Category: uttar-pradesh

  • सनसनीखेज मामला : शादी से इंकार करने पर दूल्हे सहित कई बारातियों का सिर गांजा किया

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    लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां दहेज मांगने के विरोध में ससुराली जनों पर दूल्हे का कथित सर गंजा करने का आरोप लगा है। दूल्हे की दादी का कहना है कि दहेज में मोटरसाइकिल और सोने की चैन मांगी थी। दूल्हे की 5 दिन बाद शादी है। वहीं लड़की पक्ष का कहना है कि दहेज़ की मांग पूरी ना होने पर उसने शादी से इंकार कर दिया। दूल्हे का आरोप है कि दुल्हन के घरवालों ने उसका सर गंजा कर दिया। हालांकि पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी है। अभी तक यह नहीं ज्ञात हो पाया है कि दूल्हे का सिर किसने गंजा किया है। पुलिस इसके बारे में जांच कर रही है।

    दहेज की बाइक पसंद नहीं आई तो खुर्रमनगर में दूल्हा और उसके भाइयों ने निकाह से इनकार कर दिया। घरातियों ने खूब मान-मनौव्वल और मनुहार की पर दहेज लोभी नहीं पसीजे। दूल्हे और उसके भाई एक ही अड़ गए कि पल्सर नहीं अपाचे बाइक ही चाहिए। मान-मनौव्वल बढ़ा तो चार तोले सोना के हार की मांग और बढ़ा दी।

    आखिर दुल्हन पक्ष का धैर्य दे दिया तो उन्होंने दहेज लोभियों व उनके रिश्तेदारों को बंधक बना लिया। दूल्हे समेत चार लोगों को सिर मूड़ दिया। मामला और भड़कता, इससे पहले दूल्हे पक्ष से कुछ लोगों ने डायल 100 पर सूचित किया। पुलिस ने बंधक बनाए लोगों को छुड़ाया और इंदिरानगर थाने ले गई।
    दूल्हा अब्दुल कलाम करीब 25 साल का है और मुंबई में जूस बेचता है। दुल्हन को सांत्वना देते हुए उसकी दादी और बहनों ने कहा कि अच्छा हुआ निकाह पढ़वाने से पहले दूल्हे की हकीकत सामने आ गई। घटना के बाद दुल्हन पूरा समय रोती नजर आई, हालांकि उसने भी कहा कि वह अब उस लड़के से निकाह नहीं करना चाहती।दहेज की मांग पूरी नहीं होने के बाद दूल्हे अब्दुल कलाम और उसके साथ मौजूद बाकी लोग सकते में आ गए। अब तक हंगामा कर रहा दूल्हा बाद में पूरे समय घबराया हुआ बैठा रहा। पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिसमें उसने कहा कि उसे अब निकाह नहीं करना।
    अपाचे बाइक मांग रहा था दूल्हा, लड़की के घरवालों ने दी थी पल्सर

    जानकारी के मुताबिक, घटना खुर्रमनगर के शहीद जियाउल हक पार्क क्षेत्र की है। लड़की के पिता के अनुसार वे मूलत: बाराबंकी के के रहने वाले हैं। यहां सब्जियां बेचकर गुजारा करते हैं। पार्क के पास ही कच्चा घर बनाकर रहते हैं। बेटी का रिश्ता करीब तीन महीने पहले बाराबंकी के ही धौकलपुरवा के रहने वाले अब्दुल कलाम से तय किया। एक महीने पहले मंगनी हुई। निकाह के लिए अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज का सामान जुटाया पर, निकाह के सात दिन पहले लड़के वालों ने डिमांड बढ़ानी शुरू कर दी। रविवार को निकाह के लिए दूल्हा करीब डेढ़ सौ बारातियों के साथ खुर्रमनगर पहुंचा। काजी को बुलवा लिया गया था। दूल्हे ने दहेज के सामान को देखा और निकाह से ऐन पहले इस बात पर अड़ गया कि उसे पल्सर नहीं बल्कि अपाचे बाइक और चार तोला सोने का हार चाहिए। जब इसे पूरा करने में दूल्हन पक्ष ने असमर्थता जताई तो बारातियों ने बिना निकाह लौटने की धमकी दी।

