Category: uttar-pradesh

  • कुशीनगर : तीन महीने तक जेल में बंद रहने वाले मिश्रौली में श्रीकृष्ण डोल मेला को लेकर तैयारी पूरी

    [object Promise]
    उपेन्द्र कुशवाहा

    ? मिश्रौली डोल मेला आज
    ? प्रत्येक डोल पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे पुलिस के जवान

    ? 1991,2003,2004 में हो चुका है यहां रह चुका है तनाव

    पडरौना,कुशीनगर। कुशीनगर जिले में वर्ष 1991 मेें हुई घटना के बाद मिश्रौली डोल मेला अचानक सुर्खियों में आ गया था। डोल मेला के दौरान हुए सांप्रदायिक तनाव के बीच भगवान श्रीकृष्ण के डोल तक को तीन महीने जेल में गुजारने पड़े थे। तीन माह बाद डोल आया था और फिर मिश्रौली गांव में मुख्य मार्ग से होकर अपने गंतव्य तक भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचाया गया था। तभी से इस चर्चित मिश्रौली डोल मेला को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन को चुनौतीपूर्ण बनी रहती है |

    जी हां यहां बता दें कि कुशीनगर के चर्चित मिश्रौली डोल मेले को सकुशल कराने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गांव से लेकर मिश्रौली बाजार तक डेढ़ दर्जन डोल के निमित्त आयोजक मंडल ने साफ-सफाई से लेकर सारी व्यवस्था पूरी कर ली है। डोल मेला के मद्देनजर मिश्रौली चौकी व बड़हरा में पीस कमेटी की बैठक में मिश्रौली, सिरसिया, विश्रामपट्टी, सनेरा, पटेरा, बरकण्टी ,पकड़ियार, अधार छपरा, दलबहादुर छपरा आदि गांवों के आयोजकों से डोल मेला को शांति पूर्वक संपन्न कराने की अपील की है। हर गांव में पुलिस के जवान डोल के साथ लगाए गए है।

    आधा दर्जन प्रशासनिक अधिकारी व भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रत्येक गांव की सड़कों, नालियों की साफ-सफाई कर बिजली के ढीले तारों को ठीक करा लिया गया है। मिश्रौली डोल मेला के लिए 3 इंस्पेक्टर, 3 सीओ,7एसओ,27उपनिरीक्षक, एक महिला एसओ,83 हेड कांस्टेबल,170 कांस्टेबल,16 महिला कांस्टेबल,2प्लाटून पीएसी,फायर ब्रिगेड तथा त्वरित एक्सन फोर्स लगाया गया है।

  • दीवाल गिरने से छात्रा की हुई मौत,परिजनों ने किया सड़क जाम

    [object Promise]
    ब्यूरो चीफ- कामेश्वर पाण्डेय
    रिपोर्टर- मन्नान अहमद
    देवरिया । आज देवरिया के  बैतालपुर में उस कोहराम मच गया जब एक छात्रा की स्कूल की दीवाल गिरने मौत हो गयी।घटना की सूचना मिलते ही परिजन स्कूल पहुंच गए और स्कूल प्रबन्धन पर लापरवाही और  मजबूत दीवाल न बनवाने का आरोप लगाते हुए घण्टो सड़क जाम कर प्रदर्शन करने लगे। मिली जानकारी के अनुसार देवरिया के बैतालपुर के ग्राम धतूरा ख़ास थाना गौरीबाजार निवासी संतोष मिश्रा की 7 वर्षीय पुत्री हर्षिता बैतालपुर स्थित कैरियर एकेडमी में यूकेजी की छात्रा थी।
    [object Promise]
    आज सुबह जब वह जैसे ही स्कूल के गेट से अंदर जा रही थी कि त्यों ही बाउंड्री का दियाल उसके ऊपर गिर गयी और वह दीवाल के नीचे दब गई। यह देख स्कूल के लोग आनन फानन में चिकित्सालय ले गए तब तक बहुत देर हो चुकी थी चिकित्सको के अनुसार हर्षिता की मौत चिकित्सालय पहुंचने के पहले ही हो चुकी थी।
    [object Promise]
    इसकी जानकारी होते ही परिजन भी पहुच गये और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वैतालपुर- गोरखपुर मार्ग को घण्टो जामकर स्कूल प्रबंधन की खिलाफ कार्यवाही की मांग करने लगे।इस बात की जानकारी होने पर एएसपी,एडीएम व सीओ पहुँच गये।किसी तरह लोगो को समझ बुझाकर जाम हटवाया तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा।

