Category: uttar-pradesh

  • कुशीनगर : हाटा नगरपालिका में दो पक्ष भिड़े, पुलिस ने पीटकर खदेड़ा

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    कुशीनगर : हाटा विधायक पवन केडिया के प्रतिनिधि अमर केडिया एवं सभासद अर्जुन मौर्य के बीच किसी बात को लेकर मोबाइल पर गरमा-गरम बहस हो गयी। इस बहस का आडियो वायरल होने के बाद सभासद के पक्ष में कुछ अन्य सभासद और सभासद प्रतिनिधि आ खड़े हुए।
    विधायक प्रतिनिधि के विरोध में ये सभासद एवं सभासद प्रतिनिधि नगर पालिका गेट पर धरने पर बैठ गए। नगर पालिका अध्यक्ष मोहन वर्मा ने उन्हें समझा बुझाकर किसी तरह धरना समाप्त करा दिया। धरना समाप्त होने के बाद ये सभासद एवं सभासद प्रतिनिधि नगर पालिका में ही बैठे हुए थे तब कुछ बाहरी लोग पहुंचे और दोनों पक्षों में वाद-विवाद होने लगा।
    इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने धक्का-मुक्की कर रहे दोनों पक्ष के लोगों को हल्का बल प्रयोग कर वहां से खदेड़ दिया। पुलिस ने मौके से एक सभासद एवं दो सभासद प्रतिनिधियों समेत आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में शांति व्यवस्था के मद्देनजर एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस नगर में भ्रमण कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की।

  • कुशीनगर : मोहर्रम का चांद दिखा,सिधुआ बाजार में अगल बगल के इमामबाड़ों में गूंजी ‘या हुसैन’ की सदाएं

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : मोहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इमामबाड़ों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया। आज पहली मोहर्रम है। कर्बला के शहीदों को याद करते हुए या हुसैन की सदाएं गूंजने लगी। दसवीं मोहर्रम को शहीदों की याद में ताजिए का जुलूस निकाला जाएगा।

    चांद दिखने के साथ ही सोगवारों ने काले कपड़े धारण कर सोग का इजहार किया। नवासए रसूल हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को कर्बला के मैदान में दसवी मोहर्रम को तीन दिनों तक भूखा-प्यासा रखकर शहीद कर दिया गया था। रसूल के मानने वाले हर साल शहादत की याद मनाते हैं।
    कुशीनगर जनपद में पडरौना के बसहिया बनवीरपुर निवासी मौलाना कमरुद्दीन कहते हैं कि रसूल की वफात के कुछ साल बाद ही अरब की सत्ता पर यजीद का कब्जा हो गया था। अपने कुकृत्यों पर शरीयत की मुहर लगाने के लिए उसने पैगम्बर के नवासे इमाम हुसैन से बैयत अर्थात समर्पण तलब किया।
    इमाम जानते थे कि यजीद की बैयत करने से उनके नाना की सारी मेहनतें बेकार हो जाएंगी। सामंती सत्ता की दुबारा वापसी हो जाएगी।

  • बागी बलिया की किन्नर Anuska ने सुप्रीम कोर्ट के SC/ST आदेश के विरुद्ध छेड़ा ‘नोटा आंदोलन’

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    बलिया। यूपी के बलिया शहर के बीचोबीच मौजूद साईं मंदिर में भजन-कीर्तन करने जब किन्नरों की टोली अनुष्का शर्मा उर्फ अन्नू की अगुवाई में पहुंची तो उनके मन में एक नई मन्नत भी थी। वह मन्नत थी देश में हाल ही में लागू किए गए एससी/एसटी ऐक्ट के कठोर प्रावधानों के चपेट में कोई निर्दोष न फंसे और देश में एक बार फिर सुलग रही आरक्षण विरोध की आग ठंडी पड़ जाए। किन्नर बिरादरी ने साईं बाबा से इस प्रार्थना के साथ जनता के बीच जाकर इस कानून के विरोध में नोटा आंदोलन  चलाने का भी ऐलान किया।

    अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ जिस बागी बलिया ने आंदोलन का पहला बिगुल फूंका था, आज उसी जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति व जनजाति ऐक्ट में किए गए कठोर प्रावधानों के खिलाफ अनुष्का चैबे उर्फ अन्नू नामक किन्नर ने नोटा आंदोलन का विधिवत आगाज किया। कोलकाता यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल कर चुकीं अनुष्का ने इस आंदोलन में देशभर के किन्नर समुदाय को जोड़ने की मुहिम भी छेड़ दी है।

