Category: uttar-pradesh

  • YOGI कैबिनेट ने लगाई Allahabad का प्रयागराज और Faizabad का नया नाम अयोध्या पर मुहर

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    कैबिनेट की बैठक में इलाहाबाद का नाम प्रयागराज व फैजाबाद का नाम अयोध्या करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही बनारस के राजघाट पुल पर हुए हादसे में आई न्यायिक अयोग की रिपोर्ट को सदन में रखने पर भी सहमति बन गई। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई अन्य मुद्दों को भी कैबिनेट की मंजूरी दी गई।

    इसके साथ ही अब वित्तविहीन शिक्षकों को भी सीएम अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिया। इसका फायदा प्रदेश भर के 19275 स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को मिलेगा। 18 मंडलों से एक-एक शिक्षक को 25 दिसंबर को अटल जयंती के अवसर पर 25-25 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने शिक्षकों के लिए कम से कम 15 वर्ष की नियमित सेवा और प्रधानाचार्य के लिए कम से कम 20 वर्ष की नियमित सेवा की अर्हता रखी है।

    किसानों की आय को बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने आज सम्पन्न हुई बैठक में मक्का की एमएसपी 1700 रुपए तय कर दी। इसके अलावा किसानों को 20 रुपए प्रति क्विंटल ढुलाई का भी दिया जाएगा। सरकार ने एक लाख मीट्रिक टन मक्का की खरीद का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 2014.9 करोड़ रुपए बजट का प्रावधान किया गया है।

    कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में चिकित्सा विश्वविद्यालय की सेवा नियमावली में पांचवा संशोधन करते हुए लेक्चरर के पद को असिस्टेंट प्रोफेसर करने को सहमति प्रदान कर दी है।

    लखनऊ मेट्रो के काम को तेजी देने के लिए फैजाबाद रोड स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक में सब स्टेशन निर्माण के लिए 48.03 वर्ग मीटर जमीन देने का फैसला लिया गया है।

    काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिये 130 भवन और अधिग्रहित किए जाएंगे। इससे पहले 166 भवनों का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसके लिये 413 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें से190 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं। मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी नए मेडिकल कॉलेज सोसाइटी मोड में चलेंगे। विभागीय मंत्री संचालन कमेटी के अध्यक्ष होंगे।

  • पडरौना नगरपालिका प्रशासन पर सौतेला ब्यवहार करने का लोगो ने लगाया आरोप

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना कुशीनगर : शहर के बाईपास रोड बेलवा चुगीं से होकर गुजरे अंबे चौक के निकट  जाने वाले मार्ग की बीते बरसात मांह से ही बदहाल स्थिति से गुजर रहा है |  यहां के रोड पर लगने वाले पानी निकासी के व्यवस्था ना होने से यहां से होकर गुजने वाले लोगों को वर्तमान में आना जाना मुहाल हो गया है |  जबकि नगरपालिका प्रशासन की उदासीनता के वजह से बिना बरसात के ही मुहल्ले से निकलकर यहां आने वाला पानी के वजह से इकट्ठा हो रहे पानी से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है |
    गौरतलब हो शहर के बेलवा चुगीं बाईपास रोड अंबे चौक के निकट का सडक पुरी तरह से बदहाली का रुप धारण कर चुका है. उधर नगरपालिका पडरौना द्वारा हर रोज साफ सफाई करने के अलावे लोगों को सडक को  सही ठंग से मरमत करने का दावा करता चला  आ  हैं | हालाकी  इस सडक पर बहने वाला पानी का  जल निकासी का बंदोबस्त नहीं है |
    मजे की बात यह है की बर्तमान मे बेलवा चुंगी बाईपास रोड जो जर्जर और गड्ढे में तब्दील हो चुकी है बाईपास रोड से रोजाना सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं और हजारों की संख्या में आम जनमानस के लिए आने जाने का मुख्य मार्ग है और यही मुख्य मार्ग गड्ढे के रूप में तब्दील हो चुकी है जिससे आने जाने में लोगों को दिक्कत हो रही है और यहाँ रोजाना घटनाएं होती रहती हैं जिसके विरोध में गुरुवार को  नगर के युवा समाजसेवी ने निकट अंबे मंदिर के पास अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चालू कर दिया है |  समाजसेवीओ की मांग है कि जब तक उन्हें पक्के निर्माण का लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता तब तक यह धरना चलता रहेगा ।
    इस अवसर पर युवा समाजसेवी मोहम्मद सद्दाम हुसैन, छात्र नेता अखलाक खान, समाजसेवी सलाउद्दीन हिंदल ,सैफ लारी ,एजाज खान, छात्र नेता  इरशाद अंसारी ,इनायत अली ,छात्र नेता एजाज अंसारी ,आशुतोष सिंह , छात्र संघ पुस्तकालय मंत्री अफरेज खान ,रिजवान वारसी ,छात्रसंघ पूर्व पुस्तकालय मंत्री असर समीम, अवधेश कुशवाहा, शाहिद अली ,जय सिंह ,राकेश ,अवध किशोर गुप्ता ,बृज किशोर गुप्ता ,सलमान खान ,साहिल ,विनोद यादव, उमेश यादव ,आदर्श कुमार, चंदन यादव, मुनीर अंसारी , हिमांशु श्रीवास्तव ,धर्मेंद्र, नावेद रजा आदि मौजूद रहे ।