  • ‘अयोध्या में मंदिर नहीं बना तो राम का नाम लेते-लेते दे दूंगा प्राण’

    [object Promise]

    अयोध्या । रामघाट स्थित सुप्रसिद्ध पीठ तपस्वीजी की छावनी के महंत परमहंसदास एक अक्टूबर से रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए आमरण अनशन करेंगे। यह एलान उन्होंने अपने आश्रम पर मीडिया से बात-चीत करते हुए किया। उन्होंने कहा, मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा सरकार से बड़ी उम्मीद थी पर सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

    ऐसे में मंदिर निर्माण के लिए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने को आमरण अनशन के अलावा कोई अन्य चारा नहीं बचा है। महंत ने कहा, मंदिर बनेगा या राम का नाम लेते-लेते मर जाऊंगा। वे एक अक्टूबर को अपने आश्रम के सामने ही आमरण अनशन शुरू करेंगे। इस मौके पर दशरथगद्दी के महंत बृजमोहनदास, रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण समंवय समिति के अध्यक्ष आचार्य नारायण मिश्र, अयोध्या मंगलम के संयोजक आचार्य वरुणदास आदि मौजूद रहे।

    इन लोगों ने आमरण अनशन के एलान को स्वागतयोग्य बताया। कहा, मौजूदा केंद्र एवं प्रदेश सरकार से बहुत उम्मीदें थीं पर इन सरकारों ने मंदिर से जुड़ी उम्मीदों को अनदेखा किया है। युवा परमहंसदास गत वर्ष ही तपस्वीजी की छावनी जैसी अहम पीठ के महंत बनाए गए हैं। इसके बाद से वे राममंदिर के लिए बराबर आवाज बुलंद करने वालों में शुमार रहे हैं। मंदिर के लिए बेकरारी के विपरीत सु्प्रीम कोर्ट में राममंदिर के पैरोकार नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने धैर्य बरतने की सलाह दी है।

    उन्होंने कहा, ऐसा कोई कारण नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अविश्वास व्यक्त किया जाय। उन्होंने कहा, जब मोदी के रहने से मुस्लिम देशों में मंदिर निर्माण हो रहा है तो अयोध्या में मंदिर निर्माण की उम्मीद दूर की कौड़ी नहीं रह गई है। महंत रामदास ने कहा, मंदिर मोदी के दिल में है और वक्त आने पर वे समुचित पहल करेंगे।

  • कुशीनगर : संगीनों के साए में डीएम,एसपी ने निकलवाया चर्चित मिश्रौली का श्रीकृष्ण डोल मेला

    [object Promise]
    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पडरौना कोतवाली क्षेत्र के मिश्रौली का डोल मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। मेले में आए डोल और झांकियों की वापसी के साथ ही प्रशासन ने भी चैन की सांस ली। मिश्रौली के टोला विश्राम पट्टी, सनेरामल छपरा, सोहरौना, बाजार टोला, आधार छपरा, बहादुरगंज, कोइरिया टोला, सहुआडीह, चंदरपुर, सुसवलिया, सिरसिया, पटेरा मंगलपुर, बरकंटी, अब्दुलचक, सौनहा आदि दर्जन भर गांवों से जुलूस की शक्ल में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियां सजाकर मिश्रौली आईं।