    धमकी के बीच दूल्हा और बाराती शराब के नशे में करने लगे हंगामा
    लड़की वालों ने दुल्हन के लिए 25 हजार रुपये मेहर तय किया था। लेकिन लड़के वालों को यह भी नागवार गुजरा। उन्होंने निकाहनामे से इस शर्त को हटाने की मांग की। इससे बात और बिगड़ती चली गई। लड़की के पिता का कहना था कि वह करीब तीन-चार लाख रुपया का दहेज दे रहा है, 25 हजार रुपये मेहर इसके सामने कुछ नहीं है। बेटी के पिता का कहना है कि इस धमकी के बीच दूल्हा और बाराती शराब के नशे में हंगामा करने लगे। उन्हें समझाया गया कि 85 हजार रुपये खर्च करके खरीदी गई बाइक वापस करके दूसरी लाना संभव नहीं है। जिस बाइक की वे मांग कर रहे हैं, वह केवल 10 हजार रुपये ज्यादा महंगी, इसके लिए बिना निकाह वापस लौटना ठीक नहीं है। लेकिन बाराती नहीं माने।
    हंगामा बढ़ा तो दूल्हा और उसके रिश्तेदार भागे
    हंगामे की वजह से दुल्हन पक्ष के लोग भी नाराज होने लगे और निकाह किए बिना जाने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इस बीच मोहल्ले के लोग भी जमा हो गए और अपने अपने ढंग से बारातियों को कोसने लगे। हालात बिगड़ते देख बारातियों ने भागना शुरू कर दिया। दूल्हा, उसका भाई नूर उल सलाम और कुछ अन्य लोग भी भागने का मौका देखने लगे। लेकिन दूल्हन पक्ष के लोगों ने उन्हें बंधक बना लिया। वे उन्हें विवाह स्थल के निकट ही मौजूद पार्क में ले गए, गेट बंद कर दिया। पार्क के चारों और बाउंड्री वॉल थी जिससे किसी को भागने नहीं दिया गया। दूल्हे का बाप ननकू भी रोका गया।
    भीड़ ने घेर कर उस्तरा से मूड दिए कई लोगों के सिर
    बंधक बनाए लोगों को भीड़ ने घेर लिया। इस दौरान कुछ लोग उस्तरे ले आए और दूल्हे सहित चार लोगों को सजा देने के नाम पर उनके सिर मूड़ने पर आमाद हो गए। एक-एक करके अब्दुल कलाम, उसके भाई और चार अन्य के सिर आधे आधे मूड़ दिए गए। डायल 100 पर मिली सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने बंधकों को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। लेकिन मोहल्ले के लोग बंधक बनाए दूल्हे और बाकियों को छोड़ने को तैयार नहीं थे। काफी समझाने के बाद वे माने और पुलिस ने चारों लोगों को अपने कब्जे में लिया। वहीं दुल्हन पक्ष के कुछ लोगों को भी इंदिरानगर थाने ले जाया गया। देर रात तक बातचीत चलती रही। लोगों ने दूल्हे अब्दुल कलाम, उसके भाई नूर उल सलाम, जावेद और कदीर के सिर आधे मूडे़ गए। वहीं इन चारों सहित असलम को भी बंधक बनाया गया।

  • यूपी: मां ने अपने 21 साल के बेटे को ही मार डाला, आखिर ऐसा क्या हुआ था जानिये !

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    लखनऊ। विधान परिषद सभापति रमेश यादव के बेटे अभिजीत (21) की रविवार को दारुलशफा बी ब्लाक स्थित विधायक निवास में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम अभिजीत की मां मीरा ने दिया था। पुलिस की पूछताछ में देर रात उसने यह बात स्वीकार की है। मीरा ने बताया कि अभिजीत अक्सर नशे में घर में अभद्रता करता था और घटना के समय भी उसने शराब पी रखी थी।