  • डिप्टी सीएम के गृह जनपद मे स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट

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    रिपोर्टर – विकास कुमार गैतम

    कौशाम्बी: जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतर गई है। उपमुख्यमंत्री के गृह जनपद कौशाम्बी मे स्वास्थ्य सेवाएँ हाँफती नज़र आती है। इसी की एक बानगी मंगलवार को ज़िला अस्पताल मे देखी गई। ज़िला अस्पताल पहुँचने के बाद महिला को अपनी बकरी बेंच कर दवा ख़रीदनी पड़ी। इसी के साथ सरकार की मुफ़्त दवाइयों वाले सारे दावे धरे के धरे रह गए।

    राजधानी लखनऊ मे बैठकर सरकार के मंत्रियों और सरकार की पार्टी के प्रवक्ताओं की डींगे तो अक्सर हम सुनते हैं। लेकिन जब धरातल पर किसी मुसीबत से सामना होता है तो सरकार के नुमाइंदों की सारी बातें सिर्फ राजनीतिक जुमला साबित होती हैं। इसकी तस्वीर आए दिन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के जनपद मे देखने को मिलती रहती है। कुछ दिन पहले ज़िलाधिकारी की पत्नी को प्रसव कराने वाला ज़िला अस्पताल आधारभूत ज़रूरतों के लिए तरसता नज़र आया। मंझनपुर की रहने वाली एक महिला जब इलाज कराने पहुँची तो डॉक्टरों ने दवाओं की अनुपलब्धता को बताते हुए बाहर से दवाएँ लिख दी। महिला को इलाज मुकम्मल कराने के लिए डॉक्टर द्वारा लिखी दवा को अपनी बकरी बेंच कर ख़रीदना पड़ा।

    शुक्र है ऊपर वाले का कि उक्त महिला के पास जान बचाने के लिए पशुधन था जिसको बेचकर वह दवाएँ ख़रीद सकी, अन्यथा अस्पताल प्रशासन को फ़िक्र भी नहीं होती। खैर ज़िला अस्पताल की यह कोई पहली तस्वीर नहीं जहाँ लोगों की जान से खिलवाड़ किया जाता हो। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के लिए शायद यह आम बात हो चुकी है। क्या लखनऊ मे बैठकर उपमुख्यमंत्री को अपने जिले की फ़िक्र नहीं रह गई अब? या फिर जिले की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था ले आज तक डिप्टी सीएम अनजान है? या फिर लखनऊ और सत्ता की चकाचौंध मे कौशाम्बी की सुध लेने वाला ही कोई नहीं बचा?