    जुलूस में द्रोपदी चीरहरण, श्रीकृष्ण सुदामा भेंट, श्रीराम दरबार आदि की झांकियां सजी थीं। जुलूस में शामिल सैकड़ों लोग एक स्वर से श्रीकृष्ण की जय-जयकार कर रहे थे। लाउडस्पीकर पर गूंजने वाला हरिनाम दूर-दूर तक सुनाई दे रहा था। हालांकि, मिश्रौली बाजार में मेला बमुश्किल दो घंटे ही रहता है लेकिन रामकोला-पडरौना मार्ग तीन घंटे तक जाम रहा। आसपास के गांवों से आए लोग, मेले में खरीदारी भी करते रहे। बच्चों और युवाओं ने मेले का खूब आनंद उठाया। डीएम,एसपी ने मेले में पहुंच कर पुलिस बलों की चौकसी का जायजा लिया और डोल उठाया । मेले में सुरक्षा व्यवस्था का दारोमदार सीओ सदर नितिश प्रताप सिंह और सीओ कसया ओमपाल सिंह संभाले थे।

    हाटा और पडरौना कोतवाल के अलावा एक दर्जन थानों के थानाध्यक्ष अपने मातहतों के साथ मौजूद थे। दो प्लाटून पीएसी, दो क्यूआरटी, महिला थाने की एसओ की अगुवाई में 2 महिला एसएचओ व 19 महिला पुलिसकर्मी तो थी हीं 27 दरोगा, 275 कांस्टेबल, ट्रैफिक पुलिस के एक टी एस आई व उससे जुड़े 5 कांस्टेबल सहित फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स के महिला व पुरुष जवानों को भी तैनात की गई थी। एसडीएम सदर गुलाबचंद राम भी अपने मातहतों के साथ डेरा जमाए रहे। इसके अलावा विशुनपुरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी भी अपने कर्मियों के साथ मुस्तैद रहे

    प्रशासन ने ली राहत की सांस

    सांप्रदायिक दृष्टिकोण से मिश्रौली डोल मेला प्रशासन के लिए अतिसंवेदनशील माना जाता है। मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन को बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं। स्थिति यह है कि जब तक मेला समाप्त नहीं हो जाता तब तक अधिकारियों की सांस अटकी रहती है। डोल मेला शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी आसपास के गांवों के मानिंद लोगों से रायमशविरा करते हैं।

  • भूखंडों के क्रय-विक्रय में हुई स्टांप चोरी को सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण

    [object Promise]
    ब्यूरो चीफ- कामेश्वर पाण्डेय
    रिपोर्टर- मन्नान अहमद
    देवरिया । भूखंडों के क्रय-विक्रय में हुई स्टांप चोरी को सुनिश्चित करने के लिए ग्राम बैतालपुर, इंदुपुर तथा कतौरा में स्थलीय निरीक्षण करते हुए ए आई जी स्टांप राधाकृश्ण मिश्र को निर्देश दिए कि उनका मूल्यांकन कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए इन पर निर्धारित शुल्क
    वसूली की कार्यवाही की जाये। उक्त निर्देष जिलाधिकारी अमित किशोर ने निरीक्षण के दौरान दिया।  उन्होने यह भी निर्देष दिया कि यह सुनिष्चित कर लिया जाय कि भूखण्ड किस उद्देष्य से संबंधित है कृशि,रिहायसी या व्यवसायिक। उन्होने कहा कि स्थलीय निरीक्षण से यह स्पश्ट हो जाता है कि भूखण्ड का प्रयोग किस कार्य के लिये किया जायेगा और जो स्टाम्प षुल्क लिया गया है वह किसके अनुरुप अदा किया गया है।
    यदि इसमें अन्तर है तो ऐसे सभी क्रय विक्रय किये गये भूखण्डो का स्थलीय निरीक्षण कर उनसे निर्धारित स्टांप षुल्क वसूलने की कार्यवाही तय की जाए। साथ ही उन्होने कहा कि जनपद में इस कार्य के लिये कार्यक्रम बना ले और अतिषीघ्र कार्यवाही पूर्ण करते हुए षुल्क वसूली को पूर्ण करायें। इसमें किसी के साथ कोई भेदभाव नही किया जायेगा तथा यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