    एएसपी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि मूल रूप से एटा निवासी विधान परिषद सभापति रमेश यादव का दारुलशफा न्यू बी ब्लाक में आवास है। यहां उनकी दूसरी पत्नी मीरा यादव अपने बेटे अभिजीत और अभिषेक के साथ रहती हैं। अभिजीत बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। रविवार तड़के उसकी मौत की खबर फैली। परिवारीजन दोपहर में शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे। इसी बीच पुलिस ने बीच रास्ते में उन्हें रोक लिया और छानबीन शुरू कर दी।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि अभिजीत की गला घोंटकर हत्या की गई थी और सिर पर चोट भी थी। इसी को आधार बनाकर पुलिस ने अभिजीत की मां मीरा और भाई अभिषेक से पूछताछ शुरू कर दी। देर रात मीरा ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। एएसपी पूर्वी के अनुसार मीरा ने बताया कि अभिजीत शराब का लती था। घर पर वह गाली गलौज और मारपीट भी करता था। घटना के समय भी दोनों में कहासुनी हुई थी इसके बाद मीरा ने उसे धक्का दे दिया तो उसका सिर दीवार से टकरा गया और वह गिर गया। इसके बाद मीरा ने दुपट्टे से गला घोंट दिया।

    पूछताछ में मीरा ने बताया कि रविवार तड़के करीब तीन बजे अभिजीत के सीने में दर्द हुआ था। अभिजीत के कहने पर उसके सीने पर उन्होंने बाम लगाया था। पेट में गैस की आशंका पर उसे दवा भी दी। उसे कुछ आराम मिला तो वह बेड पर सो गया था, जबकि मीरा जमीन पर सो गई थी।

    मीरा ने यह भी बताया था कि अभिजीत का बड़ा बेटा अभिषेक नौकर के साथ बाहर गया था। सुबह 7.30 बजे जब उनकी आंख खुली तो एसी बंद मिला। अभिजीत को आवाज लगाई तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसी बीच अभिषेक भी आ गया। अभिषेक ने भाई को जगाने की कोशिश की और नब्ज देखने के बाद उन्हें बताया कि अभिजीत की तो मौत हो गई है।

    अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय पुलिस ने जब मीरा से पोस्टमार्टम और पुलिस में शिकायत न करने के बारे में पूछा तो मीरा ने कहा था कि अभिजीत की मौत स्वभाविक है। वहीं भाई अभिषेक भी गोलमोल जवाब दे रहा था। देर रात जब मीरा ने वारदात कबूल की तो सच सामने आया।

    वहीं, विधान परिषद सभापति रमेश यादव ने बताया कि मीरा मेरी दूसरी पत्नी है, मुझे घटना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और किसी पर शक नहीं है। जिस समय यह घटना हुई, मैं एटा में था। जानकारी मिलते ही मैं लखनऊ पहुंचा और बेटे अभिजीत के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ।