  • 50-50 हजार रुपये के इनामी 03 अभियुक्त गिरफ्तार, छात्र नेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला की हत्याकाण्ड का किया खुलासा

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    रिपोर्टर – अजीत सोनी

    प्रयागराज: हत्या का मुख्य कारण अच्युतानंद शुक्ला का बार-बार आशुतोष को जलील करना था। आशुतोष ने अपने बयान में कहा है कि चुनाव के दौरान सुमित शुक्ला उर्फ अच्युतानंद खुलकर उसका सपोर्ट नहीं कर रहा था। चुनाव जीतने के बाद भी वह आम छात्रों जैसा व्यवहार करता था। सार्वजनिक जगहों पर उसे जलील कर देता था। 31 अक्टूबर को बर्थ डे पार्टी में आशुतोष के पहुंचने से पहले अच्युतानंद के करीबी आलोक चौबे और आशुतोष के करीबी गज्जू के बीच झगड़ा हो चुका था। एसएसपी के मुताबिक तब आशुतोष दूसरे हॉस्टल में साथियों के साथ शराब पी रहा था। उसने गुस्से में पिस्टल लोड करते हुए कहा था कि आज ज्यादा बोला तो निपटा दूंगा। तीनों आरोपित असलहे लेकर आए थे कि उन पर भी हमला किया जा सकता है।सीएमपी छात्र संघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने पीछे से मारी गोली पिस्टल लोड कर बोला था आशुतोष, आज निपटा दूंगा ।

    छात्रनेता सुमित शुक्ला उर्फ अच्युतानंद की हत्या के आरोपितों में सीएमपी छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी सहित हरिकेश मिश्र और सौरभ उर्फ प्रिंस व एक मददगार को सोमवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। आरोपितों के पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, दो तमंचे और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस की पूछताछ में आशुतोष त्रिपाठी ने कबूल किया कि उसने आजिज आकर अच्युतानंद को गोली मारी। 31 अक्टूबर को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीसीबी हॉस्टल में आयोजित निर्भय द्विवेदी की बर्थ डे पार्टी में उसे नहीं बुलाया गया था। अत्युतानंद ने रात सवा एक बजे फोन कर उसे जबरन बुलाया। पुलिस के अनुसार नशे में धुत आशुतोष साथियों के साथ अच्युतानंद से मिलने पहुंचा था।
    सीसीटीवी फुटेज में गोली चलाते दिख रहा आशुतोष :
    हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए एसएसपी नितिन तिवारी ने एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया। इसमें अच्युतानंद को गोली मारते हुए आशुतोष साफ दिख रहा है। हॉस्टल में बातचीत के दौरान आशुतोष अच्युतानंद के पीछे बैठता है। वीडियो में दिख रहा है कि वह एक बार पिस्टल निकाल मारने उठता है लेकिन सही एंगल न मिलने पर बैठ जाता है। दूसरी बार में वह गोली चलाकर भागता दिखा है।

    1 नवम्बर को सुमित शुक्ला की हत्या का वीडियो जारी
    मददगार देवर्षि उर्फ शूटर, गज्जू और कनक फरार
    : एसएसपी नितिन तिवारी ने हत्याकांड का राजफाश करते हुए आरोपितों को सोमवार को पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया। बताया कि छात्रनेता अच्युतानंद 25 हजार का इनामी था, जबकि पकड़े गए तीनों आरोपितों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपितों की मदद करने के आरोप में प्रदीप यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। शेष मददगार देवर्षि उर्फ शूटर, गज्जू और कनक फरार हैं।
    आशुतोष पर हत्या समेत छह मामले हैं दर्ज
    :
    मुख्य आरोपित आशुतोष बलरामपुर का रहने वाला है, उस पर हत्या समेत छह मामले दर्ज हैं। हरिकेश सुल्तानपुर का है। उस पर दो मामले दर्ज हैं। प्रयागराज के जसरा के प्रिंस पर हत्या समेत दो मुकदमे दर्ज हैं। एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, आशुतोष की बुआ नेपाल के कृष्णा नगर में रहती हैं। यही वजह है कि तीनों हत्या के बाद नेपाल भाग गए। आरोपित गज्जू कोलकाता भागा हुआ है। सीओ आलोक मिश्र के मुताबिक, कोर्ट में पेशी के बाद सभी को नैनी सेंट्रल जेल पहुंचा दिया गया।