  • कुशीनगर : डोल मेला को लेकर चल रही बैठक में एसडीएम पडरौना के द्वारा भारत-पाकिस्तान का जिक्र करने का वीडियो हुआ वायरल

    [object Promise]
    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : जिले के चर्चित मिश्रौली डोल मेला के मद्देनजर शनिवार को पडरौना कोतवाली के मिश्रौली चौकी पर डोल मेला को लेकर आयोजित रही पीस कमेटी की बैठक में शामिल हुए संभ्रांत लोगों की डोल मेला से जुड़ी समस्याओं को सुनने के बाद

    यहां के पडरौना एसडीएम गुलाबचंद राम ने समस्याओं का निदान करने का भरोसा दिलाते हुए डोल मेला को सकुशल संपन्न कराने का भरोसा दे ही रहे थे कि अचानक एसडीएम सदर ने अपने ही संबोधन के दौरान भारत पाकिस्तान से जुड़ी बातों का जिक्र कर दिया एसडीएम के इतना कहते ही इस कमेटी में बैठे लोग भड़क उठे काफी हो हल्ला मचाने के बाद बैठक में अफरा-तफरी का माहौल बन गया ।

    बैठक के दौरान इतना सब कुछ होने के बाद डोल मेला से जुड़े आयोजकों ने एसडीएम सदर के इस तरह का शब्द का उपयोग करने को लेकर प्रशासनिक अमला से भिड़ गए कुछ देर के लिए काफी देर तक नोकझोंक भी हुई । हालांकि डोल मेला से जुड़े आयोजकों ने एसडीएम को विश्राम पट्टी गांव बने डोल स्थल तक पैदल निरीक्षण करवाया । एसडीएम सदर पडरौना के द्वारा कुशीनगर में भारत-पाकिस्तान का संबोधन को लेकर इनका वीडियो भी वायरल हो गया ।

  • योगी ने धार्मिक नगरी में किया विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण आधी रात तक

    [object Promise]

    वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी की प्राचीन अध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान के अनुरुप विकास कार्य किये जा रहे हैं। योगी ने शनिवार को प्रचीन धार्मिक नगरी वाराणसी में चल रहे विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की घंटों समीक्षा के बाद आधी रात तक गोइठहां सिवरेज ट्रिटमेंर्कट प्लांट, रिंग रोड एवं सारनाथ में लाईट एवं साउंड शो परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

    उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि काशी के विकास के लिए किये गए एमओयू के अनुरुप कार्य किये जा रहे हैं। नमामि गंगे परियोजना के तहत 118 करोड़ रुपये की लागत से गोइठहां में बनाया जा रहा 120 एमएलडी क्षमता का सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट 30 सितंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। यह परियोजना स्वच्छ गंगा अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है तथा इसके चालू होने के बाद गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने में काफी मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने बड़ालालपुर इलाके में रिंग रोड के कार्य का निरीक्षण किया और अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने भगवान बुद्ध की तपोभूमि सारनाथ में लाईट एवं साउंड शो परियोजना का निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि आसपास की सफाई एवं सड़क व्यवस्था काे भी सुधारने की व्यवस्था करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि 15 अक्टूबर तक शहर की तमाम सड़कों एवं सफाई की व्यवस्था में सुधार करें।

    निरीक्षण के दौरान योगी के साथ सहयोगी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल राजभर, सूचना राज्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह सुरेंद्र नारायण सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, आईजी विजय सिंह मीणा, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेश राव आनंद कुलकर्णी समेत अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

  • कुशीनगर : इंसेफेलाइटिस से एक और मासूम की मौत,गुस्साए लोगों ने किया आधे घंटे तक रोड जाम