  • सवर्ण आयोग को लेकर जनपद के दोनों सांसदों का हुआ घेराव

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    हरदोई। सवर्ण चेतना सभा ने आज हरदोई के दोनों सांसदों अंशुल वर्मा व अंजूबाला का घेराव किया व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि सवर्ण चेतना सभा गैर राजनैतिक संगठन है जो कि पूरे देश प्रदेश में सामाजिक मुद्दों एवं सभी वर्गो की समस्याओं को लेकर संघर्ष करती रहती है। हम सब प्रधानमंत्री व उ0प्र0 के मुख्यमंत्री से आपके माध्यम से मांग करते हैं कि जिस तरीके से देश के अन्दर एस0सी0एस0टी0 आयोग/पिछड़ा वर्ग आयोग, अल्प संख्यक आयोग गठित किया गया है उसी तर्ज पर गरीब सवर्णो के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा सवर्ण आयोग का भी गठन होना जरूरी है।
    आगे कहा गया है कि अगर सवर्ण आयोग का गठन होगा तो गरीब सवर्ण भी अपनी समस्या अपने आयोग में रख सकेंगे। सवर्ण आयोग का गठन होने से गरीब सवर्ण भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ सकेगें। ऐसी वर्तमान परिस्थितियों में सवर्ण आयोग का गठन नितान्त आवश्यक हो गया है। वर्तमान समय में सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है, सम्पूर्ण समाज के सम्यक विकास के लिए यह आवश्यक हो गया है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाये। यदि समय रहते ऐसा न  हुआ तो गंम्भीर परिणाम आ सकते हैं। देश की तरक्की में सभी जाति धर्म के लोगो की बराबर की हिस्सेदारी रही है। हम सब अन्य आयोग का किसी भी प्रकार से कोई विरोध नही करते हैं वह सभी वर्ग के लोग हमारे अपने हैं। बल्कि सरकार से प्रमुख मांग करते हैं कि इसी तर्ज पर सवर्ण आयोग का गठन किया जाना जरूरी हो गया है। सवर्ण आयोग के गठन को लेकर हाई कोर्ट का निर्णय भी आ चुका है लेकिन सरकार उस आदेश पर कोई अमल नही कर रही है।अंत मे कहा गया है कि मुझे आशा ही नही वरन पूर्ण विश्वास है कि आप अपने गंम्भीर सदप्रयासों से सवर्ण आयोग का गठन कराने हेतु सरकार का मार्ग प्रशस्त करेगें।
    सवर्ण चेतना सभा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट हाई कोर्ट आदर्श दीपक मिश्र के निर्देश पर प्रदेश व्यापी सवर्ण आयोग के गठन को लेकर सांसद विधायकों का घेरावध्ज्ञापन जनपद हरदोई में कियाध्सौपा गया है। उपरोक्त विषय की गंम्भीरता को ध्यान में रखते हुए हम सब की आपसे सानुरोध प्रार्थना है कि आप अपनी सामाजिक एंव राजनैतिक गहरी सोच के द्वारा उपरोक्त मांगो पर स्वीकृति कराने हेतु प्रयत्न करेगें।घेराव मे प्रमुख रूप से आदर्श दीपक मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष, आरिफ खान श्शानूश् अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष, धीरज सिह प्रदेश मुख्य महासचिव, सजीव मिश्रा प्रदेश उपाध्यक्ष, योगेश सिह जिला अध्यक्ष, आदर्श मिश्रा जिलाध्यक्ष छात्र संघ, प्रतिमा मिश्रा एड महिला सभा, रफीक लम्बू, आशुतोश बाजपेई आजाद, कृष्ण कन्त मिश्र, शिव मोहन शुक्ला, अनूप दीक्षित, सतीश शुक्ला, ज्ञानेश मिश्रा, सतीश शुक्ला, छोटू बनिया, विजय पांडेय, राम जी, मोहित सिंह, राम जीवन, विजय बहादुर सिंह, राजीव सिंह, अखिलेश तिवारी रहे।

  • उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी के पिता जी की तेरहवीं भोज में शामिल होंगे कई VVIP

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    विकास कुमार गौतम
    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी के पिता स्व,श्याम लाल मौर्य जी का आज 22 तारीख को उपमुख्यमंत्री आवास सीराथु में तेरहवीं भोज संस्कार होना तय हुआ है उपमुख्यमंत्री जी के पिता की तेरहवीं में उत्तर प्रदेश सरकार एवम भारत सरकार के कई दिग्गज मंत्री,सांसद,विधायक एवम विपक्ष के भी बहोत से नेताओं के आगमन का प्रोटोकॉल जिले में आ चुका है ।

    VVIP के आगमन का प्रोटोकोल आते ही जिले के जिम्मेदारों ने उपमुख्यमंत्री के ग्रह नगर स्थित आवास के साथ ही पूरे कौशाम्बी जिले के उन सभी रास्तों जिन से होकर VVIP को आना है उन सभी रास्तों पे DM व SP कौशाम्बी द्वारा सुरक्षा के कड़े से कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं DM SP व ASP कौशाम्बी द्वारा हर तरह सुरक्षा का जाल बिछा दिया गया है जिले में 50 से ज्यादा सुरक्षा प्वाइंट बनाकर कार्यक्रम को सकुशक निपटाने की तैयारी कर ली गई है ।

    अधिकारियों द्वारा VVIP पण्डाल,स्थानीय पण्डाल,रोड ड्यूटी,बैरियल ड्यूटी,हेलीपैड ड्यूटी,तेरहवीं पण्डाल के आसपास स्थित बिल्डिंगों से ड्यूटी के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं । जिम्मेदारों द्वारा सुरक्षा को लेकर 2 ASP,6 CO,30 इंस्पेक्टर,300 कॉन्स्टेबल,2 कम्पनी PAC बल,बम डिस्पोजल दल,डॉग स्कॉयड,विस्पोटक सामग्री जांच दल,,समेत सुरक्षा के बहोत से इंतजाम जिम्मेदारों ने कर रखे हैं ।ASP कौशाम्बी व क्षेत्राधिकारी सीराथु रामवीर सिंह ने बताया कि डिप्टी cm के आवास,पण्डाल,एवम सिराथू के सभी मार्गों पे समय और स्थिति को देखते हुवे सुरक्षा प्वाइंट की संख्या बढ़ाई जा सकती हैं