  • धूमधाम से मनाई गयी चाचा नेहरू की जयंती

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    रिपोर्टर- अजीत सोनी
    शंकरगढ़, प्रयागराज। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर बुधवार को बारा क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में खेलकूद,सांस्कृतिक कार्यक्रम समेत तमाम अन्य कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिसमें बच्चों ने अपनी प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसी क्रम में शंकरगढ़ के प्राथमिक विद्यालय लकहर में बाल दिवस पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये।
    [object Promise] इस दौरान ग्राम प्रधान जोरवट अरुण कुमार सिंह ने बच्चों को स्वेटर वितरित किया। मौके पर उपस्थित पूर्व ग्राम प्रधान गजराज सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के जीवन पर प्रकाश डाला।
    इस अवसर पर प्रधानाचार्या साधना, राघवेंद्र सिंह, करुणा सिंह, रावेंद्र शुक्ला सहित तमाम ग्रामीण उपस्थित रहे।इसी तरह बारा स्थित सरदार पटेल इंटर कॉलेज में बाल दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में बच्चों ने चाचा नेहरू पर आधारित सुंदर गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान विद्यालय परिसर में ही छात्र-छात्राओं द्वारा खेलकूद प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें अनेक खेलकूद हुये।
    इससे पूर्व कॉलेज के प्रधानाचार्य आर.बी.एस. थापा ने नेहरू जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित किया। तत्पश्चात खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित हुई। पुस्तक दौड़ में हर्ष, कृष, दीपेश, दीपांशु प्रथम रहे। इसी तरह गिनती प्रतियोगिता में अंजलि प्रथम, सार्थक द्वितीय व सूरज तृतीय स्थान पर रहे। इसी तरह जय ज्योति स्कूल में भी चाचा नेहरू जयंती के अवसर पर अनेक कार्यक्रम हुये।
    [object Promise]कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक रिटायर्ड कर्नल जगदीश सिंह ने बच्चों के कार्यक्रम देख सराहना किया।
    उधर नगर पंचायत शंकरगढ़ में स्थित कैम्ब्रिज हाई स्कूल एण्ड कॉलेज में स्कूल के छात्र- छात्राओं द्वारा पं० जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसी क्रम में विद्यालय के बच्चों द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी एवं बाल मेले का आयोजन किया गया तथा विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने चाचा नेहरू को याद करते हुए उनके योगदान को तथा उनके बताए गए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

  • सनसनीखेज वारदात : दो किशोरों की सरेआम हत्या कर शवों को जलाया पेट्रोल छिड़ककर

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    प्रयागराज । झूंसी के मल्लाही टोला में सोमवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। यहां पहले बम-गोलियों से हमलाकर दो किशोरों की हत्या की गई और फिर पेट्रोल छिड़ककर उनके शव जला दिए गए। जानकारी मिली तो मृतक के परिजनों व गांववालों ने आरोपी पूर्व सभासद की दुकान में तोड़फोड़ व आगजनी की।

    सूचना पर कई थानों की फोर्स लेकर अफसर पहुंचे। खबर लिखे जाने तक जांच पड़ताल जारी थी। नया झूंसी में कलवारी टोला और मल्लाही टोला आसपास स्थित हैं। कलवारी टोला के रहने वाले रवि निषाद(17) व वासू निषाद (16) सोमवार शाम सात बजे के करीब मल्लाही टोला गए थे।

    वहां वह पूर्व सभासद विष्णु निषाद की किराना की दुकान पर कुछ सामान लेने पहुंचे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनकी विष्णु से नोकझोंक हो गई। बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी।