    [object Promise]
    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर : जिले के विकास खंड विशुनपुरा के ग्राम अकबरपुर में इंसेफेलाइटिस की चपेट में आने से हो रही लगातार मौत का कहर एक बार फिर टूटा। एक और मासूम बच्चे की मौत शनिवार सुबह हो गई। इससे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। मौत के विरोध में गांव में व्याप्त गंदगी को लेकर ग्रामीण सड़क पर उतर आए। उन्होने स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए आधा घन्टा सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मौत की सूचना पाते ही रविवार को सीएमओ के अगुवाई मे स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुच सिर्फ कोरमपूर्ति की।
    जानकारी के अनुसार उक्त गांव के डूमरा टोला की कुल आबादी पांच सौ की है। उक्त टोला निवासी अवधेश यादव का 12 वर्षीय पुत्र भोला 1 सितंबर सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। शनिवार की सुबह शव के गांव आते ही कोहराम मच गया तो पूरे क्षेत्र में दहशत का घना साया छा गया। भोला का बडा भाई शिवम 14 छोटा भाई आर्यन 10 बर्षीय , उसकी मां रिमा 3० बर्षीय के साथ गाव के 1 वर्ष, ईशु 5 वर्ष, प्रमोद 22 वर्ष,रोहित ,राजू बुखार, आशुतोष,दिव्या सहित डेढ दर्जन मासूम पीडित हैं ।

    वही बुुखार के चपेट मे आने से 18 बर्षीय नितेश यादव दो सप्ताह से पीडित है जिसका उपचार दो दिन से निजी अस्पताल गोरखपुर व अन्य पीडितो का उपचार निजी अस्पतालो मे चल रहा है । पीडितो के दरवाजे पर लगे देशी पंप हैं जो दूषित जल दे रहे हैं। जबकी कुछ माह पूर्व गांव के दिनेश के पांच बर्षीय सूरज व सुजीत की चार बर्षीय पुत्री गुंजा भी इंसेफेलाईटिस के चपेट मे आने से काल के गाल मे समा गई। भोला की मौत की सूचना पाकर जिला मुख्यालय से सीएमओ डा० हरिचरण सिंह के अगुवाई मे स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच पीड़ितों का हाल जानते हुए उनको दवा दिया तथा साफ सफाई से रहने व गरम पानी पीने की बात विशुनपुरा सीएचसी प्रभारी डा० उमेश चंद , एचएस ध्रुप शर्मा,बीएच डब्ल्यू आश्वनी पाल, प्रभु दयाल कुशवाहा, आशा शकुंतला देवी,संघनी संजू देवी ने बताया तथा ब्लिचिंग पाउडर नालियों में डाला गया।

    एडियो पंचायत दवेंद्र मिश्र के अगुवाई मे सफाई कर्मियों की टीम पहुच गांव का साफ सफाई किया गया । दूसरी ओर लगातार हो रही मौतों से नाराज ग्रामीणों ने आधा घंटा डूमरा से दुबौली मार्ग जाम कर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणो का आरोप है की स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कोरमपुर्ति कर वापस लौट गई है। आज तक गांव मे एएनएम दिखाई नही दी हैं। शिकााा करने पर कोई कार्यवाहीी नही होती है। इस दौरान आशोक यादव,राजेश शर्मा, पूर्णवासी यादव,बलराम यादव, बृजेश यादव , दिनेश , बैधनाथ,कैलाश,बेलास,मोहन,राजन,बृजेश,प्रभावती,गायत्री,रिमा,अवधेश,मुन्नी,रामू ,परमेश्वर , सदीप , नवमी आदि शामिल रहे।

    क्या कहते हैं सीएमओ कुशीनगर
    सीएमओ डा० हरिचरण सिंह का कहना है कि गांव मे टीम के साथ पहुचे थे और पीडितो मे दवा वितरण किया गया है।पीडित जबतक ठीक नही हो जाते उनपे विभाग की नजर रहेगी।बीमारी का उत्पन्न गन्दगी व दूषित जल से हो रहा है।एएनएम के खिलाफ कुछ ग्रामीण शिकायत किए हैं।जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी

  • अमीर होने के लिए बलि देने पर उतारू है इस युवक के रिश्तेदार, वजह ये है !!