    अनुष्का का कहना है कि आज देश वोट की राजनीति के चलते गर्त में जा रहा है। उन्होंने कहा, समय की मांग है कि नेताओं को सबक सिखाए जाने के लिए नोटा आंदोलन छेड़ा गया है। किन्नरों को न एमपी बनना है, न एमएलए, हम सिर्फ गरीबों के हक के लिए यह लड़ाई लड़ेंगे। हमारा मानना है आज देश में सिर्फ दो जातियां है अमीर व गरीब। आरक्षण का लाभ सिर्फ गरीबों को मिलें। घर-घर खुशियों के माहौल में बधाई गीत गाकर नेग मांगने वाली अन्नू अब लोगों से नोटा के लिए समर्थन मांगेंगी। इसको लेकर जल्द ही देशभर के किन्नरों की महापंचायत बुलाई जाएगी।

    नोटा आंदोलन से क्या फायदा मिलेगा ? इस सवाल पर अनुष्का का कहना है कि किन्नर बिरादरी आमजन की खुशहाली के लिए सदैव मन्नत मांगती रहती है। उन्होंने कहा, आज देश में गरीबों का हक कभी आरक्षण के नाम पर तो कभी किसी और कानून के नाम पर मारा जा रहा है। आरक्षण का फायदा देश के सिर्फ गरीबों को मिले। आज जिनकी सालाना आय दस लाख रुपए से ज्यादा है, वे भी इसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण को जातिगत की जगह आर्थिक आधार पर करने की मांग देश के सभी राजनीतिक दलों के दिल-दिमाग में डालने के लिए नोटा आंदोलन बहुत जरूरी है।

    अनुष्का ने कहा, एससी/एसटी ऐक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया उसको दरकिनार करके केंद्र सरकार जो अध्यादेश लाई, उसमें सुर से सुर मिलाने का काम कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने किया। इसलिए किसी राजनीतिक दल की बजाए इस बार नोटा का बटन ही जनता दबाएं, यह अपील हम सब घर-घर जाकर बधाई संदेश गाने के साथ करना प्रारंभ करेंगे। साईं मंदिर में नियमित भजन-कीर्तन करने के साथ हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह पूर्णिमा को बलिया की प्रसिद्ध लिट्टी-चोखा बनवाकर गरीबों को वितरित कराने वाली अन्नू का कहना है कि जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता पर समान अधिकार की बात कहकर आदेश दिया है, उसी तरह आरक्षण को लेकर पहल करे।

  • कुशीनगर : मधुमक्खियों के हमले से आधा दर्जन जख्मी

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    कुशीनगर : कसया थाना क्षेत्र के डुमरी चुरामन छपरा में बुधवार को मधुमक्खियों के झुंड ने एक युवक पर हमला बोल दिया। इससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया। इसके अलावा इनके हमले से आधा दर्जन राहगीर जख्मी हो गए। पीड़ितों का इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
    डुमरी चुरामनछपरा में एक पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता था। इसमें बुधवार को किसी चिड़ियां ने चोंच मार दी। मधुमक्खियों के झुंड ने इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से सचिन, माधुरी देवी, सुनैना देवी, रामदरश, छोटेलाल, विक्रम समेत आधा दर्जन लोग जख्मी हो गये। इसमे सचिन की हालत गंभीर बताई जा रही है। इससे दो घंटे तक डुमरी चुरामनछपरा गांव में आवागमन बाधित रहा। कुछ देर के बाद लोगों के द्वारा धुंआ करने पर मधुमक्खियां वहां से हटीं तो लोगों ने राहत की सांस ली।

  • उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय पडरौना में छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रत्याशियों ने रोड शो के जरिए किया शक्ति प्रदर्शन

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर। शहर में छात्रसंघ चुनाव 14 सितंबर को होने है, जिसके तहत आज सभी अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों में कॉलेज से लेकर गांव देहात व पडरौना शहर में बाइक रैली निकाल अपने अपने शक्ति का प्रदर्शन किया ।
    इस दौरान उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सुबह से ही ढोल नगाड़ों की गूंज सुनाई दे रही थी। अलग अलग पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले अध्यक्ष के उम्मीदवारों ने बारी बारी से अलग-अलग देशों से अपनी अपनी बाइक रैली व पडरौना सर में पैदल मार्च कर अपना अपना शक्ति प्रदर्शन किया ।