  • अब नही चल सकेंगे बिना नम्बर प्लेट की दो पहिया वाहन

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    क्राइम रिपोर्टर-मन्नान अहमद लारी
    ब्यूरो चीफ-कामेश्वर पांडेय
    देवरिया । अगर आप बिना नंबर प्लेट की गाड़ी चला रहे हैं तो तुरंत अपनी दोपहिया वाहन पर नंबर लगवा ले नहीं तो आपको बिना नंबर की गाड़ी चलाने के चलते पुलिस थाने का चक्कर लगाना पड़ सकता है क्योंकि अब देवरिया पुलिस ने बिना नंबर की दो पहिया वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही करने की ठान ली है। जिसके क्रम में देवरिया के पुलिस अधीक्षक एन कोलांची द्वारा जिले के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे अपने अपने थाना क्षेत्र मे वाहन चेकिंग कर बिना नंबर प्लेट के चल रहे वाहनों के विरुद्ध करवाई करें।
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    अब नही चल सकेंगे बिना नम्बर प्लेट की दो पहिया वाहन

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    अब नही चल सकेंगे बिना नम्बर प्लेट की दो पहिया वाहन

    पुलिस अधीक्षक द्वारा यह भी निर्देश दिया गया कि यदि बिना नंबर प्लेट के वाहन स्वामी द्वारा वाहन से संबंधित कागजात दिखा दिए जाते हैं एवं पूर्ण संतुष्टि के उपरांत उपरोक्त वाहन के नंबर प्लेट पर वाहन का नंबर लिखवाते हुए कार्रवाई करें। जिसके क्रम में थाना कोतवाली द्वारा 40 वाहन में 15 वाहनों पर एवं थाना मदनपुर द्वारा 6 वाहनों में से तीन वाहनों पर नंबर लगवाते हुए अन्य के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही किया गया।