    [object Promise]

    बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक युवक के हाथ-पैर में 24 अंगुलियां होने के चलते उसकी जान पर पर बन आई है। वजह ये है कि एक तांत्रिक ने रिश्तेदारों को सलाह दी है कि वह उस लड़के का बलिदान करने पर धनी हो जाएंगे जिसके हाथ-पैर में 24 अंगुलियां है।

    [object Promise]
    युवक के हाथ-पैर में 24 अंगुलियां

    रामनगर थाना क्षेत्र के गुर्री गांव के निवासी खुन्नीलाल का बेटा सुरेंद्र उर्फ शिवनंदन कक्षा 9 का छात्र है। सुरेंद्र ने रविवार को सीओ रामनगर को एक शिकायती पत्र सौंपा है। जिसमें लिखा है कि उसके हाथ-पैर में 24 अंगुलियां हैं।

    जिसकी वजह से कुछ रिश्तेदारों उसकी बलि देने पर उतारू है। अब वो दोबारा कोशिश कर रहे हैं जिसके चलते वह डरा हुआ है। पिता का कहना है कि उन्होंने लड़के को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। पिता ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।

    [object Promise]
    युवक के हाथ-पैर में 24 अंगुलियां

    बाराबंकी के सर्कल ऑफिसर उमाशंकर सिंह ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है और वो इस मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। साथ ही वह लड़के की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद भी करेंगे।

  • दो अफसरों ने उठाया आत्मघाती कदम: एसपी सिटी ने खाया जहर, हालत नाजुक

    [object Promise]

    कानपुर । उत्तर प्रदेश में बुधवार को दो अफसरों के आत्मघाती कदम ने हर किसी को हिलाकर रख दिया। कानपुर में तैनात आईपीएस ऑफिसर (एसपी सिटी) सुरेंद्र कुमार दास ने जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की। उन्हें गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, गोरखपुर पूर्वोत्तर रेलवे में उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक तरुण शुक्ला ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

    रीजेंसी हॉस्पिटल के चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट राजेश अग्रवाल ने कहा है कि एसपी सुरेंद्र दास को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनकी हालत अभी भी बेहद नाजुक है। अगले कुछ घंटे काफी अहम हैं। बुधवार शाम 4 बजे दोबारा मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाएगा।

    [object Promise]
    रीजेंसी हॉस्पिटल

    अस्पताल में कई अफसर पहुंचे
    इस बीच अस्पताल में कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंच चुके हैं। इस बात पर कोई भी आधिकारिक बयान देने को तैयार नहीं है। सुरेंद्र कुमार दास 2014 बैच के आईपीएस हैं। उनका ट्रांसफर बीते महीने ही कानपुर में हुआ था। वह यहां एसपी पूर्वी के पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी कानपुर मेडिकल कॉलेज में ही डॉक्टर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह यूपी के बलिया के रहने वाले थे।

    पारिवारिक कलह के चलते उठाया कदम
    अस्पताल परिसर में मौजूद अधिकारियों ने घटना पर दोपहर को बयान जारी किया। एसपी पश्चिमी संजीव सुमन ने कहा कि सुरेंद्र कुमार दास पारिवारिक कलह से परेशान थे। आशंका है कि उन्होंने उसी से तनाव में आकर ऐसा कदम उठाया हो।

    रेलवे अधिकारी में खुद को मारी गोली
    इधर, गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे में उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक तरुण शुक्ला ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। शाहपुर थाना क्षेत्र में अपने ही आवास पर तरुण शुक्ला ने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। परिवार की तरफ से अभी इसकी कोई वजह नहीं बताई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

    पहले भी संदिग्ध परिस्थितियों में हो चुकी है आईपीएस की मौत
    बता दें, उत्तर प्रदेश के एटीएस हेडक्वॉर्टर में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। हालांकि विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना था कि उन्होंने आत्महत्या की थी। उनका शव इसी साल 29 मई को एटीएस के हेडक्वॉर्टर में उनके कमरे में मिला था।