। सीओ अयोध्या ने बताया कि होटल संचालक को भी जबाब तलब किया गया है, जांच पड़ताल के बाद उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस छापेमारी अभियान में कोतवाली प्रभारी अरविंद पाण्डेय, एसओ रामजन्मभूमि सुनील कुमार मिश्र सहित नयाघाट चैकी प्रभारी संतोष त्रिपाठी शामिल रहे।

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  • रायबरेली हादसा: अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी, पीड़ितों से की मुलाकात

    रायबरेली हादसा: अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी, पीड़ितों से की मुलाकात

     

     

    रायबरेली में हुए हादसे के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी यहां पहुंचे हैं। राहुल गांधी अस्पताल में गए जहां हादसे में पीड़ितों को भर्ती कराया गया है। यहां उन्होंने अस्पताल में मरीजों से मुलाकात की। वही दूसरी तरफ इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। अब मृतकों की संख्या बढ़ गई है। हादसे में काफी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    यहां एनटीसीपी ऊंचाहार की 500 मेगावाट की 6वीं इकाई में ब्वायलर की राख वाली पाइप लाइन अचानक से फट गई। हादसा इतना ज्यादा भयानक था कि इसमें मौके पर मौजूद 24 से ज्यादा श्रमिकों की मौत हो गई है तथा 100 से ज्यादा श्रमिकों के घायल होने की खबर सामने आ रही है। बुधवार रात हुए इस हादसे के बाद प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है।

    हादसे के बाद कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी घायलों को नजदीकी नीजि अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ घायल ऐसे भी हैं जिन्हें एनटीपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद अभी तक किसी भी एनटीपीसी अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है। हादसे के वक्त जानकारी है कि एनटीपीसी की सभी 6 इकाइयों में विद्युत उत्पादन का काम चल रहा था। यह भयंकर विस्फोट उस पाइप लाइन में हुआ है जिसमें ब्वायलर से राख निकाली जाती है।





  • यूपी में दरिंदगी की सारी हदें पार, गैंगरेप कर पिलाया यूरिया बनाई वीडियो

    यूपी में दरिंदगी की सारी हदें पार, गैंगरेप कर पिलाया यूरिया बनाई वीडियो

     

     

    यूपी में अपराध का ग्राफ कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। दिल दहला देने वाला मामला सूबे के बरेली से सामने आया है। यहां एक महिला के साथ इतनी बुरी और घटिया तरह से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया जिसे सुनकर साफ कहा जा सकता है कि अब वक्त आ गया है कि इन जैसे अपराधियों को कोई ऐसी सजा दी जाए जिसके बाद वह ऐसा करने के बारे में सोच भी ना पाए।

    दरअसल यहां लिफ्ट देने के बहाने पहले आरोपियों ने पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। अपराधियों के मन में हवस की भूख इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि पीड़िता को उन्होंने इतनी बुरी तरह से प्रताड़ित किया की बयां नहीं किया जा सकता। आरोपियों ने पीड़िता को अपना यूरिया तक पिला दिया। दरिंदों का दिल इस घटिया हरकत से भी नहीं भरा तो उन्होंने इस पूरी घटना की वीडियो बना ली। बार बार दया की भीख मांगने के बाद भी आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। जिसके बाद आरोपियों ने उसे सड़क किनारे फेंक दिया।

    जानकारी है कि पीड़िता अपने मायके में रहती है। अपने पति से परेशान होने के कारण वह अपने मायके में रहा करती है। वह किसी काम से कचहरी जा रही थी लेकिन रास्ते में पीड़िता को अपने पति का दोस्त मिल गया जिसके बाद वह लिफ्ट के बहाने उसकी गाड़ी में बैठ गई। यह पूरी वारदात तड़के 4 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता ने जब देखा की इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है तो यह मामला मीडिया में आ गया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने पीड़िता का बयान लिया तथा तत्काल इस मामले को दर्ज किया। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया तथा आगे की कार्रवाई शुरु कर दी।





  • NCR  में रहने वालों की उम्र छह साल हो चुकी है कम , इस कारण !

    नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वाले लोगों की जिंदगी खतरनाक वायु प्रदूषण की वजह से लगभग छह साल कम हो चुकी है. अगर एनसीआर में डब्लूएचओ मानकों को लागू किया जा सका तो लोग नौ साल तक अधिक जीवित रहेंगे.
    राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है. मौसम की स्थिति तेजी से बिगड़ती जा रही है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मुताबिक, जहरीली वायु के संपर्क में आने पर फेफड़े, रक्त, संवहनी तंत्र, मस्तिष्क, हृदय और यहां तक कि प्रजनन प्रणाली भी प्रभावित हो सकती है. एक अध्ययन के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण पूरे देश में पांच लाख अकाल मौतें हो चुकी हैं.
    आईएमए के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, “दिल्ली की आबोहवा पिछले कुछ दिनों से बहुत ही खराब बनी हुई है. शहर में वायु की गुणवत्ता विशेष रूप से सुबह-सुबह अधिक खराब होती है, जब प्रदूषण बहुत अधिक होता है. हालांकि, यह अस्थमा या हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए तो घातक है ही, स्वस्थ व्यक्तियों को भी इससे पूरा खतरा है. बुजुर्ग लोग और बच्चे भी उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं.”
    डॉ. अग्रवाल ने कहा, “हाल ही के एक अध्ययन के मुताबिक, एनसीआर में रहने वाले लोगों की जिंदगी खतरनाक वायु प्रदूषण की वजह से लगभग छह साल कम हो चुकी है. अगर एनसीआर में डब्लूएचओ मानकों को लागू किया जा सका तो लोग नौ साल तक अधिक जीवित रहेंगे.”
    उन्होंने कहा, “आईएमए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष को इस महीने प्रस्तावित अर्द्ध-मैराथन को तत्काल रद्द या स्थगित करने के लिए लिखने जा रहा है. यह ईवेंट तब तक नहीं होनी चाहिए, जब तक कि हवा की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार न हो जाए.”
    पीएम 2.5 के प्रदूषण का मतलब है कि छोटे खतरनाक कण फेफड़ों में प्रवेश करके हानि पहुंचा सकते हैं. इससे क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं और फेफड़ों के कामकाज में बाधा पड़ सकती है. आईएमए ने इस तरह के हालात में मैराथन दौड़ कराने के खिलाफ सख्त हिदायत जारी की है. ऐसा करने से फेफड़ों में दो चम्मच तक विषैली राख जमा हो सकती है.

    आईएमए अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एयूआई) पिछले कुछ दिनों में अत्यंत खराब से खतरनाक की श्रेणी में जा पहुंचा है. शहर के कई हिस्सों में, वायु प्रदूषण का स्तर 300 के खतरे के निशान को भी पार कर गया है.
    डॉ. अग्रवाल ने कहा, “दिल्ली में प्रदूषण के वर्तमान स्तर पर गर्भ में पल रहे शिशु भी प्रभावित हो सकते हैं. एक सामान्य वयस्क आराम करते समय प्रति मिनट छह लीटर वायु श्वास में लेता है, जबकि शारीरिक गतिविधि के दौरान यह मात्रा 20 लीटर बढ़ जाती है.
    वर्तमान में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए, यह केवल फेफड़ों में विषाक्त पदार्थों की मात्रा में वृद्धि ही करेगा. यद्यपि हरेक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि व्यायाम वाला स्थान सड़कों, निमार्ण स्थलों और धुआं छोड़ने वाले उद्योगों से कम से कम 200 मीटर दूर हो. हालांकि, यह भी साफ हवा की गारंटी नहीं है.”

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  • दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प में एक की मौत