  • करवाचौथ 27 को ,इस साल नही रख सकती नवबधुएं अपना पहला व्रत

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    Lucknow/ गोरखपुर । करवाचौथ व्रत शनिवार (27 अक्टूबर) को परंपरागत रूप से आस्था व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा, लेकिन वे नववधुएं जिनका यह पहला करवाचौथ व्रत होगा, वे इस वर्ष यह व्रत शुरू नहीं कर सकेंगी। इसकी वजह है कि इस वर्ष मलमास (अधिक मास) लगा था। जिस संवत्सर में मलमास लगता है, उसमें नया व्रत प्रारंभ नहीं किया जाता। कुछ ज्योतिषाचार्य शुक्रास्त को भी इसका एक कारण बता रहे हैं लेकिन ज्यादातर का कहना है कि शुक्रास्त का व्रतारंभ पर कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि हर वर्ष शुक्र अस्त रहता है। लेकिन दोनों तरह के ज्योतिषाचार्य इस बात पर सहमत हैं कि इस वर्ष नववधुएं करवाचौथ का व्रत शुरू नहीं करेंगी। क्या कहते हैं विद्वान ज्योतिषाचार्य पं.कमल शंकर पति त्रिपाठी के अनुसार शुक्र अस्त होने का प्रभाव करवाचौथ व्रतारंभ पर नहीं पड़ेगा, लेकिन इस संवत्सर में मलमास पड़ा था, इस वजह से नववधुएं करवाचौथ व्रत शुरू नहीं कर सकती हैं, लेकिन पूजा-पाठ तथा पति व बड़ों का आशीर्वाद ले सकती हैं।
    उधर गुरु गोरक्षनाथ संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य डॉ. रोहित मिश्र का कहना है कि अधिक मास होने के कारण नया व्रत शुरू नहीं किया जाएगा। शुक्र का अस्त होना इस व्रत के आरंभ में बाधक नहीं है। जिन लड़कियों का विवाह इस वर्ष हुआ है वे करवाचौथ व्रत शुरू नहीं करेंगी। लेकिन पूजा व मंगल कामना की जा सकती है। जबकि ज्योतिषाचार्य पं.ब्रजेश पांडेय का कहना है कि इस वर्ष नववधुओं द्वारा करवा-चौथ व्रत शुरू न किए जाने का मूल कारण मलमास का पड़ जाना है। जो तिथि निश्चित है जैसे व्रत व त्योहार आदि, उसमें शुक्र व गुरु का अस्त होना नहीं देखा जाता। विवाहादि में शुक्र व गुरु का अस्त देखा जाता है।
    ज्योतिषाचार्य पं.राकेश पांडेय का कहना है कि इस वर्ष एक तो मलमास पड़ गया, दूसरे शुक्र अस्त चल रहा है। इन दोनों वजहों से नववधुएं इस वर्ष करवाचौथ व्रत का आरंभ नहीं कर सकतीं। शुक्र अस्त तो है ही, वृद्धत्व व बालत्व दोष से भी युक्त है। नववधुएं इस वर्ष केवल पूजा-प्रार्थना करें। ऐसे करें व्रत व पूजा एक पीढ़ा (लकड़ी का पाटा) पर जल से भरा एक पात्र रखें। उस जल में चंदन और पुष्प छोड़ें और एक करवा (मिट्टी का बर्तन) लेकर उसमें गेहूं और उसके ढकनी में चीनी भर लें और एक रुपया नगद रख दें। करवा पर स्वास्तिक बनाकर तेरह बिंदी दें और हाथ में गेहूं के तेरह दाने लेकर कथा सुने। तत्पश्चात करवा पर हाथ रखकर उसे किसी वृद्ध महिला का चरण स्पर्श कर अर्पित करें और चंद्रोदय के समय रखे गए जल से अ‌र्घ्य देकर अपना व्रत तोड़ें। कुछ महिलाएं चावल को जल में पीस कर दीवार या कागज पर करवाचौथ का चित्र बनाती हैं और उसमें चंद्रमा और गणेश की प्रतिमा उकेरती हैं तथा चावल, गुड़ व रोली से पूजा करती हैं। पूरे दिन महिलाएं भजन व मांगलिक एवं सात्विक कर्मो में व्यतीत करें और सुंदर वस्त्र तथा आभूषण श्रृंगार करके करवा की पूजा करें।
    क्या है पौराणिक कथा
    पुराणों के अनुसार जब पांडवों पर घोर विपत्ति का समय आया तब द्रोपदी ने भगवान श्रीकृष्ण का आह्वान किया। कृष्ण ने कहा कि यदि तुम भगवान शिव के बताए हुए व्रत करवाचौथ को आस्था व विश्वास के साथ संपन्न करो तो समस्त कष्टों से मुक्त हो जाओगी और समृद्धि स्वत: ही प्राप्त हो जाएगी। परंतु ध्यान रखना कि व्रत के दौरान भोजन-पानी वर्जित है। द्रोपदी ने व्रत रखा और पांडवों का कष्ट दूर हुआ तथा उन्हें पुन: राज्य की प्राप्ति हुई।

  • ’घनी आबादी में धड़ल्ले से हो रहा है पटाखों का कारोबार’

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    गोरखपुर । कलेक्ट्रेट स्थित सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय पर इन दिनों मेला स्थल बना हुआ है क्योंकि यहां पटाखों के अस्थाई लाइसेंस के लिए लोगों की भीड़ लगी है । दशहरा समाप्त होते ही लोग दीपावली की तैयारियों में जुट जाते हैं । रौशनी के पर्व दीपावली की पहचान मिठाइयों के अलावा पटाखों से होती है । जहां एक तरफ स्वादिष्ट मिठाइयों के लिए खोवा व अन्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है वही पटाखों का निर्माण बारूद से किया जाता है । एक अच्छी दीपावली के लिए मिठाई, पटाखे और दीयों का होना जरूरी है। इस महत्वपूर्ण पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों की नजर मिलावटखोरों के साथ ही साथ पटाखा व्यवसायियों पर है ।

    इसी क्रम में आज सिटी मजिस्ट्रेट अजीत कुमार सिंह ने पटाखा लाइसेंसधारियों के साथ जिलाधिकारी सभागार में बैठक कर पटाखों की बिक्री और रखरखाव को लेकर कड़े दिशानिर्देश दिए । बैठक के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ खोवा मंडी पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अजीत कुमार सिंह और अपर सिटी मजिस्ट्रेट गौरव श्रीवास्तव ने खोवा व्यवसायियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर उन्हें मिलावट न करने का फरमान सुनाते हुए कड़े निर्देश दिए। इसी क्रम में राप्तीनगर स्थित एक फैक्टरी पर भी छापेमारी की गई ।