    चुनाव के महज 1 दिन पहले अध्यक्ष पद के ही उम्मीदवारों ने ढोल नगाड़ों के साथ रैली निकाल कर शक्ति प्रदर्शन किया। इस रैली में सभी उम्मीदवारों को समर्थकों ने अपने कंधों पर बैठा कर रैली का आगाज किया। रैली के दौरान पडरौना शहर के सड़कों पर जाम लग गया था। सुबह से ही छात्र- छात्राएं चुनावी रंगों में नज़र आने लगी और ढोल बाजे की धुन के साथ नाचते नज़र आएं ।

  • कुशीनगर : त्योहारों में किसी ने खलल डालने की हिमाकत की तो सख्ती से निपटेगा प्रशासन उपेन्द्र कुशवाहा

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    कुशीनगर : पडरौना कोतवाली थाना परिसर में आज बृहस्पतिवार को गणेश चतुर्थी व मुहर्रम त्यौहार को लेकर आयोजित रही बैठक में जिलाधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि त्योहार प्रेम का प्रतीक है ,इसे दोनों समुदाय के लोगों को एक दूसरे को सहयोग देकर मनाना चाहिए। जिससे आपसी भाईचारा कायम रहे। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार पांडे ने कहा कि गणेश चतुर्थी व मोहर्रम त्यौहार दोनों एक साथ पढ़ रहा है, जहां गणेश प्रतिमा रखी गई हो पान्डाल बना हो वहां से ताजिए का जुलूस शांतिपूर्वक निकालें जिससे कोई विवाद उत्पन्न ना हो सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि ताजिया का ऊंचाई और लंबाई का मानक के अनुसार ही बनाए ,उससे ज्यादा न बनाएं जिसे निकालते समय रास्ते में व्यवधान पैदा हो सके किसी प्रकार की नई परंपरा कदापि नहीं कायम होगी। कप्तान ने चेतावनी भी दी कि आवाज दोनों त्यौहार में किसी ने माहौल बिगाड़ने की हिमाकत की तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान लोगों ने अपने अपने गांव की समस्याएं भी रखी।

    इस दौरान SDM पडरौना गुलाबचंद राम, सीओ नीतीश प्रताप सिंह ,कोतवाल विजय राज सिंह,वरिष्ठ उपनिरीक्षक जगमोहन राय एस ,एसआई चंद्रशेखर सिंह, डी पी मिश्रा, यशवंत सिंह ,अखिलेश राय, रामचंद्र सिंह यादव ,जैदी के आलावे लेखपाल योगेंद्र गुप्ता, लालबाबू गुप्ता, श्याम बाबू मोदनवाल, मेहंदी हसन, अफताफ सिद्दीकी ,जैनुल, डा समुल्लाह, राम तुल्ला ,चंद्र प्रकाश यादव ,इसहाक अंसारी ,के अलावे तमाम लोग मौजूद रहे।

  • नमाज को लेकर विवाद, मस्जिद सील, पढ़े पूरी रिपोर्ट !

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    गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम में एक बार फिर नमाज को लेकर विवाद पैदा हो गया है. गुरुग्राम की शीतला कॉलोनी में स्थित मस्जिद में पिछले सप्ताह से ही हंगामा जारी था, जिसके बाद अब नगर निगम ने मस्जिद को सील करने का फैसला किया है. ये मस्जिद तीन मंजिला बिल्डिंग में बनी हुई है. बता दें कि यहां पर नमाज को लेकर काफी विवाद हुआ था. हिंदू संगठनों ने कुछ दिनों पहले ही इसको लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद से ही इलाके का माहौल खराब हो गया था.

    हिंदू संगठनों की शिकायतों को देखते हुए शीतला कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी और अब प्रशासन ने मस्जिद को ही सील करने का फैसला ले लिया है. दरअसल, हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह एक घर है और इसका इस्तेमाल मस्जिद के तौर पर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि साफ तौर पर ये नियमों का उल्लंघन है.