    विष्णु ने शोर मचाया तो उसके परिवारवालों के साथ ही अन्य लोग भी आ गए और रवि व वासू पर टूट पड़े। साथ ही बम-गोलियों से भी हमला बोल दिया। ताबड़तोड़ हमले में दोनों को संभलने का भी मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    हमलावरों का इसके बाद भी मन नहीं भरा और उन्होंने पेट्रोल छिड़ककर दोनों के शव आग के हवाले कर दिए। इसके बाद घर पर ताला लगाकर फरार हो गए। उधर सूचना मिली तो मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।

    आक्रोशित घरवालों व ग्रामीणों ने आरोपी के घर धावा बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ करने के बाद वहां खड़ी दो बाइकें फूंक दी। बवाल की सूचना मिली तो पुलिस पहुंची। एसएसपी नितिन तिवारी के साथ ही आईजी मोहित अग्रवाल भी पहुंच गए।

    तनाव को देखते हुए कई थानों की फोर्स भी बुला ली गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस अफसर मौके पर पूछताछ में जुटे रहे। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, हालांकि सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। एक साल पहले भी उनके बीच विवाद हुआ था। सोमवार को फिर विवाद हुआ, जिसके बाद एक पक्ष हमलावर हो गया।

  • अमहट में निकला जुलूस ए अमारी

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    सुल्तानपुर l अंजुमन जीनतुल अजा अली गढ़ की तरफ से आज दिन में 10बजे  दरगाह हजरत अब्बास अ.स.करबला अमहट में एक मजलिस. का आयोजन किया गया  जिसको मौलाना नासिर मेंहदी.व मौलाना महफूजुल हसन प्रिंसिपल नासरिया करबी कालेज जौनपुर ने पढ़ी इसके बाद जुलूसे अमारी करबला अमहट से उठकर अमेठी सुलतानपुर रोड से अमहट चौराहे होता हुआ l

    जामा मस्जिद अमहट पर खत्म किया गया दौराने जुलूस सुलतानपुर की मुकामी अंजुमनों ने नौहा मातम किया और मौलाना मुशीर अब्बास खान मौलाना आबिस काजि़म जरवली  ने तकरीर की.आरिफ़ सुलतानपुरीने  नौहा पढ़़ा .और आका हसन एडवोकेट संचालन किया ।

    जामा मस्जिद अमहट पर काफिला ए हुसैनी जो रिहाई के बाद करबला से मदीने  वापस आया था उसका मंजर पेश किया गया यह जानकारी है दर अब्बास खाँ अध्यक्ष हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन सुलतानपुर ने दी है।

  • पंत स्टेडियम में दो दिवसीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ

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    रिपोर्टर – सैय्यद मकसुदुल हसन
    सुल्तानपुर। पंत स्टेडियम में दो दिवसीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ। डीएम ने नौनिहालों के मार्च पास्ट को दी सलामी।

    उड़ाए ‌गए शांति के प्रतीक कबूतर। जिलेभर के स्कूल कर रहे शिरकत। मशाल दौड़ के साथ स्पर्धा का शुभारंभ। जिलाधिकारी ने किया प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन।

  • यहां बिजली के बदले गांव वालों से दालें, घी-दूध और अनाज वसूलता बिजली महकमा

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    मुरादाबाद जिले के इस गांव में आज भी बाटा कारोबार चलता है। यहां बिजली के बदले गांव वालों से बिजली महकमा अनाज वसूलता है। गेहूं के सीजन में गेहूं और धान के सीजन में धान। गांव वालों की मानें तो बिजली वाले कई बार बिल के बदले दालें और घी-दूध भी ले जाते हैं।

    गांव में आठ साल से बिजली की लाइन है। कमोबेश हर घर में बिजली का इस्तेमाल होता है। मीटर एक भी घर में नहीं लगा है। खपत का अंदाजा लगाकर लाइनमैन तय करता है कि किस घर से कितना अनाज लेना है।