    बताते चलें कि जहां एक ओर दीपावली के पर्व पर मिलावटखोरों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दिया है । शहर के विभिन्न इलाकों में खाद्य तेल, मिठाइयों व नकली खोवा भारी मात्रा में लोगों के लिए उपलब्ध है तो दूसरी ओर भीड़भाड़ वाले स्थानों व घनी आबादी में पटाखों के भंडारण और बिक्री पर लगी सरकारी रोक सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गई है। शहर के तमाम स्थानों पर भीड़ भाड़ वाले इलाकों में खुलेआम पुलिस की नाक के नीचे पटाखों का थोक व फुटकर व्यवसाय चल रहा हैं ।
    यहां यह भी बताना जरूरी है कि दीपावली पर्व के लिए पूर्व में शहर के 12 स्थानों को चिन्हित कर वहां पटाखा लाइसेंस जारी किए जाते रहे हैं, जिसमें टाउन हॉल स्थित कचहरी क्लब ग्राउंड को सभी पटाखा व्यवसाई प्राथमिकता देते हैं । क्योंकि यहां पटाखों की बिक्री सबसे ज्यादा होती है । इन अस्थाई लाइसेंस के लिए संबंधित थाना के अलावा अग्निशमन कार्यालय से एनओसी प्राप्त करने के बाद सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करके लाइसेंस प्राप्त किया जाता है । बहरहाल जहां अवैध बारूद का धंधा जोरो पर है वही सम्बंधित अधिकारी सूचना के इंतेजार में हैं जबकि शहर का खुफिया विभाग अभी कारोबारियों के आकलन में जुटा है । इस बीच बारूद के ढेर पर खड़े इस शहर में यदि कोई बड़ी दुर्घटना नही हुई तो यह अपने आप में भगवान् का एक वरदान ही होगा।

  • हड़ताल है कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लघंन : जिलाधिकारी

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    रायबरेली।  जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री की अध्यक्षता में बचत भवन सभागार में कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के सम्बन्ध में सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिये है कि दिनांक 25, 26 एवं 27 अक्टूबर 2018 को प्रस्तावित हड़ताल के सम्बन्ध में कहा कि सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग के कर्मचारियों को पेंशन के सम्बन्ध में अवगत कराये और पेंशन की पूरी जानकारी देते हुए उनकी भांतियों को दूर करें। जिलाधिकारी ने कहा कि पुरानी पेंशन और नई पेंशन में कोई फर्क नही है। उन्होंने ने कहा कि नवीन पेंशन प्रणाली उनके हित में उसका लाभ उठाये। हड़ताल करना ” 
    उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी की आचरण नियामावली 1956 के नियम 3 में उल्लिखित प्रत्येक सरकारी सेवक हर समय अपनी डयूटी के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण रखेगा ” का उल्लंघन है।
    आचरण नियामावली 5 के अन्तर्गत कोई सरकारी सेवक अपनी सेवा या अन्य किसी सरकारी सेवक की सेवा सम्बन्धी मामलों में किसी भी प्रकार की हड़ताल के लिए न ही सहायता करेगा और न ही सम्मिलित होगा। कोई भी कर्मचारी नियमों का उल्लघंन न करें। जिलाधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों के दिमाग में जो भांतियां है उनको पूरी तरह से दूर करना विभागाध्यक्षों का काम है जैसे जनपद में 6 हजार कर्मचारी है जिसमें से 4 हजार कर्मचारियों के प्रान नम्बर है जिनकी बराबर कटौती हो रही है और उनके मोबाईलों पर संदेश भी भेजे जा रहे है। 2 हजार कर्मचारियों के प्रान नम्बर नही उनके प्रांन फार्म तत्काल भरवा दें। उन्होंने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष अपने – अपने कार्यालयों की चाभी स्वयं रखे गये और आकर कार्यालय खोलेंगे अगर कोई कर्मचारी कार्य कर रहा है और किसी तरह की कार्यालयों में तोड़-फोड़ की जाती है तो सम्बन्धित कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।
    जिलाधिकारी ने अपर पुलिस अधीक्षक शशीशेखर सिंह को निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस फोर्स की व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन विभागाध्यक्षों को फोर्स की आवश्यकता हो तो स्थान व फोर्स के सम्बन्ध मंे पुलिस अधीक्षक को लिखित रूप में अवगत कराये। जो कर्मचारी कार्य नही करेंगे तो उनका वेतन नहीं दिया जायेगा। 25, 26, एवं 27 अक्टूबर को किसी भी तरह का अवकाश देय नही होगा। विशेष परिस्थितियों में अवकाश देय होगा। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश देते हुए बताया कि सभी अपने – अपने विभाग की वीडियों रिकांडिंग भी कराये। उन्होंने बताया कि कलेक्टेªट भवन में कन्ट्रोल रूम भी स्थापित किया है जिसका नम्बर 0535-2203320 है जिसपर विभागाध्यक्ष विशेष परिस्थितियों में सूचना दे कर अपनी सूचना को दर्ज करा सकते है।