    स्थानिय लोगों का आरोप यह भी है कि यहां रोज़ाना सैकड़ों लोग आते हैं, लाउडस्पीकर से होने वाली अज़ान से भी लोगों को परेशानी होती है. इस इलाके में पहले भी इस मुद्दे को लेकर विवाद हो चुका है. विवाद के बाद से ही यहां पर पुलिस बल तैनात किया गया है. आपको बता दे कि हाल ही में गुरुग्राम के सेक्टर-53 में भी कुछ लोगों ने जोर से नमाज़ पढ़े जाने का विरोध किया था जिसके बाद प्रशासन ने नमाज पढऩे के लिए 37 जगहों का चयन किया था.

  • कुशीनगर : किसके सिर होगा ताज,उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय पडरौना में छात्रसंघ चुनाव आज

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय पडरौना में 14 सितंबर को आज होने वाले छात्रसंघ चुनाव में मतदान व मतगणना की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा चुका है। गुरुवार को कालेज में बैरिकेडिंग लगाने व मतदान बूथों को तैयार करने का काम चलता रहा। शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हो जाय, इसके लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी आपस में चर्चा कर रणनीति बना लिए हैं ।

    छात्रसंघ चुनाव में विभिन्न पदों के लिए मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला छात्र-छात्राएं करेंगे। छात्र-छात्राओं को रिझाने के लिए प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झाोंक दी है। निर्वाचन अधिकारी डा. अयोध्यानाथ ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव में छात्र और छात्राएं मतदान करेंगे। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक मतदान होगा। शाम तीन बजे से मतगणना शुरू होगी व पांच बजे के बाद परिणाम घोषित होगा।

    मतदान संपन्न कराने के लिए अलग अलग बूथ बनाए गए हैं, जिसमें छात्रों अलग-अलग जगह छात्राओं के लिए निर्धारित किया गया है। मतदान करने आने वाले छात्र-छात्राएं अपने साथ परिचय पत्र व शुल्क की रसीद जरूर लाएं, इसके अभाव में छात्र-छात्राएं वोटिंग करने से भी वंचित रह सकते हैं।

  • पुलिस और पत्रकारो ने की समन्वय बैठक

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    By सत्य प्रकाश मद्धेशिया

    महाराजगंज।आज नौतनवा थाना परिसर में पुलिस ने पत्रकारों के साथ एक समन्वय बैठक की।

    जिसमें राजमार्ग पर वाहनों के ट्रैफिक जाम एवम् कटिंग के खेल को दुरुस्त करने पर चर्चा किया गया।

    पत्रकारों ने भी अपनी राय दिये कि किस तरह से वाहन कतार में रहें जिससे जाम ना हो। इस बैठक में सीओ डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार यादव नौतनवा और सुनौली पुलिस के साथ-साथ नौतनवा व सोनौली के पत्रकार भी मौजूद रहे।

  • योगी के मंत्रिमंडल में होगा फेरबदल, इन मंत्रियों को है विभाग छिन जाने का खतरा !

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    लखनऊ ।  लोकसभा चुनाव की तैयारी को देखते और गठबंधन की चुनौतियों के बीच योगी सरकार के मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावना बढ़ने लगी है। पिछड़ों और दलितों के सम्मेलन के बाद या इस बीच ही कुछ नये मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है और कसौटी पर खरे नहीं उतरने वाले मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है।

    ऐसे मंत्रियों को विभागों में बदलाव भी किया जा सकता है। हालांकि राजनीतिकों का एक धड़ा इस संभावना को सिरे से नकारता नजर आता है। उसका मानना है कि चुनावी साल में मंत्रिमंडल में फेरबदल जैसा जोखिम सरकार नहीं उठाना चाहेगी।

    योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की कवायद लंबे समय से चल रही है। पिछले वर्ष भाजपा संगठन ने मंत्रिमंडल विस्तार पर यह कहकर रोक लगा दी कि अभी सरकार के एक वर्ष पूरे नहीं हुए हैं। हाल में विधानसभा सत्र के पहले भी फेरबदल की सुगबुगाहट हुई लेकिन, प्रदेश कार्यसमिति और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के चलते बात नहीं बन पाई।