    मंगलवार को भी यही सिलसिला चल रहा था। एन वक्त पर पुलिस पहुंची तो बिजली वालों को आठ बोरा धान और बाट – तराजू छोड़कर भागना पड़ा। भाजपा जिलाध्यक्ष के दखल के बाद पुलिस ने लाइनमैन समेत दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

    गांव वालों की मानें तो भगतपुर थाना क्षेत्र के गांव सिरसवां हरचंद का मझरा में यह सिलसिला पिछले आठ सालों से चल रहा था। हर महीने बिजली वाले गांव आते हैं और बिजली खर्च का अनुमान लगाकर अनाज वसूल लाते हैं।

     मंगलवार को भी गांव में बिजली वाले अनाज तोल रहे थे। गांव में भाजपा का बूथ समिति सम्मान कार्यक्रम था। इसमें पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम शर्मा से ग्रामीणों ने वसूली की शिकायत की।

    भाजपा जिलाध्यक्ष ने भगतपुर इंस्पेक्टर को मौके पर बुला लिया। पुलिस देख बिजली वाले अनाज छोड़कर भाग निकले। गांव के पूरन सिंह ने घटना की बाबत भगतपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

    इसमें कहा है कि गांव में बिजली की व्यवस्थित लाइन है। ग्रामीणों ने कई बार मांग की है कि उनके घरों पर बिजली के मीटर लगा दिए जाएं। रिपोर्ट में आरोप है कि लाइनमैन हप्पू उर्फ जमीर अहमद और उसके साथी दिनेश कुमार ने अवैध रूप से कटिया डलवाकर लाइन शुरू करा दी। बिल के बदले अनाज व पैसों की वसूली शुरू कर दी।

    मामले की जांच के आदेश दिए जा रहे हैं। डीएम से जांच कराने को कहा गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व की हानि और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

    – अनिल राजकुमार, मंडलायुक्त 

    इस घटना में संविदा कर्मी शामिल हैं। इसकी जानकारी मिली है। मामले में जेई से रिपोर्ट मांगी गई है। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
    – संजय कुमार गर्ग, अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण)

    सरकार की नीतियों के खिलाफ जाकर कुछ अधिकारी और विभाग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। सिरसवां हरचंद में सालों से यह खेल चल रहा था। मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें शामिल बिजली अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी।
    – हरिओम शर्मा, जिलाध्यक्ष, भाजपा