  • कागज की गड्डी और असलहे के साथ टप्पेबाज गिरफ्तार

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    कुशीनगर : जिले के पटहेरवा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बिना नंबर की बाइक के साथ कट्टा कारतूस व रुपयों के साइज के कागज की गड्डी के साथ एक टप्पेबाज को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने धोखाधड़ी एवं आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया ।

    रविवार को एसओ पटहेरवा संजय कुमार मिश्र व चौकी प्रभारी फाजिलनगर राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम एनएच पर काजीपुर ग्राम सभा के सामने वाहन चेकिंग कर रही थी। इस दौरान तमकुही के तरफ से आ रहा एक बाइक सवार पुलिस को देख कुछ दूरी पर रुक कर बाइक पीछे कर भागने का प्रयास करने लगा।
    यह देख पुलिस र्किमयों ने संदेह के आधार पर उसे दौड़ा कर बाइक सहित पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसके पास से कट्टा-कारतूस के अलावा बाइक की डिक्की से एक छोटे बैग में नोटो के साइज की कागज की गड्डी जिसमें 100 के चार नोट उपर नीचे लगाए गए थे बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम रफीक अंसारी निवासी चौरा दीगर थाना पटहेरवा का निवासी बताया। उसने यह भी कबूल किया कि बैंक में पैसा निकालने आये भोले भाले लोगों को कागज की गड्डी देकर उनके रुपये लेकर फरार हो जाता है।

  • बिजली नही तो वोट नही , ग्रामीणों ने पहले से ही किया लोकसभा 2019 का बहिष्कार

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    हरदोई ,
    हरपालपुर।बिजली के लिए तरस रहे ग्रामीणों ने आखिरकार लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का फैसला कर ही लिया है।विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का दंश झेल रहे बरनई गांव के बाशिंदे अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है।विकास खण्ड सांडी के गांव बरनई चतरखा में बीते 20 सालों से बिजली नही है। सरकार ने विद्युतीकरण के लिए सौभाग्य योजना चलाकर हर गांव को रोशन करने की ठानी तो बरनई के लोगों में भी खुशी छा गयी।

    उन्हें लगा कि शायद 20 साल बाद हमारा गांव भी रोशन होगा।पर महकमे के जिम्मेदार अधिकारियों की अलग-अलग बातें गांव वालों को खटक रही है। वर्ष 2017 में विद्युतीकरण के लिए इसी गांव के सियाराम शरण ने जनसुनवाई पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमे विद्युत खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता एके सिंह ने आख्या लगाते हुए बताया था कि उक्त गांव का चयन पावर ऑफ आल योजना के अंतर्गत होना है।सर्वे के लिए एनके इंटरप्राइजेज गाजियाबाद से अनुबंध किया गया है।

    इस आख्या के 06माह बाद भी गांव में विद्युतीकरण की शुरुआत नही हुई तो धर्मेंद्र द्विवेदी ने जनसुनवाई के माध्यम से यही शिकायत दर्ज कराई। 25 जून को विद्युत खण्ड प्रथम के उक्त अधिशासी अभियंता ने जो आख्या लगाई उसमें सौभाग्य योजना के तहत गांव में विद्युतीकरण कराए जाने की बात कही।ऐसे में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अलग-अलग आख्या से गांव के लोग परेशान है।उन्हें लगता है कि अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे है, क्योंकि कागजों पर भले ही विद्युतीकरण की बात कही जा रही हो,पर गांव में बिजली आने की आहट का कोई संकेत नही मिल रहा है।