    विवाद का केन्द्र बना खेत और मस्जिद के बीच बना शौचालय

    आगरा।ं उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में खेत और मस्जिद के बीच बने शौचालय को तोडने के कारण दो समुदायों के बीच की झड़प ने हिंसक रूप ले लिया है. इस घटना में एक युवक की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. पथराव और मारपीट के बाद कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है. प्रशासन ने वारदात की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया है.
    जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर नानऊ-सासनी मार्ग स्थित गांव खुर्रमपुर के नगला मेवाती में शनिवार सुबह करीब 11 बजे यह खूनी टकराव हुआ. विवाद की वजह गांव के बाहर रामवीर शर्मा के खेत में बना शौचालय है. यह करीब दस साल पहले तब बना था, जब खेत की मालकिन रामवीर की मां और गांव के ही बुंदू खां संयुक्त रूप से हुआ करते थे. इसका उपयोग बगल में बनी मस्जिद में आने वाले मुस्लिम समाज के लोग करते हैं. आठ साल पहले रामवीर ने बुंदू खां से उनका हिस्सा खरीद लिया. इस बीच, शौचालय का पानी खेत में पहुंचना रामवीर को अखरने लगा. फसल खराब होने का हवाला देते हुए रामवीर ने इसे तुड़वाना चाहा. मगर, दूसरे समुदाय के लोगों ने इसका डटकर विरोध किया.
    रामवीर ने जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों के यहां खूब चक्कर काटे. दबाव तक बनवाया कि पुलिस-प्रशासनिक अफसर इसे हटवा दें. मगर, पक्का शौचालय होने के कारण जिला प्रशासन ने साफ कर दिया कि इस बारे में निर्णय का अधिकार सिर्फ सिविल कोर्ट में निहित है. उनके अधिकार में यह निर्णय करना नहीं है. शुक्रवार को एक पक्ष ने शौचालय ध्वस्त करने की तैयारी की और दोनों पक्ष भिड़ गए. अब इस हिंसा में एक युवक की मौत के साथ कई लोगों के घायल होने से दोनों पक्षों के लोग गमगीन हैं. गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. अधिकतर लोग घरों के अंदर दुबके हुए हैं. कुछ लोग घायलों के साथ अलीगढ़ जबकि कुछ विवाद से बचने के लिए गांव छोड़ गए हैं.

  • वीडियो में सुने पुलिस और डॉक्टर से पीड़ित इस महिला की फरियाद

    वीडियो में सुने पुलिस और डॉक्टर से पीड़ित इस महिला की फरियाद

     

     

    सूबे में निजाम बदला लगा कि हवाएं भी बदलेंगी पहले तो तेज करने की कवायद भी हुई लेकिन कुछ दिनों बाद ही फिर वही चाल लोग चलने लगे। क्राइम की तस्वीरें बदलने की कोशिशें हुई लेकिन पुलिस के कई बार ढुलमुल रवैए के चलते इंसानियत को शर्मसार होना पड़ता है। ऐसा ही वाकिया आगरा में गुजरा है।

     

    जहां एक डॉक्टर ने हैवान बनने की कोशिश की तो महिला ने अपनी अस्मत बचाने के लिए अपने पति से गुहार लगाई पति डॉक्टर से भिड़ा तो पुलिस ने आरोपी डॉक्टर का पक्ष लेकर पति के खिलाफ ही तहरीर लेकर मामला दर्ज करने की कवायद शुरू कर दी । अब पीड़िता दर ब दर की ठोकरें खा रही है।

    पीड़िता का पति पुलिस की दबिश के कारण फरार चल रहा है। पीड़िता अपने दुधमुहें बच्चे को लेकर बड़े-बड़े अफसरों की चौखट पर माथा टेक चुकी है। लेकिन न्याय की उम्मीद अभी तक नहीं मिली है। वाकिया ये था कि महिला अपने नवजात बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास गई थी। जहां डॉक्टर ने स्तनपान के तरीके बताते हुए उसके साथ कई बार छेड़छाड़ की और जब वह उसकी अस्मत पर हमला बेलने वाला था तो वह वहां से भाग गई। उसने सारा वाकिया अपने पति को बताया तो पति की डॉक्टर से कहा सुनी हो गई । पीड़ित पति और पत्नी थाने पर आये डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी लेकिन काबिल पुलिस ने मामला दर्ज करने के बजाय जांच की बात कह टरका दिया। उधर डॉक्टर की ओर से तहरीर लेकर पति के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया। अब पीड़िता अपने साथ हुए न्याय और पुलिसिया कार्रवाई के लिए बड़े दरबार में माथा टेक रही है। सुनिए इस वायरल हुए वीडियो में महिला की दास्तान…





  • फर्जी बैंक लोगों को लगाया लाखों का चूना, अब लोग हुए हलकान

    फर्जी बैंक लोगों को लगाया लाखों का चूना, अब लोग हुए हलकान

     

     

    हरदोई। एक कहावत है लालच बुरी बला है और इस लालच के चक्कर में लोग पूरी की ख्वाहिश में आधे से भी हाथ धो बैठते हैं। ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला हरदोई जनपद में जहां पर एक फर्जी बैंक खोलकर एक कंपनी ने लोगों को लुभावना ऑफ कर दिया कि 5 साल में आपके रुपयों को दोगुना कर देंगे। जिसके बाद इलाके के लोगों ने जमकर उस कंपनी में निवेश किया किसी ने RD खुलवाई और किसी ने FD लेकिन कुछ ही दिनों के बाद पहले तो ऑफिस के कंपनी के ठिकाने बदलते रहे। फिर धीरे से कंपनी हो गई फरार अब गरीब पीड़ित दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है। लिहाजा उसने फर्जी बैंक व उसमें कार्यरत लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है|