  • बुंदेलखंड में हजारों अन्ना गायों और किसानों की संकटमोचन बनी शैफाली कुंवर

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    हमीरपुर।  बुंदेलखंड में हजारों की संख्या में घूम रही अन्ना गायें आये दिन मौत के मुंह में समा रही हैं। इन गायों की मौत भूख के कारण हो रही है। ये गायें जब अपनी भूख मिटाने के लिए ये किसानों के खेतों की ओर रुख करती हैं। इससे किसान भी इन्हें अपना दुश्मन मानने लगे हैं। अन्ना गायों की बढ़ती समस्या को देखते हुए सरीला नगर पंचायत की चेयरमैन ने अन्ना गायों के लिए गौशाला बनवाई हैं। जहां पर वे इन बेसहारा गायों की सेवा करती हैं। इससे अन्ना गायों को भी सहारा मिल गया है और किसानों को सबसे बड़ा दुख भी दूर हो गया है।
    बता दें कि सूखे की मार झेलने वाले बुंदेलखंड के जिले हमीरपुर में किसान मौजूदा वक्त में अन्ना गायों से बहुत परेशान हैं। घर-घर पूजी जाने वाली गाय यहां अन्ना होने के कारण किसानों के लिए बहुत गंभीर समस्या बन गईं हैं। स्थिति इतनी विकराल हो चुकी है कि आए दिन ये अन्ना गाय इंसानी संघर्ष का कारण तक बन जाती हैं। लेकिन सरीला नगर पंचायत की चेयरमैन शैफाली कुंवर की पहल के चलते सरीला के किसान अब अपने घरों में रात को चैन की नींद सो रहे हैं। यहां के किसानों को अब अपनी फसल की अन्ना गायों से रखवाली के लिए रात-रात भर खेतों में नहीं जगना पड़ता।
    सरीला नगर पंचायत द्वारा अन्ना गायों को नियंत्रित करने से नगर पंचायत की चेयरमैन शैफाली कुंवर ने बताया कि आस्था की प्रतीक गाय की दुर्दशा और किसानों की समस्या को समझते हुए उन्होंने बहुत थोड़े से बजट से इन गायों के भोजन एवं इन्हें एक जगह रखने के लिए दो गौशालाओं की व्यवस्था की। जहां मौजूदा वक्त में लगभग 1300 अन्ना गाय हैं। उन्होंने गायों की सेवा एवं उन्हें चराने आदि के लिए सात लोगों को नियुक्त कर रखा है। इसके अलावा भूसा व घास आदि की व्यवस्था भी नगर पंचायत द्वारा की जाती है। शैफाली कुंवर बताती हैं कि अन्ना गायों के नियंत्रित हो जाने से किसान बेहद खुश हैं। उन्हें अपनी फसल की रखवाली के लिए अब खेतों में नहीं सोना पड़ता। उन्होंने बताया कि बहुत से किसान भी खेतों से निकलने वाला भूसा आदि अन्ना गायों के लिए देते हैं जिसे एक जगह स्टोर किया जा रहा है ताकि ठंड के मौसम में इन अन्ना गायों को भूखा न रहना पड़े।
    सरीला के किसान राम खिलावन चेयरमैन की इस पहल से बहुत खुश हैं। वे कहते हैं कि अन्ना गायों के झुंड अपनी भूख शांत करने के लिए जिस किसान के खेत की तरफ रुख कर लेते थे उसे पूरा चट कर जाते थे। जिससे किसान बेहद मायूस थे। किसानों ने अन्ना गायों की समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला। चेयरमैन शैफाली कुंवर बताती हैं कि वे अपनी व्यस्तम दिनचर्या से दस मिनट का टाइम निकालकर इन अन्ना गायों की देखरेख करने गौशाला जरूर जाती हैं।
    वहां वे गायों को चारा खिलाने के साथ-साथ उनकी देख-रेख की जानकारी लेती हैं। वे बताती हैं कि उनके इस छोटे से प्रयास से किसानों को मिल रही राहत से उनका उत्सावर्धन हुआ है। वे अन्ना गायों को बांधने के लिए और भी गौशाला का निर्माण कराएंगी। वे कहती हैं कि ठंड के मौसम को देखते हुए अन्ना गायों के लिए टीनशेड की व्यवस्था भी कराई रही हैं जिससे इन अन्ना गायों को ठंड से बचाया जा सके। सूखे की मार झेलने वाले हमीरपुर समेत समूचे बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा सदियों से चली आ रही है। इस प्रथा के तहत पहले चैत्र मास में फसल कटाई के बाद गोवंश को खुला छोड़ा दिया जाता था लेकिन अब इस प्रथा को किसानों ने हमेशा के लिए अपना लिया है।
    गोवंश को छुट्टा छोडऩे के पीछे वजह ये थी कि फसल कटाई के बाद खुले खेतों में इनके विचरण करने और चरने से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ती थी। खेत में इन जानवरों का गोमूत्र और गोबर खाद का काम करता था। हालात बदले और किसानों ने मशीनों से दोस्ती कर ली और गोवंश से नाता तोड़ लिया। नतीजा ये हुआ कि दूध देने वाले जानवरों के अलावा सभी को अन्ना छोड़ा जाने लगा। समय के साथ-साथ इन अन्ना गायों की तदाद बढ़ती चली गई और मौजूदा समय में ये अन्ना गाय किसानों के लिए सबसे बड़ा दर्द बनकर उभरी हैं। इन अन्ना गायों के अनियंत्रित झुंड जिस ओर भी रुख करते हैं वहीं भारी समस्या पैदा करते हैं। कभी ये झुंड फसल चौपट कर देते हैं तो कभी सडक़ दुर्घटना का कारण भी बनते हैं।