    अब लोकसभा चुनाव की चुनौती सामने है। इन दिनों भाजपा का पिछड़ों और दलितों का सम्मेलन शुरू हो गया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अगुवाई में सभी पिछड़ी उप जातियों का सम्मेलन पिछले माह से ही चल रहा है।

    प्रमुख सम्मेलनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय भी शामिल हो रहे हैं। वोट के लिहाज से प्रदेश में प्रभाव रखने वाली कुछ जातियों की मांगें सरकार पूरी कर रही है जबकि कुछ का सियासी रुतबा बढ़ाने पर भी विचार हो रहा है।

    योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के अलावा संगठन महामंत्री सुनील बंसल की सहमति से ही यह प्रस्ताव बनना है और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मुहर लगने के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार होना है। सरकार में गुर्जर समेत कुछ पिछड़ी जातियों के प्रतिनिधित्व पर जोर है।

    स्वतंत्र प्रभार के कुछ मंत्रियों को कैबिनेट की जिम्मेदारी दी जा सकती है। एससी-एसटी एक्ट को लेकर सवर्णों में आये उबाल को देखते हुए कुछ क्षत्रिय-ब्राह्मण नेताओं को भी मौका मिल सकता है। संभव है कि स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बना दिया जाए या फिर कुछ समय पहले विधान परिषद के लिए चुने गये सदस्यों को मौका मिल जाए।

    कुछ पुराने चेहरों की जगह पर अब नए चेहरों को लाने की जरूरत अवध, कानपुर, गोरखपुर और वेस्ट यूपी के बीच क्षेत्रीय संतुलन बिखरे विभागों को केंद्र सरकार के विभागों की तरह समन्वयनयूपी के 95 विखरे विभागों को 57 विभागों में समेटने का प्रस्ताव उपचुनाव के परिणामों को देखते संतुलन और समन्वय की जरूरत लोकसभा चुनाव 2019 के पहले ही जातीय समीकरण को ध्यान विभागों में समेटने का प्रस्ताव नीति आयोग ने उत्तर प्रदेश के बिखरे विभागों को केंद्र सरकार के विभागों की तरह समन्वित करने की अपेक्षा की है।

    95 विभागों को 57 विभागों में समेटने का प्रस्ताव है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री कई बार अधिकारियों के साथ बैठककर सलाह मशविरा कर चुके हैं। ऐसी बैठकों में प्रस्ताव के अवलोकन की हिदायतों के बाद मंत्रियों से लेकर सत्ता के गलियारे में मंत्रिमंडल में फेरबदल के लिए विभागों के पुनर्गठन की चर्चा तेज है। यदि विभागों का पुनर्गठन होता है तो मंत्रिमंडल के आकार में भी बदलाव होगा और उसी के अनुरूप मंत्रयों का समायोजन होगा।

    फेरबदल की संभावना के चलते मंत्रियों को भी अपने विभाग बदले जाने और छिन जाने का खतरा सताने लगा है। सवा साल की सरकार में कुछ मंत्रियों ने बेहतर रिजल्ट दिए तो कई मंत्री जनता, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ ही मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन की कसौटी पर भी खरा नहीं उतर सके। अब ऐसे लोगों पर खतरा मंडरा रहा है।

    हालांकि तजुर्बेकार कहते हैं कि सामने 2019 का लोकसभा चुनाव होने की वजह से मंत्रियों के हटाने का जोखिम सरकार नहीं ले सकती है। निष्क्रिय और रिजल्ट नहीं दे पाने वाले भारी भरकम विभागों के मंत्रियों को कम महत्वपूर्ण विभाग दिया जा सकता है। वैसे कुछ मंत्रियों के खिलाफ तो पार्टी के ही सांसद, विधायक और कार्यकर्ता मुखर हैं। ऐसे दो-तीन लोगों के हटाये जाने की भी चर्चा चल पड़ी है।

    सीएम समेत 25 कैबिनेट मंत्री है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री समेत 25 कैबिनेट मंत्री और नौ स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री हैं। जिस तरह 57 विभागों में ही पुनर्गठन की चर्चा है, उससे यह अंदाजा है कि विभागों का बंटवारा भी इसी अनुरूप होगा। भले पुनर्गठन के क्रियान्वयन में देरी हो लेकिन उसके प्रस्ताव के अनुरूप मंत्रियों को विभाग आवंटित किये जा सकते हैं। 13 राज्यमंत्री हैं। इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।