    कप्तान की दहलीज़ पर कई गरीब मजबूर अपनी फरियाद लेकर आयें हैं। इसकी वजह है इनका लालच जिसने इनके भविष्य के सपनो पर पलीता लगाया है। दरअसल बहुत सा पाने के चक्कर में इन्होने जो पेट काट काट कर बचाया आखिर में वो ही गँवा दिया | मामला थाना कोतवाल कोतवाली शहर के बिलग्राम चुंगी के पास का है। जहां पर फर्जी बैंक खोलकर 5 साल में धन दोगुना करने के नाम पर ग्राहकों से लाखों रुपए हड़प लिए गए। ठगी की शिकार इन महिलाओं ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर जांच कराने की मांग की है|

    5 साल पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आवास विकास निवासी व्यक्ति ने एक युवक के साथ उन लोगों से संपर्क किया था। उसने अपने एजेंट व साथी को बैंक मैनेजर बताया और बताया कि बिलग्राम रोड के निकट सर्कुलर रोड पर पीएलडी कारपोरेशन सोसाइटी के नाम से उनका बैंक शाखा है। यहां एक योजना के तहत यदि वह एफडी कराने पर महज 5 साल में रुपए दोगुने हो जाते हैं। इन जालसाजों के झांसे में आकर इलाके के निवासी दर्जनों महिलाओं ने खाता खुलवाया उन लोगों ने हजारों रुपए FD RD खुल के नाम पर जमा करे। नियमित तौर से खातों में धनराशि जमा करते रहे कई बार एजेंट और अधिकारियों ने उन लोगों को मीटिंग में बुलाकर अन्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी धीरे धीरे 5 साल पूरे होने पर धनराशि लाखों में पहुंच गई और जब वक्त भुगतान का आया तब भुगतान के लिए एजेंट से संपर्क किया। तो वह टरकाता रहा दबाव बनाने पर कुछ दिन पहले एजेंट ने चेक दिया था, कि बाउंस हो गए। अब बैंक के दफ्तरों में भी ताला लटक रहा है।

    बताया जाता है इसका हेड आफिस इटावा था जहां पीड़ित पहुंचे तो उन्हें वह भी ताला लटकता ही मिला ,पीड़ित महिलाओं ने बताया की करीब 1000000 रुपए जमा है| एएसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है और बाद जांच के कार्यवाही की बात कही जा रही है लेकिन साफ तौर पर दोगुनी के लालच में गरीब महिलाओं ने अपना सब कुछ गंवा दिया है |





  • 500 लोगों ने सामूहिक आत्मदाह करने का दिया अल्टीमेटम, जानिये क्या है वजह !

    उत्तर प्रदेश के मेरठ का मामला है । पौने दस एकड़ में बनाए गए सभी अवैध निर्माणों को गिराने का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुसार कैंट बोर्ड ने पिछले साल अवैध काॅम्प्लेक्स गिराया था, जिसके मलबे में चार लोगों की दबकर मौत हो गई थी। कैंट बोर्ड ने यहां के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने का निर्णय लिया। गुरुवार को कैंट बोर्ड की टीम ने मुख्य गेट के पास पानी के कनेक्शन काटने के लिए गड्ढा खोदना शुरू ही किया था, इतने में बंगला 210 बी के निवासी यहां पहुंच गए और बोर्ड की टीम का जबरदस्त विरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर बोर्ड ने आगे कोई कार्रवाई की तो यहां के 500 लोग सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे, इसकी सारी जिम्मेदारी कैंट बोर्ड की होगी। इतना सुनने के बाद कनेक्शन काटने आयी बोर्ड की टीम दबे पांव वहां से वापस लौट गई। यहां के लोगों की मांग है कि पहले हाईकोर्ट उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिनके कार्यकाल में बंगला 210 बी में अवैध निर्माण हुए। हाईकोर्ट ने भी इन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दे दिए थे। कैंट बोर्ड के नोटिस दिए, लेकिन यहां अवैध निर्माण जारी रहे। पौने दस एकड़ में यहां करीब 62 कोठियां व मकान और दुकानें बनी हैं। यहां अवैध काॅम्प्लेक्स भी बनाया गया था। करीब तीन साल पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस बंगले में बने सभी अवैध निर्माण ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। आबूलेन और बाॅम्बे बाजार के पास इस बंगले के प्लाॅट काटने का काम बिल्डर आनन्द प्रकाश अग्रवाल ने किया था। पिछले साल यहां के अवैध काम्प्लेक्स को कैंट बोर्ड ने गिराया था। इसका विरोध करने वाले चार लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। इसके बाद यहां हुए हंगामे के दौरान सीईई अनुज सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। अब कैंट बोर्ड ने यहां के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने का निर्णय लिया, जिससे इस बंगले में रहने में रहने वाले यहां छोड़कर चले जाएं। सुबह जब कैंट बोर्ड के जेई अरविन्द गुप्ता ने टीम लेकर सर्रकुलर रोड पर गेट के सामने कनेक्शन काटने के लिए गड्ढा खुदवाना शुरू किया, तो यहां के निवासियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पहले बोर्ड के उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिनके बारे में हाईकोर्ट ने आदेश दे रखे हैं। काफी हंगामे के बाद कनेक्शन टीम दबे पांव वापस लौट गई। यहां के लोगों का कहना है कि बिजली-पानी उनका मौलिक अधिकार है और इसका बिल भरते आ रहे हैं। अगर बोर्ड ने अवैध निर्माण माना था, तो बिजली-पानी के कनेक्शन क्यों दिए और क्यों बिल वसूल करता आया है। यहां के लोगों ने चेतावनी दी है कि बंगले में 500 से ज्यादा लोग रहते हैं, अगर बोर्ड अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो 500 लोग सामूहिक आत्मदाह करेंगे।

  • संगठन को नित नई ऊंचाइयों तक ले जाने में नही छोडूगा कोई भी कोर कसर-शील गहलौत

    हर जाति वर्ग के पत्रकारों की लडाई लड़ने के लिए एशोसिएसन कटिवद्व- आदित्य मिश्रा
    पत्रकारिता समाज को संगठन के जरिए बनायेगंे भय मुक्त-डीके शर्मा

    प्रतापगढ। भारतीय पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन की एक आवश्यक बैठक शारदा संगीत महाविद्यालय प्रतापगढ में आयोजित हुई। जिसमें जिले के सभी तहसीलों के पदाधिकारी एवं सदस्यों के साथ जिला कमेटी के लोग मौजूद रहे। बैठक में सभी तहसीलों की बैठक तहसीलों मंे कराये जाने का निर्णय लिया गया।जिसमें माह के प्रथम रविवार को पट्टी, द्वितीय रविवार को रानीगंज, तृतीय रविवार को लालगंज, चतुर्थ रविवार को कुंडा और पांचवे रविवार या अन्तिम तिथि को सदर इकाई की बैठक होगी। वही जिला इकाई की बैठक दूसरे शनिवार को जिले में होगी। सभी तहसीलों के लिए संगठन ने प्रभारी भी नियुक्त किया है। इस दौरान संगठन के लोगों को सम्बोधित करते हुए एशोसिएसन के जिलाध्यक्ष शील गहलौत ने कहा कि संगठन को नित नई ऊंचाईयों पर ले जाने में कोई भी कोर कसर नही छोडूगा। संगठन में हर जाति वर्ग, ग्रामीण शहरी सभी पत्रकारों का बराबर का सम्मान होगा। और आवश्यकता पडने पर उनके लिए निर्णायक लडाई लडी जायेगी। वही जिला महामंत्री आदित्य मिश्र ने कहा कि एशोसिएशन हर जाति वर्ग के लिए लडाई लड़ने के लिए कटिबद्व है। पुलिस महकमें से लेकर अन्य सामंतवादी ताकतों के उत्पीडन के खिलाफ संगठन निर्णायक लडाई लडेगा इसमें किसी भी तरह का कोई भी शंसय नही है। वही वरिष्ठ पत्रकार डीके शर्मा ने संचालन करते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज को संगठन के जरिये भय मुक्त बनाने के लिए हर स्तर से प्रयाश करेंगे। इस अवसर पर ओम प्रकाश गुप्ता, जेएन वरनवाल, आशुतोष साहू, प्रदीप बरनवाल, बीके सिंह, राजीव तिवारी, सुनील तिवारी, रत्नेश शुक्ला, रूपेन्द्र शुक्ल, आलोक तिवारी, अनुराग तिवारी, अश्वनी शुक्ला आदि तमाम पदाधिकारी, सदस्यगण मौजूद रहे।

     

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